भाग एक : खण् ड बारह 1मध् य ूदेश कां ठ िचरान (िविनयमन) अिधिनयम, 1984 मध् य ूदेश अिधिनयम बमांक 13, वषर् 1984 िदनांक 11 अूैल, 1984 को महामिहत राष्टर्पित जी की अनमुित ूाप् त तथा मध् य ूदेश शासन, िविध और िवधायी कायर् िवभाग की अिधसूचना ब. 8762/इक् कसी/अ.(ूा.) िद. 11 अूलै, 1984 द्वारा राजपऽ में ूकािशत (पषृ्ठ 1155-1173) वनों तथा पयार्वरण सरंक्षण की दृिष्ट से आरा िमलों 2(........) की ः थापना ओर उनके ूचालन का तथा काष्ट िचरान के व् यापार का लोकिहत में िविनयमन करने के िलये उपलब् ध करने हेत ुअिधिनयम। भारत गणतन् ऽ के पैंतीसवें वषर् में मध् यूदेश िवधान मण् डल द्वारा िनम् निलिखत रूप में यह अिधिनयम हो। धारा 1. संिक्षप् त नाम िवः तार - (1) इस अिधिनयम का सिंक्षप् त नाम ''मध् यूदेश कां ठ िचरान (िविनयमन) अिधिनयम, 1984 हैं।''
(2) इसका िवः तार पूरे मध् यूदेश पर है। धारा 2. पिरभाषाएँ - इस अिधिनयम में, जब तक सन् दभर् से अन् यथा अपेिक्षत न हो :
1(क) ''िनयत िदन'' से अिभूेत है 15 िदसम् बर, 1983 िजसको िक मध् यूदेश कां ट िचरान (िविनयमन) अध् यादेश 1983 (11 वषर् 1983) सम् पूणर् म. ू. राज् य में ूवतृ्त हुआ। (ख) ''अनुज्ञिप्त'' से अिभूेत है, इस अिधिनयम के अधीन मन् जूर की गई अनु ज्ञिप्त। (ग) 'अनुज्ञिप्तधारी' से अिभूेत है, ऐसा कोई व् यिक्त, िजसे इस अिधिनयम के अधीन अनजु्ञिप्त मन् जूर की गई है। (घ) ''अनुज्ञापन अिधकारी'', से अिभूेत है धारा (3) के अधीन िनयिुक्त िकया गया अनजु्ञापन अिधकारी। (ङ) ''अिधसूिचत आदेश'' से अिभूेत है राजपऽ में अिधसूिचत िकया आदेश। ____________________________________________________________________________________________
1. कां ठ िचरान (िविनयमन) सशंोधन अध् यादेश (17 वषर् 1984) की धारा 3 से ूितः थािपत। अध् यादेश का ः थान म. ू. अिधिनयम ब. 13 (वषर् 1984) ने िलया। (च) ''आरा-िमल'' से अिभूेत है ऐसे संयऽं और मशीनरी िजससे, और ऐसा पिरसर िजसके अन् तगर्त उसकी ूसीमाएँ भी जाती हैं िजसमें या िजसके िकसी भाग में कां ठ की िचराई िवद्युत या यांिऽक शिक्त के सहायता से की जाती हैं, िकन् त ुइसमें वमार् (िसल), टिनर्ंग मशीन, रंूदा (प् लेनर), छोटा आरा मशीन (िजग सा मशीन) तथा बोिडंग टूल् स सिम्मिलत नहीं हैं।'' 1(छ) (िवलोिपत)। (ज) ''िचरान'' से उसके व् याक रिणक रूप भेदों तथा सजातीय पदों सिहत, अिभूेत है या तो िवद्युत या यािन्ऽक शिक्त की सहायता से यािन्ऽक ूिबया द्वारा या हः तचािलत, आरों से कां ठ की िचराई करन,े कटाई करने, उसे रूपान् तिरत करने, उसे गढ़ने या उसका संशोषण (Seasoning) करन ेकी सिंबया और उसके अन् तगर्त उसका पिररिक्षत (Preservation) और उसे सािधत (Treatment) िकया जाना आता है। 1(ज-ज) ''लकड़ी-टाल'' से अिभूेत है िकसी आरा-िमल की ः थापना के िलए राज् य सरकार द्वारा लकड़ी-टाल के रूप में अिधसिूचत िकया गया कोई िविनिदर्ं ट ः थान,'' (झ) ''यान'' (Vehicle) के अन् तगर्त शक, शैक् टर-शाली, मोटर-यान, नाव तथा छकड़ा (Cart) आते हैं। (ञ) ''कां ठ'' के अन् तगर्त वकृ्ष आते हैं जबिक वे िगर गये हों, िगराये गये हों और िकसी भी ूजाित का समः त कां ठ, चाहे वह िकसी भी ूयोजन के िलय ेकाटा गया, रूपा न् तिरत िकया गया, गढ़ा गया, चीरा गया या खोखला िकया गया हो या न िकया गया हो। (ट) उन शब् दों तथा अिभव् यिक्तयों के, जो इस अिधिनयम में ूयुक् त हैं, िकन् त ुपिरभािषत नहीं है और जो भातीय वन अिधिनयम, 1927 (1927 का 16) में पिरभािषत हैं, तो वे ही अथर् होंगे जो उस अिधिनयम में उसके िलए िदये गये हैं। धारा 3. अनुज्ञापन अिधकारी की िनयुिक्त - राज् य शासन- (क) खण् ड वन पदािधकारी की पद ौणेी से अिनम् न पद ौणेी के िकसी अिधकारी को इस िनयम को ूयोजन के िलए अनजु्ञापन अिधकारी के रूप में िनयुक् त कर सकेगी। (ख) उस ः थानीय सामाओं को पिरिनिँ चत कर सकेगी िजनके भीतर कोई अनुज्ञापन अिधकारी उन शिक्तयों का ूयोग तथा उन कतर्व् यों का पालन करेगा जो इस अिधिनयम द्वारा या उसके अधीन अनुज्ञापन अिधकारी को ूदत् त की गई है तथा उस पर अिधरोिपत िकये गये हैं। धारा 4. अनुज्ञिप्त के िलये आवेदन - िनयत िदन से- (क) कोई भी व् यिक्त िकसी आरा िमल 1(........) की ः थापना इस अिधिनयम के अधीन उस िनिमत् त मन् जरू की गई अनजु्ञिप्त के ूािधकार के अधीन तथा उसकी शतोर्ं के अधीन रहते हुए ही करेगा अन् यथा नहीं। ''परन् तु राज् य सरकार ऐसी कालाविध अिधसूिचत कर कसेगी िजसके दौरान िकसी नई आरा- िमल की ः थापा के िलए कोई अनजु्ञिप्त मजंरू नहीं की जाएगी'' (ख) कोई भी व् यिक्त िकसी ऐसे आरा िमल 1(........), जो उक् त तारीख के अिःतत् व में हो तब तक नहीं चलायेगा, जब तक िक ऐसे व् यिक्त को, उसके द्वारा ऐसी तारीख से तीस िदन के भीतर, िकये गये आवेदन पर, इस अिधिनयम के अधीन उस िनिमत् त अनमुित मजूंर न कर दी गई हो :
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1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 (ब. 13 वषर् 2003) द्वारा िवलोिपत। एवं 5/2011 िद. 11.1.2011 परन् त ुतीस िदन की कलाविध तक, तथा उसके पँ चात ् उतनी काला विध के दौरान, िजसमें आवेदन िवचाराथर् लिम्बत रहता है, यह समझा जायेगा मानो िक ऐसे व् यिक्त को इस अिधिनयम के अधीन अनुज्ञिप्त मंजरू कर दी गई थी और वह तद्नसुार आरा िमल 1(........) को चला रहा था। धारा 5. ूितिषद्ध के्षऽ की घोषणा - (1) राज् य सरकार अिधसूना द्वारा, उन कारणों से, जो उस अिधसचूना में िविनिदर्ं ट िकये जावेंगे, िकसी के्षऽ को, एक बार में तीन वषर् से अ निधक ऐसी कालाविध के िलए जो उसमें िविनिदर्ं ट की जावे, ूितिषद्ध के्षऽ (Prohibited Area) घोिषत कर सकेगी।
(2) उन कालाविध के दौरान, िजसके िलए िकसी के्षऽ को उपधारा (1) के अधीन ूितिषद्ध के्षऽ घोिषत िकया गया है िनम् निलिखत पिरणाम होंगे, अथार्त ् - (क) उस के्षऽ में कोई आरा िमल 1(........) ः थािपत करने के िलये अनजु्ञिप्त मजूंर नहीं की जावेगी। (ख) उस कालाविध के दौरान कोई अनजु्ञिप्त नवीनीकृत (Renewed) नहीं की जावेगी। (ग) उस के्षऽ में िःथत आरा िमल 1(........), चलना बन् द हो जायेगी और वह िचरान की संिबयाए ँ(Sawing Operations) बन् द रखगेा;
िकन् त ुअनजु्ञापन अिधकारी, आरा िमल या आरा गड्ढे में जमा कां ठ की िचराई की जाने की अनुज्ञा ऐसी शतोर्ं एवं िनबन् धों के अधीन, दे सकेगा, िजन् हें अिधरोिपत करना वह ठीक समझे। (घ) बन् द रहने के कारण हुई नुकसानी के मदे्द कोइर् दावा न तो महण िकया जायेगा न ही कोई नकुसानी संदेय होगी। ''5-क. लकड़ी-टाल की घोषणा -
(1) राज् य सरकार, अिधसचूना द्वारा, ऐसी तारीख स ेतथा उन कारणों से, उस अिधसचूना में िविनिदर्ं ट िकए जाएं, िकसी के्षऽ को लकड़ी-टाल के रूप में घोिषत कर सकेगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन लकड़ी-टाल की घोषणा की तारीख स ेिकसी नई आरा-िमल के िलए ऐसी दरूी के भीतर जैसी िक िविहत की जाए कोई भी अनजु्ञिप्त तब तक मजंूर नहीं की जाएगी जब तक िक लकड़ी-टाल के भीतर आरा-िमल का ः थािपत िकया जाना ूः तािवत नहीं हो जाता है।
(3) उपधारा (1) के अधीन लकड़ी-टाल की घोषणा की तारीख के पूवर् मजंरू की गई अनजु्ञिपत उपधारा
(2) के अधीन िविहत की गई दरूी के भीतर तब ही नवीकृत की जाएगी यिद अनजु्ञिप्तधारी नवीकरण की तारीख से दो वषर् की कालाविध के भीतर आरा-िमल को लकड़ी-टाल में ले जाने का वचन देता है'' धारा 6. अनुज्ञिप्त की मन् जरूी, उसका नवीनीकरण, ूितसंहरण या िनलम् बन -
(1) धारा 4 के अधीन अनजु्ञिप्त के िलए आवेदन ऐसे ूारूप में होगा और उसके साथ ऐसी आवेदन फीस तथा अनजु्ञिप्त की शतोर्ं के सम्यक् अनुपालन के िलए ऐसा ूितभूत िनके्षप ूः तुत करेगा जैस िविहत िकया जाये। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 (ब. 13 वषर् 2003) द्वारा सशंोिधत/िवलोिपत।
(2) उपधारा (1) के अधीन आवेदन ूाप् त होने पर अनुज्ञापन अिधकारी, ऐसी जाँच करन ेके पँ चात ् जैसी वह ठीक समझे- (एक) अनजु्ञिप्त मजंूर कर सकेगा। (दो) िलिखत आदेश द्वारा, उन कारणों से, जो उस आदेश में संिक्षप् त में किथत िकय ेजावेंगे, अनुज्ञिप्त मंजरू करने से इंकार करेगा;
परन् तु अनजु्ञिप्त मंजरू करेन से इंकार करने वाला कोई आदेश तब तक पािरत नहीं िकया जायेगा जब तक िक आवेदक को सनुवाई का अवसर न दे िदया गया हो।
(3) उपधारा (2) के अधीन मजंरू की गई अनुज्ञिप्त, इस अिधिनयम के उपबन् धों तथा ऐसी शतोर्ं के, जो िविहत की जावें, अध् यधीन होगी।
(4) इस धारा के उपबन् ध, अनुज्ञिप्त के नवीनीकरण को, उसी ूकार लाग ूहोंगे िजस ूकार अनुज्ञिप्त के मंजरू िकये जाने या अनुज्ञिप्त मंजरू करन ेसे इन् कार करने के िलए लाग ूहोते हैं।
(5) यिद अनजु्ञापन अिधकारी का, या तो उसे इस िनिमत् त िकय ेगये िनदेर्श पर से या अन् यथा या समाधान हो जाता है िक- अिधसचूना - अिध. ब. एफ 30.4.2002-दस-3 िदनांक 22.7.2009 म.ू. शासन कां ठ िचरान (िविनयमन) अिधिनयम 1984 (ब. 13 वषर् 1984) की धारा 5 की उपधारा
(1) के द्वारा ूदत् त शिक्तयों को ूयोग में लाते हुए, तथा इस िवभाग की अधसचूना ब. एफ 30.4.2002-दस-3 िदनांक 8 अगः त, 2006 को जो म.ू. राज् य पऽ में िदनांक 18.8.2006 को ूकािशत हुई के तारतम् य में राज् य सरकार, एतद् द्वारा, लोकिहत तथा वन पयार्वरण को सरंिक्षत करन े तथा उनकी सरुक्षा करने की दृिष्ट से नगरपािलका िनगम, नगर पंचायत तथा िवशेष के्षऽ िवकास ूािधकरण के्षऽ को छोड़कर आरिक्षत या सरंिक्षत वन की सीमाओ ंके बाहर 20 िकलोमीटर के भीतर के के्षऽों को 8 अगः त, 2009 से 3 वषर् की कालाविध के िलए, उक् त अिधिनयम के ूयोजन के िलए ूितिषद्ध के्षऽ घोिषत करता है। परन् तु माननीय सवोर्च् च न् यायालय द्वार गिठत आिधकार द्वारा मुक् त िकये के्षऽ - (1) बालाघाट िजले के िकरनापरु, िहरीर्, लांजी, खेरलांजी दल् हापुर, लालबरार्, मानपुर, अमला िझरी तथा को सभी और ऐसे समः त के्षऽ िजन् हें केन् िीय सािधकार सिमित न ेमुक् त िकया है या ऐसी आरा मशीनें िजन् हें केन् िीय सािधकार सिमित ने उनके िनरन् तर ूचालन के िलए अनजु्ञात िकया है, उक् त घोषणा िकये गय े ूितिषद्ध के्षऽ से मुक् त रहेंगे। अिध.ब. म.ू. राजपऽ भाग 1 िदनांक 31.7.09 पषृ्ठ 1893 पर ूकािशत। (क) अनुज्ञिप्त आरा िमल 1(........) पर अपन ेिनयन् ऽण से सम् पूणर्: या भागत: अलग हो गया है, या यह िक उसने ऐसी आरा िमल 1(........) को चलाया या उस पर ः वािमत् व रखना अन् यथा बन् द कर िदया है, या (ख) अनुज्ञिप्तदारी ने, यिुक्तयुिक्त हेतु िबना, अनुज्ञिप्त की शतोर्ं में से िकसी शतर् का या अनुज्ञापन अिधकारी द्वारा िविधपूवर्क िदये गये िकसी िनदेर्श का अनुपालन नहीं िकया है, या इस अिधिनयम के, या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों में से िकसी उपबन् ध का उल् लंघन िकया है, या ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 द्वारा िवलोिपत। (ग) अनुज्ञिप्तधारी के आरा िमल 1(........) के पिरसर में ऐसा कां ठ रखा है िजसके सम् बन् ध में वह समाधानूद रूप से लेखा-जोखा नहीं दे सकता है और पिरणामः वरूप जो धारा 9 के अधीन अिधहृत िकये जाने के दाियत् वाधीन है, तो िकसी ऐसी अन् य शािःत के िलए िजसके िलए अनजु्ञिप्तधारी इस अिधिनयम के अधीन उत् तदायी हो सकता है ूितकूल ूभाव डाले िबना, अनजु्ञापन अिधकारी हेतकु दशार्ने का अवसर अनजु्ञिप्तधारी को देने के पँ चात ् अनुज्ञिप्त ूितसंहृत (Revoke) या िनलिम्बत (Suspend) कर सकेगा, और वह धनरािश, यिद कोई हो, जो उन शतोर्ं के िजनके अध् यधीन अनुज्ञिप्त मंजरू की गई है, सम् यक् पालन के िलए ूितभूत के रूप में जमा की गई है, उसको अथवा उसके िकसी भाग को समपहृत (Forfeit) कर सकेगा।
(6) उपधारा (5) के अधीन जारी िकये गये ूत् येक आदेश की एक ूित अनजु्ञिप्तधारी को दी जायेगी। धारा 7. ूवेश, िनरीक्षण, तलाशी, अिभमहण आिद की शिक्त - (1) िकसी आरा िमल 1(........) की िःथित का अिभिनँ चयन (Ascertaining) करने या उसके संचालन की परीक्षा कायर् करने के ूयोजन से, या इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों का अनुपालन सिुनिश्चत करने की दृिष्ट से, अनुज्ञापन अिधकारी या कोई ऐसा अन् य व् यिक्त, जो अनजु्ञापन अिधकारी द्वारा इस िनिमत् त ूािधकृत िकया गया हो- (क) िकसी आरा िमल 1(........) में ूवेश कर सकेगा और उसका िनरीक्षण कर सकेगा। (ख) िकन् ही दः तावेजों, बिहयों, रिजः टरों, या अिभलेखों को, जो िकसी आरा िमल 1(........) पर िनयन् ऽण रखने वाले, िकसी व् यिक्त के अथवा, उसके सम् बन् ध में िनयोिजत िकसी के कब् जे या अिधकार में है, परीक्षा कर सकेगा और इस ूयोजन के िलए उन् हें पेश िकये जाने का आदेश दे सकेगा। (ग) िकसी व् यिक्त की तलाशी ले सकेगा, या इस अिधिनयम के तथा उसके बनाये गये िनयमों के उपबन् धेां के उल् लंघन में उपयोग में लाये गये या उपयोग में लाये जाने के आशियत, िकसी पिरसर, यान, मशीन, औजारों और उपः करों की तलाशी ले सकेगा और उस ूयोजन के िलये िकसी यान या व् यिक्त को रोक सकेगा। (घ) ऐसे कां ठ, सयंऽंों और मशीनरी, औजार, यान और िकसी अन् य वः तु को, िजसके िक बारे में उसे सन् देह है िक वह इस अिधिनयम के या, उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों का उल् लंघन िकये जाने में पहले से ही अन् तमर्ः त है, या उपयोग में लाई जाने वाली है, अिभमिहत (Seize) कर सकेगा।
(2) दण् ड ूिबया संिहता, 1973 (1974 का 2) की धारा 100 के उपबन् ध, जे तलाशी और अिभमहण से सम् बिन्धत हैं, जहाँ तक हो सके, इस धारा के अधीन की तलािशयों और अिभमहणों को लाग ूहोंगे। धारा 8. िववरिणयों का ूः तुत िकया जाना - ूत् यके अनजु्ञिप्तधरी, यथािःथत आरा िमल 2(........) के कामकाज के सम् बन् ध में ऐसी िववरिणयाँ, ऐसे ूारूप में, और ऐसे अिधकारी को, तथा ऐसी तारीखों पर ूः ततु करेगा, जैसे िविहत िकया जावे। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 द्वारा िवलोिपत।
2. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 1984 द्वारा लुप् त तथा धारा 9 धारा 9. आरा िमल तथा 1(........) में के कां ठ के ःटाक के लेखाओ ंका रखा जाना - (I) ऐसा कां ठ का चाहे वह िचरा हुआ हो, जो आरा िमल 1(........) में या िचरान ः थल पर पाया जावे या िचरान के ूयोजन के िलए या इसी अन् य ूयोजन के िलए िकसी व् यिक्त द्वारा िकसी भी समय या िकसी कालाविध के दौरान िकसी भी रीित में या िकन् हीं भी साधनों द्वारा वहाँ लाया जाये, लेखाजोखा समिुचत रूप से रखा जावेगा तथा ऐसे सुसगंत साआ य दः तावेज, रसीदें, आदेश तथा ूमाण-पऽ जो यह दिशर्त करने के िलए आवँ यक हों िक वह कां ठ वैध रूप से अिभूाप् त िकया गया है, रखे जावेंगे और िनरीक्षण के समय उपलब् ध कराये जावेंगे। कां ठ के ऐसे ः टॉक के बारे में िजसका समाधानूद रूप में लेखा जोखा नहीं रखा गया है, यह उपधारणा की जावेगी िक वह िविध - िवरुद्ध (Un-lawfully) अिभूाय िकया गया है और कां ठ का वह ः टॉक अिध हृत िकय ेजाने के दाियत् वाधीन होगा। धारा 10. िबना अनमुित (Unlicensed) आरा िमल में िवद्यतु सयंोजना आिद का ूितषेध - (1) िनयम िदन स ेही और िवद्युत से सम् बिन् धत तत् समय ूवतृ् त िकसी अिधिनयम में अन् तिवरं् ट िकसी बात के होते हुए भी, िकसी आरा िमल के ूयोजन के िलए कोई िवदु्यत ऊजार् तब तक उपयोग नहीं की जावेगी और कोई िवद्युत संयोजन (Electric Connection) तब तक नहीं लगाया जावेगा या उस ूयोजन के िलए तब तक चालू नहीं रखा जावेगा, जब तक िक ऐसी आरा िमल इस अिधिनयम के उपबन् धों के अनसुार सम् यक् रूप से अनजु्ञप् त न हो या अनुज्ञप् त न समझी जाती हो और ऐसे िवद्युत संयोजन को तब तक चाल ूरखा जावेगा जब तक िक ऐसी आरा िमल, इस अिधिनयम के अधीन मजंरू की गई या मजंरू की गई समझी गई, िविधमान् य अनजु्ञिप्त के अधीन चाल ूरहती है।
(2) राज् य सरकार इस धारा के ूयोजन को कायार्िन्वत करने के िलए िनयम बना सकेगी। नोट - उपरोक् त धारा 9 एवं 10 के अन् तगर्त लेखा रखा जाना वैध है। िम.िप. ब. 2992/1984 िनणर्य िद. 8-9-87 जबलपुर उच् च न् यायालय। धारा 11. अपील - (1) अनुज्ञिप्त मंजरू करने या अनजु्ञिप्त नवीनीकृत करने से अनजु्ञापन अिधकारी द्वारा इन् कार िकये जान े से या िकसी अनुज्ञिप्त के िनलम् बन या ूितसंहरण से व् यिथत कोई व् यिक्त ऐसे इंकार या िनलंबन या ूितसहंरण के आदेश की, उस पर तािमल की जाने से तीस िदन के भीतर, िविहत ूािधकारी को अपील कर सकेगा जो अपीलाथीर् को और अनजु्ञापन अिधकारी को सुने जान ेका अवसर देने के पँ चात ् अपील का िविनँ चय करेगा तथा वह आदेश अनुज्ञापन अिधकारी के िलए आबद्धकर होगा।
(2) अनुज्ञापन अिधकारी का आदेश, जब तक िक िविहत ूािधकारी सशतर् या िबना शतर् या अन् यथा िनदेर्श न दें, उपधारा (1) के अधीन की अपील का िनपटारा होन ेतक ूवतृ् त बना रहेगा। धारा 12. कां ठ, संयऽंों, मशीनरी आिद के िविध िवरुद्ध ः टॉक का अिधहरण - (1) धारा (4) खण् ड (ख) में उपबिन्धत से िसवाय- (क) जहाँ कोई आरा िमल 2(........) िकसी ऐसे के्षऽ में िजसे धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन ूितिसद्ध के्षऽ (Prohibited Area) घोिषत िकया है, ः थािपत िकया जाता है या चलाया जाता है, या (ख) जहाँ कोई आरा िमल या 2(........) धारा 6 की उपधारा बमश: 2 तथा 4 के अधीन अनजु्ञिप्त के िबना या अनजु्ञिप्त के नवीनीकरण के िबना ः थािपत िकया जाता है या चलाया जाता है। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 1984 द्वारा लुप् त तथा धारा 9
2. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 द्वारा िवलपु् त। (ग) जहाँ कोई आरा िमल 1(........) धारा 6 की उपधारा (5) के अधीन अनजु्ञिप्त के िनलिम्बत या ूितसंहृत कर िलये जाने के पँ चात ् चलाया जाता है; या (घ) जहाँ कोई आरा िमल 1(........) धारा 10 की उपधारा (1) का उल् लंघन करते िवद्यतु ऊजार् या िवद्युत संः थापन की सहायता से चलाया जाता है; या (ङ) जहाँ िकसी आरा िमल 1(........) में ऐसा कां ठ भण् डािरत िकया जाता है िजसका लेखा-जोखा नहीं रखा गया है। 2वहाँ अनुज्ञापन अिधकारी िविध िवरूद्धतया (Unlawfully) भण् डािरत कां ठ के ः टॉक को यथािःथित उन समः त संयऽंों, मशीनरी, उपकरणों और उपः करों को, की या उनके िकसी भाग को अिधहृत (Confiscation) िकये जान ेका आदेश दे सकेगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन िकसी सम् पित्त को अिधहृत करने वाला कोई आदेश तब तक नहीं िकया जावेगा जब तक िक उस व् यिक्त को, िसकी सम्पित्त अिभमिहत (Seize) की गई है, और उस दशा में जबिक ऐसी सम् पित्त का ः वामी ज्ञात हो, ऐसे व् यिक्त को- (क) वे आधार िजन पर ऐसी सम् पित्त को अिधहृत िकया जाना ूः तािवत है, सूिचत करते हुए िलिखत सचूना नहीं दे दी जाती। (ख) अिधहरण के आधारों के िवरूद्ध िलिखत अभ् यावेदन उतने यिुक्तयकु् त समय के भीतर िजतना सूचना में िवनिदर्ं ट िकया जाए करने का अवसर नहीं दे िदया जाता और (ग) इस मामले में सुनने की यिुक्तयुक् त अवसर नहीं दे िदया जाता।
(3) वन सरंाक्षक की ौणेी स े अिनम् न पद ौणेी का कोई वन अिधकारी िजस े राज् य सरकार ने अिधसचूना द्वारा इस िनिमत् त सशक् त िकया हो। अनजु्ञापन अिधकारी द्वारा उपधारा (1) के अधीन िकये गये अिधहरण के आदेश की तारीख से तीस िदन के भीतर या तो ः वूेरणा से या आवेदन िकया जाने पर उस आदेा से सम् बिन्धत अिभलेख मंगा सकेगा और उसकी परीक्षा कर सकेगा और ऐसी जाँच करवा सकेगा तथा ऐसे आदेश पािरत कर सकेगा जैसा िक वह ठीक समझ,े परन् तु िकसी व् यिक्त पर ूितकूल ूभाव डालन ेवाला कोई आदेश उसे सुन ेजाने का अवसर िदये िबना पािरत नहीं िकया जायेगा।
(4) उपधारा (3) के अधीन पािरत िकसी आदेश से व् यिथत कोई व् यिक्त, ऐसा आदेश उसे संसूिचत िकया जान ेकी तारीख से तीस िदन के भीतर, िजला न् यायालय को अपील कर सकेगा जो उस के्षऽ पर अिधकािरता रखता है, िजसमें वह सम् पित्त अिभगहृीत की गई और वह िजला न् यायालय पक्षकरों को सुने जाने का अवसर देने के पँ चात ् ऐसा आदेश पािरत करेगा, जैसा वह ठीक समझे और िजला न् यायालय द्वारा इस ूकार पािरत िकया गया आदेश अिन्तम होगा। जहाँ उपधारा (1) या उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन पािरत िकसी सम् पित्त केा अिधहृत िकये जान ेका कोई आदेश ऐसी सम् पूणर् सम् पित्त या उसके भाग के सम् बन् ध में अिन्तम हो गया हो, वहाँ यथािःथित एैसी सम् पित्त या उसका ऐसा भाग सभी िवल् लगमों (Encumberances) से मुक् त रूप में, राज् य सरकार में िनिहत हो जायेगा।
(5) उपधारा (1) या उपधारा (3) या उपधारा (4) के अधीन अिधहरण के आदेश के सम् बन् ध में यह नहीं समझा जायेगा िक वह िकसी ऐसी अन् य शािःत का अिधरोिपत िकया जाना विजर्त करता है िजसके िलये वह व् यिक्त, िजससे वह सम् पित्त अिभगहृीत की गई है, इस अिधिनयम के अधीन दायी है। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2003 द्वारा िवलुप् त।
2. म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) संशोधन अिधिनयम, 2005 (ब. 9 वषर् 2005) द्वारा संशोिधत (म.ू.
राजपऽ िद. 27.4.05 पृं ठ 372 पर ूकािशत) नोट - अिधसचूना ब. 18-3-85-दस 3 (अिध. तीन) के द्वारा धारा 12 की उपधारा (3) के अन् तगर्त वन संरक्षक, जो के्षऽीय वन वतृ् त के ूभार में हो, इस उपधारा के अधीन शिक्त का ूयोग करने को सशक् त करती है। धारा 13. शािःतयाँ - (1) यिद कोई व् यिक्त इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों एवं उपबन् धों में स े िकसी उपबन् ध का उल् लघंन करेगा या करने का ूयत् न करेगा या उसके उल् लंघन का दुं ू ेरणा करेगा, तो वह कारावास से िजसकी अविध एक वषर् तक की हो सकेगी या जुमार्ने से जो बीस हजार रुपये तक का हो सकेगा या दोनों से, और चाल ूरहने वाले उल् लंघन की दशा में अितरिक्त जमुार्ने से जो ऐसे ूत् येक िदन के िलए िजसके दौरान ऐसा उल् लंघन, ऐसे ूथम उल् लंघन के िलए दोषिसिद्ध के पँ चात ् चाल ूरहता है, चार सौ रु.
तक का हो सकेगा, दण् डनीय होगा: परन् त ु- (एक) जहाँ ऐसा उल् लंघन, ूयत् न या दुं ू ेरणा धारा (4) से सम् बिन्धत है या (दो) जब उस उल् लंघन में अन् तमर्ः त िविध िवरूद्ध (Unlawful) कां ठ का पिरमाण, पाँच घन मीटर से अिधक है, वहाँ िद्वतीय या पँ चात् वतीर् अपराध के िलये, दोनों में से ूत् येक दशा में न् यनूतम कारावास तीन मास का तथा दोनों में से ूत् येक दशा में न् यूनतम जुमार्ना छ: हजार रुपये होगा।
(2) यिद कोई व् यिक्त- (एक) जब उस ेइस अिधिनयम द्वारा या इस अिधिनयम के अधीन के िकसी आदेश द्वारा कोई कथन करने या ऐसी जानकारी देने के िलये अपेिक्षत िकया गया हो, ऐसा कथन करेगा या ऐसी जानकारी देगा जो िकसी ताित्वक (Material) िविशं ट के सम् बन् ध में िमथ् या है और िजसके बारे में वह यह जानता है िक उसके पास िवँ वास करने का कारण है िक वह िमथ् या है अथवा िजसके बारे में उसे यह िवँ वास नहीं है िक वह सत् य है; या (दो) िकसी बही, लेखा, अिभलेख, घोषणा, िववरणी या अन् य दः तावेज में, िजसे रखने या देने के िलये वह इस अिधिनयम के अधीन अपेिक्षत है, यथापूवोर्क् त कोई कथन करेगा, वह कारावास से िजसकी अविध छह मास तक की हो सकेगी या जुमार्ने से जो छ: हजार रुपय ेतक का हो सकेगा या दोनों से दण् डनीय होगा। धारा 14. कम् पिनयों द्वारा अपराध - (1) जहाँ इस अिधिनयम के अधीन कोई अपराध, िकसी कम् पनी द्वारा िकया गया है, वहाँ ूत् येक ऐसा व् यिक्त जो उस अपराध के िकये जाने के समय उस कम् पनी के कारबार के संचालन के िलये, उस कम् पनी का भारसाधक और उस कम् पनी के ूित उत् तरदायी था और साथ ही वह कम् पनी भी ऐसे अपराध के दोषी समझे जावेंगे और तदनुसार अपने िवरुद्ध कायर्वाही िकये जाने और दिण्डत िकये जाने के भागी होंगे। परन् तु इस अपराध में अन् तिवरं् ट कोई भी बात ऐसे िकसी व् यिक्त को इस अिधिनयम में उपबिन्धत िकसी दण् ड का भागी नहीं बनाएगी, यिद वह सािबत कर देता है िक अपराध उसकी जानकारी के िबना िकया गया था या यह िक उसने ऐसे अपराध के िकये जाने का िनवारण करने के िलये सम् यक् तत् परता बरती थी :
(2) उपधारा (1) में अन् तिवरं् ट िकसी बात के होत ुहुए भी जहाँ इस अिधिनयम के अधीन कोई अपराध िकसी कम् पनी द्वारा िकया गया है और यह सािबत हो जाता है िक वह अपराध कम् पनी के िकसी िनदेशक, ूबन् धक, सिचव या अन् य अिधकारी की सम् पित्त या मौनानकूुलता से िकया गया है या उस अपराध का िकया जाना उसकी िकसी उपेक्षा के कारण हुआ माना जा सकता है, वहाँ ऐसा िनदेशक, ूबन् धक, सिचव या अन् य अिधकारी भी उस अपराध का दोषी माना जायेगा और तदनसुार अपने िवरुद्ध कायर्वाही की जाने और दिण्डत िकये जान ेका भागी होगा। ः पं टीकरण - इस धारा के ूयोजन के िलये- (क) 'कम् पनी' से कोई िनयिमत िनकाय अिभूेत है और उसके अन् तगर्त कोई फमर् या व् यिक्तयों की अन् य संः था आती है। (ख) फमर् के सम् बन् ध में िनदेशक से फमर् का भागीदार अिभूेत है। धारा 15. सबूत का भार (Burden of proof) - (1) जहाँ कोई कां ठ, चाहे वह िचरा हुआ हो या िबना िचरा हो, ऐसी आरा िमल [***]1 से बरामद होता है, िजसके िलये इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों के अधीन कोई िविधमान् य अनजु्ञिप्त मौजदू नहीं है, वहाँ जब तक िक तत् ू ितकूल सािबत नहीं कर िदया जाता है िजसके िक सािबत करने की भार अिभयकु् त पर होगा, तब तक यह उपधारणा की जायेगी िक वह आरा िमल या आरा गड्ढा चालू था।
(2) जहाँ इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के िवरुद्ध िकसी अपराध के िलये, िकसी अिभयोजन में यह िसद्ध होता है िक िविध िवरुद्ध घोिषत िकया गया कोई कां ठ िकसी व् यिक्त का आरा िमल के पिरसर में या िकसी ऐसे ः थल पर जहाँ िचराई की जा रही थी, अिभमहीत िकया गया था, वहाँ जब तक िक ूितकूल सािबत नहीं कर िदया जाता है, िजसके िक सािबत करने का भार अिभयकु् त पर होगा, यह उपधारणा की जायेगी िक ऐसे व् यिक्त ने इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों का उल् लघंन िकया है। धारा 16. अपराध का सजं्ञान - कोई भी न् यायालय, इस अिधिनयम के अधीन दण् डनीय िकसी अपराध का सजं्ञान, ऐसा अपराध गिठत करने वाले तत् व के बारे में अनजु्ञापन अिधकारी (Licensing Officer) द्वारा या िकसी ऐसे व् यिक्त द्वारा, िजसे राज् य सरकार ने या अनुज्ञापन अिधकारी ने इस िनिमत् त सम् यक रूप से ूािधकृत िकया हो, की गई िलिखत िरपोटर् पर ही करेगा अन् यथा नहीं। नोट- राज् य सरकार ने अिधिनयम ब. 18-3-85-x-III (नोट 4) िद. 4-10-85 से धारा 16 के अन् तगर्त कायर्वाही करने हेत ुसमः त उपवन मण् डलािधकािरयों तथा सहायक वन संरक्षकों को अपनी-अपनी अिधकािरता के भीतर उक् त धारा के ूयोजन के िलये अिधकृत िकया है। धारा 17. न् यायालय की अिधकािरता - ूथम वगर् न् याियक मिजःशेट के न् यायालय के अवर कोई न् यायालय, इस अिधिनयम के अधीन दण् डनीय िकसी अपराध का िवचारण नहीं करेगा। धारा 18. अपराध का ूशमन (Composition of offences) (1) राज् य सरकार द्वारा इस िनिमत् त सशक् त िकया गया वन अिधकारी- (क) िकसी ऐसे व् यिक्त से, िजसकी अनजु्ञिप्त धारा (6) की उपधारा 5 के अधीन ूितसंहृत (Revoke) कर िलये जाने या िनलिम्बत कर िलये जाने के दाियत् वधीन है या िजसके सम् बन् ध में यिुक्तयकु् त रूप से यह सन् देह है िक उसने धारा 8 के अधीन िववरणी ूः ततु न करने का धारा 9 के अधीन कं ठ का लेखा-जोखा न रखने, या िविध-िवरुद्धतया (Un-lawfully) अिभूाप् त िकये गये कां ट की, िजसका पिरमाण (Volume) आधे घन मीटर से कम हो, िचराई करने का अपराध ूथम बार िकया है, दस हजार रुपये से अनािधक धनरािश, यथा िःथित ऐसे ूितसंहरण या िनलम् बन के बदले या ऐसे अपराध के शमन के रूप में ूितमिहत कर सकेगा और शािःत के रूप में दस हजार रुपये से अनिधक रािश अिधरोिपत कर सकेगा और िविध-िवरूद्ध अिभूाप् त िकये गये कां ठ को, िजसका अिभमहण िकया गया था, अिधहृत िकये जाने का आदेश करेगा। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. राजपऽ िद. 26.4.2003 द्वारा िवलोिपत। (ख) िकसी ऐसे मामले में, िजसमें कोई सम् पित्त इस अिधिनयम के अधीन िकये जाने के दाियत् वधीन अिभमहीत (Seize) कर ली गई है समुिचत ूािधकारी द्वारा इस अिधिनयम के अधीन अिधहरण (Confisestion) का आदेश पािरत िकय ेजाने के पूवर्, उस सम् पित्त को, वन अिधकारी द्वारा ूाक् किलत उसके मूल् य का सदंाय कर िदये जान ेपर िनमुर्क् त कर सकेगा।
(2) वन अिधकारी को यथा-िःथित ऐसी धनरािश का या ऐसे मूल् य का या दोनों का संदाय कर िदया जो पर, अिभयकु् त वयिक्त को, यिद वह अिभरक्षा (Custody) में है तो उस ेछोड़ िदया जायेगा (Discharged), अिभमिहत सम् पित्त िनमुर्क् त कर दी जावेगी, और ऐसे व् यिक्त के िवरूद्ध या ऐसी सम् पित्त के िवरूद्ध कोई कायर्वाही नहीं की जायेगी। नोट - मध् यूदेश शासन ने अिधसचूना ब. 18-3-85-दस-3- (अिध. पाँच) िद. 4 अक् टूबर 1985 के द्वारा इस अिध िनयम की धारा 18 की उपधारा (1) के अन् तगर्त ूदत् त शिक्तयों का उपयोग करते हुए वन मण् डलािधकारी, जो के्षऽीय वन मण् डल के ूभार में हो, उक् त धारा के ूयोजन के िलये ससंक् त िकया है। (देंखे राजपऽ (असाधारण) िद. 7-10-85 पषृ्ठ 2001) धारा 19. अनुज्ञापन अिधकारी आिद लोक सेवक होंगे - अनुज्ञापन अिधकारी और ूत् यके ऐसे व् यिक्त को िजसे इस अिधिनयम द्वारा या उसके अधीन, उस पर रोिपत िकन् हीं कत् तर्व् यों का िनवर्हन करने के िलये सम् यक् रूप से ूािधकृत िकया जाता है, भारतीय दण् ड सिंहत 1860 (1860 का 45) की धारा 21 के अथर् के अन् तगर्त लोक सेवक समझा जायेगा। धारा 20. सद्भावपूवर्क की गई कायर्वाही का सरंक्षण - इस अिधिनयम या उसके अधीन बनाये गये िकन् हीं िनयमों या आदेशों के अनुसरण में, सद्भावपूवर्क की गई या की जाने के िलये आशियत िकसी भी बात के िलये कोई बाद, अिभयोजन या अन् य िविधक कायर्वािहयाँ, राज् य सरकार या िकसी अिधकारी या िकसी व् यिक्त या ूािधकारी के िवरूद्ध नहीं होंगी। धारा 21. पुरः कार - न् यायालय या यथा-िःथित अनजु्ञापन अिधकारी ऐसे व् यिक्तयों को, िजसकी या िजनकी जानकारी के पिरणामः वरूप इस, अिधिनयम के, या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् धों में से िकसी उपबन् ध के उल् लंघन का िनिवर्वाद रूप से पता लगा हो, उतनी रकम का, जो जुमार्ने, की रकम के और/या समपहृत और/या अिधहृत सम् पित्त के मूल् य के एक-चौथाई के अिधक नहीं होगी, पुरः कार िदये जाने की अनजु्ञा या आदेश दे सकेगा। धारा 22. िनयम बनाने की शिक्त - (1) राज् य सरकार इस अिधिनयम के ूयोजनों को कायार्िन्वत करने के िलये िनयम, अिधसूचना द्वारा और पूणर् ूकाशन की शतर् के अध् यधीन रहते हुए बना सकेगी।
(2) िविशं टतया और पूवर्गामी शिक्त की व् यापकता पर ूितकूल ूभाव डाले िबना, ऐसे िनयमों में िनम् निलिखत समः त िवषयों या उसमें से िकसी िवषय के िलये उपबन् ध हो सकें ग ेअथार्त ्- (क) धारा (6) की उपधारा (1) के अधीन ूारूप िजसमें आवेदन िकया जायेगा और वह फीस तथा ूितभूित िनक्षेप जो ऐसे आवेदन के सा थ होगा। (ख) धारा (6) की उपधारा (3) के अधीन वे शतेर्ं िजनके अन् तगर्त अनजु्ञिप्त मन् जूर की जायेगी। (ग) धारा (6) की उपधारा (4) के अधीन वह कालाविध िजसके िलय,े वह फीस, िजसका सदंाय िकया जान ेपर, और शतर् िजसके अध् यधीन अनजु्ञिप्त नवीकृत की जा सकेगी। (घ) धारा (8) के अधीन के ूारूप िजसमें, तथा वे तारीखें िजन पर िववरिणयाँ ूःततु की जायेंगी और वह अिधकारी िजसका िववरणी दी जावेगी। (ङ) धारा (10) की उपधारा (2) के अधीन िवदु्यत संयोजन आिद लगाये जाने के िलये। (च) धारा (11) के अधीन वह ूािधकारी िजसको अपील की जायेगी। (छ) कोई अन् य िवषय जो िविहत िकया जाना अपेिक्षत हो या जो िविहत िकया जाये।
(3) इस अिधिनयम के अधीन बनाये गय ेसमः त िनयम िवधानसभा के पटल पर रखे जावेंगे। धारा 23. अन् य अिधिनयमों तथा िविधयों का आरािमल 1(........) को लाग ून होना - िकसी अन् य अिधिनयम या िविध, िनयम या आदेश में अन् तिवरं् ट कोई भी बात या राज् य के िकन् हीं के्षऽों में िविध का बल रखने वाली कोई भी बात आरा िमल 1(........) को तथा िचरान को उन िवषयों का बाबत लाग ूनहीं होगी िजसके िलये इस अिधिनयम में उपबन् ध अन् तिवरं् ट है। धारा 24. व् याविृत्त (Saving) इस अिधिनयम के या उसके अधीन बनाये गये िनयमों के उपबन् ध - (क) बड़ईिगरी की उन सामान् य ूिबयाओं को िजसमें आरा िमल 1(........) का कायर् न ही है, को लागू नहीं होंगे। (ख) राज् य शासन के ः वािमत् व की आरा िमल। धारा 25. किठनाई दरू करने की शिक्त - यिद इस अिधिनयम के उपबन् धों को ूभावशील करने में कोई किठनाई उद्भतू होती है, तो राज् य सरकार, ऐसी उपबन् धों से असंगत न होने वाली, कोई भी बात कर सकेगी, जो उस किठनाई को दरू करने के ूयोजन के िलये उसे आवँ यक या समीचीन ूतीत होती है। परन् तु ऐसा कोई आदेश, इस अिधिनयम के ूारम् भ की तारीख से दो वषर् की कालाविध का अवसान हो जाने के पँ चात ् नहीं िकया जायेगा। धारा 26. िनरसन - मध् य ूदेश कां ट िचरान (िविनयमन) अध् यादेश िद. 1983 (बमांक 11 वषर् 1983) एतद्द्वारा िनरः त िकया जाता है। नोट- (1) अिधसूचना ब. 3415/X/83 िदनांक 15-12-83 जो असाधारण राज-पऽ िद. 15-12-83 के ूकािशत हुआ है। (1) कां ठ िचरान (िविनयमन) अध् यादेश िद. 15-12-83 से पूरे मध् य ूदेश राज् य में लाग ू हुआ।
(2) धारा 3(a) के तहत वन मण् डलािधकारी को अनजु्ञापन अिधकारी िनयकु् त िकया गया।
(3) धारा 11(1) के तहत वन सरंक्षक को अपील अिधकारी िनयकु् त िकया।
(4) म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) अिधिनयम को 15-12-83 से लाग ूकरना अिनयिमत नहीं है। िम.
िपटीशन ब. 2992/1984 जबलपुर उच् च न् यायालय िनणर्य िद. 8-9-87 अिधसचूना ब. 18-3-85/दस/3 (अ-1) (अनुज्ञिप्तधारी 1) के द्वारा उक् त अिधसचूना में िनम् न सशंोधन िकया। संशोधन - उक् त अिधसूचना में अनुबमांक 2 तथा 3 और उससे सम् बिन्धत ूिविष्टयों को लोप िकया जावे। म.ू. शासन, वन िवभाग, भोपाल का पऽ ब. एफ-30-56-93-पाँच-3, िदनांक 23-2-94 जो ूधान वन संरक्षक एवं अन् य अिधकािरयों को संबोिधत है के अनसुार : (1) छोटी आरा मशीन और खराब मशीन जहाँ पर िक केवल िफनीँ ड ूोडक्ट्स बनाये जाते हैं और िचराई का कायर् नहीं िकया जाता है के िनयिमतीकरण एवं ः वीकृत हेतु सबंंिधत वन मण् डलािधकारी, जो िक अिधिनयम में अनजु्ञापन अिधकारी घोिषत है को अिधकृत िकया जाता है। ____________________________________________________________________________________________
1. म.ू. कां ठ िचरान (संशोधन) अिधिनयम 2003 द्वारा िवलोिपत।
2. कोई भी व् यिक्त िजसके पास आरा मशीन चलान ेकी अनजु्ञिप्त हो, अपनी आरा मशीन अन् य व् यिक्त को बेच सकता है और ऐसी िःथित में वह अनजु्ञिप्त उस एक कैलेण् डर वषर् के िलये बेता/संबंिधत व् यिक्त को हः तांतिरत की जायेगी परन् त ुउन ूकरणों में जहाँ िकसी आरा मशीन के िवरुद्ध दािण्डक कायर्वाही ूः तािवत हो, अथवा ूगित पर हो, की अनजु्ञिप्त हः तांतिरत नहीं की जायेगी।
3. आरा मशीन की अनजु्ञिप्त तीन वषर् की फीस लेकर 3 वषर् के िलए नवीनीकृत की जा सकेगी। इस संबंध में म.ू. कां ठ िचरान (िविनयमन) िनयम, 1984 में तदनसुार संशोधन की कायर्वाही की जाये। (अिधसचूना बमांक एफ-18-4-90-पाँच-3, िदनांक 17 जनवरी, 1991 (मध् यूदेश राजपऽ (असाधारण) िदनांक 18 जनवरी, 1991 पषृ्ठ 240 (4)-240(12) में ूकािशत) अिधसचूना बमांक एफ-30-4-2002-दस-3, िदनांक 8-8-2003 (म.ू. राजपऽ (असाधारण) िदनांक 15- 8-03 पर ूकािशत ूितिषद्ध के्षऽ- Notification N. F-30-4-2002 दस-3 िदनांक 8-8-2003 - In exercise of the powers conferred by subsection (1) of Section 5 of the Madhya Pradesh Kashtha Chiran (Viniyaman) Adhiniyam', 1984 (No. I of 1984), the State Government hereby declares the area specified in column (1) of the Table below to be prohibited area for the period specified in the corresponding entry in column (4) thereof for the reasons specified in column (5) of the said Table - तािलका (Table) _______________________________________________________________________________________ अनुबमांक िजला ूितिषद्ध के्षऽ होना घोिषत ूितिषद्ध रहने कारण Serial District Area (Specified) की अविध Reasons Period _________________________________________________________________________________________
(1) (2) (3) (4) (5) _________________________________________________________________________________________
1. Shivpuri Total Geographical area of Shivpuri district 3 yrs. For conservation district excluding Municipal area Shivpuri, Kolaras, on protection Badarwas, Karera, Pichhor, Vilalge area, of forests and Bhagorn, Hatod, Piparasama, Pohri, Bhatanwar, environment in Kakarauva, Parichhava, Gajigarh, Lukawasa, public interest Randua, Akajhiri, Mada-Ganesh, Kheda, Piroth, Khatora, Narawar, Magareni, Aichwada, Dinara, Karai, Khod, Bamor Kala, Kalipahadi, Semari, Mayapur, Manpura, Bamor, Demron, Nayakheda, Khaniyadhana, Semari, Pipara, Sanabalkhurd, Muhari and Kamalpura,
2. Guna Total Geographical area of Guna, district district excluding Municipal area Guna excluding Municipal area Ashok nagar, Chanderi, Mungawali, and Binaganj, Village area Myana, Bhaura, Kumbharaj, Mrigwas, Isagara, Anandpur, Naisarai, Piparai, Sadora, Raghogarh, Aron, Ruthiai, Awan, Govindpura, dharanawada, Maksudangarh, and Jamner.
3. Betul Total Geographical area of Betul district excluding district Municipal area Betul, Amla, Bhainsdehi, Multai and Village Pathakhala Collery, Khadna, area.
Village area, Ghodadongri, Shahpur, Bhura, Khodli Bazar Paramandal, Birul, Ashta, Amraoti, Khat, Gola, Chikali, Nimanwada, Athenr and Chicholi.
4. Khandwa Total Geographical area of Khandwa, district excluding Municipal Corporation area (East Nimar) Khandwa and Burhanpur, Harsud, and Shahpur, Nepanagar, Singot.
5. Khargone Total Geographical area of Khargone, district district excluding Municipal area of Khargone, (West Nimar) Sanawad, Bhikangaon, Burwaha,
6. Barwani Badwani, Anjad, Pansemal and Sendhwa Village, district area Balkuva. Karahi, Mandleshwar.
7. Indore Total Geographical area of Indore, district district excluding Municipal Corporation area Indore, Municipal area Sanwer, Depalpur, Manpur, Contonment area Mhow, Village area Kachhalia Chandankhedi, Badi-Kalmer, Kampekl, Billor Khurd, Pivray, Dharampuri, Tejaji Nagar, Gautampura, Hatod, Betma, Rao, Bharanat, Chandawatiganj, Semiliachau, Mhowgaon, Kishanganj, Hasalpur, Kshipra, Girota and Kanadia.
8. Dhar Total Geographical area of Dhar, district excluding district Municipal area Dhar, Kukshi, Saradarpur, Badnawar, Manawar, Dharampuri and Dhamnod, Village area Kasiur, Anarad, Rajgad, Kamwan, Dasai, Bidwal, Barmandal, Makni, Edalduna, Jajod, Mandu, Dhanabilod, Sagor, Bakaner, Singhana, Walipur, Pithampur & Lohari.
9. Dewas Total Geographical area of Dewas, district forests district and excluding Municipal Corporation area Dewas, Municipal area Sonkatch, Bhonrasa, Hatpiplia, Tonk- Khurd, Kannod, Khategaon, Kantaphod, Lahahda, Satwas, Bagli, and Karnawad, Village area Edlora, Bohri, Chapra., Sundrol, Pathari, Devgarh, Suklia, Kshipra, Maukhera (Newari) Khatamba, Tigria-Goga, Agrod, Jirwai, Vijaganj Mandi (Dhammani) Itawa, Pipal-Rawan Chobaradhira, Amla, Taj, Bhutiya Buzurg, Ranawat Kalan and Singaoda.
10. Jhabua Total Geographical area of Jhabua district excluding district Municipal area Bhabhra (Excludng village Kukhsi), Jhabua, Ranapura, Bamniya, thandla, Petlawad and Alirajpur, Village area Khardu-Badi, Meghanagar, Jhaknawada, Karawada, Sarangi and Barwet.
11. Balaghat Total Geographical area of Balaghat district excluding district Municipal area Katangi, Varaseoni, Balaghat, Hatta, Kirnapur, Lanji, Khairalanji and Baihar, Village area Dongarniali, Pandarvani, Sarakha, Aonlihiri, Kosami Piparjhari, Harri, Lamta Tirodi (Katangi).
12. Gwalior Total Geographical area of Gwalior district excluding district Municipal Corporation area Dabra, Panihar, Antri, Galon and Bichhodna.
13. Morena Total Geographical area of Morena district excluding district Municipal area Morena, Sheopur, Ambah, Porasa, Bamor, Jora, Kalaras, Sabalgarh and Vijaypur village, area Bankoda, Soi-Daraukala, Premasar, Chandrapura, Utanwada, Nurabad, Chheta Sumaoli, Parasota, Rithora, Kala, Depaira, Neptri Gasawani, Sahasafi and Birpur.
14. Bhind Total Geographical area of Bhind district excluding district Municipal area Bhind, (leaving Chaulana Reserve Forest) Mehgaon, Lahar, Ater and Gohad, Village area Pratappura, Jorikotawal, phunk, Akoda, Gorami, Kohar, Ammayyan, Chotora, Mau, Raun, Mihona, Katha, Badotari, Ashwar, Deorikala, Sausari, Rurai, Alampur, Daboh, Rahabaili and Uwari, Khuja (Ratanpur).
15. Datia Total Geographical area of Datia district excluding district Municipal area Datia, Indergarh, and Sewada Village area Busawada, Targuwa, Jaunia, Tharat, Bhagwanpura, Basai and Diguwa, Igner, Unao, Balaji.
16. Jabalpur Total Geographical area of Jabalpur district excluding district Municipal Corporation area Jabalpur, Municipal area Patan, Panagar, Katni and Sehora (Khatola) Shahpur (Bhitoni).
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1. अिधसचूना ब. एफ-30-4-2002-दस-3, िदनांक 14.3.06 से बालाघाट िजले के िकरनापुर, िहरीर्, लांजी, खैर लाजी, लालबरार्, मानपुर कोसमी अमला िझरी को ूितिसद्ध के्षऽ से मुक् त करती है।
17. Mandla Total Geographical area of Mandla district excluding district Municipal area, Mandla, Maharajpur, Bambni, Nainpur, Dindori, and Shahpura, Village area Gohji, Raiat, Deodasa, Khedi, Manadei, (Chiraidongri Railway Station) Niwas Gada, Sarai, Barela Lalipur, Bechhiya, Kalpi Tikarai,
18. Rewa Total Geographical area of Rewa district excluding district Municipal area Semaria, Chakghat, Sirmor, Baikunthpur, Rewa, Raipur, Managawa, Hanumana, Mhowganj, and Naigadi, Village, area Delhi, Tendusarch, Chorhata, Nipania, Kherra, Deotalao, Ratangawa and Khatakhari, Gudha, Teonthar.
19. Satna Total Geographical area of Satna district excluding district the following town/village, area-village Umri, Satna Bazar, Dhawari and Kuthi of Municipal Corporation Satna, Village Birhadihi Lalpur and Amarpatan of Municipal Amarpatan, Village Patehara, Maihar and Harnampur bazar Of Municipal Maihar, Village Bador and Kothi of Municipal Kothie Village Tilora, Baraj, Gargwar, Tharsadawa, Namtara, Naguad, Maharai, Kothar, Mahadahi and Barapa of Municipal Nagaud, Pateri Viratnaar, Mandi-Tola bardadeeg, Kologaon, Rampur Baghelan, Muncipal area Kotar and village Jaso, Raigon Bihra, Ramnagar,
20. Sidhi Total Geographical area of Sidhi district excluding district village area Karondia-North tola, South tola Daniha, Sidhi-Kala, Madaria, Madhuri, Kothar, Kotarkala, Kotaha in Municipal Sidhi, Village area Patai Behera, Kesliwahi, Churhat, Gulawaspur, Dadar, Bhataha, Ramkudwa, Koladaha, Rajaghat, Barahal, Nauthia, Abad, Naudhai-Viram, Badhan, Medholi, Panjreh, Parasona, Baragawa and Dondi.
21. Ujjain Total Geographical area of Ujjain district excluding Municipal Corporation area Ujjain Municipal area Tarana, Barnagar, Khachrod, Mahidpur, Nagda, Unhel, Village area of Tajpur, Nam ar, Panthpiplai, Smodia Ghatia, Makdone, Roopa-Khedi Pat, Kaytha, Kath Barod, Jhomki, Bichhord, Ghosla Jagoti Maho, Jharda, Limboda, Jahagirpur, Karadi, Kharshrod, Khurd/Kala, Molans, Lohana, Piploo Talodkha, Runija, Chirola, Mdawads, Bedawaniya, Gangpur Zunthawad
22. Shajapur Total Geographical area of Shajapur district excluding district Municipal area Shajapur Maksi, Berchha, Moban. Barodia, Shujalpur, Kalapipal, Akoodia, Papa-Pakia, Sunser, Soyat Agar, Kanod, Barod, Nalkheda, Village area of Jaloda Sundrasi, Ghosla, Kulmi, Jhaker, Rath, Bhawar, Parwadi Syberam Dupara, Bolai, Choma Bijanna, Salsalai, Poda, Tilewad, Aroyakaln, Arondiya, nanadini, Khokra, Kalan, Berchha, Dattar, Avantipur, badodia, Dongeraon, Payli, Nodi, Nena Piplonkaloon, Tanadoia, Garbeda, Bahaon, Kholgaon, Tolkya, Pudi, Khadi, Damdam, gunderwan, Godlamau, Pipatyavigay.
23. Ratlam Total Geographical area of Ratlam district excluding district Municipal Corporation area Ratlam, Municipalarea Sailana, Namli Alot, Tal. Jawara and Piploda Village area Dentodia, Shivpur, Bangrod-Barbodna. Badawada, Khatakhedi, Dhodhar and Sukheda.
24. Mandsaur Total Geographical area of Mandsaur district excluding district Municipal area Mandsaur, Neemuch,
25. Neemuch Naryangarh, Pipliamandi, Sitamau, Mehargarh, Singoli, Jawad, Manasa, Shayamgarh, Garoth and Bhanpura, Village area Daloda, Dhundbarka, Chillod, Piplai, Lasurai, Khesdia, Titrod, Digeonmali, Balaguda, Jhantla, Athwa, Bugrug, Diken, Budarawan, Dewara, Kanghati, Umaria, Vashaniya, Nagri, Nimbod, Nikhod, Kachnara, palsor, Athana, Chitakheda, Jiran, Dhanoria Road, Sanjed, Mandla, Athwakhajuri, Panth, Bhensoda Ghandwasa, Malkheda, Bolia, barkheda, Gangasa, Bardia, Amra, Kalakheda, Khadawada, Hatunia, Suwasara, Sarwania, Maharraj J.
Laduna, Tonduka Nehargarh, Sarthkheda, Lothkhedia, Antri Buzurg, Kukadeshwar Kayampur, Bahi Parasanth Depakheda, Chacor, Mahagarh, Takrawad and Runija.
26. Bhopal Total Geographical area of Bhopal district excluding district Municipal Corporation area Bhopal, Municipal area Berasia.
27. Rajgarh Total Geographical area of Rajgarh district excluding district Rajgarh, Beorakala, Khujner, Beora, Chapi heda, Padana, Beralpur, Khajoori-Gokul, Kurawar, Khilchipur, Peepaleda, Hakhed, Talen, Udenkhedi, Bmainswaa-Mata, Mau, Myona, Pachor, Pandlyamata, Narsingharh, Suthalia, Karanwas, Lakhanwas, Malwar, Boda, Mondawar, Parispura Raipuriya, Khadi, Machalpur Ramgarh, Papdel, Peepalyakala, Khajuria, Sonkhera, Amatyahai, Peepalya-kusmi, Bhojpur, Hasnod, Gongrmi, Sarangpur, Iklehra, Semrikala, Asrehta, Kharya, Adkhera, Adeie-Hada,
28. Vidisha Leerabhouhan, Panwodi, Jamunia, Gopchouhan, district Dhuwakheri, Karodi, Jhadla, Chara, Kotharikala, Gongasemi & Sultania.
29. Raisen Total Geographical area of Vidisha district excluding district Municipal area Vidisha, basoda, Sironj and Village area Pathari and Gulabganj, Lateri,
30. Sehore Total Geographical area of Sehore district excluding district Municipal area Sehore, Ichhawar, Ashta, Nasrullaganj, Rehti and Budni, Jawar, Village area Shvampur, Sewda, Kelerama, Arolialat, Namainankala, Amalaha, Katheri, Karman, Khedi, Kaijlan, Mukkara Jharkheda, Khawaikheda, Dhamanda Metawada, Bhapoda, Berkheri, Khunjnia-kala, Joontala and Khandwa Village Ahamadupur.
31. Shahdol Total Geographical area of Shahdol district excluding district Municipal area Beohari, Pali, Shahdol, Budhar, Anuppur, Kotama, Umaria and Chandia, Village area Dhanpuri, Amlai Bijuri, Jaisinghnagar and Vivek Nagar.
32. Sagar Total Geographical area of Raisen district excluding district Municipal area Raisen, Begamganj, Udaipura, Geratganj, Bareli, Sultanpur and Village area Obedullaganj, Sada, Mandideep, Navapura, Khargone, Nanpur and Gugalwada.
33. Damoh Total Geographical area of Sagar district excluding district Municipal Corporation area of Sagar, Municipal area Khurai, Bina banda, Shahgarh and Deori, Village area Mandibganiora, Sanocha, Gaurjhamar, Gadakota, Rahaili, Shahpur.
34. Chhatarpur Total Geographical area of Damoh district excluding district Municipal area Damoh and hatta, Village area Hindoria, Patharia, Cuch, Rasilpur, and Phitorakala.
35. Panna Total Geographical area of Chhatarpur district excluding district Municipal area Chhatarpur, Naogaon, Laundi, (Harpalpur), Gadi, Malabra, Maharajpur, Bamgarh, Rajnagar in Sada area Khajurao Village area Sarawai, Alipura and Hatam.
Total Geographical area of Panna district excluding village area Ajaigarli, Bliadurganj, Madhoganj, Badriundli, Alampur, rajapur, Kolan, Panna, Kakarbatti, Devandranagar, Tidhari, Thidharikhurd, Badera, Reojisagar, Bamuri, Badawara, Jamin-Baladhar Amanganj, Pawai and Gunorse.
36. Tikamgarh Total Geographical area of Tikamgarh district excluding district Municipal area Tikamgarh, Baldeogarh, Lidhora, Prithvipur, Jatara, Tancherkala, Mawai and Bhelsi, Village area Ajnor, Archara, Barana (Thar), Baniori-kala, Chanderi, Shavani, Guhara and Maharajpur, karkua, Koili, Jeron, Khedri, Majal, Khanpur Niwadi, Badagaon (Dhasam), Deri, Dharagapur, Jerakhas, Vermimajha.
37. Hoshangabad Total Geographical area of Hoshangabad district excluding district Municipal area Hoshangabad, Itarsi, Sohagpur, Harda, Seonibanapura, Khirkai and Timarni, Village area Babai, Them, Rawanpipal and Shivpur, Piparia.
38. Chhindwara Total Geographical area of Chhindwara district (1) 'बेरदी' Unprodistrict excluding Municipal area Amarwada, Harrai and hibited area) Chhindwara, Village area Jamai, Parasia, Rakhiool, राजपऽ असाधारण Navegaon, Dumua, Pandurna, Saunser, िद. 10-8-94 P. 736 Pipalanarayanvarcol, Lodhikheda, Kalamagaon, Umranala, Imlikheda, and Ghutani, Ikalhara, (2) बोरगांव - Bhemani, Nutanchikli, Shivpuri, Rawanwada, Unprohibited Ambada, Sukari, Hohan Colliery, Nandan, राजपऽ असा.
Ghodawadi, Chaurai, Vishnupuri. 12.5.95 पेज
(3) चौराई राजपऽ असा. 26.10.93 P. 707 Notification No. F-30-56-93-X-3, dated the 18 April 1995. In exercise of the powers conferred by subsection (1) of Section 5 of Madhya Pradesh Kashtha Chiran (Viniyaman) Adhiniyam, 1984 (No. 13 of 1984), the State Government hereby declares Industrial Area Boregaon of Chhindwara District as unprohibited Area out of the de-0 lared prohibited areas., as published in the Notification No F-30-56-93-X-3, dated 23rd February, 1994 in Extraordinary Gazette, Notification dated 23rd February 1994.
[Published in M.P. Rajpatra Part 1, dated 12-5-95 page 717]
39. Seoni Manendragarh and Chainpur, district Total Geographical area of Seoni district excluding Municipal area of Seoni and Baraghat, Village area Lakhnadaun, Gangerua, 'Dharna, Khanhiwada.
Notification No. F-30-56-93-X-3, dated the 29 December 1994. In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Madhya Pradesh Kashtha Chiran (Viniyaman) Adhiniyam, 1984 (No. 13 of 1984), the State Government hereby declares Municipal area Gangerua (Chhapra) of Seoni District as prohibited out of the declared unprohibited areas., as published in the Notification No F-30-56-93-X-3, dated 23rd February, 1994 in "Extraordinary Gazette", Notification dated 23rd February 1994.
[Published in M.P. Rajpatra (Asadharan) dated 29-12-94 page 2214]
40. Narsinghpur Total Geographical area of Narsinghpur district (गगंेरुआ (छपरा) district excluding Municipal area Narsinghpur , Kareli, िसवनी िजला Gotegaon Nagar and Gadrwada, village area, prohibited Dokarghat, Salichauka, and Barman. राजपऽ असा.
िद. 29.12.94 P. 2214 [Published in M.P. Rajpatra (Asadharan) dated 23-2-94 page 2 126 (8-16)] Notification No. F-30-56-93-X-3, dated the 29 December 1994. In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Madhya Pradesh Kashtha Chiran (Viniyaman) Adhiniyam, 1984 (No. 13 of 1984), the State Government hereby declares village "Dagania" Tahsil Gunderdehi of Durg District as unprohibited areas., as published Extraordinary Gazette Notification No F-30-56-93-X-3, dated 23rd February 1994.
[Published in All. P Rajpatra Part 1, dated 12-5-95 page 717]