(1) एक वेतन जबल के भुगतान के जलए िो या िो से अजधक चैक आिठरत दकए िाएगं,े एक चैक उस बैंक के नाम ििां कमचचाठरयों के खाते िैं, जिनमें बैंक के माध्यम से िुद्ध िेय राजि सीधे िी िमा कर िी िाएगी। [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 29
(2) उसी समय एक चैक उस बैंक या डाकघर के पक्ष में िारी दकया िाएगा, ििां भजवष्य जनजध खाता ि,ै और जिसमें सिस्ट्यता, ऋण वसूली और इन ऋणों व भजवष्य जनजध पर ब्याि की वसूली आदि िमा की िाती िैं।
(3) आयकर, वैधाजनक और अन्द्य कटौजतयां संबंजधत जनयम या जवजध के तित वेतन जबल से प्रभाजवत िो,बैंक खातों में जनधाचठरत समय के अंिर िमा कर िी िानी चाजिए। उिािरण:- कर कटौती की राजि का एक चेक आयकर अजधकारी के पक्ष में आिठरत दकया िा सकता िै, या बैंक के पक्ष में िो "सरकारी खाता - आयकर" में स्ट्वय ंभुगतान िमा करेगा।