(1) इन िनयम! म�, जब तक �क संदभ� से अ+यथा अपेि9त न हो, (क) “अिधिनयम” से कंपनी अिधिनयम, 2013 (2013 का 18) अिभ�ेत है;
(ख) “उपाबंध” से इन िनयम! के उपाबंध अिभ�ेत है;
(ग) “फ�स” से कंपनी (काया�लय रिज@Aीकरण और फ�स) िनयम, 2014 म� िविनBदC फ�स अिभ�ेत ह;ै (घ) “�,प” या “ई-�,प” से इन िनयम! के अधीन म� �दया गया कोई ऐसा �,प अिभ�ेत है िजसका उपयोग ऐसे िवषय के िलए �कया जाएगा िजससे वह संबंिधत है;
(ङ) “धारा” से अिधिनयम क� धारा अिभ�ेत ह।ै 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(2) उन शDद! और पद! के, जो इन िनयम! के �यु ह ैFकतु प�रभािषत नहG है और अिधिनयम या कंपनी (प�रभाषा Dयौर! के िविनदIशन) िनयम, 2014 म� प�रभािषत ह,ै वही अथ� ह!गे जो 0मश: इन अिधिनयम! या उ िनयम म� उनके हJ। 3. लेखापरी�क� के चयन और िनयुि� क लेखापरी�क� के चयन और िनयुि� क लेखापरी�क� के चयन और िनयुि� क लेखापरी�क� के चयन और िनयुि� क रीितरीितरीितरीित और �!"या और �!"या और �!"या और �!"या – (1) ऐसी कंपनी क� दशा म� िजसके िलए धारा 177 के अधीन लेखापरी9ा सिमित ग�ठत करना अपेि9त है वहां वह सिमित और उस दशा म� जहां ऐसी सिमित का गठन अपेि9त नहG ह ै वहां बोड� लेखापरी9क के ,प म� िनयुि हेतु िवचारण �कए जाने के िलए �@तािवत LिC या फम� क� अह�ताM और अनुभव पर िवचार करेगा तथा यह दखेेगी �क Nया ऐसी अह�ताएं और अनुभव कंपनी के आकार और अपे9ाM के अनु,प हJ या नहG: परंतु ऐसी िनयुि पर िवचार करते समय, यथाि@थित, लेखापरी9ा सिमित या बोड�, �@तािवत लेखापरी9क के िव,O भारतीय चाट�ड� अकाउंट�ट सं@थान या राQीय िव�ीय �रपोRटग अिधकरण या �कसी +यायालय �ारा Lावसाियक आचरण संबंधी मामल! के संबंध म� �कए गए �कसी आदेश या उसम� लंिबत काय�वाही को Sयान म� रखा जाएगा। (2) लेखापरी9ा सिमित या बोड�, �@तािवत लेखापरी9क से ऐसी अ+य जानकारी मांग सकेगा जो वह ठीक समझे। (3) उप-िनयम (1) के उपबंध! के अधीन रहते %ए, जहां �कसी कंपनी के िलए लेखापरी9ा सिमित ग�ठत करना अपेि9त ह,ै वहां सिमित बोड� के िवचाराथ� �कसी LिC या �कसी फम� के नाम क� लेखापरी9क के ,प म� िसफा�रश करेगी और अ+य मामल! म� बोड�, वाTषक साधारण अिधवेशन म� लेखापरी9क के ,प म� िनयुि हेतु �कसी LिC या �कसी फम� के नाम पर िवचार करेगा और उसक� िसफा�रश करेगा। (4) य�द बोड� लेखापरी9ा सिमित क� िसफा�रश! से सहमत ह ैतो वह वाTषक साधारण अिधवेशन म� सद@य! से �कसी LिC या फम� क� लेखापरी9क के ,प म� िनयुि हतुे और िसफा�रश करेगा। (5) य�द बोड�, लेखापरी9ा सिमित क� िसफा�रश से असहमत ह ै तो वह उस िसफा�रश को, ऐसी असहमित के कारण बताते %ए पुनTवचार हेतु सिमित को वापस भेजेगा। (6) य�द लेखापरी9ा सिमित, बोड� �ारा �दए कारण! पर िवचार करने के पUात्, अपनी मूल िसफा�रश पर पुनTवचार न करने का िनUय करती ह ैतो बोड� सिमित से अपनी असहमित के कारण अिभिलिखत करेगा और उसे अपनी िसफा�रश को वाTषक साधारण अिधवेशन म� सद@य! के िवचाराथ� भजेेगा; और य�द बोड� लेखापरी9ा सिमित क� िसफा�रश! से सहमत है, हो जाता ह ै तो वह इस िवषय को वाTषक साधारण अिधवेशन म� सद@य! �ारा िवचार �कए जाने हेतु रखेगा। (7) वाTषक साधारण अिधवेशन म� िनयु लेखापरी9क, उस अिधवेशन क� समाि: से लेकर छठे वाTषक साधारण अिधवेशन क� समाि: तक पदधारण करेगा और इसके िलए उस अिधवेशन को ऐसे �थम अिधवेशन के ,प म� िगना जाएगा िजसम� ऐसी िनयुि क� गई हःै परंतु ऐसी िनयुि छठे वाTषक साधारण अिधवेशन तक �Yयेक वाTषक साधारण अिधवेशन म� सामा+य संक�प पा�रत करके अनुसमथ�न के अधीन होगा। @पCीकरण – इऩ िनयम! के �योजन के िलए यह @पC �कया जाता ह ै�क य�द िनयुि का कंपनी के सद@य! �ारा अनुसमथ�न �कया जाता ह ैतो िनदशेक बोड� अिधिनयम के अधीन इस िनिमत अिधकिथत ��0या का अनुसरण करने के पUात् इस आशय से बनाई गई �कसी अ+य LिC या फम� को अपना लेखापरी9क या लेखापरी9क समूह के ,प म� िनयु करेगा। 4. िनयुि क� शrs± और रिज@Aार को सूचना –––– (1) िनयम 3 के अधीन िनयु लेखा परी9क इस बात का �माण-प[ �@तुत करेगा �क— (क) यथाि@थित LिC या फम�, िनयुि का पा[ ह ैऔर इस अिधिनयम, चाट�ड� अकाउंट�ट अिधिनयम, 1949 और उसके अधीन बनाए गए िनयम! और िविनयम! के अधीन िनयुि के िलए िनरह��रत नहG ह।ै (ख) �@तािवत िनयुि अिधिनयम के अधीन उपबaिधत शत\ के अनुसार ह।ै (ग) �@तािवत िनयुि , अिधिनयम के �ािधकार से या उसके अधीन अिधकिथत सीमाM के भीतर ह।ै (घ) �माण-प[ म� यथा�क�टत आचरण संबंधी Lावसाियक मामल! के संबंध म� लेखापरी9क या लेखापरी9ा फम� या लेखापरी9ा फम� के �कसी भागीदार के िव,O लंिबत काय�वािहय! क� सूची सYय और सही है। (2) धारा 139 क� उप-धारा (1) के चौथे परंतुक के अधीन लेखापरी9क क� िनयुि के बारे म� रिज@Aार को दी जाने वाली सूचना �,प एडीटी-1 म� दी जाएगी। 5. कंपिनय� के वग कंपिनय� के वग कंपिनय� के वग कंपिनय� के वग –––– धारा 139 क� उप-धारा (2) के �योजन के िलए कंपिनय! के वग� से एक LिC कंपिनय! और छोटी कंपिनय! को छोड़कर कंपिनय! के िन7िलिखत वग\ क� कंपिनयां अिभ�ेत हJ:— ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 (क) दस करोड़ ^पए या उससे अिधक क� समाद� शेयरपंूजी वाली सभी असूचीबO पिDलक कंपिनयां;
(ख) बीस करोड़ ^पए या उससे अिधक क� समाद� शेयरपंूजी वाली सभी िनजी िलिमटेड कंपिनयां;
(ग) ऊपर खंड (क) और खंड (ख) म� वTणत अिधकतम सीमा से कम समाद� शेयरपंूजी वाली, Fकतु िजनके पास िव�ीय सं@थान!, बJक! या पचास करोड़ ^पए या उससे अिधक के साव�जिनक िन9ेप! वाली सभी कंपिनयां। 6. कंपिनय� %ारा लखेापरी�क� क पदाविध समा� होने के कंपिनय� %ारा लखेापरी�क� क पदाविध समा� होने के कंपिनय� %ारा लखेापरी�क� क पदाविध समा� होने के कंपिनय� %ारा लखेापरी�क� क पदाविध समा� होने के प)ात्प)ात्प)ात्प)ात् उनके च"ानु"उनके च"ानु"उनके च"ानु"उनके च"ानु"म क म क म क म क रीरीरीरीितितितित – (1) लेखापरी9ा सिमित, बोड� को LिCगत लेखापरी9क या �कसी ऐसी लेखापरी9ा फम�, जो ऐसे पदाधारी क� पदाविध समा: होने पर पदधारी लेखापरी9क का @थान ले सकेगा, के नाम क� िसफा�रश करेगी। (2) जहां �कसी कंपनी के िलए लेखापरी9ा सिमित ग�ठत करना अपेि9त ह,ै वहां बोड� ऐसी सिमित क� िसफा�रश पर िवचार करेगा, और अ+य दशाM म�, बोड� लेखापरी9क! के च0ानु0म के मामले पर @वयं िवचार करेगा और वाTषक साधारण अिधवेशन म� सद@य! �ारा अगले लेखापरी9क क� िनयुि के िलए अपनी िसफा�रश करेगा। (3) लेखापरी9क! के च0ानु0म के �योजन के िलए –
(i) ऐसे लेखापरी9क क� दशा म� (चाह ेकोई LिC हो या लेखापरी9ा फम�), यथाि@थित पांच सतत् वष� क� या दस सतत् वष� क� अविध क� गणना हतुे उस अविध को िहसाब म� िलया जाएगा िजसम� अिधिनयम के �ारंभ से पूव� लेखापरी9क के ,प म� �कसी LिC या फम� ने पदधारण �कया था।
(ii) नया अ+तगा�मी लेखापरी9क या लेखापरी9ा फम� पा[ नहG होगी य�द ऐसा लेखापरी9क या लेखापरी9ा फम�, समान लेखापरी9ा फम\ के नेटवक� के अधीन पदावरोही लेखापरी9क या लेखापरी9ा फम� के साथ संबO ह।ै @पCीकरण I – इन िनयम! के �योजन के िलए “समान नेटवक�” पद के अंतग�त समान _ांड नाम, Lापार नाम या समान िनयं[ण के अधीन अभी तक या भिव`य म� �चािलत या काय�रत, फमa भी हJ। @पCीकरण II– लेखापरी9क! के च0ानु0म के �योजन के िलए, (क) पांच वष\ क� सतत् अविध के िलए पद से अलग रहने को ही च0ानु0म क� अपे9ा को पूरा करने के ,प म� माना जाएगा;
(ख) य�द कोई ऐसा भागीदार, जो �कसी लेखापरी9ा फम� का भारसाधक ह ैऔर जो कंपनी के िव�ीय िववरण! को �मािणत भी करता ह,ै उ फम� से सेवािनवृ� हो जाता ह ैऔर चाट�ड� अकाउंट�ट! क� �कसी अ+य फम� म� काय� bहण करता ह ैतो ऐसी अ+य फम� भी पांच वष� क� अविध के िलए िनयुि हेतु अपा[ होगी। -ि. लेखापरी�क के मामल ेम/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरण-ि. लेखापरी�क के मामल ेम/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरण-ि. लेखापरी�क के मामल ेम/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरण-ि. लेखापरी�क के मामल ेम/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरण दCृांत 1 ऐसे सतत् वष\ क� संcया िजसके िलए कोई LिC लेखापरी9क समान कंपनी म� धारा 139(2) के उपबंध! के �ारंभ के पUात् आयोिजत �थम वाTषक साधारण अिधवेशन म� लेखापरी9क के ,प म� काय� कर रहा है सतत् वष\ क� अिधकतम संcया िजसके िलए उसे समान कंपनी म� िनयु �कया जा सकेगा (सं0मणकालीन अविध सिहत) @तdभ I और @तdभ II को Sयान म� रखते %ए लेखापरी9क �ारा समान कंपनी म� पूरी क� गई कुल अविध I II III 5 वष� (या 5 वष� से अिधक) 3 वष� 8 वष� या अिधक 4 वष� 3 वष� 7 वष� 3 वष� 3 वष� 6 वष� 2 वष� 3 वष� 5 वष� 1 वष� 4 वष� 5 वष� �टeपणः (1) LिC लेखापरी9क के अंतग�त ऐसे अ+य LिC या फम� भी हJ िजनके नाम या Lापार िच+ह या _ांड का �योग ऐसे LिC �ारा �कया जाता ह।ै 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(2) सतत् वष\ से ऐसे सभी पूव�वतf िव�ीय वष� अिभ�ेत ह!गे िजसके िलए कोई LिC लेखापरी9क पांच वष� या उससे अिधक समय का अंतराल न होने तक लेखापरी9क रहा है। द.ृांत द.ृांत द.ृांत द.ृांत 2222 लेखापरी�ा फम के मामले म/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरणलेखापरी�ा फम के मामले म/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरणलेखापरी�ा फम के मामले म/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरणलेखापरी�ा फम के मामले म/ च"ानु"म के िव0ेषण का उदाहरण ऐसे सतत् वष\ क� संcया िजसके िलए कोई LिC लेखापरी9क समान कंपनी म�धारा 139(2) के उपबंध! के �ारंभ के पUात् आयोिजत �थम वाTषक साधारण अिधवेशन म� लेखापरी9क के ,प म� काय� कर रहा है सतत् वष\ क� अिधकतम संcया िजसके िलए उसे समान कंपनी म� िनयु �कया जा सकेगा (सं0मणकालीन अविध सिहत) @तdभ I और @तdभ II को Sयान म� रखते %ए लेखापरी9क �ारा समान कंपनी म� पूरी क� गई कुल अविध I II III 10 वष� (या 10 वष� से अिधक) 3 वष� 13 वष� से अिधक 9 वष� 3 वष� 12 वष� 8 वष� 3 वष� 11 वष� 7 वष� 3 वष� 10 वष� 6 वष� 4 वष� 10 वष� 5 वष� 5 वष� 10 वष� 4 वष� 6 वष� 10 वष� 3 वष� 7 वष� 10 वष� 2 वष� 8 वष� 10 वष� 1 वष� 9 वष� 10 वष� �ट4पणः�ट4पणः�ट4पणः�ट4पणः (1) लेखापरी9ा फम� म� ऐसी अ+य फम� भी सिdमिलत ह!गी िजनके नाम या Lापार िच+ह या _ांड का उपयोगा फम� या उसके �कसी भागीदार �ारा �कया जाता ह।ै (2) सतत् वष\ से ऐसे सभी पूव�वतf िव�ीय वष� अिभ�ेत ह!गे िजसके िलए कोई लेखापरी9ा फम� पांच वष� या उससे अिधक समय का अंतराल होने तक लेखापरी9ा फम� रही हो। (4) जहां कोई कंपनी दो या उससे अिधक LिCय! या फम\ को या संयु लेखापरी9क के ,प म� उनके संयोजन! को िनयु करती ह,ै वहां कंपनी, लेखापरी9क! का च0ानु0म इस �कार कर सकेगी �क, यथाि@थित, दोन! या सभी संयु लेखापरी9क, समान वष� म� अपनी पदाविध पूण� न कर�। 7. पदाविध समा� होने से पहले !कसी लेखापरी�क को हटापदाविध समा� होने से पहले !कसी लेखापरी�क को हटापदाविध समा� होने से पहले !कसी लेखापरी�क को हटापदाविध समा� होने से पहले !कसी लेखापरी�क को हटाया जानाया जानाया जानाया जाना –––– (1) लेखापरी9क को हटाए जाने के िलए क� �ीय सरकार को आवेदन �,प संcया एडीटी-2 म� �कया जाएगा और इस आवेदन के साथ कंपनी (रिज@Aरीकरण काया�लय और फ�स) िनयम, 2014 के अधीन इस �योजन के िलए यथाउपबंिधत फ�स सलंg होगी।
(2) के+�ीय सरकार को आवेदन बोड� �ारा पा�रत संक�प करने के तीस �दन के भीतर �कया जाएगा।
(3) कंपनी के+�ीय सरकार का अनुमोदन �ा: होने के साठ �दन के भीतर िवशेष संक�प पा�रत करने हेतु साधारण अिधवेशन आयोिजत करेगी। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5
8. लेखापरी9क का Yयाग-प[ –––– धारा 140 क� उपधारा (2) के �योजन के िलए, कोई लेखापरी9क �कसी कंपनी से Yयाग-प[ द ेदतेा ह ैतो वह �,प संcया एडीटी-3 म� एक िववरण फाइल करेगा। 9. केवल संबंिधत भागीदार! पर Lागत होने का दाियYव –––– �कसी लेखापरी9ा फम� के आपरािधक दाियYव क� दशा म� जुमा�ने से िभh अ+य दाियYव केवल ऐसे संबंिधत भागीदार या भागीदार! का होगा, िज+ह!ने कपटपूण� रीित से काय� �कया ह ैया उसका दु̀ �ेरण �कया ह ैया �कसी कपट म� संिल: है। 10. लेखपरी9क क� िनरह�ता –––– (1) धारा 141 क� उपधारा (3) के खंड (घ) के उपखंड (i) के परंतुक के �योजन के िलए �कसी लेखापरी9क का कोई संबंधी कंपनी म� एक लाख ^पए से अनिधक अं�कत मू�य क� �ितभूितयां धारण नहG कर सकेगा। पंरतु �क इस उप-िनयम के अधीन शतI, जहां सुसंगत ह!, उस कंपनी क� दशा म� भी लागू ह!गी िजनके पास शेयरपंूजी या अ+य �ितभूितयां नहG हःै परंतु यह और �क �कसी संबंधी �ारा अिधकतम सीमा से अिधक, �कसी �ितभूित या िहत के अिधbहण क� दशा म� लेखापरी9क �ारा ऊपर िनBदC सीमा को बनाए रखने के िलए ऐसे अिधbहण या िहत के साठ �दन के भीतर सुधाराYमक काय�वाही क� जाएगी। (2) धारा 141 क� उपधारा (3) के खंड (घ) के उपखंड (ii) के �योजन के िलए, ऐसा कोई LिC जो या िजसका कोई संबंधी या भागीदार कंपनी या उसक� अनुषंगी या उसक� िनयं[ी या सहयोगी कंपनी म� या ऐसी िनयं[ी कंपनी क� अनुषंगी कंपनी म� पांच लाख ^पए से अिधक का ऋणी हो िनयुि के पा[ नहG होगा।
(3) धारा 141 क� उपधारा (3) के खंड (घ) के उपखंड (iii) के �योजन कोई �कसी LिC िजसने या िजसके �कसी संबंधी या भागीदार ने �कसी कंपनी या उसक� अनुषंगी या िनयं[ी या सहयोगी कंपनी या ऐसी िनयं[ी कंपनी क� अनुषंगी कंपनी म� �कसी Lि के ऋण के संबंध म� एक लाख ^पए से अिधक क� कोई �ितभूित दी ह ैया �ितभूित उपलDध कराई ह,ै वह िनयुि का पा[ नहG होगा। (4) धारा 141 क� उपधारा (3) के खंड (ङ) के �योजन के िलए, “कारबार संबंध” पद का अथ�+वयन से िन7िलिखत के िसवाय वािणिjयक �योजन के िलए �कए गए �कसी सLवहार के ,प म� �कया जाएगा –
(i) ऐसे वािणिjयक संLवहार जो इस अिधिनयम और चाट�ड� अकाउंट�ट अिधिनयम, 1949 तथा इन अिधिनयम! के अधीन बनाए गए िनयम! और िविनयम! के अधीन �कसी लेखापरी9क या लेखापरी9ा फम� �ारा �दए जाने वाली अनुkेय वृि�क सेवाM क� �कृित क� हJ।
(ii) ऐसे वािणिjयक संLवहार, जो आंसिhकट क�मत पर, दरूसंचार, वायु सेवाएं, अ@पताल, होटल और ऐसे अ+य कारबार! के कारबार म� लगी %ई जैसे कंपनी के सामा+य अनु0म के कारबार ह ैकंपिनय! �ारा कारबार के सामा+य अनु0म म� �कसी लेखापरी9क को bाहक के ,प म� उYपाद! अथवा सेवाM क� िब0� जैसे कंपनी के साना+य अनु0म के कारबार है। 11. लेखापरी9क! क� �रपोट� म� सिdमिलत �कए जाने वाले अ+य िवषय –––– लेखापरी9क! क� �रपोट� म� िन7िलिखत िवषय! पर उनके िवचार और �टeपिणयां भी सिdमिलत क� जाएंगी अथा�त्:
(क) Nया कंपनी ने अपने िव�ीय िववरण म� लंिबत मुकदम! का, य�द कोई हो, अपनी िव�ीय ि@थित पर iM+us वाले �भाव को �कट �कया है;
(ख) Nया कंपनी ने �कसी िविध या लेखांकन मानक! के अधीन यथा अपेि9त, Lु�पh संिवदाM सिहत दीघ�कािलक संिवदाM पर iM+us वाली महYवपूण� अिनवाय� हािनय!, य�द कोई हो, के िलए उपबंध �कया है;
(ग) Nया कंपनी �ारा िनवेशक िश9ा और संर9ण कोष म� अंतरण �कए जाने के िलए अपेि9त रािश के अंतरण म� कोई िवलंब %आ ह।ै 12. शाखा एवं शाखा लेखापरी9क क� लेखापरी9ा के संदभ� म� कंपनी के लेखापरी9क के कत�L और शि यां –––– (1) धारा 143 क� उपधारा (8) के �योजन! के िलए, शाखा और शाखा लेखापरी9क, य�द कोई हो, क� लेखापरी9ा के संदभ� म� कंपनी के लेखापरी9क के कत�L और शि यां वह ह!गी जो धारा 143 क� उपधारा (1) से उपधारा (4) म� अंतTवC हःै (2) शाखा लेखापरी9क कंपनी के लेखापरी9क को अपनी �रपोट� �@तुत करेगा। 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(3) लेखापरी9क �ारा कपट क� �रपोट� करने के संबंध म� उसके िनयम 12 के साथ प�ठत धारा 143 क� उपधारा (12) के उपबंध ऐसे शाखा लेखापरी9क के िलए भी उस सीमा तक जहां तक उसका संबंध संबंिधत शाखा से ह,ै िव@ता�रत ह!गे। 13. लेखापरी9क �ारा कपट क� �रपोट� करना –––– (1) धारा 143 क� उपधारा (12) के �योजन के िलए, य�द लेखापरी9क के पास यह िवmास करने का पया�: कारण ह ै�क ऐसा अपऱाध िजसम� कपट अंतb�सत ह,ै कंपनी के अिधका�रय! या कम�चा�रय! �ारा �कया गया ह,ै तो वह अपनी जानकारी होने के साठ �दन के अपUात् और नीचे दी गई ��0या का अनुसरण करने के पUात् तYकाल उसक� सूचना के+�ीय सरकार को दगेाः
(i) लेखापरी9क कपट क� जानकारी �ा: होने के तुरंत बाद अपनी �रपोट� यथाि@थित, बोड� या लेखापरी9ा सिमित, पैतालीस �दन के भीतर उनका उ�र और �टeपिणयां �ा: करने हेतु अbेिषत करेगा;
(ii) ऐसे उ�र या �टeपिणयां �ा: होने पर लेखापरी9क अपनी �रपोट� और बोड� या लेखापरी9ा सिमित के उ�र और �टeपिणयां(बोड� और या लेखापरी9ा सिमित के ऐसे उ�र और �टeपिणय! पर) उस पर अपनी �टeपणी सिहत ऐसे उ�र या �टeपिणयां �ा: होने के पं�ह �दन के भीतर के+�ीय सरकार को अbेिषत करेगा।
(iii) य�द लेखापरी9क को िनधा��रत पैतालीस �दन क� अविध के भीतर बोड� या लेखापरी9ा सिमित के उ�र या �टeपिणयां नहG �ा: होती हJ तो वह के+�ीय सरकार को अपनी �रपोट� बोड� या लेखापरी9ा सिमित को पहले अbेिषत क� गई अपनी �रपोट� के Dयौर! को सिdमिलत करते %ए इस �टeपण के साथ �क िविहत समय के भीतर उसे कोई उ�र या �टeपिणयां �ा: नहG %ई हJ, अbेिषत करेगा। (2) �रपोट� रसीदी रिज@Aी डाक या Yव�रत डाक �ारा मुहरबंद िलफाफे म� सिचव, कारपोरेट काय� मं[ालय को भजेी जाएगी और उसके बाद ई–मेल �ारा उसक� पुिC क� जाएगी। (3) यह �रपोट� लेखापरी9क के ऐसे लेटरहडे पर होगी िजसम� उसका डाक पता, ई-मेल पता और दरूभाष संcया अंतTवC होगी तथा वह लेखापरी9क �ारा उसक� मुहर सिहत ह@ता9�रत होगी तथा उसक� सद@यता संcया उपदTशत क� जाएगी। (4) �रपोट� �,प एडीटी-4 म� यथािविनBदC एक िववरण के ,प म� होगी। (5) इस िनयम के उपबंध, यथावoयक प�रवत�न! सिहत, 0मशः धारा 148 और धारा 204 के अधीन लागत लेखापरी9क और �कसी अ+य सिचवीय लेखापरी9क को भी उसके कत�L! के िनव�हन के दौरान लागू ह!गे। 14. लागत लेखापरी9क का पा�रpिमक –––– धारा 148 क� उपधारा (3) के �योजन के िलए – (क) ऐसी कंपिनय! क� दशा म� िजनके िलए लेखापरी9ा सिमित ग�ठत करना अपेि9त है-
(i) बोड� लेखापरी9ा सिमित क� िसफा�रश! पर �कसी ऐसे Lि को जो Lवसायरत लागत लेखापरी9क या Lावसायरत लागत लेखापरी9क! क� कोई फम� ह,ै लागत लेखापरी9क के ,प म� िनयु करेगा जो ऐसे लागत लेखापरी9क के पा�रpिमक क� िसफा�रश भी करेगा;
(ii) खंड (i) के अधीन लेखापरी9ा सिमित �ारा िसफा�रश �कए गए पा�रpिमक पर िनदशेक मंडल �ारा िवचार �कया जाएगा और उसे अनुमो�दत �कया जाएगा तथा तYपUात् शेयरधारक! �ारा उसका अनुसमथ�न �कया जाएगा। (ख) अ+य ऐसी कंपिनय! क� दशा म� िजनके िलए लेखापरी9ा सिमित ग�ठत करना अपेि9त नहG ह,ै बोड� �कसी ऐसे Lि को जो Lवसायरत लागत लेखापरी9क या Lवसायरत लागत लेखापरी9क! क� फम� ह,ै लागत लेखापरी9क के ,प म� िनयु करेगा और तYपUात् ऐसे लागत लेखापरी9क के पा�रpिमक का अनुसमथ�न शेयरधारक! �ारा �कया जाएगा। ******* ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7 उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध �6प�6प�6प�6प सं7यासं7यासं7यासं7या----एडीटीएडीटीएडीटीएडीटी.... 1111 [िनयम 4(2) दखे�] कंपनी �ारा लेखापरी9क! क� िनयुि क� सूचना 1.(क) कंपनी क� कारपोरेट पहचान संcया (सीआईएन) या िवदशेी कंपनी रिज@Aीकरण संcया (एफसीआरएन) (ख) कंपनी क� वैिmक अवि@थित संcया (जीएलएन) 2.(क) कंपनी का नाम:
(ख) कंपनी का भारत म� रिज@Aीकृत काया�लय या �मुख कारबार @थान का पताः (ग) कंपनी का ई-मेल पता
3. उस अिधवेशन क� तारीख िजसम� लेखापरी9क क� िनयुि क� गई____________ 4. लेखापरी9क का वग� � LिCक � फम�
5.(क) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का आयकर @थाई खाता संcया (ख) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का नाम (ग) लेखापरी9क क� सद@यता संcया या लेखापरी9क के फम� क� रिज@Aीकरण संcया (घ) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का पता (ङ) शहर (च) राjय (छ) िपन कोड (ज) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का ई-मेल आईडी @थानः तारीखः सYयापन मुझे कंपनी के िनदशेक मंडल �ारा तारीख................ के संक�प संcया ............... �ारा इस �,प पर ह@ता9र करने और यह घोिषत करने के िलए �ािधकृत �कया गया है �क इस �,प क� िवषय-व@तु के संबंध म� और उससे संबंिधत मामल! म� कंपनी अिधिनयम, 2013 और उसके अधीन बनाए गए िनयम! क� सभी अपे9ाएं पूरी क� गई हJ। मJ यह भी घोषणा करता q ं�क ऊपर दी गई सभी सूचनाए ंसYय, सही और पूण� है और कोई महYवपूण� सूचना नहG िछपाई गई ह।ै अंक�य ह@ता9र �कया जाए पदनाम (�दया जाए) �,प पर ह@ता9र करने वाले LिC क� िनदशेक पहचान संcया �टeपणः इस ई-फॉम� को इलेNAॉिनक मोड के माSयम से और फाइtलग करने वाली कंपनी �ारा �दए गए सYयता िववरण के आधार पर कंपनी रिज@Aार �ारा फाइल म� रखा गया ह।ै धारा 448 के उपबंध! क� ओर भी Sयान आकृC �कया जाता है िजसम� गलत िववरण और �माणन के िलए दंड का उपाबंध है। 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] �6प�6प�6प�6प सं7यासं7यासं7यासं7या----एडीटीएडीटीएडीटीएडीटी.... 2222 पदाविध समा: होने के पहले लेखापरी9क! को उनके पद से हटाने हेतु आवेदन [िनयम 7(1) दखे�]
1.(क) कंपनी क� कारपोरेट पहचान संcया (सीआईएन) या िवदशेी कंपनी रिज@Aीकरण संcया (एफसीआरएन):
(ख) कंपनी क� वैिmक अवि@थित संcया (जीएलएन): 2.(क) कंपनी का नाम:
(ख) कंपनी का भारत म� रिज@Aीकृत काया�लय या �मुख कारबार @थान का पताः (ग) कंपनी का ई-मेल पताः
3.(क) िवशेष संक�प संबंिधत �,प क� सेवा अनुरोध संcया (ख) �,प फाइल करने क� तारीख (ग) िवशेष संक�प पा�रत करने क� तारीख (घ) वाTषक/असाधारण साधारण अिधवेशन क� तारीख 4. लेखापरी9क को हटाने क� अनुमित हेतु कारण! को @पC दशा�ने वाले आवेदन के Dयौरे 5. Nया लेख! को पूव�वतf तीन वष\ म� िनयमानुकूल बनाया गया ह ै(य�द हां, तो Dयौरा द�) 6. संबंिधत लेखापरी9क को सुनवाई के �दए गए अवसर! के Dयौरे 7. Nया कंपनी असंबंिधत अिधका�रय! के मSय कोई Lवहार/फौजदारी काय�वाही लंिबत ह।ै हां या नहG। य�द हां, तो पूरा Dयौरा द�। 8. संबंिधत लेखापरी9क क� िनयुि क� तारीख उसक� िनयुि क� सूचना क� सेवा अनुरोध संcया तथा लेखापरी9क क� िनयुि क� अविध। 9. Nया लेखापरी9क! को हटाने के िलए कोई िवशेष सूचना �ा: %ई है। हां या नहG। य�द हां, तो ऐसी सूचना क� �ाि: क� तारीख और ऐसी सूचना दनेे वाले सद@य! के पास पंूजी का �ितशत या सद@य! �ारा सीिमत कंपनी के मामले म� सद@य! क� संcया का �ितशत। 10. Nया संबंिधत लेखापरी9क! को दये सभी लेखापरी9ा फ�स का संदाय �कया गया ह।ै य�द नहG, तो बकाया रािश का उ�लेख कर�। 11. ऐसे लेखापरी9क! �ारा कंपनी को दी गई अ+य सेवाM के Dयौरे। 12. लंिबत लेखापरी9ाM क� संcया अथा�त् िव�ीय वष\ क� संcया िजसके िलए लेखापरी9ा लंिबत है। 13. ऐसे �Yयेक िव� वष� के िलए कंपनी के लेख! का @तर अथा�त् बोड� �ारा अनुमोदन हतुे शेष/बोड� �ारा अनुमो�दत Fकतु लेखापरी9क! को ह@तांत�रत �कए जाने हतुे शेष/बोड� �ारा अनुमो�दत, लेखापरी9क! को ह@तांत�रत Fकतु लेखापरी9ा पूण� �कए जाने हेतु शेष/लेखापरी9ा पूण� Fकतु लेखापरी9क! �ारा अभी तक मसौदा �रपोट� �@तुत नहG क� गई हो। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9
14. Nया ऐसे लेखाबिहय! के संबंध म� कोई िववाद है, जो लेखापरी9क! के कDजे म� ह! Fक+तु कंपनी को वापस नहG सvपे गए ह!। हां या नहG। सYयापन मुझे कंपनी के िनदशेक मंडल �ारा तारीख ................ के संक�प संcया ............... �ारा इस �,प पर ह@ता9र करने और यह घोिषत करने के िलए �ािधकृत �कया गया है �क इस �,प क� िवषय-व@तु के संबंध म� और उससे संबंिधत मामल! म� कंपनी अिधिनयम, 2013 और उसके अधीन बनाए गए िनयम! क� सभी अपे9ाएं पूरी क� गई हJ। मJ यह भी घोिषत करता q ं�क इस �,प के संलgक! सिहत यहां ऊपर दी गई सभी सूचनाए ंसYय, सही और पूण� है और कोई महYवपूण� सूचना नहG िछपाई गई है । अंक�य ह@ता9र �कया जाए पदनाम (�दया जाए) �,प पर ह@ता9र करने वाले LिC क� िनदशेक पहचान संcया (िडन) संलgकः
1. िवशेष संक�प क� �ित
2. लेखापरी9क को हटाने के कारण! का Dयौरा
3. वाTषक साधारण अिधवेशन/असाधारण अिधवेशन का काय�वृ�
4. वैकि�पक संलgक, य�द कोई हो �टeपणः धारा 448 और धारा 449 के उपबंध! क� ओर भी Sयान आकृC �कया जाता है िजसम� गलत िववरण के िलए दंड और �माणन के िलए दंड का उपबंध ह।ै काया�लय �योग हेतुः ई-�,प सेवा अनुरोध संcया (एसआरएन).......................... ई-�,प फाइल करने क� तारीख.................
�ािधकृत अिधकारी के अंक�य ह@ता9र इस ई-�,प को एतद�ारा अनुमो�दत/अ@वीकार �कया जाता ह ै ह@ता9र करने क� तारीख 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] �,प संcया-एडीटी. 3 [िनयम 8 देख�] लेखापरी9क �ारा Yयाग-प[ क� सूचना 1.(क) कंपनी क� कारपोरेट पहचान संcया (सीआईएन) या िवदशेी कंपनी रिज@Aीकरण संcया (एफसीआरएन):
(ख) कंपनी क� वैिmक अवि@थित संcया (जीएलएन): 2.(क) कंपनी का नाम:
(ख) कंपनी का भारत म� रिज@Aीकृत काया�लय या �मुख कारबार @थान का पताः (ग) कंपनी का ई-मेल पता 3. लेखापरी9क का �वग� � LिCक � फम�
4.(क) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का आयकर @थायी [kkrk संcया (ख) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का नाम (ग) लेखापरी9क क� सद@यता संcया या लेखापरी9क के फम� क� रिज@Aीकरण संcया (घ) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का पता (ङ) शहर (च) राjय (छ) िपन कोड (ज) लेखापरी9क या लेखापरी9क के फम� का ई-मेल आईडी 5. Yयाग-प[ देने के कारण 6. Nया Yयाग-प[ संलg है हां/नहG 7. Yयाग-प[ से सुसंगत कोई अ+य तxय सYयापन मJ यह पुिC करता q ं�क इस �,प और इसके संलgक! म� दी गई सूचना सही और पूण� ह।ै मुझे इस �,प पर ह@ता9र करने और इसे जमा करने के िलए िविहत ,प से �ािधकृत �कया गया ह।ै अंक�य ह@ता9र �कया जाए लेखापरी9क/लेखापरी9ा फम� का भागीदार Nया एसोिशएट ह ैया फैलो *एसोिशएट *फैलो सद@यता संcयाः संलgकः
1. Yयाग-प[, य�द संलg �कया गया हो
2. वैकि�पक संलgक, य�द कोई हो। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11 �6प सं7या�6प सं7या�6प सं7या�6प सं7या----एडीटीएडीटीएडीटीएडीटी.... 4444 क� �ीय सरकार को �रपोट� करना [िनयम 13(4) देख�] तारीखः िवषयः ऐसे सं�दyध अपराध िजसम� कपट �कया जाना या कपट होना अंत�b@त ह,ै के संबंध म� कंपनी अिधिनयम, 2013 क� धारा 143 क� उपधारा (2) के अधीन �रपोट�। 1)(क) कंपनी का नाम (ख) कारपोरेट पहचान संcयाः (ग) रिज@Aीकृत काया�लय का पताः 2) (क) लेखापरी9क/लेखापरी9क के फम� का नाम (ख) सद@यता संcया (ग) पता 3) उस वाTषक साधारण अिधवेशन क� तारीख िजसम� लेखापरी9क को िनयु /पुनः िनयु �कया गया था। 4) फाइल करने क� सेवा अनुरोध संcया तथा तारीख 5) काया�लय या @थान पता जहां सं�दyध अपराध �कया गया ह/ै�कया जा रहा ह।ै 6) सं�दyध अपराध िजसम� कपट अंत�b@त ह,ै का पूरा Dयौरा (समथ�न म� द@तावेज़ संलg कर�) 7) उन अिधका�रय!/कम�चा�रय! क� िविशिCयां िजन पर अपराध म� सिdमिलत होने का संदेह ह,ै य�द कोई होः क) नामः ख) पदनाम ग) य�द िनदेशक ह,ै तो उसक� िनदशेक पहचान संcया (िडन) घ) @थायी खाता संcया 8) कपट के संदहे का आधारः 12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] [फा. सं. 01/33/2013-सीएल V] रेणुका कुमार, संयु सिचव 9) वह अविध िजसके दौरान सं�दyध कपट �कया गया 10) िनयम 13(1) के अनुसार बोड� या लेखापरी9ा सिमित को �रपोट� भेजने क� तारीख 11) बोड� या लेखापरी9ा सिमित से उ�र �ा: होने क� तारीख, य�द कोई हो, और य�द इस �कार �ा: है तो उसक� �ित संलg कर� और उ�र का सार द� 12) Nया लेखापरी9क बोड� या लेखापरी9ा सिमित के उ�र से संतुC है। हां या नहG। 13) सं�दyध कपट क� अनुमािनत रािश 14) इस संबंध म� कंपनी �ारा उठाए गए कदम! के Dयौरे, य�द कोई हो (संदभ\ के साथ पूरा Dयौरा द�) 15) कोई अ+य संगत सूचना सYयापन मJ ........................, ........................का मािलक/भागीदार, चाट�ड� अकाउंट�ट एतद�ारा घोिषत करता qं �क इस �,प के संलgक! सिहत यहां ऊपर दी गई सभी सूचनाए ंसYय, सही और पूण� हैa। (लेखापरी9क का नाम, ह@ता9र और मुहर) संलgकः
1. वैकि�पक संलgक �टeपणः संलgक! सिहत यह �रपोट� िनयम 13 म� उपबंिधत रीित म� सिचव, कारपोरेट काय� मं[ालय को सीलबंद िलफाफे म� दी जा रही ह।ै ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13 MINISTRY OF CORPORATE AFFAIRS NOTIFICATION New Delhi, the 31st March, 2014 G.S.R. 246(E).—In exercise of powers conferred by sub-sections (1), (2) and (4) of section 139, sub-sections
(1) and (2) of section 140, sub-section (3) of section 141, sub-sections (2), (3), (8) and (12) of section 143, sub-section
(3) of section 148 read with sub-sections (1) and (2) of section 469 of the Companies Act, 2013 (18 of 2013) and in supersession of the Companies (Central Government’s) General Rules and Forms, 1956 in so far as they relate to matters covered under these rules, except as respects things done or omitted to be done before such supersession, the Central Government hereby makes the following rules, namely:-