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G.S.R. 37(E) 18.01.2019-Coastal Regulation Zone(CRZ) Notification, 2018

Central Notification · 198697,699 characters of text

The enactment

TypeNotification
Year1986
JurisdictionCentral
MinistryMinistry of Environment, Forest and Climate Change
StatusIn force as published by the source
TextPublished as one document, as the source published it
Subjectsenvironment

Full text

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368 GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx II—[k.M 3—mi&[k.M (i)

PART II—Section 3—Sub-section (i) izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 36] ubZ fnYyh] 'kqØokj] tuojh 18] 2019@ikS"k 28] 1940 No. 36] NEW DELHI, FRIDAY, JANUARY 18, 2019/PAUSHA 28, 1940 पया�वरण, वन और जलवायुपया�वरण, वन और जलवायुपया�वरण, वन और जलवायुपया�वरण, वन और जलवायु प�रवत�न मं�ालयप�रवत�न मं�ालयप�रवत�न मं�ालयप�रवत�न मं�ालय अिधसूचनाअिधसूचनाअिधसूचनाअिधसूचना नई �द�ली, 18 जनवरी, 2019 सा.का.िन. 37सा.का.िन. 37सा.का.िन. 37सा.का.िन. 37(अ).(अ).(अ).(अ).—के� ीय सरकार ने भारत सरकार के त� कालीन पया�वरण और वन मं�ालय, क� अिधसूचना सं� या का.आ. 19 (अ) तारीख 6 जनवरी, 2011 (िजसे इसम# इसके प$ चात तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2011 कहा गया ह)ै *ारा तटीय ,े�- को पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 क� धारा 3 के अधीन कितपय तटीय िविनयमन ,े� (िजसे इसम# इसके प$ चात सीआरजेड कहा गया ह)ै के 3प म# घोिषत �कया था; और पया�वरण वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को समु ी तथा तटीय पा9रतं�- के :बंधन और संर,ण, तटीय ,े�- म# िवकास, पा9र-पय�टन, तटीय ,े�- म# रहने वाल ेसमुदाय- क� जीिवका के िवक� प- तथा वहनीय िवकास आ�द के संबंध म# तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2011 म# कितपय उपबंध- के बारे म# अ� य पणधा9रय- के अित9र> त, िविभ� न तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- से अ@ यावेदन :ाA त Bए हD; और िविभ� न रा? य सरकार-/संघ रा? य ,े�- और पणधा9रय- ने पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय से तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2011 के संदभ� म# तटीय पया�वरण और वहनीय िवकास से संबंिधत IचताJ का िनराकरण करने का अनुरोध �कया ह;ै और पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय ने तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2011 के संबंध म# िविभ� न मुK- तथा तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- और पणधा9रय- क� IचताJ क� जांच करने और उ> त अिधसूचना म# समुिचत प9रवत�न �कए जाने क� िसफा9रश करने के िलए डॉ. शैलेश नायक क� अP य,ता म# एक सिमित का गठन �कया था; और मं�ालय म# डॉ. शैलेश नायक *ारा :R तुत क� गई 9रपोट� क� जांच क� गई ह ै और इस संबंध म# िविभ� न पणधा9रय- के साथ परामश� �कए गए हD; और सभी संबंिधत- से 9टA पिणय- और सुझाव- क� ईA सा से :ा3प तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2018 जारी क� गई थी और उसे तारीख 18 अ:ैल, 2018 को पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न क� वेबसाईट पर डाला गया था; और के� ीय सरकार *ारा उपयु�> त उि�लिखत :ा3प तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना, 2018 क� :ित�Vया म# :ाA त आ,ेप- और सुझाव- पर सW यक 3प से िवचार कर िलया गया ह;ै 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] अत: अब के� ीय सरकार, पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) क� धारा 3 क� उपधारा (1) और उपधारा (2) के खंड (v) *ारा :द� त शि\य- का :योग करते Bए और तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना 2011 सं� यांक का. आ. 19 (अ) तारीख 6 जनवरी, 2011 को, उन बात- के िसवाय अिधVांत करते Bए, िज� ह# ऐेसे अिधVमण से पहले �कया गया था या करने का लोप �कया गया था, के तटीय ,े�- के मछुआरा समुदाय- और अ� य R थानीय समुदाय- क� आजीिवका क� सुर,ा और :ाकृितक जोिखम-, ` लोबल वाaमग के कारण समु R तर म# वृिb के खतर- को P यान म# रखते Bए वैcािनक िसbांत- पर आधा9रत सतत िवकास को बढ़ावा देने के अित9र> त, तटीय खंड- और समु ी ,े�- के अि*तीय पया�वरण के संर,ण और सुर,ा के उKे$ य से अंडमान और िनकोबार *ीपसमूह और ल,*ीप तथा इन *ीपसमूह- के आस-पास के समु ी ,े�- को छोड़कर देश के तटीय खंड- और उसक� रा? य,े�ीय सागर खंड को िनW नानुसार तटीय िविनयमन जोन के 3प म# घोिषत करती ह:ै- (i) उf च ? वार रेखा (इसम# इसके प$ चात् एचटीएल के 3प म# कहा गया ह)ै से लेकर समु क� ओर अिभमुख 500 मीटर का भू-,े� । R पj टीकरण – इस अिधसूचना के :योजन- के िलए एचटीएल से भूिम पर ऐसी रेखा अिभ:ेत ह ैजहां तक उ� प� न होने वाले ? वार के दौरान उf चतम जल रेखा पBचंती ह,ै जैसा�क िनधा�9रत :�VयाJ के अनुसार राj lीय सतत तटीय :बंधन के� (एनसीएससीएम) *ारा सीमां�कत और िविभ� न तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- को उपलm ध कराया गया ह।ै (ii) सीआरजेड उन भू-,े�- पर लागू होगा जो एचटीएल से लेकर 50 मीटर या V�क क� चौड़ाई जो भी कम हो, ? वार से :भािवत जल िनकाय-, जो �क समु से जुड़े Bए हD, के मP य िRथत वह दरूी जहां तक ? वार से :भािवत जल िनकाय- के आस-पास िवकासा� मक काय�कलाप- को िविन यिमत �कया जाना ह ैऔर इस दरूी का िनधा�रण वष� क� शुj क अविध म# लवणीयता क� मा�ा को पांच भाग :ित हजार (पीपीटी) को आधार मानकर �कया जाएगा तथा ? वार से :भािवत होने वाली दरूी को तटीय जोन :बंधन योजनाJ (िजसे इसम# इसके प$ चात् सीजेडएमपी के 3प म# कहा गया ह)ै के अनुसार अिभcात करके उसका िनधा�रण �कया जाएगा। पर� तु, 50 मीटर क� सीआरजेड सीमा या V�क क� चौड़ाई, इनम# से जो भी कम हो, इस अिधसूचना, िजसे उिचत परामशn :�Vया/जनसुनवाई इ� या�द के साथ िवरिचत �कया गया ह,ै के अनुसार संबंिधत सीजेडएमपी के संशोधन तथा अि�तम अनुमोदन और इसम# सूचीबb पया�वरणीय सुर,ोपाय- के अP यधीन होगी और इस अिधसूचना क� सीजेडएमपी का अनुमोदन होने तक, 100 मीटर या V�क क� चौड़़ाई क� सीमा जो भी कम हो, लाग ूहोगी। R पj टीकरण :- इस उप पैराpाफ के :योजनाथ� ? वार :भािवत जल िनकाय- से खाड़ी, नदी मुहाना, नदी, V�क, बैकवाटर, लगेून और तालाब इ� या�द जो समु से िमल े Bए ह-, म# समु से ? वारीय :भाव- से :भािवत जल िनकाय अिभ:ेत ह।ै (iii) एचटीएल तथा िनW न ? वारीय रेखा (िजसे इसम# इसके प$ चात् एलटीएल के 3प म# कहा गया ह)ै के मध् य िRथत अ� तर ? वारीय ,े� अथा�त भूिम ,े� अिभ:ेत ह।ै (iv) ? वार से :भािवत जल िनकाय- के िलए समु और जल के मामले म# एलटीएल और ,े�ीय जल सीमा (12 समु ी मील) के मP य िRथत भू-,े� और �कनारे क� िवपरीत �दशा म# एलटीएल से �कनारे पर एलटीएल के बीच के ,े� 2.2.2.2. सीआरजेड का वग�करण सीआरजेड का वग�करण सीआरजेड का वग�करण सीआरजेड का वग�करण –––– तटीय ,े�- और समु ी जल के संर,ण और सुर,ा के :योजनाथ� सीआरजेड ,े� को िनW नानुसार वगnकृत �कया जाएगा, अथा�त् :- 2.12.12.12.1 सीआरजेड सीआरजेड सीआरजेड सीआरजेड ----।।।। ,े� पया�वरण क� दिृq से सवा�िधक संवेदनशील हD और इ� ह# िनW नानुसार और वगnकृत �कया जाएगा: 2.1.12.1.12.1.12.1.1----सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----IIIIक: क: क: क: (क) सीआरजेड-।क म# पा9रिRथितक� क� दिृq से संवेदनशील (ईएसए) और भू-आकृित क� िवशेषताJ वाले िनW निलिखत ,े� सिWमिलत ह-ग,े जो तट क� अखंडता को बरकरार रखने म# भूिमका िनभाते हD अथा�त्:

¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 (i) कf छ वनR पित । य�द कf छ वनR पित ,े� 1000 वग� मीटर से अिधक ह ैतो कf छ वनR पित के �कनारे 50 मीटर के ,े� को बफर ,े� के 3प म# उपलm ध कराया जाएगा और ऐसे ,े� म# सीआरजेड-Iक भी सिWमिलत होगा। (ii) :वाल और :वाल िभिr; (iii) बालू के टील;े (iv) जैिवक 3प से स�Vय नमभूिम (मडsलैट); (v) जैवमंडल 9रजवt सिहत व� यजीव (संर,ण) अिधिनयम, 1972 (1972 का 53), वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 (1980 का 69) या पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1972 (1972 का 53) के उपबंध- के अधीन राj lीय उwान, समु ी पाक� , अभयारx य, 9रजव� वन, व� यजीव पया�वास और अ� य संरि,त ,े�; (vi) नमक�न दलदल; (vii) कछुआ :जनन R थल; (viii) हॉस� शू केकड़े का पया�वास; (ix) समु ी घास का मैदान; (x) पि,य- के :जनन का R थान; (xi) पुराताि�वक मह� व के ,े� या संरचनाएं और धरोहर R थल । (ख) इस अिधसूचना के उपाबंध-। म# यथाअंतyवj ट और सीजेडएमपी म# एक�कृत माग�दश�क िसbांत- के आधार पर राj lीय सतत तटीय :बंधन के� (एनसीएससीएम) *ारा यथा मानिचि�त संबंिधत ,े�- म# ऐसे पा9रिRथितक� क� दिृq से संवेदनशील ,े�- के िलए रा? य- और संघ रा? य,े�- *ारा एक िवR तृत पया�वरण :बंधन योजना बनाई जाएगी। 2.1.22.1.22.1.22.1.2 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।।।। ख:ख:ख:ख: अ� तर? वारीय ,े� अथा�त् िनW न ? वार रेखा और उf च ? वार रेखा के बीच का ,े� सीआरजेड-।ख म# सिWमिलत होगा । 2.22.22.22.2 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।।:।।:।।:।।: सीआरजेड-।। म# िवwमान नगरीय सीमाJ या अ� य िवwमान िविधक 3प से अिधकृत शहरी ,े�- जो िब� टअप A लॉट- से 50 :ितशत से अिधक होते Bए कुल A लॉट- के अनुपात के साथ पया�A त िब� टअप ह- और जहां zेनेज तथा सW पक� सड़क- और अ� य अवसंरचना� मक सुिवधाएं जैसे जलापूyत और सीवरेज मेन इ� या�द क� { यवR था क� गई हो, के अ� दर तटरेखा तक या इसके समीप िवकिसत भूिम ,े� सिWमिलत ह-गे। 2.32.32.32.3 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।।।।।।।।।।।।: : : : ऐसे भूिम ,े� जो अपे,ाकृत अहR त,ेिपत (अथा�त pामीण ,े� इ� या�द) हD और जो सीआरजेड-।। के अ� तग�त नह| आते हD, सीआरजेड-।।। म# सिWमिलत ह-गे और सीआरजेड-।।। को आग ेिनW निलिखत }ेिणय- म# वगnकृत �कया जाएगा:- 2.3.12.3.12.3.12.3.1 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।।। क: ।।। क: ।।। क: ।।। क: ऐसी घनी आबादी वाल ेसीआरजेड-।।। ,े�, जहां 2011 जनगणना आधार के अनुसार जनसं� या घन� व :ितवग� �कलोमीटर 2161 से अिधक हो, उ� ह# सीआरजेड-।।।क के 3प म# नािमत �कया जाएगा और सीआरजेड-।।।क म#, भूिम क� ओर वाल ेभाग पर एचटीएल से 50 मीटर तक के ,े� को ‘नो डेवलपम#ट जोन (एनडीजेड)’ के 3प म# िनधा�9रत �कया जाएगा, पर� तु इस अिधसूचना के अनुसार सीजेडएमपी िजसे उिचत परामशn :�Vया के साथ तैयार �कया गया हो, को अनुमो�दत �कया गया ह ैिजसके न होने पर 200 मीटर का ‘नो डेवलपम#ट जोन’ लाग ूरहगेा। 2.3.2 सीआरजेड2.3.2 सीआरजेड2.3.2 सीआरजेड2.3.2 सीआरजेड----।।। ख:।।। ख:।।। ख:।।। ख: वष� 2011 जनगणना आधार के अनुसार :ित वग� �कलोमीटर 2161 से कम जनसं� या घन� व वाले सभी अ� य सीआरजेड-।।। ,े� सीआरजेड-।।।ख के 3प म# अिभिहत �कए जाएंगे और सीआरजेड-।।।ख म#, भूिम क� ओर वाले भाग पर एचटीएल से 200 मीटर तक के ,े� को ‘नो डेवलपम#ट जोन (एनडीजेड)’ के 3प म# िनधा�9रत �कया जाएगा। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 2.3.3 2.3.3 2.3.3 2.3.3 ? वार :भािवत जल िनकाय- के �कनारे एचटीएल से 50 मीटर तक भूिम ,े� या V�क क� चौड़ाई, जो भी कम हो, को भी सीआरजेड ।।। ,े�- म# एनडीजेड के 3प म# िनधा�9रत �कया जाएगा। �ट� पण: अिधसूिचत प� तन सीमाJ म# आने वाल ेऐसे ,े�- म# एनडीजेड लागू नह| होगा। 2.4 सीआरजेड2.4 सीआरजेड2.4 सीआरजेड2.4 सीआरजेड----IVIVIVIV:::: सीआरजेड-IV म# जल ,े� सिWमिलत ह-गे और इ� ह# िनW नानुसार और वगnकृत �कया जाएगा: 2.4.1 सीआरजेड2.4.1 सीआरजेड2.4.1 सीआरजेड2.4.1 सीआरजेड----IV IV IV IV क: क: क: क: समु क� ओर वाल ेभाग पर बारह (12) सम्ु ी मील तक िनW न ? वार रेखा के बीच जल ,े� और समु तल ,े� सीआरजेड-IVक म# सिWमिलत ह-गे। 2.4.2 सीआरजेड2.4.2 सीआरजेड2.4.2 सीआरजेड2.4.2 सीआरजेड----IV IV IV IV ख:ख:ख:ख: सीआरजेड-IV ख ,े�- म# ? वार से :भािवत जल िनकाय- के �कनारे पर एलटीएल और ? वार के :भाव अथा�त् वष� के शुj कतम मौसम के दौरान पांच भाग :ित हजार (पीपीटी) क� लवx यता तक समु म# जल िनकाय के मुहाने से िवR तृत होकर �कनारे क� िवपरीत �दशा म# एलटीएल के बीच जल ,े� और तल ,े� सिWमिलत ह-गे। 3.03.03.03.0 सीआरजेड सीआरजेड सीआरजेड सीआरजेड म� िवशेष याम� िवशेष याम� िवशेष याम� िवशेष यान क! अपे#ा रखने वाल े#े�:न क! अपे#ा रखने वाल े#े�:न क! अपे#ा रखने वाल े#े�:न क! अपे#ा रखने वाल े#े�:---- िनW निलिखत तटीय ,े�- पर संकटपूण� तटीय पया�वरण के संर,ण तथा R थानीय समुदाय- *ारा सामना क� जा रही क9ठनाइय- के :योजनाथ� िवशेष P यान �दया जाएगा:- 3.13.13.13.1 गंभीर 3प से असुरि,त तटीय ,े� (सीपीए) पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 के अधीन अिभcात पि~म बंगाल के संुदरवन ,े� और अ� य पा9र-संवेदनशील ,े�- जैसे गुजरात म# खंबात क� खाड़ी और कf छ क� खाड़ी, महाराj l म# मालवन, अचरा- र� नािग9र, कना�टक म# कारबार और कंूडापुर, केरल म# वैW बानाड, तिमलनाडु म# म� नार क� खाड़ी, ओिडशा म# भैयतारकिनका, आं� :देश म# को�रगा, पूवn गोदावरी और कृj णा को गंभीर 3प से असुरि,त तटीय ,े� (सीवीसीए) के 3प म# िलया जाएगा और उनका :बंधन तटीय समुदाय-, िजनम# वे मछुवारे सिWमिलत हD जो अपनी R थायी आजीिवका के िलए तटीय संसाधन- पर िनभ�र करते हD को सिWमिलत कर के �कया जाएगा। 3.2 अंतद�शीय प$ चजल *ीप- और मु� य भूिम तट के साथ-साथ *ीप- के िलए सीआरजेड। 3.3 वृह� तर मंुबई क� नगरीय सीमाJ के भीतर आने वाल ेसीआरजेड। 4.4.4.4. सीआरजेड के भीतर 'ितषेसीआरजेड के भीतर 'ितषेसीआरजेड के भीतर 'ितषेसीआरजेड के भीतर 'ितषेिधत )*याकलाप: िधत )*याकलाप: िधत )*याकलाप: िधत )*याकलाप: साधारणतया: िनW निलिखत �Vयाकलाप को पूरे सीआरजेड म# :ितषेिधत �कया जाएगा और इनके अपवाद तथा िविन�दj ट सीआरजेड }ेिणय-, जैसे सीआरजेड-।, ।।, ।।। और IV म# अनुम� य/ िविनयिमत अ� य �Vयाकलाप को इस अिधसूचना के पैरा 5 के उपबंध- के *ारा शािसत �कया जाएगा:- (i) नये उwोग- क� R थापना और िवwमान उwोग-, :चालन- या :�VयाJ का िवR तार। (ii) पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय क� अिधसूचना सं� यांक सा.का.िन. 395(अ), तारीख 4 अ:ैल, 2014 म# यथा िविन�दj ट, तेल का िविनमा�ण या हथालन, खतरनाक पदाथt का भंडारण या िनपटान। (iii) नई म� R य :संR करण इकाइय- को R थािपत �कया जाना। (iv) इस अिधसूचना के अधीन अनुम� य और स,म :ािधकारी क� पूवा�नुमित से िनj पा�दत काय�कलाप- को छोड़कर भूिम सुधार, समु ी जल के R वभािवक :वाह पर बंध लगाया जाना या उसम# बाधा डालना। (v) उwोग-, शहर- या नगर- तथा अ� य मानवीय बिRतय- से अशोिधत अपिशj ट और बिह:�ाव- का छोड़ा जाना। (vi) भूिम के भराव के :योजन से सि�मा�ण का मलबा, औwोिगक ठोस अपिशj ट, sलाईएश सिहत शहर या नगर के अपिशq काडलाव। (vii) तट के अिधक कटाव वाल े,े�- म# बंदरगाह और पोता}य। (viii) रेत, च�ान- तथा िनचली सतह- म# अ� य सामिpय- का खनन। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5 (ix) स�Vय रेत टील- क� छंटाई या उनम# बदलाव। (x) जल :णाली और समु ी जीव -ज� तुJ क� सुर,ा के िलए तटीय जल,े�- म# A लािRटक सामpी को फ# के जाने का :ितषेध �कया जाएगा और सीआरजेड म# A लािRटक सामpी के :बंधन और िनपटान के िलए पया�A त उपाय �कये जाएंगे। (xi) भूजल का िनj कासन। 5.5.5.5. सीआरजेड म� अनुम+ यसीआरजेड म� अनुम+ यसीआरजेड म� अनुम+ यसीआरजेड म� अनुम+ य )*याकलाप का िविनयमन: )*याकलाप का िविनयमन: )*याकलाप का िविनयमन: )*याकलाप का िविनयमन: 5.1 5.1 5.1 5.1 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।:।:।:।: 5.1.15.1.15.1.15.1.1 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड————।क:।क:।क:।क: ये ,े� पा9रिRथितक 3प से अ� यिधक संवेदनशील हD और सामा� य 3प से सीआरजेड-।क ,े�- म# िनW निलिखत अपवाद- सिहत, कोई �Vयाकलाप नह| �कया जाएगा:- (i) इस अिधसूचना के अनुसार, अनुमो�दत सीजेडएमपी म# िन�दj ट, ऐसी पा9र-पय�टन योजना के अP यधीन,अिभcात ,े�- म# कच् छ भूिम �मण, वृ, कुटीर, :ाकृितक माग� इ� या�द जैसे पा9र-पय�टन �Vयाकलाप,िज� ह# उिचत परामशn :�Vया/ जन सुनवाई के प$ चात तैयार �कया गया हो और सीजेडएमपी म# सूचीबb, पा9रिRथितक 3प से संवेदनशील ,े�- से संबंिधत पया�वरणीय सुर,ोपाय- और सावधािनय- के अP यधीन। (ii) कf छ भूिम बफर ,े� म# केवल ऐसे �Vयाकलाप जैसे पाइप लाइन-, lांसिमशन लाइन- का िबछाया जाना, वाहन :णािलय- या तं�- तथा खंभ- इ� या�द पर सड़क का सि�मा�ण, िजनक� जन उपयोिगताJ म# ज3रत पड़ती ह,ै क�अनुमित दी जाएगी। (iii) सीआरजेड-। ,े�- म# सुधार के *ारा सड़क- और खंभ- पर बनायी जाने वाली सड़क-क� अनुमित केवल आपवा�दक मामल- म# र,ा, रणनीितक :योजन- और जन उपयोिगताJ के िलए, एक m योरे वार समु ी या दोन- पृ� वी पया�वरण :भाव िनधा�रण के अP यधीन दी जाएगी िजसक� िसफा9रश तटीय ,े� :बंधन सिमित :ािधकरण *ारा क� गई हो और िजसक� पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा R वीकृित दी गयी हो और य�द ऐसी सड़क- का िनमा�ण कf छ भूिम ,े�- से होकर गुजरता ह ैया उससे कf छ भूिमय- को,सि�मा�ण :�Vया के दौरान, कम से कम तीन बार ,ित पBचंने क� संभावना हो, तो :भािवत या ,ितpR त या कटाईpR त कf छ भूिम ,े� पर :ितपूरक वृ,ारोपण :ारंभ �कया जाएगा। 5.1.2 सीआरजेड5.1.2 सीआरजेड5.1.2 सीआरजेड5.1.2 सीआरजेड----। ख । ख । ख । ख –––– अंत, वा�अंत, वा�अंत, वा�अंत, वा�रीय #े�: रीय #े�: रीय #े�: रीय #े�: सीआरजेड-।ख ,े�- म# �Vयाकलाप का िनW न :कार से िविनयिमत या अनुमित अनुcेय ह-गी:- (i) भूिम सुधार, बंध िनमा�ण इ� या�द क� अनुमित केवल ऐसे �Vयाकलाप के िलए दी जाएगी जैसे:- (क) तटाp सुिवधाएं, जैसे बंदरगाह, पोतआ}य, घाट, जहाज घाट, A लेटफाम�, जलावतरण मंच, पुल, तटर,ा के िलए होवर पोट� और समु ी बंध इ� या�द; (ख) र,ा, रणनीितक और सुर,ा :योजन- के िलए प9रयोजनाएं; (ग) िवwमान उf च ? वार रेखा तक, खंभ- पर सड़क बशत� ऐसी सड़क- के, भूिम क� तरफ वाल े,े� के िवकास क� अनुमित के िलए :ािधकृत नह| �कया जाएगा: परंतु यह और �क सुधार क� गयी भूिम के उपयोग क� अनुमित केवल जन उपयोिगताJ, जैसे सामूिहक, � व9रत या बBिवध प9रवहन :णाली, सभी आव$ यक सहबb जन उपयोिगताJ के िनमा�ण और R थापना तथा ऐसी प9रवहन :णाली के :चालन के िलए आधारभूत संरचना िजसम# िवwुत या इलै> lोिनक िस` नल :णाली, अनुcा:ाA त िडजाइन- के प9रवहन िव}ाम R थल; �कसी औwोिगक :चालन, मरW मत या अनुर,ण को छोड़कर, के िलए दी जाएगी; (घ) कटाव के िनयं�ण के िलए उपाय; (ङ) जलमागt, चैनल- और बंदरगाह- और तटर,ा के िलए होवर पोटt का अनुर,ण और सफाई;

6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (च) रेत बाधाJ, ? वारीय िविनयामक- क� R थापना, वषा�जल नाल- का बनाया जाना या लवणता के :वेश के िनवारण हतुे संरचना और ताजा जल का पुन: भराव के िलए उपाय। (ii) जलाp से संबंिधत �Vयाकलाप या बंदरगाह- तथा पोता}य, घाट-, A लेटफामt, जहाज घाट-, कटाव िनयं�ण उपाय-, �ेकवाटस�, पाइप लाइन-, लाइट हाउस-, नौचालन सुर,ा सुिवधाएं, तटीय पुिलस R टेशन-, भारतीय तट र,ा R टेशन- और इसी :कार के अ� य �Vयाकलाप जैसी :� य, 3प से आव$ यक समु तटाp सुिवधाएं। (iii) गैर परW परागत ऊजा� �ोत- *ारा िवwुत तथा सहबb सुिवधाएं। (iv) खतरनाक पदाथt को, पोत- से बंदरगाह-, टyमनल- और प9रj करिणय- को R थाना� त9रत �कया जाना और िवपय�येन { यवR था। (v) इस अिधसूचना के उपाबंध-।। म# यथा िविन�दj ट अनुसार पेlोिलयम उ� पाद- और तरलीकृत :ाकृितक गैस क� :ाि� और भंडारण के िलए सुिवाधाएं, पेlोिलयम और :ाकृितक गैस मं�ालय म#, तेल उwोग सुर,ा िनदेशालय *ारा जारी �दशािनदेश- और पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा जारी माग� दश�क िसbांत- सिहत सुर,ा िविनयम- के काया�� वयन के अP यधीन, परंतु यह �क ऐसी सुिवधाएं उव�रक- और अमोिनया, फाR फो9रक एिसड, गधंक का तेजाब, शोरे का तेजाब इ� या�द जैसे उव�रक- के िलए आव$ यक कf चे सामिpय- क� :ाि� और भंडारण के िलए हो। (vi) अिधसूिचत बंदरगाह- म# गैर खतरनाक कागt अथा�त खाw तेल उव�रक- और खाwा� न- का भंडारण। (vii) हचैरी और मछिलय- को :ाकृितक 3प से सुखाया जाना। (viii) िवwमान म� R य :संR करण इकाइयां िनW निलिखत शतt के अP यधीन आधुिनक�करण :योजन- के िलए, 25 :ितशत अित9र> त कुसn ,े� (केवल अित9र> त उपR कर- और :दषूण उपाय- के िलए) का उपयोग कर सकती हD:- (क) ऐसे पुनyनमा�ण का फश� R थान सूचकांक जो नगर और देश आयोजन के प9र{ यापी िविनयम- के अनुसार, अनुम� य फश� R थान सूचकांक से अिधक न हो। (ख) अित9र> त कुसn ,े� का सि�मा�ण केवल भूिम ,े� क� तरफ ही हो। (ग) संबb रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� या :दषूण िनयं�ण सिमित का अनुमोदन। (ix) अपिशj ट और बिह:�ाव- के िलए शोधन सुिवधाएं और शोिधत बिह:�ाव- का प9रवहन। (x) वषा� जल के िलए नाले। (xi) प9रयोजनाएं, िज� ह# रणनीितक, र,ा से संबंिधत प9रयोजनाJ और भारत सरकार के परमाणु ऊजा� िवभाग क� प9रयोजनाJ के 3प म# वगnकृत �कया गया ह।ै (xii) खान और खिनज (िवकास और िविनयमन) अिधिनयम, (1957 का 67) क� :थम अनुसूची के भाग-ख के अधीन अिधसूिचत परमाणु खिनज(ज-) का हR त चािलत खनन, जो इस :कार या परमाणु खिनज खोज और अनुसंधान िनदेशालय *ारा अनुमो�दत खनन योजना के अनुसार भारत सरकार के परमाणु ऊजा� िवभाग *ारा यथा :ािधकृत अिभकरण- *ारा, अंत? वा�रीय ,े� म# एक या अ� य खिनज- के साथ �कया जा रहा हो: पर� तु अंत? वा�रीय ,े� के भीतर हR त चािलत खनन काय� ऐसे { यि\य- को िनयोिजत करके �कया जाएगा जो अंत? वा�रीय अयR क या खिनज के संpहण के िलए टोक9रय- और हाथफावड़- का :योग करते ह- और जो अनुमो�दत खनन योजना के अनुसार अंत? वा�रीय ,े� म# िzIलग और िवR फोट या भारी हवैी अथ� मूIवग मशीनरी का :योग �कये िबना कराया गया हो। (xiii) तेल और :ाकृितक गैस क� खोज और िनj कष�ण तथा उससे संबंिधत सभी �Vयाकलाप और सुिवधाएं। (xiv) पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा अिधसूिचत पया�वरणीय मानक- और यथािRथित, क# ीय :दषूण िनयं�ण बोड� या रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� या :दषूण िनयं�ण सिमित के सुसंगत �दशािनदेश- के अनु3प, कf चे माल के प9रवहन के िलए तटाp अपेि,त सुिवधाएं, ठंडा करने वाले जल क� :ाि� हतुे सुिवधाएं िनल�वणीकरण संयं�- इ� या�द के िलए जल क� :ाि� और शोिधत अपिशj ट जल को बाहर िनकालने या तापीय िवwुत सयं�- से ठंडा करने वाल ेजल को बाहर िनकालने के िलए मुहाने जैसी सुिवधाएं होनी चािहए। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7 (xv) lांसिमशन लाइन- सिहत पाइप लाइन और संवहन :णािलयां। (xvi) चVवात- क� पूव� सूचना क� िनगरानी के िलए मौसम रडार, महासागर :े,ण A लेट फामt, संचलन तथा सहबb �Vयाकलाप। (xvii) नमक एक�ण और सहबb सुिवधाएं। (xviii) िनल�वणीकरण और सहबb सुिवधाएं। 5.25.25.25.2 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----।।।।।।।। (i) जहां तक लाग ूहो, सीआरजेड-।ख म# यथा अनुcा:ाA त �Vयाकलाप भी अनुcेय ह-गे। (ii) आवासीय :योजन-, िवwालय-, अR पताल-, संR थाJ, काया�लय-, साव�जिनक R थल- इ� या�द के िलए भवन- के सि�मा�ण क� अनुमित, िवwमान सड़क के भूिम क� तरफ वाले ,े� पर या िवwमान :ािधकृत िनधा9रत संरचनाJ के भूिम क� तरफ वाल े,े� पर दी जाएगी; पर� तु यह �क ऐसी �कसी नई सड़क, जो �कसी िवwमान सड़क के समु क� ओर वाले ,े� पर बनाई गई हो, के भूिम क� तरफ वाल े,े� पर भवन- के सि�मा�ण क� अनुमित नह| दी जाएगी। (iii) ऊपर (ii) म# अनुcा:ाA त भवन, समय-समय पर लाग ूहोने वाले R थानीय नगर और देश आयोजन िविनयम- और इस अिधसूचना क� तारीख को लागू फश� R थान सूचकांक या फश� ,े� अनुपात के िलए लाग ूमापदंड- के अP यधीन ह-ग ेऔर य�द राजप� म# इस अिधसूचना के :काशन क� तारीख को अिधभावी फश� R थान सूचकांक के संशोधन क� आव$ यकता हो, तो यथािRथित शहरी R थानीय िनकाय या रा? य या संघ रा? य,े� :शासन, संबंिधत रा? य तटीय जोन :बंधन :ािधकरण (एससीजेडएमए) या संघ रा? य ,े� तटीय-जोन :बंधन :ािधकरण, के माP यम से पया�वरण, वन और जलवायु प9रतव�न मं�ालय को अनुरोध करेगा और त� प$ चात रा? य तटीय जोन :बंध :ािधकरण :R ताव को इस मामल ेम# अपने िवचार- के साथ राj lीय तटीय जोन :बंध :ािधकरण को अpेिषत करेगा और त� प$ चात राj lीय तटीय जोन :बंध :ािधकरण िविभ� न पहलJु, जैसे जनसुिवधाJ क� उपलm धता, पया�वरण संर,ण उपाय- इ� या�द क� जांच करेगा और :R ताव पर उिचत िनण�य लगेा। यह संबंिधत नगर आयोजन :ािधकरण क� िजW मेदारी होगी �क वह इस बात को सुिनि~त करे �क ठोस अपिशj ट- का िनपटान संबंिधत ठोस अपिशj ट :बंध िनयम- के अनुसार हो और कोई अशोिधत मलजल तट पर या तटीय जल म# न छोड़ा जाए। (iv) :ािधकृत भवन- का पुनिनमा�ण, वत�मान भूिम उपयोग म# प9रवत�न �कए िबना समय-समय पर यथा लाग ूR थानीय कR बा और देश आयोजना संबंिधत िविनयम- और इस अिधसूचना के राजप� म# :काशन क� तारीख को मौजूदा फश� R थान या तल ,े� अनुपात के अP यधीन अनुमत �कया जाएगा और य�द अिधसूचना क� उ> त तारीख के प$ चात फश� R थान सूचकांक के संशोधन क� आव$ यकता हो तो शहरी R थानीय िनकाय/रा? य या संघ रा? य,े� :शासन, यथािRथित संबंिधत रा? य तटीय जोन :बंधन :ािधकरण (एससीजेडएमए) या संघ रा? य,े� तटीय जोन :बंधन :ािधकरण, के माP यम से पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को िनवेदन करेगा और त� प$ चात एससीजेडएमए :R ताव को, इस मामल ेम# अपने िवचार- के साथ एनसीजेडएमए को अpेिषत करेगा और त� प$ चात एनसीजेडएमए िविभ� न पहलJु जैसे जनसुिवधाJ क� उपलm धता, पया�वरण संर,ण उपाय- इ� या�द क� जांच करेगा और :R ताव पर उिचत िनण�य लगेा और यह संबंिधत कR बा आयोजना :ािधकरण का उ� तरदािय� व होगा �क वह सुिनि~त करे �क संबंिधत ठोस अपिशj ट :बंध िनयम- के अनुसार ठोस अपिशj ट का हथालन �कया जाए और तट ,े� अथवा तटीय जल ,े� पर �कसी भी :कार के अशोिधत मलजल का िनR सारण न �कया जाए। (v) समु तट पर 9रसो�स� या होटल- का िनमा�ण करने के िलए िन�दj ट ,े�- म# खाली पड़े Bए भू-खंड- का िवकास, इस अिधसूचना के उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----IIIIIIIIIIII म# �दए गए शतt या �दशािनद�श- के अP यधीन ह।ै (vi) समु तट- पर अR थायी तौर पर पय�टन सुिवधाएं अनुमत क� जाएंगी। ऐसी अR थायी सुिवधाJ म# केवल कुटीर, शौचालय या R नानगृह, कपड़े बदलने के िलए क,, शावॅर पैने� स, इंटरलौ�क# ग पेवर m लॉक आ�द का उपयोग करते Bए, िनyमत �कए गए आवागमन माग�, पेयजल सुिवधाएं, बैठने क� { यवR थाएं आ�द सिWमिलत ह-ग ेऔर तथािप, इस अिधसूचना के अनुसार ऐसी सुिवधाएं, केवल उिचत परामशn :�Vया या जन सुनवाई आ�द से तैयार क� गई अनुमो�दत सीजैडएमपी म# दशा�ई जा रही पय�टन योजना के अP यधीन और आगे सीजैडएमपी म# सूचीबb पया�वरणीय सुर,ोपाय- के अP यधीन अनुमत क� जाएंगी। तथािप, ऐसी सुिवधाJ क� R थापना के िलए एचटीएल से � यूनतम 10 मीटर दरूी बनाकर रखी जानी चािहए। 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 5.3 सीआरजेड5.3 सीआरजेड5.3 सीआरजेड5.3 सीआरजेड----IIIIIIIIIIII (i) जहां तक सीआरजेड-I ख म# लागू काय�कलाप- को यथा:यो? य सीआरजैड-III म# भी अनुमत �कया जाएगा। (ii) एनडीजेडएनडीजेडएनडीजेडएनडीजेड म� काय�कलाप- का िविनयमन:म� काय�कलाप- का िविनयमन:म� काय�कलाप- का िविनयमन:म� काय�कलाप- का िविनयमन: एनडीजेड म# िनW निलिखत अनुcेय ह-ग ेऔर उ� ह# िविनयिमत �कया जायेगा: (क) सीआरजेड-III म# एनडीजेड के भीतर इस अिधसूचना के अधीन अनुमेय काय�कलाप- के िलए आव$ यक आपदा :बंधन :ावधान- और उिचत R वf छता क� { यवR थाJ को सिWमिलत करते Bए मछुआरा समुदाय सिहत पंरपंरागत तटीय, समुदाय- क� आवासीय इकाइय- के िनमा�ण, पुनyनमा�ण और काय�कलाप- के िलए अिनवाय� सुिवधाJ सिहत पूव� म# मौजूदा :ािधकृत और संरचनाJ, िजनम# sलोर R पेस इx डे> स, मौजूदा IAलथ ए9रया और मौजूदा घन� व पहले से अिधक न ह- क� मरW मत या पुनyनमा�ण को छोड़कर, कोई भी िनमा�ण काय� अनुcेय नह| होगा। (ख) कृिष, उwान -कृिष , उwान-, चरागाह, पाक� , खेलने के िलए मैदान और वािनक�। (ग) तटीय जोन :बंध :ािधकरण *ारा मामला-दर-मामला आधार पर R थानीय िनवािसय- क� आव$ यकता हतुे औषधालय-, िवwालय-, वषा� जल से बचाव हतुे साव�जिनक आ}य R थल, सामुियक शैचालय, पुल, सड़क जलापूyत { यवR था, जलिनकास :णाली, वािहत मल के िनकास, शवदाहगृह, क�गाह और िवwुत सब-R टेशन- का िनमा�ण। (घ) संबंिधत :दषूण िनयं�ण बोड� अथवा सिमित के पूव� अनुमोदन से घरेल ूवािहत मल, उपचार और िनR तारण के िलए बनाई जाने वाली इकाइय- या संबंिधत िनकाय- का िनमा�ण। (ङ) R थानीय म� R य pाही समुदाय- के िलए अपेि,त सुिवधाएं जैसे मछली सुखाने के :ांगण, नीलामी के िलए हॉल, जाल क� मरW मत के िलए :ांगण, परW परागत नौका िनमा�ण :ांगण, बफ� संयं�, बफ� तोड़ने वाली इकाइयां, मछिलय- के संसाधन क� सुिवधाएं आ�द। (च) जहां भी सीआरजेड-III ,े�- के एनडीजेड से राj lीय अथवा रा? य राजमाग� गुजर रह ेहD, वहां समु क� तरफ क� ओर सड़क पर अR थायी पय�टन सुिवधाएं जैसे शौचालय, चे� ज 3म, पेयजल सुिवधा और अR थायी शै> स िनyमत �कए जा सकते हD। एनडीजेड म# ऐसी सड़क- क� भूिम क� ओर, 9रस�ट/होटल और संबb पय�टन सुिवधाएं अनुcात ह-गी और तथािप, इस अिधसूचना के अनुसार और यथा लाग ूउपाबंध-III क� शतt या माग�दश�क िसbांत- के अनुसार अनुमो�दत सीजेडएमपी म# पय�टन योजना को सिWमिलत �कए जाने क� शत� पर ही ऐसी सुिवधाJ को अनुcात �कया जाऐगा। (छ) सीआरजेड-III ,े�- म# एनडीजेड और समु तट- म# अR थायी पय�टन सुिवधाएं अनुcेय ह-गी और ऐसी अR थायी सुिवधाJ म# केवल शै> स, शौचालय या :साधन, कपड़े बदलने के िलए क,, शॉवर पैने� स, इंटरलॉ�कग पेवर m लॉक आ�द का उपयोग करते Bए िनyमत वॉक वेज, पेयजल सुिवधाएं, बैठने क� { यवR थाएं आ�द सिWमिलत होगी और तथािप, ऐसी सुिवधाJ को इस अिधसूचना के अनुसार अनुमो�दत सीजेडएमपी म# दशा�ई जा रही पय�टन योजना के अP यधीन ऐसी सुिवधाJ क� R थापना के िलए एचटीएल से 10 मीटर क� � यूनतम दरूी के अनुर,ण के अधीन रहते Bए अनुcात �कया जाएगा। (ज) खोज और अनुसंधान हतुे परमाणु खिनज िनदेशालय *ारा खनन योजना के अनुसार भारत सरकार के परमाणु ऊजा� िवभाग *ारा :ािधकृत ऐसे अिभकरण- *ारा एक या अ� य खिनज- के साथ पाए गए, खान और खिनज (िवकास और िविनयमन) अिधिनयम, 1957 (1957 का 67) क� :थम अनुसूची के भाग ख के अधीन अिधसूिचत, परमाणु खिनज- का खनन। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9 ((((iiiiiiiiiiii)))) एनडीजेड से बाहर सीआरजैडएनडीजेड से बाहर सीआरजैडएनडीजेड से बाहर सीआरजैडएनडीजेड से बाहर सीआरजैड----III III III III #े�- के िलए काय�कलाप- का#े�- के िलए काय�कलाप- का#े�- के िलए काय�कलाप- का#े�- के िलए काय�कलाप- का िविनयमनिविनयमनिविनयमनिविनयमन: : : : (क) इस अिधसूचना के उपाबंध-III म# दी गई शतt या माग�दश�क िसbांत- क� शत� के अP यधीन समु तट पर 9रस�ट या होटल- या पय�टन िवकास प9रयोजनाJ के िनमा�ण के िलए िन�दj ट ,े�- म# खाली पड़े Bए :खंड- का िवकास, (ख) आवासीय इकाइय- का िनमा�ण अथवा पुनिनमा�ण जब तक �क वह पारंप9रक अिधकार- और 3ि़ढगत उपयोग जैसे �क मौजूदा मछुआरा समुदाय के गांव- आ�द क� प9रिध के अंदर ह ैऔर ऐसे िनमा�ण अथवा पुन िनमा�ण हतुे िनमा�ण अनुमित केवल दो तलो (भूतल+एक तल) सिहत 9 मीटर तक अिधकतम ऊँचाई के िनमा�ण क� समp ऊँचाई सिहत R थानीय नगर और शहर आयोजना िनयम- क� शत� के अP यधीन होगा। (ग) मछुआर- सिहत R थानीय समुदाय- को मौजूदा मकान- के IAलथ ,े� या िडजाइन अथवा अpभाग म# प9रवत�न �कए िबना ‘होम R टे’ के माP यम से पय�टन को सुकर बनाने के िलए अनुcात �कया जा सकेगा। (घ) वषा� जल से बचने के िलए साव�जिनक आ}य R थल-, सामुदाियक शौचालय-, जल आपूyत { यवR था, वािहतमल िनR तारण, सड़क- और पुल- का िनमा�ण। (ड.) चूना प� थर का खनन: खनन ,े� म# :िति�त राj lीय R तर के संसाधन- अथा�त् वैcािनक और औwोिगक अनुसंधान प9रषद,् के� ीय खनन अनुसंधान संR थान आ�द क� िसफा9रश- के आधार पर खनन योजनाJ के अधीन उन िविशj ट अिभcात ,े�- म# चूनाप� थर खिनज- के चयिनत खनन को अनुcात �कया जा सकेगा, जो एचटीएल क� ऊॅचाई से पया�A त ऊॅचाई पर हD, बशत� �क एचटीएल के ऊपर एक मीटर क� ऊॅचाई तक म# खिनज- का उ� खनन न �कया गया ह ैऔर पया�A त अवरोधक सृिजत �कया गया हो ता�क लवणीय जल के :वेश के िव3b सुर,ोपाय �कए जा सके और वह तटीय जल- के :दषूण और तटीय अपरदन के िनवारण के संबंध म# पया�A त सुर,ोपाय- क� शत� के अP ययधीन हो। (च) खोज और अनुसंधान हतुे परमाणु खिनज िनदेशालय *ारा खनन योजना के अनुसार भारत सरकार के परमाणु ऊजा� िवभाग *ारा :ािधकृत ऐसे अिभकरण- *ारा एक या अ� य खिनज- के साथ पाए गए, खान और खिनज (िवकास और िविनयमन) अिधिनयम, 1957 (1957 का 67) क� :थम अनुसूची के भाग ख के अधीन अिधसूिचत, परमाणु खिनज- का खनन। (iv) भू-गभnय जल का िनj कष�ण और उससे संबंिधत िनमा�ण को उन ,े�- म# जहां, R थानीय समुदाय िनवास करते हD और जो केवल उनके उपयोग के िलए ह,ै को छोड़कर एचटीएल से 200 मीटर तक के ,े� म# :ितबंिधत �कया जाऐगा और एचटीएल के 200-500 मीटर तक के उन ,े�- म#, भू-गभnय जल का िनj कष�ण को पेयजल, बागवानी, कृिष और म� R यन आ�द के िलए साधारण कँुJ के माP यम से शारी9रक }म *ारा अनुमत �कया जा सकेगा, जहां जल का कोई अ� य �ोत उपलm ध न हो और समु जल के :वेश *ारा :भािवत ,े�- म# रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� :शासन *ारा अिभिहत :ािधकरण *ारा ऐसे िनj कष�ण पर :ितबंध लगाया जा सकेगा तथािप, बागवानी और कृिष उKे$ य के िलए सरकारी क� याण योजनाJ *ारा समyथत माइVो Iसचाई अनुमत क� जाएगी। (v) पया�A त पया�वरणीय सुर,ा उपाय- के साथ सीआरजेड-III ,े�- म# अपिशj ट भूिमय- और गैर-कृिष भूिमय- पर िवमान प� तन- का िवकास। 5.45.45.45.4 सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----IVIVIVIV सीआरजेड IV ,े�- म# अनुcेय और िविनयिमत िनW निलिखत काय�कलाप ह-गे:- (i) R थानीय समुदाय- *ारा पारW प9रक 3प से म� R य पालन और संबंb काय�कलाप �कए गए हD। (ii) भू-सुधार, समु ी जल को बांधने के िलए केवल िनW निलिखत काय�कलाप अनुcात ह-ग;े (क) अpतट सुिवधाJ जैसे प� तन, बंदरगाह, जे�ी, घाट, तटबंध या िRलपवे, पुल और सीIलक और तट र,क के िलए होवर प� तन आ�द;

10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ख) तट र,क सिहत र,ा, रणनीितक और सुर,ा :योजन के िलए प9रयोजनाएं; (ग) ,रण को रोकने के िलए उपाय; (घ) जलमागt, चैनल- और बंदरगाह- क� देखरेख और उनक� साफ-सफाई; (ङ) बलुईटील- को बनने से रोकने, ? वार िनयं�क- का :ितR थापन, तेज जल :वाह नािलय- को िबछाने तथा R वf छ जला$ य- म# लवणीय जल के सिWम}ण को रोकने और R वf छ जल के 9रचाज� हतुे संरचना R थािपत करने संबंधी गितिविधय- पर आधा9रत उपाय; (iii) प� तन- और बंदरगाह-, जे�ी, घाट-, तटबंध-, ,रण िनयं�ण उपाय-, तंरगरोधो (�ेकवाटस�), पाईपलाइन-, नेवीगेशनल सुर,ा सुिवधाJ जैसे वाटर�ंट अथवा :� य, 3प से आव$ यक तटाp सुिवधाJ से संबंिधत काय�कलाप। (iv) गैर-परW परागत ऊजा� �ोत और संबंb सुिवधाJ जैसे अपतटीय पवन, तरंग ऊजा�, महासागरीय ताप िवwुत ऊजा� संर,ण आ�द *ारा िवwुत उ� पादन। (v) जहाजो से प� तन- तक खतरनाक पदाथt का अंतरण। (vi) अिधसूिचत प� तन- म# खाw तेल, उवर�क- और खाwा� न जैसे गरै-प9रसंकटमय काग� का भंडारण। (vii) जलमाग� म# शोिधत बिह�ाव- के िनR तारण के िलए सुिवधाएं। (viii) रणनीितक और तटर,क तटीय सुर,ा नेटवक� सिहत र,ा संबंधी प9रयोजनाJ के 3प म# वगnकृत प9रयोजनाएं। (ix) परमाणु ऊजा� िवभाग क� प9रयोजनाएं। (x) तेल और :ाकृितक गैस का अ� वेषण और िनj कष�ण तथा इससे जुड़ी Bई अ� य गितिविधयां और सुिवधाएं आ�द। (xi) खान और खिनज (िवकास और िविनयमन) अिधिनयम, 1957 (1957 का 67) क� पहली अनुसूची के भाग-ख के अधीन अिधसूिचत प9रमाणु खिनज- क� खोज और खनन जो अ� य खिनज (खिनज-) के साथ और ऐसे संबंb खिनज (खिनज-) के 3प म# पाए जाते हD। (xii) पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा अिधसूिचत पया�वरणीय मानक- और के� ीय :दषूण िनयं�ण बोड� या रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� या :दषूण िनयं�ण सिमित के सुसंगत िनदेश- के अनु3प कf चे माल के प9रवहन हतुे तटाp अपेि,त सुिवधाएं, शीतलन जल का उपयोग करने के िलए सुिवधाएं या थम�ल पावर संयं�- से िनकलने वाले शीतलन जल अथवा शोिधत अपिशj ट जल के िनR तारण हतुे मुहाना। (xiii) पाईपलाइन, lांसिमशन लाईन सिहत संचार :णाली क� { यवR था। (xiiv) चVवात के पूवा�नुमान, महासागर अवलोकन R थल, संचलन और संबb सुिवधाJ क� मानीटरी के िलए मौसम रडार। (xv) संबंिधत रा? य सरकार *ारा सीआरजेड-IV(क) ,े�- म# पया�A त पया�वरणीय सुर,ोपाय- सिहत िनW निलिखत क� शतt के अP यधीन अपवाद मामल- म# R मारक या R मृित R थल- का िनमा�ण और संबb सुिवधाएं अथा�त्:- (क) संबंिधत रा? य सरकार पया�वरणीय पैरामीटर- सिहत िविभ� न पैरामीटर- के संबंध म# िवचा9रत वैकि�पक अवR थान- और वेटेज मै9l> स के m यौरे सिहत सीआरजेड-IV ‘क’ ,े�- म# प9रयोजना क� अवR थापना के िलए रा? य तटीय जोन :बंध :ािधकरण को औिच� यकरण :R तुत करेगी जो प9रयोजना क� जांच करेगा और रा? य सरकार *ारा पया�वरणीय :भाव मू� यांकन 9रपोट� क� तैयारी करने के िलए िवचाराथ� िवषय (टीओआर) :दान करने के िलए के� ीय सरकार (पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय) को िसफा9रश करेगा। (ख) के� ीय सरकार *ारा टीओआर :दान करने पर संबंिधत रा? य सरकार पया�वरण समाघात के साथ िनधा�रण अिधसूचना सं� या का.आ. 1533 (अ) तारीख 14 िसतW बर, 2006 के अधीन अिधकिथत :�Vया के अनुसार :R तािवत प9रयोजना के िलए साव�जिनक सुनवाई आयोिजत करने के िलए रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� को आपात िRथित के दौरान R थल- पर और R थल- से -दरू आपात योजना और बचाव काय� योजना सिहत :ा3प ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11 पया�वरण समाघात िनधा�रण 9रपोट� (ईआईए) सिहत पया�वरणीय :बंधन योजना (ईएमपी), :ा3प जोिखम िनधा�रण 9रपोट� सिहत आपदा :बंधन योजना (डीएमपी) :R तुत करेगा) (ग) संबंिधत रा? य सरकार, जन सुनवाई के दौरान जनता *ारा उप-मद (ख) म# उठाए गए संगत मुK- का िनराकरण करने के प$ चात् अंितम ईआईए, ईएमपी, जोिखम आकलन और डीएमपी को रा? य सीजेडएमए को उनक� जांच करने और पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को िसफा9रश करने के िलए :R तुत करेगा: (घ) के� ीय सरकार य�द वह ऐसा करना आव$ यक समझे तो उप-मद (ख) म# संदyभत जन सुनवाई क� आव$ यकता को अनाव$ यक भी बना सकता ह ैय�द उसका यह समाधान हो जाता ह ै�क इस प9रयोजना म# जनता का पुनवा�स और पुनR था�पना सिWमिलत नह| ह ैअथवा प9रयोजना R थल, मानव बिRतय- से दरू अविRथत ह।ै 5.5 डीएई R थापनाJ से R वीकृित क� अपे,ा: परमाणु ऊजा� िविनयामक बोड� माग�दश�क िसbांत- *ारा िवyन�दj ट चार�दवारी सीमाJ के अंतग�त आने वाली नई संरचनाJ के िनमा�ण सिहत �कसी िवकासा� मक काय�कलाप- को करने से पहले परमाणु ऊजा� िवभाग R थापनाJ से पूव� अनापिr अिभ:ाA त करनी होगी। 6.6.6.6. तटीय जोन 'बंधन योजनाएं (सीजैडएमपी)तटीय जोन 'बंधन योजनाएं (सीजैडएमपी)तटीय जोन 'बंधन योजनाएं (सीजैडएमपी)तटीय जोन 'बंधन योजनाएं (सीजैडएमपी) (i) इस अिधसूचना के उपबंध- के अनुसार, सभी तटीय रा? य और संघ रा? य ,े� सीआरजैड अिधसूचना, 2011 सं� यांक का.आ. 19 (अ), तारीख 6 जनवरी, 2011 के अधीन िवरिचत संबंिधत तटीय जोन :बंधन योजना (सीजैडएमपी) को इस अिधसूचना के उपबंध- के अनुसार पुनरीि,त या अwतन कर#ग े और उसे अनुमोदनाथ� यथाशी� पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को :R तुत कर#ग ेऔर उन सभी प9रयोजना काय�कलाप-, िजन पर इस अिधसूचना के उपबंध लागू होते हD, का मू� यांकन अwतन तटीय ,े� :बंधन योजनाJ के अनुसार �कया जाना अपेि,त होगा और जब तक सीजैडएमपी को इस :कार पुनरीि,त या अwतन नह| �कया जाता ह,ै तब तक इस अिधसूचना के उपबंध लागू नह| ह-गे और ऐसी प9रयोजनाJ के मू� यांकन और सीआरजैड R वीकृित के िलए सीआरजैड अिधसूचना, 2011 के उपबंध- के अनुसार तैयार क� गई तटीय ,े� :बंधन योजनाJ का अनुसरण �कया जाता रहगेा; (ii) तटीय रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� *ारा � याित :ाA त एवं अनुभवी वैcािनक संR था (J) या पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय के राj lीय सतत तटीय :बंधन के� (इसके उपरांत एनसीएससीएम के 3प म# उि�लिखत) सिहत अ� य एज#िसय- के सहयोग से और संबंिधत पणधा9रय- के साथ परामश� करके सीजैडएमपी तैयार या अwतन क� जाएगी; (iii) तटीय रा? य और संघ रा? य ,े� अिधसूचना के उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----IIIIVVVV म# �दए गए माग�दश�क िसbांत-, िजनके अंतग�त आम जनता से परामश� करना भी ह,ै के अनुसार संबिधत :देश- के अंदर सीआरजैड ,े�- को अिभcात और वगnकृत करते Bए 1:25,000 R केल मैप का :योग करके :ा3प सीजैडएमपी तैयार कर#ग;े इस अिधसूचना म# सूचीबb समR त िवकास संबंधी काय�कलाप- को रा? य सरकार, संघ रा? य ,े� :शासन, R थानीय :ािधकरण या संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण *ारा इस अिधसूचना के उपबंध- के अनुसार यथािRथित ऐसी अनुमो�दत सीजैडएमपी, जो िवwमान हो, के ढांचे के अंदर िविनयिमत �कया जाएगा; (iv) रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� *ारा :R तुत :ा3प सीजैडएमपी को पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) म# अिधकिथत :�Vया (J) के अनुसार, समुिचत परामशt और िसफा9रश- के साथ मू� यांकन के िलए संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण के सम, :R तुत �कया जाएगा; (v) त� प$ चात् पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय संबंिधत रा? य सरकार- या संघ रा? य ,े�- क� संबंिधत तटीय ,े� :बंधन योजनाJ पर िवचार करेगा और अनुमोदन :दान करेगा। (vi) सामा� यतया सीजैडएमपी को पांच वष� क� अविध से पहले संशोिधत नह| �कया जाएगा। पांच वष� के बाद संबंिधत रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� संशोधन लाने पर िवचार कर सकती ह।ै 12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 7.7.7.7. अनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6अनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6अनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6अनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6----'+ या'+ या'+ या'+ यायोजनयोजनयोजनयोजन:::: (i) इस अिधसूचना के उपबंध- से :भािवत होने वाली सभी अनुcेय और िविनयिमत प9रयोजनाJ को आरंभ करने के पूव� सीआरजैड अनापिr :ाA त करना अपेि,त होगा। (ii) सीआरजैड-I और सीआरजैड-IV ,े�- म# संचािलत सभी िवकासा� मक काय�कलाप- या प9रयोजनाJ, जो इस अिधसूचना के अनुसार िविनयिमत या अनुcेय हD, के संबंध म# पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� िसफा9रश के आधार पर सीआरजैड अनापिr :दान क� जाएगी। (iii) इस अिधसूचना के अनुसार अ� य सभी अनुcेय और िविनयिमत काय�कलाप-, जो पूण� 3प से सीआरजैड-II और सीआरजैड-III ,े�- म# आते हD, के िलए संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण *ारा सीआरजैड अनापिr :दान करने के संबंध म# िवचार �कया जाएगा और तथािप, सीआरजैड-II और III म# संचािलत ऐसी प9रयोजनाJ, जो सीआरजैड-I या IV ,े�- म# भी आती हD, को सीआरजैड अनापिr देने के संबंध म# केवल पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा संबंिधत सीजैडएमए क� िसफा9रश- के आधार पर िवचार �कया जाएगा। (iv) िजन प9रयोजनाJ या काय�कलाप- के िलए िजसे इस अिधसूचना के उपबंध- और ईआईए अिधसूचना, 2006 सं� यांक का.आ. 1533 (अ), तारीख 14 िसतW बर, 2006 के उपबंध लाग ूहोते हD, उनके संबंध म# संबंिधत अनुमोदक :ािधकरण *ारा संबंिधत सीजैडएमए क� संR तुितय- के आधार पर :� यायोजन-, अथा�त् Vमश: :वग� ‘ख’ और :वग� ‘क’ के िलए रा? य पया�वरणीय समाघात िनधा�रण :ािधकरण (िजसे इसम# इसके प$ चात् एसईआईएए कहा गया ह)ै या पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय, के अनुसार ईआईए अिधसूचना, 2006 के अधीन समे�कत पया�वरणीय और सीआरजैड अनापिr :दान क� जाएगी। (v) ईआईए अिधसूचना के उपबंध- को आकृj ट करने के िलए िनयत िनधा�9रत सीमा से कम िनyमत ,े� के साथ भवन या िनमा�ण काय� प9रयोजनाJ के मामले म#, इन प9रयोजनाJ को संबंिधत R थानीय रा? य अथवा संघ रा? य ,े� योजना :ािधकरण- *ारा इस अिधसूचना के अनुसार संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� िसफा9रश :ाA त करने के प$ चात् मंजूरी :दान क� जाएगी। (vi) केवल कुल 300 व.मी. के िनyमत ,े�फल तक क� R वयं के िलए िनyमत आवासीय इकाइय- के िलए संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� िसफा9रश- क� अपे,ा के िबना संबंिधत R थानीय :ािधकरण *ारा मंजूरी :दान क� जाएगी और तथािप, ऐसे :ािधकरण मंजूरी :दान करने से पूव� तटीय िविनयम जोन अिधसूचना के प9र:े� य म# उस :R ताव क� जांच कर#गे। 8.8.8.8. अनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6 'ा7 तअनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6 'ा7 तअनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6 'ा7 तअनु5ेय और िविनयिमत काय�कलाप- के िलए सीआरजैड अनापि6 'ा7 त करने क! ')*या करने क! ')*या करने क! ')*या करने क! ')*या:::: (i) प9रयोजना के :R तावक इस अिधसूचना के अधीन पूव� अनापिr :ाA त करने हतुे िनW निलिखित दR तावेज- के साथ संबंिधत रा? य अथवा संघरा? य ,े� के तटीय जोन :बंध :ािधकरण को आवेदन :R तुत कर#गे:- (क) इस अिधसूचना के उपाबंध-V के अनुसार प9रयोजना सार के m यौरे। (ख) भवन िनमा�ण प9रयोजनाJ या आवासीय योजनाJ को छोड़कर यथा लाग ू सामु� क और :ादेिशक घटक सिहत � व9रत पया�वरण समाघात िनधा� रण 9रपोट�। (ग) इस अिधसूचना के अधीन तैयार क� गई सीजैडएमपी के अनुसार, य�द प9रयोजनाएं कम और मP यम अपरदन वाले ,े�- म# िRथत ह- (ईआईए अिधसूचना 2006, सं� यांक का.आ. 1533 (अ) तारीख 14 िसतW बर, 2006 के उपबंध- को लाग ू करने हतुे िनधा�9रत अवसीमा से कम िनyमत ,े�फल वाली भवन िनमा�ण प9रयोजनाJ या आवासीय योजनाJ को छोड़कर) तो प9रयोजनाJ के िलए समे�कत अP ययन- के साथ िवR तृत ईआईए 9रपोट�। (घ) जोिखम िनधा�रण 9रपोट� और आपदा :बंधन योजना ईआईए अिधसूचना 2006, सं� यांक का.आ. 1533 (अ) तारीख 14 िसतW बर, 2006 के उपबंध- को लाग ूकरने हतुे िनधा�9रत अवसीमा से कम िनyमत ,े�फल वाली भवन िनमा�ण प9रयोजनाJ या आवासीय योजनाJ को छोड़कर। (ड.) पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा तारीख 14 माच�, 2014 के उसके काया�लय आदेश सं� या जे-17011/8/92-आईए-III *ारा पहचान �कए गए अिभकरण- म# से �कसी अिभकरण *ारा 1:4000 R केल म# तैयार �कया गया सीआरजैड मानिच� िजसम# एनसीएससीएम *ारा �कए गए अनुसार ? वार रेखा या एलटीएल के सीमांकन का उपयोग �कया गया हो। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13 (च) इस अिधसूचना के अधीन तैयार क� गई अनुमो�दत तटीय जोन :बंध योजना के अनुसार, प9रयोजना क� सीमाJ और प9रयोजना के R थान क� सीआरजैड }ेणी को सW यक् 3प से उपदyशत करते Bए उपयु�> त मानिच� पर अP यारोिपत प9रयोजना क� 3परेखा। (छ) सीआरजैड मानिच� िजसम# सामा� यत: प9रयोजना के आस-पास के 7 �कलोमीटर ,े� को सिWमिलत �कया गया हो और अ� य अिधसूिचत पा9रिRथितक�य दिृq से संवेदनशील ,े�- सिहत सीआरजैड-I, II, III और IV ,े�- को भी दशा�या गया हो। (ज) औwोिगक बिह�ाव और मल-जल के शोिधत िनR सारण वाली प9रयोजनाJ के िलए संबंिधत रा? य :दषूण िनयं�ण बोडt अथवा संघ रा? य ,े� क� :दषूण िनयं�ण सिमितय- से “R थािपत करने क� सहमित’’ या एनओसी। य�द, :दषूण िनयं�ण बोड� या :दषूण िनयं�ण सिमित क� पूव� सहमित :ाA त नह| क� गई ह ैतो प9रयोजना का िनमा�ण काय�कलाप शु3 होने से पहले :R तावक *ारा इस अिधूसचना के अधीन मंजूरी लनेा सुिनि~त �कया जाएगा। (ii) संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण अनुमो�दत तटीय जोन :बंध योजना के अनुसार तथा इस अिधसूचना के अनुपालन म# उपयु�> त खंड (i) म# यथोि�लिखत दR तावेज- क� जांच करेगा और पूण� आवेदन क� :ाि� क� तारीख से साठ �दन क� अविध के भीतर िनW निलिखत क� िसफा9रश करेगा:- (क) उन प9रयोजनाJ या काय�कलाप- के िलए भी िजन पर ईआईए अिधसूचना 2006, सं� यांक का.आ. 1533 (अ) तारीख 14 िसतW बर, 2006 लाग ूहोती ह,ै ईआईए अिधसूचना 2006 के अधीन समे�कत अना पिr को समथ� बनाने के िलए Vमश: }ेणी ‘क’ और }ेणी ‘ख’ प9रयोजनाJ हतुे तटीय जोन :बंध :ािधकरण अपनी िसफा9रश# पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय या एसईआईएए को अpेिषत करेगा। तथािप, सीआरजैड-I या सीआरजैड-IV ,े�- म# िRथत ऐसी }ेणी ‘ख’ क� प9रयोजनाJ के िलए, सीआरजैड अनापिr हतुे अंितम िसफा9रश केवल पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा संबंिधत एसईआईएए को दी जाएगी ता�क वह उस :R ताव के संबंध म# समे�कत पया�वरणीय अनापिr और सीआरजैड अनापिr :दान कर सके। (ख) तटीय जोन :बंध :ािधकरण अपनी िसफा9रश# पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को उन प9रयोजनाJ या काय�कलाप- के िलए िज� ह# ईआईए अिधसूचना, 2006 म# सिWमिलत नह| �कया गया ह ै�कतु उन पर सीआरजैड अिधसूचना लागू होती ह ैऔर जो सीआरजैड-I या सीआरजैड-IV ,े�- म# िRथत हD, अpेिषत करेगा। (ग) उन प9रयोजनाJ या काय�कलाप- के िलए जो ईआईए अिधसूचना, 2006 म# सिWमिलत नह| हD �कतु उन पर या अिधसूचना लागू होती ह ैऔर जो सीआरजेड-II या सीआरजेड-III ,े�- म# िRथत हD, पर संबंिधत सीजेडएम *ारा :R तावक से पूण� :R ताव :ाA त होने के साठ �दन के भीतर िवचार �कया जाएगा। (घ) उन िनमा�ण प9रयोजनाJ क� दशा म# िजन पर यह अिधसूचना लाग ूहोती ह ै�कतु ईआईए अिधसूचना, 2006 के उपबंध- को लागू करने हतुे िनधा�9रत अवसीमा से कम िनyमत ,े�फल वाली प9रयोजनाJ के मामले म# ऐसे :ािधकरण- *ारा अनुमोदन :दान करने को सुिवधाजनक बनाने के िलए तटीय जोन :बंध :ािधकरण अपनी िसफा9रश- को संबंिधत रा? य या संघ रा? य ,े� के योजना :ािधकरण- को अpेिषत करेगा। (iii) पया�वरण वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� िसफा9रश- के आधार पर साठ �दन क� अविध के भीतर पूण� प9रयोजना :R ताव- के िलए इस अिधसूचना के अधीन अनापिr :दान करने पर िवचार करेगा। (iv) य�द तटीय जोन :बंध :ािधकरण उनके पुनग�ठन अथवा �क� ह| अ� य कारण- से काय�शील न ह-, तो यह रा? य सरकार अथवा संघ रा? य ,े� :शासन के पया�वरण िवभाग, जो संबंिधत रा? य- या संघ रा? य ,े�- क� सीजैडएमपी के अिभर,क हD, का दािय� व होगा �क वह उ> त अिधसूचना के उपबंध- के िनबंधनानुसार :R ताव- पर 9टA पणी दे और िसफा9रश करे। 14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (v) इस अिधसूचना के अधीन प9रयोजनाJ को दी गई अनापिr सात वष� क� अविध के िलए िविधमा� य होगी, परंतु िनमा�ण संबंधी काय�कलाप ऐसी अनापिr जारी करने क� तारीख से सात वष� के भीतर पूरे हो जाएं और काय� संचालन आरंभ हो जाए। िविधमा� यता को अिधकतम तीन वषt क� अविध के िलए और िवR ता9रत �कया जा सकेगा, परंतु आवेदक *ारा िविधमा� यता क� अविध के भीतर संबंिधत रा? य या संघ रा? य ,े� तटीय जोन :बंधन :ािधकरण *ारा अनापिr क� िविधमा� यता के िवR तार हतुे क� गई िसफा9रश के साथ संबंिधत :ािधकरण को आवेदन :R तुत �कया जाए। (vi) अनापिr :दान करने के उपरांत िनगरानी:- (क) प9रयोजना के :R तावक के िलए यह अिनवाय� होगा �क वह :� येक कलDडर वष� क� 1 जून और 31 �दसW बर क� ितिथ को संबंिधत िविनयामक :ािधकरण (ण-) को हाड� और सॉsट :ितय- म# पया�वरणीय अनापिr क� िनधा�9रत िनबंधन- तथा शतt के संबंध म# अध�वाyषक अनुपालन 9रपोट� :R तुत कर# और प9रयोजना के :R तावक *वारा :R तुत क� गई सभी अनुपालन 9रपोट� :R तुत कर# और प9रयोजना के :R तावक *ारा :R तुत क� गई ऐसी सभी अनुपालन 9रपोटt को पिmलक डोमेन म# :कािशत �कया जाएगा और उसक� :ितयां संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण को आवेदन करने पर �कसी भी { यि\ को उपलm ध कराई जाएंगी। (ख) अनुपालन 9रपोट� को संबंिधत िविनयामक :ािधकरण क� वेबसाइट पर भी :दyशत �कया जाएगा। (vii) तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� काय�:णाली म# पारदyशता बनाए रखने हतुे, यह तटीय जोन :बंध :ािधकरण का दािय� व होगा �क वह इस प9रयोजना के िलए समyपत बेवसाइट सृिजत कर# और उस पर काय�सूची, काय�वृ� त, िलए गए िनण�य-, अनापिr प�-, उ� लंघन-, उ� लघंन- पर क� गई कार�वाई तथा माननीय � यायालय के आदेश- सिहत अदालती मामल- और संबंिधत रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� क� अनुमो�दत सीजैडएमपी को अपलोड कर#। 9.9.9.9. इस अिधसूचना का 'वत�नइस अिधसूचना का 'वत�नइस अिधसूचना का 'वत�नइस अिधसूचना का 'वत�न :::: (i) पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) के अधीन इस अिधसूचना के काया�� वयन और :वत�न तथा उसके अंतग�त िनधा�9रत शतt के अनुपालन के :योजन िलए शि\यां मूल 3प से अथवा :� यायोिजत 3प म# पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय, रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� :शासन, तटीय जोन :बंध :िधकरण और रा? य या संघ रा? य ,े� तटीय जोन :बंध :ािधकरण को :दान क� गई हD; (ii) राj lीय तटीय जोन :बंध :ािधकरण या रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� संरचना, काय�काल और आदेश को पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय *ारा माननीय उf चतम न् यायालय *ारा 1993 क� 9रट यािचका 664 म# �दए गए आदेश- के अनुसार पहले ही अिधसूिचत �कया जा चुका ह।ै (iii) रा? य सरकार अथवा संघ रा? य ,े� का तटीय जोन :बंध :ािधकरण इस अिधसूचना के :वत�न और िनगरानी हतुे तथा इस काय� म# सहायता करने हतुे मु� य 3प से उ� तरदायी होगी, रा? य सरकार और संघ रा? य ,े� क� सरकार संबंिधत िजला मिजR lेट क� अP य,ता म# िजला R तरीय सिमितय- का गठन कर#गी िजसम# मछुआर- सिहत R थानीय परंपरागत तटीय समुदाय- के कम से कम तीन :ितिनिध सिWमिलत ह-ग े और रा? य सरकार, संबंिधत िजला मिजR lेट के R तर पर इस अिधसूचना के :व�ल पर िवचार कर सक#गी। (iv) मुछआरा समुदाय-, जनजाितय- सिहत परंपरागत तटीय समुदाय- क� आवास इकाइय- िजनके संबंध म# तटीय िविनयमन जोन अिधसूचना 2011के उपबंध- के अधीन अनेcा :ाA त थी, �क� तु उनके संबंध म# उ> त अिधसूचना के अधीन संबंिधत :ािधका9रय- से औपचा9रक अनुमोदन :ाA त नह| �कया गया ह,ै पर िवचार संबंिधत तटीय जोन :बंध :ािधकरण *ारा �कया जाएगा और आवास इकाइय- को िनW निलिखत शत� के अधीन िविनयिमत �कया जाएगा, अथा�त् : (क) उनका उपयोग �कसी तरह क� वािणि?यक गितिविध के िलए नह| �कया जाएगा; (ख) उ� ह# �कसी गैर-परंपरागत तटीय समुदाय को बेचा अथवा अंत9रत नह| �कया जाएगा; 10.10.10.10. ऐसे #े� िजनऐसे #े� िजनऐसे #े� िजनऐसे #े� िजन पर िवशेष यापर िवशेष यापर िवशेष यापर िवशेष यान देने क! आव= यन देने क! आव= यन देने क! आव= यन देने क! आव= यकता हैकता हैकता हैकता है : : : : 10.110.110.110.1 अित संवेदनशील तटीय #े� (सीवीसीए)अित संवेदनशील तटीय #े� (सीवीसीए)अित संवेदनशील तटीय #े� (सीवीसीए)अित संवेदनशील तटीय #े� (सीवीसीए) : : : : (i) उप पैरा 3.1 म# उि�लिखत सभी सीवीसीए के िलए, ऐसी एक�कृत :बंधन योजनाएं (आईएमपी) तैयार क� जाएंगी, जो अ� य बात- के साथ-साथ कf छ वनR पित के संर,ण और :बंधन, औषधालय-, R कूल-, वषा� से बचने के िलए साव�जिनक ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 15 शरण R थल, सामुदाियक, शौचालय, पुल, सड़क जे�ी, जलापूyत जल-िनकास :णाली, सीवरेज जैसी R थानीय समुदाय- क� आव$ यकताJ तथा समु ी जल R तर म# वृिb होने और अ� य :ाकृितक आपदाJ से होने वाल े:भाव- का भी P यान रख#गी और आईएमपी को तटीय जोन :बंधन योजनाJ क� तैयारी के िलए माग�दश�क, िसbांत के अनु3प तैयार �कया जाएगा। (ii) मछुआर- सिहत तटीय समुदाय- के िवचार- के दिृqगत तटीय जोन :बंधन :ािधकरण *ारा जब तक आईएमपी अनुमो�दत और अिधसूिचत �कया जाता ह,ै तब तक पारंप9रक िनवािसय- के िलए अपेि,त R वाR � य क# , िवwालय, वषा�/चVवात से बचाव के आ}य R थल, सामुदाियक शौचालय, पुल, सड़क# , जे�ी, जलापूyत, जल िनकास :णाली, सीवरेज क� मामला दर मामला आधार पर मंजूरी दी जा सकेगी। 10.210.210.210.2 अंतद>शीय बैकवाटर ?ीप- और मु@ यअंतद>शीय बैकवाटर ?ीप- और मु@ यअंतद>शीय बैकवाटर ?ीप- और मु@ यअंतद>शीय बैकवाटर ?ीप- और मु@ य भूिम तट के ?ीप- के िलए सीआरजेड भूिम तट के ?ीप- के िलए सीआरजेड भूिम तट के ?ीप- के िलए सीआरजेड भूिम तट के ?ीप- के िलए सीआरजेड : : : : (i) तटीय बैकवाटर के सभी अंतद�शीय *ीप- और मु� य भूिम तट के *ीप भी इस अिधसूचना के अंतग�त सिWमिलत �कए जाएंगे। (ii) ऐसे तटीय ,े�- म# R थान-सीमाJ सिहत बैकवाटर *ीप समूह- क� अि*तीय तटीय :णािलय- तथा मु� य भूिम तट के *ीप- के दिृqगत, भूिम क� ओर एचटीएल से 20 मीटर का सीआरजेड, ऐसे *ीप समूह- के िलए समान 3प से लागू होगा और िनW निलिखत काय�कलाप िविनयिमत �कए जाएंग:े- (क) इन *ीप- के एचटीएल से 20 मीटर के अंतग�त R थानीय समुदाय- के मौजूदा आवासीय R थल- क� मरW मत या इनका पुनyनमा�ण �कया जाए, तथािप, इस ,े� म# �कसी नए िनमा�ण क� अनुमित नह| होगी। (ख) फोरशोर सुिवधाएं जैसे मछली पकड़ने के िलए जे�ी, मछली सुखाने के िलए R थान, जाल क� मरW मत के िलए R थान, पारंप9रक तरीके से �कया जाने वाला म� R य :संR करण, नौका िनमा�ण का R थान, बफ� संयं�, नौका क� मरW मत इ� या�द काय�, उिचत पया�वरणीय सुर,ापाय- के अP यधीन सीआरजेड सीमाJ म# �कया जाए। (iii) *ीप संर,ण जोन अिधसूचना, 2011 सं� या का.आ. 20(अ), तारीख 6 जनवरी, 2011 के अनुसार जैसा �क ल,*ीप और अंडमान और िनकोबार म# छोटे *ीप- पर लागू होता ह,ै एक�कृत *ीप :बंधन योजनाएं (आईआईएमपी), ऐसे सभी *ीप- के िलए संबंिधत रा? य-/संघ रा? य ,े�- *ारा तैयार क� जाएगी और शी�ाितशी� अनुमोदन के िलए पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय को :R तुत क� जाएगी। आईआईएमपी के िवरिचत होने तक इस अिधसूचना के उपबंध लाग ूनह| ह-गे और सीआरजेड अिधसूचना, 2011 सं� या का.आ. 19(अ), तारीख 6 जनवरी, 2011 के उपबंध- के अनुसार, सीजेडएमपी लाग ूहोती रहगेी। 10.10.10.10.3333 वृह+ तवृह+ तवृह+ तवृह+ त मंुबई क! नगरपािलका सीमाD के भीतर आने वाला सीआरजेड #े� : मंुबई क! नगरपािलका सीमाD के भीतर आने वाला सीआरजेड #े� : मंुबई क! नगरपािलका सीमाD के भीतर आने वाला सीआरजेड #े� : मंुबई क! नगरपािलका सीमाD के भीतर आने वाला सीआरजेड #े� : (i) वृह� त मंुबई ,े� के ‘pीनलगं’ क� सुर,ा और प9रर,ा के िलए सभी खुले R थान-, पाकt, उwान-, सीआरजेड-II के अंदर क� िवकास योजनाJ म# िनधा�9रत V�ड़ाR थल- को नो डेवलपम#ट जोन, के 3प म# वगnकृत �कया जाएगा और नाग9रक सुिवधाJ, मनोरंजन ओर खेलकूद से संबंिधत कायt के िलए R टेिडयम, िजW न ािजयम आ�द िनमा�ण के िलए ही 15% भूिम R थान सूचकांक क� अनुमित होगी और ऐसे खुल ेR थान- के आवासीय या वािणि?यक उपयोग क� अनुमित नह| होगी। (ii) नगरपािलका ,े� म# मलजल शोधन के िलए, सीआरजे-I ,े� म# मलजल शोधन संयं�- का िनमा�ण, िवशेष प9रिRथितय- म# केवल नगरपािलका :ािधकरण- *ारा �कया जाएगा जहां तटीय जोन :बंध :ािधकरण क� िसफा9रश- और के� ीय सरकार के अनुमोदन के अP यधीन ऐसी सुिवधाएं R थािपत करने के िलए कोई वैकि�पक साइट उपलm ध नह| ह ैऔर य�द �कसी कf छ वनR पित ,े� म# ऐसे संयं� का िनमा�ण करना अप9रहाय� ह ैतो िनमा�ण :�Vया के दौरान :भािवत या नj ट Bए या काटे गए कf छ वनR पित ,े� का � यूनतम तीन गनुा, कf छ वनR पित का :ितपूरक वृ,ारोपण �कया जाएगा। [फा. सं. 19-112/2013-आईए-III] 9रतेश कुमार Iसह, संयु> त सिचव 16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----IIII पा�रिE थ पा�रिE थ पा�रिE थ पा�रिE थ ितक!ितक!ितक!ितक! संवेदनशील #ेसंवेदनशील #ेसंवेदनशील #ेसंवेदनशील #े���� के िलए संर#णके िलए संर#णके िलए संर#णके िलए संर#ण, , , , सुर#ा और 'बंधन Gपरेखासुर#ा और 'बंधन Gपरेखासुर#ा और 'बंधन Gपरेखासुर#ा और 'बंधन Gपरेखा तटीय और समु ी पा9रिRथितक�य संवेदी ,े� (ईएसए) औरभू-3पा� मक िवशेषताएंतट के कायt को बनाए रखने म# मह� वपूण� भूिमका िनभाते हD। कf छ वनR पित, समु तट, :वाल िभि� त इ� या�द, तटीय कटाव, तटरेखा प9रवत�न, खारे पानी के :वेश को िनयंि�त करने म# सहयोग देते हD और तटीय खतर- जैसे तूफानी लहर-, चVवात- और सुनािमय- के िव3b :ाकृितक र,क के 3प म# काय� करते हD। ईएसए, तटीय आजीिवका के िलए :� य, और अ:� य, पा9रिRथितक सेवाएं :दान करके तट क� जैिवक समpता बनाए रखता ह।ै इसके अित9रि\, कई मू� यवान पुराताि� वक और धरोहर वाल ेR थान भी तट के साथ-साथ िRथत हD। अत: उपयु�> त ,े�-, िवशेषताJ और R थल- का संर,ण और सुर,ा आव$ यक हो जाती ह।ै 1.1.1.1. सामाH यसामाH यसामाH यसामाH य उपाय उपाय उपाय उपाय (i) उपpह आंकड़- का :योग करके एनसीएससीएम *ारा सभी ईएसए क� पहचान क� जाएगी और सीमा-रेखा िनधा�9रत क� जाएगी। (ii) ईएसए के संर,ण और सुर,ा का उ� लेख करते Bए, इस अिधसूचना म# यथाअंतyवj ट माग�दश�न िसbांत- के अनुसार रा? य सरकार और संघ रा? य ,े� :शासन :ािधकृत अिभकरण- के माP यम से सीजेडएमपी तैयार कर#गी। (iii) इस अिधसूचना के अधीन अनुcेय काय�कलाप- को सीजेडएमपी म# सिWमिलत �कया जाएगा। :� येक ईएसए के संर,ण, सुर,ा और :बंधन के िलए अपनाई गई िविशj ट शत� िनW निलिखत हD:- 1.11.11.11.1 कI छकI छकI छकI छ वनE प वनE प वनE प वनE पितितितित :::: (i) कf छ वनR पित को वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 (1980 का 69) के अधीन वन के 3प म# घोिषत �कया गया ह।ै इस अिधसूचना म# �कसी अ� य बात के होते Bए भी, संबंिधत रा? य सरकार- या संघ रा? य ,े� :शासन- या क# ीय सरकार *ारा वन (संर,ण) अिध िनयम, 1980 के अधीन वनभूिम के 3प म# घोिषत उ> त अिध िनयम,1980 के उपबंध लागू ह-गे। (ii) वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 के अधीन घोिषत नह| क� गई कf छ वनR पित : (क) सरकारी भूिम म# कf छ वनR पित को संबंिधत रा? य/क# शािसत :देश क� सरकार- *ारा तैयार क� जाने वाली िवR तृत योजना के आधार पर संरि,त �कया जाएगा। य�द कf छ वनR पित ,े� 1000 वग� मीटर से अिधक ह ैतो कf छ वनR पित ,े� क� प9रिध के साथ-साथ 50 मीटर का बफर ,े� :दान �कया जाएगा। 50 मीटर के इस बफर ,े� का उपयोग, उwान िवकिसत करने, कf छ वनR पित जैव-िविवधता से संबंिधत अनुसंधान सुिवधाJ संर,ण के िलए सुिवधाJ आ�द जैसे कायt के िलए जन-सुिवधाJ हतुे जा सकता ह।ै (ख) िनजी भूिम म# कf छ वनR पित के िलए बफर ,े� क� आव$ यकता नह| होगी। 1.2 1.2 1.2 1.2 'वाल और 'वाल िभि6 तथा संबंिधत जैव'वाल और 'वाल िभि6 तथा संबंिधत जैव'वाल और 'वाल िभि6 तथा संबंिधत जैव'वाल और 'वाल िभि6 तथा संबंिधत जैव----िविवधता:िविवधता:िविवधता:िविवधता: (i) :वाल और :वाल िभिr तथा इसके आस-पास के ,े� को नj ट करना एक िनिषb काय�कलाप ह।ै (ii) अनुसंधान :योजन- के िलए आव$ यक उन कम मा�ाJ को छोड़कर, सभी :वाल और :वाल िभिr को सुरि,त �कया जाएगा। (iii) :वाल और :वाल िभिrके :ितरोपण काय�कलाप, व� यजीव (संर,ण) अिधिनयम, 1972 (1972 का 53) के अधीन, आव$ यक अनुमोदन :ाA त करने के बाद, जहां भी सुधार के िलए आव$ यक हो, मा� यता :ाA त अनुसंधान संR थान- के माP यम से �कया जाएगा। (iv) समाA त या नj ट Bए या दोन- :वाल ,े�- का कायाक� प और पुनवा�स �कया जाएगा। :वाल और :वाल िभिr का संर,ण और सुर,ा िनW नानुसार क� जाएगी :

¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 17 ((((क)))) िचि�हत और िचि�त क� गई स�Vय और सजीव :वाल और :वाल िभिrय- पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) के अधीन ईएसए के 3प म# घोिषत और अिधसूिचत �कया जाएगा; ((((ख)))) यह सुिनि~त �कया जाएगा �क ऐसा कोई काय�कलाप जो :वाल, :वाल िभिr और संबंिधत जैव-िविवधता जैसे �क खनन, उ� सज�न और मल-जल बिह�ाव, िनकष�ण, बैलेR ट पानी िनव�हन, जहाज क� धुलाई, परंपरागत गरै-हािनकारक म� R य पालन से इतर मछली पालन, िनमा�ण काय�कलाप- जैसे अ� य कायt के िलए हािनकारक ह,ै को :वाल ,े�- म# और इसके आस-पास नह| �कया जाएगा। 1.31.31.31.3 व� यजीव (संर,ण) अिधिनयम, 1972 (1972 का 53), वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 (1980 का 69) या पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) के उपबंध- के अधीन घोिषत जैव-मंडल 9रज़वt सिहत राK LीराK LीराK LीराK Lीय य य य उNान-उNान-उNान-उNान-, , , , समुOी उNान-समुOी उNान-समुOी उNान-समुOी उNान-, , , , अभयारP य-अभयारP य-अभयारP य-अभयारP य-,,,,9रज़व� वन-, व� यजीव पया�वास तथा अ� य संरि,त ,े�- को िनW नानुसार संरि,त और सुरि,त �कया जाएगा: (i) उपयु�> त उि�लिखत ,े�- का संर,ण और सुर,ा, यथािR थ ित संबंिधत अिधिनयम-, अिधसूचनाJ या माग�दश�न िसbांत- के अनु3प होगी। (ii) बढ़ते Bए तूफान-, ? वारभाटा और बाढ़ से जान-माल क� हािन रोकने के िलए तटीय ,े�- म# वन ,े�- क� बढ़़ोतरी के :यास �कये जाएंगे। (iii) संबंिधत रा? य सरकार# या संघ राजय ,े� :शासन, R थान के िलए उपयु> त रोपण सामpी के साथ शै� टर बे� ट पौधरोपण या जैव-सुर,ा शु3 करने के िलए ऐसे उपाय- हतुे पया�A त िनिधयां :दान कर#गी। 1.4 1.4 1.4 1.4 लवणीय कIछ भूिम :लवणीय कIछ भूिम :लवणीय कIछ भूिम :लवणीय कIछ भूिम : लवणीय कf छ भूिम का संर,ण और सुर,ा िनW नानुसार क� जाएगी: (i) लवणीय कf छ ,े�- को संरि,त और सुरि,त �कया जाएगा तथा लवणीय कf छ भूिम म# R थािनक जैव-िविवधता को बढ़ावा देने के :यास �कए जाएंगे। (ii) केवल उ� ह| काय�कलाप क� अनुमित होगी जो केबल- के उप9रगामी संदेश या पारेषण और पारेषण लाइन केबल- को भूिमगत िबछाने और इसी तरह के कायt के िलए आव$ यक हD। (iii) लवणीय कf छ भूिम म# परंपरागत 3प से मछली पकड़ने क� अनुमित होगी। (iv) �दशा-िनद�श- म# िविन�दj ट कड़े मानदंड- के पालन के अP यधीन लवणीय कf छ ,े�- के इद�-िगद� अR थाई पय�टन सुिवधाएं देने पर िवचार �कया जा सकता ह।ै (v) कुछ लवणीय कf छभूिम, िजनक� कम जैव-िविवधता है, जो एनसीएससीएमएनसीएससीएमएनसीएससीएमएनसीएससीएम *ारा िच ि�हत और तटीय जोन 'बंध तटीय जोन 'बंध तटीय जोन 'बंध तटीय जोन 'बंध योजनायोजनायोजनायोजना म# सीमां�कत हD, को लवण कf छ काय�कलाप- के िलए िवचार �कया जा सकता ह।ै 1.51.51.51.5 कछुD के 'जनन E थकछुD के 'जनन E थकछुD के 'जनन E थकछुD के 'जनन E थल- क! सुर#ा एवं संर#ण िनQ नाल- क! सुर#ा एवं संर#ण िनQ नाल- क! सुर#ा एवं संर#ण िनQ नाल- क! सुर#ा एवं संर#ण िनQ नानुसार क! जाएगी:नुसार क! जाएगी:नुसार क! जाएगी:नुसार क! जाएगी:

(i) संबंिधत रा? य- या संघ रा? य ,े�- *ारा अिभcात कछुJ के :जनन R थल को व� यजीव (संर,ण) अिधिनयम, 1972 के अनुसार संरि,त �कया जाएगा।

(ii) कछुJ के :जनन R थल के आस-पास कोई �Vयाकलाप अनुcात नह| ह-गे िजनम# इन R थल- के संर,ण और सुर,ा के िलए अपेि,त �Vयाकलाप- के िसवाए रोशनी ओर P विन :दषूण भी सिWमिलत हD।

(iii) कछुJ के :जनन R थान- के संर,ण के िलए स� त :बंधन योजनाएं शु3 क� जाएंगी और संबंिधत रा? य या संघ रा? य ,े� :ािधकरण- *ारा इसका काया�� वयन �कया जाएगा। 1.6 1.6 1.6 1.6 हास� शू केकड़े के पहास� शू केकड़े के पहास� शू केकड़े के पहास� शू केकड़े के पया�वास- क! सुर#ा और संर#ण िनQ नाया�वास- क! सुर#ा और संर#ण िनQ नाया�वास- क! सुर#ा और संर#ण िनQ नाया�वास- क! सुर#ा और संर#ण िनQ नानुसार क! आएगी : नुसार क! आएगी : नुसार क! आएगी : नुसार क! आएगी :

(i) अिभcात पया�वास का संर,ण और सुर,ा क� जाएगी।

(ii) इन पया�वास- के आस-पास ऐसे कोई �Vयाकलाप नह| �कए जाएंगे िजससे हास� शू केकड़े क� पा9र-:णाली :भािवत होती हो। 18 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] 1.71.71.71.7 समुOी घास क! सुर#ा और संरसमुOी घास क! सुर#ा और संरसमुOी घास क! सुर#ा और संरसमुOी घास क! सुर#ा और संर#ण िनQ ना#ण िनQ ना#ण िनQ ना#ण िनQ नानुसार क! जाएगी : नुसार क! जाएगी : नुसार क! जाएगी : नुसार क! जाएगी :

(i) अिभcात घास क� सुर,ा और संर,ण �कया जाएगा।

(ii) ऐसे कोई �Vयाकलाप नह| �कए जाएंगे िजनका समु ी घास पर :ितकूल :भाव पड़ता हो।

(iii) रा? य- या संघ रा?य ,े�- *ारा यथासंभव तटीय जल के �कनार- क� समु ी घास के फैलाव के :यास �कए जाएंगे। 1.8 1.8 1.8 1.8 पि#य- के घ-सला बनाने वाली भूिम क! िनQ नापि#य- के घ-सला बनाने वाली भूिम क! िनQ नापि#य- के घ-सला बनाने वाली भूिम क! िनQ नापि#य- के घ-सला बनाने वाली भूिम क! िनQ नानुसार सुर#ा एवं संर#ण )कया जाएगा। नुसार सुर#ा एवं संर#ण )कया जाएगा। नुसार सुर#ा एवं संर#ण )कया जाएगा। नुसार सुर#ा एवं संर#ण )कया जाएगा।

(i) पि,य- के R थानीय :वास माग� सिहत उनके घ-सला वाली भूिम क� सुर,ा क� जायेगी। उस R थान म# पवन चि> कय-, पारेषण लाइन- ओर अ� य �Vयाकलाप- के िनमा�ण सिहत कोई िवकासा� मक �Vयाकलाप नह| �कए जाने चािहए िजनका घोषला भूिम तथा :वास माग� पर :ितकूल :भाव पड़ता हो।

(ii) लवणीय दलदली भूिम तथा अ� य तटीय जल िनकाय- क� जैव-िविवधता को समृb बनाने सिहत वन और कf छ वनR पित ,े� बढ़ाने के :यास �कए जाएंगे ता�क जलीय पि,य- के िलए उपयु> त पया�वास सुलभ हो सक# । 1.91.91.91.9 भूभूभूभू----आकृितक मह+ वआकृितक मह+ वआकृितक मह+ वआकृितक मह+ व के #े�- का संर#ण और 'बंधन िनQ ना के #े�- का संर#ण और 'बंधन िनQ ना के #े�- का संर#ण और 'बंधन िनQ ना के #े�- का संर#ण और 'बंधन िनQ नानुसार )कया जाएगानुसार )कया जाएगानुसार )कया जाएगानुसार )कया जाएगा:

(i) अिभ5ात रेतअिभ5ात रेतअिभ5ात रेतअिभ5ात रेत के टील- का संर,ण और सुर,ा िनW नानुसार �कया जाएगा: (क) अिभcात रेत के टील- को पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 के अंतग�त अिधसूिचत �कया जाएगा। (ख) पैदल मागt, ट#ट और इसी तरह के अ� य R थान- पर पया�वरण अनुकूल अR थायी पय�टन सुिवधाएं :दान करने के िसवाए कोई िवकासा� मक �Vयाकलाप अनुcात नह| ह-गे। (ग) टेIलग या अ� य उपयु> त रेत का ठीक :कार से :योग करके अणु खिनज िनकालने के िसवाए रेत के टील- से रेत का खनन िनिषb होगा। (घ) रेत के टील- पर ऐसे कोई �Vयाकलाप नह| �कए जाएंग ेिजनसे रेत के टील- का ,रण/िवनाश होता हो। (ङ) रेत के टील- पर केवल R थानीय वनR पितय- का वनीकरण �कया जाएगा। (च) रा?य या संघ रा? य ,े� िचि� हत रेत के टील- के िलए :बंध योजनाएं तैयार क� जाएंगी।

(ii) रेतील ेतट: रेतील ेतट: रेतील ेतट: रेतील ेतट: (क) टेIलग या अ� य रेत का उपयु> त :योग करके दलु�भ खिनज िनकालने के िसवाए तटीय रेत का खनन िनिषb ह।ै (ख) आस-पास म# तट क� ,ित का पुवा�नुमान होने पर तट- पर अनुमेय िवकास �Vयाकलाप शु3 �कए जाते हD तो इस िR थित म# प9रयोजना :ािधका9रय- *ारा इसक� ,ितपूyत के िलए तट- का आव$ यक सुधार �कया जाएगा और उनके *ारा तट- का दीघा�विधक अनुर,ण सुिनि$ चत �कया जाएगा। (ग) रा?य या संघ रा? य ,े� सीमां�कत तट- के िलए :बंध योजनाएं तैयार कर#गे।

(iii) जैिवक Gप से स)*य मडUलVैसजैिवक Gप से स)*य मडUलVैसजैिवक Gप से स)*य मडUलVैसजैिवक Gप से स)*य मडUलVैस : (क) एनसीएससीएम *ारा रा? य सरकार/संघ रा? य ,े� :शासन के सहयोग से जैिवक 3प से स�Vय मडsलै�स अिभcात �कए जाएंगे। (ख) रा? य या संघ रा? य ,े� ऐसे सीमां�कत जैिवक 3प से स�Vय मडsलैटस के िलए :बंध योजनाएं तैयार क� जाएंगी। 1.101.101.101.10 पुरात+ वीपुरात+ वीपुरात+ वीपुरात+ वीय मह+ वय मह+ वय मह+ वय मह+ व के #े�- या अवसंरचना तथा िवरासत मह+ व के #े�- या अवसंरचना तथा िवरासत मह+ व के #े�- या अवसंरचना तथा िवरासत मह+ व के #े�- या अवसंरचना तथा िवरासत मह+ व के E थ के E थ के E थ के E थलललल : (i) रा? य पुरात� वीय अिभकरण यथािR थ ित, संबंिधत अिधिनयम-, अिधसूचनाJ या माग�दश�क िसbांत- के उपबंध- के अनुसार भारतीय पुरात� व सव�,ण *ारा अिभcात सभी पुरात� वीय संरचनाJ तथा िवरासत R थल- का संर,ण और सुर,ा के िलए उ� तरदायी ह-गे। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 19 (ii) पुरात� वीय तथा िवरासत मह� व के अिभcात ,े�- या संरचनाJ के िलए कोई हािनकर �Vयाकलाप अनुcात नह| ह-गे। (iii) यह सुिनि$ चत �कया जाएगा �क इन अवसंरचनाJ या ,े�- का प9रर,ण �कया जाए तथा ऐसे संरचनाJ के अpमाग�/IA लथ ,े� म# प9रवत�न �कए िबना �Vयाकलाप �कए गए ह-। ऐसे अवसंरचनाJ पर संरचना के बाहरी वाR तुक�य िडजाइन म# प9रवत�न �कए िबना इंटी9रयर के सावधानीपूव�क िडजायIनग करने के प$ चात संगत मानक- के अनुसार :योग करने पर िवचार �कया जाएगा। उपाउपाउपाउपाबंधबंधबंधबंध----IIIIIIII सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----आईए को छोड़कर सीआरजेड म� भंडारण के िलए अनुमत पेLोआईए को छोड़कर सीआरजेड म� भंडारण के िलए अनुमत पेLोआईए को छोड़कर सीआरजेड म� भंडारण के िलए अनुमत पेLोआईए को छोड़कर सीआरजेड म� भंडारण के िलए अनुमत पेLोिलयम व रसायन उ+ पािलयम व रसायन उ+ पािलयम व रसायन उ+ पािलयम व रसायन उ+ पाद- क! सूचीद- क! सूचीद- क! सूचीद- क! सूची (i) कf चा तेल; (ii) िलि> वफाइड पेlोिलयम गैस; (iii) मोटर िR :ट; (iv) कैरोिसन; (v) िवमान �धन; (vi) हाई R पीड डीजल; (vii) लु�ीके�टग ऑयल; (viii) m यूटेन; (ix) :ोपेन; (x) कW :ेR ड नेचुरल गैस; (xi) नेsथा; (xii) फन�स ऑयल; (xiii) लो स� फर हवैी R टॉक; (xiv) िलि> वफाइड नेचुरल गेस; (xv) उव�रक व उव�रक- के उ� पादन हतुे कf चा माल; (xvi) एिस9टक अW ल; (xvii) मोनो इकालीन ` लाइकोल; (xviii) परा> सलीन; (xix) इथेन; (xx) बुटाडाइन; (xxi) मेथनाल; (xxii) कािRटक; (xxiii) िबटुमेन । ***** 20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----IIIIIIIIIIII नामो)दK टनामो)दK टनामो)दK टनामो)दK ट सीआरजेड #े�- म� तटीय �रजाटW सीआरजेड #े�- म� तटीय �रजाटW सीआरजेड #े�- म� तटीय �रजाटW सीआरजेड #े�- म� तटीय �रजाटW,,,, होटल- और पयट�न िवकास प�रयोजनाD के िवकास संबंधी )दशािनद>शहोटल- और पयट�न िवकास प�रयोजनाD के िवकास संबंधी )दशािनद>शहोटल- और पयट�न िवकास प�रयोजनाD के िवकास संबंधी )दशािनद>शहोटल- और पयट�न िवकास प�रयोजनाD के िवकास संबंधी )दशािनद>श 1.1.1.1. सीआरजेडसीआरजेडसीआरजेडसीआरजेड----IIIIIIII पय�टक- या याि�य- के ठहरने के िलए सीआरजेड-।। के िनधा�9रत ,े�- म# तट 9रजाट� या होटल- का िनमा�ण िनW निलिखत शतt के अP ययन होगा, अथा�त:- (i) िनमा�ण क� अनुcा िवwमान सड़क या िवwमान :ािधकृत िनधा�9रत संरचनाJ क� भूिम क� तरफ के िलए दी जाएगी। (ii) िनजी सW पि� � य- के आस-पास वनR पित ,े� सिहत तारवाड़ तथा कंटीली तार-बाड़ क� अनुमित दी जाएगी बशत� �क फेIसग से �कसी भी तरह तट पर जनता के आने-जाने म# बाधा न पड़े। (iii) रेत के टील- को समतल नह| �कया जाएगा; (iv) खेल सुिवधाJ के िलए गोल पोR ट, नेट पोR ट और लैW प पोR ट के अित9र> त �कसी भी :कार के R थाई िनमा�ण क� अनुमित नह| होगी। (v) तहखाने के िनमा�ण क� अनुमित इस आधार पर दी जा सकती ह ै�क :R तावक रा? य भूगभ� जल :ािधकरण से इस बात का अनापि� त :माण प� :ाA त करेगा �क िनमा�ण उस ,े� म# भू-गभnय जल के मु> त :वाह को :भािवत नह| करेगा। (vi) रा? य भूगभ� जल :ािधकरण इस :कार से अनापि� त :माण प� जारी करने से पहले क# ीय सरकार *ारा जारी �कए गए �दशा-िनद�श- को P यान म# रखेगा। (vii) प9रयोजना ,े� से उपचा9रत बिह�ाव-, ठोस अपिशj ट-, उ� सज�न- क� गुणव� ता तथा P विन R तर क# ीय या रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� तथा पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) सिहत स,म :ािधकरण- *ारा िनधा�9रत मानक- के अनु3प होगी। (viii) बिह�ाव- और ठोस अपिशj ट- के उपचार के िलए आव$ यक :बंध �कए जाएं और यह सुिनि$ चत �कया जाए �क अनुपचा9रत बिह�ाव- और �कसी बिह�ाव या ठोस अपिशj ट का िवसज�न तट पर न �कया जाए। (ix) य�द प9रयोजना म# वने� तर :योजन- के िलए वन भूिम का उपयोग शािमल ह,ै वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 (1980 का 69) के अधीन अपेि,त R वीकृित :ाA त क� जाए और प9रयोजना के िलए लाग ूअ� य क# ीय तथा रा? य िविधय- ,े� के पय�टन िवभाग का अनुमोदन :ाA त �कया जाएगा। 2.2.2.2. सीआरज़ेडसीआरज़ेडसीआरज़ेडसीआरज़ेड----IIIIIIIIIIII पय�टक- या याि�य- के अR थाई-िनवास हतुे सीआरज़ेड-।।। के िनधा�9रत ,े�- म# तट 9रसोट� या होटल- के िनमा�ण, िनW नां�कत प9रिRथितय- के अP यधीन ह-ग,े अथा�त; (i) िनजी संपिrय- के चार- ओर वानR पितक आवरण के साथ पौध- और कांटेदार तार- *ारा चारदीवारी के िनमा�ण क� अनुमित इस शत� पर दी जा सकती ह ै�क ऐसी चारदीवारी के कारण लोग- को समु तट तक पBचंने म# कोई { यवधान न हो; (ii) रेत के टील- को समतल नह| �कया जाएगा; (iii) खेल सुिवधाJ के िलए, गोल पोR ट, नेट पोR ट और लैW प पोR ट के अित9र> त �कसी भी :कार के R थायी िनमा�ण क� अनुमित नह| होगी; (iv) तहखाने के िनमा�ण क� अनुमित इस आधार पर दी जा सकती ह ै�क रा? य भूगभ� जल :ािधकरण से इस आशय का अनापिr :माण-प� :ाA त �कया जाएगा �क ऐसा िनमा�ण-काय� उस ,े� म# भू-गभnय जल के मु> त :वाह को :ितकूल 3प से :भािवत नह| करेगा; (v) रा? य भू-गभ� जल :ािधकरण, इस :कार का अनापिr :माण प� जारी करने से पहल ेके� ीय सरकार *ारा जारी �कए गए �दशा-िनद�श- पर िवचार करेगा;

¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 21 (vi) यwिप िवकास रिहत ,े� म# भूिम R थान सूचकांक क� गणना के िलए �कसी भी :कार के िनमा�ण क� अनुमित नह| ह,ै तथािप सW पूण� भू-खx ड का ,े�फल, िजसम# वह भाग भी शािमल होगा जो िवकास रिहत ,े� के अंतग�त आता ह,ै को भी P यान म# रखा जाएगा; (vii) सभी तल- (sलोर) का कुल ढका Bआ ,े�, भू-खx ड के कुल आकार के 33 :ितशत से अिधक नह| होना चािहए, अथा�त भूिम R थान सूचांक 0.33 से अिधक नह| होना चािहए तथा खुला ,े� समतल होगा और उिचत वनR पितय- से आf छा�दत होगा; (viii) िनमा�ण-काय�, आस-पास क� R थलाकृित एवं R थानीय वाR तुकला शैली के अनु3प होगा; (ix) िनमा�ण-काय� म# छत क� कुल ऊंचाई 9 मीटर से ? यादा नह| होगी और दो तल से ? यादा (नीचे का तल व उसके ऊपर का तल) का िनमा�ण नह| होगा; (x) भूगभ�-जल को उf च ? वार रेखा म# 200 मीटर के नीचे से नह| िलया जाएगा; 200-500 मीटर के ज़ोन म# इसे के� ीय या रा? य भू-जल बोड� क� सहमित से ही िलया जा सकता ह;ै (xi) उf च ? वार रेखा के 500 मीटर क� दरूी म# बाल ूका खनन, समतल करना या बाल ूको खोदना, केवल िबI�डग क� बुिनयाद या R वीIमग पुल को छोड़कर अनुमत नह| होगा; (xii) प9रयोजना ,े� म# शोिधत बिह�ाव-, ठोस कचरे, उ� सज�न- और P विन के R तर और इसी :कार के अ� य क� गणुव� ता, के� ीय अथवा रा? य :दषूण िनयं�ण बोड� सिहत स,म :ािधकरण- *ारा पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 (1986 का 29) के अधीन बनाए गए मानक- के अनुसार होगी; (xiii) बिह�ाव- तथा ठोस कचरे के शोधन हतुे आव$ यक { यवR थाय# अव$ य क� जानी चािहए और इस बात को सुिनि~त करना चािहए �क अशोिधत बिह�ाव तथा ठोस कचरे को पानी म# या तट पर फ# का न जाए; तथा कोई भी बिह�ाव या ठोस कचरा, समु तट पर छोड़ा नह| जाएगा; (xiv) समु तट पर लोग- क� पBचं को अनुमित देने हतुे �क� ह| दो होटल- या समु तटीय 9रज़ॉटt के मP य कम से कम 20 मीटर क� चौड़ाई का अ� तराल होना चािहए; और �कसी भी िRथित म# कुल अ� तराल 500 मीटर से कम नह| होगा; तथा (xv) य�द प9रयोजना म# वन भूिम का अपवत�न, वनेतर :योजन- से �कया जाना ह ैतो वन (संर,ण) अिधिनयम, 1980 (1986 का 29) के अधीन, सहमित :ाA त करना आव$ यक होगा तथा अ� य के� ीय और रा? य कानून- के लाग ूहोने वाली सभी आव$ यकताJ को प9रयोजना *ारा पूण� �कया जाएगा; तथा रा? य या संघ रा? य ,े� के पय�टन िवभाग से अनुमित :ाA त करनी होगी। �ट7 प�ट7 प�ट7 प�ट7 पण :ण :ण :ण : पा9रिRथितक�य संवेदनशील ,े�- (जैसा�क समु ी पाक� , मDpोव, :वालिभिr, मछिलय- का जनन व पालने का ,े�, व� यजीव पया�वास तथा ऐसे अ� य ,े� िज� ह# के� ीय सरकार या रा? य सरकार या संघ रा? य ,े� सरकार *ारा अिधसूिचत �कया गया हो) म# समु तटीय 9रज़ॉट�/होटल- के िनमा�ण क� अनुमित नह| होगी। ******************** उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----IIIIVVVV तटीय ज़ोन 'बंधन योजना को तैयार करने केतटीय ज़ोन 'बंधन योजना को तैयार करने केतटीय ज़ोन 'बंधन योजना को तैयार करने केतटीय ज़ोन 'बंधन योजना को तैयार करने के िलिलिलिलए माग�दश�क िसYांतए माग�दश�क िसYांतए माग�दश�क िसYांतए माग�दश�क िसYांत 1.1.1.1. उI चउI चउI चउI च , वा , वा , वा , वार रेखा और िनQ नर रेखा और िनQ नर रेखा और िनQ नर रेखा और िनQ न , वा , वा , वा , वार रेखा का िचH हांर रेखा का िचH हांर रेखा का िचH हांर रेखा का िचH हांकन कन कन कन एनसीएससीएम *ारा देश क� सW पूण� समु तट रेखा के िलए उf च ? वार रेखा (एचटीएल) और िनW न ? वार रेखा (एलटीएल) के �कए गए िच� हांकन को तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- को उपलm ध कराया गया ह ैतथा एचटीएल और एलटीएल का �कया गया ऐसा सीमां कन ही इस अिधसूचना के अधीन सभी :योजन- के िलए लाग ूहोगा। 2.2.2.2. ‘‘‘‘जोिखम रेखाजोिखम रेखाजोिखम रेखाजोिखम रेखा’ :’ :’ :’ : सव� ऑफ इिxडया (एसओआई) *ारा �कसी समयाविध म# Bए जल R तर घट-बढ़, समु R तर म# वृिb और तट रेखा प9रवत�न- (अप,रण और संचयन) के कारण भू-,े� म# बाढ़ के िवR तार को P यान म# रखते Bए ‘जोिखम रेखा’ का सीमांकन 22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] �कया गया ह।ै एसओआई *ारा मानिचि�त जोिखम रेखा को एनसीएससीएम के माP यम से तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- के साथ साझा �कया गया ह।ै जोिखम रेखा का उपयोग अनुकूलक और उपशमन उपाय- क� योजना बनाने सिहत तटीय पया�वरण के िलए आपदा :बंधन योजना बनाने हतुे एक उपकरण के तौर पर �कया जाएगा। तटीय समुदाय- क� असुर,ा म# कमी करने और सतत आजीिवका सुिनि~त करने के िवचार से सीज़ेडएमपी को तैयार करते समय जोिखम रेखा और एचटीएल के बीच के ,े� के िलए भूिम उपयोग क� योजना बनाते समय जलवायु प9रवत�न और तटरेखा प9रवत�न- के ऐसे :भाव- को P यान म# रखा जाएगा। 3.3.3.3. सीज़ेडएम मानिच� का िनमा�ण सीज़ेडएम मानिच� का िनमा�ण सीज़ेडएम मानिच� का िनमा�ण सीज़ेडएम मानिच� का िनमा�ण (i) 1:25,000 पैमाने का आधार मानिच� सव� ऑफ इिxडया (एसओआई) से िलया जाएगा औरजब कभी भी 1:25,000 पैमाने का मानिच� उपलm ध नह| होगा तो ऐसी िRथित म# आधार मानिच� तैयार करने के :योजन से 1:50,000 पैमाने के मानिच� को 1:25,000 तक बड़ा करके :योग �कया जाएगा तथा ये मानिच� िनW नां�कत मानक- के अनु3प ह-ग े:– इकाई : 7.5 िमनट X 7.5 िमनट अंकन : सव� ऑफ इिxडया क� शीट क� सा� यांकन पbित के अनुसार ,ैितजआधार : एवरेR ट या डm � यूजीएस 84 ऊP वा�धर आधार : औसत समु R तर (एमएसएल) R थालाकृित : एसओआई मानिच� क� R थलाकृित को आधुिनक उपpह इमेजेनरी या ए9रयलफोटोpाफ का उपयोग करते Bए अwतन बनाया जाएगा। (ii) पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय के काया�लय आदेश सं� या जे-17011/8/92-आईए-।।।, तारीख 14 माच�, 2014 के *ारा अिभcात �कसी भी अिभकरण *ारा उf च ? वार रेखा या एलटीएल के सीमांकन का उपयोग करते Bए 1:25,000 पैमाने का तटीय ज़ोन :बंधन (सीज़ेडएम) मानिच� तैयार �कया जाएगा, जैसा�क एनसीएससीएम *ारा �कया जाता ह।ै (iii) िविभ� न िविनयामक रेखाएं अथा�त एचटीएल से Vमश: 20 मीटर, 50 मीटर, 200 मीटर और 500 मीटर क� दरूी पर, जैसा�क िविभ� न सीआरज़ेड }ेिणय- म# लागू ह,ै और जोिखम रेखा का सीमांकन �कया जाएगा और सीज़ेडएम मानिच�- म# R थानांत9रत �कया जाएगा। (iv) एचटीएल, एलटीएल और सीआरज़ेड सीमाJ, यथा लाग,ू को भी सीज़ेडएम मानिच�- म# ? वार *ारा :भािवत होने वाले अ� त�R थलीय जल �ोत- के �कनार- के साथ सीमां�कत �कया जाएगा। (v) िविभ� न समु तटीय ,े�- का वगnकरण, सीआरज़ेड अिधसूचना के अनुसार �कया जाएगा और मानक राj lीय अथवा अ� तरराj lीय रंग कोड- को :योग �कया जाएगा। 4.4.4.4. E थाE थाE थाE थानीय सीज़ेडएम मानिच� नीय सीज़ेडएम मानिच� नीय सीज़ेडएम मानिच� नीय सीज़ेडएम मानिच� (i) R थानीय सीज़ेडएम मानिच�, तटीय ,े� :बंधन योजना के �Vया� वयन को सुकर बनाने के िलए R थानीय िनकाय- तथा अ� य अिभकरण- के :योग हतुे हD। (ii) भूकर (pामीण) मानिच�, जो�क 1:3960 या इसके नज़दीक� पैमाने पर राजR व :ािधकरण- के पास उपलm ध हD, को आधार मानिच�- के 3प म# :योग �कया जाएगा। (iii) एचटीएल, एलटीएल और अ� य सीआरज़ेड िविनयामक रेखाJ तथा जोिखम रेखा का सीमांकन, भूकर मानिच�- म# �कया जाएगा और वगnकरण- को R थानीय सीज़ेडएम मानिच�- म# R थानांत9रत �कया जाएगा। 5.5.5.5. सीआरज़ेड #े�- का वग�करण सीआरज़ेड #े�- का वग�करण सीआरज़ेड #े�- का वग�करण सीआरज़ेड #े�- का वग�करण (i) सीज़ेडएम मानिच�- म# ,े� क� भू-उपयोग योजना R पj ट 3प सेिचि�हत क� जाएगी और एनसीएससीएम *ारा तटीय रा? य- और संघ रा? य ,े�- को उपलm ध कराए गए मानिच�ण के अनुसार पा9रिRथितक�य संवेदनशील ,े�- (ईएसए) ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 23 या सीआरज़ेड-।क ,े�- को िच� हां�कत �कया जाएगा। ऐसे सभी ईएसए को रंग कोडो *ारा समुिचत ढ़ंग से सीमां�कत �कया जाएगा। (ii) 1000 वग� मी. से अिधक के मDpोव ,े�- के चार- ओर बफर ,े� को, मDpोव ,े� से िभ� न करते Bए अलग रंग से िच� हां�कत �कया जाएगा। बफर ,े� को भी सीआरज़ेड-। ,े� के 3प म# वगnकृत �कया जाएगा। (iii) सीआरज़ेड ,े�- म#, मछुआरा समुदाय के गांव, उनक� साझा संपिrयां, मछली पकड़ने के घाट, बफ� संयं�, मछली सुखाने के A लेटफाम� अथवा ,े�, मछुआरा और R थानीय समुदाय क� ढांचागत सुिवधाJ जैसे �क दवाखाना, सड़क# , िवwालय इ� या�द को भूकर पैमाने के मानिच� पर :दyशत �कया जाएगा। रा? य और संघ रा? य ,े� िवR तार और अ� य ज़3रत-, साफ-सफाई, सुर,ा और आपदा तैयारी सिहत मूल सेवाJ के :ावधान- को P यान म# रखते Bए तटीय मछुआरा समुदाय- क� दीघ�कालीन आवासीय ज़3रत- के िलए िवR तृत योजनाएं तैयार कर#गे। (iv) सीआरज़ेड-IV के जल ,े�- को सीमां�कत �कया जाएगा और य�द जल ,े�समु , लगून, बैकवॉटर, V�क, खाड़ी इR चुअरी आ�द हो तो उसे R पj ट 3प से सीमां�कत �कया जाएगा और जल ,े�- के इस :कार के वगnकरण के िलए नैवल-हाइzोpै�फक ऑ�फस *ारा :योग क� जाने वाली शm दावली का :योग �कया जाएगा। (v) जल ,े�- म# मछली पकड़ने के R थान- तथा मछली :जनन ,े� को R पj ट 3प से िचि�हत �कया जाएगा। (vi) सीवीसीए म#, भू-उपयोग मानिच�- को तटीय ,े� :बंधन योजना म# अP यारोिपत �कया जाएगा और इसम# सीआरज़ेड I, II, III, IV को R पj ट 3प से दशा�या जाएगा। (vii) समु क� ओर िवwमान :ािधकृत िवकास कायt को R पj ट 3प से सीमां�कत �कया जाएगा। (viii) चVवात-, तूफान-, सुनािमय- तथा इस तरह क� आपदा के दौरान बचाव तथा राहत कायt के उKे$ य के िलए सीजेडएम मानिच�- पर चVवात आ}य-, रेन शे� टस�, हिेलपैड- तथा अ� य आधारभूत संरचनाJ सिहत सड़क नेटवक� जैसी िवशेषताJ को R पj ट 3प से इंिगत �कया जाए। (ix) भवन- के िनमा�ण या अ� य काय�कलाप- को सीजेडएमपी के अधीन अनुcात �कया जाएगा बशत� �क ठोस तथा व अपिशj ट- का उिचत :बंधन तथा िनपटान पया�वरणीय मानक-, िनयम- तथा संिविधय- के अनुसार �कया जाएगा और �कसी भी प9रिRथित म# अशोिधत बिह�ाव- का तटीय जल म# िनR सारण नह| �कया जाएगा। 6.6.6.6. सीजेडएमपी पर जनता से परामश� सीजेडएमपी पर जनता से परामश� सीजेडएमपी पर जनता से परामश� सीजेडएमपी पर जनता से परामश� (i) तैयार �कए गए :ा3प सीजेडएमपी का { यापक 3प से :चार �कया जाएगा तथा पया�वरण (संर,ण) अिधिनयम, 1986 के अनुसार सुझाव और आपिrयां :ाA त ह-गी। सीजेडएमपी पर जन सुनवाई, संबंिधत सीजेडएमए *ारा िजला स् तर पर क� जाएगी। (ii) :ाA त सुझाव- तथा आपिrय- के आधार पर सीजेडएमपी म# संशोधन �कया जाएगा तथा इस पर पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय का अनुमोदन :ाA त �कया जाएगा। (iii) अनुमो�दत सीजेडएमपी को पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय क� वेबसाइट तथा संबंिधत रा? य और संघ रा? य ,े� तटीय जोन :बंधन :ािधकरण क� संबंिधत वेबसाइट पर डाला जाएगा तथा इसक� हाड�कॉपी पंचायत काया�लय और िजला कले> टर के काया�लय म# उपलm ध कराई जाएगी। 7. 7. 7. 7. तटीय ज़ोन 'बंधन योजनाD का संशोधन तटीय ज़ोन 'बंधन योजनाD का संशोधन तटीय ज़ोन 'बंधन योजनाD का संशोधन तटीय ज़ोन 'बंधन योजनाD का संशोधन (i) संदेह होने पर संबंिधत रा? य या संघ रा? य ,े� के तटीय ,े� :बंधन :ािधकरण, मामले को राj lीय संवहनीय तटीय :बंधन के� को हR तांत9रत करेगा जो अwतन उपpह िच�� तथा वाR तिवकता के आधार पर सीजेडएमपी का स� यापन करेगा। (ii) य�द अपेि,त हो तो संशोिधत मानिच� को पया�वरण, वन और जलवायु प9रवत�न मं�ालय के िवचाराथ� :R तुत �कया जाएगा। ******* 24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] उपाबंधउपाबंधउपाबंधउपाबंध----V V V V प�रयोजना सूचना का िववरण प�रयोजना सूचना का िववरण प�रयोजना सूचना का िववरण प�रयोजना सूचना का िववरण 1. 1. 1. 1. प�रयोजना िववरण प�रयोजना िववरण प�रयोजना िववरण प�रयोजना िववरण क. प9रयोजना का नाम ख. सव� नं./गांव/कोyडनेट ग. िजला घ. रा? य ड. �कसके िलए :R ताव (संबंिधत ,े� का चयन कर#) ह ै: (i) सीआरजेड के अधीन नयी मंजूरी (ii) पहले से जारी सीआरजेड क� मंजूरी म# संशोधन (iii) पहले से जारी सीआरजेड मंजूरी क� वैधता को बढ़ाना च. आवेदक का नाम छ. आवेदक का पता ज. संपक� का िववरण : (दरूभाष सं� या तथा ईमेल पता) झ. प9रयोजना क� लागत (करोड़ �. म#) 2.2.2.2. प�रयोजना का लाभ प�रयोजना का लाभ प�रयोजना का लाभ प�रयोजना का लाभ क. प9रयोजना लाभ का िववरण ख. संभािवत रोजगार का सृजन (हां/ना) (i) अपेि,त कुल जनशि\ (ii) R थायी रोजगार (सं� या) (iii) अR थायी रोजगार (सं� या) (iv) अR थायी रोजगार - िनमा�ण के दौरान (सं� या) (v) अR थायी रोजगार- :चालन के दौरान (सं� या 3333. . . . िवचाराधीन प�रयोजना का िववरण (प�रयोजना क! Zेणी का चयन कर�) : िवचाराधीन प�रयोजना का िववरण (प�रयोजना क! Zेणी का चयन कर�) : िवचाराधीन प�रयोजना का िववरण (प�रयोजना क! Zेणी का चयन कर�) : िवचाराधीन प�रयोजना का िववरण (प�रयोजना क! Zेणी का चयन कर�) : क. क. क. क. आZय/भवन/नाग�रक सुिवधाएं आZय/भवन/नाग�रक सुिवधाएं आZय/भवन/नाग�रक सुिवधाएं आZय/भवन/नाग�रक सुिवधाएं (i) कुल ,े�/िनyमत ,े� (वग� मी. म#) (ii) संरचना क� ऊंचाई (iii) एफएसआई अनुपात (iv) संबंिधत नगर योजना :ािधकारी/पंचायत इ� या�द का नाम (v) कार पा�कग ,े� के :ावधान का िववरण ख. ख. ख. ख. तटीय सड़क� /तटीय सड़क� /तटीय सड़क� /तटीय सड़क� /E टीE टीE टीE टी\ ट\ ट\ ट\ ट पर सड़क� पर सड़क� पर सड़क� पर सड़क� (i) भूिम सुधार का ,े� (ii) उbार के िलए अनुमािनत मलवा/िम�ी क� मा�ा ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 25 (iii) प9रवहन क� ,मता (iv) सड़क का प9रमाप ग. ग. ग. ग. थम�ल पावर ] लोथम�ल पावर ] लोथम�ल पावर ] लोथम�ल पावर ] लो डाऊन से पाइपलाइन� डाऊन से पाइपलाइन� डाऊन से पाइपलाइन� डाऊन से पाइपलाइन� (i) पाइपलाइन क� लंबाई (ii) सीआरजेड ,े� क� लंबाई अनुपात (iii) खुदाई क� गहराई (iv) खुदाई क� चौड़ाई (v) समु के �कनारे से समु क� गहराई तक पाइप लाइन क� लंबाई (vi) समु जल क� सतह से आऊट A वांइट क� गहराई (vii) िनR सारण Iबद ुपर प9रवेश के ऊपर बिह�ाव का तापमान घ.घ.घ.घ. पाइपलाइन के मा यपाइपलाइन के मा यपाइपलाइन के मा यपाइपलाइन के मा यम से शोिधत बिह_ाव का समुO तट म� िनपटान म से शोिधत बिह_ाव का समुO तट म� िनपटान म से शोिधत बिह_ाव का समुO तट म� िनपटान म से शोिधत बिह_ाव का समुO तट म� िनपटान (i) :वेश/िनकास का R थान (ii) आउटफाल Iबद ुक� गहराई (iii) पाइपलाइन क� लंबाई (iv) सीआरजेड ,े� क� अनु:ाय लंबाई (v) खुदाई क� गहराई (vi) खुदाई क� चौड़ाई (vii) �कनारे से लेकर गहरे समु संकरी खाड़ी तक पाइपलाइन क� लंबाई (viii) जल के सतह से आउट फाल Iबद ुक� गहराई (ix) िनR सारण Iबद ुपर जल क� गहराई (x) बिह�ाव, बीओडी, सीओडी, टीएसएस, तेल और pीस, भारी धातुएं ड. ड. ड. ड. सामान-/रसायन- के भP डासामान-/रसायन- के भP डासामान-/रसायन- के भP डासामान-/रसायन- के भP डारण क! सुिवधारण क! सुिवधारण क! सुिवधारण क! सुिवधा (i) रसायन का नाम (ii) रसायन का अंितम उपयोग (iii) भx डारण के िलए टDक- क� सं� या (iv) टDक- क� ,मता चचचच.... अपतटीय ढांचा अपतटीय ढांचा अपतटीय ढांचा अपतटीय ढांचा (i) अ� वेषण या िवकास (ii) समु तल क� गहराई (iii) 9र` स क� सं� या (iv) A लेटफाम� क� सं� या (v) समूह जमाव R टेशन- का िववरण 26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] छछछछ.... िवलवणीकरण संय� िवलवणीकरण संय� िवलवणीकरण संय� िवलवणीकरण संय� (i) िवलवणीकरण क� ,मता (ii) कुल लवण जल उ� पादन (iii) िनR सारण Iबद ुपर प9रवेश से ऊपर बिह�ाव का तापमान (iv) प9रवेशी लवणता (v) िनपटान Iबद ु जजजज.... दलु�भ भूिम/आणिवक खदलु�भ भूिम/आणिवक खदलु�भ भूिम/आणिवक खदलु�भ भूिम/आणिवक खिनज- क! खुदाई िनज- क! खुदाई िनज- क! खुदाई िनज- क! खुदाई (i) खनन क� ,मता (ii) िनj कyषत �कए जाने वाल ेखिनज (iii) खिनज का अंितम उपयोग (iv) खनन प�ा/जांच पड़ताल तथा अनुमो�दत खनन योजना के िलए सरकारी आदेश का िववरण (v) खनन प�ा ,े� क� सीमा झझझझ.... मलजल उपचार संयं� मलजल उपचार संयं� मलजल उपचार संयं� मलजल उपचार संयं� (i) ,मता (ii) िनमा�ण का कुल ,े� (iii) सीपीसीबी/एसपीसीबी/अ� य :ािधकृत एज#िसय- *ारा यथािनधा�9रत बिह�ाव मापदंड का अनुपालन (iv) > या िनR सारण समु जल/संकरी खाड़ी म# �कया जा रहा ह?ै य�द हां • समु तट/? वारीय नदी के �कनारे से समु ी आऊट फाल Iबद ुक� दरूी • समु ी जल/नदी जल के सतह से आऊट फाल Iबद ुक� गहराई • आऊट फाल Iबद ुपर समु तल/नदी तल क� गहराई ञञञञ.... लाइट हाऊस लाइट हाऊस लाइट हाऊस लाइट हाऊस (i) संR थापना/A लेटफाम� का कुल भूिम ,े� (ii) संरचना क� ऊंचाई ट.ट.ट.ट. पवन च` क!पवन च` क!पवन च` क!पवन च` क! (i) ,मता (मेगावाट) (ii) पवन च> क� क� ऊंचाई (iii) पवन च> क� का { यास (iv) m लेड क� लंबाई (v) घूण�न क� गित (vi) :सारण क� रेखा, (ऊपरी या भूिमगत) ठ.ठ.ठ.ठ. अH यअH यअH यअH य (i) कृपया मह� वपूण� िवशेषताएं के साथ उ� लेख कर# (ii) संगत कागजात- को दशा�एं (केवल पीडीएफ म# अपलोड कर#) ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 27 4. 4. 4. 4. सीआरजेड वग�करण के अनुसार प�रयोजना क! िEथसीआरजेड वग�करण के अनुसार प�रयोजना क! िEथसीआरजेड वग�करण के अनुसार प�रयोजना क! िEथसीआरजेड वग�करण के अनुसार प�रयोजना क! िEथित ित ित ित (य�द प9रयोजना R थल िविभ� न/िभ� न सीआरजेड }ेिणय- म# पड़ता ह ैतब भी उसका उ� लेख �कया जाए) । 5. 5. 5. 5. सीआरजेड अिधसूचना क! धारा िजसके अधीन यह प�रयोजना अनुमत/िविनयिमत काय�कलाप है। सीआरजेड अिधसूचना क! धारा िजसके अधीन यह प�रयोजना अनुमत/िविनयिमत काय�कलाप है। सीआरजेड अिधसूचना क! धारा िजसके अधीन यह प�रयोजना अनुमत/िविनयिमत काय�कलाप है। सीआरजेड अिधसूचना क! धारा िजसके अधीन यह प�रयोजना अनुमत/िविनयिमत काय�कलाप है। 6.6.6.6. प�रयोजना मू\ यांप�रयोजना मू\ यांप�रयोजना मू\ यांप�रयोजना मू\ यांकन के िलए आव= यकन के िलए आव= यकन के िलए आव= यकन के िलए आव= यक काय� #े� क काय� #े� क काय� #े� क काय� #े� क.क.क.क. एचटीएलएचटीएलएचटीएलएचटीएल, , , , एलटीएएलटीएएलटीएएलटीएल सीमांकन दशा�ते aए ल सीमांकन दशा�ते aए ल सीमांकन दशा�ते aए ल सीमांकन दशा�ते aए 1:40001:40001:40001:4000 मान सीआरजेड मानिच� और एचटीएल से समीपी प�रयोजना मान सीआरजेड मानिच� और एचटीएल से समीपी प�रयोजना मान सीआरजेड मानिच� और एचटीएल से समीपी प�रयोजना मान सीआरजेड मानिच� और एचटीएल से समीपी प�रयोजना सीमादीवार (मीटर म�) क! दरूी का उ\ लेसीमादीवार (मीटर म�) क! दरूी का उ\ लेसीमादीवार (मीटर म�) क! दरूी का उ\ लेसीमादीवार (मीटर म�) क! दरूी का उ\ लेख )कया जाएगा:ख )कया जाएगा:ख )कया जाएगा:ख )कया जाएगा: (i) अपलोड मैप (�कमी म# फाइल) ख.ख.ख.ख. प�रयोजना क! िEथित के वग�करण सिहत अH यप�रयोजना क! िEथित के वग�करण सिहत अH यप�रयोजना क! िEथित के वग�करण सिहत अH यप�रयोजना क! िEथित के वग�करण सिहत अH य तैयार अिधसूिचत ईएसए के साथ सीआरजेड न` शा तैयार अिधसूिचत ईएसए के साथ सीआरजेड न` शा तैयार अिधसूिचत ईएसए के साथ सीआरजेड न` शा तैयार अिधसूिचत ईएसए के साथ सीआरजेड न` शा –––– 1:4000 मान1:4000 मान1:4000 मान1:4000 मान पर पर पर पर अ याअ याअ याअ यारोिपत प�रयोजना का अिभिवH यारोिपत प�रयोजना का अिभिवH यारोिपत प�रयोजना का अिभिवH यारोिपत प�रयोजना का अिभिवH यास स स स (i) अपलोड मैप (�कमी म# फाइल) ग.ग.ग.ग. प�रयोजना E थप�रयोजना E थप�रयोजना E थप�रयोजना E थल के आस पास से ल के आस पास से ल के आस पास से ल के आस पास से 7777 )कमी b या)कमी b या)कमी b या)कमी b यास को शािमल करते aए 1:25000स को शािमल करते aए 1:25000स को शािमल करते aए 1:25000स को शािमल करते aए 1:25000 मान पर सीआरजेड न` शामान पर सीआरजेड न` शामान पर सीआरजेड न` शामान पर सीआरजेड न` शा : : : : (i) अपलोड मैप (फाइल �कमी म#) 7. 7. 7. 7. प�रयोजना क! िEथित प�रयोजना क! िEथित प�रयोजना क! िEथित प�रयोजना क! िEथित (:कार का चयन कर#) (i) अपरदनरिहत तट (ii) िनW न एवं मP यम अपरदन तट (iii) अ� यिधक अपरदन तट 8. 8. 8. 8. सिQमिलत वन/कI छसिQमिलत वन/कI छसिQमिलत वन/कI छसिQमिलत वन/कI छ वनाE प वनाE प वनाE प वनाE पित भूिम का िववरण (हां/ना) य)द हां तो ित भूिम का िववरण (हां/ना) य)द हां तो ित भूिम का िववरण (हां/ना) य)द हां तो ित भूिम का िववरण (हां/ना) य)द हां तो (i)(i)(i)(i) अपवyतत भूिम का िववरण (ii)(ii)(ii)(ii) :R तुत क� जाने वाली पया�वरण मंजूरी (कागजात अपलोड कर#) (iii)(iii)(iii)(iii) इस प9रयोजना म# काटे जाने वाले पेड़- क� सं� या (iv)(iv)(iv)(iv) :R तुत क� जाने वाली :ितपूरक वनीकरण योजना (कागजात अपलोड कर#) 9.9.9.9. ईएसए/तटीय पाक� /वH यईएसए/तटीय पाक� /वH यईएसए/तटीय पाक� /वH यईएसए/तटीय पाक� /वH यजीव अg याजीव अg याजीव अg याजीव अg यारP यरP यरP यरP य से 'E तासे 'E तासे 'E तासे 'E तािवत प�रयोजना क! दरूीिवत प�रयोजना क! दरूीिवत प�रयोजना क! दरूीिवत प�रयोजना क! दरूी (i) प9रयोजना R थल के 10 �कलो मीटर के दायरे म# (हां/ना) य�द हां • एनडm� यूबीएल से अनुमित को :R तुत करना (कागजात अपलोड कर#) 10101010.... रा, यरा, यरा, यरा, य/संघ रा, य/संघ रा, य/संघ रा, य/संघ रा, य #े� के 'दषूण िनयं�ण बोड� से 'ा7 त #े� के 'दषूण िनयं�ण बोड� से 'ा7 त #े� के 'दषूण िनयं�ण बोड� से 'ा7 त #े� के 'दषूण िनयं�ण बोड� से 'ा7 त अनापि6 'माण प� या E था अनापि6 'माण प� या E था अनापि6 'माण प� या E था अनापि6 'माण प� या E थापना क! सहमित (हां/ना) य)द हां पना क! सहमित (हां/ना) य)द हां पना क! सहमित (हां/ना) य)द हां पना क! सहमित (हां/ना) य)द हां (i) एनओसी क� :ित :R तुत कर# (कागजात अपलोड कर#) (ii) लगाई गई शतt का उ� लेख कर# (कागजात अपलोड कर#) 11.11.11.11. पया�वरणपया�वरणपया�वरणपया�वरण समाघात िनधा�रणसमाघात िनधा�रणसमाघात िनधा�रणसमाघात िनधा�रण अ यअ यअ यअ ययन (संबंिधत िवषय को भर�) यन (संबंिधत िवषय को भर�) यन (संबंिधत िवषय को भर�) यन (संबंिधत िवषय को भर�) क.क.क.क. E थE थE थE थलीय अ यलीय अ यलीय अ यलीय अ ययन यन यन यन (i)(i)(i)(i) पया�वरण समाघात िनधा�रण (R थलीय) अP ययन का संि,A त m यौरा (ii)(ii)(ii)(ii) पया�वरण समाघात िनधा�रण म# क� गई संR तुित को अपलोड कर# (कागजात अपलोड कर#) (iii)(iii)(iii)(iii) अP ययन क� समयाविध का उ� लखे ख. ख. ख. ख. समुO तटीय अ यसमुO तटीय अ यसमुO तटीय अ यसमुO तटीय अ ययन यन यन यन (i)(i)(i)(i) पया�वरण समाघात िनधा�रण (समु ी) अP ययन के सारांश का िववरण 28 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ii)(ii)(ii)(ii) पया�वरण समाघात िनधा�रण म# क� गई संR तुित को अपलोड कर# (कागजात अपलोड कर#) (iii)(iii)(iii)(iii) अP याय क� समयाविध का उ� लखे 12. 12. 12. 12. आपदा 'बंधन योजना/राK Lीआपदा 'बंधन योजना/राK Lीआपदा 'बंधन योजना/राK Lीआपदा 'बंधन योजना/राK Lीय तेल िछतराव आपदा संभावना योजना (य)द लाग ूहो) य तेल िछतराव आपदा संभावना योजना (य)द लाग ूहो) य तेल िछतराव आपदा संभावना योजना (य)द लाग ूहो) य तेल िछतराव आपदा संभावना योजना (य)द लाग ूहो) 13. 13. 13. 13. तरल बिह_ाव के िनE सातरल बिह_ाव के िनE सातरल बिह_ाव के िनE सातरल बिह_ाव के िनE सारण म� सिQमिलत प�रयोजना : रण म� सिQमिलत प�रयोजना : रण म� सिQमिलत प�रयोजना : रण म� सिQमिलत प�रयोजना : (i)(i)(i)(i) मल िनR सारण उपचार संयं� क� ,मता (ii)(ii)(ii)(ii) उ� प� न बिह�ाव क� मा�ा (iii)(iii)(iii)(iii) उपचा9रत बिह�ाव क� मा�ा (iv)(iv)(iv)(iv) उपचार और िनपटारे का तरीका 14.14.14.14. ठोस अपिशK टठोस अपिशK टठोस अपिशK टठोस अपिशK ट के िनE सा के िनE सा के िनE सा के िनE सारण म� शािमल प�रयोजना : रण म� शािमल प�रयोजना : रण म� शािमल प�रयोजना : रण म� शािमल प�रयोजना : (i)(i)(i)(i) ठोस अपिशj ट का :कार (ii)(ii)(ii)(ii) उ� प� न ठोस अपिशj ट क� मा�ा (iii)(iii)(iii)(iii) िनR सारण का तरीका (iv)(iv)(iv)(iv) प9रवहन का R व3प 15.15.15.15. 'ित)दन'ित)दन'ित)दन'ित)दन )कलो मीटर म� )कलो मीटर म� )कलो मीटर म� )कलो मीटर म� जल आव= यजल आव= यजल आव= यजल आव= यकता (केएलडी) कता (केएलडी) कता (केएलडी) कता (केएलडी) (i)(i)(i)(i) अपेि,त जल क� मा�ा (ii)(ii)(ii)(ii) जल का �ोत (iii)(iii)(iii)(iii) य�द भूिमगत जल (के� ीय भूजल :ािधकरण या :ािधकृत िनकाय से अनुमोदन क� :ित अपलोड कर#) (iv)(iv)(iv)(iv) य�द कोई अ� य �ोत हो (स,म :ािधकारी से :ाA त अनुमित क� :ित संल` न कर#) (v)(v)(v)(v) प9रवहन का R व3प (vi)(vi)(vi)(vi) जलापूyत क� सपुद�गी (दR तावेज अपलोड कर#) 16. 16. 16. 16. जल शोधन तथा पुन= चजल शोधन तथा पुन= चजल शोधन तथा पुन= चजल शोधन तथा पुन= च*ण का िववरण (य)द कोई हो) (बaिवध 'िविiय- क! अनुमित है)*ण का िववरण (य)द कोई हो) (बaिवध 'िविiय- क! अनुमित है)*ण का िववरण (य)द कोई हो) (बaिवध 'िविiय- क! अनुमित है)*ण का िववरण (य)द कोई हो) (बaिवध 'िविiय- क! अनुमित है) :कार/�ोत सृिजत अपिशष् ट जल क� मा�ा (�कलो मीटर :ित �दन) शोधन ,मता (�कलो मीटर :ित �दन) शोधन ,मता िनपटान का R व3प छोड़े गए जल क� मा�ा (�कलो लीटर :ित �दन) पुन$ चVण/पुन: उपयोग म# :यु> त शोिधत जल क� मा�ा 17.17.17.17. वषा� जल संचय का िववरण वषा� जल संचय का िववरण वषा� जल संचय का िववरण वषा� जल संचय का िववरण (i)(i)(i)(i) भx डारण टDक- क� सं� या (ii)(ii)(ii)(ii) टDक क� कुल ,मता (iii)(iii)(iii)(iii) 9रचाज� ग�ो क� सं� या (iv)(iv)(iv)(iv) ग�ो क� ,मता ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 29 18. 18. 18. 18. अपेि#त ऊजा� और _ोत अपेि#त ऊजा� और _ोत अपेि#त ऊजा� और _ोत अपेि#त ऊजा� और _ोत (i)(i)(i)(i) कुल अपेि,त ऊजा� (�कलोवाट एच) (ii)(ii)(ii)(ii) �ोत (iii)(iii)(iii)(iii) समझौते क� :ित अपलोड कर# (केवल पीडीएफ म# अपलोड कर#) (iv)(iv)(iv)(iv) एवजी :बंधन (िववरण) 19. 19. 19. 19. ऊजा� द#ता/बचत ऊजा� द#ता/बचत ऊजा� द#ता/बचत ऊजा� द#ता/बचत के उपाय के उपाय के उपाय के उपाय (i) �ोत/R व3प (ii) बचत का िववरण 20. 20. 20. 20. रा, यरा, यरा, यरा, य तटीय #े� 'बंधन 'ािधकरण क! संE तु तटीय #े� 'बंधन 'ािधकरण क! संE तु तटीय #े� 'बंधन 'ािधकरण क! संE तु तटीय #े� 'बंधन 'ािधकरण क! संE तुित ित ित ित (i) सीजेडएमए क� संR तुित क� :ित अपलोड कर# (केवल पीडीएफ म# अपलोड कर#) (ii) लाग ूशतt के अनुपालन क� िRथित 21. 21. 21. 21. ` या` या` या` या 'E ता 'E ता 'E ता 'E ताव पर ईआई अिधसूव पर ईआई अिधसूव पर ईआई अिधसूव पर ईआई अिधसूचनाचनाचनाचना, 2006 , 2006 , 2006 , 2006 लाग ूहै (हां/ना) लाग ूहै (हां/ना) लाग ूहै (हां/ना) लाग ूहै (हां/ना) (i) उसक� }ेणी का m यौरा > या ह?ै (ii) ईसी के िलए :R ताव का m यौरा (जैसा लागू हो) 22.22.22.22. सामािजक तथा पया�वरणीय मामल- तथा सुझाए गए उपशमन के उपाय- सिहत ल)ेकन आर एंड आरसामािजक तथा पया�वरणीय मामल- तथा सुझाए गए उपशमन के उपाय- सिहत ल)ेकन आर एंड आरसामािजक तथा पया�वरणीय मामल- तथा सुझाए गए उपशमन के उपाय- सिहत ल)ेकन आर एंड आरसामािजक तथा पया�वरणीय मामल- तथा सुझाए गए उपशमन के उपाय- सिहत ल)ेकन आर एंड आर, , , , जलजलजलजल, , , , वायुवायुवायुवायु, , , , खतरनाक अपिशK टखतरनाक अपिशK टखतरनाक अपिशK टखतरनाक अपिशK ट, , , , पा�रिEथितक!य पहल ूइ+ यापा�रिEथितक!य पहल ूइ+ यापा�रिEथितक!य पहल ूइ+ यापा�रिEथितक!य पहल ूइ+ या)द तक सीिमत नहk। (संि#7 त)द तक सीिमत नहk। (संि#7 त)द तक सीिमत नहk। (संि#7 त)द तक सीिमत नहk। (संि#7 त िववरण द�) िववरण द�) िववरण द�) िववरण द�) 23.23.23.23. H याH याH याH यायालय के मामल- का िववरण यालय के मामल- का िववरण यालय के मामल- का िववरण यालय के मामल- का िववरण > या प9रयोजना तथा या भूिम जहां प9रयोजना R थािपत करना का :R तािवत के िव3b कोई मामला � यायालय म# लंिबत ह ै(हां/ना) य)द हांय)द हांय)द हांय)द हां, , , , लिंबत या समा7 तलिंबत या समा7 तलिंबत या समा7 तलिंबत या समा7 त (संगत का चयन कर#) (i) � यायालय का नाम (सव�f च � यायालय, उf च � यायालय, राj lीय ह9रत अिधकरण) (ii) मामला सं� या (iii) मामले का िववरण (iv) � यायालय का आदेश/िनद�श य�द कोई हो तथा :R तािवत प9रयोजना से इसक� संगतता (कागजात अपलोड कर#) 24. 24. 24. 24. अित�र` तअित�र` तअित�र` तअित�र` त सूचना सूचना सूचना सूचना, , , , कोई हो कोई हो कोई हो कोई हो वचनबYता : वचनबYता : वचनबYता : वचनबYता : यह :मािणत �कया जाता ह ै�क उपरो> त दी गई जानकारी मेरी जानकारी और िव$ वास के अनुसार पूण�तया स� य ह ैतथा सीआरजेड अिधसूचना, 2011 के उपबंध- के उ� लंघन संबंधी �कसी भी त� य को छुपाया नह| गया ह।ै आवेदक का नाम और हR ता,र तारीख :

30 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] MINISTRY OF ENVIRONMENT, FOREST AND CLIMATE CHANGE NOTIFICATION New Delhi, the 18th January, 2019 G.S.R. 37(E).—Whereas by notification of the Government of India in the erstwhile Ministry of Environment and Forests number S.O.19 (E), dated the 6th January, 2011 (hereinafter referred to as the Coastal Regulation Zone Notification, 2011), the Central Government declared certain coastal stretches as Coastal Regulation Zone (hereinafter referred to as the CRZ) under section 3 of Environment (Protection) Act, 1986 (29 0f 1986);

And Whereas, the Ministry of Environment, Forest and Climate Change has received representations from various coastal States and Union territories, besides other stakeholders, regarding certain provisions in the Coastal Regulation Zone Notification, 2011 related to management and conservation of marine and coastal ecosystems, development in coastal areas, eco-tourism, livelihood options and sustainable development of coastal communities etc.;

And Whereas, various State Governments and Union territory administrations and stakeholders have requested the Ministry of Environment, Forest and Climate Change to address the concerns related to coastal environment and sustainable development with respect to the Coastal Regulation Zone Notification, 2011;

And Whereas, the Ministry of Environment, Forest and Climate Change had constituted a Committee under the Chairmanship of Dr. Shailesh Nayak to examine various issues and concerns of coastal States and Union territories and various stakeholders, relating to the Coastal Regulation Zone Notification 2011 and to recommend appropriate changes in the said Notification;

And Whereas, the report submitted by Dr. Shailesh Nayak Committee has been examined in the Ministry and consultations have been held with various stakeholders in this regard;

And Whereas, a draft Coastal Regulation Zone Notification, 2018 was issued and hosted in the website of the Ministry of Environment, Forest and Climate Change on the 18th April, 2018 seeking comments and suggestions from all concerned;

And Whereas, objections and suggestions received in response to the above mentioned draft Coastal Regulation Zone Notification, 2018 have been duly considered by the Central Government;

Now, therefore in exercise of the powers conferred by sub-section (1) and clause (v) of subsection (2) of section 3 of the Environment (Protection) Act, 1986 (29 of 1986) and in supersession of the Coastal Regulation Zone Notification 2011, number S.O. 19(E), dated the 6th January, 2011, except as respects things done or omitted to be done before such supersession, the Central Government, with a view to conserve and protect the unique environment of coastal stretches and marine areas, besides livelihood security to the fisher communities and other local communities in the coastal areas and to promote sustainable development based on scientific principles taking into account the dangers of natural hazards, sea level rise due to global warming, do hereby, declares the coastal stretches of the country and the water area up to its territorial water limit, excluding the islands of Andaman and Nicobar and Lakshadweep and the marine areas surrounding these islands, as Coastal Regulation Zone as under:-

(i) The land area from High Tide Line (hereinafter referred to as the HTL) to 500 meters on the landward side along the sea front.

Explanation. - For the purposes of this notification, the HTL means the line on the land upto which the highest water line reaches during the spring tide, as demarcated by the National Centre for Sustainable Coastal Management (NCSCM) in accordance with the laid down procedures and made available to various coastal States and Union territories.

(ii) CRZ shall apply to the land area between HTL to 50 meters or width of the creek, whichever is less on the landward side along the tidal influenced water bodies that are connected to the sea and the distance upto which development along such tidal influenced water bodies is to be regulated shall be governed by the distance upto which the tidal effects are experienced which shall be determined based on salinity concentration of five parts per thousand (ppt) ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 31 measured during the driest period of the year and distance up to which tidal effects are experienced shall be clearly identified and demarcated accordingly in the Coastal Zone Management Plan (hereinafter referred to as the CZMP):

Provided that the CRZ limit of 50 meters or width of the creek whichever is less, shall be subject to revision and final approval of the respective CZMPs as per this notification, framed with due consultative process, public hearing etc. and environmental safeguards enlisted therein, and till such time the CZMP to this notification is approved, the limit of 100 meters or width of the creek whichever is less, shall continue to apply.

Explanation.- For the purposes of this sub-paragraph the expression “tidal influenced water bodies” means the water bodies influenced by tidal effects from sea in the bays, estuaries, rivers, creeks, backwaters, lagoons, ponds that are connected to the sea.

(iii) The “intertidal zone” means land area between the HTL and the Low Tide Line (hereinafter referred to as the LTL).

(iv) The water and the bed area between the LTL to the territorial water limit (12 Nm) in case of sea and the water and the bed area between LTL at the bank to the LTL on the opposite side of the bank, of tidal influenced water bodies.

2.0 Classification of CRZ. – For the purpose of conserving and protecting the coastal areas and marine waters, the CRZ area shall be classified as follows, namely: -

2.1 CRZ-I areas are environmentally most critical and are further classified as under:

2.1.1 CRZ-I A:

(a) CRZ-I A shall constitute the following ecologically sensitive areas (ESAs) and the geomorphological features which play a role in maintaining the integrity of the coast viz.:

(i) Mangroves (in case mangrove area is more than 1000 square meters, a buffer of 50 meters along the mangroves shall be provided and such area shall also constitute CRZ–I A);

(ii) Corals and coral reefs;

(iii) Sand dunes;

(iv) Biologically active mudflats;

(v) National parks, marine parks, sanctuaries, reserve forests, wildlife habitats and other protected areas under the provisions of Wild Life (Protection) Act, 1972 (53 of 1972), Forest (Conservation) Act, 1980 (69 of 1980) or Environment (Protection) Act, 1986 (29 0f 1986), including Biosphere Reserves;

(vi) Salt marshes;

(vii) Turtle nesting grounds;

(viii) Horse shoe crabs’ habitats;

(ix) Sea grass beds;

(x) Nesting grounds of birds;

(xi) Areas or structures of archaeological importance and heritage sites.

(b) A detailed environment management plan shall be formulated by the states and Union territories for such ecologically sensitive areas in respective territories, as mapped out by the National Centre for Sustainable Coastal Management (NCSCM), Chennai based on guidelines as contained in Annexure-I to this notification and integrated with the CZMP.

2.1.2 CRZ-I B:

The intertidal zone i.e. the area between Low Tide Line and High Tide Line shall constitute the CRZ-I B.

32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

2.2 CRZ-II:

CRZ-II shall constitute the developed land areas up to or close to the shoreline, within the existing municipal limits or in other existing legally designated urban areas, which are substantially built-up with a ratio of built-up plots to that of total plots being more than 50 per cent and have been provided with drainage and approach roads and other infrastructural facilities, such as water supply, sewerage mains, etc.

2.3 CRZ-III:

Land areas that are relatively undisturbed (viz. rural areas, etc.) and those which do not fall under CRZ-II, shall constitute CRZ–III, and CRZ-III shall be further classified into following categories: -

2.3.1 CRZ-III A:

Such densely populated CRZ-III areas, where the population density is more than 2161 per square kilometre as per 2011 census base, shall be designated as CRZ–III A and in CRZ-III A, area up to 50 meters from the HTL on the landward side shall be earmarked as the ‘No Development Zone (NDZ)’, provided the CZMP as per this notification, framed with due consultative process, have been approved, failing which, a NDZ of 200 meters shall continue to apply.

2.3.2 CRZ-III B:

All other CRZ-III areas with population density of less than 2161 per square kilometre, as per 2011 census base, shall be designated as CRZ-III B and in CRZ-III B, the area up to 200 meters from the HTL on the landward side shall be earmarked as the ‘No Development Zone (NDZ)’.

2.3.3:

Land area up to 50 meters from the HTL, or width of the creek whichever is less, along the tidal influenced water bodies in the CRZ III, shall also be earmarked as the NDZ in CRZ III.

Note: The NDZ shall not be applicable in the areas falling within notified Port limits.

2.4 CRZ- IV:

The CRZ- IV shall constitute the water area and shall be further classified as under:-

2.4.1 CRZ- IVA:

The water area and the sea bed area between the Low Tide Line up to twelve nautical miles on the seaward side shall constitute CRZ-IV A.

2.4.2 CRZ- IVB:

CRZ-IV B areas shall include the water area and the bed area between LTL at the bank of the tidal influenced water body to the LTL on the opposite side of the bank, extending from the mouth of the water body at the sea up to the influence of tide, i.e., salinity of five parts per thousand (ppt) during the driest season of the year.

3.0 Areas requiring special consideration in the CRZ.- Following coastal areas shall be accorded special consideration for the purpose of protecting the critical coastal environment and difficulties faced by local communities: -

3.1 Critically Vulnerable Coastal Areas (CVCA):

Sundarban region of West Bengal and other ecologically sensitive areas identified as under Environment (Protection) Act, 1986 such as Gulf of Khambat and Gulf of Kutchh in Gujarat, Malvan, Achra-Ratnagiri in Maharashtra, Karwar and Coondapur in Karnataka, Vembanad in Kerala, Gulf of Mannar in Tamil Nadu, Bhaitarkanika in Odisha, Coringa, East Godavari and Krishna in Andhra Pradesh shall be treated as Critical Vulnerable Coastal Areas (CVCA) and managed with the involvement of coastal communities including fisher folk who depend on coastal resources for their sustainable livelihood.

3.2 CRZ for inland Backwater islands and islands along the mainland coast.

3.3 CRZ falling within municipal limits of Greater Mumbai.

¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 33

4. Prohibited activities within CRZ.- The following activities shall be prohibited, in general, within the entire CRZ and exceptions to these and other permissible and regulated activities in specific CRZ categories viz. CRZ-I, II, III and IV, shall be governed by the provisions of paragraph 5:-

(i) Setting up of new industries and expansion of existing industries, operations or processes.

(ii) Manufacture or handling of oil, storage or disposal of hazardous substances as specified in the notification of the Ministry of Environment, Forest and Climate Change number G.S.R.395 (E), dated the 4th April, 2016.

(iii) Setting up of new fish processing units.

(iv) Land reclamation, bunding or disturbing the natural course of seawater except for the activities permissible under this notification and executed with prior permission from the competent authority.

(v) Discharge of untreated waste and effluents from industries, cities or towns and other human settlements.

(vi) Dumping of city or town wastes including construction debris, industrial solid wastes, fly ash for the purpose of land filling.

(vii) Port and harbour projects in high eroding stretches of the coast.

(viii) Mining of sand, rocks and other sub-strata materials.

(ix) Dressing or altering of active sand dunes.

(x) In order to safeguard the aquatic system and marine life, disposal of plastic into the coastal waters shall be prohibited and adequate measures for management and disposal of plastic materials shall be undertaken in the CRZ.

(xi) Drawal of ground water.

5. Regulation of permissible activities in CRZ:

5.1 CRZ-I:

5.1.1. CRZ–IA:

These areas are ecologically most sensitive and generally no activities shall be permitted to be carried out in the CRZ-I A area, with following exceptions:-

(i) Eco-tourism activities such as mangrove walks, tree huts, nature

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