3970 GI/2019 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx III—[k.M 4
PART III—SectIon 4 izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 283] ubZ fnYyh] 'kqØokj] vxLr 2] 2019@Jko.k 11] 1941 No. 283] NEW DELHI, FRIDAY, AUGUST 2, 2019/SHRAVANA 11, 1941 भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयािविनयािविनयािविनयामक मक मक मक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण अिधसूचनाअिधसूचनाअिधसूचनाअिधसूचना हदैराबाद, 30 जुलाई, 2019 भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोक सेवालोक सेवालोक सेवालोक सेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 201, 201, 201, 2019999 फा.सं. भा.बी.िव.िव.�ा.फा.सं. भा.बी.िव.िव.�ा.फा.सं. भा.बी.िव.िव.�ा.फा.सं. भा.बी.िव.िव.�ा.////िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम/1/1/1/12222/16/16/16/163333////2019201920192019....———— बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) क� धारा 2(1)(एफ), 14 और 26 के साथ प�ठत बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क� धारा 42डी और 42ई के साथ प�ठत धारा 114ए क� उप-धारा 2 के खंड (एस), (टी), (यू), (वी) और (वीबी) �ारा �द� शि�य� का �योग करते �ए �ािधकरण, बीमा सलाहकार सिमित के साथ परामश� करने के बाद, इसके �ारा िन�िलिखत िविनयम बनाता ह,ै अथा�त्:- उ�े�यःउ�े�यःउ�े�यःउ�े�यः भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य लोक सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2019 का उ'े(य के#% और रा)य सरकार� �ारा िनगिमत सीपीएससी-एसपीवी �ारा �दान क� जानेवाली बीमा संबंधी सेवाओँ का िविनयमन करना ह।ै 1. 1. 1. 1. संि��संि��संि��संि�� नामनामनामनाम औरऔरऔरऔर �ारंभः�ारंभः�ारंभः�ारंभः 1.1 ये िविनयम भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य लोक सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2019 के नाम से जाने जाएँगे । 1.2 ये िविनयम भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2015 का अिध8मण कर9गे। 1.3 ये िविनयम सरकारी राजप< म9 इनके �काशन क� तारीख को �वृ� ह�गे। 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] अ�यायअ�यायअ�यायअ�याय I �ारंिभक�ारंिभक�ारंिभक�ारंिभक 2. 2. 2. 2. प!रभाषाएँप!रभाषाएँप!रभाषाएँप!रभाषाएँ :::: इन िविनयम� म9 जब तक संदभ� के �ारा अ#यथा अपेि@त न हो,- 2.1 """"अिधिनयमअिधिनयमअिधिनयमअिधिनयम"""" से समय-समय पर यथासंशोिधत बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) अिभ�ेत ह।ै 2.2 """"�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण"""" से बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) क� धारा 3 के उपबंध� के अधीन Aथािपत भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिभ�ेत ह।ै 2.3 इनइनइनइन िविनयम�िविनयम�िविनयम�िविनयम� केकेकेके �योजन�योजन�योजन�योजन केकेकेके िलएिलएिलएिलए """"सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी" " " " ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के के के के ) ) ) ) से भारत सरकार के िडिजटल इंिडया काय�8म के अंतग�त Aथािपत और मेसस� सीएससी ई-गवनBस सCवसेज़ इंिडया िलिमटेड �ारा काया�ि#वत "सामा#य सेवा के#%" अिभ�ेत ह ैतथा इसम9 संबंिधत रा)य सरकार� के िवशेष �योजन माFयम �ारा Aथािपत इसी �कार के के#% शािमल हG। 2.4 """"सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी"""" से सामा#य सेवा के#%� (सीएससी) के नेटवक� अथवा उसके समक@ माFयम से भारत के नाग�रक� के िलए सरकारी, िनजी और सामािजक @े< क� सेवा के िवतरण को सुसाFय बनाने के िलए िनगिमत तथा इन िविनयम� के अंतग�त �ािधकरण �ारा अनुमोJदत (i) सीएससी योजना को काया�ि#वत करने के िलए भारत सरकार �ारा Aथािपत मेसस� सीएससी ई-गवनBस सCवसेज़ इंिडया िलिमटेड, िवशेष �योजन माFयम (एसपीवी) और (ii) संबंिधत रा)य सरकार का िवशेष �योजन माFयम अिभ�ेत ह,ै जो पा�रKिमक हतुे अपने Lाहक� क� ओर से बीमाकता� के साथ �ािधकरण के �ारा अनुमोJदत िविशM उNपाद� के िलए बीमा संिवदा क� OवAथा करता ह ैऔर सीएससी नेटवक� के माFयम से अ#य बीमा संबंधी सेवाएँ �दान करता ह।ै �प�ीकरणः बीमा िविनयामक और िवकास ािधकरण अिधिनयम, 1999 क धारा 2(1)(एफ) के योजन� के िलए सीपीएससी-एसपीवी एक "बीमा म�यवत�" होगा। 2.5 """"परी�ापरी�ापरी�ापरी�ा एज(सीएज(सीएज(सीएज(सी"""" से सीपीएससी-एसपीवी के �धान अिधकारी और Lामीण �ािधकृत Oि�य� (आरएपी) के िलए परी@ाएँ आयोिजत करने के �योजन के िलए �ािधकरण �ारा अनुमोJदत कोई भी एज9सी अिभ�ेत ह ैतथा इसके अंतग�त राPीय इलेQRॉिनक� और सूचना �ौUोिगक� संAथान (एनआईईएलआईटी), इलेQRॉिनक� और सूचना �ोUोिगक� िवभाग, भारत सरकार क� एक Aवाय� वैWािनक सोसाइटी शािमल ह।ै 2.6 """"सीएससीसीएससीसीएससीसीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी काकाकाका �धान�धान�धान�धान अिधकारीअिधकारीअिधकारीअिधकारी"""" से सीपीएससी-एसपीवी के िनयोजन के अधीन िAथत और सीपीएससी-एसपीवी के �धान अिधकारी के Xप म9 काय� करने के िलए सीपीएससी-एसपीवी �ारा नािमत Oि� अिभ�ेत ह।ै 2.7 """")ामीण)ामीण)ामीण)ामीण �ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत ,ि-,ि-,ि-,ि-"""" (आरएपी) एक वैयि�क Lाम-Aतरीय उUमी (वीएलई) ह ैतथा िजसने अनुसूची I के भाग IV म9 िविनYदM Xप म9 �िश@ण तथा परी@ा एज9सी �ारा परी@ा और �माणीकरण को सफलतापूव�क पूण� Jकया ह।ै 2.8 """"अपे�ाअपे�ाअपे�ाअपे�ा"""" (सॅिलिसटेशन) इन िविनयम� के �योजन हतुे बीमा पॉिलसी खरीदने के िलए संभािवत Lाहक को समथ� बनाने के उ'े(य से आरएपी अथवा वीएलई- आईएनएस �ारा संभािवत Lाहक से संपक� अिभ�ेत ह ैतथा इसम9 यJद संभािवत Lाहक बीमा पॉिलसी खरीदने का िनण�य करता ह ैतो सहायता उपल\ध कराना शािमल ह।ै 2.9 """")ाम)ाम)ाम)ाम----.तरीय.तरीय.तरीय.तरीय उ/मीउ/मीउ/मीउ/मी" " " " (वीएलई) सामा#य लोक सेवा के#% का प�रचालन करने के िलए सीपीएससी-एसपीवी �ारा पंजीकृत और �ािधकृत Oि� ह,ै जो सीपीएससी के दैिनक प�रचालन संचािलत करने का �भारी ह।ै 2.10 ““““)ाम)ाम)ाम)ाम .तरीय.तरीय.तरीय.तरीय उ/मीउ/मीउ/मीउ/मी----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस““““ (वीएलई-आईएनएस) एक वैयि�क वीएलई ह ैतथा िजसने अनुसूची I के भाग V म9 िविनYदM Xप म9 सफलतापूव�क �िश@ण और परी@ा पूण� क� ह।ै 2.11 इन िविनयम� म9 �यु� और अप�रभािषत, परंतु समय-समय पर यथासंशोिधत बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4), बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 अथवा उनके अधीन बनाये गये Jकसी भी िविनयम और ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 Jदशािनद_श म9 प�रभािषत श\द� और अिभOि�य� के अथ� वही ह�ग े जो उन अिधिनयम� अथवा िविनयम� अथवा Jदशािनद_श� म9 8मशः उनके िलए िनधा��रत Jकये गये हG। अ�यायअ�यायअ�यायअ�याय II सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी काकाकाका पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण I. पंजीकरण �माणप0पंजीकरण �माणप0पंजीकरण �माणप0पंजीकरण �माणप0 3. 3. 3. 3. पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 �दान�दान�दान�दान करनेकरनेकरनेकरने केकेकेके िलएिलएिलएिलए आवेदनःआवेदनःआवेदनःआवेदनः 3.1 बीमा मFयवतa के Xप म9 काय� करने के िलए पंजीकरण �ाb करने का इcछुक आवेदक सीपीएससी-एसपीवी िन�िलिखत J8यािविध का अनुसरण करेगा – (क) इन िविनयम� म9 िविनYदM Xप म9 फाम�-ए म9 �ािधकरण को आवेदन �Aतुत करेगा। (ख) पंजीकरण �दान करने के िलए आवेदन के साथ दस हजार eपये का वापस न करने योfय आवेदन शुgक िव�ेिषत करेगा। (ग) आवेदन फाम�-ए म9 उिgलिखत Xप म9 सभी आव(यक दAतावेज अनुसूची-I (भाग-I) म9 िविनYदM योfयता और उपयु�ता (Jफट एiड �ोपर) मानदंड� को पूरा करने वाले �धान अिधकारी से �ाb फाम� के साथ �Aतुत करेगा। 3.2 कोई भी आवेदन जो सभी �कार से पूण� नहk ह ैऔर/या आवेदन फाम� म9 िविनYदM अनुदेश� के अनुXप नहk ह ैऔर/या अपे@ा और/या �ािधकरण के िनदेश� का पालन नहk करता ह,ै अAवीकृत Jकया जा सकता ह।ै बशत_ Jक ऐसे Jकसी आवेदन को अAवीकृत करने से पहल ेसीपीएससी-एसपीवी को आवेदन सभी �कार से पूण� करने और <ु�टयाँ, यJद कोई ह�, तो उ#ह9 ठीक करने के िलए एक उपयु� अवसर Jदया जाएगा। 4. 4. 4. 4. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी कोकोकोको पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �दान�दान�दान�दान करनाःकरनाःकरनाःकरनाः 4.1 �ािधकरण इस बात से संतुM होने पर Jक आवेदक पंजीकरण �दान करने के िलए िविनYदM सभी शतl को पूरा करता ह,ै फाम�-बी म9 पंजीकरण �दान करेगा और उसक� सूचना सीपीएससी-एसपीवी को �ेिषत करेगा। 4.2 पंजीकरण सीपीएससी-एसपीवी �ारा शतl और अनुसूची-IV म9 िविनYदM Xप म9 आचरण-संिहता का पालन करने के अधीन जारी Jकया जाएगा। 4.3 �ािधकरण �ारा भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2015 के अधीन सीएससी-एसपीवी को �दान Jकया गया पंजीकरण उसक� समािb तक वैध होगा तथा उसके बाद सीएससी-एसपीवी नीचे Jदये गये िविनयम 6 के अनुसार पंजीकरण के नवीकरण के िलए आवेदन �Aतुत करेगा। 5. 5. 5. 5. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंपंपंपंजीकरणजीकरणजीकरणजीकरण क2क2क2क2 वैधतावैधतावैधतावैधता क2क2क2क2 अविधःअविधःअविधःअविधः 5.1 इन िविनयम� के अधीन जारी Jकया गया पंजीकरण उसके िनग�म क� तारीख से तीन वष� क� अविध के िलए वैध होगा। 5.2 यJद �ािधकरण �ारा सीपीएससी-एसपीवी के पंजीकरण का नवीकरण नहk Jकया जाता तो पंजीकरण क� समािb के बाद सीपीएससी-एसपीवी को इस Xप म9 काय� करने क� अनुमित नहk दी जाएगी। 5.3 यJद सीपीएससी-एसपीवी के पंजीकरण का नवीकरण नहk Jकया जाता अथवा उसे िनलंिबत Jकया जाता ह ैअथवा िनरAत Jकया जाता ह,ै तो पािलसीधारक� को सेवा संबंिधत बीमाकता�ओँ �ारा �दान क� जाएगी। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] II.... पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 काकाकाका नवीकरणनवीकरणनवीकरणनवीकरण 6. 6. 6. 6. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण केकेकेके नवीकरणनवीकरणनवीकरणनवीकरण केकेकेके िलएिलएिलएिलए 34यािविध34यािविध34यािविध34यािविध 6.1 सीपँीएससी-एसपीवी पंजीकरण क� समािb से कम से कम तीस Jदन पहल ेफाम�-ए म9 �ािधकरण को पंजीकरण के नवीकरण के िलए आवेदन �Aतुत करेगा। तथािप, सीपीएससी-एसपीवी को नवीकरण के िलए आवेदन पंजीकरण क� समािb से न\बे Jदन पहल े�Aतुत करने क� अनुमित ह।ै 6.2 नवीकरण के िलए आवेदन फाम� के साथ सीपीएससी-एसपीवी �ारा �Aतुत Jकये जानेवाले दAतावेज नवीकरण आवेदन फाम�-ए म9 उिgलिखत हG। 6.3 पंजीकरण के नवीकरण के िलए आवेदन केवल दो हजार eपये के नवीकरण शुgक के साथ �Aतुत Jकया जाएगा। बशत_ Jक वत�मान पंजीकरण के संबंध म9 पंजीकरण के नवीकरण के िलए आवेदन �ािधकरण के पास उपयु�� 6.1 के अंतग�त िनधा��रत अविध के बाद प�चँता ह,ै तो केवल एक सौ eपये का एक अित�र� शुgक आवेदक �ारा �ािधकरण को देय होगा : परंतु आग ेयह भी शत� होगी Jक �ािधकरण आवेदक के �ारा िलिखत म9 Jदये गये पया�b कारण� के िलए पंजीकरण क� समािb क� तारीख के बाद नवीकरण के िलए �Aतुत आवेदन सीपीएससी-एसपीवी �ारा केवल सात सौ पचास eपये के अित�र� शुgक का भुगतान करने पर Aवीकार कर सकता ह।ै 6.4 �ािधकरण सीपीएससी-एसपीवी से नवीकरण के िलए आवेदन पर कार�वाई करने के िलए उपयु� समझी जानेवाली कोई अित�र� सूचना/ दAतावेज माँग सकता ह।ै 6.5 �ािधकरण, इस बात से संतुM होने पर Jक सीपीएससी-एसपीवी पंजीकरण के नवीकरण के िलए िविनYदM सभी शतl को पूरा करता ह,ै फाम�-बी म9 पंजीकरण का नवीकरण करेगा। 6.6 पंजीकरण का नवीकरण तीन वष� क� अविध के िलए वैध होगा। III.... पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 क2क2क2क2 अनुिलिपअनुिलिपअनुिलिपअनुिलिप ((((डूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेट)))) 7. 7. 7. 7. पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 क2क2क2क2 अनुिलिपअनुिलिपअनुिलिपअनुिलिप ((((डूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेट) ) ) ) जारीजारीजारीजारी करकरकरकरनानानाना———— 7.1 पंजीकरण �माणप< के खो जाने अथवा नM होने अथवा कटे-फटे होने क� िAथित म9 सीपीएससी-एसपीवी �ािधकरण को फाम�–बी1 म9 एक आवेदन एक हजार eपये के शुgक के साथ पंजीकरण �माणप< क� अनुिलिप जारी करने का अनुरोध करते �ए और पंजीकरण �माणप< के िनग�म तथा उसके खो जाने अथवा नM होने अथवा कटे-फटे होने के संबंध म9 पूरा िववरण देते �ए �Aतुत करेगा। 7.2 �ािधकरण Aवयं इस बात से संतुM होने के बाद Jक पंजीकरण �माणप< क� मूल �ित खो गई ह ैअथवा नM हो गई ह ैअथवा कटी-फटी ह,ै फाम� बी-2 म9 Jदए गए फाम_ट के अनुसार पंजीकरण �माणप< क� अनुिलिप उस पर एक पृoांकन के साथ Jक यह एक अनुिलिप (डूिpलकेट) ह,ै जारी करेगा। तथािप यह शत� होगी Jक यJद खोया �आ �माणप< पुनः �ाb Jकया जाता ह ैतो वह �ािधकरण को अqयCपत Jकया जाएगा। अ�यायअ�यायअ�यायअ�याय III बीमेबीमेबीमेबीमे क2क2क2क2 अपे�ाअपे�ाअपे�ाअपे�ा ((((सॅिलिसटेशनसॅिलिसटेशनसॅिलिसटेशनसॅिलिसटेशन)))), , , , प!रचालनप!रचालनप!रचालनप!रचालन संबंधीसंबंधीसंबंधीसंबंधी िवषयिवषयिवषयिवषय तथातथातथातथा सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी, , , , आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके काय;काय;काय;काय; 8888. . . . अपे�ाअपे�ाअपे�ाअपे�ा ((((सॉिलिसटेशनसॉिलिसटेशनसॉिलिसटेशनसॉिलिसटेशन) ) ) ) केकेकेके िलएिलएिलएिलए िनयु-िनयु-िनयु-िनयु- ,ि-ः,ि-ः,ि-ः,ि-ः 8.1 बीमा Oवसाय क� अपे@ा करने के िलए Lामीण �ािधकृत Oि� (आरएपी) और Lाम Aतरीय उUमी (वीएलई)-आईएनएस �ािधकृत हG। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5 8.2 सीपीएससी-एसपीवी अपनी ओर से िनयोिजत आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा Jकये गये भूल-चूक के सभी कायl के िलए िजrमेदार होगा। 8.3 �धान अिधकारी. Lामीण �ािधकृत Oि� (आरएपी) और वीएलई-आईएनएस के पास अनुसूची-I, भाग-III म9 िविनYदM Xप म9 #यूनतम योfयता होगी। 8.4 आरएपी और वीएलई-आईएनएस का �िश@ण, परी@ा और �माणीकरण अनुसूची-I, भाग-IV और भाग-V म9 िविनYदM Xप म9 होगा। 8.5 Lामीण �ािधकृत Oि� (आरएपी) और वीएलई-आईएनएस के िलए आचरण- संिहता अनुसूची-IV म9 िनधा��रत ह।ै 9999. . . . )ामीण)ामीण)ामीण)ामीण �ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत ,ि-,ि-,ि-,ि- ((((आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी) ) ) ) औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा ,वसाय,वसाय,वसाय,वसाय के के के के पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण कोकोकोको समथ;समथ;समथ;समथ; बनानाःबनानाःबनानाःबनानाः 9.1 सीपीएससी-एसपीवी का पोट�ल Jकसी वीएलई को आरएपी के Xप म9 सीपीएससी-एसपीवी के पोट�ल म9 बीमा Oवसाय करने के िलए केवल उ� वीएलई �ारा परी@ा उ�ीण� करने के बाद तथा परी@ा एज9सी �ारा जारी Jकये गये �माणप< को उ� सीपीएससी-एसपीवी के पोट�ल म9 अUतन करने के बाद ही समथ� बनायेगा। 9.2 इसी �कार, सीपीएससी-एसपीवी का पोट�ल वीएलई-आईएनएस को सीपीएससी-एसपीवी के पोट�ल म9 बीमा Oवसाय करने के िलए केवल लागू �िश@ण और परी@ा क� सभी अपे@ाएँ पूरी करने के बाद तथा तदनुXपी िववरण को सीपीएससी-एसपीवी पोट�ल म9 अUतन करने के बाद ही समथ� बनायेगा। 9.3 यJद आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस म9 बिहग�मन अथवा �ािधकार को वापस लेने अथवा Jकसी अ#य कारण से कोई प�रवत�न हो, तो अ#य आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस, जैसी िAथित हो, बीमा सेवा कर सकता ह।ै 10. 10. 10. 10. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके काय;ःकाय;ःकाय;ःकाय;ः सीपीएससी-एसपीवी के काय� अनुसूची-II, भाग-I म9 Jदये गये हG। 11111111. . . . आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके काय;काय;काय;काय; औरऔरऔरऔर दािय>वःदािय>वःदािय>वःदािय>वः 11.1 आरएपी और वीएलई-आईएनएस के काय� अनुसूची-II, भाग-II म9 Jदये गये हG। 11.2 आरएपी और वीएलई-आईएनएस से संबंिधत दाियNव अनुसूची-II, भाग-III म9 Jदये गये हG। 11112222. . . . सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी,,,, आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस कोकोकोको देयदेयदेयदेय पा!र?िमकःपा!र?िमकःपा!र?िमकःपा!र?िमकः 12.1 बीमाकता� �ारा सीपीएससी-एसपीवी को देय पा�रKिमक नीचे Jदये गये ि�भाजन के अनुसार होगाः क) आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा बीमा पािलिसय� (सूsम बीमा उNपाद� और सरकार �ारा �ायोिजत बीमा योजनाओँ सिहत) क� अपे@ा और �ािb करने के िलए सीपीएसवी-एसपीवी को पा�रKिमक। ख) पािलसी क� िव8य के बाद क� सेवा के िलए सेवा �भार। 12.2 आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा बीमा पािलिसय� (सूsम बीमा उNपाद� और सरकार �ारा �ायोिजत बीमा योजनाओँ सिहत) क� अपे@ा के िलए बीमाकता� �ारा सीपीएससी-एसपीवी को देय पा�रKिमक भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (बीमा एज9ट� और बीमा मFयवCतय� को कमीशन अथवा पा�रKिमक अथवा �ितफल का भुगतान) िविनयम, 2016 के अनुसार होगा। 12.3 अ#य सेवा के िलए बीमाकता� �ारा सीपीएससी-एसपीवी को देय �भार समय-समय पर बीमाकता� औऱ सीपीएससी-एसपीवी के बीच पारAप�रक तौर पर सहमित-�ाb Xप म9 ह�गे। तथािप, सीपीएससी-एसपीवी भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (बीमा एज9ट� और बीमा मFयवCतय� को कमीशन अथवा पा�रKिमक अथवा �ितफल का भुगतान) िविनयम, 2016 के अंतग�त Jकसी �ितफल के िलए पा< नहk होगा। 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 12.4 सीपीएससी-एसपीवी बीमाकता� से कोई भी पा�रKिमक अथवा �भार �ाb करने के बाद इसके 90% से अ#यून रािश का िवतरण संबंिधत आरएपी को तथा इसके 85% से अ#यून रािश का िवतरण संबंिधत वीएलई-आईएनएस को, जैसी िAथित हो, करेगा। 12.5 तथािप, यJद आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस सीपीएससी-एसपीवी को छोड़कर चला जाता ह ैऔऱ वह Jकसी अ#य आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस �ारा �ितAथािपत Jकया जाता ह,ै तो पािलिसय� के िलए नवीकरण का पा�रKिमक नये आरएपी अथवा वीएलई-आईएऩएस को देय होगा जो उन पािलिसय� क� सCवtसग क� िजrमेदारी लगेा। 12.6 सीपीएससी-एसपीवी बीमाकता� के साथ करार करेगा तथा करार म9 सीपीएससी-एसपीवी �ारा �ाb पा�रKिमक अथवा �भार� के िवतरण के �ितशत और पuित का AपM Xप से उgलेख करेगा। 12.7 सीपीएससी-एसपीवी को देय पा�रKिमक अथवा �भार� के संबंध म9 बीमाकता� �ारा खात� का िनपटान मािसक आधार पर Jकया जाएगा तथा यह सुिनिvत Jकया जाएगा Jक बकाया शेष रािशय� के संबंध म9 कोई �ित-िनपटान (8ास से�टलम9ट) नहk होगा। 13. 13. 13. 13. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी माडलमाडलमाडलमाडल केकेकेके अंतग;तअंतग;तअंतग;तअंतग;त अनुमितअनुमितअनुमितअनुमित----�ा��ा��ा��ा� उ>पादःउ>पादःउ>पादःउ>पादः 13.1 सीपीएससी मॉडल के िलए िवकिसत Jकये गये बीमा उNपाद� के िलए �कार, �J8या और शतw अनुसूची-III म9 दी गई हG। 13.2 भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2015 के अनुसार �ािधकरण �ारा अनुमोJदत सभी सीएससी उNपाद िविधमा#य ह�गे। 14. 14. 14. 14. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी औरऔरऔरऔर बीमाकता;बीमाकता;बीमाकता;बीमाकता; केकेकेके बीचबीचबीचबीच करारःकरारःकरारःकरारः बीमाकता� और सीपीएससी-एसपीवी के बीच एक करार अथवा सेवा Aतरीय करार अथवा सहमित Wापन Jकया जाएगा। उ� करार म9 िन�िलिखत को शािमल Jकया जाएगाः 14.1 िन�िलिखत के िलए काय�िविधयाँ : क) अनुमोJदत बीमा उNपाद� के िवतरण के िलए आरएपी और वीएलई-आईएनएस को समथ� अथवा असमथ� बनाने के िलए। ख) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के लेन-देन� और काय�कलाप� का पता लगाने और उनक� िनगरानी करने के िलए। ग) सीपीएससी-एसवीपी �ारा आबं�टत िविशM कूट को सिrमिलत करने के िलए। घ) संभािवत Lाहक / पािलसीधारक और नामांJकत Oि� क� आधार संxया को सिrमिलत करने के िलए, यJद उपल\ध कराई गई हो। ङ) आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा बीमाकता� को �Aताव के डेटा, दावा संबंधी डेटा और Jकसी भी अ#य सूचना क� इलेQRािनक �ित भेजने के िलए। च) बीमाकता� �ारा आरएपी और वीएलई-आईएनएस को पूरी क� गई पॉिलसी संबंधी डेटा, दावा संबंधी डेटा और Jकसी भी अ#य सूचना क� इलेQRािनक �ित भेजने के िलए। छ) बीमाकता� को बीमाकृत Oि� के दाव� से संबंिधत इलेQRािनक फाइल9 और दAतावेज भेजने के िलए। ज) बीमाकता� �ारा एक सुरि@त पuित म9 डेटा का अनुर@ण करने के िलए। झ) बीमाकता� �ारा एक सुरि@त पuित म9 डेटा को अUतन करने और �ेषण करने के िलए। 14.2 एकXपता बनाये रखने के िलए सभी बीमाकता� �ारा आरएपी और वीएलई-आईएनएस क� पैन / आधार संxया का उपयोग Jकया जा सकता ह।ै 14.3 खोज-कूट (Rैyकग कोड) बीमाकता� और सीपीएससी-एसपीवी �ारा परAपर सहमित से तय Jकया जा सकता ह।ै 14.4 सीपीएससी-एसपीवी के माFयम से िवपणन Jकये जानेवाले उNपाद� क� सूची। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7 14.5 दोन� सीपीएससी-एसपीवी Aतर पर और बीमाकता� के Aतर पर एक सश� िशकायत िनवारण �णाली Aथािपत क� जानी चािहए। बीमाकता� को चािहए Jक वे �Nयेक ितमाही म9 �ािधकरण को एक िशकायत िनवारण िवzेषण �रपोट� �Aतुत कर9। 14.6 सीपीएससी-एसपीवी और बीमाकता� पॉिलसीधारक� को आरएपी और वीएलई- आईएनएस �ारा �दान क� जानेवाली सेवा म9, पंजीकृत आरएपी और वीएलई- आईएऩएस के साथ Jकये गये करार क� समािb के बाद भी िनरंतरता को सुिनिvत करने के िलए उपयु� �णाली िवकिसत कर9गे। 14.7 सीपीएससी-एसपीवी �ारा बीमाकता� से �ाb पा�रKिमक अथवा �भार� के िवतरण क� पuित। 15. 15. 15. 15. बीमाकता;बीमाकता;बीमाकता;बीमाकता; केकेकेके दािय>वःदािय>वःदािय>वःदािय>वः बीमाकता� के दाियNव अनुसूची-V म9 िविनYदM Jकये गये हG। 16. 16. 16. 16. �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण कोकोकोको �.तुत�.तुत�.तुत�.तुत क2क2क2क2 जानेवालीजानेवालीजानेवालीजानेवाली !रपोटA!रपोटA!रपोटA!रपोटA : : : : बीमाकता� और सीपीएससी-एसपीवी यहाँ नीचे िविनYदM Xप म9 �ािधकरण को आविधक �रपोटw �Aतुत कर9गे। 16.1 सीपीएससी-एसपीवी �ािधकरण को बीमा काय�कलाप� के संबंध म9 �ािधकरण �ारा िनधा��रत ितमाही �रपोटw �Aतुत करेगा। 16.2 बीमाकता� आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम से �ाb Jकये जाने वाल ेOवसाय के संबंध म9 �ािधकरण �ारा िनधा��रत क� जानेवाली छमाही �रपोट� �Aतुत कर9गे। 17. 17. 17. 17. िनरी�णिनरी�णिनरी�णिनरी�ण करनेकरनेकरनेकरने केकेकेके िलएिलएिलएिलए �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण काकाकाका अिधकारःअिधकारःअिधकारःअिधकारः �ािधकरण सीपीएससी-एसपीवी के काय�कलाप� का पता लगाने के िलए सीपीएससी-एसपीवी अथवा सीपीएससी के प�रसर का, एवं इन िविनयम� म9 िविनYदM Jकसी भी �योजन के िलए सीपीएससी-एसपीवी, आरएपी तथा वीएलई-आईएनएस और वीएलई क� खाता-बिहय�, अिभलेख� और दAतावेज� का भी िनरी@ण करने के िलए तथा िन�िलिखत �योजन� के िलए िनरी@ण �ािधकारी के Xप म9 अपने एक अथवा उससे अिधक अिधका�रय� को िनयु� कर सकता ह;ै क) अिधिनयम, िनयम� और िविनयम� के उपबंध� का अनुपालन सुिनिvत करने के िलए; ख) आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस अथवा वीएलई अथवा सीपीएससी-एसपीवी के काय�कलाप� से संबंिधत Jकसी भी िवषय म9 Jकसी बीमाकृत Oि�, अथवा बीमाकता�, अथवा Jकसी अ#य Oि� से �ाb िशकायत� क� जाँच करने के िलए; तथा ग) बीमा Oवसाय के समुिचत िवकास के िहत म9 अथवा पॉिलसीधारक� के िहत म9 Aव�ेरणा से अपने आप आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस अथवा वीएलई अथवा सीपीएससी-एसवीपी के कायl क� जाँच करने के िलए। अअअअ�याय�याय�याय�याय IV 18. 18. 18. 18. अनुशासिनकअनुशासिनकअनुशासिनकअनुशासिनक काय;वाहीकाय;वाहीकाय;वाहीकाय;वाही केकेकेके िलिलिलिलएएएए 34यािविधः34यािविधः34यािविधः34यािविधः---- सीपीएससी-एसपीवी, आरएपी, वीएलई-आईएनएस और वीएलई �ारा बीमा अिधिनयम, बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999, िविनयम�, Jदशािनद_श�, प�रप<�, अिधसूचनाओँ के Jकसी भी उपबंध का उgलघंन Jकये जाने क� िAथित म9 �ािधकरण �ारा अनुसरण क� जानेवाली J8यािविध इन िविनयम� क� अनुसूची-VI म9 िविनYदM Xप म9 होगी। 19. 19. 19. 19. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण;;;; आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएऩएसआईएऩएसआईएऩएसआईएऩएस केकेकेके �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 काकाकाका िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन अथवाअथवाअथवाअथवा िनरसनःिनरसनःिनरसनःिनरसनः पंजीकरण का िनलंबन अथवा िनरसन इन िविनयम� क� अनुसूची-VI म9 Jदये गये Xप म9 होगी। 20. 20. 20. 20. .पCीकरण.पCीकरण.पCीकरण.पCीकरण जारीजारीजारीजारी करनेकरनेकरनेकरने केकेकेके िलएिलएिलएिलए �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण काकाकाका अिधकारःअिधकारःअिधकारःअिधकारः इन िविनयम� के Jकसी भी उपबंध को लाग ूकरने अथवा उसका अथ�िनण�य करने के संबंध म9 Jकसी भी क�ठनाई को दरू करने के िलए �ािधकरण का अFय@ समय-समय पर उपयु� AपMीकरण जारी कर सकता ह।ै 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 21. 21. 21. 21. भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((बीमाबीमाबीमाबीमा एज(ट�एज(ट�एज(ट�एज(ट� औरऔरऔरऔर बीमाबीमाबीमाबीमा म�यवDतय�म�यवDतय�म�यवDतय�म�यवDतय� कोकोकोको कमीशनकमीशनकमीशनकमीशन अथवाअथवाअथवाअथवा पा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमक अथवाअथवाअथवाअथवा �ितफल�ितफल�ितफल�ितफल काकाकाका भुगतानभुगतानभुगतानभुगतान) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 2016 , 2016 , 2016 , 2016 काकाकाका संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन –––– भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (बीमा एज9ट� और बीमा मFयवCतय� को कमीशन अथवा पा�रKिमक अथवा �ितफल का भुगतान) िविनयम, 2016 का संशोधन इन िविनयम� क� अनुसूची-VII म9 िविनYदM तरीके से Jकया जाएगा। 22. 22. 22. 22. बचतबचतबचतबचत खंडखंडखंडखंड 1. 1. 1. 1. जब तक इन िविनयम� म9 अ#यथा �ावधान नहk Jकया जाता, तब तक इन िविनयम� म9 िनिहत Jकसी भी बात के संबंध म9 यह नहk समझा जाएगा Jक उससे इन िविनयम� के �वृ� होने से पहल ेक� गई संिवदा को अमा#य ठहराया जाएगा। अनुसूिचयाँअनुसूिचयाँअनुसूिचयाँअनुसूिचयाँ औरऔरऔरऔर फाम;फाम;फाम;फाम; अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----I भागभागभागभाग----I �धान�धान�धान�धान अिधकारीअिधकारीअिधकारीअिधकारी केकेकेके िलएिलएिलएिलए योEयतायोEयतायोEयतायोEयता औरऔरऔरऔर उपयु-ताउपयु-ताउपयु-ताउपयु-ता ((((3फट3फट3फट3फट एFडएFडएFडएFड �ोपर�ोपर�ोपर�ोपर) ) ) ) मानदंडमानदंडमानदंडमानदंड ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 3.1(3.1(3.1(3.1(गगगग)))))))) 1) पंजीकरण क� अपे@ा करनेवाल ेसीपीएससी-एसपीवी के �धान अिधकारी को `योfय और उपयु� Oि�' के Xप म9 माना जाएगा यJद वह उन शतl को पूरा करता ह,ै िजनम9 िन�िलिखत शािमल हG, परंतु जो िन�िलिखत मानदंड� तक ही सीिमत नहk हG- (क) िव�ीय सNयिनoा से संबu कोई अपराध नहk Jकया ह;ै (ख) Jकसी आपरािधक दOु�वहार के िलए दोषी नहk ठहराया गया ह;ै (ग) अनुसूची-I – भाग-III म9 िनधा��रत Xप म9 आव(यक अह�ताएँ और अनुभव रखता ह;ै (घ) अनुसूची-I – भाग-IV म9 िनधा��रत Jकये अनुसार �िश@ण �ाb Jकया ह ैऔर परी@ा उ�ीण� क� ह।ै (ङ) अcछा िपछला (Rैक) �रकॉड� रखता ह;ै (च) अिधिनयम म9 िनधा��रत Xप म9 बीमा मFयवतa के Xप म9 काय� करने के िलए Jकसी अनह�ता से LAत नहk ह।ै भागभागभागभाग----II सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसवीपीएसवीपीएसवीपीएसवीपी केकेकेके िलएिलएिलएिलए पा0तापा0तापा0तापा0ता मानदंडमानदंडमानदंडमानदंड ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 2.2.2.2.4444)))) 1) वह भारत सरकार अथवा Jकसी रा)य सरकार �ारा Aथािपत Jकया जाना चािहए। 2) वह भारत सरकार के िडिजटल इंिडया काय�8म अथवा Jकसी रा)य सरकार क� इसी �कार क� योजना के अधीन होना चािहए। भागभागभागभाग----III �धान�धान�धान�धान अिधकारीअिधकारीअिधकारीअिधकारी क2क2क2क2 योEयतायोEयतायोEयतायोEयता –––– सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 8888.3).3).3).3) 1) Jकसी मा#यता�ाb िव|िवUालय से }ातक उपािध �ाb (Lजुैएट) हो। )ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) क2 योEयता (िविनयम 8)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) क2 योEयता (िविनयम 8)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) क2 योEयता (िविनयम 8)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) क2 योEयता (िविनयम 8.3).3).3).3) 1) Jकसी मा#यता�ाb बोड�/ संAथान से 10वk क@ा अथवा उसक� समक@ प�र@ा म9 उ�ीण�ता। 2) कंpयूटर अनु�योग� / प�रचालन� का #यूनतम Wान। )ाम)ाम)ाम)ाम .तरीय.तरीय.तरीय.तरीय उ/मीउ/मीउ/मीउ/मी----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस ((((वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस) ) ) ) क2क2क2क2 योEयतायोEयतायोEयतायोEयता ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 8.3)8.3)8.3)8.3) 1) जैसी Jक िब8� के#% िव8ेता (पाइ#ट आफ़ सेgसपस�न) के िलए Jदशािनद_श� के अंतग�त िविनYदM क� गई ह।ै ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9 भागभागभागभाग----IV �धान�धान�धान�धान अिधकारीअिधकारीअिधकारीअिधकारी काकाकाका �िश�ण�िश�ण�िश�ण�िश�ण, , , , परी�ापरी�ापरी�ापरी�ा औरऔरऔरऔर �माणीकरण�माणीकरण�माणीकरण�माणीकरण ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 8.4)8.4)8.4)8.4) 1) जैसा Jक Lामीण �ािधकृत Oि� के िलए लाग ूह।ै )ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) का �िश�ण, परी�ा और �माणी)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) का �िश�ण, परी�ा और �माणी)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) का �िश�ण, परी�ा और �माणी)ामीण �ािधकृत ,ि- (आरएपी) का �िश�ण, परी�ा और �माणीकरण करण करण करण (िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4) �िश�णः�िश�णः�िश�णः�िश�णः---- 1) वीएलई समय-समय पर �ािधकरण �ारा मा#यता�ाb / अनुमोJदत Jकसी संAथान से िनधा��रत पा�8म म9 बताये गये िवषय� को समािवM करते �ए कम से कम 20 घंटे का सैuांितक �िश@ण �ाb करेगा। 2) उपयु�� �िश@ण के िलए पा�8म म9 समय-समय पर �ािधकरण �ारा िनधा��रत Xप म9 बीमा के िसuांत और Oवहार, बीमा के कानूनी पहलू, एएमएल/पीएमएल और केवाईसी, साधारण बीमा और जीवन बीमा शािमल Jकये जाएँगे। परी�ापरी�ापरी�ापरी�ा औरऔरऔरऔर �माणीकरणः�माणीकरणः�माणीकरणः�माणीकरणः---- 1) आरएपी क� आनलाइन परी@ा एनआईईएलआईटी अथवा समय-समय पर �ािधकरण �ारा यथाअनुमोJदत Jकसी अ#य परी@ा एज9सी �ारा भारत भर म9 Oाb अपने के#%� म9 संचािलत क� जाएगी। 2) वीएलई को उपयु�� �िश@ण क� अविध के अंत म9 एनआईईएलआईटी (राPीय इलेQRािनक� और सूचना �ौUोिगक� संAथान) अथवा समय-समय पर �ािधकरण �ारा अनुमोJदत Jकसी अ#य परी@ा एज9सी �ारा संचािलत परी@ा उ�ीण� करनी चािहए। 3) आनलाइन परी@ा क� आविधकता �ािधकरण �ारा आव(यकता के आधार पर, संबंिधत परी@ा एज9सी के साथ परामश� करने के बाद िनधा��रत क� जाएगी। 4) परी@ा एज9सी परी@ा का प�रणाम घोिषत करेगी तथा आरएपी को एक �माणप< जारी Jकया जाएगा। 5) �िश@ण के समापन और परी@ा म9 उ�ीण�ता का �माणीकरण केवल उसी अविध के दौरान िविधमा#य होगा िजसम9 सीपीएससी के प�रचालन� का �बंध करने के िलए वीएलई को �ािधकृत Jकया जाता ह।ै यJद सीपीएससी-एसपीवी �ारा वीएलई क� सेवा को समाb अथवा िनलंिबत Jकया जाता ह ैतो उसके बाद उ� �माणप< िविधमा#य नहk होगा। भागभागभागभाग----V )ाम)ाम)ाम)ाम----.तरीय उ/मी.तरीय उ/मी.तरीय उ/मी.तरीय उ/मी----आईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलई----आईएनएस) का �िश�ण, परी�ा और �माणीकरण आईएनएस) का �िश�ण, परी�ा और �माणीकरण आईएनएस) का �िश�ण, परी�ा और �माणीकरण आईएनएस) का �िश�ण, परी�ा और �माणीकरण (िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4)(िविनयम 8.4) 1.1.1.1. जीवन बीमा जीवन बीमा जीवन बीमा जीवन बीमा –––– जैसा 3क जैसा 3क जैसा 3क जैसा 3क समय़-समय पर �ािधकरण �ारा िब8� के#% िव8ेता (पाइंट आफ़ सेgस पस�न) के िलए जारी Jकये गये Jदशािनद_श� के अंतग�त िनधा��रत Jकया गया ह।ै 2.2.2.2. साधारण बीमा, .वा.Pय बीमा सिहत साधारण बीमा, .वा.Pय बीमा सिहत साधारण बीमा, .वा.Pय बीमा सिहत साधारण बीमा, .वा.Pय बीमा सिहत –––– जैसा Jक समय-समय पर �ािधकरण �ारा िब8� के#% िव8ेता (पाइंट आफ़ सेgस पस�न) के िलए जारी Jकये गये Jदशािनद_श� के अंतग�त िनधा��रत Jकया गया ह।ै अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----II भागभागभागभाग----I सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके काय;काय;काय;काय; ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 10101010)))) क) सीपीएससी-एसपीवी, एक बीमा मFयवतa के Xप म9 �ािधकरण से वैध पंजीकरण Jकये जाने के बाद इन िविनयम� के िविनयम 14 म9 िविनYदM Xप म9 बीमाकता�ओँ के साथ करार कर सकता ह।ै 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] ख) सीपीएससी-एसपीवी अनुसूची-I म9 िविनYदM Xप म9 िनधा��रत �िश@ण और �माणीकरण �ाb करने के िलए वीएलई क� सहायता करेगा। ग) �िश@ण क� सफलतापूव�क समािb और िनधा��रत परी@ा म9 उ�ीण�ता के बाद तथा आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस को परी@ा एज9सी �ारा जारी Jकये गये �माणप< के आधार पर सीपीएससी-एसपीवी अनुमोJदत बीमा उNपाद� क� अपे@ा करने के िलए उसको �ािधकृत करते �ए आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस के साथ एक करार करेगा। घ) सीपीएससी-एसपीवी आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस के साथ Jकये गये करार म9, आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस के िलए िनधा��रत आचरण-संिहता सिहत, इन िविनयम� के अनुपालन के िलए �ािधकरण �ारा िनधा��रत Xप म9 संबंिधत शतw और खंड शािमल करेगा। ङ) सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के काय�कलाप� क� िनरंतर िनगरानी सुिनिvत करेगा तथा आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा इन िविनयम� और आचरण-संिहता के अनुपालन के िलए िजrमेदार होगा। च) सीपीएससी-एसपीवी �Nयेक बीमाकता� के साथ Jकये गये करार क� एक �ित रखेगा। भागभागभागभाग----II )ामीण)ामीण)ामीण)ामीण �ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत ,ि-,ि-,ि-,ि- ((((आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी) ) ) ) औरऔरऔरऔर )ाम)ाम)ाम)ाम----.तरीय.तरीय.तरीय.तरीय उ/मीउ/मीउ/मीउ/मी----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस ((((वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस)))) केकेकेके काय;काय;काय;काय; ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 11111111.1).1).1).1) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के बीमा संबंधी कायl म9 िन�िलिखत शािमल ह�गेः क) बीमे क� आव(यकता के आधार पर बीमा पॉिलसी का चयन करने के िलए संभािवत Lाहक� क� सहायता करना। ख) बीमा Jकये जानेवाले �Aतावक�/ Oि�य�/ जोिखम� तथा सुर@ा क� आव(यकताओँ से संबंिधत िवAतृत सूचना �ाb करना तथा उपयु� बीमा र@ा संबंधी परामश� देना। ग) बीमाकता� को आयु, आय, प�रवार / िचJकNसा से संबंिधत पूव�वृ�, कोई आ8ांत बीमारी जैसी जोिखम-अंकन संबंधी सूचना तथा जोिखम का िनधा�रण करने म9 अपेि@त Xप म9 ऐसी अ#य जानकारी उपल\ध कराना। घ) Lाहक से अनुदेश �ाb होने पर तNपरतापूव�क काय� करना और उसको िलिखत �ािb-Aवीकृितयाँ तथा �Aताव क� Aवीकृित और दाव� के िनपटान क� िAथित के संबंध म9 सूचना उपल\ध कराना। ङ) समय-समय पर यथासंशोिधत बीमा अिधिनयम, 1938 क� धारा 64वीबी का अनुपालन करते �ए �ीिमयम का भुगतान करने म9 Lाहक� क� सहायता करना। च) नामांकन, समनुदेशन और पॉिलसी संबंधी अ#य सेवाएँ काया�ि#वत करने म9 Lाहक� को परामश� देना और उनक� सहायता करना तथा िनवासीय पते म9 प�रवत�न, नामांकन म9 प�रवत�न, वाहन क� िब8� आJद जैसे प�रवत�न� के बारे म9 बीमाकता� को सूिचत करना एवं यJद अपेि@त हो तो पॉिलसी दAतावेज� को अUतन करने और उनम9 आव(यक पृoांकन (इंडास�म9ट) करवाने क� OवAथा करना। छ) दावा फाम� भरने म9 बीमाकृत Oि� क� सहायता करने के �ारा दावा िनपटान �J8या म9 सहयोग करना और उसे सुसाFय बनाना, बीमाकता� �ारा दाव� के िनपटान के िलए आव(यक मृNयु �माणप<, नामांकन, समनुदेशन, और ऐसे अ#य दAतावेज� क� �ितयाँ संगृहीत करना। ज) नवीकरण �ीिमयम के भुगतान के बारे म9 Lाहक� को सूिचत करना तथा यJद बीमाकता� उ� सेवाएँ बा� �ोत से �ाb करता हो तो बीमाकता� क� ओर से Lाहक� को पॉिलसी नवीकरण नो�टस �ेिषत करना। झ) समय-समय पर �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये एएमएल/ केवाईसी संबंधी Jदशािनद_श� का पालन करना। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11 ञ) पािलसीधारक का ई-बीमा खाता खोलने म9 सहायता करना। ट) पॉिलसी संबंधी सुचाe और �भावी सCवtसग के िलए अपेि@त अ#य सभी Lाहक केि#%त सेवाएँ �दान कeना। भागभागभागभाग----III )ामीण)ामीण)ामीण)ामीण �ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत ,ि-,ि-,ि-,ि- ((((आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी) ) ) ) औरऔरऔरऔर )ाम)ाम)ाम)ाम----.तरीय.तरीय.तरीय.तरीय उ/मीउ/मीउ/मीउ/मी----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस ((((वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस) ) ) ) केकेकेके दािय>वदािय>वदािय>वदािय>व ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 11111111.2).2).2).2) 1) सीपीएससी-एसपीवी तथा आरएपी और वीएलई-आईएनएस के बीच करार म9 िन�िलिखत िवषय शािमल ह�गेः क) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के िलए आचरण-संिहता। ख) िविनयामक उपबंध�, अनुपालन�, �कटीकरण�, Oवसाय के नैितक आचरण और समय-समय पर �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये िविशM अनुदेश� का पालन। ग) बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 के उपबंध� का पालन। 2) आरएपी और वीएलई-आईएनएस को भी उसके �ारा Jकये गये बीमा Oवसाय संबंधी लेन-देन� म9 भूल-चूक के Jकसी भी काय� के िलए िजrमेदार ठहराया जाएगा। क) बीमा Oवसाय क� अपे@ा करने और दाव� से संबंिधत सेवा उपल\ध कराने क� �J8या म9 आरएपी और वीएलई-आईएनएस केवाईसी मानदंड�, एएमएल Jदशािनद_श�, तथा िविनयम�, �कटीकरण मानदंड�, एवं इस संबंध म9 समय-समय पर �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये Jदशीिनद_श� का अनुपालन सुिनिvत कर9गे। ख) आरएपी और वीएलई-आईएनएस को सीपीएससी मॉडल को छोड़कर Jकसी अ#य Oि�, संगठन, अथवा बीमाकता� क� ओर से Jकसी भी पuित म9 अपनी Oि�गत हिैसयत से बीमे क� अपे@ा करने और बीमा Oवसाय से संबंिधत कोई भी अ#य सेवा �Aतािवत करने से वCजत Jकया गया ह।ै ग) आरएपी और वीएलई-आईएनएस बीमे से संबंिधत काय�कलाप� के अिभलेख� और �रपोटl का अनुर@ण सीपीएससी-एसपीवी के साथ Jकये गये िनयुि� करार म9 िविनYदM तरीके से कर9गे। घ) बीमाकता� और सीपीएससी-एसपीवी के बीच करार म9 िविनYदM Xप म9 पा�रKिमक अथवा �भार� को छोड़कर आरएपी और वीएलई-आईएनएस बीमाकता� से कोई भी अ#य भुगतान Aवीकार नहk कर9गे। 3) �Nयेक आरएपी और वीएलई-आईएनएस अपने माFयम से पहल े से �ाb बीमा Oवसाय को सुरि@त रखने क� दिृM से पॉिलसीधारक को उिचत सूचना देते �ए िनधा��रत समय के अंदर पॉिलसीधारक� �ारा �ीिमयम� का िव�ेषण सुिनिvत करने के िलए हर संभव �यास करेगा। अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----III आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस �ारा�ारा�ारा�ारा िव4यिव4यिव4यिव4य केकेकेके िलएिलएिलएिलए उपलQधउपलQधउपलQधउपलQध सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी मॉडलमॉडलमॉडलमॉडल केकेकेके अंतग;तअंतग;तअंतग;तअंतग;त जीवनजीवनजीवनजीवन औरऔरऔरऔर साधारणसाधारणसाधारणसाधारण बीमाबीमाबीमाबीमा उ>पाद�उ>पाद�उ>पाद�उ>पाद� केकेकेके िलएिलएिलएिलए �कार�कार�कार�कार, , , , 34यािविध34यािविध34यािविध34यािविध औरऔरऔरऔर शतAशतAशतAशतA ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 13.13.13.13.1111)))) 1.1.1.1. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलई----आईएनएस �ारा िव4य के िलए उपलQध आईएनएस �ारा िव4य के िलए उपलQध आईएनएस �ारा िव4य के िलए उपलQध आईएनएस �ारा िव4य के िलए उपलQध उ>पाद� के �कारउ>पाद� के �कारउ>पाद� के �कारउ>पाद� के �कार ---- जीवनजीवनजीवनजीवन बीमाबीमाबीमाबीमा 1) जीवन बीमाकता� आरएपी के माFयम से िन�िलिखत उNपाद� का �Aताव कर सकते हG :
12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] (i) िब8� के#% िव8ेता (पाइंट आफ़ सेgस पस�न) – जीवन बीमा �ारा िवत�रत Jकये जाने के िलए अनुमित-�ाb जीवन बीमा उNपाद। (ii) जीवन बीमाकता� के सूsम-बीमा उNपाद। (iii) जीवन बीमाकता� �ारा जोिखम-अंJकत सरकारी योजनाएँ। (iv) �ािधकरण �ारा िविशM Xप से अनुमत Jकसी अ#य �कार का उNपाद। 2) जीवन बीमाकता� वीएलई-आईएनएस के माFयम से िन�िलिखत उNपाद� का �Aताव कर सकते हG : (i) िब8� के#% िव8ेता (पीओएस) – जीवन बीमा �ारा िवत�रत Jकये जाने के िलए अनुमित-�ाb जीवन बीमा उNपाद। (ii) जीवन बीमाकता� के सूsम-बीमा उNपाद। (iii) जीवन बीमाकता� �ारा जोिखम-अंJकत सरकारी योजनाएँ। (iv) �ािधकरण �ारा िविशM Xप से अनुमत Jकसी अ#य �कार का उNपाद। 3) �Nयेक बीमाकता� के पास सीपीएससी के माFयम से िवत�रत क� जानेवाली बीमा पािलसी के िलए “पािलसी सCवtसग मैनुअल“ होगा जो बोड� अथवा बीमाकता� क� बोड� �ारा �Nयायु� जोिखम सिमित �ारा अनुमोJदत हो, तथा उसम9 िन�िलिखत िवषय शािमल ह�गेः (i) सीपीएससी �ारा उपल\ध कराई जानेवाली �Nयेक सेवा के िलए अनुसरण क� जानेवाली �J8या का िववरण। (ii) पािलसी सCवtसग पूरी करने के िलए बीमाकता� �ारा अनुसरण क� जानेवाली तदनुXपी �J8या। (iii) �Nयेक �कार क� सेवा के िलए लगनेवाला (टन�अराउंड) समय। (iv) �Nयेक �कार क� सेवा के िलए सेवा �भार। (v) पािलसी सCवtसग के िववरण म9 िन�िलिखत को शािमल Jकया जाएः क) पािलसी के मु%ण के िलए �J8या। ख) पृoांकन (इंडास�म9ट) के मु%ण के िलए �J8या। ग) �ीिमयम� के संLहण और बीमाकता� को िव�ेषण के िलए �J8या। घ) पते म9 प�रवत�न के िलए �J8या। ङ) समनुदेशन / नामांकन / नामांकन म9 प�रवत�न के िलए �J8या। च) पुनः�वत�न (�रवाइवल) के िलए �J8या। छ) आंिशक आहरण� के िलए �J8या। ज) अqयप�ण लाभ दाव� के िलए �J8या। झ) मृNयु दाव� के िलए �J8या। ञ) प�रप�ता दाव� के िलए �J8या। ट) उNपाद� के िलए िविशM होनेवाले अ#य सेवा प�रचालन� के िलए �J8याएँ। 4) �Nयेक बीमाकता� के पास पािलसी सCवtसग मैनुअल म9 िन�िलिखत दAतावेज ह�गेः ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13 क) उNपाद का नाम ख) सीपीएससी के#% म9 �यु� Jकये जानेवाले आऩलाइन ई-�Aताव फाम� क� �ित। ग) ई-पािलसी मु%ांकन (Aटांtपग) / ई-हAता@र, आJद सिहत सीपीएससी के#% म9 मुJ%त Jकये जानेवाले पािलसी दAतावेज क� �ित। घ) �यु� Jकये जानेवाले फामl क� �ितयाँ, जैसे- i. नामांकन फाम� ii. नामांकन फाम� का प�रवत�न iii. समनुदेशन फाम� iv. पुनः�वत�न (�रवाइवल) फाम� v. आंिशक आहरण फाम� vi. उ�रजीिवता लाभ फाम� / मृNय़� दावा फाम� vii. प�रप�ता पर दावा फाम� viii. पािलसी क� सCवtसग हतुे बीमाकता� �ारा अपेि@त Jकया जानेवाला कोई अ#य फाम�। 5) बीमाकता� बीिमत Oि� / पािलसीधारक क� सहमित के Xप म9 �Aताव फाम� पर आ%� (वेट) हAता@र �ाb करने के बदल े �Aताव फाम� पर बीिमत Oि� / पािलसीधारक का जीविमतीय (बायोमे�Rक) अंगूठे का िनशान और जीविमतीय आईआरआईएस Aवीकार कर9गे। 2. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलईएसपीवी के आरएपी और वीएलई----आईएनएस �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेशन) के िलए उपलQध उ>पाद� के आईएनएस �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेशन) के िलए उपलQध उ>पाद� के आईएनएस �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेशन) के िलए उपलQध उ>पाद� के आईएनएस �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेशन) के िलए उपलQध उ>पाद� के �कार �कार �कार �कार –––– साधारण बीमा, .वा.Pयसाधारण बीमा, .वा.Pयसाधारण बीमा, .वा.Pयसाधारण बीमा, .वा.Pय बीमा सिहत बीमा सिहत बीमा सिहत बीमा सिहत 1) AटGड-अलोन AवाA�य बीमाकता� सिहत साधारण बीमाकता� आरएपी के माFयम से िन�िलिखत उNपाद� का �Aताव कर सकते हG : (i) नीचे (III) के अंतग�त उिgलिखत उNपाद� को छोड़कर AवाA�य बीमा सिहत साधारण बीमा उNपाद ऐसी सीमा के साथ जो िब8� के#% िव8ेता (पीओएस) – साधारण बीमा �ारा िवत�रत Jकये जाने हतुे अनुमत उNपाद� क� सीमा से दगुुनी हो। (ii) Aट9ड-अलोन AवाA�य बीमाकता� सिहत साधारण बीमाकता� के सूsम-बीमा उNपाद। (iii) सरकारी योजना के अंतग�त AवाA�य बीमा सिहत सभी साधारण बीमा उNपाद। (iv) �ािधकरण �ारा िविशM Xप से अनुमत Jकसी अ#य �कार का उNपाद। 2) AटGड-अलोन बीमाकता� सिहत साधारण बीमाकता� वीएलई-आईएनएस के माFयम से िन�िलिखत उNपाद� का �Aताव कर सकते हG : (i) AवाA�य बीमा सिहत साधारण बीमा उNपाद जो िब8� के#% (पीओएस) िव8ेता – साधारण बीमा �ारा बेचे जाने के िलए अनुमित-�ाb हG। (ii) AटGड-अलोन AवाA�य बीमाकता� सिहत साधारण बीमाकता� के सूsम-बीमा उNपाद। (iii) सरकारी योजना के अंतग�त AवाA�य बीमा सिहत सभी साधारण बीमा उNपाद। (iv) �ािधकरण �ारा िविशM Xप से अनुमोJदत Jकया जानेवाला Jकसी अ#य �कार का उNपाद। 14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 3) �Nयेक बीमाकता� के पास सीपीएससी के माFयम से िवत�रत क� जानेवाली बीमा पािलसी के िलए “पािलसी सCवtसग मैनुअल“ होगा जो बोड� अथवा बीमाकता� क� बोड� �ारा �Nयायु� जोिखम सिमित �ारा अनुमोJदत हो, तथा उसम9 िन�िलिखत िवषय शािमल ह�गेः (i) सीपीएससी �ारा उपल\ध कराई जानेवाली �Nयेक सेवा के िलए अनुसरण क� जानेवाली �J8या का िववरण। (ii) पािलसी सCवtसग पूरी करने के िलए बीमाकता� �ारा अनुसरण क� जानेवाली तदनुXपी �J8या। (iii) �Nयेक �कार क� सेवा के िलए लगनेवाला (टन�अराउंड) समय। (iv) �Nयेक �कार क� सेवा के िलए सेवा �भार। (v) पािलसी सCवtसग के िववरण म9 िन�िलिखत को शािमल Jकया जाएः (क) पािलसी के मु%ण के िलए �J8या। (ख) पृoांकन (इंडास�म9ट) के मु%ण और िनग�म के िलए �J8या। (ग) �ीिमयम� के संLहण और बीमाकता� को िव�ेषण के िलए �J8या। (घ) दावे क� सूचना के समय सव_@क क� िनयुि� के िलए �J8या। (ङ) दावे पर कार�वाई और िनपटान क� �J8या। (च) उNपाद� के िलए िविशM होनेवाले अ#य सेवा प�रचालन� के िलए �J8याएँ। 4) �Nयेक बीमाकता� के पास पािलसी सCवtसग मैनुअल म9 िन�िलिखत दAतावेज ह�गेः क) उNपाद का नाम ख) सीपीएससी के#% म9 �यु� Jकये जानेवाले आनलाइन ई-�Aताव फाम� क� �ित। ग) ई-पािलसी मु%ांकन (Aटांtपग) / ई-हAता@र आJद सिहत सीपीएससी के#% म9 मुJ%त Jकये जानेवाले पािलसी दAतावेज क� �ित। घ) �यु� Jकये जानेवाले फामl क� �ित, जैसे- i) �Aताव फाम� ii) पािलसी दAतावेज iii) पृoांकन (इंडास�म9ट) iv) दावा फाम� v) समनुदेशन फाम� vi) पािलसी क� सCवtसग के िलए बीमाकता� �ारा अपेि@त Jकया जानेवाला कोई अ#य फाम� 3. आरएपी �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेआरएपी �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेआरएपी �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेआरएपी �ारा अपे�ा (सॅिलिसटेसन) के िलए सीपीएससी माडल के अंतग;त उपलQध जीवन और साधारण बीमा उ>पाद� के सन) के िलए सीपीएससी माडल के अंतग;त उपलQध जीवन और साधारण बीमा उ>पाद� के सन) के िलए सीपीएससी माडल के अंतग;त उपलQध जीवन और साधारण बीमा उ>पाद� के सन) के िलए सीपीएससी माडल के अंतग;त उपलQध जीवन और साधारण बीमा उ>पाद� के िलए 34यािविध और शतAिलए 34यािविध और शतAिलए 34यािविध और शतAिलए 34यािविध और शतA 1) सीपीएससी-एसपीवी करार के अनुसार बीमाकता� को िविभ� सेवाएँ उपल\ध करा सकता ह ै/ िविभ� सेवा के िलए OवAथा कर सकता ह ैजहाँ उ� सेवाएँ �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (भारतीय बीमाकता� �ारा काय�कलाप� का बा��ोतीकरण) िविनयम, 2017 के अनुपालन म9 ह�गी। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 15 2) सीपीएससी-एसपीवी को बीमाकता� क� ओर से ऐसे उNपाद� के िलए िविधमा#य पािलसी के �माण के Xप म9 सादा ए4 आकार के कागज पर पािलसी दAतावेज मुJ%त करने के िलए अनुमित दी जाएगी। 3) बीमाकता� को उ� पािलसी दAतावेज अथा�त् ई-पािलसी Jकसी भी पंजीकृत बीमा भंडार (�रपोिजटरी) के पास इलेQRािनक Xप म9 रखने के िलए �ोNसािहत Jकया जाएगा। 4) �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये सामा#य Xप से सभी संबंिधत िनयम� और िविनयम� तथा िवशेष Xप से धारा 64वीबी का सxत अनुपालन Jकया जाएगा। अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----IV I. सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी क2क2क2क2 आचरणआचरणआचरणआचरण----संिहतासंिहतासंिहतासंिहता ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 4.2)4.2)4.2)4.2) 1.1.1.1. सीपीएससी-एसपीवी Oावसाियक आचरण के मा#यता�ाb मानक� का अनुसरण करेगा तथा पॉिलसीधारक� के िहत म9 अपने काय� करेगा। 2.2.2.2. )ाहक)ाहक)ाहक)ाहक संबंधसंबंधसंबंधसंबंध सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत िवषय�िवषय�िवषय�िवषय� म(म(म(म( आचरणआचरणआचरणआचरण –––– सीपीएससी-एसपीवी आरएपी, वीएलई-आईएनएस और वीएलई के माFयम सेः ((((कककक)))) हर समय Lाहक� के साथ परम स�ावना और सNयिनoा सिहत अपना Oवहार करेगा; ((((खखखख)))) सावधानी और कम�ठता के साथ काय� करेगा; ((((गगगग)))) यह सुिनिvत करेगा Jक Lाहक सीपीएससी-एसपीवी के साथ अपने संबंध को समझते हG; ((((घघघघ)))) संभािवत Lाहक� �ारा �दान क� गई संपूण� जानकारी को अपने तक और उस/उन बीमाकता�( ) तक िजसको/िजनको Oवसाय का �Aताव Jकया जा रहा ह,ै पूण�तः गोपनीय रखेगा; ((((ङङङङ)))) अपने क\जे म9 िAथत गोपनीय दAतावेज� क� सुर@ा को बनाये रखने के िलए उपयु� कदम उठाएगा; ((((चचचच)))) यह समझेगा Jक िजस Lाहक के साथ Oवहार Jकया जा रहा ह ैवह Jकस �कार का है तथा जोिखम और बीमे के संबंध म9 Lाहक क� जागXकता Jकस सीमा तक ह;ै ((((छछछछ)))) िहत� के संघष� से बचेगा; ((((जजजज)))) `अपने Lाहक को जािनए' (केवाईसी) मानदंड� के अंतग�त अपेि@त Xप म9 आव(यक दAतावेज �ाb करेगा; 3.3.3.3. िव4यिव4यिव4यिव4य क2क2क2क2 �थाS�थाS�थाS�थाS सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत िवषय�िवषय�िवषय�िवषय� म(म(म(म( आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम सेः (क) इस बात क� पुिM करेगा Jक वह Oवसाय �ाb करने के िलए एज9ट� अथवा अनुयाचक� को िनयु� नहk करता; (ख) Aवयं क� पहचान करेगा तथा यथाशी� �Aतावाधीन उNपाद� म9 िवकgप क� मा<ा AपM करेगा; (ग) यह सुिनिvत करेगा Jक िजस �कार क� सेवा का वह �Aताव कर सकता ह ैउसे Lाहक समझता ह;ै (घ) संभािवत Lाहक क� आव(यकता के िलए उपयु� पॉिलसी का �Aताव करेगा; (ङ) केवल उ#हk िवषय� के संबंध म9 परामश� देगा िजनका वह जानकार ह ैतथा जहाँ भी आव(यक हो वहाँ अ#य िवशेषW क� सलाह माँगेगा अथवा उसक� िसफा�रश करेगा; (च) Jकसी भी बीमाकता� क� गलत अथवा अनुिचत आलोचना नहk करेगा; (छ) जहाँ भी संभव हो वहाँ यह दशा�एगा Jक कोई पॉिलसी अथवा पॉिलिसयाँ Qय� �Aतािवत हG तथा जहाँ उNपाद� का िवकgप हो वहाँ क�मत, र@ा अथवा सेवा के तौर पर तुलना उपल\ध कराएगा; (ज) हािन क� िAथित म9 अनुसरण क� जानेवाली �J8याएँ समझाएगा; (झ) Jकसी भी �कार के धन-शोधन (मनी लांड�रग) संबंधी काय�कलाप� म9 िलb नहk होगा; (ञ) यह सुिनिvत करेगा Jक सीपीएससी-एसपीवी Aवयं अथवा गुमराह करनेवाल ेकॉल� अथवा छल-कपटपूण� कॉल� के �ारा कॉल स9टर� के माFयम से Oवसाय को �ाb करने म9 िलb नहk होगा। 16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 4.4.4.4. सूचनासूचनासूचनासूचना �.तुत�.तुत�.तुत�.तुत करनेकरनेकरनेकरने सेसेसेसे संबंिधसंबंिधसंबंिधसंबंिधतततत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम सेः (क) यह सुिनिvत करेगा Jक �कटीकरण न करने और गलत िववरण देने के प�रणाम संभािवत Lाहक को बताये जाएँगे; (ख) संभािवत Lाहक को �भािवत करने से बचेगा और यह AपM करेगा Jक जो उ�र और व�O Jदये गये हG उन सभी का उ�रदाियNव संभािवत Lाहक का ह।ै Lाहक से कहगेा Jक वह दAतावेज� म9 दी गई सूचना का िववरण सावधानीपूव�क जाँच ले तथा Lाहक से अनुरोध करेगा Jक वह सही, उिचत और पूण� �कटीकरण करे जहाँ यह िव|ास हो Jक Lाहक ने ऐसा नहk Jकया ह,ै और यJद आग ेअित�र� �कटीकरण नहk Jकया जा रहा ह,ै तो वहाँ उ#ह9 आग ेऔर काय� करने से इनकार करने पर िवचार करना चािहए; (ग) Lाहक को उन सभी अनुवतa प�रवत�न� का �कटीकरण करने का महNव AपM करेगा जो पॉिलसी क� पूरी अविध के दौरान बीमे को �भािवत कर सक9 ग;े तथा (घ) अपने Lाहक क� ओर से अपनी जानकारी म9 िनिहत सभी महNवपूण� त�य �कट करेगा तथा जोिखम का एक उिचत �Aतुतीकरण करेगा। 5.5.5.5. बीमाबीमाबीमाबीमा संिवदासंिवदासंिवदासंिवदा केकेकेके .पCीकरण.पCीकरण.पCीकरण.पCीकरण सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम सेः (क) बीमा संिवदा के अंतग�त सहभािगता करनेवाल े बीमाकता�( ) क� सूची उपल\ध कराएगा तथा उसके बाद घ�टत होनेवाले कोई भी प�रवत�न सूिचत करेगा; (ख) अपने �ारा िसफा�रश क� गई पॉिलसी �ारा वहन क� गई र@ा के अNयाव(यक �ावधान AपM करेगा ताJक जहाँ तक संभव हो, संभािवत Lाहक यह समझ सके Jक Qया खरीदा जा रहा ह;ै (ग) पाँिलसी के अंतग�त लाग ूक� गई Jकसी भी वारंटी तथा पॉिलसी के अंतग�त �मुख और असाधारण �ितबंध� और अपवज�न� क� ओर Fयान आकCषत करेगा तथा यह AपM करेगा Jक संिवदा कैसे िनरAत क� जा सकती ह;ै (घ) Jकसी भी बीमा संिवदा क� शतl म9 प�रवत�न सूिचत करेगा तथा Jकसी प�रवत�न के घ�टत होने से पहले उिचत सूचना देगा। 6.6.6.6. पॉिलिसय�पॉिलिसय�पॉिलिसय�पॉिलिसय� केकेकेके नवीकरणनवीकरणनवीकरणनवीकरण सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम से यह सुिनिvत करेगा Jक उसका Lाहक बीमा समाb होने क� तारीख जानता ह।ै 7.7.7.7. )ाहक)ाहक)ाहक)ाहक �ारा�ारा�ारा�ारा दावेदावेदावेदावे सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम सेः- (क) अपने Lाहक� को, दाव� क� सूचना तNपरतापूव�क देने, सभी महNवपूण� त�य� को �कट करने तथा परवतa घटना को य़थाशी� सूिचत करने का उनका दाियNव AपM करेगा; (ख) Lाहक से सही, उिचत और पूण� �कटीकरण करने का अनुरोध करेगा जहाँ यह िव|ास हो Jक Lाहक ने ऐसा नहk Jकया ह;ै (ग) दावे से संबंिधत Jकसी भी आव(यकता क� सूचना Lाहक को तNपरतापूव�क देगा; (घ) दावे के संबंध म9 अथवा दावा उNप� करनेवाली Jकसी घटना के संबंध म9 Lाहक से �ाb सूचना बीमाकता� को अिवलंब आग े�ेिषत करेगा; (ङ) दावे के संबंध म9 बीमाकता� के िनण�य अथवा अ#यथा िAथित क� सूचना अिवलंब Lाहक को देगा; तथा Lाहक को अपने दावे का अनुसरण करने म9 हर संभव सहयोग �दान करेगा; बशत_ Jक सीपीएससी-एसपीवी ऐसी पॉिलसी संिवदा के संबंध म9 वसूली काय� Aवीकार नहk करेगा िजसक� OवAथा उसके �ारा नहk क� गई हो अथवा उसे ऐसी Jकसी पॉिलसी के संबंध म9 दावा परामश�दाता के Xप म9 काय� नहk करना चािहए िजसक� OवAथा उसके माFयम से नहk क� गई हो। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 17 8.8.8.8. िशकायत�िशकायत�िशकायत�िशकायत� क2क2क2क2 �ाि��ाि��ाि��ाि� सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी, वीएलई-आईएनएस और वीएलई के माFयम सेः- (क) यह सुिनिvत करेगा Jक अनुदेश प<�, पॉिलिसय� और नवीकरण �लेख� म9 िशकायत� पर कार�वाई करने क� �J8याओँ का िववरण िनिहत होगा; (ख) फोन अथवा िलिखत म9 �ाb िशकायत� को Aवीकार करेगा तथा उनके संबंध म9 यह सुिनिvत करेगा Jक वे शी�ाितशी� बीमाकता� को �ेिषत क� जाएँगी; (ग) यह सुिनिvत करेगा Jक �Nयु�र भेजे जाएँगे तथा िशकायतकता� को यह सूिचत करेगा Jक उ�र से असंतुM होने क� िAथित म9 वह Qया कर सकता ह।ै 9.9.9.9. �लखेीकरण�लखेीकरण�लखेीकरण�लखेीकरण सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी, वीएलई-आईएनएस और वीएलई के माFयम सेः- (क) यह सुिनिvत करेगा Jक जारी Jकये गये Jकसी भी दAतावेज के संबंध म9 समय-समय पर �चिलत सभी सांिविधक अथवा िविनयामक अपे@ा का पालन Jकया जाएगा; (ख) पॉिलसी �लेखीकरण उपल\ध कराएगा, यह सूिचत करेगा Jक �लेखीकरण को सावधानीपूव�क पढ़ िलया जाए और Lाहक �ारा रख िलया जाए; (ग) Jकसी बीमा पॉिलसी के संबंध म9 �ाb सभी धनरािशय� क� �ािb-सूचना देगा; (घ) यह सुिनिvत करेगा Jक उ�र तNपरतापूव�क भेज Jदया जाएगा अथवा समAत प<ाचार के िलए तNकाल उ�र �ाb करने के िलए अपनी ओर से सव��म �यास करेगा; 10.10.10.10. िवVापनिवVापनिवVापनिवVापन सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत िवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरण---- सीपीएससी-एसपीवी बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (बीमा िवWापन और �कटीकरण) िविनयम, 2000 और परवतa प�रप<� के संबंिधत उपबंध� के अनुXप होगा, तथाः- (क) यह सुिनिvत करेगा Jक Jदये गये व�O �ामक अथवा असंयत नहk हG; (ख) जहाँ उपयु� हो, वहाँ संिवदागत लाभ�, िज#ह9 उपल\ध कराने के िलए बीमा पॉिलसी बाFय ह,ै और असंिवदागत लाभ�, िज#ह9 उपल\ध कराया जा सकता ह,ै के बीच भेद Jदखलाएगा; (ग) यह सुिनिvत करेगा Jक िवWापन केवल एक ही बीमाकता� क� पॉिलिसय� तक सीिमत नहk ह�ग,े केवल उन िAथितय� को छोड़कर जहाँ ऐसे �ितबंध के िलए कारण उस बीमाकता� के पूव�-अनुमोदन के साथ पूण�तः AपM Jकये जाते हG; (घ) यह सुिनिvत करेगा Jक िवWापन� म9 ऐसा कुछ नहk होगा िजससे कानून का उgलंघन हो तथा ऐसा कुछ भी नहk छोड़ Jदया जाएगा जो कानूनन अपेि@त हो; (ङ) यह सुिनिvत करेगा Jक िवWापन कानून क� अवWा अथवा उसके उgलघंन को �ोNसािहत नहk करेगा अथवा उससे छूट नहk देगा; (च) यह सुिनिvत करेगा Jक िवWापन� म9 ऐसा कुछ भी नहk होगा जो संभवतः शालीनता और मया�दा के सामा#यतः �चिलत मानक� के आलोक म9 गंभीर अथवा Oापक अपराध का कारण बने अथवा िजसके कारण असामंजAय क� िAथित उNप� हो; (छ) यह सुिनिvत करेगा Jक िवWापन इस �कार न बनाये जाएँ Jक उनके कारण Lाहक� के िव|ास का दeुपयोग हो अथवा उनके अनुभव या Wान क� कमी का शोषण हो; (ज) यह सुिनिvत करेगा Jक सभी िववरण, दावे और तुलनाएँ, जो वAतुिनo Xप से जानने योfय िवषय� से संबंिधत हG, �माणीकरण के िलए स@म ह�गी। 18 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 11.11.11.11. पा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमक क2क2क2क2 �ाि��ाि��ाि��ाि� सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत िवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरणिवषय� म( आचरण---- सीपीएससी-एसपीवी आरएपी और वीएलई-आईएनएस के माFयम सेः (क) Lाहक को बीमा �ीिमयम क� सूचना िलिखत म9 देगा; (ख) यJद Jकसी Lाहक ने अनुरोध Jकया हो तो पा�रKिमक क� रािश अथवा उस Lाहक के िलए बीमा उNप� करने के प�रणामAवXप उसे �ाb होनेवाले अ#य पा�रKिमक को �कट करेगा। इसके अंतग�त ऐसा कोई भी भुगतान शािमल होगा जो बीमा संिवदा क� OवAथा के अित�र�, Lाहक क� ओर से Jकसी भी सेवा को सुिनिvत करने के फलAवXप �ाb Jकया गया हो। 12.12.12.12. �िश�ण�िश�ण�िश�ण�िश�ण सेसेसेसे संबंिधतसंबंिधतसंबंिधतसंबंिधत िवषय�िवषय�िवषय�िवषय� केकेकेके संबंधसंबंधसंबंधसंबंध म(म(म(म( आचरणआचरणआचरणआचरण---- सीपीएससी-एसपीवीः (क) यह सुिनिvत करेगा Jक उसका Aटाफ इस आचरण-संिहता �ारा उनसे �Nयािशत मानक� से अवगत हG और वे उनका पालन कर9ग;े (ख) यह सुिनिvत करेगा Jक उसका Aटाफ स@म हG, उपयु� हG तथा उ#ह9 पया�b �िश@ण Jदया गया है; (ग) यह सुिनिvत करेगा Jक उसके Aटाफ �ारा दी गई सलाह क� गुणव�ा क� िनगरानी करने के िलए एक �णाली िवUमान ह;ै (घ) यह सुिनिvत करेगा Jक आरएपी और वीएलई-आईएनएस उनके काय�कलाप� को �भािवत करनेवाल ेएज9सी के कानून सिहत िविध संबंधी अपे@ा से अवगत हG; तथा वे Oवसाय क� उ#हk Kेिणय� को सँभाल9ग ेिजनम9 वे स@म हG; (ङ) अिधिनयम क� धारा 41 क� ओर Lाहक का Fयान आकCषत करेगा, जो कमीशन म9 छूट और साझेदारी को �ितबंिधत करती ह।ै 13.13.13.13. सीपीएससी-एसपीवी यह सुिनिvत करेगा Jक �Nयेक आरएपी और वीएलई-आईएनएस �Nयेक काया�लय म9 जहाँ वह Oवसाय करता ह ैऔर जहाँ जनसाधारण के िलए प�चँ ह,ै इस आशय का एक नो�टस �दCशत करेगा Jक अनुरोध करने पर आचरण-संिहता क� �ित उपल\ध ह ै तथा यJद जनता का कोई सदAय कोई िशकायत करना चाहता ह ैअथवा Jकसी िववाद का समाधान करने म9 �ािधकरण क� सहायता क� अपे@ा करता ह ैतो वह �ािधकरण को िलख सकता ह।ै 14.14.14.14. इन िविनयम� म9 प�रभािषत Xप म9 सीपीएससी-एसपीवी अथवा आरएपी अथवा वीएलई-आईएनएस अथवा वीएलई अिधिनयम क� धारा 42 के अधीन Jकसी बीमाकता� के बीमा एज9ट के Xप म9 काय� नहk करेगा। 15.15.15.15. सीपीएससी-एसपीवी बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4), बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41), उनके अधीन बनाये गये िनयम� और िविनयम� के उपबंध� का पालन करेगा जो सीपीएससी-एसपीवी के Xप म9 उनके �ारा Jकये जानेवाले काय�कलाप� पर लाग ूह� और उनसे संबंिधत ह�। II. )ामीण)ामीण)ामीण)ामीण �ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत�ािधकृत ,ि-,ि-,ि-,ि- ((((आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी) ) ) ) और )ाम .तरीय उ/मी और )ाम .तरीय उ/मी और )ाम .तरीय उ/मी और )ाम .तरीय उ/मी –––– आईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलईआईएनएस (वीएलई----आईएनएस) क2आईएनएस) क2आईएनएस) क2आईएनएस) क2 आचरणआचरणआचरणआचरण----संिहतासंिहतासंिहतासंिहता ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 8888....5555)))) 1. �Nयेक Lामीण �ािधकृत Oि� और वीएलई-आईएनएसः 1) हर समय Lाहक� के साथ परम स�ावना और सNयिनoा के साथ अपना Oवहार करेगा; 2) उिचत सावधानी और कम�ठता के साथ काय� करेगा; 3) जैसी िAथित हो, Lामीण �ािधकृत Oि� अथवा वीएलई-आईएनएस के Xप म9 अपनी पहचान रखेगा और माँगने पर पंजीकरण �माणप< संभािवत Lाहक को �Aतुत करेगा;
¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 19 4) िव8य के िलए �Aतािवत बीमा उNपाद� के संबंध म9 अपेि@त सूचना का �सार करेगा तथा संभािवत Lाहक को Jकसी िविशM बीमा योजना क� िसफा�रश करते समय संभािवत Lाहक क� आव(यकता को Fयान म9 रखेगा; 5) संभािवत Lाहक� �ारा �दान क� गई संपूण� जानकारी को अपने तक और उस/ उन बीमाकता�( ) तक िजसको/िजनको Oवसाय का �Aताव Jकया जा रहा ह,ै पूण�तः गोपनीय रखेगा; 6) यJद संभािवत Lाहक �ारा पूछा गया हो तो िव8य के िलए �Aतािवत बीमा उNपाद के संबंध म9 पा�रKिमक के मान �कट करेगा; 7) िव8य के िलए �Aतािवत बीमा उNपाद के िलए बीमाकता� �ारा �भा�रत Jकया जानेवाला �ीिमयम िनYदM करेगा; 8) संभािवत Lाहक को बीमाकता� �ारा �Aताव फाम� म9 अपेि@त सूचना का AवXप. तथा बीमा संिवदा क� खरीद म9 महNवपूण� सूचना के �कटीकरण का महNव भी AपM करेगा; 9) बीमाकता� को �Aतुत Jकये जानेवाले �Nयेक �Aताव के साथ संभािवत Lाहक के AवाA�य क� कोई भी �ितकूल िAथित, वैयि�क आदत9, अथवा आय क� असंगित एक �रपोट� (जो "गोपनीय �रपोट�" कहलाती ह)ै के Xप म9 बीमाकता� क� जानकारी म9 लाएगा; 10) यह सुिनिvत करेगा Jक �कटीकरण न करने और गलत सूचना देने के प�रणाम संभािवत Lाहक को बताये जाएँगे; 11) बीमाकता� �ारा �Aताव क� Aवीकृित अथवा अAवीकृित के बारे म9 संभािवत Lाहक को तNपरतापूव�क सूिचत करेगा; 12) �Nयेक वैयि�क पॉिलसीधारक को नामांकन अथवा समनुदेशन अथवा पते म9 प�रवत�न अथवा िवकgप� का �योग, जैसी िAथित हो, करने के िलए परामश� देगा तथा जहाँ भी आव(यक हो वहाँ इसके िलए आव(यक सहायता �दान करेगा; 13) बीमाकता� �ारा दाव� के िनपटान के िलए अपे@ा का पालन करने म9 पॉिलसीधारक� अथवा दावेदार� अथवा लाभाCथय� को आव(यक सहायता �दान करेगा; 14) Jकसी दावे अथवा दावा उNप� करनेवाली Jकसी घटना के संबंध म9 Lाहक से �ाb कोई भी सूचना अिवलंब बीमाकता� को आग े�ेिषत करेगा; 15) दावे के संबंध म9 बीमाकता� के िनण�य अथवा अ#यथा िAथित क� सूचना Lाहक को अिवलंब देगा; तथा Lाहक को अपने दावे का अनुसरण करने म9 समAत उपयु� सहायता �दान करेगा; 16) यह सुिनिvत करेगा Jक Lाहक को पॉिलिसय� के संबंध म9 Jदये गये व�O �ामक अथवा असंयत नहk ह�ग;े 17) अिधिनयम क� धारा 64वीबी(4) का अनुपालन सुिनिvत करेगा; 18) अिधिनयम क� धारा 41 क� ओर Lाहक का Fयान आकCषत करेगा, जो कमीशन/ पा�रKिमक म9 छूट और साझेदारी को �ितबंिधत करती ह;ै 19) धन-शोधन िनवारण (एएमएल) और अपने Lाहक को जािनए (केवाईसी) संबंधी �चिलत Jदशािनद_श� का पालन सुिनिvत करेगा। 2.2.2.2. कोई भी आरएपी अथवा वीएलई–आईएनएस - 20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 1) वैध �माणप< धा�रत Jकये िबना बीमा Oवसाय क� अपे@ा अथवा �ापण नहk करेगा;
2) �Aताव फाम� म9 कोई भी महNवपूण� सूचना छोड़ने के िलए संभािवत Lाहक को �े�रत नहk करेगा;
3) �Aताव क� Aवीकृित के िलए बीमाकता� को �Aतुत Jकये गये �Aताव फाम� अथवा दAतावेज� म9 गलत सूचना �Aतुत करने के िलए संभािवत Lाहक को �े�रत नहk करेगा;
4) संभािवत Lाहक के साथ अभ% तरीके से Oवहार नहk करेगा;
5) Jकसी अ#य बीमा एज9ट अथवा अ#य बीमा मFयवCतय� �ारा �Aतुत Jकये गये Jकसी भी �Aताव म9 हAत@ेप नहk करेगा;
6) बीमाकता� �ारा �Aतािवत दर�, लाभ� और शतl को छोड़कर कोई भी अ#य �कार क� दर9, लाभ और शतw �Aतािवत नहk करेगा;
7) Jकसी बीमा संिवदा के अंतग�त लाभाथa से आगम रािश का अंश नहk माँगेगा अथवा नहk �ाb करेगा;
8) Jकसी पॉिलसीधारक को वत�मान पॉिलसी को समाb करने और उससे एक नया �Aताव उNप� करने के िलए ऐसे समापन क� तारीख से तीन वष� के अंदर िववश नहk करेगा। अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----V बीमाकता;Sबीमाकता;Sबीमाकता;Sबीमाकता;S केकेकेके दािय>वदािय>वदािय>वदािय>व ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 15)15)15)15) क) बीमाकता� इन िविनयम� के िविनयम 12 म9 िविनYदM Xप म9 पा�रKिमक अथवा �भार� को छोड़कर कोई भी शुgक अथवा पा�रKिमक, चाह ेवह Jकसी भी नाम से कहलाए, अदा नहk करेगा। ख) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के �िश@ण के िलए बीमाकता� �ारा उNपाद िविशM �िश@ण क� �J8या Aथािपत क� जानी चािहए तथा ितमाही के दौरान Jदये गये �िश@ण संबंधी डेटा बीमाकता� �ारा अनुरि@त Jकया जाना चािहए, िजसे जब भी माँगा जाए तब �ािधकरण को �Aतुत करना होगा। ग) Lाहक� के प�रवाद�/ िशकायत� का िनवारण करने के िलए उपयु� �णािलयाँ िवकिसत करेगा। घ) सरल बीमा उNपाद िवकिसत करेगा, जो आरएपी, वीएलई-आईएनएस तथा Lामीण Lाहक� और अ#य िन� आय वाले खंड� �ारा आसानी से समझे जा सक9 तथा इ#ह9 अनुमोदन के िलए �ािधकरण के पास फाइल करेगा। ङ) �द� सेवा म9 सुधार लाने तथा पॉिलसी क� शतl म9 अपेि@त प�रवत�न, यJद कोई ह�, करने के िलए उपयु� �ितसूचना (फ�डबैक) क� OवAथा िवकिसत करेगा। च) Lामीण Lाहक� के िलए िनरंतर बीमा र@ा और सCवtसग सुिनिvत करने के िलए उपयु� �णाली िवकिसत करेगा। छ) बीमाकता� आरएपी और वीएलई-आईएनएस �ारा यJद कोई चूक9 क� गई ह� तो उनका िववरण आव(यक कार�वाई के िलए सीपीएससी-एसपीवी को सूिचत कर9गे। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 21 अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----VI सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी तथातथातथातथा आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके िवWXिवWXिवWXिवWX अनुशासिनकअनुशासिनकअनुशासिनकअनुशासिनक काय;वाहीकाय;वाहीकाय;वाहीकाय;वाही तथातथातथातथा सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी तथातथातथातथा आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण केकेकेके िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन अथवाअथवाअथवाअथवा िनरसनिनरसनिनरसनिनरसन केकेकेके िलएिलएिलएिलए 34यािविध34यािविध34यािविध34यािविध ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 18 18 18 18 औरऔरऔरऔर 19)19)19)19) भागभागभागभाग I सूचनासूचनासूचनासूचना केकेकेके साथसाथसाथसाथ सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण काकाकाका िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन अथवाअथवाअथवाअथवा िनरसनिनरसनिनरसनिनरसन �ािधकरण िन�िलिखत Jकसी एक अथवा उससे अिधक कारण� से सीपीएससी-एसपीवी के पंजीकरण को िनलंिबत अथवा िनरAत कर सकता हःै (i) पंजीकरण क� अविध के दौरान Jकसी भी समय, अिधिनयम क� धारा 42डी क� उप-धारा (5) के अंतग�त िविनYदM Jकसी भी अनह�ता से LAत ह;ै (ii) अिधिनयम, बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 के उपबंध� तथा उनके अधीन बनाये गये िनयम�, िविनयम�, Jदशािनद_श�, नो�टस�, प�रप<� का उgलघंन करता ह,ै जैसे : क. �ािधकरण �ारा अपेि@त Xप म9 अपने बीमा संबंधी काय�कलाप� से संबंिधत कोई सूचना �Aतुत नहk करता; ख. गलत अथवा झूठी जानकारी �Aतुत करता ह;ै अथवा पंजीकरण �ाb करने के िलए �Aतुत आवेदन म9 महNवपूण� त�य� को िछपाता ह ैया �कट नहk करता; ग. Jकसी Lाहक अथवा Lाहक के Jकसी भी िनदेशक अथवा अ#य कम�चारी अथवा प�रचयकता� के Xप म9 काय� करनेवाल ेJकसी भी Oि� को नकद या वAतु Xप म9 छूट अथवा �लोभन देने म9 िलb ह;ै घ. इन िविनयम� म9 िविनYदM Jकये अनुसार अपने दाियNव� का िनवा�ह नहk करता; ङ. िजन शतl के अधीन पंजीकरण �दान Jकया गया ह,ै उनम9 से Jकसी शत� का पालन नहk करता; च. आरएपी के �ित सीपीएससी-एसपीवी के कत�O� और दाियNव� का पालन नहk करता; छ. बीमाकता� के �ित सीपीएससी-एसपीवी के कत�O� और दाियNव� का पालन नहk करता; (iii) छल-कपट पूण� अ�ामािणक कॉल� अथवा अपिव8य का सहारा लेता ह;ै (iv) ऐसे तरीके से काय� करता ह ैजो पॉिलसीधारक� के िहत के िवeu अथवा जनिहत के िवeu ह।ै भागभागभागभाग II सूचनासूचनासूचनासूचना केकेकेके साथसाथसाथसाथ सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके िवWXिवWXिवWXिवWX कार;वाईकार;वाईकार;वाईकार;वाई �ारंभ�ारंभ�ारंभ�ारंभ करतेकरतेकरतेकरते समयसमयसमयसमय अथवाअथवाअथवाअथवा उसकेउसकेउसकेउसके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण काकाकाका िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन यायायाया िनरसनिनरसनिनरसनिनरसन करतेकरतेकरतेकरते समयसमयसमयसमय अनुसरणअनुसरणअनुसरणअनुसरण क2क2क2क2 जानेवालीजानेवालीजानेवालीजानेवाली �34या�34या�34या�34या 1. �ािधकरण सीपीएससी-एसपीवी को उनसे यह अपे@ा करते �ए एक कारण बताओ नो�टस जारी करेगा Jक नो�टस क� �ािb क� तारीख से 21 Jदन के अंदर वे कारण दशा�एँ Jक सीपीएससी-एसपीवी को �दान Jकया गया पंजीकरण उ� कारण बताओ नो�टस म9 बताये गये उgलंघन� के िलए Qय� नहk िनलंिबत अथवा िनरAत Jकया जाना चािहए अथवा �ािधकरण �ारा उपयु� समझी जानेवाली कोई अ#य कार�वाई Qय� नहk क� जानी चािहए। 22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 2. सीपीएससी-एसपीवी �ािधकरण �ारा जारी Jकये गये कारण बताओ नो�टस के िलए अपना उ�र उ� नो�टस म9 िनधा��रत समय-सीमा के अंदर �Aतुत करेगा। 3. उ� उ�र, यJद कोई हो, पर िवचार करने के बाद �ािधकरण सीपीएससी-एसपीवी को �दान Jकये गये पंजीकरण के िनलंबन अथवा िनरसन का िनदेश देते �ए एक आदेश पा�रत कर सकता ह ैअथवा मामल ेके त�य� के आधार पर उपयु� समझे गये Xप म9 कोई अ#य आदेश जारी करेगा। 4. �ािधकरण उ� िनण�य क� सूचना सीपीएससी-एसपीवी को ऐसा िनण�य लेने क� तारीख से तीस Jदन के अंदर देगा िजसम9 वे कारण बताये जाएँगे िजनके आधार पर उ� िनण�य िलया गया हो। 5. सीपीएससी-एसपीवी, �ािधकरण के िनण�य से असंतुM होने पर एक अपील �ितभूित अपील #यायािधकरण (एसएटी) को ऐसी अपील के िलए िनधा��रत �J8या के अनुसार �Aतुत कर सकता ह।ै 6. यJद �ितभूित अपील #यायािधकरण (एसएटी) उपयु�� खंड (5) के अंतग�त Jकये गये आवेदन पर िवचार करने के बाद अपील को अAवीकार करता ह,ै तो आवेदक पंजीकरण �दान करने के िलए नया आवेदन अंितम Xप से अAवीकृित क� तारीख से एक वष� के बाद ही �Aतुत कर सकता ह।ै �ािधकरण ऐसे आवेदन पर गुण-दोष के आधार पर िवचार कर सकता ह।ै भागभागभागभाग III सूचनासूचनासूचनासूचना केकेकेके िबनािबनािबनािबना सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण काकाकाका िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन सीपीएससी-एसपीवी का पंजीकरण सूचना के िबना िनलंिबत Jकया जा सकता ह,ै बशत_ Jक �ािधकरण ने िलिखत Xप म9 इसके िलए कारण सूिचत कर Jदये ह� : (i) यJद वह धोखाधड़ी का दोषी पाया जाता ह,ै अथवा आपरािधक दोष के िलए दोषी ठहराया जाता ह;ै (ii) ऐसी चूक9 करता ह ैिजसके िलए �ािधकरण क� राय म9 तNकाल कार�वाई अपेि@त ह।ै इस भाग के अंतग�त पंजीकरण के िनलंबन के बाद सीपीएससी-एसपीवी के िवeu कार�वाई �ारंभ करते समय अनुसरण क� जानेवाली �J8या उपयु�� भाग II के खंड� म9 िविनYदM Xप म9 होगी। भागभागभागभाग IV सूचनासूचनासूचनासूचना केकेकेके साथसाथसाथसाथ आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 काकाकाका िनरसनिनरसनिनरसनिनरसन अथवाअथवाअथवाअथवा िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन (i) आरएपी और वीएलई-आईएनएस का �माणप< उिचत सूचना देने के बाद और अपनी बात कहने के िलए उसको एक उिचत अवसर देने के बाद िनरAत अथवा िनलंिबत Jकया जा सकता ह,ै यJद आरएपी और वीएलई-आईएनएस कदाचार का दोषी पाया जाता ह ैअथवा उसका आचरण इन िविनयम� म9 िविनYदM Xप म9 आचरण-संिहता के अनुसार नहk ह,ै अथवा वह इन िविनयम� के अंतग�त िविनYदM Xप म9 अपने दाियNव� का िनवा�ह नहk करता। (ii) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के िवeu कार�वाई �ारंभ करते समय अनुसरण क� जानेवाली �J8या उपयु�� भाग II म9 िविनYदM Jकये अनुसार होगी जैसी Jक सीपीएससी-एसपीवी के िलए लाग ूह।ै (iii) ऊपर िनXिपत �J8या सीपीएससी-एसपीवी �ारा लाग ूक� जाएगी जो तदपुरांत िनण�य लनेे के िलए �ािधकरण को एक �रपोट� �Aतुत करेगा। ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 23 भागभागभागभाग V सूचनासूचनासूचनासूचना केकेकेके िबनािबनािबनािबना आरएपीआरएपीआरएपीआरएपी औरऔरऔरऔर वीएलईवीएलईवीएलईवीएलई----आईएनएसआईएनएसआईएनएसआईएनएस केकेकेके �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 काकाकाका िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन (i) आरएपी और वीएलई-आईएनएस का �माणप< सूचना Jदये िबना िनलंिबत Jकया जा सकता ह,ै यJद वह धोखाधड़ी का दोषी पाया जाता ह ैअथवा आपरािधक दोष के िलए दोषी िसu कर Jदया जाता ह,ै अथवा ऐसी चूक9 करता है िजसके िलए �ािधकरण क� राय म9 तNकाल कार�वाई अपेि@त ह,ै बशत_ Jक �ािधकरण ने इसके िलए कारण िलिखत Xप म9 सूिचत कर Jदये ह�। (ii) आरएपी और वीएलई-आईएनएस के िवeu पंजीकरण के िनलंबन के बाद कार�वाई �ारंभ करते समय अनुसरण क� जानेवाली �J8या सीपीएससी-एसपीवी के िलए लाग ूXप म9 उपयु�� भाग II म9 िविनYदM ह।ै (iii) ऊपर िनXिपत �J8या सीपीएससी-एसपीवी �ारा लाग ू क� जाएगी जो तदपुरांत िनण�य लेने के िलए �ािधकरण को एक �रपोट� �Aतुत करेगा। भागभागभागभाग VI सीपीएससीसीपीएससीसीपीएससीसीपीएससी----एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी केकेकेके पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण केकेकेके िनलबंनिनलबंनिनलबंनिनलबंन अथवाअथवाअथवाअथवा िनरसनिनरसनिनरसनिनरसन काकाकाका �भाव�भाव�भाव�भाव (i) सीपीएससी-एसपीवी, िजसका पंजीकरण �ािधकरण �ारा िनलंिबत अथवा िनरAत Jकया गया ह,ै इन िविनयम� के अंतग�त सूचना क� �ािb क� तारीख को और उस तारीख से एक मFयवतa के Xप म9 काय� करना समाb करेगा तथा बीमा Oवसाय क� अपे@ा करना बंद करेगा। (ii) सीपीएससी-एसपीवी के पंजीकरण के िनलंबन अथवा िनरसन क� तारीख को और उस तारीख से उ� सीपीएससी-एसपीवी: क) इस �कार के वज�न अथवा िनलंबन क� अविध के दौरान बीमा Oवसाय से संबंिधत कोई भी नया काय� अथवा संिवदा नहk करेगा अथवा बीमा Oवसाय क� अपे@ा नहk करेगा अथवा उसे �ाb नहk करेगा; ख) Jक#हk भी अिभलेख� अथवा दAतावेज� तथा पॉिलसीधारक� क� पॉिलिसय� अथवा धनरािश से संबंिधत कार�वाई सिहत �ािधकरण के िनदेश� तथा इन िविनयम� के संबंिधत उपबंध� के अनुसार ऐसी अ#य कार�वाई करेगा; ग) इस �कार िनरAत Jकया गया पंजीकरण �माणप< �ािधकरण को लौटा देगा तथा िजस काय� के िलए इस �कार का पंजीकरण �दान Jकया गया था वह काय� संप� करने के िलए पंजीकरण के धारक के Xप म9 Aवयं को �Aतुत नहk करेगा; घ) अपने �ारा Oय क� गई अथवा Aवीकृत देयता के संबंध म9 �ावधान करेगा; ङ) ऐसे Oि� क� अिभर@ा अथवा िनयं<ण म9 रखे जाने वाले Jक#हk भी अिभलेख� अथवा दAतावेज� तथा पॉिलसीधारक� क� पॉिलिसय� क� पुनः�ािb अथवा अिभLहण से संबंिधत कार�वाई सिहत ऐसी अ#य कार�वाई संबंिधत िविनयम� के अंतग�त अपेि@त Xप म9 अथवा इस अनुसूची के अधीन अथवा अ#य �कार से आदेश पा�रत करते समय �ािधकरण �ारा Jदये जानेवाले िनदेश के अनुसार िनधा��रत समय-सीमा के अंदर और िनधा��रत तरीके से करेगा; च) इन िविनयम� म9 िविनYदM Xप म9 कार�वाई करेगा। 24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] अनुसूचीअनुसूचीअनुसूचीअनुसूची----VII ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 21)21)21)21) भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((बीमाबीमाबीमाबीमा एज(ट�एज(ट�एज(ट�एज(ट� औरऔरऔरऔर बीमाबीमाबीमाबीमा म�यवDतय�म�यवDतय�म�यवDतय�म�यवDतय� कोकोकोको कमीशनकमीशनकमीशनकमीशन अथवाअथवाअथवाअथवा पा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमकपा!र?िमक अथवाअथवाअथवाअथवा �ितफल�ितफल�ितफल�ितफल काकाकाका भुगतानभुगतानभुगतानभुगतान) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 2016 , 2016 , 2016 , 2016 म(म(म(म( संशोधनसंशोधनसंशोधनसंशोधन 1.1.1.1. िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 2222 ---- प!रप!रप!रप!रभाषाएँभाषाएँभाषाएँभाषाएँ घ) “बीमा मFयवतa” बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 क� धारा 2(1)(एफ) म9 प�रभािषत Xप म9 ह ैतथा इस िविनयम के �योजन के िलए इसम9 िन�िलिखत शािमल ह ै– जोड़(जोड़(जोड़(जोड़( ““““4. 4. 4. 4. बीमाबीमाबीमाबीमा िवपणनिवपणनिवपणनिवपणन फम;फम;फम;फम;”””” केकेकेके बादबादबादबाद ““““4444कककक. . . . सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के के के के –––– एसपीवीएसपीवीएसपीवीएसपीवी”””” 2.2.2.2. िविनयम 4 िविनयम 4 िविनयम 4 िविनयम 4 –––– �योZयता�योZयता�योZयता�योZयता i. श\द “भारतीय़ बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य सेवा के#% �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2015 और” हटाये जाएँगे। भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 201, 201, 201, 2019 9 9 9 केकेकेके अधीनअधीनअधीनअधीन फाम;फाम;फाम;फाम;----एएएए पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण / / / / पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण काकाकाका नवीकरणनवीकरणनवीकरणनवीकरण �दान�दान�दान�दान करनेकरनेकरनेकरने केकेकेके िलएिलएिलएिलए आवेदनआवेदनआवेदनआवेदन ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 3.1(3.1(3.1(3.1(कककक), 6.1 ), 6.1 ), 6.1 ), 6.1 औरऔरऔरऔर 6.2)6.2)6.2)6.2) आवेदक का नाम : …………………………………………………………………………………………. संपक� के िलए पता : ………………………………………………………………………………………….. ………………………………………………………………………………………….. ………………………………………………………………………………………….. …………………………………………………………………………………………. ………………………………………………………………………………………….. टेलीफोन सं. : ………………………………………………………………………………………….. मोबाइल सं. : …………………………………………………………………………………………… फैQस सं. : ………………………………………………………………………………………….. ई-मेल : ………………………………………………………………………………………….. ………………………………………………………………………………………… फाम;फाम;फाम;फाम; भरनेभरनेभरनेभरने केकेकेके िलएिलएिलएिलए अनुदेशअनुदेशअनुदेशअनुदेश :::: यह महNवपूण� ह ै Jक इस आवेदन फाम� को भरने से पहल े�ािधकरण �ारा जारी Jकये गये िविनयम� का सावधानीपूव�क अFययन Jकया जाए । यह आव(यक ह ैJक आवेदक �ािधकरण को िविधवत् भरा गया आवेदन फाम� सभी उपयु�, समथ�क दAतावेज� के साथ �Aतुत करे । पंजीकरण के िलए आवेदन पर केवल तभी िवचार Jकया जाएगा जब वह हर �कार से पूण� हो । आवेदक� को चािहए Jक वे आवेदन� पर Aवयं हAता@र कर9 । जो सूचना अिधक िववरण के साथ देने क� आव(यकता हो, वह अलग प<क� पर दी जाए िज#ह9 आवेदन फाम� के साथ संल� करना चािहए । ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 25
1.1.1.1. आवेदकआवेदकआवेदकआवेदक काकाकाका िववरणिववरणिववरणिववरण 1.1 आवेदक का नामः 1.2 पता – Oवसाय का �धान Aथान/पंजीकृत काया�लय : िपन कोड: ई-मेल: टेलीफोन सं.: फैQस सं.: मोबाइल सं.: **(यJद कोई शाखा काया�लय ह� तो उनके पत� क� सूची संल� कर9) �धान अिधकारी का नाम और पदनाम : 2222 संगठनसंगठनसंगठनसंगठन –––– संरचनासंरचनासंरचनासंरचना आवेदक क� िAथित : (िलिमटेड कंपनी – िनजी/सरकारी, अ#य। यJद सूचीबu ह,ै तो शेयर बाजार� के नाम Jदये जाएँ) कंपनी का नाम िAथित िनगमन क� तारीख (Jदन/माह/वष�) िनगमन का Aथान शेयर बाजार� के नाम जहाँ सूचीबu ह ै 3.3.3.3. ,वसाय,वसाय,वसाय,वसाय संबंधीसंबंधीसंबंधीसंबंधी सूचनासूचनासूचनासूचना 3.1 िजन काय�कलाप� के िलए पंजीकरण क� अपे@ा क� गई ह,ै उनक� अनुमािनत मा<ा और आय के साथ (�Nयािशत सिहत) Oवसाय क� तीन वषaय योजना के दAतावेज का िवशेष Xप से उgलेख Jकया जाना चािहए तथा इस आवेदन के साथ संल� Jकया जाना चािहए । 3.2 काया�Nमक दाियNव� को अलग से दशा�नेवाला संगठन चाट� संल� Jकया जाना चािहए। 3.3 �मुख �बंध काCमक� का िववरण नाम पदनाम/िAथित योfयता अनुभव िनयुि� क� तारीख काया�Nमक @े< 3.4 आवेदक �ारा �दान क� जानेवाली सेवा� के व�प से संबंिधत समझी जानेवाली कोई अ�य सूचना। 26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] 4444.... िव[ीयिव[ीयिव[ीयिव[ीय सूचनासूचनासूचनासूचना पँूजी-िव#यास (लाख eपये) 8म सं. पँूजी संरचना पूव�वतa वष� (X – 2) पूव�वतa वष� (X – 1) पूव�वतa वष� (X) (क) �ािधकृत पँूजी और िनग�त पँूजी (ख) चुकता पँूजी (ग) िनब�ध �ारि@त िनिधयाँ (पुनमू�gयन �ारि@त िनिधय� को छोड़कर) (घ) कुल (ख) + (ग) !ट7पणीः!ट7पणीः!ट7पणीः!ट7पणीः तीन वषl के लेखा-परीि@त वाCषक खाते संल� कर9। यJद #यूनतम पँूजीगत आव(यकता िपछल ेलेखा-परीि@त वाCषक खात� के बाद पूरी क� गई हो, तो Jकसी अगली तारीख को समाb अविध के िलए लेखा-परीि@त लेखा-िववरण भी �Aतुत Jकया जाना चािहए। 5555.... अ�यअ�यअ�यअ�य सचूनासचूनासचूनासचूना, , , , य�दय�दय�दय�द कोईकोईकोईकोई होहोहोहो 5.1 सभी िनपटाये गये और लंिबत िववाद� का िववरण** (अलग प<क संल� कर9 और नीचे दशा�ये गये फाम_ट म9 पूरी जानकारी द9) िववाद का AवXप प@कार का नाम लंिबत/िनपटाया गया **यJद आव(यक हो तो प<क (शीट) संल� कर9 5.2 िपछल ेतीन वषl म9 यJद आवेदक अथवा Jकसी भी िनदेशक अथवा �बंधन के �मुख काCमक �ारा कोई आCथक अपराध Jकये गये ह� तो उनका \यौरा। के िलए और उनक� ओर से ------------------------------------------- ----------------------------------------- �धान अिधकारी सीईओ / �बंध िनदेशक (आवेदक के हAता@र और नाम) (आवेदक के हAता@र और नाम) (AपM अ@र� म9) (AपM अ@र� म9) Aथानः Jदनांकः ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 27 भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ)))) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 201, 201, 201, 2019 9 9 9 केकेकेके अधीनअधीनअधीनअधीन फाम;फाम;फाम;फाम;----बीबीबीबी पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 4444....1 1 1 1 औरऔरऔरऔर 6.6.6.6.5)5)5)5) बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क� धारा 42डी क� उप-धारा (1) �ारा �द� शि�य� का �योग करते �ए �ािधकरण इसके �ारा मैमैमैमैसस;सस;सस;सस; ………………………………………………………………………………………….………………………………………………………………………………………….………………………………………………………………………………………….…………………………………………………………………………………………. को भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य लोक सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2019 के अधीन सीपीएससी माडल के अंतग�त Lामीण �ािधकृत Oि�य़� (आरएपी) और Lाम Aतरीय उUिमय�-आईएनएस (वीएलई-आईएनएस) के माFयम से बीमा उNपाद� का िवपणन करने के िलए �ािधकृत मFयवतa के Xप म9 काय� करने के िलए पंजीकरण �दान करता ह।ै �द� पंजीकरण कूट िन�िलिखत हःै ……………………………………………………………………………………… 1. यह पंजीकरण �माणप< ……………………… से ………………………… तक िविधमा#य होगा । यह पंजीकरण �माणप< अिधिनयम, बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) एवं भारतीय़ बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 201, 201, 201, 2019999 के अधीन ह।ै 2. तथा इसके संबंध म9 यह नहk समझा जाएगा Jक यह Jकसी अ#य अिधिनयम, िनयम� अथवा िविनयम� के अनुसार अथवा उनके अनुXप ह ै। Aथान : आदेशानुसार Jदनांक : ………………………………. भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण के िलए और उनक� ओर से 28 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकािवकािवकािवकासससस �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ) ) ) ) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 2019 , 2019 , 2019 , 2019 केकेकेके अधीनअधीनअधीनअधीन फाम;फाम;फाम;फाम; –––– बीबीबीबी1111 ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 7.1)7.1)7.1)7.1) पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 क2क2क2क2 अनुिलिपअनुिलिपअनुिलिपअनुिलिप ((((डूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेट) ) ) ) केकेकेके िलएिलएिलएिलए आवेदनआवेदनआवेदनआवेदन 1.1.1.1. हम, _______________________________________________ आपको सूिचत करते हG Jक हमारा पंजीकरण �माणप< सं. _________________ 1. खो गया ह ै2. नM Jकया गया ह ै3. कटा-फटा ह ैिजसके िलए कारण िन�िलिखत हG _________________________________________________________________________________________________________________________________________ 2. शुgक का भुगतानः 1000/- eपये का वापस न करने योfय शुgक भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण को अदा Jकया जाएगा भुगतान का िववरणः माँग �ा�ट (डीडी) सं.: _______________Jदनांकः__________बGक का नामः ___________________________________ भुगतान क� अ#य िविधयाँ : 3. घोषणाघोषणाघोषणाघोषणा हम िविनयम 7 के अधीन इसके �ारा पंजीकरण �माणप< क� अनुिलिप (डूिpलकेट) के िलए आवेदन �Aतुत करते हG। अतः हम �ािधकरण से अनुरोध करते हG Jक कृपया ऊपर AपM क� गई प�रिAथितय� के आलोक म9 पंजीकरण �माणप< क� एक अनुिलिप जारी कर9। हम _______________________________ सNयिनoापूव�क घोषणा करते हG और पुिM करते हG Jक ऊपर Jदया गया िववरण हमारी अिधकतम जानकारी और िव|ास के अनुसार सही ह।ै िनदेशक 1 के हAता@र िनदेशक 2 के हAता@र Jदनांकः _____________ ¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 29 भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण भारतीयभारतीयभारतीयभारतीय बीमाबीमाबीमाबीमा िविनयामकिविनयामकिविनयामकिविनयामक औरऔरऔरऔर िवकासिवकासिवकासिवकास �ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण�ािधकरण ((((सामा यसामा यसामा यसामा य लोकलोकलोकलोक सेवासेवासेवासेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँसेवाएँसेवाएँसेवाएँ)))) िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम, 201, 201, 201, 2019 9 9 9 केकेकेके अधीनअधीनअधीनअधीन फाम;फाम;फाम;फाम;----बीबीबीबी2222 ((((िविनयमिविनयमिविनयमिविनयम 7.2)7.2)7.2)7.2) पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण �माणप0�माणप0�माणप0�माणप0 क2क2क2क2 अनुिलिपअनुिलिपअनुिलिपअनुिलिप ((((डूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेटडूि7लकेट) ) ) ) पंजीकरणपंजीकरणपंजीकरणपंजीकरण संसंसंसं....:::: 1. बीमा अिधिनयम, 1938 (1938 का 4) क� धारा 42डी क� उप-धारा (7) �ारा �द� शि�य� का �योग करते �ए �ािधकरण इसके �ारा खोये �ए/नM Jकये गये/कटे-फटे पंजीकरण �माणप< को �ितAथािपत करने के िलए मेसस;मेसस;मेसस;मेसस; ………………………………………………………………………………………….………………………………………………………………………………………….………………………………………………………………………………………….…………………………………………………………………………………………. को भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा#य लोक सेवा के#%� �ारा बीमा सेवाएँ) िविनयम, 2019 के अधीन सीपीएससी माडल के अंतग�त Lामीण �ािधकृत Oि�य़� (आरएपी) और Lाम Aतरीय उUिमय�-आईएनएस (वीएलई-आईएनएस) के माFयम से बीमा उNपाद� का िवपणन करने के िलए �ािधकृत मFयवतa के Xप म9 काय� करने के िलए पंजीकरण �माणप< क� एक अनुिलिप (डूिpलकेट) �दान करता ह।ै �द� पंजीकरण कूट िन�िलिखत हःै ………………………………………………………………………………………………………………………. 2.2.2.2. यह पंजीकरण �माणप< ……………………… से ………………………… तक िविधमा#य होगा । 3.3.3.3. यह पंजीकरण �माणप< अिधिनयम, बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण अिधिनयम, 1999 (1999 का 41) एवं भारतीय़ बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण (सामा यसामा यसामा यसामा य लोक सेवालोक सेवालोक सेवालोक सेवा के �के �के �के � �ारा�ारा�ारा�ारा बीमाबीमाबीमाबीमा सेवाएँ) िविनयमसेवाएँ) िविनयमसेवाएँ) िविनयमसेवाएँ) िविनयम, , , , 2012012012019999 के अधीन ह।ै 4.4.4.4. तथा इसके संबंध म9 यह नहk समझा जाएगा Jक यह Jकसी अ#य अिधिनयम, िनयम� अथवा िविनयम� के अनुसार अथवा उनके अनुXप ह ै। Aथान : आदेशानुसार Jदनांक : ………………………………. भारतीय बीमा िविनयामक और िवकास �ािधकरण के िलए और उनक� ओर से डॉ. सुभाष सी. खंु�टआ, अFय@ [िवWापन. III/4/असा./169/19] 30 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4] INSURANCE REGULATORY AND DEVELOPMENT AUTHORITY OF INDIA NOTIFICATION Hyderabad, the 30th July, 2019 Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Public Service Centers) Regulations, 2019 F.No. IRDAI/Reg/12/163/2019.—In exercise of the powers conferred by clauses (s), (t), (u), (v) and (vb) of sub-section 2 of section 114A read with Section 42D and 42E of the Insurance Act, 1938 (4 of 1938) and read with section 2(1)(f), 14 and 26 of the Insurance Regulatory and Development Authority Act, 1999 (41 of 1999), the Authority, in consultation with the Insurance Advisory Committee, hereby makes the following regulations, namely: - Objective: The objective of the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Public Service Centers) Regulations, 2019 is to regulate insurance related services offered by CPSC-SPV that are incorporated by Central and State governments.
1. Short Title and commencement:
1.1 These Regulations may be called the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Public Service Centers) Regulations, 2019.
1.2 These Regulations shall supersede the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Service Centres) Regulations, 2015.
1.3 These Regulations shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.
CHAPTER I Preliminary
2. Definitions: In this regulations, unless the context otherwise requires, -
2.1 “Act” means the Insurance Act, 1938 (4 of 1938) as amended from time to time.
2.2 “Authority” means the Insurance Regulatory and Development Authority of India established under the provisions of Section 3 of the Insurance Regulatory and Development Authority Act, 1999 (41 of 1999).
2.3 “CPSC"(Common Public Service Centre) for the purpose of these Regulations means the "Common Service Centre" established under Digital India Programme of Government of India and implemented by M/s CSC e-Governance Services India Limited and includes similar centers established by the Special Purpose Vehicle of respective State Governments.
2.4 “CPSC-SPV” means i) M/s CSC e-Governance Services India Limited, the Special Purpose Vehicle (SPV) set up by Government of India for implementing the CSC scheme, ii) the Special Purpose Vehicle of respective State Government incorporated to facilitate delivery of government, private and social sector services to citizens of India through the Common Service Centers (CSCs) network or its equivalent, and approved by the Authority under these Regulations, and who for remuneration arranges insurance contracts for specific products approved by the Authority with insurers on behalf of its clients and offers other insurance related services through CSC Network.
Explanation: CPSC-SPV shall be an “insurance intermediary” for the purposes of Section 2(1) (f) of the Insurance Regulatory and Development Authority Act, 1999.
2.5 “Examination Agency" means any agency approved by the Authority for the purpose of holding examinations for the Principal Officer and the Rural Authorized Persons (RAPs) of the CPSC-SPV and includes National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT), an autonomous scientific society of Department of Electronics and Information Technology, Government of India.
2.6 “Principal Officer of CPSC-SPV” means a person under the employment of CPSC-SPV and nominated by the CPSC-SPV to function as the Principal Officer of CPSC-SPV.
2.7 “Rural Authorized Person" (RAP) is an individual Village Level Entrepreneur (VLE) and has successfully completed training, examination and certification by the examination agency, as specified in Part IV of Schedule I.
2.8 "Solicitation" for the purpose of these Regulations means the approach to a prospect by a RAP or VLE- Ins with a view to enabling the prospect to purchase an insurance policy and includes providing assistance in case the prospect decides to purchase an insurance policy.
¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 31
2.9 “Village Level Entrepreneur" (VLE) is an individual registered and authorized by the CPSC-SPV to operate the Common Public Service Centre, who is in-charge of running the daily operations of the CPSC.
2.10 “Village Level Entrepreneur-Ins" (VLE-Ins) is an individual VLE and has successfully completed training and examination, as specified in Part - V of Schedule I.
2.11 Words and expressions used and not defined in these Regulations but defined in the Insurance Act, 1938 (4 of 1938), as amended from time to time, the Insurance Regulatory and Development Authority Act, 1999 or in any of the Regulations and Guidelines made there under shall have the meanings respectively assigned to them in those Acts or Regulations or Guidelines.
CHAPTER II Registration of CPSC-SPV I. Certificate of Registration
3. Application for grant of Certificate of Registration:
3.1 The Applicant, CPSC-SPV, desiring to obtain a Registration to act as an insurance intermediary shall follow the following procedure: -
(a) Submit an application to the Authority in the Form - A as specified in these Regulations.
(b) Remit non-refundable application fees of ten thousand rupees along with the application for grant of registration.
(c) Submit all the necessary documents as mentioned in the application Form - A along with a form from Principal Officer satisfying the fit & proper criteria specified in Schedule-I (Part-I).
3.2 An application, that is not complete in all respects and/or not conforming to the instructions specified in application form and/or not complying with the requirements and/or directions of the Authority, may be rejected.
Provided that, before rejecting any such application, the CPSC-SPV shall be given a reasonable opportunity to complete the application in all respects and rectify the errors, if any.
4. Grant of Registration to the CPSC-SPV:
4.1 The Authority on being satisfied that the applicant fulfills all the conditions specified for the grant of registration, shall grant a registration in Form - B and send intimation thereof to the CPSC-SPV.
4.2 The registration shall be issued subject to the CPSC-SPV adhering to the conditions and code of conduct as specified in Schedule-IV.
4.3 A registration granted to the CSC-SPV under the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Service Centres) Regulations, 2015 shall be valid till its expiry and the CSC-SPV shall thereafter apply for renewal of registration as per Regulation 6 below.
5. Period of Validity of Registration of the CPSC-SPV:
5.1 The registration issued under these Regulations shall be valid for a period of three years from the date of its issue.
5.2 CPSC-SPV shall not be allowed to function as such after the expiry of registration unless it is renewed by the Authority.
5.3 In case the registration of the CPSC-SPV is not renewed or suspended or cancelled, the policyholders shall be serviced by the respective insurers.
II. Renewal of Certificate of Registration
6. Procedure for the Renewal of Registration of CPSC-SPV
6.1 CPSC-SPV shall submit the application for renewal of registration to the Authority in Form - A at least thirty days before the expiry of the registration. However, the CPSC-SPV is permitted to apply for renewal ninety days before the expiry of the registration.
6.2 The documents to be submitted by the CPSC-SPV along with the renewal application form are mentioned in the renewal Application Form - A.
6.3 The application for renewal of registration shall be submitted along with a renewal fee of two thousand rupees only.
32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4]
Provided that, if the application for renewal of the registration reaches the Authority later than prescribed period under 6.1 above, of the current registration, an additional fee of Rupees one hundred only shall be payable by the applicant to the Authority.
Provided further that the Authority may, for sufficient reasons offered in writing by the applicant, accept an application for renewal submitted after the date of the expiry of the registration on payment of an additional fee of seven hundred fifty rupees only by the CPSC-SPV.
6.4 The Authority may call for any additional information / documents as deemed fit for processing the renewal application, from the CPSC-SPV.
6.5 The Authority, on being satisfied that the CPSC-SPV fulfills all the conditions specified for renewal of the registration, shall renew the registration in Form - B.
6.6 The renewal of Registration shall be valid for a period of three years.
III.Duplicate Certificate of Registration
7. Issue of a duplicate certificate of registration —
7.1 In the event of a certificate of registration being lost or destroyed or mutilated, CPSC-SPV shall submit to the Authority an application in the format given in Form - B1 along with a fee of one thousand rupees requesting for the issue of a duplicate certificate of registration and with a declaration giving full details regarding the issue of the certificate of registration and its loss or destruction or mutilation.
7.2 The Authority, after satisfying itself that the original certificate of registration has been lost, destroyed or mutilated, shall issue a duplicate certificate of registration as per format given in Form - B2 with an endorsement thereon that it is a duplicate. Provided however that if the lost certificate is retrieved, it shall be surrendered to the Authority.
CHAPTER III Insurance Solicitation, Operational Issues and Functions of CPSC-SPV, RAP and VLE-Ins
8. Persons engaged for solicitation:
8.1 RAP and VLE-Ins are authorized to solicit insurance business.
8.2 CPSC-SPV shall be responsible for all acts of commission and omission of the RAPs and VLEs-Ins deployed on their behalf.
8.3 Principal Officer, Rural Authorized Person (RAP) and VLE-Ins shall possess minimum qualification as specified in Schedule-I, Part-III.
8.4 The Training, examination and certification of RAP and VLE-Ins shall be as specified in Schedule-I, Part-IV & Part-V.
8.5 Code of Conduct for RAP and VLE-Ins is stipulated in Schedule-IV.
9. Enabling Registration of Insurance Business by RAP and VLE-Ins:
9.1 The CPSC-SPV's Portal shall enable any VLE to transact insurance business in the CPSC-SPV's Portal as a RAP only after the VLE passes the examination and the certificate issued by examination agency is updated in the CPSC-SPV's Portal.
9.2 Like-wise the CPSC-SPV’s portal shall enable a VLE-Ins to transact insurance business in the CPSC- SPV’s portal only after fulfilling all the training and examination requirements applicable and corresponding details are updated in the CPSC-SPV’s Portal.
9.3 In case there is a change in RAP or VLE-Ins due to exit or withdrawal of authorization or for any reasons, another RAP or VLE-Ins may carry out insurance servicing, as the case may be.
10. Functions of CPSC-SPV: The functions of CPSC-SPV are given in Schedule-II, Part-I.
11. Functions and Obligations of RAP and VLE-Ins:
11.1 The functions of RAP and VLE-Ins are given in Schedule-II, Part-II.
11.2 Obligations pertaining to RAP and VLE-Ins are given in Schedule-II, Part-III.
12. Remuneration payable to CPSC-SPV, RAP and VLE-Ins:
12.1 The remuneration payable to the CPSC-SPV by the insurer shall be as per the bifurcation given below:
¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 33 a) Remuneration to the CPSC-SPV towards solicitation and procuring insurance policies (including Micro-insurance products and Government sponsored insurance schemes) by the RAP and VLE-Ins.
b) Service charges for post-sale service of the policy.
12.2 The remuneration payable to CPSC-SPV by the Insurer, for solicitation of insurance policies (including Micro-insurance products and Government sponsored insurance schemes) by the RAP and VLE-Ins shall be as per Insurance Regulatory and Development Authority of India (Payment of commission or remuneration or reward to insurance agents and insurance intermediaries) Regulations, 2016.
12.3 The charges payable to the CPSC-SPV by the insurer, for other services shall be as mutually agreed between the insurer and CPSC-SPV from time to time. However, the CPSC-SPV shall not be entitled to any rewards under the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Payment of commission or remuneration or reward to insurance agents and insurance intermediaries) Regulations, 2016.
12.4 CPSC-SPV, on receipt of any remuneration or charges from the insurer, shall distribute not less than 90% of the same to the respective RAP and not less than 85% of the same to the respective VLE-Ins, as the case may be.
12.5 However, if the RAP or VLE-Ins exits the CPSC-SPV and is replaced by another RAP or VLE-Ins, the renewal remuneration for the policies shall be payable to the new RAP or VLE-Ins who takes over the responsibility of servicing those policies.
12.6 CPSC-SPV shall enter into an agreement with the insurers and mention clearly in the agreement the percentages and method of distribution of the remuneration or charges received by CPSC-SPV.
12.7 The settlement of accounts by insurers in respect of remuneration or charges payable to CPSC-SPV shall be done on a monthly basis and it shall ensure that there is no cross settlement of outstanding balances.
13. Products allowed under CPSC Model:
13.1 The types, procedure and conditions for insurance products developed for CPSC Model are given in Schedule-III.
13.2 All CSC products approved by the Authority as per the Insurance Regulatory and Development Authority of India (Insurance Services by Common Service Centres) Regulations, 2015 shall be valid.
14. Agreement between CPSC-SPV and the Insurer: An Agreement or a Service Level Agreement or Memorandum of Understanding shall be entered between the insurers and CPSC-SPV. The agreement shall cover the following:
14.1 Procedures for:
a) enabling or disabling the RAP and VLE-Ins for the delivery of the approved insurance products.
b) tracking and monitoring the transactions and activities of the RAP and VLE-Ins;
c) incorporating the Unique code allotted by CPSC-SPV.
d) incorporating the Aadhaar number of the prospect / policyholder and nominee, if made available.
e) sending the electronic copy of the proposal data, claims data and any other information by the RAP and VLE-Ins to the Insurer.
f) sending electronic copy of the completed policy data, claims data and any other information by the Insurer to the RAP and VLE-Ins.
g) sending electronic files and documents relating to claims of the insured to Insurer.
h) maintenance of data in a secure mode by the Insurer.
i) updation and transmission of data in a secure mode by the Insurer.
14.2 The PAN / Aadhaar number of RAP and VLE-Ins may be used by all insurers to maintain uniformity.
14.3 Tracking code may be agreed mutually by insurers and CPSC-SPV.
14.4 List of Products to be marketed through the CPSC-SPV.
14.5 A robust grievance redressal system should be set in at both the CPSC-SPV level and the insurer level. The insurers should submit a Complaint Redressal Analysis report to the Authority every quarter.
34 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART III—SEC. 4]
14.6 The CPSC-SPV and the Insurers shall develop suitable system to ensure continuity in the services rendered by RAP and VLE-Ins to policyholders, even after the termination of agreement with registered RAP and VLE- Ins.
14.7 The method of distribution of remuneration or charges received from the insurer by the CPSC-SPV.
15. Obligations of Insurer: Obligations of Insurer are specified given in Schedule-V.
16. Reports to be submitted to the Authority: The Insurer and the CPSC-SPV shall submit periodical reports to the Authority as specified hereunder.
16.1. CPSC-SPV shall furnish to the Authority Quarterly reports as may be stipulated by the Authority on Insurance activities.
16.2. Insurers shall furnish to the Authority half yearly report as may be stipulated by the Authority on business procured through RAPs and VLEs-Ins.
17. Power of Authority to inspect: The Authority may appoint one or more of its officers as inspecting authority to undertake inspection of the premises of the CPSC-SPV or CPSCs to ascertain the activities of CPSC-SPV, and also to inspect the books of accounts, records and documents of the CPSC-SPV, RAP and VLE-Ins and VLE for any of the purposes specified in these regulations; and a) to ensure the compliance of provisions of the Act, Rules and Regulations;
b) to investigate the complaints received from any insured, or insurer, or any other person on any matter having a bearing on the activities of the RAP or VLE-Ins or VLE or CPSC-SPV; and c) to investigate the affairs of the RAP or VLE-Ins or VLE or CPSC-SPV suo moto in the interest of proper development of insurance business or in the policy holders' interest.
CHAPTER IV
18. Procedure for disciplinary proceeding: The procedure to be followed by the Authority in the event of CPSC-SPV, RAP, VLE-Ins and VLE violating any of the provisions of the Act, Insurance Regulatory and Development Authority Act, 1999, Regulations, Guidelines, Circulars, Notifications shall be as specified in Schedule-VI of these Regulations.
19. Suspension or Cancellation of Registration of CPSC-SPV; Certificate of RAP and VLE-Ins: Suspension or cancellation of registration shall be as given in Schedule-VI of these Regulations.
20. Power of the Authority to issue clarifications: In order to remove any difficulties in respect of the application or interpretation of any of the provisions of these Regulations, the Chairperson of the Authority may issue appropriate clarifications from time to time.
21. Amendment of Insurance Regulatory and Development Authority of India (Payment of commission or remuneration or reward to insurance agents and insurance intermediaries) Regulations, 2016 – The Insurance Regulatory and Development Authority of India (Payment of commission or remuneration or reward to insurance agents and insurance intermediaries) Regulations, 2016 shall be amended in the manner specified in Schedule-VII of these Regulations.
22. Savings clause
1. Unless otherwise provided by these regulations, nothing in these regulations shall deem to invalidate the contracts entered into prior to these regulations coming into force.
Schedules & Forms
SCHEDULE-I Part-I Fit & Proper Criteria of Principal Officer (Regulation 3.1 (c)) 1) The Principal Officer of the CPSC-SPV seeking registration shall be considered as a ‘fit and proper person’, if he fulfills the conditions, including, but not limited to the following criteria–
(a) Has not committed an offence involving financial integrity;
(b) Has not been convicted for any criminal offence;
(c) Has requisite qualifications and experience as stipulated in Schedule – I, Part-III;
(d) Has undergone training and passed the exam as stipulated in Schedule – I, Part-IV;
¹Hkkx IIIµ[k.M 4º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 35
(e) Has good track record; and
(f) absence of any disqualification to act as an insurance intermediary as stipulated in the Act.
PART-II Eligibility criteria for CPSC-SPV (Regulation 2.4) 1) It should be established by the Government of India or a State Government.
2) It should be under Digital India Programme of Government of India or under similar plan of a State Government.
PART-III Qualification of Principal Officer – CPSC-SPV (Regulation 8.3) 1) Is a Graduate from a recognized University.
Qualification of Rural Authorized Person (RAP) (Regulation 8.3) 1) Pass in 10th Class or equivalent examination from a recognized Board/ Institution.
2) Minimum knowledge of Computer applications / operations.
Qualification of Village Level Entrepreneur-Ins (VLE-Ins) (Regulation 8.3) 1) Same as those stipulated under the Guidelines for Point of Salesperson
PART-IV Training, Examination and Certification of Principal Officer (Regulation 8.4) 1) Same as that of Rural Authorized Person.
Training, Examination and Certification of Rural Authorized Person (RAP) (Regulation 8.4) Training: - 1) The VLE shall undergo at least 20 hours theoretical training covering the topics stated in the stipulated Syllabus from an institution recognized / approved by the Authority from time to time.
2) The syllabus for the above training shall cover Principles and Practice of Insurance, Legal aspects of Insurance, AML/PML & KYC, General Insurance and Life Insurance, as stipulated by the Authority from time to time.
Examination and Certification: - 1) The online examination of RAP shall be conducted by NIELIT or any other examination agency as approved by the Authority from time to time in their centres spread across India.
2) The VLE should pass an examination, at the end of the period of training mentioned above, conducted by the NIELIT (National Institute of E