(1) These rules may be called the Electricity (Amendment) Rules, 2020.
(2) They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.
2. In the Electricity Rules, 2005, in rule 7,-
(a) In the marginal heading, the word ―Consumer Redressal Forum and‖ shall be omitted;
(b) sub-rule (1) and the proviso thereof shall be omitted.
[F. No. 23/05/2020-R&R] GHANSHYAM PRASAD, Jt. Secy.
Note : The Principal Rules were published 2005 in the Gazette of India vide notification number G.S.R. 379 (E), dated the 8 th June, 2005 and last amended vide notification number G.S.R. 667(E), dated the 26 th October, 2006.
ऄजधसचूना नइ ददल्ली, 31 ददसम्बर, 2020 सा.का.जन. 818(ऄ).—कें द्रीय सरकार, जिद्यतु ऄजधजनयम, 2003 (2003 का 36) की धारा 176 की ईप-धारा
(2) के खंड (य) के साथ पटठत ईप-धारा (1) द्वारा प्रदत्त िजियों का प्रयोग करत े हुए, जनम्नजलजखत जनयम बनाती ह,ै ऄथाात:् -
1. सजंिप्त नाम और प्रारम्भ - (1) आन जनयमों का संजिप्त नाम जिद्युत (ईपभोिा ऄजधकार) जनयम, 2020 ह।ै
(2) ये राजपत्र में आनके प्रकािन की तारीख को प्रिृत्त होंगे।
2. पटरभार्ाए-ं (1) आन जनयमों में, जब तक दक संदभा से ऄन्यथा ऄपेजित न हो,- (क) “ऄजधजनयम” से जिद्युत ऄजधजनयम, 2003 ऄजभप्रेत ह;ै (ख) “अिदेक” से दकसी पटरसर का ऐसा स्ट्िामी और ऄजधभोगी ऄजभप्रेत ह ैजो ऄजधजनयम, ईसके ऄधीन बनाए गए जनयमों और जिजनयमों के ईपबंधों के ऄनुसरण में, जिद्युत की अपूर्तत, स्ट्िीकृत भार या ऄनुबंजधत मांग में िृजि या कमी करन,े िीर्ाक में पटरितान या नामांतरण, ईपभोिा श्रेणी में पटरितान, अपूर्तत को जियोजजत करने या पुनः चालू करने, या करार को समाप्त करने, कनेक्िन के स्ट्थानांतरण या ऄन्य सेिाओं, यथाजस्ट्थजत, के जलए जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी के समि कोइ अिेदन पत्र देता ह;ै (ग) “अिदेन” से ऐसा अिेदन ऄजभप्रेत ह ैजो अयोग द्वारा यथाजनर्ददष्ट समुजचत प्रपत्र में सभी दस्ट्तािेजों और ऄन्य ऄनुपालनों सजहत हर दजृष्ट से पूणा हो;
(घ) “जबल चक्र या जबल ऄिजध” से िह ऄिजध ऄजभप्रेत ह ै जजसके जलए जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी द्वारा ईपभोिाओं की जिजभन्न प्रिगों के जलए, अयोग द्वारा यथाजनर्ददष्ट, जनयजमत जिद्यतु जबल जारी दकए जाते हैं;
(ङ) “अयोग” से ऄजधजनयम की धारा 82 के ऄधीन गटठत राज्य जिद्युत जिजनयामक अयोग ऄजभप्रेत ह;ै (च) “ईपभोिा” से ऐसा व्यजि ऄजभप्रेत ह ैजजसे, ईसके स्ट्िय ंके ईपयोग के जलए, दकसी जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी या सरकार या जिद्यतु ऄजधजनयम, 2003 या तत्समय प्रिृत्त दकसी ऄन्य जिजध के ऄधीन साधारण जनता [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 3 को जिद्युत अपूर्तत के व्यिसाय में संलग्न दकसी ऄन्य व्यजि, जजसमें ऐसा व्यजि भी िाजमल ह,ै जजसके पटरसरों को दकसी जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी, सरकार या ऐसे दकसी व्यजि, यथाजस्ट्थजत, के कायों के साथ तत्समय जिद्युत प्राजप्त के प्रयोजन के जलए संबि दकया जाता ह,ै द्वारा जिद्यतु अपूर्तत की जाती ह;ै (छ) “ददिस” से पूणा कायाददिस ऄजभप्रेत हैं;
(ज) “जियोजन” से दकसी ईपभोिा का जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी की जितरण प्रणाली से िास्ट्तजिक पृथक्करण ऄजभप्रेत ह;ै (झ) “जनयत प्रभारों” का िही ऄथा होगा जो अयोग द्वारा जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी के जलए जनगात जिद्यमाम टैटरफ अदिे के ईपबंधों में ददया गया ह;ै (ञ) “ऄजधकतम मागं” से जबललग ऄिजध के दौरान, तीस जमनट या अयोग द्वारा यथाजनर्ददष्ट समय की दकसी भी जनरंतर ऄिजध के दौरान दकसी ईपभोिा के अपूर्तत स्ट्थल पर औसत दकलो िोल्ट-एम्पीयर (केिीए) या दकलोिाट (केडब्ल्यू) में मापा गया ऄजधकतम भार ऄजभप्रते ह;ै (ट) “ऄजधभोगी” से ऐसे पटरसर, जहां जिद्युत का ईपयोग दकया जाता ह ैया दकया जाना प्रस्ट्ताजित ह,ै का स्ट्िामी, दकराएदार या व्यजि ईसमें ऄजधिास करन ेिाला व्यजि ऄजभप्रेत ह;ै (ठ) “अपरू्तत स्ट्थल” से राज्य अयोग द्वारा जिजनर्ददष्ट दकया जाने िाला िह स्ट्थान ऄजभप्रेत ह ै जहां दकसी ईपभोिा को जिद्युत की अपूर्तत की जाती ह;ै (ड) “प्रोज्यमूर” से ऐसा व्यजि ऄजभप्रेत ह ैजो जिड से जिद्युत का ईपभोग करन े के साथ-साथ ईसी अपूर्तत स्ट्थल का ईपयोग करते हुए जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी के जलए जिड में जिद्युत प्रिाजहत भी कर सकता ह;ै (ढ) “ऄस्ट्थायी कनके्िन” से ऐसा जिद्युत कनेक्िन ऄजभप्रेत ह ै जो दकसी व्यजि द्वारा ईसकी ऄस्ट्थायी अिश्यकताओं को परूा करन ेके जलए ऄपेजित ह ैजैसे -
(i) जलापचयक के जलए पम्पों सजहत अिासीय, िाजणजज्यक और औद्योजगक पटरसरों के जनमााण के जलए;
(ii) ईत्सिों और पाटरिाटरक समारोह के दौरान प्रकाि व्यिस्ट्था के जलए;
(iii) कृजर् पम्प सेटों को छोड़कर थ्रेसर या आसके जैसी ऄन्य मिीनरी के जलए;
(iv) पटायन जसनेमा, जथयेटरों, सकासों, नुमाआिों, प्रदिाजनयों, मेलों या समागमों के जलए। (ण) “जिद्यतु का ऄप्राजधकृत ईपयोग” का िही ऄथा होगा जो ऄजधजनयम की धारा 126 के ऄंतगात ददया गया ह।ै
(2) आसमें प्रयुि और ऄपटरभाजर्त िब्दों और ऄजभव्यजियों, जजन्हें ऄजधजनयम में पटरभाजर्त दकया गया ह,ै का ऄथा िही होगा जो ऄजधजनयम में ददया गया ह ै तथा ऄजधजनयम में ऐसे िब्दों और ऄजभव्यजियों की ऄनुपजस्ट्थजत के मामल,े आनका ऄथा िह होगा जो जिद्युत अपूर्तत ईद्योग में सामान्य रूप से समझा जाता ह।ै
3. ऄजधकार और बाध्यता- ऄजधजनयम के ईपबंधों के ऄनरुूप में, दकसी पटरसर के स्ट्िामी या ऄजधिासी द्वारा दकए गए ऄनुरोध पर जिद्युत अपूर्तत करना प्रत्येक जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी का कत्ताव्य ह।ै आन जनयमों में दकए गए ईपबंधों के ऄनुसार, जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी से जिद्युत अपूर्तत सेिाओं का न्यूनतम मानक प्राप्त करना ईपभोिा का ऄजधकार ह।ै
4. नए कनके्िन जारी करना और मौजदूा कनके्िन में ईपातंरण करना - (1) जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी प्राथजमकता के अधार पर ऄपनी िेबसाआट और ऄपने सभी कायाालयों के सूचना पटल पर जनम्नजलजखत जानकारी प्रदर्तित करेगा, ऄथाात:्- (क) नए कनेक्िन, ऄस्ट्थायी कनेक्िन, मीटर या सेिा लाआन के स्ट्थानांतरण, ईपभोिा प्रिगा में पटरितान, भार में िृजि, भार में कमी या नाम में पटरितान, स्ट्िाजमत्ि के हस्ट्तांतरण और पटरसरों के स्ट्थानांतरण अदद की स्ट्िीकृजत देने के बारे में जिस्ट्तृत प्रदक्रया;
(ख) ईन कायाालयों का पता और दरूभार् नम्बर जहां भरे गए अिेदन का प्रस्ट्तुत दकया जा सकता ह;ै 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) अिेदन प्रारूप ऑनलाआन जमा करने के जलए िेबसाआट का पता;
(घ) अिेदन के साथ संलग्न दकए जाने के जलए ऄपेजित दस्ट्तािेजों की प्रजतयों की पूणा सूची;
(ङ) अिेदन द्वारा जमा दकए जान ेिाले सभी लागू प्रभार;
(2) सभी प्रकार के कनेक्िनों के साथ-साथ मौजूदा कनेक्िन में ईपांतरण करने के जलए सभी अिेदन पत्रों को जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी के सभी स्ट्थानीय कायाालयों में जनःिलु्क ईपलब्ध कराने के साथ-साथ आसकी िेबसाआट पर जनःिुल्क डाईनलोड के जलए ईपलब्ध कराए जाएंगे।
(3) ऑनलाआन अिेदन प्रारूपों को जमा करने के जलए, जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी एक िेब पोटाल और एक मोबाआल एप का जनमााण करेगा।
(4) अिेदक के पास अिेदन प्रारूपों को हाडा कॉपी के रूप में या जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी के िेब पोटाल या मोबाआल एप के माध्यम से ऑनलाआन जैसे दकसी आलेक्रॉजनक माध्यमों के जटरए प्रस्ट्तुत करन ेका जिकल्प होगा।
(5) यदद दकसी अिेदन पत्र की हाडा कॉपी प्रस्ट्ततु की जाती ह,ै तो आसके प्राप्त होन ेके तुरंत बाद आसे स्ट्कैन करके िेबसाआट पर ऄपलोड दकया जाएगा तथा ईस अिेदक के जलए रजजस्ट्रीकरण संख्या के साथ पािती का सृजन दकया जाएगा और आसकी सूचना अिेदक को दी जाएगी।
(6) यदद दकसी अिेदन पत्र को जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी के िेब पोटाल या मोबाआल एप के माध्यम से ऑनलाआन प्रस्ट्तुत दकया जाता ह,ै तो अिेदन के प्रस्ट्ततुीकरण के बाद रजजस्ट्रीकरण संख्या और पािती का सृजन दकया जाएगा।
(7) सभी ऄपेजित जानकाटरयों की दजृष्ट से पूणा दकसी अिेदन को पािती के साथ रजजस्ट्रीकरण संख्या के सृजन की तारीख को प्राप्त समझा जाएगा। हाडा कॉपी के जटरए प्रस्ट्तुत दकए जान े के मामल ेमें, पािती के साथ रजजस्ट्रीकरण संख्या का सृजन ऐसी ऄिजध, जो अयोग द्वारा जिजहत की जाए, जो सभी ऄपेजित जानकाटरयों के साथ पणूा अिेदन की प्राजप्त के चौबीस घंटों से ऄजधक नहीं होगी, के भीतर दकया जाएगा।
(8) अिेदन पर कारािाइ के जिजभन्न चरणों जैसे अिेदन की प्राजप्त, स्ट्थल जनरीिण, मांग नोट का जनगामन, बाह्य कनेक्िन, मीटर संस्ट्थापना और जिद्यतु प्रिाही की जस्ट्थजत की जनगरानी के जलए जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी द्वारा िेब अधाटरत एप्लीकेिन या मोबाआल एप या एसएमएस या दकसी ऄन्य पिजत के माध्यम से जिजिष्ट रजजस्ट्रीकरण संख्या अधाटरत अिेदन रैककग तंत्र ईपलब्ध कराया जाएगा।
(9) 10 दकलोिाट या अयोग द्वारा जनर्ददष्ट दकय े जान े िाल े ईससे ऄजधक भार िाले नए कनेक्िनों के जलए, अिेदन पत्र के साथ केिल दो ऄजनिाया दस्ट्तािेज संलग्न दकए जाएंगे -
(1) अिेदक के पहचान का प्रमाण (ऄथाात ्पासपोटा, अधार काडा अदद); और
(2) ईस पटरसर, जजसके जलए कनेक्िन की मांग की जा रही ह,ै पर अिेदक के स्ट्िाजमत्ि या ऄजधिास का प्रमाण ऄथिा स्ट्िाजमत्ि या ऄजधिास के प्रमाण की ऄनपुजस्ट्थजत के मामल ेमें, ईपयुाि (1) के ऄंतगात पहचान के प्रमाण के रूप में प्रस्ट्तुत दकए गए प्रमाण को छोड़कर ऄन्य को प्रमाण। जनर्ददष्ट भार से ऄजधक भार के नए कनेक्िनों के जलए अिेदन के साथ प्रस्ट्तुत दकए जान ेके जलए ऄपेजित दस्ट्तािेज अयोग द्वारा स्ट्पष्ट रूप से जनर्ददष्ट दकए जाएंगे।
(10) यदद जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी और ईपभोिा के बीच कोइ करार जनष्पाददत दकया जाना ऄपेजित ह,ै िह अिेदन पत्र के भाग के रूप में दकया जाएगा तथा दकसी पृथक करार पत्र की कोइ अिश्यकता नहीं होगी।
(11) हर दजृष्ट से पणूा अिेदन को जमा करन ेके ईपरांत, जितरण ऄनजु्ञजप्तधारी द्वारा नए कनेक्िन ईपलब्ध करान े और मौजूदा कनेक्िन में संिोधन की ऄजधकतम ऄिजध अयोग द्वारा जिजनर्ददष्ट की जाएगी जो महानगरों के मामले में सात ददन, ऄन्य नगरपाजलका िेत्रों के मामले में पदं्रह ददन और िामीण िेत्रों के मामले में तीस ददन से ऄजधक नहीं होगी:
[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : ऄसाधारण 5 परंतु यह दक यदद ऐसी अपूर्तत के जलए जितरण मुख्य कें द्र के जिस्ट्तार या नए ईप-कें द्रों के प्रारम्भ की अिश्यकता होती ह,ै तो जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी जिस्ट्तार या प्रारम्भ के तत्काल बाद या ऐसी ऄिजध, जो अयोग द्वारा जिजनर्ददष्ट की जाए, के भीतर ऐसे पटरसरों को जिद्युत अपूर्तत करेगा।
(12) यदद कोइ जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी अयोग द्वारा जनर्ददष्ट ऄिजध के भीतर जिद्युत अपूर्तत करन ेमें ऄसफल रहता ह ैतो िह ऐसे जुमाान,े जो अयोग द्वारा जनधााटरत दकया जाए, जो चूक के प्रत्येक ददन के जलए एक हजार रूपये से ऄजधक नहीं होगा, का दायी होगा।
(13) 150 दकलोिाट तक या ईससे ऄजधक भार, जो अयोग द्वारा जनर्ददष्ट दकया जाए, के जिद्युतीकृत िेत्र के जलए, नए कनेक्िन के जलए कनेक्िन प्रभार भार, मांगे गए कनेक्िन की श्रेणी और जितरण ऄनुज्ञजप्तधारी की कनेक्िन की औसत लागत के अधार पर जनयत दकए जाएगंे तादक प्रत्येक ऄलग-ऄलग मामले के जलए स्ट्थल जनरीिण और मांग प्रभारों के ऄनुमान से बचा जा सके। ऐसे मामलों में, मांग प्रभारों का भुगतान नए कनेक्िन के जलए अिेदन के समय दकया जा सकता ह।ै