The matters in respect of which fee is- leviable and theamount of fee payable therefore shall be as specified in the Table below—
1. Subs. by G.S.R. 861 (E), dated 1st November, 1985.
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18 The Foreign Marriage Rules, 1970 TABLE Matter in respect—o‘f—Which—a fee is. leviable ____—--—u———._._________'___ [Rule 15__ Amount of féé“ (in Rupees) 1
(i) For ever notice of an intended marria e Y g
(ii) For publication on notice Note—A suitable amount will be taken as an advance towards cost of publication of notice in newspapers.
(iii) For receiving and processing or dealingwith an objection
(iv) For solemnising a marriage
(v) For solemnising a marriage at a place referred to in rule 9(c) Note—This will be in addition to the fee referred to in item (iv) above
(vi) For receiving notice of a caveat
(vii) For certificate by Marriage Officer of notice havingbeen given and posted up
(viii) For a certified copy of reasons recorded under section ~11 or section 17 for refusal to solemnise or,as the case may be for refusal to register, a marriage
(ix) For certified copy of an entry:~
(a) in the marriage Notice Book
(b) in the Marriage Certificate Book
(x) For certification of a document referred to in sub—section (1) section 24
(xi) For making a search:—
(a) if the entry is of the current year
(b) if the entry relates to any previous year or years _ —._._.__‘J-- 2 ——___
120.00 0‘;
Actual charges 5
300.00
240.00
90.00
240.00
45.00
25.00
25.00
25.00
10.00
25.00
45.00] वविददेशशीय वविविवाह वनियम, 19701 वविददेशशीय वविविवाह अधधिवनियम, 1969 (1969 कवा 33) ककी धिवारवा 28 दवारवा प्रदत्त शवक्तिययों तथवा वविददेशशी मवामलदे मन्तवालय, भवारत सरकवार ककी सस. एसआर.ओ. 1679, वदनिवासक 29, जजुलवाई, 1955 ककी अधधिससूचनिवा कदे सवाथ प्रकवाशशत वविशदेष वविविवाह अधधिवनियम (रवाजनिधयक एविस ककौंसजुलर अधधिकवारशी) वनियम, 1955 कदे उपययोग मम कदे न्दशीय सरकवार एतद दवारवा वनिम्निलललखित वनियम ततैयवार करतशी हतै, अथवार्थात-
1. ससधक्षिप्त निवाम-इनि वनियमयों कयो वविददेशशीय वविविवाह वनियम, 1970 कहवा जवायदेगवा।
2. पररभवाषवाएए- इस अधधिवनियम मम सन्दभर्था ककी अपदेक्षिवाएए वनिम्निलललखित हह- (क) "अधधिवनियम" सदे अशभप्रदेत हतै वविददेशशीय वविविवाह अधधिवनियम, 1969 (1969 कवा 33)। (ब) "प्ररूप" सदे अशभप्रदेत हतै इनि वनियमयों कवा ससलग्न प्ररूप । (स) "वविविवाह अधधिकवारशी" सदे विह व्यवक्ति अशभप्रदेत हतै जजसदे धिवारवा 3 कदे अन्तगर्थात वविविवाह अधधिकवारशी कदे रूप मम वनियजुक्ति वकयवा जवाए;
(द) "धिवारवा" सदे अधधिवनियम ककी धिवारवा अशभप्रदेत हतै।
3. वविविवाह अधधिकवारशी कदे शवासककीय कवायवार्थालय मम निवाम आवद सदे सम्बनन्धित प्रदरशत वकए जवानिदे विवालदे वविविरण-प्रत्यदेक वविविवाह अधधिकवारशी अपनिदे कवायवार्थालय भविनि कदे सहजदृश्य स्थवानि पर अपनिवा निवाम, पद तथवा अपनिदे अधधिकवारशी कदे कवायर्थाघण्टदे असगदेजशी, वहन्दशी तथवा ददेश, स्थवानि यवा क्षिदेत, जतैसशी नस्थधत हयो, ककी भवाषवा मम प्रदरशत करदेगवा।
4. आशधयत वविविवाह ककी ससूचनिवा-(1) जब कयोई वविविवाह वकसशी वविविवाह अधधिकवारशी दवारवा अथविवा उसकदे सम्मजुखि अधधिवनियम कदे अधिशीनि अनिजुषवावपत हयोनिदे कदे ललए आशधयत हयो तयो आशधयत वविविवाह कदे पक्षिकवार व्यवक्तिगत रूप सदे अथविवा रजजस्टट शीकक त डवाक दवारवा ऐसदे अधधिकवारशी कयो अधधिवनियम ककी प्रथम अनिजुससूचशी मम वविवहत प्ररूप मम इसककी लललखित ससूचनिवा दमगदे।
(2) ससूचनिवाओस मम वनिम्निलललखित वविविरण सवहत कथनि शवावमल हयोगवा-
(i) आशधयत वविविवाह कदे पक्षिकवारयों कदे मवातवा-वपतवा कवा वितर्थामवानि पतवा;
(ii) उस ददेश यवा उनि ददेशयों कदे निवाम जजसकदे पक्षिकवार सवामवान्य रूप सदे वनिविवासशी हह;
(iii) भवारत कवा विह रवाज्य यवा विदे रवाज्य जजससदे पक्षिकवार यवा भवारतशीय पक्षि, जतैसशी नस्थधत हयो, वविविवाह सदे सम्बन्धि रखितवा हतै यवा रखितदे हह।
5. फकीस कवा भजुगतवानि-(1) यवद ससूचनिवा व्यवक्तिगत रूप सदे प्रदवानि ककी जवातशी हतै तयो वनियम 15 मम वविवनिरदष्ट कदे अनिजुसवार फकीस वविविवाह अधधिकवारशी कयो निकद अदवा ककी जवायदेगशी। 1 भवारत कदे रवाजपत, अधत., भवाग II, धिवारवा 3(i), वदनिवासक 19 अगस्त, 1970 मम प्रकवाशशत जशी.एस.आर. 1274, वदनिवासक 19 अगस्त, 1970 कदे मवाध्यम सदे।
(2) यवद ससूचनिवा रजजस्टट शीकक त डवाक दवारवा भदेजशी जवातशी हतै तयो फकीस वविप्रदेषक कदे व्यय पर धिनिवाददेश दवारवा भदेजनिशी हयोगशी और डवाकघर दवारवा वविप्रदेषक कयो वनिगर्थात इसककी रसशीद जजसकदे मवाध्यम सदे प्रदेषण वकयवा गयवा हतै, ससूचनिवा कदे सवाथ ससलग्न करनिशी हयोगशी। ससूचनिवा कदे बवाद ककी प्रवक्रियवा-(1) वविविवाह अधधिकवारशी दवारवा कजु छ ससूचनिवा प्रवाप्त कर लदेनिदे कदे पशवात इस पर एक वविशशष्ट क्रिम ससख्यवा इस प्रवविष्ट ककी जवायदेगशी और ऐसशी ससख्यवा तथवा ससूचनिवा प्रवावप्त ककी धतशथ कवा सत्यवापनि वविविवाह अधधिकवारशी हस्तवाक्षिर दवारवा करदेगवा।
(2) यवद ससूचनिवा अधधिवनियम ककी अपदेक्षिवाओस कदे अनिजुरूप हतै तयो इसदे वविविवाह ससूचनिवा पजुस्तक मम प्रवविष्ट वकयवा जवायदेगवा जयो जजल्दबन्द हयोगशी, जजनिकवा पकषवासकनि मशशीनि दवारवा क्रिवमक रूप मम हयोगवा और इसकदे सवाथ सवामवान्य वविषयससूचशी ससलग्न करनिशी हयोगशी।
(3) यवद ससूचनिवा अधधिवनियम ककी अपदेक्षिवाओस कदे अनिजुरूप निहहीं हतै तयो यवद पक्षिकवार उपनस्थत हह तयो उनिकदे दवारवा इसदे शजुद्ध वकयवा जवायदेगवा और यवद विदे अनिजुपनस्थत हह तयो एक वनिधिवार्थाररत धतशथ कदे भशीतर पक्षिकवारयों कदे पवास डवाक दवारवा भदेजकर उसदे शजुद्ध करवाकर पजुनि: विवापस मएगवायवा जवायदेगवा।
(4) वविविवाह अधधिकवारशी प्रत्यदेक शजुधद्ध कयो दयोनियों पक्षिकवारयों दवारवा सत्यवावपत करवायदेगवा।
7. ससूचनिवा कवा प्रकवाशनि-वविविवाह अधधिकवारशी ससूचनिवा कवा प्रकवाशनि- (क) अपनिदे कवायवालर्थाय कदे वकसशी सहजदृश्य स्थवानि पर ससूचनिवा ककी सत्यवावपत प्रधतललप अपनिशी मजुहर तथवा हस्तवाक्षिर कदे सवाथ धचपकवाएगवा;
(खि) वविविवाह कदे पक्षिकवारयों कदे मवातवा-वपतवा कयो इस ससूचनिवा पर अपनिशी मजुहर लगवाकर तथवा हस्तवाक्षिर करकदे इसककी सत्यवावपत प्रधतललवप व्यवक्तिगत रूप ददेकर यवा रजजस्टट शीकक त डवाक पवावितशी कदे मवाध्यम सदे करदेगवा। (ग) इसदे वकसशी ऐसदे समवाचवार-पत मम प्रकवाशशत करकदे जजसकवा ववितरण-
(i) भवारत कदे उस रवाज्य यवा रवाज्ययों सदे वविविवाह करनिदे विवालदे पक्षिकवार यवा भवारतशीय पक्षि, जतैसशी नस्थधत हयो, सम्बन्धि रखितवा हयो यवा रखितशी हयो; तथवा
(ii) उस ददेश यवा उनि ददेशयों मम जहवाए कदे पक्षिकवार वनिविवासशी हयों।
8. आक्षिदेप ककी पसूछतवाछ ककी प्रवक्रियवा-(1) यवद वविविवाह अधधिकवारशी कयो आशधयत वविविवाह (वनियम 15 मम इसकदे ललए वविवनिरदष्ट फकीस सवहत) कदे अनिजुषवापनि कदे प्रधत कयोई आक्षिदेप प्रवाप्त करतवा हतै तयो विह अपनिशी वविविवाह ससूचनिवा पजुस्तक मम आक्षिदेप ककी प्रकक धत कवा अशभलदेखि करदेगवा और आपदेक्षि करनिदे विवालदे व्यवक्ति तथवा आशधयत वविविवाह कदे पक्षिकवारयों सदे आक्षिदेप [ और व्यवक्ति कदे प्ररूप I मम व्यवक्तिगत रूप सदे अथविवा वनियत रजजस्टट शीकक त डवाक पवावितशी दवारवा कवारण बतवाओ ससूचनिवा भदेजनिदे सवहत] ककी पसूछतवाछ कदे ललए धतशथ तथवा समय वनिधिवार्थाररत करदेगवा।
(2) इस प्रकवार वनियत धतशथ कयो अथविवा कयोई अन्य धतशथ जजस पर पसूछतवाछ स्थवगत ककी जवा सकदे , वविविवाह अधधिकवार आक्षिदेप कदे कवारणयों ककी पसूछतवाछ करदेगवा और वदयदे गयदे सवाक्ष्ययों कयो जसवविल प्रवक्रियवा ससवहतवा, 1908 (1908 कवा 5) मम वविवनिरदष्ट रशीधत सदे अशभलललखित करदेगवा। [8क. व्यवक्तिगत सदेविवा ककी नस्थधत मम पवावितशी-जहवाए ससूचनिवा वनियम 7 अथविवा वनियम 8 कदे तहत व्यवक्तिगत रूप सदे प्रदवानि ककी जवायदेगशी विहवाए ऐसशी ससूचनिवा प्रवाप्त करनिदे विवालवा व्यवक्ति ससूचनिवा प्रवावप्त कदे पशवात सदेविवा ककी पवावितशी पर हस्तवाक्षिर करदेगवा।]
9. अनिजुषवापनि कवा समय एविस स्थवानि-आशधयत वविविवाह वविविवाह अधधिकवारशी कदे कवायवार्थालयशी घण्टयों मम वकसशी भशी समय अथविवा उसककी सजुवविधिवानिजुसवार वकसशी अन्य समय- (क) वविविवाह अधधिकवारशी कदे आधधिकवाररक वनिविवास गकह पर अनिजुषवावपत वकयवा जवा सकदे गवा, अथविवा (खि) उस कवायवार्थालय पर जहवाए वविविवाह अधधिकवारशी कवा कवारयोबवार सम्पवावदत हयोतवा हतै विहवाए अनिजुषवावपत वकयवा जवा सकदे गवा, अथविवा (ग) ऐसदे आधधिकवाररक गकह अथविवा कवायवार्थालय सदे उधचत दसूरशी कदे भशीतर वकसशी अन्य स्थवानि पर जहवाए वविविवाह अधधिकवारशी अपनिदे वविशशष्ट अनिजुमयोदनि मम हयो, अनिजुषवावपत वकयवा जवा सकदे गवा। परन्तजु उपबन्धि (ग) मम वविवहत स्थवानि पर वकसशी वविविवाह कदे अनिजुषवापनि हदेतजु वनियम 15 मम वविवनिरदष्ट फकीस ददेय हयोगशी।
10. वविविवाहयों कदे रजजस्टट शीकरण ककी रशीधत-धिवारवा 17 कदे अधिशीनि वविविवाह कवा रजजस्टट शीकरण वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक कदे प्ररूप II मम वविविवाह अधधिकवारशी दवारवा वविविवाह प्रमवाण-पत ककी प्रवविवष्ट करनिदे कदे पशवात प्रभवाविशी हयोगवा।
11. कदे न्दशीय सरकवार कदे पवास अपशीलम-वनिम्निलललखित ककी प्रमवाशणत प्रधतययों सवहत धिवारवा 17 ककी उपधिवारवा (3) कदे अधिशीनि जवापनि कदे रूप मम हयोगवा-
(i) वविविवाह कदे रजजस्टट शीकरण हदेतजु आशधयत वविविवाह अथविवा, जतैसशी नस्थधत हयो, आविदेदनि ककी ससूचनिवा;
(ii) उनि कवारणयों कवा वविविरण जजसकदे कवारण वविविवाह अधधिकवारशी निदे वविविवाह कवा अनिजुषवापनि अथविवा, जतैसशी नस्थधत हयो, रजजस्टर करनिदे सदे मनिवा वकयवा हयो।
12. धिवारवा 24 कदे प्रययोजनि हदेतजु भवाषवा-धिवारवा 24 ककी उपधिवारवा (1) कदे उपबन्धि (खि) कदे उप-उपबन्धि (ii) कदे प्रययोजनि हदेतजु भवाषवा असगदेजशी, वहन्दशी अथविवा वविविवाह अधधिकवारशी दवारवा अनिजुमयोवदत कयोई अन्य भवाषवा हयोगशी।
13. वविविवाह अशभलदेखियों मम प्रवविवष्ट ककी प्रधतययों कवा पवारदेषण-वविविवाह अधधिकवारशी वविददेशशी मवामलदे मन्तवालय, भवारत सरकवार, निई वदलशी कदे सधचवि कदे पवास समस्त प्रवविवष्टययों अथविवा वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक मम अपनिदे दवारवा ककी गयशी शजुधद्धययों कयो प्ररूप III मम तशीनि प्रमवाशणत सत्य प्रधतललवपययों तशीनि मवाह कदे अन्तरवाल मम, अथविवा यथवाशशीघ, प्रत्यदेक विषर्था कदे जनिविरशी, अप्रतैल, जजुलवाई तथवा अक्टसूबर मवाह ककी पहलशी तवारशीखि कयो भदेजदेगवा और इसककी एक प्रधत कशथत सधचवि दवारवा रजजस्टट वार-जनिरल अथविवा भवारत मम रवाज्य अथविवा रवाज्ययों कदे उनि प्रत्यदेक जन्म, मकत्यजु एविस वविविवाह रजजस्टट वार- जनिरलयों कदे पवास भदेजदेगवा जजनिसदे वविविवाह कदे पक्षिकवार सम्बनन्धित हयोंगदे।
14. वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक कवा प्ररूप-(1) वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक जजल्दबन्द हयोगवा। जजसकदे पकष ससलग्न निवामवासवकत वविषय-ससूचशी सवहत क्रिमवागत ढसग सदे मशशीनि दवारवा पकषवासवकत हयोंगदे। प्रत्यदेक कतै लदेण्डर विषर्था मम इसमम प्रवविष्ट वकयवा जवानिदे विवालवा प्रत्यदेक वविविवाह प्रमवाण-पत क्रिमवागत ढसग सदे पकषवासवकत हयोगवा और पक्षिकवारयों कयो वनिगर्थात प्रमवाण- पत ककी प्रत्यदेक प्रवामवाशणक प्रधत मम प्रमवाणपत ककी प्रवविवष्ट ककी ससख्यवा तथवा धतशथ, मवाह और विषर्था असवकत हयोंगदे।
(2) ससशययों कदे वनिस्तवारण हदेतजु एतद दवारवा यह प्रवाविधिवावनित हतै वक वविशदेष वविविवाह (रवाजनिधयक एविस ककॉन्सजुलर अधधिकवारशी) वनियम, 1955 कदे अधिशीनि अनिजुरधक्षित वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक इनि वनियमयों तथवा अधधिवनियम कदे प्रययोजनियों हदेतजु वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक कदे रूप मम आविश्यक स्विशीकक धतययों सवहत प्रययोग मम लवानिवा जवारशी रखिवा जवा सकदे गवा। [15. फकीस कवा पतैमवानिवा-जजनि मवामलयों कदे सन्दभर्था मम फकीस प्रभवाररत हतै और जजसकदे ललए फकीस ककी रवाशश ददेय हतै उसदे वनिम्निलललखित तवाललकवा मम वनिरदष्ट कदे अनिजुरूप हयोगशी- तवाललकवा विह मवामलवा जजसकदे सन्दभर्था मम फकीस प्रभवाररत हतै फकीस ककी रवाशश (रुपयदे मम) 1 2
(i) वकसशी आशधयत वविविवाह ककी प्रत्यदेक ससूचनिवा हदेतजु 120.00
(ii) ससूचनिवा कदे प्रकवाशनि हदेतजु विवास्तवविक प्रभवार वटप्पणशी-समवाचवार-पत मम ससूचनिवा कदे प्रकवाशनि ककी लवागत कदे रूप मम एक उपयजुक्ति रवाशश अवगम लशी जवायदेगशी]
(iii) वकसशी आक्षिदेप ककी प्रवावप्त तथवा प्रवक्रियवा अथविवा ससव्यविहवार हदेतजु 300.00
(iv) वकसशी वविविवाह कदे अनिजुषवापनि हदेतजु 240.00
(v) वनियम 9(ग) मम वविवहत स्थवानि पर वकसशी वविविवाह कदे अनिजुषवापनि हदेतजु 90.00 वटप्पणशी-यह उपयजुर्थाक्ति मद (iv) मम वविवहत फकीस कदे अधतररक्ति हयोगशी
(vi) वकसशी वविरयोधि-पत ककी ससूचनिवा प्रवावप्त हदेतजु 240.00
(vii) छयोडशी गयशी तथवा पयोस्ट ककी गयशी ससूचनिवा कदे वविविवाह अधधिकवारशी दवारवा प्रमवाण-पत हदेतजु 45.00
(viii) वविविवाह कदे अनिजुषवापनि कदे अस्विशीकरण अथविवा रजजस्टट शीकरण कदे अस्विशीकरण, जतैसशी नस्थधत हयो, हदेतजु धिवारवा 11 अथविवा धिवारवा 17 कदे अधिशीनि अशभलललखित कवारणयों ककी प्रमवाशणत प्रधत हदेतजु 25.00
(ix) वनिम्निलललखित मम वकसशी प्रवविवष्ट ककी प्रमवाशणत प्रधतललवप हदेतजु- (क) वविविवाह ससूचनिवा पजुस्तक मम 25.00 (खि) वविविवाह प्रमवाण-पत पजुस्तक मम 25.00
(x) धिवारवा 24 ककी उपधिवारवा (1) मम वविवहत वकसशी दस्तवाविदेज कदे प्रमवाणनि हदेतजु 10.00
(xi) वनिम्निलललखित ककी खियोज हदेतजु- (क) यवद वितर्थामवानि विषर्था ककी कयोई प्रवविवष्ट हतै 25.00 (खि) यवद प्रवविवष्ट वकसशी पसूविर्था विषर्था यवा विषर्षों सदे सम्बनन्धित हतै 45.00]