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Section 24: एजᱶसी कᳱ एक अनशुासना᭜मक नीित होगी, िजसमᱶ िन᳜िलिखत ᮧावधान हᲂग े

Insolvency and Bankruptcy Board of India (Advisory Committee) Regulations, 2017Central Regulations · 2016

(क) ऐसा तरीका िजसमᱶ अनुशासना᭜मक सिमित त᭝यᲂ को सुिनि᳟त कर सके;

(ख) त᭝यᲂ के आधार पर कारण बताओ नोᳯटस जारी करना;

(ग) ᮧाकृितक ᭠याय के िस᳍ांतᲂ के आधार पर ᳰकसी तकᭅ संगत आदेश ᳇ारा कारण बताओ नोᳯटस का िनपटान करना;

(घ) कारण बताओ नोᳯटस के िनपटान के िविभ᳖ चरणᲂ के िलए समय सीमा; और (ड़) कारᭅवाई के िलए पᭃᲂ के अिधकार एवं बा᭟यताएं।

(2) अनशुासना᭜मक सिमित ᳇ारा पाᳯरत ᳰकए जाने वाले आदेशᲂ मᱶ िन᳜िलिखत सि᭥मिलत हᲂगे :- (क) ᳞ावसाियक सद᭭यᲂ का िन᭬कासन;

(ख) ᳞ावसाियक सद᭭य का ᳰकसी िनि᳟त समयाविध के िलए िनलंबन;

(ग) ᳞ावसाियक सद᭭यᲂ को चेतावनी;

(घ) आᳶथक जुमाᭅना लगाना;

(च) मामलᲂ का संदभᭅ बोडᭅ को देना िजनमᱶ उिचत मामलो मᱶ, बोडᭅ ᳇ारा ᮧवᳶतत ᭃितपूᳶत कᳱ रािश कᳱ िसफाᳯरश करना, या मुआवजा भी शािमल हो ᳰकया जाए; और (छ) लागत से संबंिधत िनदेश।

(3) अऩुशासन सिमित ᳰकसी ᳞ावसाियक सद᭭य कᳱ िन᭬कासन आदेश पाᳯरत कर सकती ह ै यᳰद उसे ᭄ात हो कᳱ ᳞ावसाियक सद᭭य ने िन᳜ काᳯरत ᳰकया ह ै– (क) ᳰकसी िविध जो उस समय ᮧवृᱫ हो के तहत अपराध करन ेपर छह माह से अिधक के कारावास या अपराध िजसमᱶ नैितक दंड शािमल हो, से दंिडत हो सकता ह;ै (ख) संिहता, िनयमᲂ, िविनयमनᲂ और उसके अंतगᭅत जारी ᳰदशािनदᱷशᲂ, उप-िविधयᲂ या शासी बोडᭅ ᳇ारा ᳰदए गए िनदेशᲂ का गंभीर उ᭨लंघन उसे ᳰदवाला ᳞ावसाियक के ᱨप मᱶ कायᭅ जारी रखन ेके िलए अनुपयुᲦ व अयो᭏य बनाता ह।ै ¹Hkkx III µ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9 ᭭प᳥ीकरण – उपखंड (ख) के उ᭨लघंन मᱶ िन᳜ शािमल ह ै–

(i) संिहता कᳱ धारा 28, 31, 111 और 153 के अधीन ᮓेिडटसᭅ का अनुमोदन ᮧा᳙ करन े के उ᳎े᭫य से िम᭝या ᮧितिनिध᭜व या कपट मᱶ शािमल होना;

(ii) संिहता के ᮧावधानᲂ का उ᭨लघंन उस तरीके से करना िजस पर संिहता कᳱ धारा 70(2) या 185 के अऩुसार कारᭅवाई कᳱ जा सके।

(iii) संिहता कᳱ धारा 14, 96, 101 या 124 के उ᭨लंघन मᱶ ᭄ात ᱨप से या जानबूझ कर काᳯरत करना या काᳯरत करने के िलए ᮧािधकृत या अऩमुित देना।

(iv) संिहता के ᮧावधानᲂ का उ᭨लघंन करन ेपर संिहता कᳱ धारा 71 या 187 के अनुसार कारᭅवाई;

(v) ऐसी ᳰकसी गितिविध मᱶ साथ देना या उकसाना जो ᳰक संिहता के अ᭟याय-VII के भाग-II या अ᭟याय-VII के भाग-III के अऩुसार कारᭅवाई यो᭏य हो;

(vi) ᳰकसी भी पᭃकार को नुकसान पᱟचंाने के िलए ऐसा असमान एवं िवषम कायᭅ करना जो ᳰदवाला समापक तथा शोधन अᭃमता ᮧᳰᮓया के िहत मᱶ उिचत न हो, या

(vii) ᳰकसी अ᭠य मामल ेमᱶ जो वह उिचत समझे।

(4) अऩशुासन सिमित ᳇ारा पाᳯरत कोई आदेश को ऐसे उि᭨लिखत आदेश के पाᳯरत करन ेके सात ᳰदवस के भीतर वेबसाइट पर रखना होगा और आदेश कᳱ एक ᮧित कारᭅवाई के पᭃकारᲂ को ᮧदान करनी होगी।

(5) एजᱶसी ᳇ारा अऩुशासन सिमित के आदेशᲂ के अंतगᭅत ᮧा᳙ मौᳰᮤक दंड को संिहता कᳱ धारा 224 के अंतगᭅत गᳯठत ᳰदवाला और अशोधन ᭃमता िनिध मᱶ जमा कराना होगा।

25. (1) शासी बोडᭅ एक अपीलीय पैनल का गठन करेगा िजसमᱶ एजᱶसी का एक ᭭वतंᮢ िनदेशक, िविध के ᭃेᮢ का ᳞ापक अनुभव वाल े᭎याित ᮧा᳙ ᳞िᲦयᲂ मᱶ से एक सद᭭य, एक सद᭭य बोडᭅ ᳇ारा नािमत होगा।

(2) अनुशासन सिमित के आदेश से ᮧभािवत कोई ᳞िᲦ अपीलीय पैनल के समᭃ अपील अंितम आदेश कᳱ ᮧित ᮧा᳙ होने कᳱ ितिथ से तीस ᳰदनᲂ के भीतर ᮧ᭭तुत कर सकता ह।ै

(3) अपीलीय पैनल, अपील कᳱ ᮧाि᳙ के तीस ᳰदवस के भीतर िनपटान उस तरीके से करेगा जो वह वांछनीय समझे। XI . ᳞ावसाियक सद᭭यता का समपᭅण और ᳞ावसाियक सद᭭यता स ेिन᭬कासन ᳞ावसाियक सद᭭यता का अ᭭थायी समपᭅण

26. (1) एक ᳞ावसाियक सद᭭य एजᱶसी कᳱ सद᭭यता का अ᭭थायी समपᭅण का आवेदन कम से कम तीस ᳰदवस पहले करेगा जब वह (क) भारत का नागᳯरक न रह;े (ख) कहᱭ और िनयोजन ᭭वीकार करे; या (ग) कोई ᳞वसाय शᱨु करे, िसवाय इसके ᳰक आचार संिहता के अंतगᭅत िविश᳥ ᱨप से ᭭वीकृित दी गई हो, और ऐसी अ᭭थायी समपᭅण कᳱ ᭭वीकृित पर और अ᭭थायी समपᭅण के आवेदन करन ेकᳱ ितिथ के तीस ᳰदवस पूरे होने पर, ᳞ावसाियक सद᭭य का नाम एजᱶसी के रिज᭭टर से अ᭭थायी ᱨप से हटा ᳰदया जाएगा और उसे बोडᭅ को सूिचत ᳰकया जाएगा।

(2) एजᱶसी कᳱ ᳞ावसाियक सद᭭यता के अ᭭थायी समपᭅण का कोई आवेदन ᭭वीकार नहᱭ ᳰकया जाएगा यᳰद – (क) एजᱶसी या बोडᭅ के समᭃ ᳞ावसाियक सद᭭य के िवᱨ᳍ कोई िशकायत या अऩुशासना᭜मक कारᭅवाई लंिबत हो और उसने कोई वचन ऐसी ᮧᳰᮓया मᱶ सहयोग देने के िलए नहᱭ ᳰदया हो; या (ख) ᳞ावसाियक सद᭭य को संिहता के अंतगᭅत ᮧᳰᮓया मᱶ संक᭨प ᳞वसायी, समापक या अशोधन ᭠यासी के ᱨप मᱶ िनयुᲦ ᳰकया गया ह ैऔर अ᭠य ᳰदवाला ᳞वसायी कᳱ िनयुिᲦ ऐसी ᮧᳰᮓया मᱶ हािनकारक हो सकती ह।ै

(3) एक ᳞ावसाियक सद᭭य, उसकᳱ अ᭭थायी समᳶपत सद᭭यता को पुनजᱮिवत करने के िलए आवेदन ᮧ᭭तुत कर सकता ह ैजब उपखंड (1) मᱶ दी गई अ᭭थायी समपᭅण शत ᱸलागू न होती हᲂ और उसकᳱ पनुजᱮवन आवेदन ᭭वीकार होने पर ᳞ावसाियक सद᭭य का नाम एजᱶसी के रिज᭭टर मᱶ पुनः अंत᭭थािपत कर ᳰदया जाएगा और उसे बोडᭅ को सूिचत ᳰकया जाएगा। 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] ᳞ावसाियक सद᭭यता का समपᭅण

27. (1) ᳞ावसाियक सद᭭य जो एजᱶसी कᳱ सद᭭यता के समपᭅण का इ᭒छुक ह ैवह सद᭭यता के समपᭅण के िलए आवेदन ᮧ᭭तुत कर ऐसा कर सकता ह।ै

(2) सद᭭यता के समपᭅण कᳱ ᭭वीकृित के और ऐसी ᭭वीकृित के तीस ᳰदवस परेू होन ेपर ᳞ावसाियक सद᭭य का नाम एजᱶसी के रिज᭭टरᲂ से काटा जाएगा और यह बोडᭅ को सूिचत ᳰकय जाएगा।

28. एजᱶसी कᳱ ᳞ावसाियक सद᭭यता से हटने के िलए आवेदन करने वाले सद᭭य के ऊपर बकाया एजᱶसी का कोई भी शु᭨क एजᱶसी के रिज᭭टर से उसका नाम हटाने से पहल ेवसूला जाएगा।

Where this provision sits

ActInsolvency and Bankruptcy Board of India (Advisory Committee) Regulations, 2017
Section24
Marginal noteएजᱶसी कᳱ एक अनशुासना᭜मक नीित होगी, िजसमᱶ िन᳜िलिखत ᮧावधान हᲂग े
JurisdictionCentral
StatusIn force as published by the source

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