यि अध्याय जनम्नजलजखत पर लाग ूिोता िै,- (क) भूजम और भवन के वार्षचक मूल्यों पर कर, (ख) गृि कर, (ग) िल कर, (घ) मल सफाई या सफाई कर अथवा िोनों, (ड़) प्रकाि या िल जनकासी कर अथवा िोनों।
64. मागं एव ं सगं्रिण रजिस्ट्टरः- प्ररूप19एस में मांग एवं संग्रिण रजिस्ट्टर रखा िाएगा, जिसमें की गई मांग, संग्रिीत राजि, बकाया राजि आदि ििच की िाएगी और उक्त कथन का सारांि ििच दकया िाएगा और प्ररूप20एस में रखा िाएगा।
65. करों के जबलः- बोडच, संपजत्त पर समेदकत कर की उगािी के जलए अनुसूची िर पर जनणचय करेगा। जनयत तारीख पर मुख्य कायचपालक अजधकारी उक्त करों की उगािी और वसूली के जलए प्राजधकृजत िारी करेगा, जिसे बोडच के रािस्ट्व जवभाग को सूजचत दकया िाएगा और उक्त प्राजधकृजत के आधार पर प्रत्येक संपजत्त के जलए अलग-अलग मांग संगजणत की िाएगी, मांग और संग्रिण रजिस्ट्टर में प्रजवजिकी िाएगी, जबल तैयार दकए िाएगंे और करिाताओं को प्रस्ट्तुत दकए िाएंग े और मांग और संग्रिण रजिस्ट्टर में जबलों का नम्पबर और िारी करन े की तारीख उद्धृत की िाएगी।
66. मागं का नोठटसः- (1) अजधजनयम की अनुसूची-। में दिए गए प्ररूपमें अजधजनयम के प्रावधानों के अनुसार िारी करने के जलए अग्रेजषत मांग के नोठटस को क्रजमक रूप में संख्या िी िाएगी और जवजित समयसीमा और जवजित जवजध से रािस्ट्व जवभाग का मुजखया करिाताओं को नोठटस तामील करेगा और मांग के नोठटस की एक प्रजत रािस्ट्व जवभाग रखेगा और िसूरी प्रजत लेखा-प्रमुख को भेिी िाएगी।
(2) रािस्ट्व जवभाग का प्रमुख सुजनजश्चत करेगा दक उसके द्वारा रखी गई प्रजतयां बजियों में बंधी हुई िैं और उजचत रूप में रखी गई िैं। मांग नोठटस की प्रजवजियां मांग नोठटस रजिस्ट्टर में ििच की िाएंगी। [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 21
67. छूट या वापसी और बटे्ट खात े डालनाः- (1)अजधजनयम की धारा 84 के अनुसार करों में छूट या वापसी की अनुमजत िी िाएगी और सारी वापजसयों को मांग और संग्रिण रजिस्ट्टर के अभ्युजक्त स्ट्तंभमें संबंजधत मिों के सामन े ििच दकया िाएगा तादक िोिरे भुगतान से बचा िा सके।
(2) संपजत्त कर में दकसी छूट या वापसी की अनुमजत का प्रस्ट्ताव रािस्ट्व जवभाग द्वारा दकया िाएगा और रािस्ट्व जवभाग के प्रमुख द्वारा मुख्य कायचपालक अजधकारी को जसफाठरि की िाएगी।
(3) मुख्य कायचपालक अजधकारी, यदि दकसी जविेष मामले या मामले के खास वगच के त्यों और जस्ट्थजतयों से संतुि िोता ि ैतो ऐसी छूट या वापसी को प्राजधकृत कर सकता ि ैऔर बोडच को ऐसी प्राजधकृत की सूचना लेखा-प्रमुख को लेखा सॉफ्टवेयर प्रणाली में प्रजवजियों के माध्यम से आवश्यक कारचवाई के जलए भेिी िाएगी।
68. लखेाकंन और अजभलखेनप्रदक्रयाः-(1) संपजत्त कर के संबंध में रािस्ट्व को िेय अवजध में मान्द्यता िी िाएगी।
(2) प्रा्य कर के संबंध में प्रजवजि तब की िाएगी िब उसके संबंध में मांग की िाती ि।ै
(3) संपजत्त कर के िीघ्र भुगतान या दकसी अन्द्य कारण से छूट, यदि कोई िो, को बिीखाता वाउचर के माध्यम से खाते में व्यय के रूप में माना िाएगा।
(4) यदि वसूल दकए िाने योग्य संपजत्त कर का पूरा भुगतान निीं दकया िाता ि,ै तो प्राप्त आंजिक भुगतान को पिल े पिली िेय मांग के जवरुद्ध िमा दकया िाएगा और ििां समेदकत संपजत्त कर के जलए िेय राजि का आंजिक भुगतान प्राप्त िोता ि ैतो ऐसी प्राप्त राजि को समेदकत संपजत्त का भाग बनने वाल ेजवजभन्न करों के यथानुपात जवभाजित दकया िाएगा।
69. सपंजत्त कर में जववािः- यदि संपजत्त कर के मामल ेमें जववाि ि ैया ििां संपजत्त कर की उगािी या मूल्यांकन के जवरूद्ध अपील िायर की गई ि ै तो जवत्तीय वषच के िौरान वसूली की िाने वाली प्रत्याजित राजि िी आय मानी िाएगी।
70. मागं में पठरवतचनः- (1) प्राजधकृत अजधकारी प्ररूप21एम में मांग में संिोधन के कथन में मूल्यांकन सूची में दकसी संिोधन के कारण मांग में हुए सभी पठरवतचनों को ििच करेगा और यदि मलू्यांकन सूची पूवच व्यापी प्रभाव से संिोजधत िोती ि ैतो मूल्यांकन सूची में संिोधन के कारण मांग पर समग्र प्रभाव और वषचवार प्रभाव उक्त प्ररूप21एम में ििच दकया िाना चाजिए।
(2) मखु्य कायचपालक अजधकारी, मांग में संिोधन को अनुमोदित करेगा और कथन को रािस्ट्व जवभाग के प्रमुख को प्रेजषत करेगा िो मांग एवं संग्रिण रजिस्ट्टर में आवश्यक पठरवतचन करेगा और कथन की एक प्रजत लेखा-प्रमुख को भी भेिी िाएगी िो आवश्यक बिीखाता प्रजवजियों को पाठरत करेगा।
71. अप्राप्त करों के जलए प्रावधानः- िो (2) वषों से अजधक की बकाया मांग के संबंध में, अजतिये करों के कारण प्रा्य के माध्यम से पठरसंपजत्तयों की भरपाई का प्रावधान दकया िाएगा। इस तरि का प्रावधान बोडच द्वारा समय-समय पर जवजित मानिंडों पर आधाठरत िोगी। अध्याय IX व्यय का लखेाकंन