4279 GI/2021 (1) रजजस्ट्री स.ं डी.एल.- 33004/99 REGD. No. D. L.-33004/99 xxxGIDHxxx xxxGIDExxx ऄसाधारण EXTRAORDINARY भाग II—खण् ड 3—ईप-खण् ड (i)
PART II—Section 3—Sub-section (i) प्राजधकार स ेप्रकाजित PUBLISHED BY AUTHORITY सड़क पररवहन और राजमागग मतं्रालय ऄजधसचूना नइ ददल्ली, 2 ऄगस्ट् त, 2021 सा.का.जन. 528(ऄ).—कें द्रीय मोटर यान जनयम, 1989, जनम् नजलजखत प्राूपप जनयम, जजसे कें द्रीय सरकार, मोटर यान ऄजधजनयम, 1988 (1988 का 59) की धारा 147(2), 149, 159, 160, 161, 161 (2), 164क, 164ख और 164ग (ट) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करते हुए और संिोधन करने का प्रस्ट्ताव करती ह।ै आसको ईक् त ऄजधजनयम की धारा 212 की ईप-धारा (1) द्वारा यथापेजित ईनके द्वारा प्रभाजवत होने की संभावना वाले सभी यक्जियों की जानकारी के जलए प्रकाजित दकया जाता ह ैऔर एतदद्वारा नोरटस ददया जाता ह ै दक प्राूपप जनयमों को ईस तारीख से तीस ददन की ऄवजध समाप्त होने के बाद जवचाराथग स्ट्वीकार कर जलया जाएगा जजसको सरकारी राजपत्र में यथा प्रकाजित आस ऄजधसूचना की प्रजतयां जनता के जलए ईपलब्ध करायी जाती हैं। अपज तयां एवं साझाव, यदद कोइ हो, को संयाि सजचव (एमवीएल), सड़क पररवहन और राजमागग मंत्रालय, पररवहन भवन, संसद मागग, नइ ददल्ली-110001 को इमले: comments-morth@gov.in पर भेजा जा सकता ह।ै ईपरोि ऄवजध समाप्त होने से पहले ईक् त प्राूपप जनयमों के संबंध में दकसी भी यक्जि से प्राप्त होने वाली अपजत्तयों या साझावों पर कें द्र सरकार द्वारा जवचार दकया जाएगा; प्राूपप जनयम
1. संजिप् त नाम एवं प्रारंभ - (1) आन जनयमों को केन्द्द्रीय मोटर यान (........ संिोधन) जनयम, 2021 कहा जाएगा।
2. आन जनयमों में यथा जनजहत के ऄलावा, ये जनयम राजपत्र में ईनके ऄंजतम प्रकािन की तारीख से से प्रवृ त होंगे।
3. कें द्रीय मोटर यान जनयम, 1989 में (आसके बाद ईि जनयमों के ूपप में संदर्भभत) - स.ं 429] नइ ददल्ली, मगंलवार, ऄगस्ट् त 3, 2021/श्रावण 12, 1943 No. 429] NEW DELHI, TUESDAY, AUGUST 3, 2021/SRAVANA 12, 1943 सी.जी.-डी.एल.-अ.-04082021-228725 CG-DL-E-04082021-228725 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] i. जनयम 140 के बाद, जनम्नजलजखत धाराए ंऄंतःस्ट्थाजपत की जाएगंी, नामत: - "140 क. दावा ऄजधकरण के जनणगय दने ेका तरीका
1. जब तक दावा ऄजधकरण द्वारा जनर्ददष्ट नहीं दकया जाता है, दावा ऄजधकरण द्वारा प्रदान की गइ माअवजे की राजि को जारी करन ेका तरीका ईप-जनयम (2) से (6) के ऄनासार होगा।
2. यदद िाद्ध माअवजा दो लाख रुपय ेसे कम या ईसके बराबर है, तो दावेदार को एक ही दकश्त में िाद्ध माअवजा जारी दकया जाएगा।
3. मोटर वाहन के ईपयोग से होने वाली दकसी भी दाघगटना के कारण दकसी यक्जि की मृया होने के मामल ेमें, दो लाख रुपय े या िाद्ध माअवजे का एक जतहाइ, जो भी ऄजधक हो, को जनणगय की तारीख से तीस ददनों के भीतर दावेदार को जारी दकया जाए।
4. मोटर वाहन के प्रयोग से होने वाली दकसी भी दाघगटना के कारण गंभीर ूपप से घायल होने की जस्ट्थजत में, दो लाख रुपय े या िाद्ध माअवजे का एक जतहाइ, जो भी ऄजधक हो, जनणगय की तारीख से तीस ददनों के भीतर दावेदार को जारी दकया जाएगा।
5. मोटर वाहनों के ईपयोग से मृया या गंभीर चोट से संबंजधत दाघगटनाओं के ऄलावा, लोगों को िारीररक चोट पहुचंन ेसे संबंजधत दाघगटनाओं या दकसी तीसरे पि की दकसी भी संपजत्त को नाकसान पहुचंने के मामले में माअवजों के दावों के सभी ऄन्द्य जनणगयों में दो लाख रुपये या िाद्ध माअवजे का एक जतहाइ, जो भी ऄजधक हो, जनणगय की तारीख से तीस ददनों के भीतर दावेदार को जारी दकया जाएगा।
6. ईप-जनयम (2), (3), (4) या (5) के तहत भागतान के बाद माअवजे की िेष राजि, यदद कोइ हो, तो ईसे बीमा जनयामक और जवकास प्राजधकरण की जसफाररिों के अधार पर कें द्र सरकार द्वारा ऄजधसूजचत तरीके से वार्भषकी तौर पर जारी दकया जाए। स्ट्पष्टीकरण- आस जनयम के प्रयोजनों के जलए, 'िाद्ध माअवजे' का ऄथग ह ैधारा 168 के तहत ऄजधकरण द्वारा ददए गए जनणगय में जनर्ददिग काल माअवजा, जजसमें से मोटर वाहन दाघगटना कोष में ऄजधकरण के जनणगय ऄनासार ऄजधकृत बीमाकताग या माजलक द्वारा प्रजतपूर्भत की गइ राजि, यदद कोइ हो को घटाया गया हो। प्रजतपूर्भत धारा 162 के तहत बनाइ गइ योजना के ऄनासार होगी।” ii. जनयम 147 में, "ररकॉडग रखें" िब्दों के बाद, "या तो आलेक्रॉजनक ूपप से ऄथवा ऄन्द्यथा" िब्द ऄंत: स्ट्थाजपत दकया जाए। iii. जनयम 150 में, - क. ईप जनयम (1) में, "धारा 158 की ईप-धारा (6)" िब्दों और ऄंकों के स्ट्थान पर "धारा 159" िब्द ऄतं: स्ट्थाजपत दकया जाए। ख. ईप जनयम (1) में, "फॉमग 54 में होगा" िब्दों के बाद, जनम्नजलजखत िब्द सजिजवष्ट दकए जाए,ं ऄथागत:् "दावा ऄजधकरण, बीमाकताग और कें द्र सरकार द्वारा ऄजधसूजचत ऐसी ऄन्द्य एजेंसी को दाघगटना की सूचना ररपोटग प्रस्ट्तात की जाए।" ग. ईप जनयम (2) में, "धारा 160 के तहत माअवजे का दावा करने के जलए पात्र यक्जि" िब्दों के बाद " या बीमाकताग जजसके जखलाफ दावा दकया गया ह ैऔर ऐसा ऄन्द्य यक्जि जजसे कें द्र सरकार द्वारा ऄजधसूजचत दकया जा सकता ह"ै िब्द सजिजवष्ट दकया जाए। iv. जनयम 150 के बाद, जनम्नजलजखत जनयम ऄंतःस्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत:्- "150क. सड़क दाघगटना की जाचं की प्रदिया। - मोटर वाहनों के ईपयोग से होन ेवाली सभी दाघगटनाओं की जांच के जलए ऄपनाइ जान ेवाली प्रदिया ऄनाबंध-XIII के ऄनासार होगी। v. फॉमग 51 में - (क) ि.सं. 6 के बाद, जनम्नजलजखत िमांक ऄंत:स्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत:् - "6क. वाहन माजलक का मान्द्य मोबाआल नंबर ………………………”; [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 3 (ख) ि.सं. 11के बाद, जनम्नजलजखत ि.सं. 12 ऄंत:स्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत:् -
12. सभी वाहन जैसा दक मोटर यान ऄजधजनयम, 1988 की धारा 150 (2) (ii) और (iii) ; (ख) और (ग) में िाजमल नहीं दकया गया ह ैपॉजलसी में मृया, िारीररक चोट या िजत के जलए देयता िाजमल नहीं होगी। vi. ईि जनयमों में, फॉमग 54 में, क. िमांक 2 में, "सीअर. संख्या", के पहल ेजनम्नजलजखत िब्द ऄंतःस्ट्थाजपत दकए जाएगंे, यथा "एफअइअर सं./", ख. िं. सं. 2 के बाद, जनम्नजलजखत खंड ऄंतःस्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत्: - "2क. धाराएं लाग ू होंगी: अइपीसी ………………………… .. ; एमवी ऄजधजनयम: ………………………………………………” ग. िं. सं. 12 में, "ूपट परजमट जववरण" िब्दों के बाद, जनम्नजलजखत िब्द ऄंतःस्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत्: "या, ईपयोग जववरण का लाआसेंस" vii. ईि जनयमों में, ऄनालग्नक XII के बाद, जनम्नजलजखत ऄनाबंध ऄतंःस्ट्थाजपत दकया जाएगा, ऄथागत:् - "ऄनालग्नक XIII मोटर वाहनों की दाघगटनाओं की जाचं की प्रदिया
1. पाजलस द्वारा सड़क दाघगटना के मामलों की जांच सड़क दाघगटना की सूचना जमलते ही, पाजलस का जांच ऄजधकारी दाघगटना स्ट्थल का जनरीिण करेंगे, दाघगटना के दशृ्य और दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) की तस्ट्वीरें लेंग ेऔर स्ट्केल को ध्यान में रखते हुए एक साआट योजना तैयार करेंग,े जजसमें सड़क (सड़कों) या स्ट्थान (स्ट्थानों), अदद ,जैसा भी मामला हो, का लेअईट और चौड़ाइ आंजगत हो, वाहन की जस्ट्थजत और िाजमल यक्जि (यक्जियों) की जस्ट्थजत और ऐसे ऄन्द्य प्रासंजगक तथ्यों की जानकारी िाजमल हो। घायल होने के मामलों में, जांच ऄजधकारी ऄस्ट्पताल में घायलों की तस्ट्वीरें भी लेगा। जांच ऄजधकारी चश्मदीदों/घटनास्ट्थल पर मौजूद यक्जियों की पहचान करके मौके पर ईनकी जांच करेगा।
2. दावा ऄजधकरण और बीमा कंपनी को 48 घंटे के भीतर दाघगटना की सूचना देना जांच ऄजधकारी दाघगटना के 48 घंटे के भीतर फॉमग I में दाघगटना की पहली ररपोटग (एफएअर) जमा करके दावा ऄजधकरण को दाघगटना की सूचना देगा। यदद बीमा पॉजलसी के जववरण ईपलब्ध हों तो दोषी के वाहन के संबंजधत बीमा कंपनी के नोडल ऄजधकारी को फॉमग I में दाघगटना की सूचना भी दी जाए। फॉमग I की एक प्रजत पीजड़त (पीजड़तों), राज्य काननूी सेवा प्राजधकरण, बीमाकताग को भी प्रदान की जाएगी और राज्य पाजलस की वेबसाआट पर भी ऄपलोड की जाएगी, यदद ईपलब्ध हो तो।
3. जांच ऄजधकारी द्वारा सड़क दाघगटना के पीजड़तों के ऄजधकार और आस योजना का फ्लो चाटग पीजड़तों को ददया जाना। जांच ऄजधकारी दाघगटना के दस (10) ददनों के भीतर, पीजड़त (ओं) या ईनके कानूनी प्रजतजनजधयों को, फॉमग II में सड़क दाघगटनाओं के पीजड़तों के ऄजधकारों और आस योजना के फ्लो चाटग का जववरण प्रस्ट्तात करेगा। जांच ऄजधकारी जवस्ट्तृत दाघगटना ररपोटग (डीएअर) के साथ फॉमग II की एक प्रजत भी दायर करेगा।
4. वाहन माजलक द्वारा जांच ऄजधकारी को प्रस्ट्तात दकया जान ेवाला माजलक फॉमग जांच ऄजधकारी दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) के माजलकों को फॉमग III की एक खाली प्रजत प्रदान करेगा और वाहन माजलक दाघगटना के 30 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी को फॉमग III में प्रासंजगक जानकारी प्रस्ट्तात करेगा।
5. स्ट्वामी द्वारा प्रस्ट्तात दकया जाने वाला स्ट्वामी का फॉमग 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] जांच ऄजधकारी दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) के माजलक (ओं) को फॉमग IV की एक खाली प्रजत प्रदान करेगा और माजलक (ओं) को फॉमग IV में संबंजधत जानकारी जांच ऄजधकारी को दाघगटना के 30 ददनों के भीतर प्रस्ट्तात करना होगा।
6. जांच ऄजधकारी द्वारा दावा ऄजधकरण को प्रस्ट्तात की जाने वाली ऄंतररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) जांच ऄजधकारी दाघगटना के 50 ददनों के भीतर दावा ऄजधकरण को फॉमग-V में ऄंतररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) प्रस्ट्तात करेगा। अइएअर के साथ ईसमें ईजल्लजखत सभी दस्ट्तावेज भी िाजमल हों और दस्ट्तावेजों के साथ अइएअर की एक प्रजत दाघगटना में िाजमल वाहन (नों) की बीमा कंपनी, पीजड़त (ओं), राज्य कानूनी सेवा प्राजधकरण, बीमाकताग और जीअइसी को प्रस्ट्तात की जाए।
7. जांच ऄजधकारी और बीमा कंपनी द्वारा चालक के फॉमग और माजलक के फॉमग का सयापन जांच ऄजधकारी के साथ-साथ दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) की बीमा कंपनी फॉमग-III और फॉमग-IV में प्रदान की गइ जानकारी और दस्ट्तावेजों का सयापन करेगी, और वाहन पर ईपलब्ध जानकारी या पंजीकरण प्राजधकारी/ दस्ट्तावेजों को कजथत तौर पर जारी करने वाल ेयक्जि से जलजखत ूपप में पाजष्ट प्राप्त करके या अग ेकी जांच या सयापन करके, जो भी अवश्यक हो, के माध्यम से प्रस्ट्तात दस्ट्तावेजों की प्रामाजणकता को सयाजपत करेगा। जांच ऄजधकारी जवस्ट्तृत दाघगटना ररपोटग (डीएअर) के साथ दावा ऄजधकरण के समि फॉमग-X में सयापन ररपोटग दायर करेगा।
8. पीजड़त (पीजड़तों) द्वारा जांच कायागलय में जमा दकया जाने वाला पीजड़त का फॉमग जांच ऄजधकारी दाघगटना के पीजड़तों या ईनके काननूी प्रजतजनजधयों को फॉमग VI की एक खाली प्रजत प्रदान करेगा और वे फॉमग VI में दाघगटना के 60 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी को संबंजधत जानकारी प्रस्ट्तात करेंग ेऔर संबंजधत दस्ट्तावेजों को संलग्न करेंगे।
9. नाबाजलग बच्चों के संबंध में पीजड़त द्वारा प्रस्ट्तात दकया जान ेवाला पीजड़त का फॉमग दाघगटना के पीजड़त (पीजड़तों) के दकसी भी नाबाजलग बचे्च/बच्चों के मामल ेमें, जांच ऄजधकारी पीजड़त को खाली फॉमग-VIक प्रदान करेगा, जो दाघगटना के 60 ददनों के भीतर फॉमग में संबंजधत जानकारी भरकर/संबंजधत दस्ट्तावेज संलग्न करके ईसे जांच ऄजधकारी को जमा करेगा। आसके बाद, पीजड़त(पीजड़तों) से ईि फॉमग-VI और फॉमग-VIक प्राप्त होने के 30 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी डीएअर के साथ पीजड़त का फॉमग-VI और फॉमग-VIक की प्रजतजलजप बाल कल्याण सजमजत को भेजेगा। सजमजत यह पता लगाएगा दक दकिोर न्द्याय (देखभाल और बचे्च की सारिा) ऄजधजनयम, 2015 के प्रावधानों के ऄनासार बचे्च को देखभाल और संरिण की जूपरत ह ैऄथवा नहीं। जांच ऄजधकारी पीजड़त(ओं) से पूवोि फॉमग-VI और VIक प्राप्त करने के 30 ददनों के भीतर बचे्च/बच्चों को जििा सजहत ईनके कानूनी ईपचार/ऄजधकार प्राप्त करन ेमें सहायता करने के जलए एक वकील जनयाि करन ेके जलए राज्य जवजधक सेवा प्राजधकरण को डीएअर के साथ फॉमग-VI और VIक की प्रजतयां भेजेगा।
10. बीमा कंपनी द्वारा पीजड़त के फॉमग का सयापन जांच ऄजधकारी डीएअर के साथ दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) की बीमा कंपनी को दस्ट्तावेजों के साथ फॉमग VI और VIA की एक प्रजत प्रस्ट्तात करेगा, और बीमा कंपनी डीएअर प्राप्त होने की तारीख से 30 ददनों के भीतर पीजड़तों द्वारा दी गइ जानकारी और दस्ट्तावेजों का सयापन करेगी।
11. दाघगटना के 60 ददनों के भीतर पाजलस को अपराजधक मामले की जांच पूरी करनी होगी जांच ऄजधकारी दाघगटना के 60 ददनों के भीतर अपराजधक मामले की जांच पूरी करेगा और महानगर मजजस्ट्रेट के समि अपराजधक प्रदिया संजहता की धारा 173 के तहत ररपोटग दाजखल करेगा, और ईि ररपोटग की एक प्रजत दावा ऄजधकरण को पहले जमा दकए गए डीएअर के साथ प्रस्ट्तात करेगा।
12. दावा ऄजधकरण के समि जांच ऄजधकारी द्वारा प्रस्ट्तात दकया जाने वाला डीएअर जांच ऄजधकारी आस ऄनाबंध में अगे दी गइ जानकारी और दस्ट्तावेजों का सयापन पूरा करेगा और दाघगटना की तारीख से 90 ददनों के भीतर फॉमग VII में दावा ऄजधकरण को डीएअर जमा करेगा। डीएअर के साथ जनम्नजलजखत दस्ट्तावेज िाजमल होने चाजहए: क. फॉमग VIII के ऄनासार साआट प्लान ख. फॉमग IX के ऄनासार यांजत्रक जनरीिण ररपोटग ग. फॉमग X के ऄनासार सयापन ररपोटग [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 5 घ. सीअरपीसी की धारा 173 के तहत ररपोटग ;
13. डीएअर की प्रजत पीजड़त, दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) के माजलक/चालक, बीमा कंपनी और राज्य कानूनी सेवा प्राजधकरण को प्रस्ट्तात की जानी ह।ै जांच ऄजधकारी दाघगटना के पीजड़त, वाहन के माजलक/चालक को डीएअर की एक प्रजत प्रस्ट्तात करेगा। जांच ऄजधकारी सभी प्रासंजगक दस्ट्तावेजों के साथ डीएअर की एक प्रजत बीमा कंपनी, जीअइसी और राज्य काननूी सेवा प्राजधकरण के नोडल ऄजधकारी को भी प्रस्ट्तात करेगा।
14. जांच ऄजधकारी दावा ऄजधकरण से अवश्यक जनदेि प्राप्त कर सकता ह ै यदद चालक, माजलक, बीमा कंपनी और/या दावेदार आस ऄनाबंध के तहत अवश्यक दकसी भी प्रासंजगक जानकारी और/या दस्ट्तावेजों का खालासा करने में जवफल रहते हैं, तो जांच ऄजधकारी दावा ऄजधकरण से अवश्यक जनदेि प्राप्त कर सकता ह।ै आसके बाद दावा ऄजधकरण, जडफॉल्ट ूपप से पार्टटयों को आस ऄनाबंध के ऄनासार 15 ददनों के भीतर सीध ेदावा ऄजधकरण के पास संबंजधत दस्ट्तावेजों के साथ-साथ अवश्यक जानकारी जमा करन ेका जनदेि द ेसकता ह।ै
15. दस्ट्तावेजों के सयापन का पंजीकरण प्राजधकरण का कतगयक् जांच ऄजधकारी द्वारा अवेदन दकए जाने के 15 ददनों के भीतर पंजीकरण प्राजधकरण दाघगटना में िाजमल वाहन (वाहनों) के संबंध में पंजीकरण प्रमाण पत्र, ड्राआववग लाआसेंस, दफटनेस और परजमट का सयापन करेगा।
16. एमएलसी (मेजडको लीगल केस) और पोस्ट्टमाटगम ररपोटग जारी करन ेका ऄस्ट्पताल का कतगयक् संबंजधत ऄस्ट्पताल दाघगटना के 15 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी को एमएलसी और पोस्ट्टमाटगम ररपोटग प्रस्ट्तात करेगा।
17. अइएअर और डीएअर दायर करने का समय बढाना जजन मामलों में जांच ऄजधकारी ऄपन ेजनयंत्रण से बाहर के कारणों से 50 ददनों के भीतर अइएअर और/या 90 ददनों के भीतर डीएअर दाजखल करन ेमें ऄसमथग होगा, जैसे दक जहट एंड रन दाघगटनाओं के मामलों में; ऐसे मामले जहां पिकार न्द्यायालय के ऄजधकार िेत्र से बाहर रहते हैं; जहां ड्राआववग लाआसेंस न्द्यायालय के ऄजधकार िेत्र से बाहर जारी दकया गया हो, या जहां पीजड़त को गंभीर चोटें अइ हों और ईसका लगातार आलाज चल रहा हो, जांच ऄजधकारी अइएअर या डीएअर दाजखल करन े के जलए समय बढान े के जलए दावा ऄजधकरण से संपकग करेगा, जजस पर दावा ऄजधकरण प्रयेक मामले के तथ्यों और पररजस्ट्थजतयों के ऄनासार ईपयाि समय का जवस्ट्तार कर सकता ह।ै
18. दावा ऄजधकरण द्वारा एफएअर, अइएअर और डीएअर की जांच दावा ऄजधकरण यह जांच करेगा दक क्या एफएअर, अइएअर और डीएअर सभी तरह से पूणग हैं या नहीं। यदद डीएअर हर तरह से पणूग हो तो दावा ऄजधकरण चालक (कों), माजलक (कों), दावेदार (ओं) और चश्मदीद (दों) को प्रस्ट्तात करन ेके जलए एक जतजथ तय करेगा और जांच ऄजधकारी ईन्द्हें ईस जनयत तारीख को प्रस्ट्तात करेगा। जांच ऄजधकारी बीमा कंपनी के नोडल ऄजधकारी को दावा ऄजधकरण द्वारा जनधागररत जतजथ की सूचना देगा और बीमा कंपनी यथा जनधागररत जतजथ पर ऄपनी ईपजस्ट्थजत साजनजित करेगी। यदद एफएअर, अइएअर, और डीएअर पूणग नहीं हों तो दावा ऄजधकरण जांच ऄजधकारी को आसे पूरा करने का जनदेि देगा और ईसकी पणूगता के जलए एक जतजथ तय करेगा।
19. चालक (कों), माजलकों (कों), दावेदार (ओं) और चश्मदीद (दों) को दावा ऄजधकरण के समि प्रस्ट्तात करन ेका जांच ऄजधकारी का कतगयक् दावा ऄजधकरण द्वारा डीएअर के हर प्रकार से पणूग होने के अदेि ददए जाने के बाद जांच ऄजधकारी चालक (कों), माजलक (कों), दावेदार (ओं) और चश्मदीद गवाहों को दावा ऄजधकरण के समि प्रस्ट्तात करेगा। हालांदक, ऄगर जांच ऄजधकारी ऄपन े जनयंत्रण से बाहर के कारणों के कारण माजलक (कों), चालक (कों), दावेदार (ओं) और चश्मदीद गवाहों को दावा ऄजधकरण द्वारा तय तारीख को प्रस्ट्तात करने में ऄसमथग हो तों दावा ऄजधकरण ईन्द्हें जांच ऄजधकारी के माध्यम से 30 ददनों के भीतर दावा ऄजधकरण के समि पेि होन ेकी तारीख के जलए नोरटस जारी कर सकता ह।ै जांच ऄजधकारी संबंजधत बीमा कंपनी के नोडल ऄजधकारी को दावा ऄजधकरण के समि डीएअर दाजखल करन ेकी तारीख के बारे में ऄजिम सूचना देगा तादक बीमा कंपनी के जलए नाजमत वकील सानवाइ की पहली तारीख को दावा ऄजधकरण के समि ईपजस्ट्थत रह सके।
20. पाजलस के कतगयक्ों को राज्य पाजलस ऄजधजनयम का जहस्ट्सा माना जाएगा 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] उपर बताए गए पाजलस के कतगयक् को संबंजधत राज्य पाजलस ऄजधजनयम में िाजमल हुअ माना जाएगा और आसके दकसी भी ईल्लघंन का पररणाम ईस काननू में पररकजल्पत ऄनासार होगा।
21. दावा ऄजधकरण डीएअर को मोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 की धारा 166(4) के तहत माअवजे की दावा याजचका माना जाएगा
(1) दावा ऄजधकरण जांच ऄजधकारी द्वारा दायर डीएअर को मोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 की धारा 166(4) के तहत दावा याजचका माना जाएगा। हालांदक, जहां जांच ऄजधकारी सानवाइ की पहली तारीख को दावेदार (ओं) को पेि करने में ऄसमथग हो तो दावा ऄजधकरण दावेदार (ओं) की ईपजस्ट्थजत के बाद डीएअर को दावा याजचका के ूपप में पंजीकृत करेगा।
(2) जहां दावेदार (ओं) ने एक ऄलग दावा याजचका दायर की ह,ै वहां दावा याजचका के साथ डीएअर को टैग दकया जा सकता ह।ै
(3) यदद डीएअर के दाजखल करने के समय सीअरपीसी की धारा 173 के तहत ररपोटग दायर नहीं दकया गया हो तो, दावा ऄजधकरण या तो सीअरपीसी की धारा 173 के तहत की ररपोटग दाजखल करन ेतक प्रतीिा कर सकते हैं ऄथवा जनणगय पाररत करने से पहल ेलापरवाही से बचने के जलए खाद को संताष्ट करन ेहतेा चश्मदीदों का बयान जलया जाए।
(4) दावा ऄजधकरण एफएअर को एक जवजवध अवेदन के ूपप में पंजीकृत करेगा और अइएअर के साथ-साथ डीएअर को ईसी जवजवध अवेदन में ररकॉडग करेगा।
22. ऄयजधक तेज और लापरवाही से वाहन चलान ेके मामले यदद डीएअर और जविेष ूपप से, धारा 173 सीअरपीसी के तहत ररपोटग में ऄयजधक तेज और लापरवाही से वाहन चलान े का मामला सामने अता ह ैतो दावा ऄजधकरण को मोटर वाहन ऄजधजनयम की धारा 166 के तहत मामल ेको दजग करना ह।ै हालांदक, ऐसे मामलों में जहां डीएअर में लापरवाही का अरोप नहीं दजग होता ह ैया दावेदार लापरवाही का अरोप लगाए जबना नो-फॉल्ट के अधार पर माअवजे का दावा करना चानत ेहैं वहां दावा ऄजधकरण दावे को मोटर वाहन ऄजधजनयम के तहत नो-फॉल्ट देयता मामले के ूपप में पंजीकृत करेगा। ।
23. डीएअर की प्रजत प्राप्त होन ेके 10 ददनों के भीतर नाजमत ऄजधकारी जनयाि करने का बीमा कंपनी का कतगयक् दाघगटना की पहली सूचना (एफएअर) की प्रजत प्राप्त होन ेपर, बीमा कंपनी 10 ददनों के भीतर ईस मामल े के जलए एक नाजमत ऄजधकारी जनयाि करेगी। नाजमत ऄजधकारी ईस मामले के जनपटारे/प्रसंस्ट्करण और दावेदार (ओं) को कानून के ऄनासार देय माअवजे के संबंध में जलजखत ूपप में एक तकग संगत जनणगय पाररत करन ेके जलए जजम्मेदार होगा।
24. बीमा कंपजनयों का एक नोडल ऄजधकारी जनयाि करन ेऔर राज्य पाजलस को सूजचत करन ेका कतगयक्। सभी बीमा कंपजनयां एक नोडल ऄजधकारी जनयाि करेंगी और ऄपन ेनोडल ऄजधकारी का नाम, पता, फोन नंबर/मोबाआल नंबर और इ- मले पता राज्य पाजलस को सूजचत करेंगी और मोटर दाघगटना दावों की जांच से संबंजधत राज्य पाजलस के सभी जांच ऄजधकारी नोडल ऄजधकारी को इ-मेल द्वारा संबंजधत फॉमग और दस्ट्तावेज भेजेंगे।
25. दावे को सयाजपत करन ेका बीमा कंपजनयों का कतगयक् बीमा कंपजनयां प्रयेक दावे की सयता/वास्ट्तजवकता को सयाजपत करने के जलए बाध्य हैं। बीमा कंपजनयााँ दावे को सयाजपत करने के जलए ऄपने स्ट्वय ंके ऄजधकारी (ऄजधकाररयों) को जनदेजित करेंगी या एक ऄन्द्वेषक या सवेिक जनयाि करेंगी। यदद डीएअर में ददए गए जववरण गलत पाए जाते हैं, तो नाजमत ऄजधकारी सवेिक/ऄन्द्वेषक की ररपोटग की प्रजत संबंजधत डीसीपी को भेजेगा। यदद जांच करने पर बीमा कंपनी को फजी दाघगटना का मामला जमलता है, तो बीमा कंपनी संबंजधत डीसीपी के समि दोषी वाहन के चालक के कॉल जडटेल ररकॉडग (सीडीअर) की मांग करन ेके जलए एक अवेदन दायर करने के जलए स्ट्वतंत्र ह।ै
26. डीएअर के 30 ददनों के भीतर बीमा कंपनी द्वारा दावा ऄजधकरण के समि फॉमग XI प्रस्ट्तात दकया जाना यदद माअवजे का भागतान करन ेका दाजयव जववाददत नहीं ह,ै तो बीमा कंपनी दाघगटना की सूचना की तारीख से 30 ददनों के भीतर काननू के ऄनासार दावेदार (ओं) को देय माअवजे की राजि के बारे में जनणगय लगेी। बीमा कंपनी के नाजमत ऄजधकारी द्वारा जलया गया जनणगय जलजखत ूपप में एक तकगयाि जनणगय होगा, और दावा ऄजधकरण के समि फॉमग XI में प्रस्ट्तात दकया जाएगा। यदद बीमा कंपनी माअवजे का भागतान करन ेके दाजयव को स्ट्वीकार नहीं करती ह,ै तो वह फॉमग XI में बचाव के अधार का खालासा करेगी और ईि फॉमग के साथ सवेयर/ऄन्द्वेषक की ररपोटग की प्रजत दायर करेगी। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 7
27. जहां दावेदार बीमा कंपनी के प्रस्ट्ताव को स्ट्वीकार करत ेहैं वहां सहमत जनणगय पाररत दकया जाना बीमा कंपनी के नाजमत ऄजधकारी द्वारा मलू्यांकन दकए गए माअवजे में दावेदार (ओं) के जलए एक कानूनी प्रस्ट्ताव िाजमल होगा और यदद ईि राजि दावेदार (ओं) के जलए ईजचत और स्ट्वीकायग है, तो दावा ऄजधकरण एक सहमत-जनणगय पाररत करेगा और जनणीत राजि जमा करन े के जलए बीमा कंपनी को 30 ददनों का समय दगेा। हालांदक, सहमत-जनणगय पाररत करन ेसे पहल,े दावा ऄजधकरण यह साजनजित करेगा दक दावेदार (ओं) को कानून के ऄनासार ईजचत माअवजा ददया जाए। दावा ऄजधकरण यह साजनजित करेगा दक दाघगटना की तारीख से छह महीने के भीतर सहमत-जनणगय पाररत दकया जाए।
28. दावेदार (ओं) को 30 ददनों के भीतर बीमा कंपनी के प्रस्ट्ताव का जवाब देना होगा यदद दावेदार बीमा कंपनी के प्रस्ट्ताव का तारंत जवाब देन ेकी जस्ट्थजत में नहीं हैं, तो दावा ऄजधकरण ईन्द्हें ईि प्रस्ट्ताव का जवाब देने के जलए 30 ददनों से ऄजधक का समय नहीं दगेा।
29. समाधान प्राप्त न होने की जस्ट्थजत में, दावा ऄजधकरण जांच करवाएगा और 30 ददनों के भीतर जनणगय पाररत करेगा यदद बीमा कंपनी का प्रस्ट्ताव ईजचत नहीं ह ैया दावेदार (ओं) को स्ट्वीकायग नहीं ह ैया यदद बीमा कंपनी के पास कानून के तहत आसके जलए कोइ बचाव ईपलब्ध ह,ै तो दावा ऄजधकरण मोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 के धारा 168 और 169 के तहत जांच करवाएगा। दावा ऄजधकरण दाघगटना की तारीख से नौ महीने के भीतर सभी पिों को सानने के बाद एक जनणगय पाररत करेगा।
30. ऐसे मामले जहां बीमा कंपनी देयता पर जववाद करती ह ै यदद बीमा कंपनी माअवजे का भागतान करन े के दाजयव पर जववाद करती है, तो वह फॉमग-XI में बचाव के अधार का खालासा करेगी। यदद दावा ऄजधकरण सबूतों की ररकॉर्डडग को अवश्यक समझता है, तो दावा ऄजधकरण मोटर वाहन ऄजधजनयम की धारा 168 और 169 के ऄनासार दाघगटना की तारीख से एक वषग के भीतर पूरी की जान ेवाली जांच करेगा। यदद दावा ऄजधकरण एक वषग के भीतर जांच पूरी करने में ऄसमथग है, तो वह जनणगय में आसके कारणों को दजग करेगा। यदद बीमा कंपनी स्ट्थानीय अयाि की फीस वहन करने को तैयार हो तो, दावा ऄजधकरण स्ट्थानीय अयाि द्वारा साक्ष्य की ररकॉर्डडग का जनदेि दे सकता ह।ै
31. सय को ईजागर करन ेका दावा ऄजधकरण का कतगयक् डीएअर के अधार पर जनणगय पाररत करने से पहले, दावा ऄजधकरण खाद को संताष्ट करेगा दक डीएअर में ददए गए बयान सही हैं और दावे की वास्ट्तजवकता के साथ-साथ सभी प्रासंजगक तथ्यों के संबंध पर वह संताष्ट ह।ै दावा ऄजधकरण साक्ष्य ऄजधजनयम की धारा 165 के तहत पिों की जांच करन ेपर जवचार कर सकता ह।ै
32. जनणगय पाररत करने से पहले दावेदार (ओं) की जांच
(1) दावा ऄजधकरण, जनणगय पाररत करन ेसे पहल ेया ईसके समय, दावेदार (ओं) की जवत्तीय जस्ट्थजत / जूपरतों, संजवतरण के तरीके और सावजध जमा में रखी जाने वाली राजि का पता लगाने के जलए जांच करेगा।
(2) दावा ऄजधकरण यह साजनजित करेगा दक जनणीत राजि ददए जाने से पूवग दावेदार (ओं) के जनम्नजलजखत दस्ट्तावेजों को ररकॉडग में जलया जाए: (क) अधार काडग और पनै काडग; (ख) ईजचत पृष्ांकन के साथ दावेदार (दावेदार (ओं)) के जनवास के पास जस्ट्थत ईनका अधार से वलक बैंक खाता (खातों) का जववरण; तथा (ग) दावेदार (ओं) के 2 फोटो और नमूना हस्ट्तािर।
33. दावा ऄजधकरण के समि पार्टटयों द्वारा दायर की जान ेवाली जलजखत प्रस्ट्ताजतयााँ यदद जलजखत प्रस्ट्ताजतयााँ दाजखल करन ेकी अवश्यकता होती ह,ै तो दोनों पि मृया के मामलों के जलए फॉमग XIII और चोट के मामलों के जलए फॉमग XIV में दावा ऄजधकरण के समि माअवजे की गणना के संबंध में जलजखत प्रस्ट्ताजतयााँ दाजखल करेंग।े
34. पारस्ट्कार राजि जमा करना दावा ऄजधकरण द्वारा माअवजे का भागतान करन ेके जलए ईत्तरदायी प्रजतवादी दावेदार (ओं) को माअवजे की राजि जमा करन ेकी सूचना देगा और 15 ददनों के भीतर जमा की सूचना की तारीख तक के ब्याज सजहत माअवजे की राजि जमा करने 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] के संबंध में दावा ऄजधकरण में एक ऄनापालन ररपोटग दजग करेगाऔर आसकी एक प्रजत जनणगय के 30 ददनों के भीतर दावेदार (ओं) के वकील को भेजेगा।
35. जनणीत राजि का संजवतरण जनणीत राजि के संजवतरण का तरीका दावा ऄजधकरण द्वारा जनधागररत दकया जाएगा और ऐसे जनधागरण के ऄभाव में, जनयम 140A या मोटर दाघगटना दावा ऄजधकरण वार्भषकी जमा योजना के प्रावधानों के ऄनासार फॉमग XIX में संजवतरण होगा।
36. जनणीत राजि का संरिण दावा ऄजधकरण, दावेदार (ओं) की जवत्तीय जस्ट्थजत और जवत्तीय अवश्यकता के अधार पर, ऐसी राजि जारी करेगा जो अवश्यक समझी जाए और िेष राजि को चरणबद्ध तरीके से जारी करन ेहतेा सावजध जमा में रखने का जनदेि दगेा।
37. दावा ऄजधकरण जनणगय में प्रावधानों का ऄनापालन साजनजित करेगा दावा ऄजधकरण मृया के मामलों के जलए फॉमग-XV में और चोट के मामलों के जलए फॉमग-XVI में जनणगय के माअवजे की गणना का सारांि िाजमल करेगा। दावा ऄजधकरण फॉमग XVII में ऄनालग्नक में जनधागररत प्रदिया के ऄनापालन को भी िाजमल करेगा।
38. दावा ऄजधकरण ऄनापालन के जलए एक तारीख तय करेगा
(1) दावा ऄजधकरण आस ऄनाबंध में दी गइ प्रदिया ऄनासार ऄनापालन की ररपोटग प्रस्ट्तात करन ेहतेा एक तारीख जनजित करे और बीमा कंपनी और / या चालक / माजलक को जनदेि दे दक वे ईि तारीख तक ब्याज सजहत माअवजा राजि जमा दकए जाने का प्रमाण, जमा की सूचना और जनधागररत जतजथ पर ब्याज की गणना का साक्ष्य प्रस्ट्तात केर। आस तरह के सबूत दायर दकए जाने पर, दावा ऄजधकरण यह साजनजित करेगा दक जमा की सूचना की तारीख तक संबंजधत पाटी द्वारा ब्याज जमा दकया गया हो।
(2) यदद जनणीत राजि जनधागररत ऄवजध के भीतर जमा नहीं की जाती है, तो दावा ऄजधकरण जवजध ऄनासार जनणगय के 90 ददनों के बाद बीमा कंपनी के बैंक खाते को संलग्न करेगा।
(3) दावा ऄजधकरण आस संबंध में सवोच्च न्द्यायालय द्वारा जनधागररत जसद्धांतों के ऄनासार ऄपन ेजनणगय को जनष्पाददत करेगा, और यदद ईच्च न्द्यायालय द्वारा ऄपील में दावा ऄजधकरण के जनणगय पर रोक लगाया जाता ह,ै तो दावा ऄजधकरण मामल ेको खम कर दगेा तथा ऄपील के जनणगय के बाद दावेदार (ओं) को आसे पानजीजवत करने की स्ट्वतंत्रता होगी।
39. डीएअर के साथ-साथ जनणगय की एक प्रजत संबंजधत मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट को भेजा जाना दावा ऄजधकरण संबंजधत मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट को जनणगय की एक प्रमाजणत प्रजत भेजेगा। जांच ऄजधकारी दावा ऄजधकरण के समि डीएअर प्रस्ट्तात करने के 7 ददनों के भीतर आसकी एक प्रजत संबंजधत मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट के समि प्रस्ट्तात करेगा। जांच ऄजधकारी, जनणगय पाररत होने के 7 ददनों के भीतर संबंजधत मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट के समि दावा न्द्यायाजधकरण द्वारा पाररत जनणगय की प्रजत भी प्रस्ट्तात करेगा।
40. राज्य जवजधक सेवा प्राजधकरण को जनणगय की प्रजत भेजा जाना दावा ऄजधकरण जनणगय की एक प्रजत राज्य जवजधक सेवा प्राजधकरण को भेजेगा।
41. दावा ऄजधकरण के जनणगयों का ररकॉडग दावा ऄजधकरण द्वारा पाररत जनणगयों का ररकॉडग जनणगय की तारीख के ऄनासार कालानािजमक िम में रखा जाएगा तादक वाददयों/वकीलों के जलए यह पता लगाना असान हो दक माअवजा प्राप्त हुअ ह ैया नहीं। जनणगयों के ररकॉडग का प्राूपप फॉमग- XVIII ऄनासार होगा।
42. राज्य कानूनी सेवा प्राजधकरण द्वारा मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट के समि जवजक्टम आम्पैक्ट ररपोटग (वीअइअर) दायर की जाए अपराजधक मामल ेमें चालक का दोष जसद्ध होने के बाद, जवज्ञ मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट फैसल ेकी प्रजत के साथ-साथ अरोपी की संपजत्त और अय के संबंध में एक हलफनामा राज्य कानूनी सेवा प्राजधकरण को भेजेगा, और वे आसकी संजिप्त जांच करेंग े और फॉमग-XII के ऄनासार, सजा के 30 ददनों के भीतर जवज्ञ मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट के समि एक जवजक्टम आम्पैक्ट ररपोटग (वीअइअर) जमा करें। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 9 फॉमग- I दाघगटना की पहली ररपोटग (एफएअर) जांच ऄजधकारी द्वारा दावा ऄजधकरण को प्रस्ट्तात दाघगटना की सूचना प्राप्त होन ेके 48 घंटों के भीतर पीजड़त और बीमा कंपनी और एसएलएसए (राज्य कानूनी सेवा प्राजधकरण) को प्रजत भेजी जाए एफअइअर संख्या ददनांक जनम्न धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. दाघगटना की तारीख
2. दाघगटना का समय
3. दाघगटना का स्ट्थान
4. सूचना का स्रोत चालक/माजलक जिकार सािी ऄस्ट्पताल ऄच्छा मददगार यक्जि पाजलस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) माखजबर का नाम, मोबाआल नंबर और पता नाम मोबाआल नम्बर पता
5. दाघगटना की प्रकृजत चोट घातकता संपजत्त की िजत / हाजन कोइ ऄन्द्य हाजन/चोट िाजमल वाहनों की संख्या क्या दोषी वाहन की पंजीकरण संख्या ज्ञात ह ै हााँ नहीं क्या दोषी वाहन को पाजलस के ऄजधकार में जलया गया ह ै हााँ नहीं क्या दोषी वाहन का चालक मौके पर पाया गया हााँ नहीं मृतकों की संख्या 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] घायलों की संख्या
6. ईस ऄस्ट्पताल का जववरण जहां पीजड़त (तों) को ल ेजाया गया ऄस्ट्पताल का नाम पता डॉक्टर का नाम
7. सीसीटीवी फा टेज की ईपलब्धता यदद हां, तो सीसीटीवी फा टेज को सारजित रखा जाए और डीएअर के साथ ईसे दजग दकया जाए हााँ नहीं
8. वाहन (वाहनों) के माजलक (ओं), चालक (रों) और बीमा का जववरण जववरण वाहन 1 (दोषी वाहन) वाहन 2 वाहन का जववरण वाहन पंजीकरण संख्या. चालक का जववरण चालक का नाम चालक का पता चालक का मोबाआल नंबर माजलक का जववरण माजलक का नाम माजलक का पता माजलक का मोबाआल नंबर बीमा का जववरण बीमा पॉजलसी की संख्या बीमा योजना की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम बीमा कंपनी का पता [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 11
9. पीजड़तों का जववरण नाम मृतक/घायल पता और संपकग जववरण i. ii. iii. iv. v. vi. एस.एच.ओ. / अइ.ओ पी.अइ.एस/ कमगचारी सं : _________________ फोन नंबर : _________________ पी.एस. : _________________ ददनांक : _______________ संलग्न दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज: i. एफअइअर की कॉपी प्रपत्र-II सड़क दाघगटना के पीजड़त (पीजड़तों) के ऄजधकार और आस योजना के फ्लो चाटग अइओ द्वारा दाघगटना के 10 ददनों के भीतर पीजड़त/पररवार के सदस्ट्यों/कानूनी प्रजतजनजधयों को सौंपना
1. तकाल जचदकसा सहायता और ईपचार का ऄजधकार।
2. एफअइअर की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
3. प्रपत्र - I में प्रथम दाघगटना ररपोटग (एफएअर) की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
4. प्रपत्र-II में आस योजना के पीजड़त के ऄजधकार और फ्लो चाटग की प्रजतजलजप का ऄजधकार ।
5. दस्ट्तावेजों के साथ चालक के प्रपत्र- III की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
6. दस्ट्तावेजों के साथ माजलक के प्रपत्र- IV की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
7. दस्ट्तावेजों के साथ प्रपत्र-V में ऄंतररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
8. पीजड़त के प्रपत्र-VI और प्रपत्र-VIए के फॉमेट की खाली प्रजतजलजप का ऄजधकार।
9. दस्ट्तावेजों के साथ प्रपत्र-VII में जवस्ट्तृत दाघगटना ररपोटग (डीएअर) की प्रजतजलजप का ऄजधकार। 12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
10. बीमा प्रपत्र-XI की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
11. धारा 173 सीअरपीसी के तहत ररपोटग की प्रजतजलजप का ऄजधकार ।
12. प्रपत्र-XII में पीजड़त प्रभाव ररपोटग की प्रजतजलजप का ऄजधकार।
13. एमएलसी और पोस्ट्टमॉटगम ररपोटग की प्रजतजलजप का ऄजधकार ।
14. ददल्ली राज्य जवजधक सेवा प्राजधकरण से माफ्त काननूी सहायता का ऄजधकार।
15. यक्जिगत ूपप से या वकील के माध्यम से दावा ऄजधकरण के समि ईपजस्ट्थत होन ेका ऄजधकार।
16. नाबाजलग बचे्च/पीजड़त के बच्चों (18 वषग या ईससे कम) का ऄजधकार ईनकी जूपरतों और जस्ट्थजत की जांच के जलए जांच ऄजधकारी द्वारा बाल कल्याण सजमजत को भेजा जाएगा।
17. पीजड़त के नाबाजलग बचे्च/बच्चों (18 वषग या ईससे कम) का बाल कल्याण सजमजत द्वारा जजला बाल संरिण ऄजधकारी के माध्यम से ईनकी भलाइ, जचदकसा अवश्यकताओं, सारिा, पोषण अदद की जांच कराने का ऄजधकार।
18. पीजड़त के नाबाजलग बचे्च/बच्चों (18 वषग या ईससे कम) को दकिोर न्द्याय (बच्चों की देखभाल और संरिण) ऄजधजनयम, 2015 के सभी लाभ प्राप्त करने का ऄजधकार, यदद बाल कल्याण सजमजत एक बचे्च के देखभाल और संरिण (सीएनसीपी) के जूपरतमंद बचे्च होन ेका जनष्कषग लौटाती ह।ै
19. पीजड़त के ऐसे नाबाजलग बचे्च/बच्चों को बाल गृह में रखन ेका ऄजधकार, यदद माता-जपता दोनों की मृया हो गइ या जीजवत माता-जपता बचे्च की देखभाल करन ेमें ऄसमथग हैं, जैसा दक दकिोर न्द्याय (बच्चों की देखभाल और संरिण) ऄजधजनयम, 2015 के तहत प्रदान दकया गया ह।ै
20. ददल्ली ईच्च न्द्यायालय द्वारा तयैार मोटर दाघगटना दावों के जलए योजना के तहत माअवजा प्राप्त करन ेका ऄजधकार। आस योजना का फ्लो चाटग यहां संलग्न ह।ै एस.एच.ओ./ अइ.ओ. पीअइएस/ कमगचारी सं . : _________ फोन नंबर : _________________ पीएस : _________ ददनांक : _________ पीजड़त/पररवार के सदस्ट्यों/काननूी प्रजतजनजधयों की पावती माझे यह प्रपत्र और योजना का फ्लो चाटग एक खाली पीजड़त के प्रपत्र-VI और प्रपत्र-VIए की प्रजत के साथ प्राप्त हुअ ह।ै ___________________ पीजड़त/पररवार के सदस्ट्य/काननूी प्रजतजनजध ददनांक : _________ मोटर दाघगटना दावों के जलए योजना का फ्लो चाटग [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 13 बीमा कंपनी पीजड़त (ओं) प्रपत्र-III ड्राआवर का प्रपत्र वाहन के चालक द्वारा जांच ऄजधकारी को दाघगटना के 30 ददनों के भीतर पीजड़त और बीमा कंपनी को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस ऄनाभाग के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. ड्राआवर का जववरण नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता
2. अया/जन्द्म जतजथ
3. वलग पारुष मजहला ऄन्द्य
4. िैजिक योग्यता प्राथजमक 14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] एसएससी एचएससी स्नातक स्नातकोत्तर डॉक्टर की ईपाजध ऄजिजित
5. पेिा जनजी सेवा सरकारी नौकरी पेिेवर कृजष स्ट्वजनयोजजत ऄन्द्य
6. माजसक अय रु.
7. ड्राआववग लाआसेंस स्ट्थायी जििाथी दकिोर जबना लाआसेंस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें)
8. ड्राआववग लाआसेंस नंबर
9. लाआसेंस की वैधता की ऄवजध
10. लाआसेंवसग प्राजधकरण
11. वाहन पंजीकरण संख्या
12. वाहन का प्रकार
13. माजलक का जववरण नाम मोबाआल नं. पता
14. बीमा जववरण पॉजलसी संख्या पॉजलसी की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम सयापन: ददन_______की आस ___________तारीख को __________पर सयाजपत दक ईि प्रपत्र में दी गइ सामिी मरेी जानकारी के ऄनासार सही हैं और संलग्न दस्ट्तावेज ईनके मूल की सही प्रजतयां हैं। संलग्न दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज: i. पहचान / जनवास प्रमाण पत्र [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 15 ii. ड्राआववग लाआसेंस iii. बीमा योजना प्रपत्र-IV माजलक का प्रपत्र वाहन के माजलक द्वारा जांच ऄजधकारी को दाघगटना के 30 ददनों के भीतर पीजड़त और बीमा कंपनी को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. वाहन का ब्यौरा पंजीकरण संख्या रंग मेक मॉडल जनमागण वषग चैजसस संख्या आंजन संख्या पंजीकरण प्राजधकारी का नाम वाहन का प्रकार मोटर चाजलत दोपजहया ऑटो कार/जीप/टैक्सी साइदकल ररक्िा बाइसाआदकल हाथ से चलन ेवाला ठेला टेंपो/रैक्टर बस रक/लॉरी पिा द्वारा खींची जाने वाली गाड़ी भारी जोड़ वाला वाहन / रॉली ज्ञात नहीं ह ै ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) वाहन ईपयोग प्रकार जनजी वाहन वाजणजज्यक वाहन 16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] माल और गाड़ी कचरे का रक टैक्सी / दकराए का वाहन लोक सेवा वाहन िैजिक संस्ट्थान बस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें)
2. माजलक का जववरण नाम कंपनी के मामले में, मोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 की धारा 199 के ऄनासार प्रभारी यक्जि का नाम दें जपता का नाम मोबाआल नं. पता पेिा
3. ड्राआवर का जववरण नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता ड्राआववग लाआसेंस नंबर वैधता की ऄवधी लाआसेंवसग प्राजधकरण
4. बीमा जववरण पॉजलसी संख्या। पॉजलसी की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम बीमा कंपनी का पता जपछली बीमा पॉजलसी का जववरण क्या वाहन पहले दकसी एमएसीटी मामले में िाजमल था? यदद हां, तो एफअइअर और एमएसीटी मामले का जववरण दें।
5. वाजणजज्यक वाहन के मामले में परजमट जववरण दफटनेस जववरण
6. क्या माजलक न े दाघगटना की सूचना बीमा कंपनी को दी थी हााँ नहीं [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 17 सयापन: ददन_______की आस ___________तारीख को __________पर सयाजपत दक ईि प्रपत्र में दी गइ सामिी मरेी जानकारी के ऄनासार सही हैं और संलग्न दस्ट्तावेज ईनके मूल की सही प्रजतयां हैं। संलग्न दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज: i. पहचान / जनवास प्रमाण पत्र ii. पंजीकरण प्रमाण पत्र iii. चालक का ड्राआववग लाआसेंस iv. बीमा योजना v. परजमट vi. दफटनेस प्रपत्र-V ऄंतररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) जांच ऄजधकारी द्वारा दावा ररब्यूनल में दाघगटना के 50 ददनों के भीतर पीजड़तों और बीमा कंपनी और एसएलएसए को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. दाघगटना की तारीख
2. दाघगटना का समय .
3. दाघगटना का स्ट्थान
4. टक्कर मारन ेवाला वाहन पंजीकरण संख्या वाहन की कंपनी वाहन मॉडल
5. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन का चालक नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता ड्राआववग लाआसेंस स्ट्थायी 18 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] जििाथी दकिोर जबना लाआसेंस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) ड्राआववग लाआसेंस नंबर लाआसेंस की वैधता लाआसेंवसग प्राजधकरण
6. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन का माजलक नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता
7. वाजणजज्यक वाहन के मामले में परजमट जववरण दफटनेस जववरण
8. बीमा जववरण पॉजलसी संख्या पॉजलसी की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम बीमा कंपनी का पता
9. दाघगटना के गवाह ( ओं ) सािी-1: नाम मोबाआल न.ं पता सािी-2: नाम मोबाआल न.ं पता सािी-3: नाम मोबाआल न.ं पता सािी-4: नाम मोबाआल न.ं पता
10. दाघगटना का संजिप्त जववरण [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 19 1 1 ऄनापालन (ओं) का जववरण i. प्रथम दाघगटना ररपोटग (एफएअर) दाजखल करन ेकी जतजथ ii. ददल्ली पाजलस की वेबसाआट पर एफएअर ऄपलोड करन ेकी जतजथ iii. बीमा कंपनी को एफअइअर और एफएअर की सापादगगी की तारीख iv. पीजड़तों को एफअइअर, प्रपत्र- II और एफएअर की सापादगगी की तारीख v. ड्राआवर से प्रपत्र-III प्राप्त करन ेकी जतजथ vi. माजलक से प्रपत्र- IV प्राप्त करन ेकी जतजथ vii. बीमा कंपनी को प्रपत्र-III और प्रपत्र-IV की सापादगगी की तारीख viii. पीजड़तों को प्रपत्र-III और प्रपत्र-IV की सापादगगी की तारीख ix. क्या चालक/माजलक की जानकारी/दस्ट्तावेजों का सयापन दकया गया ह।ै यदद हां, तो सयापन ररपोटग संलग्न करें। हााँ नहीं एस.एच.ओ./अइ.ओ. पी.अइ.एस./ कमगचारी सं . : _________ फोन नंबर : _________________ पी.एस. : _________ ददनांक : _________ संलग्न दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज: i. प्रथम दाघगटना ररपोटग (एफएअर) ii. ड्राआवर द्वारा जमा दकए गए दस्ट्तावेजों के साथ ड्राआवर का प्रपत्र- II iii. माजलक द्वारा जमा दकए गए दस्ट्तावेजों के साथ माजलक का प्रपत्र-III iv. सयापन ररपोटग 20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] प्रपत्र-VI पीजड़त का प्रपत्र दाघगटना के 60 ददनों के भीतर पीजड़त (ओं) द्वारा जांच ऄजधकारी को बीमा कंपनी और एसएलएसए को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. दाघगटना की तारीख
2. दाघगटना का समय
3. दाघगटना का स्ट्थान
4. मामले की प्रकृजत साधारण चोट गंभीर चोट घातक संपजत्त की िजत / हाजन कोइ ऄन्द्य हाजन/चोट
5. टक्कर मारने वाल े वाहन की पंजीकरण की संख्या
6. माजलक का जववरण नाम पता
7. ड्राआवर का जववरण नाम पता
8. बीमा जववरण पॉजलसी संख्या पॉजलसी की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम मौत का मामला
9. मृतक का नाम
10. जपता का नाम [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 21
11. अया / जन्द्म जतजथ
12. मृया जतजथ
13. मृतक का वलग
14. मृतक की वैवाजहक जस्ट्थजत
15. मृतक का यक्वसाय
16. यदद मतृक कायगरत था तो जनयोिा के नाम और पता दें
17. मृतक की अय
18. क्या मृतक अयकर के जलए मूल्यांकन दकया जाता था यदद हां, तो ऄंजतम तीन वषों के अयकर ररटनग की प्रजत फाआल करें हााँ नहीं
19. क्या मृतक पररवार का आकलौता कमाने वाला सदस्ट्य था हााँ नहीं
20. मृया से पहले मृतक को ददया गया जचदकसा ईपचार का जववरण। खचग दकए गए जचदकसा यक्य का जववरण दें
21. क्या पीजड़त को ऄपने जनयोिा से या एक मेजडक्लेम पॉजलसी से या दकसी भी सरकारी कैिलेस ईपचार योजना से या सरकारी बीमा योजना से जचदकसा खचों की प्रजतपूर्भत जमली यदद हां, तो जववरण दें
22. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का नाम, अया, वलग, संबंध और वैवाजहक जस्ट्थजत नाम अया / जन्द्म जतजथ वलग ररश्ता वैवाजहक जस्ट्थजत i. ii. iii. 22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] iv. v. vi.
23. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का नाम, संपकग नंबर और पता नाम दरूभाष संख्या वतगमान पत ेके साथ-साथ स्ट्थायी पता i. ii. iii. iv. v. vi.
24. 18 वषग से कम अया के बच्चों के मामले में बचे्च के नाम बचे्च के स्ट्कूल और किा का जववरण वार्भषक स्ट्कूल िाल्क बचे्च का ऄनामाजनत खचग i. ii. iii. iv. v. vi. चोट का मामला
25. घायलों का नाम
26. जपता का नाम
27. घायलों का पता [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 23
28. घायलों की दरूभाष संख्या
29. अया / जन्द्म जतजथ
30. घायलों का वलग
31. घायलों की वैवाजहक जस्ट्थजत
32. घायलों का यक्वसाय
33. यदद घायल कायगरत था, तो जनयोिा का नाम और पता दें
34. घायलों की अय
35. क्या घायल का अयकर के जलए अकलन दकया गया ह ै यदद हां, तो जपछल ेतीन वषों के जलए अय कर ररटनग की प्रजत फाआल करें हााँ नहीं
36. चोट की प्रकृजत और जववरण
37. घायल यक्जि द्वारा जलया गया जचदकसा ईपचार
38. ऄस्ट्पताल का नाम और ऄस्ट्पताल में भती की ऄवजध ऄस्ट्पताल का नाम ऄस्ट्पताल में भती होन ेकी ऄवजध डॉक्टर का नाम
39. सजगरी का जववरण, यदद की गइ हो
40. क्या कोइ स्ट्थायी जवकलांगता थी यदद हां, तो जववरण दें हााँ नहीं
41. घायलों के पररवार का जववरण नाम अया / जन्द्म जतजथ वलग ररश्ता i. ii. 24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] iii. iv. v. vi.
42. 18 वषग से कम अया के बच्चों के मामले में बचे्च का नाम स्ट्कूल का जववरण और बचे्च की किा वार्भषक स्ट्कूल िाल्क बचे्च का ऄनामाजनत यक्य i. ii. iii. iv. v. vi.
43. अर्भथक नाकसान i. आलाज पर खचग ii. यदद ईपचार ऄभी भी जारी ह,ै भजवष्य के आलाज पर होने वाल े संभाजवत यक्य का ऄनामान दें iii. पररवहन जविेष अहार, पररचर िाल्क अदद पर यक्य। iv. अय की हाजन v. कमाइ िमता का नाकसान vi. कोइ ऄन्द्य अर्भथक हाजन/ िजत
44. क्या पीजड़त को ऄपने जनयोिा से या एक मजेडक्लेम पॉजलसी से या दकसी भी सरकारी कैिलेस ईपचार योजना से या हााँ नहीं [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 25 सरकारी बीमा योजना से जचदकसा खचों की प्रजतपूर्भत जमली यदद हां, तो जववरण दें
45. संपजत्त को नाकसान/िजत का मलू्य
46. कोइ ऄजतररि जानकारी
47. दाघगटना का संजिप्त जववरण
48. दावा दकया गया माअवजा जमा दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज मृया के मामलों में:
1. मृया प्रमाण पत्र
2. मृतक की अया का प्रमाण जो (क) जन्द्म प्रमाण पत्र; (ख) स्ट्कूल प्रमाणपत्र; (ग) िाम पंचायत से प्रमाण पत्र (जनरिर के मामले में); (घ) अधार काडग अदद के ूपप में हो सकता ह।ै
3. मृतक के यक्वसाय और अय का प्रमाण जो (क) वेतन पची/वेतन प्रमाण पत्र (वेतनभोगी कमगचारी) (ख) जपछल ेछह महीनों के बैंक जववरण (ग) जपछल ेतीन वषों के अयकर ररटनग (घ) बैलेंस िीट, अदद के ूपप में हो सकता ह।ै
4. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का प्रमाण जैसे रािन काडग, पासपोटग अदद।
5. 18 वषग से कम अया के कानूनी ईत्तराजधकाररयों के मामले में, स्ट्कूल पहचान-पत्र की प्रजत, स्ट्कूल िाल्क का प्रमाण, बच्चों के ऄन्द्य खचग / यक्य का प्रमाण।
6. मौत से पहले आलाज का ररकॉडग, मेजडकल जबल और ऄन्द्य खचे
7. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों की ईनके जनवास स्ट्थान के पास बैंक के नाम और पत ेके साथ अवश्यक पषृ्ांकन के साथ बैंक खाता संख्या
8. जनयोिा द्वारा या मेजडक्लेम पॉजलसी के तहत जचदकसा यक्य की प्रजतपूर्भत का प्रमाण, यदद जलया गया हो
9. कोइ ऄन्द्य दस्ट्तावेज चोट के मामलों में:
1. घायलों की बहुकोणीय तस्ट्वीरें
2. घायलों की ईम्र का प्रमाण जो (क) जन्द्म प्रमाण पत्र; (ख) स्ट्कूल प्रमाणपत्र; (ग) िाम पंचायत से प्रमाण पत्र (जनरिर के मामले में); (घ) अधार काडग अदद के ूपप में हो सकता ह।ै
3. घायलों के यक्वसाय और अय का प्रमाण जो (क) वेतन पची/वेतन प्रमाण पत्र (वेतनभोगी कमगचारी) (ख) जपछल े छह महीनों के बैंक जववरण (ग) जपछले तीन वषों के अयकर ररटनग (घ) बैलेंस िीट, अदद के ूपप में हो सकता ह।ै
4. आलाज का ररकॉडग, मेजडकल जबल और ऄन्द्य खचग। ईपचार जारी रहने की जस्ट्थजत में भजवष्य में होन ेवाल ेजचदकसा यक्य का प्रमाण दें। 26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
5. काम से ऄनापजस्ट्थजत का प्रमाण जहां चोट के कारण अय की हाजन का दावा दकया जा रहा है, जो (क) जनयोिा से प्रमाण पत्र; (ख) ईपजस्ट्थजत रजजस्ट्टर से ईद्धरण के ूपप में हो सकता ह।ै
6. 18 वषग से कम अया के कानूनी ईत्तराजधकाररयों के मामले में, स्ट्कूल पहचान की प्रजत, स्ट्कूल िाल्क का प्रमाण, बच्चों के ऄन्द्य खचग / यक्य का प्रमाण
7. अवश्यक पषृ्ांकन के साथ बैंक के नाम और पत ेके साथ ऄपने जनवास स्ट्थान के पास घायलों की बैंक खाता संख्या
8. जनयोिा द्वारा या मेजडक्लेम पॉजलसी के तहत जचदकसा यक्य की प्रजतपूर्भत का प्रमाण, यदद जलया गया हो
9. कोइ ऄन्द्य दस्ट्तावेज सयापन: _________ के आस _______ ददन पर सयाजपत दकया गया दक ईपरोि प्रपत्र की सामिी मरेी जानकारी के ऄनासार सही ह ैऔर संलग्न दस्ट्तावेज मलू की सही प्रजतयां हैं घायल/ मृतक के कानूनी प्रजतजनजध का नाम और हस्ट्तािर िमांक नाम हस्ट्तािर फोटो
1.
2.
3.
4.
5.
6. प्रपत्र-VI क पीजड़त(ओं) के नाबाजलग बच्चों से संबंजधत पीजड़त का प्रपत्र पीजड़त(ओं) द्वारा दाघगटना के 60 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी को बाल कल्याण सजमजत और एसएलएसए को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 27 नाबाजलग बच्चों का जववरण (18 वषग या ईससे कम) िमांक बच्चों का जववरण बच्चा 1 बच्चा 2 बच्चा 3 बच्चा 4
1. नाम
2. अया/जन्द्म जतजथ
3. वलग
4. एससी/एसटी/ओबीसी/सामान्द्य
5. जपता का नाम
6. माता का नाम
7. ऄजभभावक का नाम (यदद माता-जपता से ऄलग ह)ै
8. पाररवाररक अय (वार्भषक)
9. स्ट्थायी पता
10. वतगमान पता
11. जपता/माता/पररवार के सदस्ट्य की दरूभाष संख्या
12. क्या बच्चा जवकलांग ह:ै यदद हां, तो जववरण दें
13. वतगमान में रहन-सहन का स्ट्तर/ अर्भथक जस्ट्थजत (दाघगटना के बाद) बच्चों का िैजिक जववरण
14. जििा की वतगमान जस्ट्थजत जििा का स्ट्तर (वगग) क्या बच्चा इडब्ल्यूएस कोटे के तहत नामांदकत ह ै
15. यदद स्ट्कूल नहीं जा रह ेहैं, तो कारण बताए जाएं
16. जजस स्ट्कूल में बच्चा पढ रहा ह ैईसकी जवस्ट्तृत जानकारी जनगम/नगरपाजलका/ पंचायत सरकार / ऄन्द्य बोडग 28 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] जनजी प्रबंधन
17. जििा पर यक्य माजसक स्ट्कूल ट्यूिन फीस वार्भषक स्ट्कूल िाल्क जनजी ट्यूिन / कोवचग िाल्क कोइ ऄन्द्य यक्य / रसद िाल्क
18. यक्ावसाजयक प्रजििण/कौिल जवकास, यदद कोइ हो कौिल जवकास के प्रकार िाजमल लागत स्ट्वास्ट्थ्य और पोषण
19. बचे्च की िारीररक स्ट्वास्ट्थ्य जस्ट्थजत (दकसी भी जवकलांगता के मामले में जचदकसा जांच ररपोटग सजहत) बचे्च को कोइ चोट। यदद हां, तो जववरण ददया जाए दाघगटना के कारण िरीर के दकसी ऄंग की हाजन
20. बचे्च की मानजसक स्ट्वास्ट्थ्य जस्ट्थजत क्या तकाल मनोवैज्ञाजनक परामिग /ईपचार/सहायता की अवश्यकता ह ै क्या दीघगकाजलक समथगन की अवश्यकता ह ै
21. जचदकसा यक्य, यदद कोइ हो तकाल जचदकसा ईपचार में िाजमल लागत दीघगकाजलक जचदकसा ईपचार में िाजमल लागत
22. अहार और पोषण यक्य जमा दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज
1. स्ट्कूल / िैिजणक संस्ट्थान पहचान-पत्र की प्रजत,
2. अधार काडग की प्रजतजलजप
3. जििा िाल्क का प्रमाण
4. बच्चों के ऄन्द्य यक्य/खचे का प्रमाण [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 29
5. जचदकसा दस्ट्तावेजों की प्रजत
6. जवकलांगता प्रमाण पत्र, यदद लागू हो
7. जाजत प्रमाण पत्र की प्रजत, यदद लाग ूहो
8. अय प्रमाण पत्र की प्रजत, यदद लाग ूहो सयापन: _________ के आस ______ ददन को सयाजपत दकया गया दक ईपरोि प्रपत्र की सामिी मेरी जानकारी के ऄनासार सही ह ै और संलग्न दस्ट्तावेज मूल की सही प्रजतयां हैं __________ पीजड़त(ओं) सभी नाबाजलग बच्चों के नाम और फोटो िमांक नाम फोटो
1.
2.
3.
4. ध्यान दें:
1. जांच ऄजधकारी द्वारा प्रपत्र VI और VIक को संबंजधत बाल कल्याण सजमजत को यह पता लगाने के जलए भेजा जाना ह ैदक क्या बचे्च को देखभाल और सारिा की अवश्यकता ह ै(सीएनसीपी)।
2. प्रपत्र VIक और VIख की प्रजत राज्य जवजधक सेवा प्राजधकरण (एसएलएसए) को भेजी जाएगी तादक बचे्च/बच्चों को ईनके कानूनी ईपचार/ऄजधकार प्राप्त करन ेमें सहायता करने के जलए एक वकील जनयाि दकया जा सके। 30 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] प्रपत्र-VII जवस्ट्तृत दाघगटना ररपोटग (डीएअर) दाघगटना के 90 ददनों के भीतर जांच ऄजधकारी द्वारा दावा न्द्यायाजधकरण में पीजड़त(ओं), चालक, माजलक, बीमा कंपनी और एसएलएसए को प्रजतजलजप प्राथजमकी संख्या ददनांक आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. दाघगटना की तारीख
2. दाघगटना का समय
3. दाघगटना की जगह
4. दाघगटना की प्रकृजत साधारण चोट गंभीर चोट संपजत्त की घातक िजत / हाजन कोइ ऄन्द्य हाजन/चोट
5. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन जववरण पंजीकरण संख्या जनमागण मॉडल वाहन का प्रकार मोटर चाजलत दोपजहया ऑटो कार/जीप/टैक्सी साआदकल ररक्िा हाथ से खींची गइ गाड़ी साआदकल टेंपो/रैक्टर रक/लॉरी पिा द्वारा खींची गइ गाड़ी बस [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 31 भारी जोड़ वाला वाहन / रॉली ज्ञात नहीं ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) वाहन ईपयोग प्रकार जनजी वाहन वाजणजज्यक वाहन माल और गाड़ी कचरे का रक टैक्सी / दकराए का वाहन लोक सेवा वाहन िैजिक संस्ट्थान बस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें)
6. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन का चालक नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता ड्राआववग लाआसेंस स्ट्थायी जििाथी दकिोर जबना लाआसेंस ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) ड्राआववग लाआसेंस नंबर लाआसेंस की वैधता लाआसेंवसग प्राजधकारी
7. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन का माजलक नाम जपता का नाम मोबाआल नं. पता
8. टक्कर मारन ेवाल ेवाहन का बीमा जववरण पॉजलसी संख्या पॉजलसी की ऄवजध बीमा कंपनी का नाम
9. क्या प्राजधकरण से लाआसेंस सयाजपत हो गया ह।ै हााँ नहीं 32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] यदद हां, तो ररपोटग संलग्न करें यदद नहीं, तो कारण दें
10. क्या ड्राआववग लाआसेंस जनलंजबत/ रद्द दकया गया यदद हां, तो जववरण दें हााँ नहीं
11. क्या ड्राआवर दाघगटना के दौरान घायल हुअ यदद हां, तो जववरण दें हााँ नहीं
12. वाहन द्वारा संचाजलत था माजलक दकराए का चालक ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें)
13. क्या चालक िराब/निीले पदाथग के सेवन करके ड्राआववग कर रहा था क्या जनष्कषग वैज्ञाजनक ररपोटग पर अधाररत हैं। यदद हां, तो जववरण दें हााँ नहीं
14. क्या दाघगटना के समय ड्राआवर के पास मोबाआल था यदद हां, तो मोबाआल का जववरण दें हााँ नहीं मोबाआल नं. अइएमइअइ संख्या जनमागण और मॉडल
15. क्या ड्राआवर आससे पहल ेमोटर दाघगटना मामला (ओं) में िाजमल था यदद हााँ, तो मामला लंजबत या एमएसीटी द्वारा जनणगय जलया गया? एफअइअर और एमएसीटी मामले का जववरण दें हााँ नहीं
16. वाजणजज्यक वाहन के मामले में परजमट जववरण दफटनेस जववरण
17. क्या परजमट और दफटनेस का प्राजधकारी से हााँ नहीं [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 33 सयापन दकया गया ह ै यदद हां, तो ररपोटग संलग्न करें यदद नहीं, तो कारण दें
18. क्या माजलक ने बीमा कंपनी को दाघगटना की सूचना दी यदद हां, तो जतजथ दें हााँ नहीं
19. ड्राआवर के मौके से भागने के मामल े में, क्या माजलक ने ड्राआवर को पाजलस के सामने पेि दकया यदद हां, तो मोटर वाहन ऄजधजनयम की धारा 133 के तहत सूचना की प्रजत संलग्न करें। हााँ नहीं पीजड़त(ओं) का जववरण
20. पीजड़त(ओं) पैदल यात्री / बाइस्ट्टैंडर साआदकल-सवार दोपजहया ऄन्द्य वाहन में ऄन्द्य (जनर्ददष्ट करें) मौत का मामला
21. मृतक का नाम
22. मृतक की ईम्र
23. पेिा
24. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का जववरण नाम संबंध अया
(i)
(ii)
(iii)
(iv) (V) चोट का मामला 34 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
25. घायल का नाम
26. अया
27. पेिा
28. चोट की प्रकृजत साधारण गंभीर
29. चोट का जववरण
30. अरोजपत दकए गए ऄपराध भारतीय दंड संजहता, 1860 क. धारा 279 सावगजजनक रास्ट्ते पर जल्दबाजी में गाड़ी चलाना या सवारी करना ख. धारा 337 दसूरों के जीवन या यक्जिगत सारिा को खतरे में डालन ेवाले कृय स ेचोट पहुाँचाना ग. धारा 338 दसूरों के जीवन या यक्जिगत सारिा को खतरे में डालन ेवाले कृय स ेगभंीर चोट पहुाँचाना घ. धारा 304-क लापरवाही से मौत का कारण ङ. कोइ ऄन्द्य ऄपराध मोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 क. धारा 3/181 जबना लाआसेंस के गाड़ी चलाना ख. धारा 4/181 नाबाजलग द्वारा गाड़ी चलाना ग. धारा 5/180 ऄनजधकृत यक्जि को गाड़ी चलाने की ऄनामजत देना घ. धारा 182 लाआसेंस से संबंजधत ऄपराध ङ. धारा 56/192 दफटनेस के जबना च. धारा 66(1)/192क जबना परजमट छ. धारा 112/183(1) तेज गजत से गाड़ी चलाना ज. धारा 113/194 ओवर लोवडग झ. धारा 119/184 लाल बत्ती को जंप करना [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 35 ट. धारा 119/177 ऄजनवायग संकेतों का ईल्लंघन (एक तरफा रास्ट्ता, कोइ दायां मोड़ नहीं, कोइ बांया मोड़ नहीं) ठ. धारा 122/177 ऄनाजचत/ऄवरोधक पार्ककग ड. धारा 146/196 बीमा के जबना ढ धारा 177/अरअरअर17(1) "एक तरफा रास्ट्ता" का ईल्लंघन त धारा 194(1क)/अरअरअर29 ईच्च / लंबा भार ईठाना थ. धारा 184/अरअरअर6 "नो ओवरटेककग" का ईल्लघंन द. धारा 177/सीएमवीअर 105 सूयागस्ट्त के बाद प्रकाि के जबना ध. धारा 179 अदेिों की ऄवज्ञा, सूचना की रुकावट और आंकार न. धारा 184 खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाना प. धारा 184 गाड़ी चलाते समय मोबाआल फोन का ईपयोग करना फ. धारा 185 िराब/ड्रग्स का सेवन करके गाड़ी चलाना ब. धारा 186 गाड़ी चलाना जब मानजसक ूपप से या िारीररक ूपप से गाड़ी चलाने के जलए ऄयोग्य हो भ. धारा 187 धारा 132(1)(क), 133 और 134 . का ईल्लघंन म. धारा 190 ऄसारजित दिा में वाहन का प्रयोग य. धारा 194क ऄजधकृत से ऄजधक याजत्रयों को ले जाना र. धारा 194ख/सीएमवीअर 138(3) जबना सारिा बेल्ट के गाड़ी चलाना ल. धारा 194ग मोटरसाआदकल चलाने वाले और पीछे बैठने वाले के जलए सारिा ईपायों के ईल्लंघन के जलए िाजस्ट्त क.(क) धारा 194घ सारिामक हलैमेट नहीं पहनने पर 36 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] िाजस्ट्त ख(ख) धारा 194ङ अपातकालीन वाहनों को गाजरने की ऄनामजत दनेे में जवफलता ग(ग) धारा 194च हॉनग का ऄनावश्यक ूपप से ईपयोग करना जहां वह जनजषद्ध ह ै घ.(घ) धारा 197 जबना प्राजधकार के वाहन ले जाना ङ(ङ) धारा 199क दकिोरों द्वारा दकए गए ऄपराध च(च) कोइ ऄन्द्य ऄपराध
31. दाघगटना का जवस्ट्ततृ जववरण
32. दावा न्द्यायाजधकरण से ऄपेजित ददिा-जनदेि(ओं) i. टक्कर मारने वाल े वाहन के चालक ने पत्र (पत्रों) ददनांदकत……………..के बावजूद [प्रजतजलजप संलग्न] प्रपत्र-III प्रस्ट्तात नहीं दकया ह/ैप्रस्ट्तात दकया ह।ै चालक को 15 ददनों के भीतर न्द्यायाजधकरण के समि प्रपत्र-III प्रस्ट्तात करन ेके जलए जनदेजित दकया जा सकता ह।ै ii. टक्कर मारन े वाल े वाहन के माजलक ने पत्र (पत्रों) ददनांदकत……………..के बावजूद [प्रजतजलजप संलग्न] प्रपत्र-IV प्रस्ट्तात नहीं दकया ह/ैप्रस्ट्तात दकया है। माजलक को 15 ददनों के भीतर न्द्यायाजधकरण के समि प्रपत्र-IV प्रस्ट्तात करने के जलए जनदेजित दकया जा सकता ह।ै iii. दाघगटना के पीजड़त लोगों ने पत्र (पत्रों) ददनांदकत……………..के बावजूद [प्रजतजलजप संलग्न] प्रपत्र-VI/प्रपत्र-Vअइए/प्रस्ट्तात नहीं दकया ह/ैप्रपत्र-VIए/प्रपत्र-Vअइए ऄधूरा भरा ह।ै पीजड़त को न्द्यायाजधकरण के समि 15 ददनों के भीतर प्रपत्र-VI/प्रपत्र-VIए प्रस्ट्तात करने के जलए जनदेजित दकया जा सकता ह।ै iv. पंजीकरण प्राजधकरण न े पत्र(पत्रों) ददनांदकत …………….. [प्रजतजलजप संलग्न] के बावजूद सयापन ररपोटग नहीं दी है। पंजीकरण प्राजधकरण को 15 ददनों के भीतर आस न्द्यायाजधकरण के समि सयापन ररपोटग सीधे प्रस्ट्तात करने को जनदेजित दकया जाए। v. ऄस्ट्पताल ने पत्र (पत्रों) ददनांदकत ……………..के बावजूद एमएलसी/पोस्ट्ट मॉटगम ररपोटग [प्रजतजलजप संलग्न] नहीं ददया ह।ै ऄस्ट्पताल को 15 ददनों के भीतर आस न्द्यायाजधकरण के समि ईपरोि दस्ट्तावेजों को प्रस्ट्तात करन ेका जनदिे ददया जाए।
33. संलग्न दकए जाने वाल ेदस्ट्तावेज दस्ट्तावेज संलग्न संलग्न [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 37 नहीं i. प्राथजमकी ii. प्रपत्र- I - पहली दाघगटना ररपोटग (एफएअर) iii. प्रपत्र- II – पीजड़त(ओं) के ऄजधकार और फ्लो चाटग iv. प्रपत्र- III - जमा दकए गए दस्ट्तावेजों के साथ चालक का प्रपत्र v. प्रपत्र- IV - जमा दकए गए दस्ट्तावेजों के साथ माजलक का प्रपत्र vi. प्रपत्र-V - दस्ट्तावेजों के साथ ऄतंररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) प्रस्ट्तात दकया गया vii. प्रपत्र-VI- दस्ट्तावेजों के साथ पीजड़त का प्रपत्र प्रस्ट्तात दकया गया viii. प्रपत्र-VIक – दस्ट्तावेजों सजहत पीजड़त के नाबाजलग बच्चों का जववरण प्रस्ट्तात दकया गया ix. प्रपत्र-VII- जवस्ट्तृत दाघगटना ररपोटग (डीएअर) x. प्रपत्र-VIII - साआट योजना xi. प्रपत्र-IX - यांजत्रक जनरीिण प्रजतवेदन xii. प्रपत्र-X - सयापन ररपोटग xiii. प्रपत्र-XI - दस्ट्तावेजों के साथ बीमा प्रपत्र प्रस्ट्तात दकया गया xiv. सभी कोणों से दाघगटना के दशृ्य की तस्ट्वीरें xv. सभी कोणों से दाघगटना में िाजमल वाहनों की तस्ट्वीरें xvi. दाघगटना का सीसीटीवी फा टेज xvii. धारा 173 सीअरपीसी के तहत ररपोटग xviii. मोटर वाहन ऄजधजनयम की धारा 133 के तहत नोरटस की प्रजत मौत का मामला xix. पोस्ट्टमाटगम ररपोटग चोट का मामला 38 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] xx. मेजडको लीगल केस (एमएलसी) प्रपत्र xxi. घायल की बहुकोणीय तस्ट्वीरें ऄन्द्य दस्ट्तावेज xxii. चालक से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करते हुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) xxiii. माजलक से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करत े हुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) xxiv. बीमा कंपनी से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करत े हुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) xxv. पीजड़त से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करते हुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) xxvi. पंजीकरण प्राजधकाररयों से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करते हुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) xxvii. ऄस्ट्पताल से संबंजधत सूचना/दस्ट्तावेज की मांग करत ेहुए जांच ऄजधकारी का पत्र (पत्रों) सयापन: ________ के आस _________ददन को ________ पर सयाजपत दकया गया दक ईपरोि ररपोटग की सामिी सय और सही ह,ै और जांच के दौरान दस्ट्तावेज एकत्र दकए गए थे। एस.एच.ओ./अइ.ओ. पी.अइ.एस./ कमगचारी सं . : _________ फोन नंबर : _________________ पीएस : _________ जतजथ : _________ फॉमग- VIII साआट योजना दाघगटना के 90 ददनों के भीतर डीएअर के साथ दावा न्द्यायाजधकरण के जांच ऄजधकारी द्वारा एफअइअर संख्या जतजथ आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 39
1. साआट योजना तैयार करन ेकी जतजथ
2. टक्कर का प्रकार (से टक्कर) पीछे से मारा पैदल चलन ेवालों के जलए वाहन रन-ऑफ रोड वाहन पलटना सीधी टक्कर ऄन्द्य (जवजनर्ददष् ट करें)
3. सड़क की ददिा एक तरफा रास्ट्ता दो-तरफा ऄन्द्य (जवजनर्ददष् ट करें)
4. गजलयों की संख्या
5. सड़क की चौड़ाइ
6. दाघगटना का स्ट्थान
7. सड़क और जंक्िन के नाम के साथ जवस्ट्ततृ साआट योजना, सड़क पर वाहन (वाहनों) की ददिा और स्ट्थान एस.एच.ओ./अइ.ओ. पी.अइ.एस./ कमगचारी सं . : _________ फोन नंबर: _________________ पी एस : _________ जतजथ : _________ फॉमग- IX यांजत्रक जनरीिण ररपोटग दाघगटना के 90 ददनों के भीतर डीएअर के साथ दावा न्द्यायाजधकरण के जांच ऄजधकारी द्वारा एफअइअर संख्या जतजथ आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन यांजत्रक जनरीिण की जतजथ मोटर वाहन जनरीिक का नाम मोटर वाहन जनरीिक की पंजीकरण संख्या 40 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
1. वाहन पंजीकरण संख्या
2. वाहन का प्रकार मोटर चाजलत दापजहया ऑटो कार/जीप/टैक्सी साआदकल ररक्िा हाथ ठेला साआदकल टेंपो/रैक्टर रक/लॉरी पिा द्वारा खींचे जाने वाली गाड़ी बस भारी जोड़ वाला वाहन / रॉली ऄज्ञात ऄन्द्य (जवजनर्ददष् ट करें)
3. वाहन की मेक
4. मॉडल का नाम
5. वाहन का रंग
6. आंजन संख्या
7. चेजसस नंबर
8. वाहन जनरीिण का स्ट्थान दाघगटना स्ट्थल गेराज ऄन्द्य (जवजनर्ददष् ट करें)
9. वाजणजज्यक वाहन के मामले में दफटनेस का जववरण परजमट का जववरण
10. प्रभाव 1 का साक्ष्य (पेंट पररवतगन) पेंट पररवतगन जमला हााँ नहीं पेंट पररवतगन का रंग पेंट पररवतगन का स्ट्थान
11. प्रभाव 2 के साक्ष्य (खरोंच के जनिान / ऄन्द्य) खरोंच का प्रकार खरोंच का स्ट्थान
12. प्रभाव का वबदा [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 41
13. वाहन की यांजत्रक जस्ट्थजत स्ट्टीयररग पजहया वाआपर दपगण ऄन्द्य
14. क्या वाहन संिोजधत दकया गया ह ै सीएनजी/एलपीजी दकट स्ट्थाजपत करना वाहन जनकाय का पररवतगन करके
15. टायरों की जस्ट्थजत मूल नइ रबड़ चढाइ गइ
16. हॉनग क्या स्ट्थाजपत हााँ नहीं यदद हां, तो क्या कायागमक हााँ नहीं
17. बे्रक लाआट और ऄन्द्य लाआट कायागमक हााँ नहीं
18. क्या वाहन की नंबर प्लेट खराब थी हााँ नहीं
19. एयरबैग की जस्ट्थजत क्या वाहन में एयरबैग लगे हैं हााँ नहीं यदद हां, तो क्या एयरबैग ऄसरदार तरीके से आस्ट् तेमाल दकए गए थ े हााँ नहीं
20. िैिजणक संस्ट्थान की बस के जलए, क्या वाहन में ऐसे दरवाजे लग ेथे जजन्द्हें बंद दकया जा सकता ह ैऔर क्या वाहन पर यह आंजगत करने के जलए ईपयाि जिलालखे था दक वे एक िैिजणक संस्ट्थान के कतगयक् में हैं
21. क्या वाहन में रंगा चढाया हुअ िीिा था हााँ नहीं
22. पीएसवी (वाजणजज्यक वाहन) के मामलों में स्ट्पीड जलजमटर जडवाआस क्या वाहन स्ट्पीड जलजमटर से सासजित ह ै हााँ नहीं यदद हां, तो क्या कायागमक हााँ नहीं
23. पार्ककग सेंसर क्या ररयर पार्ककग सेंसर स्ट्थाजपत हैं हााँ नहीं यदद हां, तो क्या कायागमक हााँ नहीं
24. वाहन स्ट्थान रैककग (वीएलटी) ईपकरण क्या स्ट्थाजपत हााँ नहीं यदद हां, तो क्या कायागमक हााँ नहीं
25. िजत का जववरण (अतंररक और बाहरी िजत और िजत की ऄनामाजनत लागत सजहत) 42 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
1. वाहन की तस्ट्वीरें मोटर वाहन जनरीिक जतजथ : _________ फामग-X सयापन ररपोटग वाहन डेटाबेस पर ईपलब्ध जानकारी के माध्यम से दाघगटना के 90 ददनों के भीतर डीएअर के साथ दावा न्द्यायाजधकरण के जांच ऄजधकारी द्वारा एफअइअर संख्या जतजथ आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. वाहन पंजीकरण संख्या वैधता ऄवजध
2. आंजन संख्या
3. चेजसस संख्या
4. वाहन की श्रेणी एलएमवी/एचएमवी/एमजीवी जनजी या वाजणजज्यक
5. वाहन जनमागण और मॉडल जनमागण नमूना
6. माजलक का जववरण नाम पता
7. बीमाकताग का जववरण
8. परजमट का जववरण परजमट संख्या वैधता
9. दफटनेस प्रमाणपत्र का जववरण दफटनेस सर्टटदफकेट नं. वैधता
10. ररकॉडग ईपलब्ध न होने की जस्ट्थजत में कारण बताएं [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 43 एस.एच.ओ./अइ.ओ. पी.अइ.एस./ कमगचारी सं . : _________ फोन नंबर : _________________ पीएस : _________ जतजथ : _________ फॉमग-XI बीमा प्रपत्र बीमा कंपनी के प्राजधकृत ऄजधकारी द्वारा दावा ऄजधकरण में डीएअर की प्राजप्त के 30 ददनों के भीतर एफअइअर संख्या जतजथ आस धारा के ऄंतगगत पाजलस स्ट्टेिन
1. वाहन की सूचना पंजीकरण संख्या वाहन की कंपनी वाहन मॉडल
2. बीजमत का जववरण नाम पता
3. नीजत जववरण पॉजलसी संख्या पॉजलसी की ऄवजध प्रकृजत/नीजत का प्रकार
4. दाघगटना की जतजथ
5. बीजमत यक्जि द्वारा बीमा कंपनी को दाघगटना की सूचना देने की जतजथ
6. एफएअर की प्राजप्त की जतजथ
7. अइएअर की प्राजप्त की जतजथ
8. डीएअर प्राप्त करन ेकी जतजथ
9. बीमा कंपनी द्वारा नाजमत ऄजधकारी की जनयाजि की जतजथ
10. नाजमत ऄजधकारी का जववरण नाम 44 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] पता
11. सवेिक/ऄन्द्वेषक की जनयाजि की जतजथ
12. सवेिक/ऄन्द्वेषक का नाम और पता नाम पता
13. सवेिक/ऄन्द्वेषक की ररपोटग की जतजथ
14. प्राजधकृत ऄजधकारी के जनणगय की जतजथ
15. क्या यह फॉमग डीएअर प्राप्त होने के 30 ददनों के भीतर दाजखल दकया गया ह?ै यदद नहीं, तो जवलम्ब का कारण बताएं हााँ नहीं मौत का मामला
16. मृतक का नाम
17. मृतक की अया
18. व् यवसाय
19. माजसक अय
20. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का जववरण नाम संबंध अया
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
(vi)
21. माअवजे की गणना राजि रुपय ेमें मृतक की अय (ए) भजवष्य की संभावनाएं जोड़ें (बी) मृतक का कम यक्जिगत खचग (सी) जनभगरता का माजसक नाकसान [(ए+बी) - सी = डी] जनभगरता की वार्भषक हाजन (डी x 12) गाणक (इ) जनभगरता का काल नाकसान [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 45 (इ x 12 x डी = एफ) जचदकसा यक्य (जी) संघ के नाकसान के जलए माअवजा (एच) प्यार और स्नेह के नाकसान का माअवजा (अइ) संपजत्त के नाकसान के जलए माअवजा (जे) ऄंजतम संस्ट्कार खचग के जलए माअवजा (के) का ल माअवजा (एफ+जी+एच+अइ+जे+के = एल) चोट का मामला
22. पीजड़त का नाम
23. पीजड़त की अया
24. व् यवसाय
25. माजसक अय
26. चोट की प्रकृजत सरल िजतकर
27. चोट का प्रकार
28. जचदकसा ईपचार का जववरण
29. स्ट्थायी जवकलांगता का जववरण (यदद कोइ हो)
30. माअवजे की गणना राजि रुपय ेमें आलाज पर खचग पररवहन पर यक्य जविेष अहार पर यक्य नर्डसग/ऄटेंडेंट की लागत कृजत्रम ऄंग की लागत कमाइ िमता का नाकसान अय की हाजन कोइ ऄन्द्य नाकसान जजसके जलए घायल को ईसके िेष जीवन के जलए दकसी जविेष ईपचार या सहायता की अवश्यकता हो सकती ह ै मानजसक और िारीररक अघात के जलए माअवजा 46 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ददग और पीड़ा जीवन की साजवधाओं का नाकसान का ूपपता िादी की संभावनाओं का नाकसान कमाइ का नाकसान, ऄसाजवधा, करठनाइ, जनरािा, हतािा, मानजसक तनाव, भजवष्य के जीवन में जनरािा और दाख अदद का ल माअवजा
31. यदद बीमा कंपनी माअवजे का भागतान करन ेके जलए दाजयव स्ट्वीकार नहीं करती है, तो ईन अधारों का खालासा करें जजन पर बीमा कंपनी दावा करना चाहती ह:ै सयापन: _________ के आस ______ ददन पर __________ पर सयाजपत दकया गया दक ईपरोि ररपोटग की सामिी सय और सही ह।ै मैं माअवजे की गणना के जसद्धांतों से ऄच्छी तरह वादकफ ह ंऔर ईसी के ऄनासार माअवजे की गणना के जलए अवेदन करना चाहता ह।ं प्राजधकृत ऄजधकारी
1. सवेयर/ऄन्द्वेषक की ररपोटग फॉमग - XII पीजड़त प्रभाव ररपोटग एसएलएसए द्वारा संबंजधत मेरोपॉजलटन मजजस्ट्रेट को दोषजसजद्ध के 30 ददनों के भीतर और सजा के समय जवचार दकया जाना चाजहए ि. स.ं ईल् लखे जववरण
1. एफअइअर नंबर, जतजथ और धारा के तहत
2. पाजलस स्ट्टेिन का नाम
3. ऄपराध की जतजथ, समय और स्ट्थान
4. पीजड़त (पीजड़तों) को हुइ चोट/नाकसान की प्रकृजत i. िारीररक नाकसान क. साधारण चोटें ख. गंभीर चोटें ग. मौत ii. भावनामक नाकसान [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 47 iii. संपजत्त की िजत / हाजन iv. कोइ ऄन्द्य हाजन/चोट
5. ऄपराध (ऄपराधों) का संजिप्त जववरण जजसमें ऄजभयाि को दोषजसद्ध दकया गया ह ै
6. पीजड़त का नाम
7. जपता/पजत/पत्नी का नाम
8. अया
9. वलग
10. वैवाजहक जस्ट्थजत
11. पता: स्ट्थायी वतगमान
12. संपकग जानकारी: मोबाआल इमेल अइडी I. मृ या का मामला ि. स.ं ईल् लखे जववरण
13. मृतक का नाम
14. जपता/पजत/पत्नी का नाम
15. मृतक की अया
16. मृतक का वलग
17. मृतक की वैवाजहक जस्ट्थजत
18. मृतक का यक्वसाय
19. मृतक की अय
20. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का नाम, अया और संबंध: नाम अया वलग ररश्ता
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
(vi)
21. नाकसान का जववरण अर्भथक नाकसान:
(i) मृतक की अय (ए) 48 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(ii) भजवष्य की संभावनाएं जोड़ें (बी)
(iii) मृतक का कम यक्जिगत खचग (सी)
(iv) जनभगरता का माजसक नाकसान [(ए+बी) - सी = डी]
(v) जनभगरता की वार्भषक हाजन (डी x 12)
(vi) गाणक (इ)
(vii) जनभगरता की काल हाजन (डी x 12 x इ = एफ)
(viii) जचदकसा के खचे
(ix) ऄंजतम संस्ट्कार का ख़चग
(x) कोइ ऄन्द्य अर्भथक हाजन/िजत गरै-अर्भथक नाकसान:
(xi) संघ का नाकसान
(xii) प्यार और स्नेह का नाकसान
(xiii) संपजत्त की हाजन
(xiv) भावनामक नाकसान/अघात, मानजसक और िारीररक अघात अदद
(xv) ऄजभघातजन्द्य तनाव जवकार (वचता, ऄवसाद, ित्राता, ऄजनद्रा, अम-जवनािकारी यक्वहार, बारे सपन,े अंदोलन, सामाजजक ऄलगाव, अदद) अतंक जवकार या भय (ए) जो मृतक पीजड़त की घटना / मृया से ईपि हुअ।
(xvi) कोइ ऄन्द्य गरै-अर्भथक हाजन/िजत का ल नाकसान हुअ II. चोट का मामला ि. स.ं जववरण जववरण
22. घायलों का नाम
23. जपता/पजत/पत्नी का नाम
24. घायलों की अया
25. घायलों का वलग
26. घायलों की वैवाजहक जस्ट्थजत
27. घायलों का यक्वसाय
28. घायलों की अय
29. चोट की प्रकृजत और जववरण
30. घायलों का दकया गया जचदकसा ईपचार [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 49
31. ऄस्ट्पताल का नाम और ऄस्ट्पताल में भती होने की ऄवजध
32. सजगरी का जववरण, यदद हुअ हो
33. क्या कोइ स्ट्थायी जवकलांगता ह?ै यदद हां, तो जववरण दें
34. क्या घायलों को जचदकसा यक्य की प्रजतपूर्भत जमली?
35. घायलों के पररवार/अजश्रतों का जववरण: नाम अया वलग ररश्ता
(i)
(ii)
(iii)
(iv)
(v)
(vi)
36. नाकसान का जववरण अर्भथक नाकसान:
(i) ईपचार, वाहन, जविेष अहार, पररचारक अदद पर दकया गया यक्य।
(ii) यदद ईपचार ऄभी भी जारी ह,ै तो भजवष्य के ईपचार पर होने वाले संभाजवत यक्य का ऄनामान दें
(iii) अय की हाजन
(iv) कोइ ऄन्द्य नाकसान जजसके जलए घायल को ईसके िेष जीवन के जलए दकसी जविेष ईपचार या सहायता की अवश्यकता हो सकती ह ै
(v) मूल्यांकन की गइ जवकलांगता का प्रजतित और स्ट्थायी या ऄस्ट्थायी के ूपप में जवकलांगता की प्रकृजत
(vi) जवकलांगता के संबंध में ऄजगन िमता के नाकसान का प्रजतित
(vii) भजवष्य की अय का नाकसान - (अय x% ऄजगन िमता x गाणक)
(viii) कोइ ऄन्द्य अर्भथक हाजन/िजत 50 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] गरै-अर्भथक नाकसान:
(i) ददग और पीड़ा
(ii) जीवन की साख-साजवधाओं की हाजन, ऄसाजवधा, करठनाइ, जनरािा, हतािा, मानजसक तनाव, भावी जीवन में जनरािा और दाःख अदद।
(iii) ऄजभघातजन्द्य तनाव जवकार (वचता, ऄवसाद, ित्राता, ऄजनद्रा, अम-जवनािकारी यक्वहार, बारे सपने, अंदोलन, सामाजजक ऄलगाव, अदद) अतंक जवकार या भय (ए) जो घटना से िाूप हुअ।
(iv) भावनामक नाकसान/अघात, मानजसक और िारीररक अघात अदद।
(v) का ूपपता
(vi) िादी की संभावनाओं का नाकसान
(vii) प्रजतष्ा की हाजन
(viii) कोइ ऄन्द्य गरै-अर्भथक हाजन/िजत का ल नाकसान हुअ III. सपंजत्त को नाकसान / हाजन ि. स.ं ईल् लखे जववरण
37. िजतिस्ट्त/खोइ हुइ संपजत्त का जववरण
38. नाकसान का मूल्य भागतना पड़ा IV. अरोपी का अचरण ि. स.ं ईल् लखे जववरण
39. क्या अरोपी मौके से भाग े यदद हां, तो वह पाजलस/ऄदालत के समि कब पिे हुअ या जगरफ्तार दकया गया?
40. क्या अरोपी ने दाघगटना की सूचना पाजलस/पीजड़त के पररवार को दी थी?
41. i. क्या ऄजभयाि ने पीजड़त को कोइ सहायता प्रदान की? ii. क्या अरोपी पीजड़त को ऄस्ट्पताल ले गया? iii. क्या अरोपी ने पीजड़त से ऄस्ट्पताल में मालाकात की?
42. क्या पाजलस के अने तक अरोपी मौके पर ही रहा
43. क्या अरोपी ने जांच में सहयोग दकया
44. क्या पाजलस के अने से पहल ेअरोपी न ेऄपनी गाड़ी मौके से हटा ली थी?
45. क्या ऄजभयाि न े पीजड़त/ईसके पररवार को माअवजा/जचदकसा यक्य का [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 51 भागतान दकया ह ै
46. क्या ऄजभयाि के पास पहले से दोष हैं
47. क्या अरोपी पीजड़त का करीबी ररश्तदेार या दोस्ट्त ह/ै था
48. अरोपी की अया
49. अरोपी का वलग
50. क्या दाघगटना के दौरान अरोपी को चोटें अइ हैं
51. क्या ऄजभयाि न ेमोटर वाहन ऄजधजनयम, 1988 की धारा 132 और 134 के तहत कतगयक्ों का जनवगहन दकया? यदद नहीं, तो क्या ऄजभयाि पर मोटर वाहन ऄजधजनयम की धारा 187 के ऄंतगगत ऄजभयोग चलाया गया ह ै
52. क्या चालक पहले मोटर दाघगटना के मामल ेमें िाजमल रहा ह ै यदद हााँ, तो जनम्नजलजखत जववरण प्रदान करें: एफअइअर नंबर और पाजलस स्ट्टेिन
53. यदद चालक मौके से भाग गया, तो क्या माजलक न ेएमवी ऄजधजनयम की धारा 133 के प्रावधानों का पालन दकया?
54. ऄजभयाि के अचरण के संबंध में कोइ ऄन्द्य जानकारी
55. स्ट्पष्ट योगदान पररजस्ट्थजतया ं i. वैध ड्राआववग लाआसेंस के जबना ड्राआववग ii. ऄयोग्यता के दौरान ड्राआववग iii. पयगवेिण के जबना जििाथी ड्राआववग iv. वाहन का बीमा नहीं v. चोरी का वाहन चलाना vi. माजलक की सहमजत के जबना जनकाला गया वाहन vii. खतरनाक तरीके से या ऄयजधक गजत से वाहन चलाना viii. खतरनाक तरीके से भरा हुअ वाहन/ओवरलोडेड ix. सड़क के गलत दकनारे पर पार्ककग x. सड़क के गलत दकनारे पर ऄनाजचत पार्ककग/पार्ककग xi. यातायात जनयमों का पालन न करना 52 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] xii. खराब रखरखाव वाला वाहन xiii. नकली/जाली ड्राआववग लाआसेंस xiv. अिेप / दौरे का आजतहास xv. थका हुअ / नींद xvi. पूवग में यातायात जनयमों के ईल्लंघन का दोषी xvii. जपछली सजा xviii. जचदकसीय जस्ट्थजत से पीजड़त जो ड्राआववग को बाजधत करता ह ै xix. वाहन चलात ेसमय मोबाआल फोन का ईपयोग करना (हाथ में पकड़ना) xx. वाहन चलात ेसमय मोबाआल फोन का ईपयोग करना ( हैंड्सफ्री ) xxi. एक से ऄजधक घायल / मृत xxii. िराब या निीली दवाओं के प्रभाव में
56. अिामक ड्राआववग i. जंवपग रेड लाआट ii. ऄचानक ब्रेक लगाना iii. सड़क के बाईं ओर रखन ेकी ईपिेा iv. दिस िॉस ड्राआववग v. गलत साआड ड्राआववग vi. सामने वाहन के पास ड्राआववग vii. ओवरटेक करने के ऄनाजचत प्रयास viii. ओवरटेक करने के बाद काटना ix. गजत सीमा से ऄजधक x. रेवसग/प्रजतस्ट्पधी ड्राआववग xi. दकसी भी चेतावनी की ऄवहलेना [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 53 xii. जहां जनजषद्ध हो वहां ओवरटेक करना xiii. तेज संगीत के साथ ड्राआववग xiv. ऄनाजचत ईलटा xv. ऄनाजचत पावसग xvi. ऄनाजचत मोड़ xvii. संकेत के जबना माड़ना xviii. नो-एंरी जोन में ड्राआववग xix. जंक्िनों/िॉवसगों पर धीमा नहीं होना xx. संकेत के साथ माड़ना xxi. स्ट्टॉप साआन का सम्मान नहीं करना xxii. पैदल चलने वालों के रास्ट्ते के ऄजधकार का सम्मान नहीं
57. गरै जजम्मदेाराना यक्वहार i. दाघगटना के बाद रुकन ेमें जवफल ii. वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए iii. सबूत नष्ट करन ेया नष्ट करन ेका प्रयास iv. यह झूठा दावा करना दक पीजड़तों में से एक दाघगटना के जलए जजम्मेदार था v. भागने के िम में पीजड़ता को घामाकर वाहन के बोनट से फें कने की कोजिि vi. ऄपराध को ऄंजाम देने के बाद खतरनाक ड्राआववग के दौरान मौत/चोट पहुचंाना या पता लगान ेया अिंका से बचने के प्रयास में पाजलस द्वारा पीछा करना vii. ऄपराधी के जमानत पर रहने के दौरान दकया गया ऄपराध viii. कोइ झूठा बचाव जलया ix. जांच को गामराह दकया x. दाघगटना के बाद रोड रेज यक्वहार 54 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] IV. अरोपी की भागतान िमता अरोपी न ेऄपनी संपजत्त और अय का हलफनामा प्रस्ट्तात दकया ह।ै अरोपी द्वारा ऄपन ेहलफनामे में ददए गए जववरणों को एसडीएम/पाजलस/ऄजभयोजन के माध्यम से सयाजपत दकया गया ह ैऔर ईस पर जवचार करने के बाद, अरोपी की भागतान िमता का अकलन जनम्नानासार दकया जाता ह:ै ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... V. राज्य जवजधक सवेा प्राजधकरण की जसफाररिें ऄपराध की गंभीरता को ध्यान में रखत ेहुए, पीजड़त को हुइ मानजसक/िारीररक िजत/चोट की गंभीरता; पीजड़त (पीजड़तों) को हुए नाकसान और अरोपी की भागतान िमता, सजमजत की जसफाररिें आस प्रकार हैं: - ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... ……………………………………… ……………………………………… ............... स्ट् थान: सदस्ट् य सजचव जतजथ: राज् य जवजधक सेवा प्राजधकरण दस्ट्तावजे पर जवचार दकया गया और ररपोटग के साथ सलंग्न दकया गया मृया के मामलों में:
1. मृया प्रमाण पत्र
2. मृतक की अया का प्रमाण जो क) जन्द्म प्रमाण पत्र के ूपप में हो सकता है; ख) स्ट्कूल प्रमाणपत्र; ग) िाम पंचायत से प्रमाण पत्र (जनरिर के मामले में); घ) अधार काडग
3. मृतक के यक्वसाय और अय का प्रमाण जो क) वेतन पची/वेतन प्रमाण पत्र (वेतनभोगी कमगचारी) के ूपप में हो सकता ह;ै ख) जपछल ेछह महीनों के बैंक जववरण; ग) अयकर ररटनग; बैलेंस िीट
4. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का प्रमाण (नाम, अया, पता, फोन नंबर और संबंध)
5. ईपचार ररकॉडग, जचदकसा जबल और ऄन्द्य यक्य
6. बैंक खाता नम्बर मृतक के काननूी प्रजतजनजधयों की बैंक के नाम और पते के साथ
7. कोइ ऄन्द्य दस्ट्तावेज प्रासंजगक पाया गया चोट के मामलों में:
1. घायलों की मल्टी एगंल तस्ट्वीरें
2. मृतक की अया का प्रमाण जो क) जन्द्म प्रमाण पत्र के ूपप में हो सकता ह;ै ख) स्ट्कूल प्रमाणपत्र; ग) िाम पंचायत से प्रमाण पत्र (जनरिर के मामले में); घ) अधार काडग [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 55
3. मृतक के यक्वसाय और अय का प्रमाण जो क) वेतन पची/वेतन प्रमाण पत्र (वेतनभोगी कमगचारी) के ूपप में हो सकता ह;ै ख) जपछल ेछह महीनों के बैंक जववरण; ग) अयकर ररटनग; बैलेंस िीट
4. ईपचार ररकॉडग, जचदकसा जबल और ऄन्द्य खचग।
5. जवकलांगता प्रमाण पत्र (यदद ईपलब्ध हो)
6. काम से ऄनापजस्ट्थजत का प्रमाण जहां चोट के कारण अय की हाजन का दावा दकया जा रहा है, जो दक क) जनयोिा से प्रमाण पत्र के ूपप में हो सकता ह;ै ख) ईपजस्ट्थजत रजजस्ट्टर से ईद्धरण।
7. जनयोिा द्वारा या मेजडक्लेम पॉजलसी के तहत जचदकसा यक्य की प्रजतपूर्भत का प्रमाण , यदद जलया गया हो
8. कोइ ऄन्द्य दस्ट्तावेज प्रासंजगक पाया गया फॉमग - XIII मोटर दाघगटना दावा ररब्यनूल के समि ……………………… … .याजचकाकताग बनाम ……………………… … ..प्रजतवादी मृया के मामलों में पिकारों द्वारा दायर की जान ेवाली जलजखत प्रस्ट्ताजतयों का प्राूपप
1. दाघगटना की जतजथ …………………………………………………
2. मृतक का नाम…………………………………………………………
3. मृतक की अया …………………………………………………
4. मृतक का यक्वसाय………………………………………………
5. मृतक की अय ……………………………………………………
6. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का नाम, अया और संबंध ि. स.ं नाम अया ररश्ता
1.
2.
3.
4.
5.
7. माअवजे की गणना ि. स.ं िीषग याजचकाकतागओं का दावा प्रजतवादी (ओं) की प्रजतदिया i. मृतक की अय (ए) 56 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ii. भजवष्य की संभावनाएं जोड़ें (बी) iii. मृतक का कम यक्जिगत खचग (सी) iv. जनभगरता की माजसक हाजन [(ए+बी) – सी = डी] v. जनभगरता की वार्भषक हाजन (डी x 12) vi. गाणक (इ) vii. जनभगरता की काल हाजन (डी x 12 x इ = एफ) viii. जचदकसा यक्य (जी) ix. संघ के नाकसान के जलए माअवजा (एच) x. प्यार और स्नेह के जलए माअवजा (अइ) xi. संपजत्त के नाकसान के जलए माअवजा (जे) xii. ऄंजतम संस्ट्कार खचग के जलए माअवजा (के) का ल माअवजा (एफ + जी + एच + अइ + ज े + के = एल) रुजच फॉमग - XIV मोटर दाघगटना दावा ररब्यनूल के समि ……………………… … .याजचकाकताग बनाम ……………………… … ..प्रजतवादी चोट के मामलों में पिकारों द्वारा दायर की जान ेवाली जलजखत प्रस्ट्ताजतयों का प्राूपप
1. दाघगटना की जतजथ ……………………………………………………………..…
2. घायलों का नाम …………………………………………………………
3. घायलों की अया …………………………………………………………..
4. घायलों का यक्वसाय …………………………………………………
5. घायलों की अय …………………………………………………
6. चोट की प्रकृजत …………………………………………………..…
7. घायलों द्वारा दकया गया जचदकसा ईपचार ……………………………………… [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 57
8. ऄस्ट्पताल में भती होन ेकी ऄवजध ………………………………………………
9. क्या कोइ स्ट्थायी जवकलांगता ह?ै यदद हााँ, तो जववरण दें …………………………………………………………………………………………………………… ………………………………………………………………………
10. घायलों और चोट की तस्ट्वीरें ……………………………
11. माअवजे की गणना: - ि. स.ं िीषग याजचकाकतागओं का दावा प्रजतवादी (ओं) की प्रजतदिया
12. अर्भथक नाकसान: i. आलाज पर खचग ii. पररवहन पर यक्य iii. जविेष अहार पर यक्य iv. नर्डसग/ऄटेंडेंट की लागत v. अय की हाजन vi. कृजत्रम ऄंग की लागत (यदद लाग ूहो) vii. कोइ ऄन्द्य हाजन/यक्य
13. गरै-अर्भथक हाजन: i. मानजसक और िारीररक अघात के जलए माअवजा ii. ददग और पीड़ा iii. जीवन की साजवधाओं का नाकसान iv. का ूपपता v. िादी की संभावनाओं का नाकसान vi. कमाइ का नाकसान, ऄसाजवधा, करठनाइ, जनरािा, हतािा, मानजसक तनाव, भजवष्य के जीवन में जनरािा और दाख अदद
14. जवकलागंता के पररणामस्ट्वूपप कमाइ की िमता का नाकसान: 58 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] i. मूल्यांकन की गइ जवकलांगता का प्रजतित और स्ट्थायी या ऄस्ट्थायी के ूपप में जवकलांगता की प्रकृजत ii. जवकलांगता के कारण साजवधाओं की हाजन या जीवन काल की ईम्मीद की हाजन iii. जवकलांगता के संबंध में ऄजगन िमता के नाकसान का प्रजतित iv. भजवष्य की अय का नाकसान - (अय x% ऄजगन िमता x गाणक) का ल माअवजा ब् याज फॉमग - XV मृया के मामलों में ऄजधजनणगय राजि की गणना का सारािं ऄजधजनणगय में िाजमल दकया जाना
1. दाघगटना की जतजथ ………………………………………………………………………
2. मृतक का नाम……………………………………………………..
3. मृतक की अया…………………………………………………………
4. मृतक का यक्वसाय…………………………………………………
5. मृतक की अय …………………………………………………
6. मृतक के कानूनी प्रजतजनजधयों का नाम, अया और संबंध: ि. स.ं नाम अया ररश्ता i. ii. iii. iv. v. vi. माअवज ेकी गणना ि. स.ं िीषग दावा न्द्यायाजधकरण द्वारा पारस्ट्कृत
7. मृतक की अय (ए)
8. भजवष्य की संभावनाएं जोड़ें (बी)
9. मृतक का कम यक्जिगत खचग (सी) [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 59
10. जनभगरता का माजसक नाकसान [(ए+बी) - सी = डी]
11. जनभगरता की वार्भषक हाजन (डी x 12)
12. गाणक (इ)
13. जनभगरता की काल हाजन (डी x 12 x इ = एफ)
14. जचदकसा यक्य (जी)
15. संघ के नाकसान के जलए माअवजा (एच)
16. प्यार और स्नेह के नाकसान के जलए माअवजा (अइ)
17. संपजत्त के नाकसान के जलए माअवजा (ज)े
18. ऄंजतम संस्ट्कार खचग के जलए माअवजा (के)
19. का ल माअवजा (एफ + जी + एच + अइ + ज े+ के = एल)
20. प्रदान की गइ ब्याज दर
21. ऄजधजनणगय की जतजथ तक ब्याज राजि (एम)
22. ब्याज सजहत का ल राजि (एल+एम)
23. जारी की गइ ऄजधजनणगय राजि
24. एफडीअर में रखी ऄजधजनणगय राजि
25. जवजध दावेदार (ओं) को ऄजधजनणगय राजि के जवतरण का तरीखा
26. ऄजधजनणगय के ऄनापालन के जलए ऄगली जतजथ फॉमग XVI चोट के मामलों में ऄजधजनणगय राजि की गणना का सारािं ऄजधजनणगय में िाजमल दकया जाएगा
1. दाघगटना की जतजथ …………………………………………………………..
2. घायलों का नाम ………………………………………………
3. घायलों की अया ……………………………………………………..
4. घायलों का यक्वसाय ………………………………………………..
5. घायलों की अय ……………………………………………………………
6. चोट की प्रकृजत ……………………………………………………………
7. घायलों द्वारा जलया गया जचदकसा ईपचार …………………………………….. ………………………………………………………………………………………………..…
8. ऄस्ट्पताल में भती होन ेकी ऄवजध……………………………………………………………
9. क्या कोइ स्ट्थायी जवकलांगता ह?ै यदद हां, तो जववरण दें………………………… ………………………………………………………………………………………………..…
10. माअवज ेकी गणना ि. स.ं िीषग ररब्यनूल द्वारा ऄजधजनर्भणत 60 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
11. अर्भथक नाकसान:
(i) आलाज पर खचग
(ii) पररवहन पर यक्य
(iii) जविेष अहार पर यक्य
(iv) नर्डसग/ऄटेंडेंट की लागत
(v) कृजत्रम ऄंग की लागत
(vi) कमाइ िमता का नाकसान
(vii) अय की हाजन
(viii) कोइ ऄन्द्य नाकसान जजसके जलए घायल को ईसके िेष जीवन के जलए दकसी जविेष ईपचार या सहायता की अवश्यकता हो सकती ह ै
12. गरै-अर्भथक हाजन:
(i) मानजसक और िारीररक अघात के जलए माअवजा
(ii) ददग और पीड़ा
(iii) जीवन की साजवधाओं का नाकसान
(iv) का ूपपता
(v) िादी की संभावनाओं का नाकसान
(vi) कमाइ का नाकसान, ऄसाजवधा, करठनाइ, जनरािा, हतािा, मानजसक तनाव, भजवष्य के जीवन में जनरािा और दाख अदद।
13. जवकलागंता के पररणामस्ट्वूपप कमाइ की िमता का नाकसान:
(i) मूल्यांकन की गइ जवकलांगता का प्रजतित और स्ट्थायी या ऄस्ट्थायी के ूपप में जवकलांगता की प्रकृजत
(ii) जवकलांगता के कारण साजवधाओं की हाजन या जीवन काल की ईम्मीद की हाजन
(iii) जवकलांगता के संबंध में ऄजगन िमता के नाकसान का प्रजतित
(iv) भजवष्य की अय का नाकसान - (अय x% ऄजगन िमता x गाणक)
14. का ल माअवजा
15. ऄजधजनर्भणत ब्याज
16. ऄजधजनणगय की जतजथ तक ब्याज राजि [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 61
17. ब्याज सजहत का ल राजि
18. जारी की गइ ऄजधजनर्भणत राजि
19. एफडीअर में रखी ऄजधजनणगय राजि
20. दावेदार (ओं) को ऄजधजनणगय राजि के जवतरण का तरीका
21. ऄजधजनणगय के ऄनापालन के जलए ऄगली जतजथ फॉमग - XVII ऄजधजनणगय में प्रावधानों की ऄनापालना का ईल् लखे
1. दाघगटना की जतजथ
2. फॉमग- I दाजखल करने की जतजथ - पहली दाघगटना ररपोटग (एफएअर)
3. पीजड़त(ओं) को प्रपत्र- II के जवतरण की जतजथ
4. ड्राआवर से फॉमग-III प्राप्त करन ेकी जतजथ
5. माजलक से फॉमग- IV प्राप्त करन ेकी जतजथ
6. फॉमग-V-ऄतंररम दाघगटना ररपोटग (अइएअर) दाजखल करने की जतजथ
7. पीजड़तों स ेफॉमग- VI और फॉमग-VIए प्राप्त करन ेकी जतजथ
8. फॉमग-VII दाजखल करन ेकी जतजथ - जवस्ट्ततृ दाघगटना ररपोटग (डीएअर)
9. क्या जांच ऄजधकारी की ओर से कोइ देरी या कमी थी? यदद हां, तो क्या कोइ कारगवाइ/जनदेि ऄपेजित ह?ै
10. बीमा कंपनी द्वारा नाजमत ऄजधकारी की जनयाजि की जतजथ
11. क्या बीमा कंपनी के प्राजधकृत ऄजधकारी न े डीएअर के 30 ददनों के भीतर ऄपनी ररपोटग प्रस्ट्तात की?
12. क्या बीमा कंपनी के प्राजधकृत ऄजधकारी की ओर से कोइ जवलंब या कमी थी? यदद हां, तो क्या कोइ कारगवाइ/जनदेि ऄपेजित ह?ै
13. बीमा कंपनी के प्रस्ट्ताव पर दावेदार (ओं) की प्रजतदिया की जतजथ
14. ऄजधजनणगय की जतजथ
15. क्या दावेदार (ओं) को ईनके जनवास स्ट्थान के पास बचत बैंक खाता खोलने के जलए जनदेजित दकया गया था?
16. अदेि की जतजथ जजसके द्वारा दावेदार (ओं) को ऄपने जनवास स्ट्थान के पास बचत बैंक खाता खोलन ेऔर पनै काडग और अधार काडग प्रस्ट्तात करन ेका जनदिे ददया गया था और बैंक को दावेदार को कोइ चेक बाक / डेजबट काडग जारी नहीं करने का जनदेि ददया गया था और पासबाक पर आस अिय का पृष् ठांकन करें
17. जजस जतजथ को दावेदार (ओं) ने ऄपन ेजनवास स्ट्थान के पास ऄपन ेबचत बैंक खाते की पासबाक, पृष् ठांकन सजहत, पैन काडग और अधार काडग के साथ प्रस्ट्तात 62 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] की?
18. दावेदार (ओं) का स्ट्थायी अवासीय पता
19. क्या दावेदार (ओं) का बचत बैंक खाता ईसके जनवास स्ट्थान के जनकट ह?ै
20. क्या दावेदार (ओं) की जवत्तीय जस्ट्थजत का पता लगाने के जलए ऄजधजनणगय पाररत करते समय ईनकी जांच की गइ थी? फॉमग - XVIII दावा न्द्यायाजधकरण द्वारा रख ेजान ेवाल ेऄजधजनणगय के ररकॉडग का प्राूपप जतजथ रजजस्ट्टर की पषृ् ठ सखं्या ि. स.ं ब्यौरा
1. सौंपे जाने की जतजथ
2. केस नंबर
3. मामले का िीषगक
4. सौंपी गइ राजि
5. जमाकताग द्वारा दावेदार (दावेदार (ओं)) को जमा करने की सूचना की जतजथ
6. ररब्यूनल द्वारा दावेदार (दावेदार (ओं)) को जमा करने की सूचना की जतजथ
7. जमा की सूचना की जतजथ तक ब्याज की राजि
8. जमा करने की जतजथ के साथ जमा की गइ राजि
9. जमा की सूचना की जतजथ तक ब्याज की राजि
10. क्या संपूणग ऄजधजनणगय राजि और ब्याज जमा दकया गया ह।ै यदद नहीं, तो बकाया ऄजधजनणगय राजि/ब्याज िेष
11. ऄजधजनर्भणत ब् याज की िषे राजि को वसूलन ेके जलए की गइ कारगवाइ
12. दावेदार (ओं) को ऄजधजनणगय राजि करन ेकी जतजथ
13. ऄजधजनर्भणत राजि जारी करन ेका तरीका: (चेक पर दकए गए पृष्ांकन का जववरण दें)
14. रटप्पजणयां [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 63 प्रपत्र - XIX मोटर दाघगटना दावा वार्भषकी जमा (एमएसीएडी) योजना ि. स.ं योजना की जविषेताएं जववरण/जववरण
1. प्रयोजन एकमाश्त राजि, जैसा दक न्द्यायालय / न्द्यायाजधकरण द्वारा तय दकया गया ह,ै आसे समान माजसक दकस्ट्तों (इएमअइ) में प्राप्त करने के जलए जमा दकया गया ह,ै जजसमें मूल राजि और ब्याज का एक जहस्ट्सा िाजमल ह।ै
2. पात्रता एकल नाम में ऄजभभावक के माध्यम से ऄवयस्ट्कों सजहत यक्जि
3. होवल्डग का तरीका ऄकेल े
4. खाते का प्रकार मोटर दाघगटना दावा वार्भषकी (सावजध) जमा खाता (मैकाड)
5. जमा राजि i. ऄजधकतम: कोइ सीमा नहीं ii. न्द्यूनतम - न्द्यूनतम माजसक वार्भषकी के अधार पर 1,000/- रु. प्रासंजगक ऄवजध के जलए।
6. कायगकाल i. 36 से 120 महीने ii. यदद ऄवजध 36 महीने से कम ह,ै तो सामान्द्य एफडी खोली जाएगी। iii. न्द्यायालय के जनदेि के ऄनासार लंबी ऄवजध (120 महीने से ऄजधक) के जलए एमएसीडी पर जवचार दकया जाएगा।
7. ब्याज की दर कायगकाल के ऄनासार प्रचजलत ब्याज दर।
8. रसीदें/सलाह i. जमाकतागओं को कोइ रसीद जारी नहीं की जाएगी। ii. एमएसीएडी के जलए पासबाक जारी की जाएगी
9. ऊण साजवधा कोइ ऊण या ऄजिम की ऄनामजत नहीं दी जाएगी।
10. नामांकन साजवधा i. ईपलब्ध। ii. ऄदालत के जनदेिानासार एमएसीएडी को जवजधवत नामांदकत दकया जाएगा।
11. समयपूवग भागतान i. दावेदार के जीवन के दौरान एमएसीडी का समय से पहले बंद या अंजिक एकमाश्त भागतान ऄदालत की ऄनामजत से दकया जाएगा। हालााँदक, यदद ऄनामजत दी जाती ह,ै तो वार्भषकी राजि में पररवतगन के साथ, िेष ऄवजध और राजि, यदद कोइ हो, के जलए 64 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] वार्भषकी भाग को दफर से जारी दकया जाएगा। ii. समय से पहल ेबंद करन ेका जामागना नहीं लगाया जाएगा। iii. दावेदार की मृया के मामले में, नाजमत यक्जि को भागतान दकया जाना ह।ै नामांदकत यक्जि के साथ जारी रखन ेका जवकल्प ह ैवार्भषकी या पूवग बंद करना चाहत ेहैं।
12. स्रोत पर कर कटौती i. ब्याज भागतान अयकर जनयमों के ऄनासार टीडीएस के ऄधीन ह।ै कर कटौती से छूट पाने के जलए जमाकताग द्वारा फॉमग 15जी/15एच जमा दकया जा सकता ह।ै ii. टीडीएस के माजसक अधार पर वार्भषकी राजि को एमएसीटी बचत बैंक खाते में जमा दकया जाएगा। ” [फा. सं. अरटी-11036/64/2019-एमवीएल(भाग II)] ऄजमत वरदान, संयाक् त सजचव नोट : मूल जनयम भारत के राजपत्र, ऄसाधारण, भाग II, खंड 3, ईप खंड (i) में ऄजधसूचना संख् या सा. का. जन. 590(ऄ), ददनांक 02 जून, 1989 द्वारा प्रकाजित दकए गए थे और जपछली बार ऄजधसूचना संख् या सा.का.जन.......(ऄ), ददनांक ............. के माध् यम से संिोजधत दकए गए थे। MINISTRY OF ROAD TRANSPORT AND HIGHWAYS NOTIFICATION New Delhi, the 2nd August, 2021 G.S.R. 528(E).— The following draft rules further amend the Central Motor Vehicles Rules, 1989, which the Central Government proposes to make in exercise of the powers conferred by Sections 147(2), 149, 159, 160, 161, 162(2), 164A, 164B, and 164C(2)(k) of the Motor Vehicles Act, 1988 ( 59 of 1988) is hereby published as required by sub-section (1) of Section 212 of the said Act for information of all persons likely to be affected thereby and notice is hereby given that the said draft rules shall be taken into consideration after the expiry of a period of thirty days from the date on which the copies of this notification as published in the Gazette of India, are made available to the public. Objections or suggestions, if any, may be sent to the Joint Secretary (MVL), Ministry of Road Transport and Highways, Transport Bhawan, Parliament Street, New Delhi-110 001, Email: comments-morth@gov.in. Any objections or suggestions which may be received from any person with respect to the said draft rules before the expiry of the period aforesaid will be considered by the Central Government; DRAFT RULES
1. Short title and commencement. - (1) These rules may be called as the Central Motor Vehicles (……………Amendment) Rules, 2021.
2. Save as otherwise provided in these rules, they shall come into force on the date of their final publication in the Official Gazette.
3. In the Central Motor Vehicles Rules, 1989 (herein after referred as the said rules)- i. After Rule 140, the following sections shall be inserted, namely: - [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 65 ―140A. Mode of release of award of the Claims Tribunal
1. Unless specified by the Claims Tribunal, the mode of release of the amount of compensation awarded by the Claims Tribunal shall be in accordance with sub-rules (2) to (6).
2. In the event that the net compensation is less than or equal to two lakh rupees, the net compensation shall be released to the claimant in a single instalment.
3. In case of death of a person due to any accident arising out of the use of motor vehicle, two lakh rupees or one-third of the net compensation, whichever is higher, shall be released to the Claimant within thirty days from the date of the award.
4. In case of grievous hurt due to any accident arising out of the use of motor vehicle, two lakh rupees or onethird of the net compensation, whichever is higher, shall be released to the Claimant within thirty days from the date of the award.
5. In all other awards of claims for compensation in respect of accidents involving bodily injury to persons arising out of the use of motor vehicles or damages to any property of a third party so arising, other than accidents involving death or grievous hurt, two lakh rupees or one-third of the net compensation, whichever is higher, shall be released to the Claimant within thirty days from the date of the award.
6. The remaining amount of the compensation, if any, after payment under sub-rule (2), (3), (4) or (5), shall be annuitized in the manner as notified by the Central Government, based on the recommendations of the Insurance Regulatory and Development Authority.
Explanation- For the purposes of this rule, ‗net compensation‘ shall mean the total compensation awarded by the Tribunal under Section 168 less the amount reimbursed by the authorized insurer or owner if any, as specified in award of the tribunal, to the Motor Vehicle Accident Fund. The reimbursement shall be in accordance with the scheme framed under Section 162. ii. In Rule 147, after the words ―shall keep a record‖, the words "either electronically or otherwise" shall be inserted. iii. In Rule 150, - a. in sub rule (1), for the words and figures "sub-section (6) of Section 158" the words "section 159" shall be substituted. b. In sub rule (1), after the words ―shall be in Form 54‖, the following words shall be added namely: ―The accident information report shall be submitted to the Claims Tribunal, insurer and such other agency as may be notified by the Central Government.‖ c. In Sub rule (2), after the words "the person eligible to claim compensation under Section 160" the words ― or insurer against whom a claim has been made and such other person as may be notified by the Central Government" shall be added. iv. After Rule 150, the following rule shall be inserted, namely: - ―150A. Procedure for investigation of road accident. - The procedure to be followed for investigation of all accidents arising out of the use of motor vehicles shall be in accordance with Annexure-XIII.‖ v. In Form 51, -
(a) after S.No. 6, the following serial number shall be inserted, namely: - ―6A. Validated Mobile number of the vehicle owner ………………………………‖;
(b) after S.No. 11, the following S.No. 12 shall be added, namely: -
12. All vehicles The policy does not cover liability for death, bodily injury or damage as excluded in section 150 (2) (ii) & (iii); (b) & (c) of the Motor Vehicles Act, 1988 vi. In the said rules, in Form 54, a. In S. No. 2, before ―CR. No.‖, the following words shall be inserted, namely ―FIR No./‖, b. After S. No. 2, the following clause shall be inserted, namely: - 66 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ―2A. Sections applied: IPC …………………………………..; MV Act: ………………………………………………………………‖ c. In S. No. 12, after the words ―Route Permit particulars‖, the following words shall be inserted, namely: ―or, Licence of use particulars‖ vii. In the said rules, after Annexure XII, the following Annexure shall be inserted, namely: - ―ANNEXURE XIII PROCEDURE FOR INVESTIGATION OF MOTOR VEHICLE ACCIDENTS
1. Investigation of road accident cases by the Police Immediately on receipt of the information of a road accident, the Investigating Officer of Police shall inspect the site of accident, take photographs of scene of the accident and the vehicle(s) involved in the accident and prepare a site plan, drawn to scale, as to indicate the layout and width, etc., of the road(s) or place (s), as the case may be, the position of vehicle(s), and person(s) involved, and such other facts as may be relevant. In injury cases, the Investigating Officer shall also take the photographs of the injured in the hospital. The Investigating Officer shall conduct spot enquiry by examining the eyewitnesses/bystanders.
2. Intimation of accident to the Claims Tribunal and Insurance Company within 48 hours The Investigating Officer shall intimate the accident to the Claims Tribunal within 48 hours of the accident, by submitting the First Accident Report (FAR) in Form I. If the particulars of insurance policy are available, the intimation of the accident in Form I shall also be given to the Nodal Officer of the concerned Insurance Company of the offending vehicle. A copy of Form I shall also be provided to the victim(s), the State Legal Services Authority, Insurer and shall also be uploaded on the website of State Police, if available.
3. Rights of victims of Road Accident and Flow Chart of this Scheme to be furnished by the Investigating Officer to the Victim(s) The Investigating Officer shall furnish the description of the rights of victim(s) of road accidents and flow chart of this Scheme, in Form II, to the victim(s), or their legal representatives, within ten (10) days of the accident. The Investigating Officer shall also file a copy of Form II along with the Detailed Accident Report (DAR)
4. Driver‘s Form to be submitted by the driver to the Investigating Officer The Investigating Officer shall provide a blank copy of Form III to the driver of the vehicle(s) involved in the accident and the driver shall furnish the relevant information in Form III to the investigating Officer, within 30 days of the accident.
5. Owner‘s Form to be submitted by the owner The Investigating Officer shall provide a blank copy of Form IV to the owner(s) of the vehicle(s) involved in the accident and the owner(s) shall furnish the relevant information in Form IV to the investigating Officer, within 30 days of the accident.
6. Interim Accident Report (IAR) to be submitted by the Investigating Officer to the Claims Tribunal The Investigating Officer shall submit Interim Accident Report (IAR) in Form-V to the Claims Tribunal within 50 days of the accident. The IAR shall be accompanied with the documents mentioned therein, and a copy of the IAR along with the documents shall be furnished to the Insurance Company of the vehicle(s) involved in the accident, the victim(s), State Legal Services Authority, the Insurer and GIC.
7. Verification of the Driver‘s Form and Owner‘s Form by the Investigating Officer and Insurance Company The Investigating Officer as well as the Insurance Company of the vehicle(s) involved in the accident shall verify the information and documents provided in Form-III and Form–IV, and shall verify the authenticity of the documents furnished through information available on VAHAN or by obtaining confirmation in writing from the Registration Authority/person purported to have issued the same or by such further investigation or verification, as may be deemed necessary. The Investigating Officer shall file the Verification Report in Form-X before the Claims Tribunal along with the Detailed Accident Report (DAR).
8. Victim‘s Form to be submitted by the victim(s) to the Investigating Office The Investigating Officer shall provide a blank copy of Form VI to the victim(s), or their legal representatives, in the accident and they shall furnish the relevant information and attach the relevant documents in