(1) इन िनयम� का संि12 नाम कंपनी (बोड* क� बैठक� और इसक� शि�यां) िनयम, 2014 ह ै।
(2) ये िनयम 1 अ�ैल, 2014 से �वृ� ह�गे ।
2. प�रभाषाए ं– (1) इन िनयम� म�, जब तक !क संदभ* स ेअ�यथा अपेि1त न हो, (क) “अिधिनयम” से कंपनी अिधिनयम, 2013 अिभ�ेत ह;ै (ख) “उपाबंध” से इन िनयम� स ेउपाब9 उपाबंध अिभ�ेत ह;ै (ग) “फ�स” से कंपनी (रिज;<ीकरण काया*लय और फ�स) िनयम, 2014 म� िविहत फ�स अिभ�ेत ह;ै 1458 GI/2014 (1) 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (क) “��प” अथवा “ई-��प” से इन िनयम� के उपाबंध म� !दया ��प अिभ�ेत ह ै िजसका उपयोग उसस े संबंिधत मामले के िलए !कया जाएगा;
(ख) “धारा” से अिधिनयम क� धारा अिभ�ेत ह;ै
(2) श>द� और पद� को जो इन िनयम� म� प�रभािषत नह@ हA Bकत ुअिधिनयम म� प�रभािषत हA ,के वही अथ* ह�गे जो अिधिनयम म� हA।
3333.... वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��----द�ृय मा�यम स ेबोड क बैठक# द�ृय मा�यम स ेबोड क बैठक# द�ृय मा�यम स ेबोड क बैठक# द�ृय मा�यम स ेबोड क बैठक# –––– वीिडयो सEमेलन अथवा अ�य FG- दHृय माIयम से बोड* क� बैठक� आयोिजत और संचािलत करने के िलए कोई कंपनी िन,िलिखत �!'या का पालन करेगीः
(1) �Mयेक कंपनी वीिडयो अथवा FG-दHृय संपक* टूटने से बचने के िलए आवHयक Gव;थाए ंकरेगी।
(2) बैठक का अIय1 और कंपनी सिचव, य!द कोई हो, िन,िलिखत का सEयक् और तक*सगंत Iयान रखेगा – (क) पया*2 सुर1ा और पहचान �!'याए ंसुिनिOत करते �ए बैठक क� सMयिनPा क� सरु1ा उपाय करना;
(ख) बोड* क� बैठक म� िनदशेक� और अ�य �ािधकृत भागीदार� क� �भावी भागीदारी के िलए संसूचना के सं�ेषण सुगम करने के िलए उपयु� वीिडयो सEमेलन अथवा अ�य FG-दHृय उपकरण अथवा सुिवधाQ क� उपल>धता सुिनिOत करना;
(ग) बैठक क� काय*वाही अिभिलिखत करना और काय*वृ� तैयार करना;
(घ) कम स े कम िविशR वष* क� लेखापरी1ा पूण* होन े के समय कंपनी के अिभलेख भाग के �प म� टेप �रकॉTडग और अ�य इलेU<ॉिनक �रकॉTडग मैकेिनजम के सुरि1त रखन ेऔर िचVनांकन के िलए भंडा�रत करना;
(ङ) यह सुिनिOत करना !क वीिडयो सEमेलन मोड अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से बैठक क� काय*वाही म� संबंिधत िनदशेक के अित�र� कोई अ�य Gि� भाग नह@ ले रहा ह ैअथवा उसक� वहां तक प�ंच नह@ ह;ै और (च) यह सुिनिOत करना !क बैठक म� भाग ले रह ेभागीदार दसूरे भागीदार� को बैठक के अनु'म म� FG-दHृय माIयम से ;पR �प से सुन और दखे सक� :
परंतु Gि� जो िनःश� Gि� ह ैअपने साथ !कसी Gि� को लाने के िलए अनुXात करन े का बोड* से अनरुोध कर सकेगा।
(3) (क) अिधिनयम क� धारा 173 क� उप-धारा (3) के उपबंध� के अनुसार बैठक क� सूचना सभी िनदशेक� को भेजी जाएगी। (ख) बैठक क� सूचना िनदशेक� को वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग लेन ेके िलए उनके पास उपल>ध िवकYप के बारे म� सूिचत करेगा, और वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग लेने के िलए िनदशेक� को समथ* करने के िलए सभी आवHयक जानकारी दगेा। (ग) वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग लेने को इZछुक िनदशेक अपने आशय क� संसूचना अIय1 अथवा कंपनी के कंपनी सिचव को दगेा। (घ) य!द िनदशेक वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग लेने का आशय रखता ह ैतो वह अपने इस आशय क� पूव* संसूचना इस तरह दगेा !क कंपनी इस िनिम� उपयु� Gव;थाए ंकर सक� । (ङ) भागीदारी का इZछुक िनदशेक, जो इलेU<ॉिनक रीित के माIयम से भाग लेने क� वांछा करता है, अपन े आशय क� संसूचना, कैल�डर वष* के �ारंभ म� दगेा और ऐसी घोषणा एक कैल�डर वष* के िलए िविधमा�य होगी। (च) खंड (ग) के अधीन !कसी संसचूना के अभाव म�, माना जाएगा !क िनदशेक Gि�गत �प से बैठक म� भाग लेगा।
(4) बैठक के �ारंभ म�, अIय1 �ारा सूची के सभी िनदशेक� का नाम लेगा और जब वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग ल े रहा �Mयेक िनदशेक, अिभलेखन के िलए िन,िलिखत अिभकिथत करेगा, अथा*त:्— ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 (क) नाम;
(ख) ;थान, जहां से वह भाग ले रहा ह;ै (ग) यह !क उस ेकाय*सचूी और बैठक से संबंिधत सभी संगत साम^ी �ा2 हो गई है; और (घ) यह !क खंड (ख) म� उिYलिखत ;थान पर संबंिधत िनदशेक के अित�र� कोई अ�य भाग नह@ ले रहा ह ै अथवा !कसी अ�य क� प�चं काय*वाही तक नह@ ह;ै
(5) (क) सूची पुकारने के पOात्, अIय1 अथवा कंपनी सिचव, बोड* को िनदशेक� से िभ_ बैठक म� भाग ले रह े उन Gि�य� के नाम क� जानकारी दगेा जो अIय1 के अनुरोध अथवा उनक� अनुमित से बैठक म� उपि;थत हA और यह पुिR करेगा !क अपेि1त कोरम पूरा ह।ै �प�ीकरण - वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से बैठक म� भाग ले रह ेिनदशेक को कोरम के उ`Hेय से िगना जाएगा, जब तक !क उसे अिधिनयम अथवा िनयम� के !क�ह@ उपबंध� के अधीन काय*वाही क� !कसी मद से बाहर न रखा गया हो। (ख) अIय1 यह सुिनिOत करेगा !क अपेि1त कोरम संपूण* बैठक के दौरान उपि;थत रह।े
(6) इन िनयम� के अधीन �ािधकृत वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से संचािलत �Mयेक बैठक के संबंध म� बैठक आयोिजत करन ेक� सूचना म� !दया �आ बैठक का िनधा*�रत ;थान, जो भारत म� होगा, उ� बैठक का ;थान माना जाएगा और बैठक क� काय*वाही क� सभी �रकॉTडग ऐसे ;थान पर क� गई �रकॉTडग मानी जाएगी ।
(7) अिधिनयम के उपबंध� के अनुसार बोड* क� बैठक म� �;ततु !कए जाने के िलए अपेि1त सांिविधक रिज;टर बैठक के अनुसूिचत ;थान पर रखे !कए जाएगंे और जहां ऐसे रिज;टर� पर िनदशेक� का ह;ता1र अपेि1त ह,ै वहां इसे इलेU<ॉिनक रीित से भाग ले रह ेिनदशेक� �ारा ह;ता1�रत माना जाएगा, य!द उ�ह�ने इस आशय क� अपनी सहमित दी हो और यह बैठक के काय*वृ� म� इस �कार अिभिलिखत हो ।
(8) (क) �Mयेक भागीदार काय*सूची म� शािमल िवषय क� !कसी मद पर बोलने से पहले अिभलेख के िलए अपनी पहचान बताएगा । (ख) य!द !कसी िनदशेक का कोई कथन बैठक म� वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से बािधत या िवकृत होता ह ैतो अIय1 अथवा कंपनी सिचव, िनदशेक स ेअपनी बात पुनः कहने या दोहरान ेका अनुरोध करेगा ।
(9) य!द !कसी �;ताव पर आ1पे दज* क� जाती ह ैऔर मत िवभाजन आवHयक होता ह ैतो अIय1 एक-एक कर नाम पुकारेगा और मत दनेे से पहले अपनी पहचान बताते �ए �Mयेक िनदशेक अपना िनणा*यक मत दगेा।
(10) बैठक के �ारंभ से और ऐसी बैठक क� समाि2 होन ेतक अIय1, िनदशेक�, कंपनी सिचव और बोड* �ारा उपि;थित हतेु अपेि1त !कसी अ�य Gि� से िभ_ कोई अ�य Gि� िजसक� उपि;थित ऐसे ;थान पर अपेि1त ह,ै बोड* �ारा जान ेको अनुXात होगा जहां कोई िनदशेक Gि�गत �प स ेअथवा वीिडयो सEमेलन के माIयम स े भाग ले रहा ह ै।
(11) (क) �Mयेक काय*सूची मद पर चचा* के अतं म� बठैक का अIय1 उस मद पर िलए गए िनण*य के सार क� घोषणा करेगा और साथ ही, ब�मत �ारा िलए गए िनण*य से िभ_ राय रखने वाले िनदशेक�, य!द कोई हो, के नाम� क� भी घोषणा करेगा । (ख) काय*वृ� म� वीिडयो सEमेलन रीित अथवा अ�य FG-दHृय माIयम स ेभाग लनेे वाल ेिनदशेक� के >यौर� का �कटीकरण भी होगा ।
(12) (क) बैठक का �ा�प काय*वृ� बैठक के पं�ह !दन� के भीतर बोड* �ारा िलए गए िविनOय के अनसुार िलिखत म� अथवा इलेU<ॉिनक मोड म� सभी िनदशेक� के मIय प�रचािलत !कया जाएगा । (ख) �Mयेक िनदशेक िजसने बैठक म�, चाह ेGि�गत �प से या वीिडयो सEमेलन अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से भाग िलया हो, �ा�प काय*वृ� क� �ाि2 के पOात् सात !दन� अथवा बोड* �ारा यथा िविनिOत यु�- यु� समय के भीतर, �ा�प काय*वृ� म� उस िवशेष बैठक क� काय*वािहय� क� अिभलेखन क� शु9ता के बारे म� पुिR करेगा अथवा िलिखत म� अपनी �टbपिणयां दगेा अ�यथा यह माना जाएगा !क उसने काय*वृ� अनुमो!दत कर !दया ह ै। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) बैठक पूण* होने के पOात् अिधिनयम क� धारा 118 के अधीन यथािविनcदR काय*वृ� बही म� काय*वृ� क� �िविR क� जाएगी और उस पर अIय1 का ह;ता1र होगा । �प�ीकरण – इस िनयम के �योजन के िलए, “वीिडयो सEमेलन अथवा अ�य FG-दHृय माIयम” स े�योग म� लाए गए FG-दHृय इलेU<ॉिनक संवाद सुिवधाए ंअिभ�ेत ह ैजो बैठक म� भाग लेने वाले सभी Gि�य� को िबना !कसी मIयवतd के आपस म� संवाद करने और बैठक म� �भावी �प से भाग लेने म� समथ* करत ेहA ।
4444.... वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��वीिडयो स�मलेन अथवा अ�य ��----द�ृय मा�यम स ेहोने वाली बैठक म# िवचार नह& 'कए जाने वाल ेद�ृय मा�यम स ेहोने वाली बैठक म# िवचार नह& 'कए जाने वाल ेद�ृय मा�यम स ेहोने वाली बैठक म# िवचार नह& 'कए जाने वाल ेद�ृय मा�यम स ेहोने वाली बैठक म# िवचार नह& 'कए जाने वाल े मामल ेमामल ेमामल ेमामल े–––– (1) वीिडयो सEमलेन अथवा अ�य FG-दHृय माIयम से आयोिजत !कसी बैठक म� िन,िलिखत मामल� पर िवचार नह@ !कया जाएगा –
(i) वाeषक िव�ीय िववरणी का अनुमोदन;
(ii) बोड* क� �रपोट* का अनुमोदन;
(iii) �ा;पेUटस का अनुमोदन;
(iv) लेख� पर िवचार के िलए लखेापरी1ा सिमित क� बैठक� ; और
(v) समामेलन, िवलय, डीमज*र, अिध^हण और ^हण करना।
5555.... प*रचालन +ारा सकं,प पा*रत करना प*रचालन +ारा सकं,प पा*रत करना प*रचालन +ारा सकं,प पा*रत करना प*रचालन +ारा सकं,प पा*रत करना –––– ��प म�, इलेU<ॉिनक माIयम िजसके अंतग*त ई-मेल और फैUस भी ह,ै संकYप को िनदशेक� का अनुमोदन �ा2 करने के िलए आवHयक कागज� के साथ प�रचािलत !कया जा सकेगा ।
6666.... बोड क सिमितया ंबोड क सिमितया ंबोड क सिमितया ंबोड क सिमितया ं–––– कंपिनय� के िन,िलिखत वगf के िनदशेक मंडल एक लेखापरी1ा सिमित और बोड* क� एक नाम-िनदgशन तथा पा�रFिमक सिमित ग�ठत कर�गे– (क) �Mयेक सूचीब9 कंपनी;
(ख) दस करोड़ iपए या अिधक क� समाद� पंूजी वाली सभी पि>लक कंपिनयां;
(ग) एक सौ करोड़ iपए या अिधक के Gापारावत* वाली सभी पि>लक कंपिनयां; और (घ) सकल पचास करोड़ iपए या उससे अिधक के बकाया ऋण� अथवा उधार लेन ेवाली अथवा िडब�चर� अथवा िन1ेप� वाली सभी पि>लक कंपिनयां । �प�ीकरण – अंितम लेखापरीि1त िव�ीय िववरणी क� तारीख को यथा िवkमान यथाि;थित, समाद� शेयर पंूजी अथवा Gापारावत* अथवा बकाया ऋण अथवा उधार दनेे वाली अथवा िडब�चर अथवा िन1ेप, पर इस िनयम के �योजन के िलए िवचार !कया जाएगा ।
7777.... सतक ता तं क .थापना सतक ता तं क .थापना सतक ता तं क .थापना सतक ता तं क .थापना –––– (1) �Mयेक सचूीब9 कंपनी और िन,िलिखत वग* या वगf क� कंपिनयां उनके िनदशेक� और कम*चा�रय� �ारा अपने वा;तिवक सरोकार� और िशकायत� बताने के िलए सतक* ता तंl क� ;थापना कर�गी- (क) जनता से जमा ;वीकार करन ेवाली कंपिनयां; अथवा (ख) कंपिनयां िज�ह�न ेबAक� और पि>लक िव�ीय सं;थाQ स ेपचास करोड़ iपए से अिधक रािश उधार ली ह ै।
(2) कंपिनयां िजनके िलए लेखापरी1ा सिमित ग�ठत करना अपेि1त ह ैवह सिमित के माIयम से सतक* ता तंl का पय*वे1ण करेगी और य!द !कसी !दए गए मामले म� सिमित के सद;य� के िहत� का टकराव ह ैतो उ�ह� ;वयं को इस मामले से अलग रखना चािहए और सिमित के अ�य सद;य� को इस पर िवचार करने दनेा चािहए ।
(3) अ�य कंपिनय� क� दशा म�, िनदशेक मंडल सतक* ता तlं के �योजन के िलए लेखापरी1ा सिमित क� भूिमका अदा करने का !कसी िनदशेक को नामिनcदR करेगा िजसे अ�य िनदशेक और कम*चारी अपने सरोकार� स े अवगत कराएगंे । ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5
(4) सतक*ता तंl कम*चा�रय� और िनदशेक�, जो सतक* ता तंl का उपयोग कर�गे, के उMपीM+न के िवi9 पया*2 सुर1ा उपल>ध कराएगा और असाधारण मामल� म� उ�ह� यथाि;थित, लेखापरी1ा सिमित के अIय1 अथवा लेखापरी1ा सिमित क� भूिमका के िलए नामिनcदR िनदशेक, तक सीधे प�चं भी उपल>ध कराएगा ।
(5) !कसी िनदशेक अथवा !कसी कम*चारी �ारा बार-बार तुZछ िशकायत� फाइल !कए जाने क� दशा म�, लेखापरी1ा सिमित अथवा लेखापरी1ा सिमित क� भूिमका अदा करन ेके िलए नािमत िनदशेक संबंिधत िनदशेक अथवा कम*चारी के िवi9 उपयु� कार*वाई िजसके अंतग*त िधmदडं भी है, कर सकेगी ।
8888.... बोड क शि0या ंबोड क शि0या ंबोड क शि0या ंबोड क शि0या ं–––– अिधिनयम क� धारा 179 क� उपधारा (3) म� यथािविनcदR शि�य� के अित�र� िनदशेक मंडल �ारा केवल बोड* क� बैठक� म� पा�रत संकYप� के माIयम से िन,िलिखत शि�य� का भी उपयोग !कया जाएगा-
1. राजनीितक अिभदाय करना;
2. �मुख �बंधक�य काeमक (�.�.का.) को िनयु� करना अथवा हटाना;
3. �मुख �बंधक�य काeमक से एक ;तर नीचे क� िनयुि�य� अथवा बखा*;तिगय� क� �टbपण �ा2 करना;
4. आंत�रक लेखापरी1क और सिचवीय लेखापरी1क िनयु� करना;
5. िनदशेक� के िहत� और शेयर धारक� के �कटीकरण �टbपण �ा2 करना;
6. कंपनी �ारा िनवेश कंपनी क� समाद� शेयर पंूजी और िनवेिशती कंपनी क� खुली आरि1ती के पांच �ितशत या अिधक के ग�ठत िनवेश� (Gापार िनवेश� से िभ_) क� खरीद, िब'� करना;
7. पि>लक जमा ;वीकार करना अथवा पुनन*वीकरण तथा सबंंिधत मामले;
8. पि>लक जमा क� िनबंधन� और शतf क� पुनःिवलोकन अथवा उनम� प�रवत*न;
9. यथाि;थित, ितमाही, अ9*-वाeषक और वाeषक िव�ीय िववरणी और िव�ीय प�रणाम, का अनुमोदन करना।
9999.... 'कसी िनदशेक +ारा अपने िहत1 का 2कटीकरण 'कसी िनदशेक +ारा अपने िहत1 का 2कटीकरण 'कसी िनदशेक +ारा अपने िहत1 का 2कटीकरण 'कसी िनदशेक +ारा अपने िहत1 का 2कटीकरण –––– (क) �Mयेक िनदशेक ��प एमबीपी 1 म� िलिखत सूचना दतेे �ए, !कसी कंपनी अथवा कंपिनय� अथवा कारपोरेट िनकाय� (िजसके अंतग*त शेयर िनयंlी िहत भी ह)ै, फमf अथवा Gि�य� के अ�य संगम� म� अपने संबंध अथवा िहत के �कटीकरण करेगा । (ख) िहत क� सचूना दनेे वाले िनदशेक का यह कत*G होगा !क वह सूचना क� तारीख के ठीक पOात् आयोिजत बैठक म� इसका �कटीकरण करवाए ं। (ग) सभी सचूनाए ं रिज;<ीकृत काया*लय म� रखी जाएगंी और ऐसी सचूनाए ं उसस े सबंंिधत िव� वष* क� समाि2 से आठ वषf क� अविध के िलए सुरि1त रखी जाएगंी और इस उ`Hेय से बोड* �ारा �ािधकृत कंपनी के कंपनी सिचव अथवा !कसी अ�य Gि� क� अिभर1ा म� रखे जाएगंे ।
10101010.... धारा धारा धारा धारा 185 185 185 185 के अधीन िनदशेक आ'द को ऋण के अधीन िनदशेक आ'द को ऋण के अधीन िनदशेक आ'द को ऋण के अधीन िनदशेक आ'द को ऋण –––– (1) !कसी िनयंlी कंपनी �ारा अपने पूण* ;वािमMव वाली अनुषंगी कंपनी को !दया गया कोई ऋण अथवा कोई �Mयाभूित अथवा िनयंlी कंपनी �ारा अपने पूण* ;वािमMव वाली अनुषंगी कंपनी के िलए !कसी ऋण के संबंध म� दी गई !कसी �ितभूित को इस धारा के अधीन अपे1ाQ स े छूट �ा2 ह;ै और
(2) !कसी िनयंlी कंपनी �ारा अपनी अनुषंगी कंपनी के िलए !कसी बAक अथवा िव�ीय सं;थान �ारा !दए गए ऋण के संबंध म� दी गई �Mयाभूित अथवा उपल>ध कराई गई �ितभूित को इस धारा के अधीन अपे1ाQ से छूट �ा2 हःै परंतु ऐसे ऋण� का उपयोग अनुषंगी कंपनी �ारा अपने �मुख Gवसाय गितिविधय� के िलए !कया जाएगा।
11111111.... अिधिनयम क धारा अिधिनयम क धारा अिधिनयम क धारा अिधिनयम क धारा 186 186 186 186 के अधीन 'कसी कंपनी +ारा ऋण और िनवेश के अधीन 'कसी कंपनी +ारा ऋण और िनवेश के अधीन 'कसी कंपनी +ारा ऋण और िनवेश के अधीन 'कसी कंपनी +ारा ऋण और िनवेश –––– (1) जहां !कसी कंपनी �ारा अपने पूण* ;वािमMव वाली अनुषंगी कंपनी अथवा !कसी संयु� उप'म कंपनी को ऋण अथवा �Mयाभूित दी जाती ह ैअथवा �ितभूित उपल>ध कराई जाती ह ैअथवा !कसी िनयंlी कंपनी �ारा अपने पूण* ;वािमMव वाली अनुषंगी 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] कंपनी का अंशदान, खरीद अथवा !कसी अ�य तरीके से अिध^हण !कया जाता ह ैतो धारा 186 क� उपधारा (3) क� अपे1ाए ंलागू नह@ ह�गीः परंतु कंपनी ऐसे ऋण अथवा �Mयाभूित अथवा �ितभूित अथवा अिध^हण के >यौरे धारा 186 क� उपधारा (4) के अधीन यथा उपबंिधत िव�ीय िववरणी म� �कट करेगी ।
(2) धारा 186 क� उपधारा (11) के खंड (क) के �योजन के िलए, “कंपनी के िव�पोषण का Gवसाय” पद के अंतग*त म�, भारतीय �रजव* बAक म� रिज;<ीकृत गैर-बAककारी िव�ीय कंपनी के संबंध म�, “अपने Gवसाय के सामा�य प�रचालन म� !कसी Gि� �ारा िलए गए !कसी ऋण क� िविहत पुनः संदाय के िलए !कसी Gि� को ऋण दनेे अथवा कोई �Mयाभूित या �ितभूित उपल>ध कराने का Gवसाय” भी ह ै।
(3) भारतीय �ितभूित और िविनमय बोड* अिधिनयम, 1992 क� धारा 12 के अधीन रिज;<ीकृत और क� �ीय सरकार �ारा भारतीय �ितभूित एवं िविनमय बोड* के परामश* से अिधसूिचत कंपिनय� के ऐसे वग* अथवा वगf के अधीन आन ेवाली कंपिनयां भी ऐसी कंपिनय� पर लाग ूिविनयम�, िजसके अनुसरण म� इसने भारतीय �ितभूित और िविनमय बोड* से रिज;<ीकरण �माण-पl �ा2 !कया ह,ै के अधीन िविनcदR सीमा स ेअिधक कोई अतंर कारपोरेट ऋण अथवा जमा �ा2 नह@ कर�गी।
12121212.... रिज.टर रिज.टर रिज.टर रिज.टर –––– (1) ऋण दनेे अथवा �Mयाभूित दने े अथवा �ितभूित उपल>ध कराने अथवा �ितभूित का अिध^हण करने वाली �Mयेक कंपनी अपने िनगमन क� तारीख से ��प एमबीपी 2 म� एक रिज;टर रखेगी और उसम� ऋण�, दी गई �Mयाभिूतयां, उपल>ध कराई गई �ितभूितय� और ऊपर किथत अिध^हण� क� अलग-अलग �िविRयां करेगी ।
(2) �Mयेक ऐसे संGवहार के संबधं म� इस �कार !दए गए ऋण� अथवा दी गई �Mयाभूित का अथवा उपल>ध कराई गई �ितभूित अथवा !कए गए अिध^हण के सात !दन� के भीतर काल'मानुसार रिज;टर म� �िविRयां क� जाएगंी।
(3) रिज;टर कंपनी के रिज;<ीकृत काया*लय म� रखा जाएगा और यह रिज;टर ;थायी �प से सुरि1त रखा जाएगा तथा कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस उ`Hेय से बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� क� अिभर1ा म� रखा जाएगा।
(4) रिज;टर म� क� गई �िविRयां (चाह ेवह ह;तिलिखत अथवा इलेU<ॉिनक) कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस �योजन के िलए बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� �ारा �ािधकृत होगी।
(5) उपिनयम (4) के �योजनाथ* यह रिज;टर या तो ह;तिलिखत अथवा इलेU<ॉिनक रीित म� रखा जाएगा।
(6) धारा 186 क� उपधारा (9) के अधीन रखे गए रिज;टर के सार कंपनी के अनZुछेद� म� यथा िविहत फ�स, जो �ित पृP दस iपए से अिधक नही होगा, क� संदाय पर कंपनी के !कसी सद;य को उपल>ध कराए जा सकत े हA ।
13131313.... िवशेिवशेिवशेिवशेष सकं,प ष सकं,प ष सकं,प ष सकं,प –––– (क) जहां अब तक उपल>ध कराई गई �Mयाभूित अथवा �ितभूित के िलए रािश, ऋण अथवा िनवेश का कुल अथवा अ�य कारपोरेट िनकाय� म� बोड* �ारा !दए जाने अथवा !कए जाने हतेु �;तािवत िनवेश, ऋण, �Mयाभूित अथवा �ितभूित क� कुल रािश, धारा 186 म� िविनcदR सीमा से अिधक हो, वहां जब तक !क आम बैठक म� पा�रत िवशेष �;ताव �ारा पूव* म� �ािधकृत न हो तब तक कोई िनवेश अथवा ऋण नह@ !दया जाएगा अथवा �Mयाभूित नह@ दी जाएगी अथवा �ितभूितयां उपल>ध नह@ कराई जाएगी। �प�ीकरण – इस उप िनयम के �योजन के िलए यह ;पR !कया जाता ह ै!क यह अनुपालन पया*2 होगा य!द ऐसा िवशेष संकYप इस धारा क� अिधसूचना क� तारीख से एक वष* के भीतर पा�रत हो जाए।
(2) धारा 186 क� उपधारा (2) के अधीन ई ऋण अथवा �Mयाभूित अथवा िनवेश दनेे अथवा कोई �ितभूित अथवा अिध^हण उपल>ध कराने के िलए धारा 186 क� उपधारा (3) के अन�ुप साधारण बैठक म� पा�रत !कसी �;ताव म� यह िविनcदR होगा !क िनदशेक मंडल !कतनी रािश के ऐसे ऋण अथवा �Mयाभूित द ेसकता ह ैअथवा �ितभूित उपल>ध करा सकता ह ैअथवा ऐसा अिध^हण कर सकता ह।ै ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7 परंतु कंपनी धारा 186 क� उपधारा (4) के उपबंध� के अनुसार िव�ीय िववरण म� सद;य� के सम1 पूरे >यौरे का �कटीकरण करेगी ।
14141414.... कंपनी +ारा अपने नाम म# रख ेगए िनवेश कंपनी +ारा अपने नाम म# रख ेगए िनवेश कंपनी +ारा अपने नाम म# रख ेगए िनवेश कंपनी +ारा अपने नाम म# रख ेगए िनवेश –––– (1) �Mयेक कंपनी अपने रिज;<ीकरण क� तारीख से ��प एमबीपी 3 म� एक रिज;टर रखेगी और उसम� कंपनी �ारा लाभदायक �प से रखे गए ऐसे शेयर� और अ�य �ितभूितय� म� िनवेश का काल'मानुसार >यौरा रखेगी जो इसके अपने नाम म� नह@ ह ैऔर कंपनी अपने नाम म� नह@ रखने के कारण�, संबंध और संिवदा िजसके अधीन !कसी अ�य Gि� के नाम िनवेश रखे गए हA, को भी अिभिलिखत करेगी। (ख) कंपनी यह भी अिभलेिखत करेगी !क Uया ऐसे िनवेश कुछ समय के िलए अथवा अ�यथा !कसी तीसरे अ�य प1 के नाम रखे गए हA। (ग) यह रिज;टर कंपनी के रिज;<ीकृत काया*लय म� रखा जाएगा और यह रिज;टर ;थायी �प से सुरि1त रखा जाएगा तथा कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस उ`Hेय के िलए बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� क� अिभर1ा म� रखा जाएगा। (घ) रिज;टर म� क� गई �िविRयां कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस उ`Hेय से बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� �ारा अिध�मािणत ह�गी।
15151515.... 'कसी सबंंिधत प; के साथ सिंवदा अथवा �व.था 'कसी सबंंिधत प; के साथ सिंवदा अथवा �व.था 'कसी सबंंिधत प; के साथ सिंवदा अथवा �व.था 'कसी सबंंिधत प; के साथ सिंवदा अथवा �व.था –––– कंपनी िन,िलिखत शतf के अधीन !कसी संबंिधत प1 के साथ कोई संिवदा अथवा Gव;था कर सकेगीः-
(1) बोड* क� िजस बैठक म� यह संकYप रखे जाने का �;ताव ह ैउसक� काय*सचूी म� िन,िलिखत �कट !कया जाएगा- (क) संबंिधत प1 का नाम और सबंंध क� �कृित;
(ख) संिवदा क� �कृित, अविध और संिवदा अथवा Gव;था के >यौरे;
(ग) संिवदा अथवा Gव;था के मYूय, य!द कोई हो, सिहत वा;तिवक शतo;
(घ) संिवदा अथवा Gव;था के िलए अदा क� गई अथवा �ा2 कोई अि^म, य!द कोई हो;
(ङ) मूYय िनधा*रण तथा अ�य वािणिpयक शतo िनधा*�रत करने के तरीके, दोन� सिंवदा के भाग के �प म� शािमल Bकतु, संिवदा के भाग के �प म� िवचार नह@ !कए गए;
(च) Uया संिवदा से संबंिधत सभी कारक� पर िवचार !कया गया है, य!द नह@, तो इन कारक� पर िवचार नह@ करने के औिचMय के साथ िवचार नह@ !कए गए कारक� के >यौरे; और (छ) �;तािवत सौद ेपर िनण*य लनेे के िलए बोड* के िलए संगत अथवा महMवपूण* कोई अ�य सूचना।
(2) जहां कोई िनदशेक !कसी सबंंिधत प1 के साथ !कसी संिवदा अथवा Gव;था म� iिच रखता ह,ै वहां ऐसी संिवदा अथवा Gव;था से संबंिधत संकYप क� िवषय-व;तु पर चचा* के दौरान बठैक म� ऐसा िनदशेक उपि;थत नह@ होगा ।
(3) धारा 188 क� उपधारा (1) के �थम परंतुक के �योजन के िलए, !कसी िवशेष सकंYप �ारा कंपनी के पूव* अनुमोदन को छोM+कर -
(i) दस करोM+ iपए या उससे अिधक क� �द� शेयर पंूजी क� कोई कंपनी !कसी संबंिधत प1 के साथ कोई संिवदा अथवा Gव;था नह@ करेगी; अथवा
(ii) कोई कंपनी कोई सौदा या सौद ेनह@ करेगी जहां !कए जाने वाला सौदा या !कए जाने वाले सौद े– (क) िन,िलिखत मानक� सिहत धारा 188 क� उपधारा (1) के खंड (क) से (ङ) के संबंध म� संिवदाQ अथवा Gव;थाQ के �प म� सौद ेह�- 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(i) सीधे अथवा अिभकता*Q क� िनयुि� के माIयम से धारा 188 क� उपधारा (1) के 'मशः खंड (क) और खंड (ङ) म� यथाउिYलिखत वाeषक टन*ओवर के पrीस �ितशत से अिधक माल अथवा साम^ी क� िब'�, खरीद अथवा आपूeत;
(ii) सीधे अथवा अिभकता*Q क� िनयुि� के माIयम स ेधारा 188 क� उपधारा (1) के 'मशः खंड (ख) और खंड (ङ) म� यथाउिYलिखत िनवल मूYय के दस �ितशत से अिधक संपि� क� िब'� अथवा अ�यथा िनपटान अथवा खरीद;
(iii) धारा 188 क� उपधारा (1) के 'मशः खंड (ग) म� यथाउिYलिखत िनवल मूYय के दस �ितशत से अिधक अथवा टन*ओवर के दस �ितशत से अिधक के !कसी �कार क� संपि� का पsा;
(iv) सीधे अथवा अिभकता*Q क� िनयुि� के माIयम से धारा 188 क� उपधारा (1) के 'मशः खंड (घ) और खंड (ङ) म� यथाउिYलिखत िनवल मूYय क� दस �ितशत स ेअिधक मूYय के !कसी सवेा का उपयोग अथवा सेवा �दान करना;
(ख) धारा 188 क� उपधारा (1) के खंड (च) म� यथाउिYलिखत कंपनी अथवा इसक� अनुषंगी कंपनी अथवा सहयोगी कंपनी म� दो लाख पचास हजार से अिधक के मािसक पा�रFिमक पर !कसी काया*लय अथवा लाभ के पद पर िनयुि�; अथवा (ग) धारा 188 क� उपधारा (1) के खंड (छ) म� यथाउिYलिखत िनवल मूYय के एक �ितशत स ेअिधक पर कंपनी क� !क�ह@ �ितभूितय� अथवा उसके GुMपि�य� के अंशदान क� हामीदारी के िलए पा�रFिमक। �प�ीकरण – (1) उपयु*� उप-िनयम� म� संदeभत टन*ओवर अथवा िनवल मूYय िपछले िव� वष* के लेखापरीि1त िव�ीय िववरण के आधार पर होगा।
(2) पूण* ;वािमMव वाली अनुषंगी कंपनी के मामले म� िनयंlी कंपनी �ारा पा�रत िवशेष सकंYप पूण* ;वािमMव वाली अनुंषगी और िनयंlी कंपनी के मIय समझौत� के उ`Hेय के िलए पया*2 होगा।
(3) धारा 101 के अनसुरण म� आयोिजत आम बैठक क� सचूना के साथ संलu !कए जाने वाले ;पRीकरण िववरण म� िन,िलिखत >यौरे सिEमिलत ह�ग:े- (क) संबंिधत प1 का नाम;
(ख) संबंिधत िनदशेक अथवा �मुख �बंधक�य काeमक का नाम, य!द कोई हो;
(ग) संबंध क� �कृित;
(घ) संिवदा अथवा Gव;था क� �कृित, भौितक शतo, मौ!�क मYूय और >यौरे;
(ङ) �;तािवत संकYप पर िनण*य लेने के िलए सद;य� के िलए संगत अथवा महMवपूण* कोई अ�य सूचना।
16161616.... सिंवदा< अथवा �व.था<सिंवदा< अथवा �व.था<सिंवदा< अथवा �व.था<सिंवदा< अथवा �व.था<, , , , िजनम# िनदशेक1 का िहत होिजनम# िनदशेक1 का िहत होिजनम# िनदशेक1 का िहत होिजनम# िनदशेक1 का िहत हो, , , , का रिज.टर का रिज.टर का रिज.टर का रिज.टर –––– (1) �Mयेक कंपनी ��प एमबीपी 4 म� एक या अिधक रिज;टर रखेगी और उसम� िन,िलिखत >यौर� क� �िविRयां कर�गी – (क) कंपनी अथवा कंपिनयां अथवा कारपोरेट िनकाय, फम* अथवा Gि�य� के अ�य संघ िजसम�, धारा 184 क� उपधारा (1) के अधीन यथाउिYलिखत, !कसी िनदशेक का कोई िहत होः परंतु उस कंपनी अथवा कंपिनय� अथवा कारपोरेट िनकाय� के >यौरे क� �िविR रिज;टर म� अपेि1त नह@ होगी िजसम� कोई िनदशेक !कसी अ�य िनदशेक के साथ �द� शेयर पंूजी के दो �ितशत या उससे कम शेयर रखता ह;ै (ख) धारा 184 क� उपधारा (2) के अधीन यथाउिYलिखत कारपोरेट िनकाय अथवा फम* अथवा अ�य िनकाय िजसम� !कसी िनदशेक का �Mय1 अथवा अ�Mय1 संबंध अथवा िहत है, के साथ संिवदाए ंअथवा Gव;थाए;ं और (ग) िजन संGवहार� पर धारा 188 लागू होती ह ै उसके संबंध म� संबंिधत प1 के साथ संिवदाए ं अथवा ठहराव । ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9
(2) रिज;टर म� �िविRयां एक बार ही कालान'ुम म� क� जाएगंी, जब भी ऐसी �िविR करने का कारण हो, और कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस �योजन से बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� �ारा �मािणत ह�गी।
(3) यह रिज;टर कंपनी के रिज;<ीकृत काया*लय म� रखा जाएगा और यह रिज;टर ;थायी �प से सुरि1त रखा जाएगा तथा कंपनी के कंपनी सिचव अथवा इस उ`Hेय से बोड* �ारा �ािधकृत !कसी अ�य Gि� क� अिभर1ा म� रखा जाएगा।
(4) कंपनी रिज;टर के अंश कंपनी के अनुZछेद� म� यथा िविहत फ�स, जो �ित पृP दस �पए से अिधक ugha होगा, के संदाय पर कंपनी के !कसी सद;य को उसके अनुरोध पर ऐसे अनरुोध क� तारीख से सात !दन� के भीतर उपल>ध कराएगी ।
17171717.... उप>मउप>मउप>मउप>म, , , , सपंि? अथवा शयेर1 के ह.तातंरण के सबंंध म# काया लय क ;ित हेतु िनदशेक को सदंायसपंि? अथवा शयेर1 के ह.तातंरण के सबंंध म# काया लय क ;ित हेतु िनदशेक को सदंायसपंि? अथवा शयेर1 के ह.तातंरण के सबंंध म# काया लय क ;ित हेतु िनदशेक को सदंायसपंि? अथवा शयेर1 के ह.तातंरण के सबंंध म# काया लय क ;ित हेतु िनदशेक को सदंाय, , , , आ'द आ'द आ'द आ'द ––––
(1) कंपनी का कोई िनदशेक उपधारा (1) म� उिYलिखत !कसी घटना के संबंध म� 1ितपूeत �ारा कोई संदाय �ा2 नह@ करेगा, जब तक !क कंपनी के सद;य� के सम1 िन,िलिखत �कटीकरण नह@ करता ह ैऔर वे ऐसे रकम का संदाय करत े�ए साधारण बठैक म� एक संकYप पा�रत करते हA :— (क) िनदशेक का नाम;
(ख) संदाय हते ु�;तािवत रकम;
(ग) वह कारण िजसके िलए 1ितपूeत दये �ई;
(घ) ऐसे संदाय क� अनुशंसा करन ेवाली बोड* क� बैठक क� तारीख;
(ङ) अवधा�रत रकम का आधार;
(च) संदाय का कारण अथवा औिचMय;
(छ) संदाय का तरीका - Uया नकद !दया जाएगा अथवा !कसी अ�य तरीके स ेऔर कैसे;
(ज) संदाय के vोत; और (झ) कोई अ�य संगत >यौरे जो बोड* के िवचार म� उपयु� ह�।
(2) कंपनी के !कसी �बंध िनदशेक अथवा पूण*कािलक िनदशेक अथवा �बंधक को काया*लय क� 1ित अथवा सेवािनवृि� के संबंध म� सेवािनवृ� पर िवचार करते �ए अथवा ऐसी 1ित अथवा सेवािनवृि� के िलए 1ितपूeत के �प म� कंपनी �ारा !कया गया कोई संदाय धारा 202 के अधीन िनधा*�रत सीमा से अिधक नह@ होगा।
(3) कंपनी के !कसी �बंध िनदशेक अथवा पूण*कािलक िनदशेक अथवा �बंधक को काया*लय क� 1ित अथवा काया*लय से सेवािनवृि� पर िवचार करते �ए (ऐसे िनदशेक अथवा �बंधक क� िनयुि� क� शत* के अनुसार सूचना संदाय अथवा सांिविधक संदाय, जैसा भी लागू हो, को छोड़कर) अथवा ऐसी 1ित अथवा सेवािनवृि� के संबंध म� कोई संदाय नह@ !कया जाएगा, य!द— (क) कंपनी �ारा साव*जिनक जमा का पुनः संदाय अथवा उस पर >याज के संदाय म� चूक क� गई हो;
(ख) कंपनी �ारा ऋणपl� क� ऋिणमुि� अथवा उस पर >याज के संदाय म� चकू क� गई हो;
(ग) कंपनी �ारा !कसी बAक, साव*जिनक िव�ीय सं;थान अथवा !कसी अ�य िव�ीय सं;थान को दये !क�ह@ दयेताQ, �ितभूत अथवा अ�ितभूत, के पुनः संदाय म� चकू क� गई हो;
(घ) कंपनी �ारा क� �ीय सरकार अथवा !कसी राpय सरकार, सांिविधक �ािधकारी अथवा ;थानीय �ािधकारी को दये आयकर, वैट, उMपाद फ�स, सेवाकर अथवा !कसी अ�य कर अथवा !कसी भी नाम से Xात फ�स, के !कसी बकाये के संदाय म� चूक क� गई हो (उन मामल� को छोड़कर जहां कंपनी ने ऐसे बकाय� क� संदाय क� दयेता का िवरोध !कया हो);
(ङ) कंपनी के कम*चा�रय� और मजदरू� को दये सांिविधक बकाया ह� जो कंपनी �ारा संद� नह@ !कए गए ह� (उन मामल� को छोड़कर जहां कंपनी ने ऐसे बकाय� के सदंाय क� दयेता का िवरोध !कया हो); और 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (च) कंपनी न ेअिधमान शेयर� पर लाभांश नह@ !दया गया ह ैअथवा शोIय तारीख को अिधमान शेयर� का मोचन न !कया हो । उपाबंध उपाबंध उपाबंध उपाबंध कंपनी अिधिनयमकंपनी अिधिनयमकंपनी अिधिनयमकंपनी अिधिनयम , , , ,2013201320132013 के अ�याय के अ�याय के अ�याय के अ�याय 12121212 के िलए 2Aप िनयम आईआरओ 2Aपके िलए 2Aप िनयम आईआरओ 2Aपके िलए 2Aप िनयम आईआरओ 2Aपके िलए 2Aप िनयम आईआरओ 2Aप ��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी----1111 िनदशेक� �ारा िहत का नो�टसिनदशेक� �ारा िहत का नो�टसिनदशेक� �ारा िहत का नो�टसिनदशेक� �ारा िहत का नो�टस [धारा 184)1 ( और िनयम 9)1 ( के अनुसरण म�] सेवा म�, िनदशेक मंडल .............िलिमटेड ि�य महोदय, म� , ............. पु� /पु�ी/प�ी/पित.............िनवासी............................................कंपनी के िनदशेक के तौर पर एतद�ारा िन�िलिखत कंपनी या कंपिनय" ,िनगिमत िनकाय" ,फम% या &ि'य" के समूह" म� अपनी िहत या सरोकार का नो)टस दतेा +ं ::::
Ø- la- daifu;ksa@fuxfer fudk;@iQeks±@O;fDr;ksa ds lewgksa ds uke िहत या सरोकार क, �कृित /िहत या सरोकार म� प)रवत.न शेयरधा)रता िजस तारीख को िहत या सरोकार उ1प2 /प)रव3तत 4आ ह6ता7रः 6थानः तारीखः izca/funs'kd@funs'kd@lfpo@iw.kZdkfyd funs'kd ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11 ��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी - - - -2222 कंपनीकंपनीकंपनीकंपनी �ारा�ारा�ारा�ारा जटुाएजटुाएजटुाएजटुाए गएगएगएगए ऋणऋणऋणऋण, , , , ��याभिूत��याभिूत��याभिूत��याभिूत, , , , �ितभिूत�ितभिूत�ितभिूत�ितभिूत तथातथातथातथा अिध�हणअिध�हणअिध�हणअिध�हण काकाकाका रिज"टररिज"टररिज"टररिज"टर [धारा 186)9 ( तथा िनयम 12)1 ( के अनुसरण म�] laO;gkj dh izÑfr (D;k Í.k@ izR;kHkwfr@izfrHkwfr@vf/xzg.k gS) ऋण /अिध:हण लेने / �1याभूित दनेे/�ितभूित �दान करने क, तारीख &ि' या िनगिमत िनकाय का नाम और पता ,िजसक" यह =दया गया या िजसक, �ितभूितयां अिध:िहत क, गई ऋण /�ितभूित/अिध:हण /�1याभूित क, रािश िजस समय- विध के fy, यह =दया गया
(1) (2) (3) (4) (5) Í.k@ vf/xzg.k@ izR;kHkwfr@ izfrHkwfr@ dk mís';
Í.k vf/xzg.k dk % iznÙk iwath eqDr fjtoZ rFkk izfrHkwfr izhfe;e ys[kksa ij nh xbZ izR;kHkwfr@izfrHkwfr dk@izn'kZu rFkk eqDr fjtoZ % rFkk izfrHkwfr izhfe;e बोड. संक@प पा)रत करने क, तारीख िवशेष संक@प पा)रत करने क, तारीख य=द अपेि7त हो ऋण के िलए Bयाज क, दर प)रप-Cता क, तारीख
(6) (7) (8) (9) (10) (11) अिध:हण के िलए �ितभूितय" क, संDया और �कार सांकेितक मू@य और �दF पूंजी vf/xzg.k dh ykxr (izfr& Hkwfr;ksa ds) ekeys esa [kjhn ewY; dh x.kuk dSls dh xbZ िनवेश िबG, क, तारीख िवGय मू@य )मू@य क, गणना कैसे क, गई ( gLrk{kj vkSj fVIi& f.k;ka
(12) (13) (14) (15) (16) (17) ह6ता7रः izca/funs'kd@funs'kd@lfpo@iw.kZdkfyd funs'kd 6थानः तारीखः 12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी - - - -3333 कंपनी कंपनी कंपनी कंपनी �ारा अपन ेनाम पर न #कए गए िनवशे� का रिज"टर�ारा अपन ेनाम पर न #कए गए िनवशे� का रिज"टर�ारा अपन ेनाम पर न #कए गए िनवशे� का रिज"टर�ारा अपन ेनाम पर न #कए गए िनवशे� का रिज"टर [धारा 187)3 ( और िनयम 14)1 ( के अनुसरण म�] (1) (2) (3) (4) (5) (6) कंपनी या िनगिमत िनकाय का ना ,िजसम� िनवेश =कया गया �ितभूितय" का वग. �ितभूितय" क, संDया xzkgd dh vkbZMh@Mhih la- �ितभूितय" का अं=कत मू@य �ितभूितय" का dk �दF मू@य(7) (8) (9) (10) (11) (12) अिध:हण क, लागत िनपटान क, तारीख िनपटाई गई �ितभूितय" क, संDया िवGय �ितफल शेष संतुिलत �ितभूितया ं,य=द कोई हो )टIपिणयां य=द कोई कोइ हो (13) (14) (15) (16) (17) (18) ह6ता7रः izca/funs'kd@funs'kd@lfpo@iw.kZdkfyd funs'kd 6थानः तारीखः ��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी��प एमबीपी - - - -4444 सबंिंधत प' के सिंवदा रिज"टर तथा सिंवदा और िनकाय आ#द िजसम+ िनदशेक� का िहत हैसबंिंधत प' के सिंवदा रिज"टर तथा सिंवदा और िनकाय आ#द िजसम+ िनदशेक� का िहत हैसबंिंधत प' के सिंवदा रिज"टर तथा सिंवदा और िनकाय आ#द िजसम+ िनदशेक� का िहत हैसबंिंधत प' के सिंवदा रिज"टर तथा सिंवदा और िनकाय आ#द िजसम+ िनदशेक� का िहत है [[[[धारा 189)1 ( और िनयम 16)1 ( के अनुसरण म�]]]] ((((कककक) ) ) ) धाराधाराधाराधारा 188 188 188 188 केकेकेके तहततहततहततहत संब-संब-संब-संब- प'प'प'प' केकेकेके सिंवदासिंवदासिंवदासिंवदा यायायाया करारकरारकरारकरार यायायाया धाराधाराधाराधारा 184 184 184 184 क.क.क.क. उपधाराउपधाराउपधाराउपधारा (2)(2)(2)(2) केकेकेके अधीनअधीनअधीनअधीन िजसम+िजसम+िजसम+िजसम+ #कसी#कसी#कसी#कसी िनदशेकिनदशेकिनदशेकिनदशेक काकाकाका सरोकारसरोकारसरोकारसरोकार यायायाया िहतिहतिहतिहत हैहहैैहै ।।।। संिवदा /ठहराव क, तारीख कंपनी का नाम िजसके साथ संिवदा क, गई संबK िनदशेक का नाम िनदशेक /कंपनी के साथ संबंध सरोकार या िहत क, �कृित मूल शतL और िनयम Mया सं&वहार कम अविध के िलए =कया गया ह।ै (1) (2) (3) (4) (5) (6) बोड. क, बैठक म� अनुमोदन �ाP करने क, तारीख उ' संक@प पर मतदान के Bयौरे अगली बैठक क, तारीख िजसम� रिज6टर को ह6ता7र हतेु रखा गया बैठक म� उपि6थत िनदशेक" क, संDया प7 म� मतदान करने वाले िनदशेक िवप7 म� मतदान करने वाले िनदशेक तट6थ रहने वाले िनदशेक (7) (8) (9) (10) (11) (12) ह6ता7र fVIif.k;ka ;fn dksbZ gks (13) (14) ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13 ((((गगगग)))) धाराधाराधाराधारा 184 184 184 184 क.क.क.क. उपधाराउपधाराउपधाराउपधारा (1) (1) (1) (1) म+म+म+म+ उि0लिखतउि0लिखतउि0लिखतउि0लिखत िनगिमतिनगिमतिनगिमतिनगिमत िनकाय�िनकाय�िनकाय�िनकाय�, , , , फम4फम4फम4फम4 यायायाया अ5यअ5यअ5यअ5य संगम�संगम�संगम�संगम� काकाकाका नामनामनामनाम, , , , िजसम+िजसम+िजसम+िजसम+ िनदशेकिनदशेकिनदशेकिनदशेक काकाकाका कोईकोईकोईकोई सरोकारसरोकारसरोकारसरोकार यायायाया िहतिहतिहतिहत हैहहैैहै कंपनी /िनगिमत िनकाय/&ि'य" के समूह" के नाम संबK िनदशेक का नाम fgr ;k ljksdkj dh izÑfr fgr ;k ljksdkj esa ifjorZu 'ks;j /kfjrk@fgLlsnkjh (;fn dksbZ gks) ftl rkjh[k dks fgr ;k ljksdkj mRiUu@ifjorZu gqvk ह6ता7रः 6थानः izca/funs'kd@funs'kd@lfpo@iw.kZdkfyd funs'kd तारीखः [फा. स.ं 1/32/2013-सीएल.V] रेणुका कुमार, संयु� सिचव MINISTRY OF CORPORATE AFFAIRS NOTIFICATION New Delhi, the 31st March, 2014 G.S.R. 240 (E).—In exercise of powers conferred under sections 173, 175, 177, 178, 179, 184, 185, 186, 187, 188, 189 and section 191 read with section 469 of the Companies Act, 2013 and in supersession of the Companies (Central Government’s) General Rules and Forms, 1956 or any other Rules prescribed under the Companies Act, 1956 on matters covered under these rules, except as respects things done or omitted to be done before such suppression, the Central Government hereby makes the following rules, namely:—
1. (1) Short title and commencement.- (1) These rules may be called the Companies (Meetings of Board and its Powers) Rules, 2014.
(2) They shall come into force on the 1 st day of April, 2014.