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MP State Industrial Land and Building Management Rules, 2015 (Amendment - 20.10.2016)

State Rules of Madhya Pradesh · 20151,16,431 characters of text

The enactment

TypeRules
Year2015
JurisdictionState of Madhya Pradesh
StatusIn force as published by the source
TextPublished as one document, as the source published it
Subjectsproperty

Full text

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1 वाणिज्य, उद्योग और रोजगार ववभाग मध्यप्रदेश राज्य औद्योगिक भूमम एवं भवन प्रबधंन ननयम, 2015 ( ददनांक 20/10/2016 तक संशोगधत ) 2 अ नु क्र म णि का क्र. खण्ड शीर्षक पषृ्ठ क्रमाांक

(1) (2) (3) (4)

(1) लघ ुशीर्षक, प्रारंभ एव ंप्रभाव 1

(2) पररभार्ायें 2

(3) उद् देश्य 6

(4) औद्योगिक क्षेत्र की भमूम के आवटंन हेत ुपात्रता 6

(5) औद्योगिक क्षेत्रों का अमभन् यास 7

(6) आवटंन हेत ुभमूम की मात्रा का ननधाषरण 7 भाग – 1 औद्योगगक भमूम एवां भवन का आवांटन

(7) औद्योगिक भमूम/ भवन आवटंन के अगधकार 8

(8) भमूम के आवटंन हेत ुप्रब् याजि, ववकास शलु् क, भ-ूभाटक तथा वावर्षक सधंारण शलु् क 8

(9) प्रब् याजि की िणना हेत ुभमूम के मलू् य में ूूट/ररयायत 9

(10) आवटंन हेत ुआवेदन 10

(11) आवेदनों के ननराकरण की प्रक्रिया 11

(12) भ-ूखण्ड/भवन का आवटंन आदेश, पट् टाववलेख ननष्पादन एव ंआगधपत्य 13

(13) पट्टे की अवगध 14

(14) पररयोिना क्रियान्वयन 14

(15) बैंक/ववत्तीय ससं्थाओं के पक्ष में पट् टागधकार का अमभहस्तांकन 16

(16) अनतररक्त भमूम का ननयममनतकरण 16

(17) हस्तांतरण एव ंहस्तांतरण प्रक्रिया 17

(18) अनपुयोिी भमूम का हस्तांतरण 19

(19) भ-ूखंड का ववभािन 20

(20) भ-ूखण् डों के मशकमी/उपपट्टा की अनमुनत 20 3 क्र. खण्ड शीर्षक पषृ्ठ क्रमाांक

(1) (2) (3) (4)

(21) लीि का नवीनीकरण 20

(22) आवदंटत भवनों को भाड़ािय पद्धनत अतंिषत वविय 20

(23) पट् टे की भमूम का समपषण एव ंप्रब्याजि की वापसी 21 भाग – 2 आवासीय, व् यावसाकयक एवां वेयर हाउमस ांग प्रयोजन हेत ुभमूम का आवांटन 22

(24) भमूम आवटंन की अगधकाररता एव ंभमूम आवटंन की दरें एव ंआवटंन की प्रक्रिया 22

(25) पट्टे की अवगध/पररयोिना का क्रियान् वयन/ हस् तातंरण एव ंलीि का नवीनीकरण 23 भाग – 3 उद्योग अनरु्ाांगगक प्रयोजन 24

(26) आवटंन की अगधकाररता, आवटंन हेत ुदरें एव ंप्रक्रिया 24

(27) पट् टे की अवगध, पररयोिना का क्रियान् वयन, हस् तातंरण एव ंलीि का नवीनीकरण 25 भाग – 4

(28) पटटे का कनरस् तीकरि 26

(29) अपील एवां पनुषववलोकन 27

(30) पटटामभलखे के कनरस् तीकरि पर भमूम/भवन का कब् जा प्रा त करना 28

(31) स् पष् टीकरि, राज् य शासन के अगककार, कनरसन 29

(32) ववववक पररमशष्ट पररमशष्ट (ए) अनत प्रदरू्णकारी एव ंखतरनाक शे्रणी के उद्योि 30 पररमशष्ट (बी) औद्योगिक क्षेत्रों में आवटंन हेत ु प्रनतबगंधत िनतववगधयों की सचूी 32 *पररमशष्ट 1.1 - भमूम हेत ुननधाषररत लीि डीड का प्रारूप 33 पररमशष्ट (डी) - भवन हेत ुननधाषररत लीिडीड का प्रारूप 41 पररमशष्ट (ई) - उप-पट्टे की सामान्य शतें एव ंत्रत्रस् तरीय अनबुधं का प्रारूप 52 पररमशष्ट (एफ) आवदंटत भवनों का भाड़ा िय पद्धनत के अतंिषत वविय 62 (* रािपत्र ददनांक ------------2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 7 द्वारा संशोगधत) 1 मध्यप्रदेश राज्य औद्योगगक भूमम एवां भवन प्रबांकन कनयम, 2015 मध्यप्रदेश शासन, वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि मध्यप्रदेश राज्य में औद्योगिक अववकमसत भूमम, औद्योगिक क्षेत्र की ववकमसत एवं ववकमसत की िाने वाली भूमम एव ं औद्योगिक भवनों के प्रबंधन हेतु ''मध्यप्रदेश राज्य औद्योगगक भूमम एवां भवन प्रबांकन कनयम- 2015'' एतद द्वारा िारी करता ह ैः-

(1) लघु शीर्षक, प्रारांभ एवां प्रभाव -

(i) ये ननयम ''मध्यप्रदेश राज्य औद्योगगक भूमम एवां भवन प्रबांकन कनयम, 2015'' कहलायेंिे।

(ii) ये ननयम मध्यप्रदेश की सीमा में जस्थत वाणणज्य, उद्योि और रोििार ववभाि की भूमम, औद्योगिक क्षेत्रों एवं भवनों, ववभाि के अधीन कायषरत, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम द्वारा ववकमसत/ववकमसत क्रकए िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों, ववशरे् आगथषक प्रक्षेत्रों में लािू होंिे तथा उन पर बंधनकारी होंिे। परन्तु भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा ववशरे् आगथषक प्रक्षेत्रों के ववननमयन हेतु िारी अगधननयम एवं ननयम के प्रावधान एवं इन भूमम प्रबंधन ननयमों के प्रावधानों मे ववरोधाभास की जस्थनत में उपरोक्त भारत सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा िारी अगधननयम एवं ननयम के प्रावधान लािू होंिे।

(iii) इन ननयमों के अतंिषत उद्योिों तथा औद्योगिक क्षेत्रों की आवश्यकता हेत ु अववकमसत भूमम के आवंटन, ववकमसत एवं ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक प्रयोिन हेतु भूमम तथा शेड/भवन, आवासीय प्रयोिन हेतु भूमम, व्यवसानयक प्रयोिन हेतु भूमम, वेयर हाउमसिं प्रयोिन हेतु भूमम तथा उद्योि आनुर्ांगिक प्रयोिन हेतु भूमम का आवंटन, प्रक्रिया व दस्तावेि का ननधाषरण क्रकया िया ह ।

(iv) पजब्लक प्राईवेट पाटषनरमशप (पीपीपी) के तहत ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्र/स् माटष मसटी की भूमम एवं प्लि एंड प्ले हेतु ननममषत क्रकये िाने वाले भवन के आवंटन की प्रक्रकया इन ननयमों के तहत नहीं होिी। ऐसी पररयोिनाओं के मलए ननववदा प्रक्रिया में सजमममलत दस्तावेिों के अनुसार ही लीि डीड संपाददत होिी तथा ववत्तीय एवं व धाननक प्रक्रियाएं भी ननववदा प्रपत्र अनुसार ही होिी ।

(v) ये ननयम िारी होने के ददनांक से प्रभावशील होंिे। 2

(2) पररभार्ाएां - (क) िब तक क्रक, प्रसंि से अन्यथा अपेक्षक्षत नहीं हो, ननमन पररभार्ाओं के अनुसार अथष/आशय इन ननयमों में प्रभावी रहेिा :-

1. राज्य शासन से अमभप्रेत ह , ''मध्यप्रदेश राज्य का वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि ।''

2. केन्द्रीय शासन से अमभप्रेत ह , ''भारत सरकार'' ।

3. उद्योग आयुक्त से अमभप्रेत ह , ''मध्यप्रदेश, उद्योि संचालनालय का आयुक्त।''

4. मध्यप्रदेश टे्रड एांड इन्द्वेस्टमेन्द्ट फैमसलेटेशन कापोरेशन मलममटेड (ट्राईफेक) से अमभप्रेत ह , ''कमपनी अगधननयम, 2013 के अधीन िदित एवं ननिममत मध्यप्रदेश टे्रड एंड इन्वेस्टमेन्ट फ मसलेटेशन कापोरेशन मलममटेड िो मध्यप्रदेश शासन, वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि के अधीन ह ।''

5. प्रबांक सांचालक से अमभप्रेत ह , ट्रायफेक तथा मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों एवं इण्डजस्ट्रयल इन्रास्ट्रक्चर ववकास केन्र में पदस्थ प्रबंध संचालक।

6. मध्यप्रदेश औद्योगगक केन्द्र ववकास कनगम से अमभप्रेत ह मध्यप्रदेश टे्रड एण्ड इनवेस्टमेंट फेमसमलटेशन कापोरेशन मलममटेड की सहायक कंपननयां जिनके वतषमान में उज्ि न, सािर, भोपाल, ग्वामलयर, इंदौर, िबलपुर तथा रीवा में कायाषलय स्थावपत हैं तथा अन्य ऐसी कंपननयां िो भववष्य में मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के अथवा अन्य नाम से राज्य शासन द्वारा िदित की िायें।

7. महाप्रबांकक, जजला व्यापार एवां उद्योग केन्द्र से अमभप्रेत ह , ''जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र में पदस्थ महाप्रबंधक। *8 जजला व्यापार एवां उद्योग केन्द्र से अमभप्रेत ह , मध्यप्रदेश शासन सूक्ष् म, लघु और मध् यम उद्यम ववभाि के प्रदेश के समस्त जिलों में स्थावपत कायाषलय। (* रािपत्र ददनांक ------------2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16- 09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 1 द्वारा 3 संशोगधत)

9. वहृद् औद् योगगक इकाई से अमभप्रेत ह , ''भारत सरकार, वाणणज्य एवं उद्योि मंत्रालय द्वारा समय-समय पर पररभावर्त वहृद् औद्योगिक इकाई/ववननमाषण उद्यम।

10. औद्योगगक भूमम उद्योि ववभाि या उनके ननिमों के आगधपत्य की अववकमसत/ववकमसत /ववकमसत की िाने वाली भूमम।

11. औद्योगगक क्षेत्र औद्योगिक क्षेत्र से अमभप्रेत वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि के स्वाममत्व/आगधपत्य की भूमम पर ववकमसत क्रकये िये/िान ेवाले क्रकसी क्षेत्र से ह , चाहे उस े क्रकसी भी नाम यथा ववकास केन्र, औद्योगिक संस्थान, अद्षधशहरी औद्योगिक संस्थान, ग्रामीण कमषशाला, फूड पाकष , रेडीमेड िारमेन्ट् स कामपलेक्स, स्टोन पाकष , िेमस एण्ड ज्व लरी पाकष , ट क्सटाईल पाकष , डायमण्ड पाकष , साफ्टवेयर टेक्नोलॉिी पाकष , ि व प्रौद्योगिकी पाकष , ननयाषत पाकष , ववमभन्न औद्योगिक पाकष से राज्य शासन द्वारा नाममत क्रकया िावे एवं चाहे उसका संचालन जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम या ववभाि के अतंिषत अन्य ननिम के अधीन हो।

12.1 औद्योगगक प्रयोजन

12.2 व्यावसाकयक प्रयोजन

12.3 आवासीय प्रयोजन से अमभप्रेत ह , ''भूमम/भवन का औद्योगिक प्रयोि, जिससे उद्योि की आवश्यकताओं की पूनत ष होती ह ।'' से अमभप्रेत ह , निर तथा ग्राम ननवेश अगधननयम, 1973 के अतंिषत पररभावर्त व्यावसानयक प्रयोिन । से अमभप्रेत ह , निर तथा ग्राम ननवेश अगधननयम, 1973 के अतंिषत पररभावर्त आवासीय प्रयोिन ।

12.4 औद्योगगक अववकमसत भूमम औद्योगिक प्रयोिन हेत ुउद्योि ववभाि के आगधपत्य की अववकमसत भूमम।

12.5 औद्योगगक ववकमसत भूमम उद्योि ववभाि अथवा उनके अधीन ननिमों के द्वारा औद्योगिक प्रयोिनों हेतु ववकमसत की िई अगधसूगचत 4 भूमम।

12.6 ववकमसत की जाने वाली भूमम औद्योगिक ववकास हेतु उद्योि ववभाि के अधीन ननिमों के आगधपत्य की अववकमसत भूमम।

13. उद्योग आनुर्ांगगक प्रयोजन से अमभप्रेत ह , उद्योिों हेतु सहायक/आवश्यक िनतववगधयां, जिनका सामानयक ननधाषरण राज्य शासन द्वारा समय- समय पर क्रकया िा सकेिा।

14. आवांटन प्रागककारी से अमभप्रेत ह , ''ननयमों में भूमम/भवन आवंटन हेत ु अगधकृत प्रागधकारी।''

15. आवांटी से अमभप्रेत ह , ''औद्योगिक भूमम/औद्योगिक भवन का आवंटन प्राप्तकत्ताष इकाई, जिसका व ध संििन स्वाममत्व /भािीदारी /पंिीकृत सममनत /प्राईवेट मलममटेड /पजब्लक मलममटेड कमपनी /पजब्लक यूदटमलटी/ एल एल पी/ ट्रस्ट /एच यू एफ का हो सकता ह ।''

16. पट टादाता से अमभप्रेत ह , ''मध्यप्रदेश राज्य के राज्यपाल की ओर से पट् टाववलेख प्रागधकृत ननष्पादनकताष प्रागधकारी, जिसन े आवंटी को आवंदटत भूमम/भवन का पट् टाववलेख आवंटी के साथ ननष्पाददत क्रकया ह ।''

17. पट टाग्रहीता से अमभप्रेत ह , ''भूमम/भवन की वह आवंटी इकाई, जिसन े पट् टादाता के साथ पट् टाववलेख/ लीज़डीड ननष्पाददत की ह ।''

18. सक्षम प्रागककारी से अमभप्रेत ह इन ननयमों में उल्लेणखत कायष संपादन हेत ु अगधकृत अगधकारी तथा इन ननयमों में उल्लेख में आए अन्य ववभािों के ननयमों / अगधननयमों के अतंिषत ववमभन्न दानयत्वों के संपादन हेतु अगधकृत अगधकारी।

19. उच्च प्रागककारी से अमभप्रेत महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के संदभष में पररक्षेत्रीय उद्योि अगधकारी / उद्योि आयुक्त, पररक्षेत्रीय उद्योि अगधकारी के संदभष में उद्योि आयुक्त एवं उद्योि आयुक्त के संदभष में प्रमुख सगचव/सगचव, मध्यप्रदेश शासन, वाणणज्य उद्योि और रोििार ववभाि से ह , प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के संदभष में अध्यक्ष, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम तथा अध्यक्ष, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के 5 संदभष में अध्यक्ष, ट्राईफेक से ह ।

20. कनममषत क्षेत्र से अमभप्रेत फ क्ट्री भवन, िोदाम, कायाषलय भवन, टैंक, साइलोस, (कंटेनर), मसक्यूररटी आक्रफस, पावर सब-स्टेशन, पमप हाउस एवं पानी की टंकी, ववद्युत िनरेटर, सेट/बायलर रूम आदद उत्पादन से सीधे संबंगधत पक्के ननमाषण से ह । बाउण्री वॉल, सड़क, नाली, आदद इन ननयमों के प्रयोिन हेतु ननममषत क्षेत्र के रूप में मान्य नहीं होंिे।

21. प्रब्याजज (प्रीममयम) से अमभप्रेत सक्षम प्रागधकारी द्वारा, समय-समय पर ननधाषररत, भूमम आवंटन के समय भमूम मूल्य के संदभष में इकाई से प्राप्त की िाने वाली रामश से ह ।

22. ककराया से अमभप्रेत सक्षम प्रागधकारी द्वारा समय-समय पर ननधाषररत प्रनतमाह शडे/भवन के आवंटी से ली िाने वाली रामश से ह ।

23. भू-भाटक (लीज़ रेंट) से अमभप्रेत सक्षम प्रागधकारी द्वारा समय समय पर ननधाषररत प्रनतवर्ष आवंटी से ली िाने वाली रामश।

24. वावर्षक सांकारि शुल्क से अमभप्रेत सक्षम प्रागधकारी द्वारा समय-समय पर ननधाषररत की िाने वाली रामश से ह िो प्रनतवर्ष आवंटी से औद्योगिक क्षेत्र के संचालन एवं संधारण के उद्देश्य से प्राप्त की िाए।

25. ववकास शुल्क

26. हस् तानाांतरि शुल् क से अमभप्रेत औद्योगिक क्षेत्र के आंतररक ववकास की रामश से ह िो आवंटी इकाई से आवंटन के समय एक मुश्त प्राप्त की िावेिी। से अमभप्रेत औद्योगिक प्रयोिन, व्यवसाययक, आवासीय एवं वेयर हाऊससगं प्रयोिन हेतु आवंदटत भूमम के हस् तानांतरण पर नवीन आवंटी से ली िाने वाली रामश ।

27. ररक्त भूखण्ड/भूमम (1) ऐसे भूखण्ड/भूमम से ह िो त्रबना आवंटन के ररक्त ह ।

(2) ऐसे भूखण्ड/भूमम से भी ह जिसमें आवंटन के पश्चात प्रस्तुत मूल पररयोिना रामश के 25 प्रनतशत स ेकम रामश का पूंिी व ष्िन ननधाषररत समय-सीमा में क्रकया िया हो। 6

(3) उददेश्य - इन ननयमों का उद् देश्य वाणणज्य उद्योि और रोििार ववभाि के आगधपत्य की औद्योगिक भूमम, भवन/शडे का शे्रष्ितम उपयोि क्रकया िाना तथा इनका प्रभावी संधारण एवं प्रबंधन क्रकया िाना ह ।

(4) औद्योगगक भूमम के आवांटन हेतु पात्रता -

1. ननमन उद्यममयों/इकाइयों को नवीन उद्योि की स्थापना, स्थावपत इकाई के ववस्तार एवं दशाषई िई िनतववगधयों/उपयोि के मलए भूमम, भवन/शडे का आवंटन क्रकया िा सकेिा :-

(i) वहृद उद्योि इकाई ।

(ii) सुक्ष् म, लघु एवं मध् यम उद्यम इकाई।

(iii) व्यवसाययक, आवासीय, वेयर हाऊससगं आदि प्रयोिन।

(iv) उद्योि अनुषांगगक प्रयोजन ।

(v) भारत शासन/राज्य शासन अथवा उनके उपिमों द्वारा स्थावपत की िाने वाली औद्योगिक/सेवा/आनुर्ंगिक प्रयोिन इकाई।

(vi) ननयमों के संलग्न "पररमशष्ट-ए" में वणणषत अनत प्रदरू्णकारी एवं खतरनाक शे्रणी के उद्योिों को सामान्यतैः भूमम आवंदटत नहीं की िावेिी, क्रकन्त ु इस शे्रणी के उद्योिों को उन्हीं औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम, भवन/शडे आवंटन की पात्रता होिी, जिनमें ऐसे उद्योिों हेतु पथृक िोन गचजन्हत क्रकये िये हैं।

(vi) ननयमों के संलग्न "पररमशष्ट-बी" में वणणषत िनतववगधयॉ ंऔद्योगिक क्षेत्रों में भूमम आवंटन की पात्रता नहीं रखेंिी । * (vii) उद्योि संवधषन नीनत, 2014 अतंिषत खाद्य प्रसंस् करण इकाईयों को घोवर्त ववशरे् प केि में पररभावर्त खाद्य प्रसंस् करण इकाईयॉ । ** (viii) ववज्ञान एवं प्रौद्योगिकी ववभाि की सूचना प्रौद्योगिकी ननवेश नीनत अतंिषत इकाईयॉ । (* एव ं** रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसचूना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 2 द्वारा संशोगधत ) 7

2. राज् य शासन समुगचत ववचारोपरान् त उद्योि ववभाि के स् वाममत् व तथा आगधपत् य की भूमम पर औद्योगिक क्षेत्रों की सीमाओं त था क्षेत्रफल का ननधाषरण करेिा और उन् हें रािपत्र में अगधसूगचत करेि ।

3. आवंटन प्रागधकारी द्वारा औद्योगिक क्षेत्र में भूखण्ड का आवंटन सक्षम प्रागधकारी द्वारा अनुमोददत अमभन्यास के अनुसार क्रकया िावेिा। अमभन्यास में औद्योगिक, अनुर्ांगिक, व्यवसानयक, वेयर हाऊमसिं तथा रहवासी क्षेत्रों को पथृक - पथृक दशाषया िावेिा।

4. औद्योगिक अववकमसत भूमम केवल औद्योगिक क्षेत्रों तथा वहृद औद्योगिक इकाईयों को ही आवंदटत की िा सकेिी ।

(5) औद्योगगक क्षेत्रों का अमभन्द्यास -

(i) ये ननयम प्रवतृ्त होने के पश्चात ववकमसत होने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में ननमन मापदण्डों का पालन करते हुए अमभन्यास त यार क्रकया िाएिा - क. आवंटन योग्य भूमम का अगधकतम 10 प्रनतशत वयेर हाउमसिं हेतु। ख. आवंटन योग्य भूमम का अगधकतम 25 प्रनतशत आवासीय एवं व्यवसानयक प्रयोिन हेत।ु ग. आवंटन योग्य भूमम का अगधकतम 5 प्रनतशत उद्योि आनुर्ंगिक प्रयोिन हेत ु। घ. आवंटन योग्य भूमम का न्यूनतम 20 प्रनतशत एमएसएमई हेतु आरक्षक्षत रखने के प्रावधान क्रकए िायेंिे।

(ii) औद्योगिक क्षेत्रों के अमभन्यास का अनुमोदन निर तथा ग्रामीण ननयोिन अगधननयम की धारा 27 के तहत सक्षम प्रागधकारी से प्राप्त क्रकया िावेिा।

(iii) अनुमोददत अमभन्यास के अनुरूप ही आवंटन क्रकया िावेिा अथवा अनुमनत दी िा सकेिी, परंतु व्यावसानयक एवं वेयर हाऊससगं गयिववगि हेिु आवंदिि भूखडं पर सक्षम अगिकारी से अनुमयि प्राप्ि कर औद्योगगक गयिववगि संचासिि की जा सकेगी। उद्योि अनुर्ांगिक प्रयोिन हेिु आवंदिि भूखडं एवं आवासीय भूखडंों में अन्य प्रयोिन के संचािन अथवा पररवितन की अनुमयि नहीं होगी।

(6) आवांटन हेतु भूमम की मात्रा का कनकाषरि :- इकाई द्वारा भूमम आवंटन हेतु आवेदन पत्र के साथ पररयोिना अनुसार प्रस्ताववत क्षेत्र का ले-आउट प्लान प्रस्तुत क्रकया िावेिा, तत्पश्चात आवंटन प्रागधकारी द्वारा भूमम की आवश्यकता/मात्रा की िणना ननममषत क्षेत्र के आधार पर भूमम की मात्रा का ननधाषरण करेिा। औद्योगिक क्षेत्रों में ननममषत क्षेत्र अगधकतम 60 प्रनतशत तथा न्यूनतम 40 8 प्रनतशत तथा फशी क्षेत्रानुपात (एफ.ए.आर.) अगधकतम 1.50 प्रनतशत मान्य क्रकया िावेिा।

(7) औद्योगगक, व्यवसाकयक, वेयर हाऊमसांग एवां उद्योग अनुर्ाांगगक प्रयोजन हेतु भूमम के आवांटन की प्रककया, अगककाररता, दरें, हस्ताांतरि की प्रककया आदद पथृक-पथृक होगी। भाग - 1 औद्योगगक भूमि एवं भवन का आवंटन

(8) औद्योगगक भूमम/भवन आवांटन के अगककार :-

(i) ववकामसत/ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में इकाईयों को औद्योगिक प्रयोिन हेतु भूमम का आवंटन महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र एवं प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों के द्वारा प्रदत्त अगधकाररता के अनुसार क्रकया िावेिा। औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों के क्षेत्रान्तिषत आने वाले औद्योगिक ववकास केन्रों में भू-आवंटन की अगधकाररता की सीमा का ननधाषरण ननिम के ननधाषररत संचालक मंडल द्वारा क्रकया िाएिा तथा जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के अधीनस्थ औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम के आवंटन की सीमा की अगधकाररता ननमनानुसार होिी। अ महाप्रबंधक - दो ह क्टेयर तक ब पररक्षेत्रीय उद्योि प्रागधकारी - दो ह क्टेयर से चार ह क्टेयर तक स उद्योि आयुक्त - चार ह क्टेयर से 8 ह क् टेयर तक द राज् य शासन - 8 ह क् टेयर से अगधक *(ii) औद्योगिक प्रयोिन हेतु 20 हेक् टेयर तक अववकमसत औद्योगिक भूमम का आवंटन प्रबंध संचालक एमपीट्रायफेक द्वारा क्रकया िावेिा, 20 हेक् टेयर से अगधक अववकमसत औद्योगिक भूमम का आवंटन राज् य शासन के अनुमोदन उपरान् त प्रबंध संचालक एमपीट्रायफेक द्वारा क्रकया िावेिा। (* रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

17.08.2016 की कजण्डका िमांक 1 द्वारा संशोगधत)

(iii) औद्योगिक भवनों के आवंटन के अगधकार यथा जस्थनत महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र /प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम को होंिे ।

(9) भूमम के आवांटन हेतु प्रब्याजज, ववकास शुल्क, भू-भाटक तथा वावर्षक सांकारि शुल्क –

(i) ववकमसत एवं ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम आवटंन हेत ु प्रब्याजि, ववकास शुल्क, भू-भाटक तथा वावर्षक संधारण शुल्क तय होिा। अववकमसत भूमम के मलए प्रब्याजि तथा भू-भाटक देय होिा । 9

(ii) प्रब्याजि की िणना भूमम के मूल्य में दी िान ेवाली ूूट को प्रभावी कर िणणत की िायेिी तथा वावर्षक भू-भाटक प्रब्याजि का 2 प्रनतशत होिा । * यदद आवंटी इकाई भूमम आवंटन के समय ननधाषररत भ-ूभाटक की रामश का 10 िुना एकमुश् त िमा करता ह तो उस आवंटी इकाई शरे् 20 वर्ों के मलये भू- भाटक से मुक् त होिी अथाषत 10 वर्ष पश् चात ऐ ऐसी इकाईयों को भ-ूभाटक का भुितान नहीं करना होिा । यह ननयम पट्टा नवीनीकरण के समय भी प्रभावशील होिा (* रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 3 द्वारा संशोगधत)

(iii) ववकास शुल्क की िणना औद्योगिक क्षेत्र के आंतररक ववकास में हुए कुल व्यय पर समानुपानतक रूप से की िायेिी तथा ववकास शुल्क भूमम आवंटन के समय एकमुश्त देय होिा । ** परन् तु जिला व् यापार एवं औद्योगिक केन् र द्वारा पूवष से ववकमसत औद्योगिक क्षेत्रों हेतु ववकास शुल् क की िणना औद्योगिक क्षेत्रों के आंतररक ववकास में हुए कुल व् यय पर समानुपानतक रूप से अथवा 100 रूपये प्रनत विषमीटर, इनमें से िो भी कम हो, की िावेिी । यह ववकास शुल् क भूमम आवंटन के समय एकमुश् त देय होिा । (** रािपत्र ददनांक 07-08-2015 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

28.07.2015 की कजण्डका िमांक 1 द्वारा संशोगधत)

(iv) औद्योगिक क्षेत्रों के संधारण को बनाये रखने की दृजष्ट से जिला उद्योि केन्र तथा औद्योगिक केन्र ववकास ननिम अनुमाननत वावर्षक संधारण व्यय का आकलन करेंिे तथा इसे समानुपानतक रूप से कुल आवंटन योग्य क्षेत्र पर प्रनत विषमीटर िणणत क्रकया िायेिा । आवंटी द्वारा उसे आवंदटत क्षेत्रफल पर वावर्षक संधारण शुल्क देय होिा । *** परन् तु जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र द्वारा पूवष से ववकमसत औद्योगिक क्षेत्रों हेतु अनुमाननत वावर्षक संधारण व् यय का आकलन करेंिे तथा इसे समानुपानतक रूप से कुल आवंटन योग् य क्षेत्र पर प्रनत विषमीटर अथवा 10 रूपये प्रनत विषमीटर के आधार पर िणणत क्रकया िावेिा, इनमें िो भी कम हो, आवंटी द्वारा उसे आव ंदटत क्षेत्रफल पर वावर्षक संधारण शुल् क देय होिा । ( *** रािपत्र ददनांक 25.09.2015 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

21.08.2015 की कजण्डका िमांक 2 द्वारा संशोगधत) **** ''ऐसे औद्योगिक क्षेत्र जिनके ननवाषगचत संघ द्वारा स् वयं औद्योगिक क्षेत्र के संधारण हेतु महाप्रबंधक, जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र, को मलणखत में सहमनत प्रदान की िाती ह , उन औद्योगिक क्षेत्रों में स् थावपत इकाईयों स ेसंधारण शुल् क की रामश वसूल नहीं की िावेिी । इन औद्योगिक क्षेत्रों के संधारण के मलये एक सममनत का ििन क्रकया िावेिा, जिसके अध् यक्ष औद्योगिक क्षेत्र के ननवाषगचत 10 संघ का अध् यक्ष होंिे तथा महाप्रबंधक, जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र, सममनत के सदस् य सगचव होंिे । सममनत में 03 अन् य सदस् य अध् यक्ष द्वारा नामांक्रकत क्रकये िावेंिे । सममनत प्रनतवर्ष संधारण शुल् क के मलये इकाईयों से प्राप् त की िाने वाली रामश का (प्रनत विषमीटर) का ननधाष रण करेिी तथा यह रामश एक पथृक खाते में िमा होिी । यह खाता अध् यक्ष एवं सदस् य सगचव के संयुक् त हस् ताक्षर से खोला िावेिा, जिन औद्योगिक क्षेत्रों के संघों द्वारा संधारण की सहमनत नहीं दी िावेिी, उन औद्योगिक क्षेत्रों में 10 रूपये प्रनत विषमीटर की दर से प्रनतवर्ष संधारण शुल् क की रामश प्राप् त की िावेिी ।'' उक् त प्रावधान सूक्ष् म, लघु तथा मध् यम उद्यम ववभाि अतंिषत जिला व् यापार एवं उद्योि केन् रों के प्रशासकीय ननयंत्रण वाले औद्योगिक क्षेत्रों पर लािू होिा । वाणणज् य, उद्योि एवं रोििार ववभाि अतंिषत औद्योगिक केन् र ववकास ननिमों के प्रशासकीय ननयंत्रण वाले औद्योगिक क्षेत्रों/केन् रों/पाकष पर संधारण ऐ शुल् क संबंधी प्रावधान पूवष अनुसार यथावत रहेिा । जिन औद्योगिक क्षेत्रों का संधारण औद्योगिक संघों द्वारा क्रकया िा रहा हो वहा राज् य द्वारा संधारण पर कोई रामश व् यय नहीं की िायेिी । (**** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 4 द्वारा संशोगधत) **(v) ग्रामीण क्षेत्र में ववकमसत/ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम का मूल्य संबंगधत क्षेत्र की अमसगंचत कृवर् भूमम के मलए ननधाषररत कलेक्टर िाईड लाईन को 0.6 से भाि देने पर ननकाला िायेिा । निरीय क्षेत्र में ववकमसत/ ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम का मूल्य उक् त निरीय क्षेत्र के ननकटतम जस्थत अमसगंचत कृवर् भूमम के मलये ननधाषररत कलेक् टर िाईड लाईन को 0.6 से भाि देने पर ननकाला िायेिा । (** रािपत्र ददनांक 07-08-2015 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

28.07.2015 की कजण्डका िमांक 2 द्वारा संशोगधत) *** परन् तुक इसके क्रियान् वयन हेतु ददशा ननददेशश प्रशासकीय ववभाि द्वारा ववत् त ववभाि की सहमनत तथा ननवेश संवषधन पर मत्रत्र-पररर्द सममनत के अनुमोदन से िारी क्रकये िावेंिे;

परन् तु औद्योगिक क्ष् ोत्रों में भूमम की दर कम प्रतीत होने पर औद्योगिक केन् र ववकास ननिमों को यह अगधकार होिी क्रक वे अपने संचालक मण् डल की अनुमनत से उक् त मूल् य को ब़ा ा सकें । (*** रािपत्र ददनांक 07-08-2015 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

28.07.2015 द्वारा संशोगधत) 11

(vi) अववकमसत भूमम का मूल् य जिले के भूमम से संलग् न क्षेत्र में अमसगंचत कृवर् भूमम के मलए ननधाषररत कलेक् टर िाईड लाईन के बराबर होिा । * (vii) ववकमसत तथा ववकमसत क्रकए िाने वाले ऐसे औद्योगिक क्षेत्र िो जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र के प्रबधंन में ह , उनके मलए आवश् यक होिा क्रक आवंटन के पूवष दरों का अनुमोदन उद्योि आयुक् त से कराया िाये । औद्योगिक केन् र ववकास ननिमों के संदभों में उनके संचालक मण् डल से अनुमोदन आवश् यक होिा । (* रािपत्र ददनांक 25.09.2015 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 11-26/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

21.08.2015 की कजण्डका िमांक 1 द्वारा संशोगधत)

(10) प्रीममयम की गिना हेतु भूमम के मूल्य में छूट/ररयायत

10.1 प्रब् याजज से आशय उस रामश से ह िो आवंटी द्वारा भूमम का आवंटन प्राप् त करने के एवि में देय ह । प्रब् याजि की िणना, भूमम के मूल् य पर दी िई ूूट के अनुसार होिी, अथाषत भूमम के मूल् य में दी िई ूूट को प्रभावी करने के उपरान् त देय प्रब् याजि की रामश होिी। इस ूूट के संबंध में ननवेश संवषधन पर मंत्रत्रपररर्द सममनत के अनुमोदन उपरांत राज् य शासन द्वारा समय-समय पर सामान् य या ववमशष् ट आदेश से िारी क्रकये िावेंिे ।

10.2 औद्योगगक केन्र ववकास यनगम अपने भूखडंों के आवंिन हेिु प्रीसमयम की रासि में समुगचत कारणों से आवश्यकिानुसार वदृ्गि एवं कमी राज्य िासन की पूवष अनुमयि से कर सकें िे परन्तु राज्य शासन द्वारा यह अनुमनत ववत्त ववभाि से परामशष के उपरान्त ही दी िा सकेिी ।

10.3 आवंटी इकाईयों की देयताओं के संदभष में ववलंब अवगध हेतु 10 प्रनतशत प्रनतवर्ष की दर से साधारण ब्याि रामश देय होिी।

(11) आवांटन हेतु आवेदन - **(i) अववकमसत भूमम :- अववकमसत भूमम हेतु वहृद औद्योगिक इकाई संबंगधत प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम / आई आई डी सी ग् वामलयर में एम पी ट्रायफेक की वेबसाईट पर अपलोड या ननधाषररत प्रपत्र पर आवेदन एव ं च कमलस्ट के अनुसार अन्य अमभलेख, आवेदन शुल्क की रामश रूपये 10,000/- िमा करेिा। संबंगधत प्रबंध संचालक, ए के व् ही एन / आई आई डी सी ग् वामलयर आवेदन का परीक्षण, आवेददत भूमम की मात्रा, प्रचमलत प्रब्याजि का 25 प्रनतशत अगग्रम रामश िमा कराकर, भूमम की मात्रा की िणना कर अनुशंसा सदहत प्रबंध संचालक, एम पी ट्रायफेक को अगे्रवर्त करेिा। (** रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

17.08.2016 की कजण्डका िमांक 2 द्वारा संशोगधत)

(ii) ववकमसत/ववकमसत क्रकए िाने वाली भूमम :- पात्र आवेदक इकाईयां ननिमों/ जिला व्यापार एवं उद्योि केन्रों द्वारा ववकमसत/ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक 12 क्षेत्रों में भूमम हेतु ननधाषररत आवेदन प्रपत्र पर आवेदन एवं च कमलस्ट अनुसार अन्य अमभलेख एवं आवेदन शुल्क की रामश िमा कर संबंगधत जिले के जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र/ औद्योगिक ववकास केन्रों के कायाषलय के मसिंल ववण्डो मसस्टम में आवेदन िमा करना होिा। इकाई को तत्समय प्रचमलत प्रब्याजि का 25 प्रनतशत अगग्रम रामश िमा करनी होिी। सूक्ष्म एवं लघु उद्योिों हेत ु आवेदन शुल्क रामश रूपये 2000/-, मध्यम उद्योि इकाईयों हेतु आवेदन शुल्क की रामश रूपये 5000/- एवं वहृद् इकाईयों हेत ुआवेदन शुल्क रूपये 10000/- होिा।

(iii) च क मलस्ट के अनुसार अमभलेख इकाई को आवेदन पत्र के साथ संलग्न/ अपलोड करना होिा -

1. औद्योगिक िनतववगध की पररयोिना प्रनतवेदन, जिसमें यतं्र-सयंतं्र उपकरण तथा इनसे ससुिंत औद्योगिक शडे, कच्चे माल की व्यवस्था, ववत्तीय प्रबधंन, प्रस्ताववत रोििार सिृन, पररयोिना की व्यवसानयक आवश्यकता, आवश्यक ननममषत क्षते्र का ववस्ततृ वववरण हो। * 2. औद्योगिक अथवा पररभावर्त आनरु्ांगिक प्रयोिन के मलए इन्टरवप्रननयोर मेमोरेण्डम / आई ई एम

3. पररयोिना में दमशषत ननममषत क्षेत्र का प्रस्ताववत मानगचत्र (ले-आऊट प्लान)।

4. पररयोिना क्रियान्वयन का समयबद्ध कायषिम

5. पररयोिना की ववत्तीय व्यवस्था की योिना। ** 6. ''रक्षा उत् पाद ननमाषण इकाई के मामले में भूमम आवंटन आवेदन के साथ अनतररक् त रूप से एक शपथ पत्र प्रस् तुत करना होिा, की आवंदटत भूमम का उपयोि आवंटन के उद्येश् य से नहीं क्रकये िाने पर भूमम आवंटन और पट्टामभलेख ननरस् त क्रकया िा सकेिा। (*, ** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 5 द्वारा संशोगधत)

(iv) पूणष आवेदन एवं आवेदन-शुल्क िमा कर देने मात्र से आवेदक को आवेददत भूमम की मात्रा एवं आवंटन के संबंध में कोई अगधकार प्राप्त नहीं होंिें। उद्योि के मलए आवश्यक भूमम की मात्रा का आंकलन ननयमों के प्रावधान अतंिषत भू-आवंटन प्रागधकारी द्वारा क्रकया िावेिा।

(v) औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों के आगधपत्य के औद्योगिक क्षेत्रों हेतु रामश संबंगधत औद्योगिक केन्र ववकास ननिम/ प्रबंध संचालक के नाम से िॉस चके/बैंक राफ्ट/ई-पेमेंट/साईबर टे्रिरी चालान द्वारा िमा की िायेिी । ननधाषररत 13 आवेदन पत्र आवश्यक सहपत्रों की चके मलस्ट सदहत महाप्रबंधक/प्रबंध संचालक द्वारा नन:शुल्क उपलब्ध कराया िायेिा। आवेदन शुल्क के अनतररक्त आवेददत भूमम हेतु आवेदन ददनांक को प्रचमलत प्रब्याजि की 25 प्रनतशत अगग्रम रामश आवेदन के साथ िमा करनी होिी। इस रामश को आशय पत्र िारी करते समय त्रबना ब्याि के समायोजित की िाकर देय रामश की िणना की िाएिी।

(12) आवेदनों के कनराकरि की प्रकक्रया :- *(i) अववकमसत भूमम अववकमसत औद्योगिक भूमम हेतु प्राप्त आवेदनों का ननराकरण समयक तथ्यों के आधार पर होिा। सक्षम प्रागधकारी की स्वीकृनत पश्चात आवंटन आदेश िारी करने की स् वीकृनत प्रबंध संचालक, एम पी ट्रायफेक के द्वारा दी िावेिी। प्रबंध संचालक, एम पी ट्रायफेक की स ऐ वीकृनत पश् चात आशय पत्र, आवंटन आदेश एवं लीि डीड के ननष् पादन हेत ुवाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि की ओर से संबंगधत प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम / आई आई डी सी ग् वामलयर द्वारा क्रकया िावेिा। (* राजपत्र ददनाांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगकसूचना क्रमाांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनाांक

17.08.2016 की कजण्डका क्रमाांक 3 द्वारा सांशोगकत)

(ii) ववकमसत एवं ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों/ ववकास केन्रों में औद्योगिक उपयोि हेतु आवंदटत क्रकये िाने वाले भूखडं - (अ) ववकमसत क्रकए िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में ववकास योिना बनाकर औद्योगिक केन्र ववकास ननिम/ जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र ववकास योिना ववज्ञावपत कर इन ननयमों के अतंिषत पात्रता रखने वाले आवेदकों से भूखण्ड/ भवन आवंटन हेतु अगग्रम आवेदन/एक्सप्रेशन ऑफ इन्टरेस्ट प्राप्त कर सकें िे। प्रबंध संचालक एवं महाप्रबंधक के द्वारा पूवष से ही समय सारणी तय की िावेिी और ननधाषररत समय पर ऑन लाईन पद्वनत स े ननयत समय के मलए आवेदन पत्र बुलाये िाएिें। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र,/ प्रबंध संचालक औद्योगिक केन्र ववकास ननिम मात्र औद्योगगक प्रयोजन हेि ु भूखडं के प्राप्त आवेदनों के साथ ननधाषररत अगग्रम रामश एवं आवेदन शुल्क प्राप्त करेंिे। (औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के अतंिषत आने वाले औद्योगिक ववकास केन्रों के मलए अगग्रम रामश अगग्रम वापसी का ननधाषरण औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के संचालक मण्डल द्वारा क्रकया िायेिा।) रामश सदहत प्राप्त आवेदनों को ''प्रथम आओ प्रथम पाओ'' प्रणाली के अतंिषत प्रतीक्षा सचूी अतंिषत वरीयता मानी िावेिी एवं औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत अधोसंरचना ववकमसत होने के पश्चात ऐ तत्समय ननधाषररत औपचाररकताओं की पूनत ष ि से प्रब्याजि एवं अन्य शुल्कों के भुितान 14 करने पर भूमम आवंटन क्रकया िावेिा। ऐसे प्रकरणों में आवेदन के साथ िमा रामश आवंटन के समय देय रामश के ववरूद्ध त्रबना ब्याि समायोजित की िायेिी। (ब) ऑन लाईन प्राप्त आवेदनों का आवंटन प्रागधकारी परीक्षण कर आवेदक के भू- खण्ड/शडे की आवश्यकता एवं मात्रा का आंकलन करेिा। ववकमसत/ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम/भवन का आवंटन 'प्रथम आओ, प्रथम पाओ' मसद्धांत अतंिषत आवेदन-िम से क्रकया िावेिा। (स) भू-खण्ड, भवन हेतु पूणष आवेदन प्राजप्त उपरांत आवेदक को पात्रता होने पर आवश्यकता, मांि एवं उपलब्धता को दृजष्टित अननवायषतैः पन्रह ददवस में ननधाषररत प्रारूप में आशय पत्र िारी कर ददया िायेिा । आशय पत्र के साथ आवेदक की सहमनत प्राप्त करन ेहेत ुसहमनत पत्र का ननधाषररत प्रारूप भी संलग्न क्रकया िायेिा। (द) अद्यतन आवेदन पत्र सूची ववभािीय/ननिम की वेबसाइट पर प्रदमशषत होिी। यह सूची स्थाई रहेिी । सूची के आवेदको को आवंटन क्रकये िाने पर, उनके द्वारा आवंटन वापस क्रकये िाने पर या नवीन आवंटन की प्राजप्त पर सूची को अद्यतन करना होिा। आवेदकों को आवेदन पत्र में ई-मेल एवं मोबाईल नमबर उल्लेणखत करना होिा ताक्रक आवंटन के संबंध में तत्काल सूचना दी िा सकेिी । (इ) प्राप्त आवेदनों में आशय पत्र िारी करने के ददनांक को लािू प्रब्याजि, भू-भाटक, ववकास शुल्क एवं संधारण शुल्क की दरों के आधार पर देय रामशयों की िणना की िावेिी तथावप आवेदन पत्र के साथ िमा प्रब्याजि की 25 प्रनतशत अगग्रम रामश समायोिन योग्य होिी। औद्योगिक केन्र ववकास ननिम द्वारा ववकमसत क्रकए िाने वाले क्षेत्र में से कुू भूमम त्रबना आंतररक अधोसंरचना ववकास के आवंदटत क्रकए िाने पर प्रबंध संचालक द्वारा बाह्य अधोसंरचना ववकास शुल्क को शाममल करते हुए आवंटन क्रकया िा सकेिा। *(फ) सक्षम प्रागधकारी क्रकसी इकाई को ऐसे औद्योगिक क्षेत्र में िहां अधोसंरचना ववकास कायष प्रारंभ कर ददया िया हो भूमम आवंटन कर सकेिा, बशतदेश क्रक इकाई द्वारा ननधाषररत प्रब्यािी एवं ववकास शुल्क का भुितान क्रकया िाएिा। इकाई द्वारा ववकासशील क्षेत्र में यदद भूखण् ड का आगधपत् य प्राप् त करने हेतु सहमनत दी िाती ह तो भूखण् ड का आगधपत् य ददया िा सकेिा, क्रकन् तु ऐसे प्रकरणों में तत् समय संधारण शुल् क प्रभाररत नहीं होिा। (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 6 द्वारा संशोगधत) 15

(13) भू-खण्ड/भवन का आवांटन आदेश, पट टाववलेख कनष्पादन एवां आगकपत्यः-

(i) आशय-पत्र : आशय-पत्र िारी होने के ददनांक से 30 ददन में आवंटी द्वारा आशय-पत्र में उल्लेणखत देय रामश प्रबंध संचालक / महाप्रबंधक के कायाषलय में सहमनत पत्र सदहत िमा की िायेिी। इस अवगध के उपरांत कारण उल्लेणखत करते हुए आवंटी को आशय-पत्र ननरस्त करने हेतु 30 ददवसीय कारण बताओ सूचना-पत्र िारी क्रकया िावेिा। सूचना-पत्र में वणणषत अवगध में ववलंत्रबत अवगध के 10 प्रनतशत की दर से साधारण ब्याि सदहत रामश िमा न करने पर आशय पत्र ननरस्त कर ददया िायेिा एवं उसकी ववगधवत सूचना पंिीकृत डाक/स्पीड पोस्ट से आवेदक को, उसके आवेदन पत्र में दशाषए पते पर भेि दी िायेिी। इस प्रावधान के तहत आशय पत्र की व धता िारी करने की ददनांक से अगधकतम 60 ददन होिी। आशय-पत्र की व धता समाप्त होन ेपर इकाई को िमा की िई प्रीममयम रामश का 90 प्रनतशत वावपस की िावेिी।

(ii) आवंटन आदेश िारी करना : आशय-पत्र की शतों की पूनत ष, जिसमें वांनूत रामश यथा प्रीममयम, संधारण शुल्क िमा हो िाने के उपरांत आवंटनकताष प्रागधकारी द्वारा आवंटन आदेश, ववमशष्ट भू-खण्ड/भवन का िमांक, सेक्टर तथा चतुषसीमा अकं्रकत कर 7 ददवस में िारी कर पंिीकृत पावती सदहत डाक से अथवा व्यजक्तित रूप से अथवा ऑनलाईन आवेदक को ववतररत क्रकया िायेिा। प्रत्येक आवंटन आदेश की प्रववजष्ट आवंटनकताष प्रागधकारी कायाषलय में लंबी अवगध तक नष्ट न होन े वाले कािि (ि स-ेहरा लेिर पेपर) से बनायी ियी पंिी में की िावेिी। *(iii) पट् टाववलेख का ननष्पादन : आवंटन आदेश की शतों की पूनत ष करने हेतु 30 ददवस के अंदर आवेदक को ननधाषररत प्रारूप पररमशष्ट – 1.1 एवं डी में लीिडीड ननष् पाददत कर पंिीकृत करानी होिी । समयावगध में अननच् ूु क आवंटी को 60 ददवसीय कारण बताओं सूचना पत्र िारी कर आवंटन आदेश ननरस् त क्रकया िा सकेिा । यदद आवंटी द्वारा समुगचत कारण से लीिडीड ननष् पादन 90 ददवस के अदंर नहीं कराया िया तो िुण-दोर् के आधार पर अध् यक्ष, औद्योगिक केन् र ववकास ननिम द्वारा अगधकतम 90 ददवस अनतररक् त समयावगध ब़ा ाई िा सकेिी । (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 7 द्वारा संशोगधत)

(iv) आगधपत्य/हस्तांतरण : लीिडीड पंिीयन के सात ददवस में भूमम, भवन/शडे के आगधपत्य का पट् टादाता के द्वारा पट् टाग्रदहता के पक्ष में हस्तांतरण आवश्यक होिा। अगधपत्य पत्र ननधाषररत प्रारूप में दो प्रनतयों में त यार क्रकया िायेिा, जिसकी एक प्रनत आवंटी के पास एवं दसूरी प्रनत आवंटनकताष अगधकारी के 16 कायाषलय में रखी िावेिी। पट् टाग्रदहता द्वारा ननधाषररत अवगध में आगधपत्य न प्राप्त करने पर यह माना िावेिा क्रक उसके द्वारा लीिडीड ननष्पादन ददनांक से आगधपत्य प्राप्त कर मलया िया (डीमड पिेशन) ह । **(v) ननधाषररत अवगध में पट् टाववलेख का पंिीयन न कराने/आगधपत्य न लेने की दशा में पट् टाग्रदहता को 30 ददवस की समयावगध का कारण बताओ सूचना पत्र पंिीकृत पावती डाक स े प्रेवर्त क्रकया िायेिा, क्रकन् तु इकाई के अनरुोध पर अगधकतम 90 ददवस की समयावगध आवंटन अगधकारी द्वारा िुण-दोर् के आधार पर ब़ा ाई िा सकेिी । इसके उपरांत भी पिंीकृत पट् टाववलेख प्रस्तुत न करने/आगधपत्य प्राप्त न करने पर ननष्पाददत पट् टाववलेख एवं आवंटन आदेश ननरस्त कर इकाई को उसके आवेदन पत्र में वणणषत पते पर पंिीकृत पावती डाक से सूगचत कर ददया िायेिा तथा उसके द्वारा िमा प्रब्याजि की 90 प्रनतशत रामश एवं ववकास शुल् क की शत प्रनतशत रामश त्रबना ब्याि के महाप्रबंधक/प्रबंध संचालक द्वारा वावपस कर दी िावेिी । (** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 8 द्वारा संशोगधत)

(vi) ऐसे मामलों, िहॉ ं उद्योि स्थापनाथष ववमशष्ट अनुमनतयॉ, ि से प्रदरू्ण ननयंत्रण ववगध/ननयमों, ववस्फोटक पदाथष उत्पाद संबंधी ननयमों, वन ववभाि, आबकारी ववभाि, ननयंत्रक, और्गध एवं प्रसाधन आदद के ननयमों के अतंिषत आवश्यक हो, में पट् टाववलेख ननष्पादन एवं आगधपत्य प्रदान करने हेत,ु ऐसी अनुमनतयों को बाध्यकारी नहीं माना िायेिा। ऐसे प्रकरणों में आगधपत्य प्राजप्त के एक वर्ष के अदंर भी अनुमनतयां प्राप्त नहीं होन ेकी दशा में, आवंटी भूमम समवपषत कर ननयम

(24) के प्रावधान अतंिषत प्रब्याजि की रामश का 90 प्रनतशत प्राप्त कर सकेिा। यदद उसके द्वारा भवन आदद का ननमाषण क्रकया िया ह तो उसको अपनी आजस्तयां ले िाने/हटाने की सुववधा होिी। आजस्तयों को बेचने की जस्थनत में ियकताष को पथृक से समपूणष प्रब्याजि व देय रामश िमा कर ननयमानुसार भू- आवंटन करा कर पट् टा ननष्पाददत कराना होिा। *** (14) पटटे की अवगक - पट् टे की अवगध औद्योगिक भूमम के मलये अगधकतम 30 वर्ष तथा औद्योगिक भवन हेतु अगधकतम 10 वर्ष होिी। ''परन् त ु इकाई के ववकल् प पर औद्योगिक भूमम के मलये पट्टे की अवगध अगधकतम 99 वर्ष तथा औद्योगिक भवन के मलये अगधक तम 30 वर्ष हो सकेिी । (*** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 9 द्वारा संशोगधत) 17

(15) पररयोजना का कक्रयान्द्वयन :-

(i) इकाई द्वारा उत्पादन प्रारंभ करना :- प्रत्येक पट् टाग्रदहता को भूमम/भवन का आगधपत्य प्राप्त कर ननजश्चत समयावगध में पररयोिना क्रियाजन्वत करना होिी। इस हेतु सभी आवश्यक प्रभावशील कदम उिा कर ननयमान्तिषत भवन ननमाषण कर यंत्र-संयंत्र की स्थापना कर ननमनानुसार समयावगध में उद्योि में उत्पादन प्रारंभ करना होिा। समयावगध की िणना इकाई द्वारा आगधपत्य प्राप्त करने के ददनांक से होिी - (अ) सूक्ष्म एवं लघु उद्योि के मामले में आगधपत्य ददनांक से दो वर्ष । (ब) मध्यम उद्योि के प्रकरणों में आगधपत्य ददनांक से तीन वर्।ं (स) वहृद उद्योि के प्रकरणों में आगधपत्य ददनांक से चार वर्।ं *(द) रक्षा उत् पाद ननमाषता इकाईयों के मामले में आगधपत् य ददनांक से 05 वर्ष । (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 10 द्वारा संशोगधत) * (ii) अववकमसत भूमम के प्रकरणों में ननधाषररत अवगध में प्रस्ताववत पररयोिना लाित का कम से कम 50 प्रनतशत स्थायी पूंिी ननवशे क्रकये िाने की दशा में प्रबांक सांचालक एम पी ट्रायफेक द्वारा ननैःशुल्क एक वर्ष की समय सीमा में वदृ्गध क्रकया िावेिा तत्पश्चात ऐ पुनैः प्रबांक सांचालक एम पी ट्रायफेक द्वारा प्रीममयम का 10 प्रनतशत दंड की रामश अगधरोवपत कर एक वर्ष की समय सीमा अनंतम रूप स े बढा सकेिा तत्पश्चात भी इकाई के उत्पादन में न आने पर इकाई का आवंटन स्वतैः ननरस्त हो िावेिा। (* रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

17.08.2016 की कजण्डका िमांक 4 द्वारा संशोगधत)

(iii) ववकमसत भूमम एवं भवन :- ववकमसत भूमम एवं भवन के प्रकरणों में उत्पादन प्रारंभ करने हेतु ननधाषररत समय सीमा के पश्चात आवंटी प्रागधकारी द्वारा इकाई के प्रस्ताववत पररयोिना का 50 प्रनतशत स्थाई पूंिी ननवेश क्रकये िाने की शतष पर एक वर्ष की समय सीमा ननैःशुल्क बढा सकेिा तत्पश्चात पुनैः अनंतम रूप से एक वर्ष की समय सीमा में वदृ्गध प्रचमलत प्रब्याजि का 10 प्रनतशत िमा कराकर कर सकेिा।

(iv) प्रत्येक समयावगध वदृ्गध हेतु इकाई को समाधानकारक कारणों सदहत आवेदन संबंगधत अगधकारी को, पूवष प्रदत्त समयावगध की समाजप्त के पूवष प्रस्तुत करना होिा ।

(v) उपरोक्तानुसार समयावगध पश्चात भी उद्योि न स्थावपत होन े पर भूमम, भवन/शडे आवंटन आदेश एवं पट् टाववलेख के ननरस्तीकरण की कायषवाही आवंटन 18 प्रागधकारी द्वारा िारी क्रकया िावेिा। ननरस्तीकरण का औपचाररक आदेश आवंटन प्रागधकारी द्वारा िारी क्रकया िाएिा।

(vi) आवंदटत भूमम का पूणष उपयोि करना :- इकाई द्वारा उत्पादन प्रारंभ करने के ददनांक से पॉचं वर्ष के अंदर ननयम 6 अनुसार आवंदटत भूमम पर ननधाषररत न्यूनतम ननमाषण कर भूमम का उपयोि करना होिा अन्यथा मापदंड के अनतररक्त भूमम को अनुपयोिी भूमम घोवर्त कर वापस प्राप्त करने की कायषवाही आवंटी/पट् टादाता द्वारा की िावेिी। अनुपयोिी भूमम की प्रीममयम रामश इकाई को वापस नहीं की िाएिी, घोवर्त अनुपयोिी भूमम को ररक्त भूमम के रूप में घोवर्त क्रकया िावेिा तत्पश्चात ऐ यह भूमम आवंटन के मलए उपलब्ध होिी, िो अन्य नवीन इकाई को प्रचमलत दर पर आवंदटत की िावेिी। ऐसे मामलों में िहां अनतशरे् भूमम कब्िा लेकर अन्य इकाई को आवंदटत करना संभव नहीं ह , वहां भूमम के पूणष उपयोि क्रकए िाने तक अनुपयोिी भूमम पर प्रचमलत भू-भाटक का 15 िुना भ-ूभाटक प्रनतवर्ष देय होिा। * रक्षा उत् पाद ननमाषता इकाईयों को भूमम का पूणष उपयोि करने हेतु 10 वर्ष का कालावगध प्रदान की िाएिी । (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 11 द्वारा संशोगधत)

(vii) उपरोक्त कजण्डका (i) एवं (ii) उन प्रकरणों में लािू नहीं होिी िहां भूमम/भवन आवंटन के समय कोई समय-सीमा राज्य शासन द्वारा सुननजश्चत ऐ /अनुबंगधत हो। ऐसे प्रकरणों में समय-सीमा ब़ा ाने अथवा अन्य कायषवाही के अगधकार राज्य शासन को होंिे।

(16) बैंक/ववत्तीय सांस्थाओां के पक्ष में पट टागककार का अमभहस्ताांकन :-

(i) भारतीय ररिवष बैंक से अनुज्ञा प्राप्त अनुसूगचत बैंकों एव ं कंपनी अगधननयम, 2013 के अतंिषत घोवर्त लोक ववत्त संस्थाओं अथवा राज्य ववत्त अगधननयम 1951 के अतंिषत स्थावपत ववत्त ननिम एवं अन् य ववत् तीय संस् थान के पक्ष में पट् टाग्रहीता द्वारा उसे प्रदत्त पट् टागधकारों को अमभहस्तांकन करने की अनुमनत होिी । इन अमभहस्तांकन में भूमम या ववभाि/ववभाि द्वारा पूवष ननममषत भवन/शडे शाममल नहीं होंिे। प्रत्येक जस्थनत में भूमम, भवन/शडे पर राज्य शासन के दानयत्व का भार सवोपरर रहेिा ।

(ii) पट् टाग्रहीता इकाई एवं ववत्तीय संस्था के बीच ननष्पाददत क्रकसी अनुबंध की शतों के तहत वसूली की कोई भी कायषवाही करने के पूवष संबंगधत ववत्तीय ससं्था को 19 कम से कम तीन माह का नोदटस प्रबंध संचालक/महाप्रबंधक जिला व्यापार एव ं उद्योि केन्र को देना होिा ।

(iii) बैंक/ववत्तीय संस्था/ननिम द्वारा अगधग्रदहत इकाई क्रकसी अन्य को हस्तांतररत करने पर भूमम/औद्योगिक भवन के हस्तांतरण की अनुमनत िारी कर, पट् टाववलेख का ननष्पादन तभी क्रकया िावेिा िब बैंक/ववत्तीय संस्था अथवा नवीन इकाई शासन के वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि की मूल पट् टेदार से प्राप्त होने वाली लेनदारी का भुितान कर दे तथा नये आवंटी के पक्ष में पट् टाववलेख ननष्पाददत करायें ।

(17) अकतररक्त भूमम का कनयममकतकरि :- *(i) क्रकसी औद्योगिक इकाई को स्वीकृत पट्टाधीन भू-खण्ड से लिी हुई ऐसी कोई भूमम, (यदद उपलब्ध ह ), िो उसे आवंदटत भू-खण्ड के क्षेत्रफल से 10 प्रनतशत स े अगधक न हो एवं जिसमें कोई पथृक पहंुच मािष अथवा सावषिननक उपयोि का न हो तो संबंगधत भूमम को ननयमों में वणणषत दर पर प्रब्याजि लेकर इकाई को आंवदटत कर पट्टामभलेख ननष् प ाददत क्रकया िा सकेिा । यदद पट्टेदार इकाई द्वारा ऐसी भूमम त्रबना आवंटन के अपने कब्िे में रखी िई तो उसका ननयममतीकरण आवेदन ददनांक को प्रचमलत प्रब्याजि की 100 प्रनतशत के मान से रामश िमा कराकर क्रकया िा सकेिा तथा जितनी अवगध में भूमम इकाई के आगधपत्य में पायी िाती ह , उस अवगध का भू-भाटक तत्समय लािू भ-ूभाटक की दर से एवं 10 प्रनतशत साधारण ब्याि के दर से रामश इकाई को भुितान करना होिा । (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 12 द्वारा संशोगधत)

(ii) अनतररक्त भूमम यदद 10 प्रनतशत से अगधक ह , तो उसे पथृक भूखडं की भांनत नवीन आवंटी को आवंदटत क्रकया िायेिा। यदद ऐसी भूमम में कोई पहंुच मािष अथवा सावषिननक सुववधा नहीं ह तो उसे उसकी सीमा से लिी इकाई को, आवेदन करने पर आवंटन अगधकारी से उच्च प्रागधकारी द्वारा ननयममत क्रकया िा सकेिा। यदद क्रकसी इकाई द्वारा ऐसी भूमम त्रबना ननयममनतकरण के आगधपत्य में पायी िाती ह , तो उस पर 17(i) के समान अनतररक्त रामश ननयममनतकरणकताष अगधकारी द्वारा आरोवपत की िायेिी ।

(18) हस्ताांतरि एवां हस्ताांतरि प्रककया :- (अ) हस्तांतरण/अतंरण से तात्पयष :- **1. क्रकसी स्वाममजत्वक अथवा भािीदारी अथवा मलममटेड लायबेलेटी फमष इकाईयों के प्रकरणों में इकाई के डडज् युलेशन होकर नई इकाई अजस्तत् व में 20 नहीं आती तथा उनके प न नं. एवं दटन नं. पूवषवत रहते हैं तो ऐसी इकाईयों के शयेर/ अशंधाररता पररवतषन के आधार पर हस् तांतरण नही ं माना िावेिा । इन प्रकरणों में मात्र 10000/- रूपये अतंरण शुल् क का भुितान इकाई को करना होिा । इकाई के डडिाल् व होने पर यदद इकाई का प न नं. तथा दटन नं. पररवनतषत हो िाता ह तो ऐसी इकाई को हस् तातंरण की शे्रणी में माना िावेिा । इन प्रकरणों में प्रचमलत प्रब् याजि का 10 प्रनतशत हस् तांतरण शुल् क देय होिा ।

2. कंपनी अगधननयम 2013 के अतंिषत पंिीकृत कंपननयों में कंपनी के नाम पररवतषन अथवा अशंधारकों में पररवतषन को इन ननयमों के प्रयोिन हेत ु हस्तांतरण नहीं माना िावेिा बशतदेश क्रक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीि द्वारा कंपनी का पंिीयन िमांक पररवनतषत न क्रकया िया हो । अथाषत ऐ िब तक क्रकसी पंिीकृत कंपनी का पंिीयन िमांक न पररवनतषत हो िाये, हस्तांतरण नहीं माना िावेिा । (** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसचूना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 13 द्वारा संशोगधत)

2. कंपनी अगधननयम 1956 के अतंिषत पंिीकृत कंपननयों में कंपनी के नाम पररवतषन अथवा अशंधारकों में पररवतषन को इन ननयमों के प्रयोिन हेत ु हस्तांतरण नहीं माना िावेिा बशतदेश क्रक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीि द्वारा कंपनी का पंिीयन िमांक पररवनतषत न क्रकया िया हो । अथाषत ऐ िब तक क्रकसी पंिीकृत कंपनी का पंिीयन िमांक न पररवनतषत हो िाये, हस्तांतरण नहीं माना िावेिा । ***3. पूणष स्वाममत्व वाली सहायक कंपनी का ववलय (Merger) उसकी मूल संचालक कंपनी (होजल्डिं कंपनी) में होने पर तथा मूल संचालक कंपनी का ववलय (Merger) पूणष स्वाममत्व वाली सहायक कंपनी में होने तथा मूल संचालक कंपनी का ववघटन (demerger) होने पर अजस्तत् व में आने वाली कंपननयों का स् वरूप यदद होजल्डिं कंपनी एवं सहायक कंपनी का रहता ह एवं ऐसे प्रकरणों में यदद इकाई का सीआईएन (कापोरेट आईडेंदटफीकेशन नंबर) नंबर पररवनतषत हो िाता ह तो ऐसे प्रकरण हस्तांतरण की शे्रणी में नहीं आएिें, इन प्रकरणों के अतंरण में मात्र दस हिार रूपये का संशोधन शुल्क मलया िाकर अनुमनत प्रदान कर पटृामभलेख में संशोगधत क्रकया िा सकेिा । (*** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 14 द्वारा संशोगधत) 21 *4. स्वाममनतक/भिीदारी इकाई के ििन पररवतषन के मामले में मूल पट् टेदार के ननकटस्थ संबंगधयों पनत/पजत्न, माता/वपता, पुत्र/पुत्री, बहु/दामाद एवं पोते/पोती भाई-भाई, भाई-बहन एव ंबहन/बहन को औद्योगिक भूमम/भवन के अतरंण की अनुमनत मात्र 10000/- रूपये का अतंरण शुल्क लेकर आवंटी प्रागधकारी द्वारा प्रदान की िावेिी। (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 15 द्वारा संशोगधत)

5. पूवष में आवंदटत ऐसे भू-खडं जिनके द्वारा ववकास की रामश का भुितान नहीं क्रकया िया ह के हस्तांतरण में वास्तववक ववकास की रामश का भुितान नवीन इकाई को करना होिा। **6. ददनांक 01.04.2015 के पूवष के पट् टाधारकों को पट् टे की शतों के अनुसार ही लीिरेंट प्रभावशील होंिे, क्रकन् तु इकाई के वविय / हस् तांतरण होने के फलस् वरूप नवीन इकाई पर नवीन ननयम प्रभावी हो िावेंिे (** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 22 द्वारा संशोगधत) (ब) हस्तांतरण की अनुमनत ननमन पररजस्थनतयों/शतों के अधीन होिी :-

(i) आवंटी इकाई को भूमम आवंटन के समय प्रस्तुत पररयोिना की कम से कम 25 प्रनतशत स्थाई पूंिी रामश का ननवेश होने पर ही भूमम हस्तांतरण की पात्रता होिी। ***(ii) ववकमसत औद्योगिक क्षेत्रों में स्थावपत इकाईयों के भूमम हस्तांतरण के प्रकरणों में नवीन इकाई को प्रचमलत प्रब्यािी का दस प्रनतशत हस्तांतरण शुल्क के रूप में तथा पथृक से वावर्षक संधारण शुल्क एवं भू-भाटक की रामश प्रचमलत दरों पर देय होिी। ननयम की कजण्डका 18 (अ) के 1,2,3 एवं 4 के प्रावधान हस्तातंरण की शे्रणी में नहीं आते ह , इन प्रकरणों में पट्टामभलेख संशोधन के समय वावर्षक भू-भाटक की रामश अपररवतषनीय होिी। (*** रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 16 द्वारा संशोगधत)

(iii) शासन के वाणणज्य, उद्योि और रोज़िार ववभाि/मध्यप्रदेश औद्योगिक केन्र ववकास ननिम/मध्यप्रदेश स्टेट इण्डजस्ट्रयल डवेलपमेन्ट कापोरेशन की मूल आवंटी/पट् टेदार से प्राप्त होने वाली समस्त लेनदाररयॉ ंमूल पट् टेदार अथवा नए आवंटी द्वारा हस्तांतरण पूवष एकमुश्त चकुानी होिी। बैंक/ववत्तीय संस्था द्वारा अगधग्रदहत इकाई क्रकसी अन्य पट् टेदार को हस्तांतररत करने पर हस्तांतरण तभी प्रभावशील होिा, िब बैंक/ववत्तीय 22 संस्था अथवा नवीन इकाई वाणणज्य, उद्योि और रोििार ववभाि की मूल पट् टेदार से प्राप्त होने वाली लेनदारी का भुितान कर दे तथा नये आवंटी के पक्ष में पट् टाववलेख ननष्पाददत करावें। (स) हस्तांतरण हेतु प्रक्रिया :- *(i) यदद मूल पट् टेदार ननममषत फ क्ट्री भवन, स्थावपत मशीनरी का वविय करता ह , तो ऐसी वविय हो रही पररसमपवत्तयों का पूणष वववरण अंक्रकत करते हुए एक वविय अनुबंध िेता एवं वविेता के मध्य ननष्पाददत क्रकया िावेिा एवं इसके साथ हस्तांतरणकताष हस्तांतरणाधीन भूमम/शडे के हस्तांतरण की अनुमनत हेत ु आवंटनकताष अगधकारी को आवेदन प्रस्ततु क्रकया िाएिा। िहॉ ंअगग्रम अनुमनत हेतु आवेदन प्रस्तुत नहीं क्रकया िा सका ह , वहॉ ंभूमम/शडे के वविय की नतगथ से अगधकतम तीन माह के अदंर आवेदन करना आवश्यक ह । ननधाषररत समय-सीमा के बाद की अवगध हेतु हस्तातंरण शुल्क 10 प्रनतशत साधारण ब्याि की दर से रामश का भुितान करना होिा।“ ( * रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 17 द्वारा संशोगधत ) आवेदन के साथ ववभाि की देयताओं का भुितान करने के साथ ही बैंक, ववत्तीय संस्था, अन्य शासकीय ववभाि आदद की देनदारी के बारे में नोटरीकृत शपथ-पत्र प्रस्तुत कर स्पष्ट घोर्णा करनी होिी, क्रक ''ऐसी देनदाररयों का दानयत्व हस्तांतरणग्रहीता/हस्तांतरणकताष में से क्रकस को होिा।''

(ii) अन्तररती स्थावपत की िाने वाली इकाई की पररयोिना, उद्यम अमभस्वीकृनत-पत्र (इन्द्टरवप्रन्द्योर मेमोरेण्डम) सदहत भ-ूआवंटन का ननधाषररत प्रारूप भी अपने आवेदन-पत्र के साथ संलग्न कर प्रस्तुत करेिा तथा आवंटनकताष/ हस्तांतरणकताष प्रागधकारी द्वारा पट् टे पर दी िा रही भूमम की मात्रा का ननधाषरण ववभािीय ननयमों के अतंिषत क्रकया िावेिा। यह स्पष्ट क्रकया िाता ह क्रक ववभाि की देयताओं के भुितान के त्रबना हस्तातंरण की अनुमनत नहीं होिी।

(iii) आवंटन प्रागधकारी भूमम आवंटन हेत ु ननधाषररत आवेदन शुल्क की रामश िमा कराकर एक माह की समयावगध में देय रामशयों के भुितान हेतु मांि पत्र िारी करेिा। देय रामशयों को िमाकर हस्तांतरणग्रदहता संशोगधत लीिडीड आवंटन अगधकारी के समक्ष ननष्पादन हेतु प्रस्तुत करेिा। आवंटन अगधकारी 7 ददवस के अदंर लीिडीड ननष्पाददत कर इकाई के प्रागधकृत 23 व्यजक्त को लीिडीड के पंिीयन हेतु सौंपी िावेिी इकाई लीिडीड की मूलप्रनत पंिीयन के उपरांत अपने पास रख सकेिा।

(iv) ननरस्त भूखण्डों के प्रकरणों में लीि डीड बहाल करते हुए हस्तांतरण की अनुमनत अपीलीय अगधकारी द्वारा दी िाएिी।

(19) अनुपयोिी भूमम का हस्ताांतरि :- कायषरत इकाई को आवंदटत भूमम का अगधकतम 50 प्रनतशत तथा न्यूनतम 500 विषमीटर अनुपयोिी भूमम, पथृक पहंुच मािष उपलब्ध होने की शतष पर, के हस्तांतरण की अनुमनत 100 प्रनतशत प्रब्यािी की रामश िमा करने पर दी िा सकेिी। आवंटन प्रागधकारी ननयम 6 का पालन करते हुए अनुपयोिी भूमम की पात्रता का ननधाषरण कर अनुपयोिी भूमम घोवर्त करेिा। यह स्पष्ट क्रकया िाता ह क्रक इस ननयम के तहत घोवर्त अनुपयोिी भूमम के आवंटन के समय पथृक से प्रब्याजि देय होिा, िो क्रक मूल आवंटन के समय प्राप्त प्रब्याजि के अनतररक्त ह । इस हस्तांतरण के पवूष की अन्य देयताए ंि से भू-भाटक, संधारण शुल्क आदद का भुितान हस्तांतरणग्रदहता के द्वारा की िावेिी। * बंद / बीमार ऐसी इकाई िो ननयमानुसार बंद/बीमार घोवर्त हो (उद्योि संवधषन नीनत-2014 में दी िई पररभार्ा अनुसार) को आवंदटत भूमम का 50 प्रनतशत तक तथा न् यनूतम 1000 विषमीटर, पहंुच मािष उपलब् ध होने पर मात्र औद्योगिक प्रयोिन हेतु 10 प्रनतशत प्रचमलत प्रब् याजि की रामश िमा करने तथा सक्षम प्रागधकारी से औद्योगिक क्षेत्र के अमभन् यास के संशोधन की अनुमनत प्राप्त करन े की शतष पर हस्तांतरण की अनुमनत प्रदान की िा सकेिी। इस हेतु संबंगधत महाप्रबंधक, जिला व्यापार एव ं उद्योि केन्र/प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम में इकाई को आवेदन प्रस्तुत करना होिा तथा घोवर्त अनुपयोिी भूमम के हस्तांतरण के मलये हस्तांतरण ग्रदहता को प्रचमलत प्रब्याजि की 10 प्रनतशत रामश िमा करनी होिी, यह रामश मूल आवंटन के समय िमा की िई प्रब्याजि के अनतररक्त होिी तथा पवूष की समस्त देयतायें हस्तांतरण ग्रदहता को िमा करनी होिी।“ (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 18 द्वारा संशोगधत)

(20) भू-खांड का ववभाजन :- मूल पट् टा ननष्पादन के उपरांत उत्तरागधकाररयों/वाररसों/भािीदारों के मध्य भूमम का ववभािन रूपये दस हिार की अनुमनत शुल्क िमा करने पर आवंटन प्रागधकारी की अनुमनत से क्रकया िा सकेिा शतष यह होिी क्रक ववभािन उपरांत बने भू-खडंो का क्षेत्रफल न्यूनतम 500 विषमीटर से कम न हो। 24

(21) भूखांडो के मशकमी/उप-पट टा की अनुमकत :- मशकमी/उपपट् टा (सबलीि) की अनुमनत - अववकमसत भूमम पर उद्योि आयुक्त एवं ववकमसत भूमम पर प्रबंध संचालक एकेव् हीएन/महाप्रबंधक जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र द्वारा सभी प्रकार की इकाईयों को िुण- दोर् के आधार पर सबलीि की अनुमनत िारी कर सकें िे। उद्योि जिनमें वेन्डर इकाईयों की स्थापना आवश्यक होती ह , के पररसर में स्थावपत होने वाले नवीन वेन्डर यूननटस ऐ जिनके द्वारा अपने वविय का न्यूनतम 75 प्रनतशत मदर यूननट को वविय/प्रदाय क्रकया िाता ह /सेवाएं प्रदान की िाती ह को मदर यूननट द्वारा उन्हें आबंदटत भूमम एवं शडे उपपट् टे/सब लीि पर देन े की पात्रता होिी। इस हेतु मूल पट् टेदार, पट् टादाता एवं उपपट् टेदार/ क्रकराएदार के मध्य त्रत्रपक्षीय अनबुंध ननष्पाददत होिा। उप पट् टे की सामान्य शतदेश एवं त्रत्रपक्षीय अनबुंध का प्रारूप िय अनुबंध प्रारूप "पररमशष्ट-इ " पर ह । * (22) लीज का नवीनीकरि :- ननयममत उत्पादनरत औद्योगिक इकाईयों को आवंदटत भूमम की लीि अवगध की समय सीमा समाप्त होने के पश्चात ववकमसत भूमम के प्रकरणों में तत्समय प्रचमलत प्रीममयम रामश का दो प्रनतशत की रामश िमा कराकर तथा अववकमसत भूमम के प्रकरणों में तत्समय अमसगंचत भूमम हेतु ननधाषररत कलेक्टर िाईड लाईन की रामश का एक प्रनतशत की रामश िमा कराकर लीि अवगध का नवीनीकरण आवंटी अगधकारी द्वारा क्रकया िा सकेिा। प्रत्येक नवीनीकरण पश्चात प्रभावशील लीि रेंट का दस िुना अथवा नवीनीकरण के समय प्रचमलत लीि रेंट इनमें से िो भी कम हो, इकाई को भुितान करना होिा। (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 19 द्वारा संशोगधत)

(23) आवांदटत शडेों का भाड़ाक्रय पद्ककत के अांतगषत ववक्रय :- मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में/अन्यत्र, शासन/ननिमों द्वारा ननममषत भवनों/शड़ेों के क्रकराए पर आवंटन एवं एकमुश्त रामश प्राप्त कर वविय करने हेतु मध्यप्रदेश शासन वाणणज्य उद्योि और रोििार ववभाि पूवष ननयम प्रचमलत रहेिें ननयम "पररमशष्ट- एफ" पर संलग्न।

(24) पट टे की भूमम का समपषि एवां प्रब्याजज की वापसी :- 25 (अ) समपषण :- पट् टाग्रहीता पट् टे पर दी िई भूमम का आंमशक या संपूणष समपषण, पट् टादाता को तीन क लेण्डर माह की सूचना में अपने इस अमभप्राय को मलणखत रूप में देकर, कर सकता ह । पट् टादाता पट् टाग्रहीता द्वारा पट् टे की भूमम का पूणष उपयोि न करने की जस्थनत में अनतशरे् भूमम ननरस्त कर सकें िें। पट् टादाता को ननरस्त/समवपषत भूमम/पररसर में पुनषप्रवेश का अगधकार होिा। ऐसे पुनषप्रवेश पर, ननमन ढंि से पट् टादाता पट् टाग्रहीता को प्रब्याजि का प्रत्यपषण कर सकता ह , जिसका पट् टाग्रहीता को भूमम आवंदटत करने/पट् टे पर ददए िाते समय पट् टाग्रहीता ने भुितान क्रकया था -

1. 90 प्रनतशत, यदद आवंदटत/पट् टे पर दी िई भूमम का समपषण आगधपत्य प्राप्त करने के ददनांक से, लघु उद्योि के प्रकरण में, दो वर्ष के भीतर और वहृद् एवं मध्यम उद्योि के प्रकरण में तीन वर्ष के भीतर होता ह ।

2. 80 प्रनतशत, यदद आवंदटत/पट् टे पर दी िई भूमम का समपषण लघु उद्योि के प्रकरण में दो वर्ष के बाद क्रकन्तु तीन वर्ष के भीतर और वहृद् एव ं मध्यम उद्योि के प्रकरण में, तीन वर्ष के बाद क्रकन्तु चार वर्ष के भीतर होता ह ।

3. 70 प्रनतशत, यदद आवंदटत/पट् टे पर दी िई भूमम का समपषण लघु उद्योि के प्रकरण में तीन वर्ष के बाद क्रकन्तु चार वर्ष के भीतर और वहृद् एवं मध्यम उद्योि के प्रकरण में चार वर्ष के बाद क्रकन्तु पांच वर्ष के भीतर होता ह ।

4. 50 प्रनतशत, यदद आवंदटत/पट् टे पर दी िई भूमम का समपषण लघु उद्योि के प्रकरण में चार वर्ष की समयावगध के उपरांत परन्त ुूैः वर्ष के पवूष तथा वहृद् अथवा मध्यम उद्योि के प्रकरण में पांच वर्ष के उपरांत परन्तु सात वर्ष के पूवष होता ह । * आवंटन ननरस्तीकरण की दशा में ननरस्तीकरण ददनांक से तीन माह की समयावगध में आवंदटत भूमम/भवन का आगधपत्य सौंपने पर कजण्डका 24 (अ) अनुसार रामश वापस की िायेिी। आगधपत्य न सौंपने पर कोई रामश वापसी योग्य नहीं होिी। अपील प्रकरणों में यह अवगध अपीलीय अगधकारी द्वारा िारी आदेश ददनांक से ूैः माह तक मान्य होिी। उपरोक्त समयावगध में पट्टाग्रादहता लीि पर आवंदटत भूमम पर ननममषत भवन एवं स्थावपत मशीनरी आदद को वविय कर पट्टाग्रादहता इसी अवगध में भूमम हस्तातंरण हेतु आवेदन सक्षम प्रागधकारी के सक्षम प्रस्तुत कर सकेिा। सक्षम प्रागधकारी के द्वारा िुण-दोर् के आधार पर हस्तांतरण की अनुमनत प्रदान की िावेिी। 26 (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक

20.10.2016 की कजण्डका िमांक 20 द्वारा संशोगधत) भाग - दो आवासीय, व्यवसाययक एवं वेयर हाऊमसगं प्रयोजन हेतु भूमि का आवंटन

(25) भूमि आवंटन की अगिकाररता। ववकामसत औद्योगिक क्षेत्रों में आवासीय, व्यवसाययक एवं वेयर हाऊससगं प्रयोजन हेिु भूमम का आवंटन महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र एवं प्रबंध संचालक औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों के द्वारा प्रदत्त अगधकाररता के अनुसार क्रकया िावेिा। औद्योगिक केन्र ववकास ननिमों के क्षेत्रान्तिषत आने वाले औद्योगिक ववकास केन्रों में भ-ूआवंटन की अगधकाररता की सीमा का ननधाषरण ननिम के ननधाषररत संचालक मंडल द्वारा क्रकया िाएिा तथा जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के अधीनस्थ औद्योगिक क्षेत्रों में भूमम के आवंटन की सीमा की अगधकाररता ननमनानुसार होिी। अ महाप्रबंधक - 100 विषमीटर तक ब पररक्षेत्रीय उद्योि प्रागधकारी - 100 विषमीटर से 1000 विषमीटर तक स उद्योि आयुक्त - 1000 विषमीटर से 10000 विषमीटर तक द राज् य शासन - 10000 विषमीटर से अगधक

(26) भूमम आवांटन हेतु दरें - इन प्रयोिन के भूखडंो का आवंटन पारदमशषता अपनाते हुए खलुी प्रक्रकया के तहत क्रकया िावेिा। भूमम आवंटन हेतु प्रीममयम की न्यूनतम रामश (बेस प्राईस) उस औद्योगिक क्षेत्र के औद्योगिक प्रयोिन के मलए भूमम आवंटन हेतु ननयम 9 के अतंिषत ननधाषररत भूमम के मूल्य का 50 प्रनतशत होिा। खलुी ननववदा के पश्चात न्यूनतम रामश एवं ननववदा रामश में िो भी रामश अगधकतम होिी के आधार पर आवंटन क्रकया िावेिा। खलुी ननववदा के द्वारा भूमम आवंटन हेतु ननधाषररत प्रीममयम की न्यूनतम रामश (बेस प्राईस) का 2 प्रनतशत वावर्षक भू-भाटक (लीि रेंट) होिा। आवंटी इकाईयों की देयताओं के संदभष में ववलंब अवगध हेतु 10 प्रनतशत प्रनतवर्ष की दर से साधारण ब्याि रामश देय होिी।

(27) आवांटन की प्रककया - 27 ववकमसत एवं ववकमसत क्रकए िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों/ववकास केन्रों में आवासीय, व्यवसानयक एवं वेयर हाऊमसिं प्रयोिन हेतु गचजन्हत भूखडंो का आवंिन खलुी ननववदा प्रक्रकया के तहत (ई-टेण्डररगं) की िावेिी। सक्षम प्रागधकारी द्वारा पूवष से ही सारणी तय कर ननधाषररत समय-सीमा तय कर ई-िेण्डररगं की ववज्ञजप्त दो प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकामशत की िावेिी। ई-िेण्डररगं की प्रक्रकया पथृक से जारी की जावेगी। नीलामी प्रक्रकया ( ई-टेण्डररगं ) में सफल िेता के पक्ष में भूखडं के आश्य पत्र, आवंटन आदेश, लीि डीड ननष्पादन, लीि डीड का पंिीयन एवं अगधपत्य की प्रक्रकया भाि - 1 के ननयम 13 के अनसुार तथा बैंक/ववत्तीय संस्थाओं के पक्ष में पट्टागधकार के अमभहस्तांकन की अनुमनत भाि-1 ननयम 16 के अनुसार, भूखण्डों के उक् त पटं्टों की अनुमनत भाि-1 ननयम 21 के अनुसार तथा भू-खण्ड के ववभािन की अनुमनत भाि-1 ननयम 20 के अनुसार होिी।

(28) पटटे की अवगक - पटटे की अवगध भूमम के मलए अगधकतम 30 वर्ष होिी।

(29) पररयोजना का कक्रयान्द्वयन - आवासीय, व्यवसानयक एवं वेयर हाऊमसिं प्रयोिन हेतु आवंदटत प्रकरणों में अगधपत्य ददनांक से चार वर्ष की समयावगध में भू-खण्ड के अनुमत ग्राउण्ड कवरेि का कम से कम 50 प्रनतशत ग्राउण्ड कवरेि करना होिा । ननधाषररत समय-सीमा के पश्चात आवंटी प्रागधकारी द्वारा एक वर्ष की वदृ्गध ननशुल्क की िा सकेिी । उपरोक्त के अनतररक्त एक वर्ष की वदृ्गध प्रचमलत प्रब्याजि का 10 प्रनतशत िमा कराकर की िा सकेिी । प्रत्येक समयावदृ्गध हेतु इकाई को समाधानकारक कारणों सदहत आवेदन सक्षम अगधकारी को प्रस्तुत करना होिा । पट्टाग्रदहता द्वारा भूमम का पूणष उपयोि न करने की जस्थनत में पट्टादाता को पट्टा ननरस् त करने का अगधकार होिा तथा ऐसी भूमम पर पट्टादाता पुन: प्रवेश कर सकेिा ।

(30) हस्ताांतरि - आवासीय, व्यवसानयक एवं वेयर हाऊमसिं हेत ु आवंदटत भूखडंो के हस्तांतरण की अनुमनत दस हिार रूपये हस्तांतरण शुल्क पर सक्षम अगधकारी द्वारा प्रदान की िा सकेिी।

(31) लीज का नवीनीकरि - 28 इस प्रयोिन हेतु आवंदटत भूमम की लीि अवगध की समय सीमा समाप्त होने के पश्चात तत्समय कलेक्टर िाईड लाईन की रामश का 1 प्रनतशत की रामश िमा करा कर लीि अवगध का नवीनीकरण आवंटी अगधकारी द्वारा क्रकया िा सकेिा। नवीनीकरण पश्चात प्रभावशील लीि रेंट का दस िुना लीि रेंट आवंटी को भुितान करना होिा। भाग - तीन उद्योग अनरु्ाांगगक प्रयोजन

(32) भमूि आवंटन की अगिकाररता - ववकमसत एवं ववकमसत क्रकये िाने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योि अनुर्ांगिक प्रयोिन हेतु गचजन्हत भूमम में ननमन उद्योि अनुर्ांगिक प्रयोिन हेत ुरामश रूपये एक प्रब्यािी पर राज् य शासन की अनमुनत से आवंदटत की िाएिी ।

(33) ननमन उपयोि उदयोि अनुर्ांगिक शे्रणी के उपयोि अतंिषत मान्य होंिे - उद्योि संघ कायाषलय/ संघ सामु दानयक भवन केन्र व राज्य शासन के ववभाि या संस्था िो औद्योगिक िनतववगध से संबंगधत हो केन्र / राज्य शासन द्वारा औद्योगिक ववकास/रोििारोन्मुखी प्रमशक्षण के मलए प्रायोजित संस्था। ववद्युत उप केन्र पुमलस थाना/चौकी िलशोधन संयंत्र संयुक्त प्रदरू्ण ननयंत्रण संयंत्र फायर त्रििेड सावषिननक प्याऊ सावषिननक शौचालय शासन के लोकदहत योिनाओं की अधोसंरचनाओं हेतु

(34) भमूम आवांटन हेतु दरें - उद्योि अनुर्ांगिक प्रयोिन हेतु गचजन्हत उक्त प्रयोिनों हेतु भूमम आवंटन रूपये एक की प्रब्यािी पर क्रकया िावेिा। 29

(35) आवांटन की प्रककया - उक्त गचजन्हत प्रयोिनों हेतु आवेदन प्राप्त होने पर सक्षम अगधकारी द्वारा आवश्यकता का परीक्षण कर भूमम आवंटन की कायषवाही की िावेिी।

(36) पटटे की अवगक - पटटे की अवगध भूमम के मलए अगधकतम 30 वर्ष होिी।

(37) पररयोजना का कक्रयान्द्वयन - अगधपत्य ददनांक से 2 वर्ष की अवगध में पररयोिना को पूणष करना होिा।

(38) हस्ताांतरि - इन प्रयोिन हेतु आवंदटत भूखडंों का हस्तांतरण नही क्रकया िावेिा।

(39) लीज का नवीनीकरि - भूमम की लीि अवगध समाप्त होने के उपरांत िनतवव गध संचामलत होने की दशा में नन:शुल्क लीि का नवीनीकरण क्रकया िावेिा। 30 भाग - चार

(40) पटटे का कनरस्तीकरि :- पट् टादाता द्वारा पट् टाग्रहीता/उसके अतंररती/उसके अमभहस्तांक्रकती को प्रदत्त पटटागधकारों/पट् टाववलेख का ननरस्तीकरण पट् टाववलेख की क्रकसी भी शतष का उल्लंघन करने पर क्रकया िा सकेिा। पट् टाववलेख की शतों का उल्लंघन पट् टाग्रहीता/उसके अतंररती अथवा अमभहस्तांक्रकती द्वारा करने की जस्थनत में पट् टादाता द्वारा पंिीकृत डाक से अमभस्वीकृनत /पावती सदहत सूचना-पत्र िारी कर पट् टाग्रहीता को ननददेशमशत क्रकया िावेिा क्रक, वह क्रकए िए उल्लंघन को समाप्त/ननराकरण सूचना-पत्र िारी होने के ददनांक से 60 ददवस की समयावगध में करें अन्यथा आवंटन प्रागधकारी/पट् टादाता द्वारा पट् टे का ननरस्तीकरण क्रकया िा सकेिा। यह ननयम पट् टाग्रहीता के ववरुद्ध प्रागधकार या सुधार लािू करने की राज्य शासन की शजक्तयों को सीममत नहीं कर सकेिा। आवंटन प्रागधकारी/ पट् टा दाता के द्वारा प्रथम नोदटस िारी करने की ददनांक से एक वर्ष के अदंर प्रकरण का ननराकरण क्रकया िावेिा। प्रकरण के अनंतम आदेश एक Speaking order के रूप में िारी होिें। उपरोक्त प्रक्रिया अनुसार िारी क्रकये िाने वाले सूचना-पत्र/ ननरस्तीकरण आदेश अथवा अन्य आवश्यक पत्राचार आवंटी द्वारा आवंटन प्राप्त करते समय प्रस्तुत आवेदनपत्र में उल्लेणखत पतों पर पंिीकृत डाक (पावती सदहत) द्वारा भेिा िायेिा। यदद आवंटी द्वारा मलणखत में पता पररवतषन इस कायषवाही के पूवष सगूचत क्रकया िया ह तो पररवनतषत पता उपरोक्त कायषवाही हेतु मान्य क्रकया िा सकेिा। सूचना-पत्र एवं ननरस्तीकरण आदेशों की प्रनत पट् टेदार की ज्ञात ववत्तीय संस्थाओं को भी पषृ्िांक्रकत की िावेिी तथा सूचना-पत्र एवं ननरस्तीकरण आदेश की एक प्रनत आवंदटत पररसर पर भी चस्पा की िायेिी जिसे इकाई को सूचना प्राप्त होना माना िायेिा। ननरस्तीकरण आदेश में अपील प्रावधान, अपीलीय अगधकारी का पदनाम एवं कायाषलय का पता, अपील शुल्क, अपील शुल्क क्रकसे देय होिा तथा 31 अपील हेतु ननधाषररत अवगध का उल्लेख क्रकया िायेिा तथा यह सूगचत क्रकया िायेिा क्रक अपील की प्रनत ननरस्तीकताष अगधकारी को भी प्रस्तुत की िाए।

(41) अपील एवां पुनववषलोकन :-

(i) इन ननयमों के अतंिषत आवंटन अगधकारी द्वारा पाररत/िारी मूल आदेश से असंतुष्ट पट् टेदार/पक्षकार द्वारा ऐसा आदेश पाररत होन ेसे 30 ददवस की अवगध में कां डडका 41(ii) में वणणषत क्षेत्रागधकार अनुसार सक्षम प्रागधकारी के समक्ष अपील ननमन अपील शुल्क सदहत प्रस्तुत की िा सकेिीैः-  लघु उद्योिों हेतु रू. 2,000/-  मध्यम उद्योिों हेतु रू. 5,000/-  वहृद उद्योिों हेतु रू. 10,000/- अपील शुल्क अपीलीय अगधकारी को देय होिा, िो वापसी योग्य नहीं होिा।

(ii) अपील के सांबांक में क्षेत्रागककार कनम्नानुसार होगा - *1. अववकमसत भूमम के प्रकरणों में प्रबांक सांचालक एम पी ट्रायफेक द्वारा पाररत ननरस्तीकरण मूल आदेश के ववरूद्ध प्रथम अपीलीय अगधकारी प्रमुख सगचव मध्यप्रदेश शासन वाणणज्य एवं उद्योि ववभाि के समक्ष अपील प्रस्तुत की िावेिी तथा प्रमुख सगचव मध्यप्रदेश शासन वाणणज्य एवं उद्योि ववभाि के आदेश के ववरूद्ध पनुरीक्षण हेतु माननीय मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, वाणणज्य एवं उद्योि ववभाि के समक्ष आवेदन प्रस्तुत क्रकया िा सकेिा। (* रािपत्र ददनांक ------------------ 2016 में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-09/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 17.08.2016 की कजण्डका िमांक 5 द्वारा संशोगधत)

2. ववकमसत भूमम/शडे के प्रकरणों में औद्योगिक केन्र ववकास ननिम के द्वारा पाररत ननरस्तीकरण आदेश के ववरूद्ध प्रबंध संचालक,ट्राईफेक, प्रथम अपीलीय अगधकारी होिा प्रथम अपीलीय अगधकारी के पाररत ननणषय के ववरूद्ध समीक्षा की अगधकाररता अध्यक्ष ट्राईफेक को होिी। महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र द्वारा पाररत ननरस्तीकरण आदेश के ववरूद्ध पररक्षेत्र के संयुक्त संचालक उद्योि प्रथम अपीलीय अगधकारी होिा तथा 32 प्रथम अपीलीय अगधकारी के पाररत ननणषय के ववरूद्ध पुनरीक्षण की अगधकाररता उद्योि आयुक्त को होिी।

(iii) अपील/ पुनरीक्षि कनराकरि की प्रककया - अपीलीय अगधकारी द्वारा अपील प्राप्त होने के 15 ददवस के अदंर सुनवाई हेतु नतथी ननयत कर अपीलकताष इकाई को सूगचत क्रकया िावेिा तथा 60 ददवस के अदंर अगधकतम 3 सुनवाई का अवसर देकर अपील का ननराकरण क्रकया िावेिा । अपील पनुरीक्षण में मूल आदेश को यथावत रखा िा सकता ह अथवा ननरस्त क्रकया िा सकता ह अथवा मूल आदेश में आंमशक संशोधन भी क्रकया िा सकता ह ।

(42) पट टाववलेख के कनरस्तीकरि पर भूमम, भवन/शडे का कब्जा प्रात करना :-

(i) यदद पट् टेदार द्वारा आवंदटत भूमम/शडे में अपनी कोई पररसंपवत्तयां ननममषत नहीं की ियी हो तो पट् टाववलेख ननरस्तीकरण उपरांत (लंत्रबत अपील/न्यायालय से स्थिन आदेश प्राप्त मामलों को ूोड़कर) संबंगधत भूमम/भवन का आगधपत्य आवंटन प्रागधकारी द्वारा प्राप्त कर मलया िायेिा। आवंटन प्रागधकारी या उनके प्रनतननगध आगधपत्य प्राप्त करने के पूवष ननरस्त पट् टा के पट् टाग्रहीता को पट् टाववलेख ननरस्तीकरण आदेश का वववरण देते हुए, ननजश्चत ऐ नतगथ व समय अकं्रकत कर ननरस्त पट् टा अतंिषत भूमम एवं शडे का आगधपत्य वापस सौंपने हेत,ु पंिीकृत डाक स ेउद्योि के कायषस्थल, कायाषलय तथा ननवास के ज्ञात पते पर, पत्र िारी करते हुए ननददेशमशत क्रकया िावेिा। ननजश्चत ऐ नतगथ व समय पर ननरस्त पट् टा के पट् टाग्रहीता के उपजस्थत न होने पर पुनैः पंिीकृत पत्र से एक ननजश्चत ऐ नतगथ व समय ननधाषररत करते हुए आगधपत्य वापस सौंपने हेत ु ननददेशमशत क्रकया िावेिा, जिसमें यह भी उल्लेख हो क्रक ननरस्त पट् टा के पट् टाग्रहीता के उपजस्थत न होने पर एकतरफा आगधपत्य पंचनामा के आधार पर प्राप्त क्रकया िावेिा। ननरस्त पट् टा के पट् टाग्रहीता के ननयत नतगथ एवं समय पर उपजस्थत न होने पर आगधपत्य प्राप्तकताष द्वारा ररक्त भूमम का आगधपत्य पंचनामा त यार कर वापस प्राप्त क्रकया िा सकेिा तथा पंचनामा में अन्य पंच/िवाहों के पूणष नाम, पद एवं पता अकं्रकत कर हस्ताक्षर प्राप्त क्रकए िावेंिें। आगधपत्य प्राप्त करने के उपरांत इसकी सूचना प्रभाववत पक्ष को पंिीकृत डाक से प्रेवर्त की िावेिी। अपील में पट् टा ननरस्तीकरण का ननणषय यथावत ऐ ननरंतर रखा िाने की जस्थनत में आवंटन प्रागधकारी द्वारा उपरोक्त प्रक्रिया अनुसार तत्काल अननवायषतैः आगधपत्य प्राप्त क्रकया िावेिा। 33

(ii) परन्तु पट् टाववलेख ननरस्तीकरण के 3 माह के अन्दर पट् टाग्रदहता लीि पर आवंदटत भूमम पर ननममषत भवन एवं स्थावपत मशीनरी आदद को वविय कर भूमम हस्तांतरण हेतु आवेदन सक्षम प्रागधकारी के समक्ष प्रस्तुत कर सकेिा। आवंटन प्रागधकारी को िुण-दोर् के आधार पर 3 माह के अदंर हस्तांतरण संबंधी ननणषय लेना अननवायष होिा।

(iii) इकाई पर बकाया देय ववभािीय रामशयों की वसूली हेतु प्रबंध संचालक, एकेव्हीएन/महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र मध्यप्रदेश भू-रािस्व संदहता 1959 के तहत भ-ूरािस्व की वसूली प्रक्रकयानुसार कर सकेिा।

(iv) क्रकसी वववाद की जस्थनत में न्यायालयीन क्षेत्रागधकार मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय का कायषक्षेत्र होिा ।

(43) स्पष्टीकरि एवां व्याख् या के अगककार :- ननयमों में अस्पष्टता, वववाद की जस्थनत उत्पन्न होने की दशा में राज्य शासन व्याख् या के मलये अगधकृत होिा तथा उनका ननणषय अनंतम एवं बाध्यकारी होिा। इन ननयमों के अन्तिषत आवश्यकता अनुसार ववववध प्रपत्र उद्योि आयुक्त द्वारा राज्य शासन की अनुमनत उपरांत िारी क्रकये िा सकें िे।

(44) राज्य शासन के अगककार :- राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में क्रकसी उद्योि अथवा उद्योिों के विो को आवंटन करने/आवंटन पात्रता से वंगचत करने, संशोधन करने अथवा पररवतषन के अगधकार राज्य शासन सुरक्षक्षत रखता ह । भूमम आवंटन ननयम के त्रबन्द ुिमांक 01 से 43 तक में िो भी तथ्य स्पष्ट नहीं ह या उल्लेणखत नहीं ह , के संबंध में समपूणष ननणषय के अगधकार राज्य शासन सुरक्षक्षत रखता ह ।

(45) कनरसन :- ये ननयम ननमनमलणखत ननयमों को अनतिममत कर उनके स्थान पर प्रभावी होंिेैः-

(i) मध्यप्रदेश उद्योि (शडे, प्लाट एवं भूमम) आवंटन ननयम, 2008 (यथा संशोगधत)।

(ii) औद्योगिक शडेों को भाड़ा िय पद्धनत पर प्रदाय करने की योिना, से संबंगधत मध्यप्रदेश शासन, वाणणज्य, उद्योि और रोििार ववभाि का आदेश िमांक 2517/3299/11/अ भोपाल, दद0 22.02.1972 (यथा संशोगधत) में आवंदटत शडेों के ननयम को ूोड़कर। 34 ****** पररमशष्ट - ए अकत प्रदरू्िकारी एवां खतरनाक शे्रिी के उद्योग

1. अकाबषकनक रसायन उद्योग -

(i) खननि अमल, क्षार ननमाषण उद्योि।

(ii) अमल प्रनतक्रिया से ननममषत खननि लवण।

(iii) काबषनडाय सल्फाईड, अल्ट्रा मेररन ब्लू क्लोररन, हाइरोिन, अमोननया ि स एवं ब्लीगचिं पावडर ननमाषण।

2. काबषकनक रसायन उद्योग -

(i) डाई व डाई स्टफ इंटरममडडएट ननमाषण

(ii) मसथेंदटक, प्लाजस्टक, ि स-े पोमलगथन, पी. व्ही. सी रेजिन, नॉयलान, मसथेंदटक रबर, मसथेंदटक डडटरिेंट।

(iii) कीट नाशक, फफंूद नाशक एवं खरतपतवार नाशक।

(iv) कोलतार डडस्टीलेशन प्रक्रिया से ननममषत होने वाले उत्पाद।

(v) आिषननक साल्वेंट् स, क्लोररनेटेड ममनरल्स ममथेनॉल, एल्डीहाईड, पायररडडन, आयडोफामष, क्लोरोफामष, त्रबटा नेप्थाल एवं ममथेलेटेड जस्प्रट।

(vi) कमप्रेस्ड एवं मलक्वीफाईड ि सेस।

3. पेट्रोमलयम उत्पाद -

(i) कच्च ेतेल की ररफायननिं, प्रोसेमसिं एवं िेक्रकंि, पेट्रोमलयम ि ली, पेट्रोमलयम ईथर, नेफ्था िेक्रकंि।

(ii) काबषन ब्लेक व अन्य ननमाषण।

(iii) पेट्रोमलयम कोक। 35

(iv) लुत्रिकेदटिं एवं फ्यूल आईल्स।

(v) ईल्यूममनेदटिं आईल्स आदद।

4. कातु कमष उद्योग - उद्योि जिनमें मसलटररिं, स्मेलदटिं, ब्लास्ट फनदेशस, ररकॉजस्टंि ऑफ ओर सल्फाइड, ऑक्साइड या ममश्रण ि से कायष क्रकये िाये।

5. रेडडयोएजक्टव तत्व ननमाषण।

6. पेपर, पेपर पल्प, बोडष ननमाषण, न्यूि वप्रटं ननमाषण।

7. अल्कोहल डडस्टलरीि।

8. शक्कर कारखाना।

9. िहरीले पदाथष ि से - साइनाइड स, आसदेशननक यौगिक, बेररयम यौगिक, पायरोिेमलक एमसड।

10. इलेक्ट्रो थमषल इण्डस्ट्रीि ि से- केजल्शयम काबाषइड, फास्फोरस, एल्युममननयम डस्ट, पेस्ट, कॉपर जिंक एलाय आदद।

11. थमषल पावर इण्डस्ट्रीि ।

12. शासन द्वारा समय-समय पर घोवर्त अन्य प्रकार के उद्योि । &&& 36 पररमशष्ट - बी औद्योगगक के्षत्रों में आवांटन हेतु प्रकतबांगकत गकतववगकयों की सचूी 1 गौवांश माांस से सांबांगकत कोई भी गकतववगक। 2 पशुवक ¼कसाईखाना½। 3 शहरी अपमशष् ट/मतृ पशु एवां अपमशष् ट एकत्रीकरि एवां सांग्रहि। 4 कबाडडयों द्वारा कॉच, पोमलथीन, लाजस्टक, पी. व् ही. सी., नॉयलान, रबर, लोहा, लकड़ी जैसी वस् तुओां का सांग्रहि एवां गे्रडड ांग। 5 रेत सांग्रहि एवां गे्रडडग। 6 ईट भटटा एवां चनूा भटटा। 7 खलुी सेंड ब् लाजस्टांग। 8 ऑटो मोबाईल स् टॉक याडष। 9 शहरी एवां मतृ पशु अपमशष् टों का प्रसांस् करि एवां उससे खाद बनाना आदद। 10 ववस् फोटक एवां फायर वक् सष कनमाषि व सांग्रहि। 11 चारकोल कनमाषि। 37 *12 स् टोन के्रशर, फ्लाईऐश त्रिक् स, आरा मशीन] कॉन् िीट ममक् चर प् लान् ट, हॉट ममक् स प् लान् ट (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-9/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 की कजण्डका िमांक 21 द्वारा संशोगधत) 13 शासन द्वारा समय-समय पर घोवर्त अन्द् य गकतववगकयॉ ां। ररमशष्ट – 1-1 TO BE REPLACED (* रािपत्र ददनांक में प्रकामशत अगधसूचना िमांक एफ 16-9/2015/बी-ग् यारह, भोपाल ददनांक 20.10.2016 द्वारा संशोगधत) Lease deed for Land Alloted in IndustrialArea/Growth Centre………………………….

This deed is made on ………… day of………………year………… between the Governor of Madhya Pradesh, acting through General manager district trade & industries centre / Managing Director, MP Audyogik Kendra Vikas Nigam, …………(herein after called the 'Lessor' which expression shall, where the context so admits, include it’s successor in office) of the one part & M/s…………………………….(address)………………………..

District …………….. acting through Shri/Smt………………….

S/o/D/o Shri ………………. and having its registered office at ……………..(herein after called the 'Lessee' which expression shall, where the context so admits, include its successors and permitted assigns) of the other part 38 Whereas upon the request of lessee, the lessor has agreed to grant to the lessee, subject to the terms and conditions herein after specified, a lease of the piece of land in the Industrial Area / Growth centre at………… comprising of an area measuring……………..

Square Metres situated in the village/city …………. of Tehsil ………… of the ………….. District, more particularly described in the schedule hereto annexed and for greater clarity delineated on the plan hereto annexed and thereon shown with boundaries in red colour (hereinafter referred to as 'the said land') for a term of THIRTY YEARS commencing from the date……………. and ending on ……………. for the purpose of ………………. (details of the activity) (herein after referred to as the said activity/business).

And whereas the lessee has agreed to take the lease on the said terms and conditions.

Now, therefore, this deed witnesses and it is hereby agreed and declared as follows:-

1. It is agreed upon that the referred land is allotted to the Lessee for the operations of business referred herein, under the provisions of the Madhya Pradesh Rajya Audyogik Bhumi Evam Audyogik Bhawan Prabandhan Niyam 2014 issued by the Government of Madhya Pradesh vide Commerce, Industries & Employment Department's order No. dated as amended from time to time (herein after called as "Rules")

2. That all the terms and conditions as referred to in the said Rules are applicable and binding on the Lessee.

3. In consideration of the premium, lease rent, development fee and maintenance fee herein reserved and the covenants on the part of the lessee herein contained, the lessor shall demise to the lessee and the lessee shall accept a lease of the said land/building to hold the same for the purpose of …………… for a period of THIRTY YEARS commencing on the date of agreement on which the possession of said land/premises is handed over to the lessee.

4. The Lessee having paid the following amount to the 39 Lessor for the said land :- i. Premium of Rs............. Rs...........

(in words) ii. Annual Lease rent Rs…………Rs.in Words iii. Development Fee Rs..................Rs...............

( in words) iv. Advance one year annual maintenance fee (Rs_________________Per Sqm.)

Rs.

___________________________ ( in words)

5. Thereafter, during the term of the lease the lessee shall pay to the lessor the annual maintenance fee of Industrial Area of Rs…….(Rupees ………………in words) only and such other sum as may be determined in accordance with the said rules, in the month of April each year in the office of the District trade & industries centre / MP Audyogik Kendra Vikas Nigam or such place or places as the General manager / Managing Director may direct from time to time.

6. The lessee hereby agrees to pay the maintenance fee at the rates as may be fixed/revised from time to time by the lessor.

7. The lessee shall from time to time and at all times during the term of the lease pay except as aforesaid, all taxes, rates, assessments and other charges, which are or may, at any time hereafter during the said term be assessed, charged or imposed upon the said land/premises, whether on the lessor or on the lessee.

8. All sums, such as due amount of premium, lease rent, development fee and maintenance fee or any other charges imposed by the lessor may be recovered as arrears of land revenue, if the same is not paid before the due date.

9. The lessee hereby agrees that he shall implement the project for the said business and start the production/ commence the operation within the stipulated period, as prescribed in the said rules failing which action for cancellation of allotment for land/shed and 40 termination of Lease Deed shall be undertaken.

10. The lessee further agrees that he shall utlize the land as per norms and within the prescribed period from the date of allotment of land, failing which action would be intitiated for cancellation of allotment and termination of Lease Deed.

11. On the expiroy of the lease period. The lessee shall pay 2% of the then previling premium amount in case of developed land and in case of undeveloped land, lessee shall pay 1% of the then previling unirrigated agriculture land Collector guide line rate for the renewal of the lease, at the time of renewal, the lease rent will be increasel ten time of the existing lease rent.

12. The lessee shall be entitled to surrender the land and obtain refund of premium as per the provisions of the Rules. In case, building/other assets have been constructed on the said land, the lessee shall have the right to remove sell the assets at his/their own cost. In the event of sale of such assets, the purchaser shall have to execute a fresh lease deed after the payment of full premium and other charges/dues as per the Rules.

13. The lessee shall not undertake any construction activity without obtaining necessary approval of maps by the competent authority.

14. The Lessee shall use the said premises, land and building structures and works erected or constructed thereon only for the purpose of the business stated herein above.

15. The lessee shall keep the said premises, land and building erected thereon secure and in good condition through maintenance and upkeep at his own cost. The lessee shall also develop his own parking arrangements on the land/building allotted and shall not do the parking on the road.

41

16. The development and maintenance works in the Industrial Area will be done by the lessor according to its plan which will be completed as early as possible, depending on availability of funds.

17 The lessee shall not sublet, assign or otherwise transfer the said premises/land or any part thereof or any building constructed thereon for any purpose whatsoever, except as provided in the said Rules.

18. On the basis of change in the constitution of ownership of the unit, the Lessee may with the prior permission of the lessor in writing and by paying the required fee/charges, tranfer the lease as per the provisions of the said Rules.

19. The lessee shall not carry on any illegal trade or business on the said land/premises.

20. For closure/transfer of the business, Lessee shall inform the Lessor at the earliest. In the case of BIFR or declared sick units or court cases, allotting authority will take decision as per the directions.

21. If the rent hereby reserved or any part thereof shall at any time be in arrears and unpaid for one year, next after the date whereon the same shall have become due, whether the same shall have been lawfully demanded or not or the lessee becomes insolvent and /or goes into liquidation voluntarily or otherwise or it there be any attachment on the said premises or there is a breach or non observance by the lessee of any of the conditions and covenants therein contained and the lessee fails to remedy the breach within sixty days of the notice in writing given by the lessor or becomes insolvent or enters into an agreement with his creditors for composition of the industry, this lease will be deemed to have been terminated and the lessor may, not withstanding the waiver of any previous dues, take recourse to right of re-entry without prejudice to any right or remedy of the lessor for recovery of rent remaining due 42 under the lease upon the said land/premises and reposes the same, as if this demise had not been made.

22. On the expiry of the lease period or termination of the lease due to breach of the conditions of the lease deed, the lessor shall have the right of re-entry over the land/premises.

23. On termination/surrender of the lease, the lessee shall be given an opportunity to transfer or otherwise dispose of the building, plant and machinery and any other construction on the said premises within the period of three months. After the said three months' period, the lessor shall take permission of the land as per Rules.

24. Lessee may surrender the leased area in part or whole, by giving to the lessor three calendar months' notice in writing of his intention to do so. The lessor shall have the right of re-entry over the surrendered land/premises. On such re-entry , the lessor may refund to the lessee part of the premium paid by the lessee at the time the land was allotted/leased out to the lessee in the following manner:-

(i) 90%, if surrender of allotted/leased land occurs within two year from date of taking over its possession in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and three years in case of Large and Medium Industrial unit.

(ii) 80%, if surrender of allotted/leased out land occurs after two years but within three years, in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and after three years, but within four years in case of Large and Medium Industrial Unit.

(iii) 70%, if the surrender of the allotted/leased out land occurs after three years but within four years in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and after four years but within five years in case of Large and Medium Industrial Unit.

(iv) 50%, if the surrender of the allotted/leased out land occurs after four years but within six years in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and 43 after five years but within seven years incase of large and Medium Industrial unit

Explanation:- For the purpose of this clause, the period of possession of land with the lessee will be reckoned from the date of the lessee taking possession to handing over possession to the lessor, where possession of land has not been taken, period between date of execution of lease deed and date of surrender of land shall be considered for calculation of refund of premium.

25. All costs and expenses incurred or which may be incurred for preparation, execution and registration of this lease shall be borne and paid by the lessee.

26. The lessee shall, after registration and execution, deposit a copy of lease deed, duly certified by the registering authority, with the lessor and may retain original copy with him.

27. On the request of bank/financial institution and the lessee, permission in favour of the concerned bank/financial institution, as referred to in the rules, will be granted as per prescribed format, by the lessor regarding assignment of lease hold rights. In all circumstances, the charge of the Department of Commerce, Industry and Employment on land/shed shall be over and above any subsequent charges to be created.

28. Consequent infringement / breach of any of clauses of the lease deed by lessee the alloting authority will serve a notice to lessee for compliance of clause of lease deed (i.e. rectification of breach) withing 60 days and in case of non compliance of this notice, the lease deed may be / deemed terminated

29. The lessee, if aggrieved by an order of allotting authority, may prefer an appeal to the designated authority with appropriate fee within a period of 30 days as per the provisions of the said rules.

44

30. The allotting authority to which the powers of allotment have been delegated will also be competent to terminate the lease deed on behalf of the lessor.

31. This lease deed will be subject to the provision contained in the Madhya Pradesh Rajya Audyogik Bhumi Evam Audyogik Bhawan Prabandhan Niyam, 2014 as amended from time to time.

For amendments subsequent to the execution of this lease deed the lessee shall be bound to amend the lease deed incorporation / such amendment on his own cost.

32. The lessee shall comply with all Acts, Rules and Regulations of State Government./Central Government/Local Bodies/any other competent authority, in force from time to time for the operation of business.

33. The lessor shall not be liable to compensate any loss on account of any accident occurred or damage caused to other persons due to the operations being carried out by the lessee in the allotted premises.

34. The lessee, being a proprietorship entity intending to avail the option available in the said rules, hereby nominates Shri/Smt/Ku---- ------------ S/o / D/o…………. resident of …………as its sole successor of the said business. In the event of death of the lessee, such nominated person shall be accepted by the lessor, as lessee automatically for the remaining period of lease.

35. The partners in the lessee unit intending to avail the option available in the said rules, hereby nominate the following persons, their sole successors respectively, in the said partnership entity owing the said business- Name of the partner Nominee Father's name Resident of In the event of death of a partner, respective nominated person shall be accepted by the lessor, as partner on his behalf in the lessee partnership entity for the remaining period of lease, 45 automatically. However, if any of the original partners has ceased to be a partner in the lessee partnership entity at any point of time, such nomination exercised by him shall become null and void automatically.

36. The lessee shall not restrict the entry of the lessor or a person authorized by him, in the leased premises and shall provide all information sought in writing by the lessor or the authorized person.

पररमशष्ट – डी Lease deed for Shed Alloted in IndustrialArea/Growth Centre………………………….

This deed is made on ………… day of………………year…………between the Governor of Madhya Pradesh, acting through Managing Director, MP Audyogik Kendra Vikas Nigam, …………(herein after called the 'Lessor' which expression shall, where the context so admits, include his successor in office) of the one part & M/s…………………………….(address)………………………..

District …………….. acting through Shri/Smt………………….

S/o/D/o Shri ………………. and having its registered office at ……………..(herein after called the 'Lessee' which expression shall, where the context so admits, include its successors and permitted assigns) of the other part Whereas upon the request of lessee, the lessor has agreed to grant to the lessee, subject to the terms and conditions 46 herein after specified, a lease of the piece of Shed in the Industrial Area /Growth Centre at………… comprising of an area measuring…………….. Square Metres situated in the village/city …………. of Tehsil ………… of the …………..

District, more particularly described in the schedule hereto annexed and for greater clarity delineated on the plan hereto annexed and thereon shown with boundaries in red colour (hereinafter referred to as 'the said land') for a term of THIRTY YEARS commencing from the date……………….and ending on ……………. for the purpose of ………………. (details of the activity) (herein after referred to as the said activity/business).

And whereas the lessee has agreed to take the lease on the said terms and conditions. Now, therefore, this deed witnesses and it is hereby agreed and declared as follows:-

1. It is agreed upon that the referred Shed is allotted to the Lessee for the operations of business referred herein, under the provisions of the Madhya Pradesh Rajya Audyogik Bhumi Evam Audyogik Bhawan Prabandhan Niyam 2014 issued by the Government of Madhya Pradesh vide Commerce, Industries & Employment Department's order No. dated as amended from time to time (herein after called as "Rules")

2. That all the terms and conditions as referred to in the said Rules are applicable and binding on the Lessee.

3. In consideration of the premium, lease rent, development fee and maintenance fee herein reserved and the covenants on the part of the lessee herein contained, the lessor shall demise to the lessee and the lessee shall accept a lease of the said land/building to hold the same for the purpose of …………… for a period of THIRTY YEARS commencing on the date of agreement on which the possession of said land/premises is handed over to the lessee.

4. The Lessee having paid the following amount to the 47 Lessor for the said land :-

(i) Premium of Rs............. Rs...........

(in words)

(ii) Annual Lease rent Rs…………Rs.

(in words)

(iii) Development Fee Rs..................Rs...............

( in words)

(v) Advance one year annual maintenance fee (Rs_________________Per Sqm.)

Rs.

___________________________( in words)

5. Thereafter, during the term of the lease the lessee shall pay to the lessor the annual maintenance fee of Industrial Area of Rs…….(Rupees ………………) only and such other sum as may be determined in accordance with the said rules, in the month of April each year in the office of the MP Audyogik Kendra Vikas Nigam or such place or places as the General Manager / Managing Director may direct from time to time.

6. The lessee hereby agrees to pay the maintenance fee at the rates as may be fixed/revised from time to time by the lessor.

7. The lessee shall from time to time and at all times during the term of the lease pay except as aforesaid, all taxes, rates, assessments and other charges, which are or may, at any time hereafter during the said term be assessed, charged or imposed upon the said premises, whether on the lessor or on the lessee.

8. All sums, such as due amount of premium, lease rent, development fee and maintenance fee or any other charges imposed by the lessor may be recovered as arrears of land revenue, if the same is not paid before the due date.

9. The lessee hereby agrees that he shall implement the 48 project for the said business and start the production/ commence the operation within the stipulated period, as prescribed in the said rules failing which action for cancellation of allotment for shed and termination of Lease Deed shall be undertaken.

10. The lessee further agrees that he shall utlize the Shed as per norms and within the prescribed period from the date of allotment of land, failing which action would be intitiated for cancellation of allotment and termination of Lease Deed.

11. On the expiroy of the lease period. The lessee shall pay 2% of the then previling premium amount in case of developed land and in case of undeveloped land, lessee shall pay 1% of the then previling unirrigated agriculture land Collector guide line rate for the renewal of the lease, at the time of renewal, the lease rent will be increasel ten time of the existing lease rent.

12. The lessee shall be entitled to surrender the Shed and obtain refund of premium as per the provisions of the Rules. In case, other assets have been created on the said Shed, the lessee shall have the right to remove sell the assets at his/their own cost. In the event of sale of such assets, the purchaser shall have to execute a fresh lease deed after the payment of full premium and other charges/dues as per the Rules.

13. The Lessee shall used the said premises, land and building structures and works erected or constructed thereon only for the purpose of the business stated herein above.

14. The lessee shall keep the said premises, and building erected thereon secure and in good condition through maintenance and upkeep at his own cost. The lessee shall also 49 develop his own parking arrangements in the premised allotted and shall not do the parking on the road.

15. The development and maintenance works in the Industrial Area will be done by the lessor according to its plan which will be completed as early as possible, depending on availability of funds.

16 The lessee shall not sublet, assign or otherwise transfer the said premises or any part thereof or any building constructed thereon for any purpose whatsoever, except as provided in the said Rules.

17. On the basis of change in the constitution of ownership of the unit, the Lessee may with the prior permission of the lessor in writing and by paying the required fee/charges, tranfer the lease as per the provisions of the said Rules.

18. The lessee shall not carry on any illegal trade or business on the said premises.

19. In the case of allotment of building, it shall be mandatory for the lessee to insure the building. He shall insure the building and shall at all time during the said term keep the same insured independently and separately against any loss or damage by fire and all other risks.

20. The lessee shall complete all formalities required under clause -19 above and deposit the insurance policy and receipts of the payment towards the same with the lessor within one month from the date of taking over possession of the said premises by the lessee.

21. For closure/transfer of the business, Lessee shall inform the Lessor at the earliest. In the case of BIFR or declared sick units 50 or court cases, allotting authority will take decision as per the directions.

22. If the rent hereby reserved or any part thereof shall at any time be in arrears and unpaid for one year, next after the date whereon the same shall have become due, whether the same shall have been lawfully demanded or not or the lessee becomes insolvent and /or goes into liquidation voluntarily or otherwise or it there be any attachment on the said premises or there is a breach or non observance by the lessee of any of the conditions and covenants therein contained and the lessee fails to remedy the breach within sixty days of the notice in writing given by the lessor or becomes insolvent or enters into an agreement with his creditors for composition of the industry, this lease will be deemed to have been terminated and the lessor may, not withstanding the waiver of any previous dues, take recourse to right of re-entry without prejudice to any right or remedy of the lessor for recovery of rent remaining due under the lease upon the said premises and reposes the same, as if this demise had not been made.

23. On the expiry of the lease period or termination of the lease due to breach of the conditions of the lease deed, the lessor shall have the right of re-entry over the premises. No refund of premium or ground rent or security deposit shall be admissible due to the termination of the lease deed under such condition.

24. On termination/surrender of the lease, the lessee shall be given an opportunity to transfer or otherwise dispose of the plant and machinery the said premises within the period of three months. After the said three months' period, the lessor shall take possession of the land as per Rules.

25. The lessee shall handover the said building to the lessor, at the expiry of the said term of lease or on the earlier 51 termination of the lease in the same condition as was handed over when occupied or received allowing for the normal wear and tear.

26. Lessee may surrender the leased Shed, by giving to the lessor three calendar months' notice in writing of his intention to do so. The lessor shall have the right of re-entry over the surrendered premises. On such reentry, the lessor may refund to the lessee part of the premium paid by the lessee at the time the Shed was allotted/leased out to the lessee in the following manner:-

(i) 90%, if surrender of allotted/leased shed occurs within two year from date of taking over its possession in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and three years in case of Large and Medium Industrial unit.

(ii) 80%, if surrender of allotted/leased out shed occurs after two years but within three years, in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and after three years, but within four years in case of Large and Medium Industrial Unit.

(iii) 70%, if the surrender of the allotted/leased out shed occurs after three years but within four years in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and after four years but within five years in case of Large and Medium Industrial Unit.

(iv) 50%, if the surrender of the allotted/leased out Shed occurs after four years but within six years in case of Micro/Small Scale Industrial Unit and after five years but within seven years incase of large and Medium Industrial unit

Explanation:- For the purpose of this clause, the period of possession of Shed with the lessee will be reckoned from the date of the lessee taking possession to handing over possession 52 to the lessor where possession of Shed has not been taken, period between date of execution of lease deed and date of surrender of Shed shall be considered for calculation of refund of premium.

27. All costs and expenses incurred or which may be incurred for preparation, execution and registration of this lease shall be borne and paid by the lessee.

28. The lessee shall, after registration and execution, deposit a copy of lease deed, duly certified by the registering authority, with the lessor and may retain original copy with him.

29. On the request of bank/financial institution and the lessee, permission in favour of the concerned bank/financial institution, as referred to in the rules, will be granted as per prescribed format, by the lessor regarding assignment of lease hold rights. In all circumstances, the charge of the Department of Commerce, Industry and Employment on land/shed shall be over and above any subsequent charges to be created.

30. It is FURTHER DECLARED THAT THE lessee shall deposit a sum of Rs…………(Rupees………………….) only as security in pursuance of clause 4/6 of this lease deed for the due payment of the rent and observance and performance by him of the several conditions herein contained.

31. Consequent infringement / breach of any of clauses of the lease deed by lessee the alloting authority will serve a notice to lessee for observance for compliance of clause of lease deed (i.e. rectification of breach) withing 60 days and in case of non compliance of this notice, the lease deed may be / deemed terminated .

32. All sums, such as premium/maintenance charges, etc.

imposed by the Lessor may be recovered as arrears of land 53 revenue, if the same is not paid before the due date.

33. In the matter of utilization of building, compliance of relevant provision in the Rules is mandatory, otherwise lessor may take action as per rules.

34 Any payment on account of premium/ground rent or security deposit or building rent shall not be acceptable after termination or expiry of lease deed. Any such amount deposited by any person in such circumstances shall be deemed to be forfeited.

35. The security deposit, unless forfeited as aforesaid and after deducting all such sums as may be due to and recoverable by the lessor under these presents, shall be returned to the lessee after termination of the lease by afflux of time or otherwise.

36. The lessee, if aggrieved by an order of allotting authority, may prefer an appeal to the designated authority with appropriate fee within a period of 30 days as per the provisions of the said rules.

37. The allotting authority to which the powers of allotment have been delegated will also be competent to terminate the lease deed on behalf of the lessor.

38. This lease deed will be subject to the provision contained in the Madhya Pradesh Rajya Audyogik Bhumi Evam Audyogik Bhawan Prabandhan Niyam, 2014 as amended from time to time. For amendments subsequent to the execution of this lease deed, the lessee shall be bound to amend the lease deed incorporation/ amendment on his own cost.

39. The lessee shall comply with all Acts, Rules and Regulations of State Government./Central Government/Local Bodies/any other competent authority, in force from time to time for the operation of business.

54

40. The lessor shall not be liable to compensate any loss on account of any accident occurred or damage caused to other persons due to the operations being carried out by the lessee in the allotted premises.

41. The lessee, being a proprietorship entity intending to avail the option available in the said rules, hereby nominates Shri/Smt/Ku---------------- S/o / D/o…………. resident of …………as its sole successor of the said business. In the event of death of the lessee, such nominated person shall be accepted by the lessor, as lessee automatically for the remaining period of lease.

42. The partners in the lessee unit intending to avail the option available in the said rules, hereby nominate the following persons, their sole successors respectively, in the said partnership entity owing the said business- Name of the partner Nominee Father's name Resident of In the event of death of a partner, respective nominated person shall be accepted by the lessor, as partner on his behalf in the lessee partnership entity for the remaining period of lease, automatically. However, if any of the original partners has ceased to be a partner in the lessee partnership entity at any point of time, such nomination exercised by him shall become null and void automatically.

43. The lessee shall not restrict the entry of the lessor or a person authorized by him, in the leased premises and shall provide all information sought in writing by the lessor or the authorized person.

55

SCHEDULE Name of Village ………………………………………………………………… Name of Tehsil ………………………………………………………………… Name of District…………………………………………………………………… Name of Industrial Area / Estate…………………………………………………...

Plot No. ……………………………………………………….……………….

Size ………………………………………………………………………………… Block No. ………………………………………………………………………… Building ………………………………………………………………………… Shed No. ………………………………………………………………………… Covered Area ..……………………………………………………………………… open Space ………………………………………………………………………… Surrounded by……………………………………………………………………….

………………………………………………….. on the East ………………………………………………….. on the North ………………………………………………….. on the West ………………………………………………….. on the South Above details shown in the annexed plan In the Witness wherof the parties hereto have singned this deed on the date and year respectively mentioned against their signatures.

(Lessor) Witnesses (Please give full name, Singnature of Chief GeneralManager/General father's name, age & address) Manager, District Trade & Industry Centre on behalf of the Governor of M.P.

1 ……………………..…. Nmae ………………………… 2 ………………………… Date …………………………..

1. …………………………

2. ………………………… Singnature on behalf of ………………………… (Lessee) M/s………………………………… Date …………………….…… Name ………………………………………...

Father's Name ……………………………….

Age …………. (inwords) …………………..

Address……………………………………… ……………………………………… 56 पररमशष्ट - ई उप पट टे की सामान्द्य शत े(प्रारूप) प्रभावशीलता तथा पात्रता

1. कोई भी इकाई उसे आवंदटत पट् टे की भूमम में, भूमम/भवन उप- पट् टे पर दे सकेिा। पट् टे पर केवल भूमम या ऐसी भूमम जिस पर भवन पर मशीनरी स्थावपत ह , दी िा सकेिी।

2. उप पट् टा प्राप्तकताष उस उत्पाद के मलये उप पट् टा चाहता ह िो मूल पट् टाधारी प्राप्तकताष के उत्पादन हेतु आवश्यक हो तो उसे प्राथममकता दी िायेिी।

3. उसी इकाई को वेण्डर इकाई माना िायेिा िो क्रक अपने कुल उत्पादन का न्यूनतम 75 प्रनतशत उत्पादन / सेवाएं, मात ृइकाई/इकाई से संबंगधत िनतववगध को प्रदान करने हेत ु अनुबंगधत हो / प्रदान करती हो।

4. वही वतषमान धारक उपपट् टे पर भूमम दे सकेिा जिसके द्वारा अनुमत पररयोिना (एप्रूव्ड प्रोिेक्ट) अनुसार इकाई स्थावपत की िई हो।

5. वही मात ृइकाई/इकाई से संबंगधत िनतववगध उप पट् टे पर भूमम दे सकेिी जिसके द्वारा मूल पररयोिना में वेण्डर इकाईयों की संख् या, भूमम आवश्यकता तथा उनके द्वारा उत्पाददत वस्तु/सेवाएं जिनका 75 प्रनतशत मात ृइकाई/इकाई से संबंगधत िनतववगध द्वारा िय क्रकया िाना सुननजश्चत हो, का पूणष ब्यौरा भूमम प्राप्त करते समय अपनी पररयोिना में ददया िया हो।

6. उप पट् टे पर दी िाने वाली भूमम पथृक से पहंुच मािष रखती हो, अथवा आबंटी द्वारा उसे पथृक पहंुच मािष उपलब्ध कराया िा सकता हो। प्रबंध संचालक,एकेव्ही एन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र भूमम पर पहंुच मािष व बुननयादी सुववधाएं उपलब्ध कराने हेतु उत्तरदायी नहीं होंिे।

7. ऐसी भूमम िो निर एव ंग्राम ननवेश ववभाि के ननयमानुसार ननममषत क्षेत्र के अनुपात में खलुी रखा िाना आवश्यक हो, उपपट् टे पर नहीं दी िा सकेिी।

8. उप पट् टे पर दी िा रही भूमम पर भू आबंटन ननयमों मे स्वीकृत ननधाषररत औद्योगिक िनतववगधयॉ ं ही की िा सकेिी। यदद मूल पट् टा भूमम अनत प्रदरू्णकारी व खतरनाक उद्योिों हेतु ननधाषररत क्षेत्रान्तिषत नहीं ह तो उपपट् टे की भूमम पर औद्योगिक भूमम एवं औद्योगिक भवन प्रबंधन ननयम 2015 के ''पररमशष्ट सी'' में उल्लेणखत अनतप्रदरू्णकारी एवं खतरनाक शे्रणी के उद्योि स्थावपत नहीं क्रकए िा सकें िे।

9. उद्योि आनुर्ंगिक प्रयोिन हेतु आबंदटत भूमम उपपट् टे पर नहीं दी िा सकेिी। 57 उप पट टे की अवगक

1. उप पट् टे की अवगध एक बार में न्यूनतम 1 वर्ष एवं अगधकतम 10 वर्ष अथवा मूल पट् टे की अवगध की समाजप्त के 1 वर्ष पूवष तक िो भी पहले हो, होिी।

2. उप पट् टे की अवगध का नवीनीकरण तीनो पक्षों की सहमनत से तत्समय प्रचमलत ननयमों के अन्तिषत क्रकया िा सकेिा।

3. प्रत्येक नवीनीकरण न्यूनतम 1 वर्ष व अगधकतम 10 वर्ष हेतु क्रकया िा सकेिा।

4. नवीनीकरण हेतु इन ननयमों में वणणषत शुल्क देय होिा। उप पट टा प्रदाय हेतु प्रकक्रया

1. मूल पट् टा धारक अपने आवेदन के साथ उप पट् टेदार की सहमनत, उपपट् टेदार का पररयोिना ररपोटष सदहत प्रचमलत भूमम प्रबंधन ननयम अनुसार ननधाषररत प्रपत्र में आवेदन, उप पट् टे पर दी िाने वाली भूमम, भवन एवं मशीन आदद का वववरण, भूमम का आकार व क्षेत्रफल, पहंुच मािष आदद नक्शों पर दशाषते हुये संबंगधत ए.के.व्ही.एन./जिला व् यापार एवं उद्योि केन् र को आवेदन करेिा। उप पट् टा आवेदक की पररयोिना हेत ुभूमम की पात्रता का ननधाषरण भू आबंटन ननयमों के अन्तिषत क्रकया िायेिा।

2. आवेदन प्राप्त होन ेपर प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र द्वारा प्रकरण का परीक्षण क्रकया िायेिा व स्थल ननरीक्षण क्रकया िायेिा। तदपुरांत ननरीक्षण प्रनतवेदन व अपनी अनुशंसा एवं अमभमत के साथ प्रकरण औद्योगिक भूमम एवं भवन प्रबंधन ननयम 2015/तत्समय प्रचमलत ननयम, के अतंिषत उपपट् टे की अनुमनत प्रदाय करने हेतु सक्षम अनुमनत प्रदाता को प्रस्तुत करेिा। यह कायषवाही आवेदन प्राजप्त के 15 ददवस में पूणष की िायेिी ननयमों में सक्षम अनुमनत प्रदाता द्वारा प्रकरण प्राजप्त के 60 ददवस में अनुमनत िारी की िायेिी।

3. अनुमनत प्राप्त होन े पर वतषमान पट् टेदार, उपपट् टा प्राप्तकताष एवं प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के मध्य त्रत्रपक्षीय उपपट् टा अनुबन्ध ननधाषररत प्रारूप में ननष्पाददत क्रकया िायेिा (प्रारूप संलग्न)। यह कायषवाही संबंगधत प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र द्वारा की िायेिी। ये सक्षम अगधकारी अनुबंधकताष अगधकारी होंिे। उपट् टा प्राप्तकताष द्वारा यह अनुबंध पंिीकृत कराया िाकर, इसकी अमभप्रमाणणत प्रनत मूल पट् टेदार की भू आबंटन नस्ती में रखी िायेिी। यह अनुबंध मूल पट् टामभलेख का एक भाि होिा।

4. उप पट् टाधारी द्वारा भूमम प्राजप्त उपरांत पररयोिना ननधाषररत समयावगध में क्रियान्वयन की पूणष जिममेदारी उप पट् टा प्राप्तकताष इकाई की होिी। यदद ननधाषररत समयावगध में उप पट् टाधारी द्वारा उत्पादन प्रारंभ नही क्रकया िाता ह तो उप पट् टा अनुबन्ध अनुबंधकताष अगधकारी द्वारा ननरस्त क्रकया िा सकेिा। 58

5. यदद मूल पट् टेदार के पट् टामभलेख बैंक/ववत्तीय संस्था को अमभहस्तांक्रकत क्रकए िये हैं तो उप पट् टा स्वीकृत क्रकये िाने के पूवष संबंगधत बैंक/ ववत्तीय संस्था की सहमनत आवश्यक होिी। ननष्पाददत उपपट् टा अनुबन्ध की प्रनत बैंक/ववत्तीय संस्था को भी पषृ्िांक्रकत की िावेिी। उप पट् टा अनुमनत ननरस्तीकरण की प्रनत संबंगधत बैंक/ ववत्तीय संस्था को भी प्रेवर्त की िाएिी। उप पट टा हेतु देय रामश

1. उप पट् टे पर ददये िये भूमम के क्षेत्रफल पर अनुमनत ददनांक को प्रचमलत प्रब्याजि की 3 प्रनतशत रामश प्रनतवर्ष उप पट् टा शुल्क के रूप में प्रबंध संचालक, एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के कायाषलय में अगग्रम रूप से 31 माचष तक िमा की िाएिी। देय रामश िमा न करने पर 30 ददवसीय नोदटस ददया िाकर अनुबन्ध रद्द क्रकया िा सकेिा।

2. उपपट् टा अवगध में संपूणष भूमम के मलए देय भू-भाटक/संधारण शुल्क/िलप्रदाय शुल्क/स्ट्रीट लाईट चािदेशस अथवा प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र द्वारा ननधाषररत अन्य शुल्क मूल पट् टेदार द्वारा प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र को देय होंिे। यदद उप पट् टा धारक द्वारा िल प्रदाय, ववद्युत प्रदाय अथवा अन्य सुववधाओं हेतु पथृक से संयोिन/ सुववधा ली िाती ह तो वह इस सुववधा हेतु ननधाषररत शुल्क सीधे सेवा प्रदाता को भुितान करेिा।

3. उप पट् टे के प्रत्येक नवीनीकरण पर िो क्रक न्यूनतम एक वर्ष व अगधकतम 10 वर्ष अथवा मूल पट् टे की समाजप्त के 1 वर्ष पूवष तक िो भी पहले हो की अवगध के मलये होिा पर तत्समय प्रचमलत प्रब्याजि का 3 प्रनतशत नवीनीकरण शुल्क देय होिा। इसके अनतररक्त नवीनीकरण ददनांक को प्रचमलत प्रब्याजि की 3 प्रनतशत रामश प्रनतवर्ष अगग्रम तौर पर 31 माचष तक उपपट् टा शुल्क के रूप में देय होिी। उप पट टा प्रदाय के अगककार

1. उप पट् टा स्वीकृनत, नवीनीकरण एवं पट् टा ननरस्तीकरण के अगधकार वतषमान में प्रचमलत औद्योगिक भूमम एवं भवन प्रबंधन ननयम 2015 अथवा तत्समय प्रचमलत भू आबंटन ननयमों के अनुसार अनुमनत प्रदाता अगधकारी को होंिें।

2. सक्षम अगधकारी द्वारा अनुमनत िारी करने के उपरान्त अनुवती कायषवाही एवं अनुबंध ननष्पादन, शतो के पालन की ननिरानी, शतष उल्लंघन पर नोदटस आदद िारी करना, प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र की िायेिी। 59 राज्य शासन द्वारा कनयत भ ूआबांटन कनयमों की प्रभावशीलता

1. मूल पट् टेदार प्रबंध संचालक, एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र के मध्य ननष्पाददत पट् टाववलेख की अन्य शतदेश यथा आवश्यक उपपट् टेदार पर भी लाि ू होंिी।

2. उप पट् टा धारक पर मघ्यप्रदेश औद्योगिक भूमम एवं भवन प्रबंधन ननयम 2015 अथवा समय-समय पर िारी संबंगधत ननयमों के प्रावधान लािू होिें।

3. उप पट् टा धारक इकाई उप पट् टे पर प्राप्त भूखण्ड का हस्तांतरण नही कर सकेिी तथा उप पट् टा अवगध के दौरान अपने ििन / संििन में पररवतषन त्रबना उपपट् टा अनुमनत प्रदाता की पूवाषनुमनत एवं मूल पट् टेदार की सहमनत के नहीं कर सकेिी।

4. उप पट् टा अवगध के दौरान उप पट् टा ननरस्त होने अथवा उप पट् टे की अवगध समाप्त होने तथा नवीनीकरण न होने पर भूमम का आगधपत्य मूल पट् टा धारक के पास आ िावेिा। उप पट् टा धारक द्वारा उप पट् टे की भूमम पर ननममषत अधोसंरचनायें/स्थावपत यंत्र एवं सयंत्र आदद का ननराकरण उप पट् टेदार द्वारा क्रकया िाकर ररक्त भू-खण्ड मूल पट् टेदार को सौंपा िावेिा। उभय पक्ष चाहे तो ऐसी संरचनाओं का मूल्य आपसी सहमनत से तय कर मूल पट् टेदार द्वारा संरचनाएं िय की िा सकेिीं।

5. व ध उपपट् टा धारक द्वारा अपनी इकाई के ववगधवत संचालन के दौरान यदद मूल पट् टा धारक का पट् टा भूमम प्रबंधन ननयमों के अतंिषत क्रकन्हीं प्रावधानों के उल्लंघन के फलस्वरूप ननरस्त होने की दशा में उपपट् टेदार द्वारा चलायी िा रही िनतववगध के सुचारू संचालन के दृजष्टित उपपट् टा धारक के अनुरोध पर अनुमनत प्रदाता अगधकारी द्वारा प्रकरण के िुण-दोर् के आधार पर उपपट् टे की भूमम का आवंटन प्रचमलत ननयमों के प्रावधानों के अनुसार उपपट् टेदार को क्रकया िा सकेिा। ऐसी जस्थनत में शरे् भूमम (मूल पट् टाधारक के आगधपत्य की भूमम) ही ननरस्त रखी िाकर आिामी कायषवाही योग्य होिी।

6. उप पट् टाधारी को आबंदटत क्षेत्र के पास जस्थत क्रकसी अनतररक्त भूमम का ननयममनतकरण उप पट् टेदार के पक्ष में नहीं क्रकया िायेिा।

7. उप पट् टे की समपूणष अवगध में भूमम का ववभािन नही क्रकया िा सकेिा। केवल व ध उत्तरागधकारी को सक्षम न्यायालय के ननणषय उपरांत ननष्पाददत उपपट् टा अनुबन्ध में वाररस के रूप में सजमममलत क्रकया िा सकेिा।

8. उप पट् टा अवगध के दौरान उप पट् टाधारी भूमम का समपषण कर सकता ह । उप पट् टे पर दी िई भूमम का समपषण होने पर उप पट् टाधारी को कोई रामश वावपस नही की िायेिी। 60

9. उपपट् टा धारक द्वारा, संचामलत इकाई की प्रिनत एव ंआय-व्यय का ब्यौरा प्रनतवर्ष 30 मसतमबर तक प्रबंध संचालक एकेव्हीएन/महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योि केन्र को प्रस्तुत क्रकया िायेिा। अपील, वववाद कनराकरि तथा मागषदशषन

1. उप पट् टे से संबंगधत क्रकसी भी प्रकरण की अनुमनत प्रदाता अगधकारी द्वारा स्व-प्रेरणा से समीक्षा कर सकें िें तथा ऐसे आदेश पाररत कर सकें िें ि सा क्रक उगचत समझ।े

2. इन ननयमों के अन्तिषत अनुमनत प्रदाता अगधकारी द्वारा िारी उप पट् टा ननरस्तीकरण अथवा अन्य आदेश के ववरूद्ध संबंगधत पक्ष ऐसा आदेश पाररत होने के 30 ददवस में भूमम प्रबंधन ननयमों के प्रावधानों के अनुसार सक्षम प्रागधकारी को अपील कर सकें िे। अपील अगधकारी द्वारा ददया ननणषय अनंतम व संबंगधतो पर बंधनकारी होिा।

3. मूल पट् टा धारक तथा उप पट् टा धारक के मध्य पट् टे संबंधी वववाद होने पर अनुमनत प्रदाता अगधकारी संबंगधत पक्षों को सुनवाई का मौका देकर ननणषय दे सकें िे, िो उभय पक्षों पर बाध्यकारी होिा।

4. इन ननयमों के अतंिषत उप पट् टा देने के संबंध में यथा आवश्यकता समुगचत ननददेशश एवं मािषदशषन अनुमनत प्रदाता अगधकारी द्वारा ददये िा सकें िे, िो उभय पक्षों पर बंधनकारी होंिे। 61 Draft tripartite Agreement between Lessor, Lessee and Sub Lessee This deed of sub lease is made on ……………..between, 1) The governor of Madhya Pradesh acting through Managing "Director, Madhya Pradesh Audyogik Kendra Vikas Nigam (………..)

Limited/General Manager , District Trade and Industries Centre, ………..

having its registered office at ……………………………. (full address of the office) hereinafter to as "lessor" (which expression shall, unless repugnant to the context or meaning thereof, be deemed to mean and include its successors-in-interest) of the FIRST PART;

2) M/s ………….. acting through shri ………………..

Director/partner/proprietor, having its office at …………… hereinafter referred to as "Licensee" (which expression shall, unless repugnant to the context or meaning thereof, be deemed to mean and include its successorsin-interest and permitted assigns) of the SECOND PART;

3) M/s ………….. acting through shri ………………..

Director/partner/proprietor, having its office at …………… hereinafter referred to as "Sub-lessee/Licensee" (which expression shall, unless repugnant to the context or meaning thereof, be deemed to mean and include its successors-in-interest and permitted assigns) of the THIRD PART;

Whereas the lessor had allotted and granted lease of the land admeasuring ………….. square meters situated at Plot No …………. Industrial Area (Name and address) …………… District…………….. under a registered lease deed no………….. dated ………….. for a period of 30 years commencing from………. for the purpose stated therein.

Whereas the lessee has approached the lessor vide letter dated……….. seeking permission of the lessor to grant sub lease of the leasehold land admeasuring …………. square meters/a part of land admeasuring …………. square meters/and constructions thereon or to give theindustrial unit on license under management contract o on leave and license basis for a period of ………….. years as fully described in the schedule annexed hereto.

And Whereas the Madhya Pradesh state industrial Land and Industrial Bulding management Rules provides for sub lease tenancy of the land/bulding leased by lessor under clause as under.

62 And Whereas the lease deed exected between lessor and lessee under clause (16) provides that lessee shall not sublet/ assign or otherwise transfer the said premise/ land or any part thereof or any building structure or work constructed thereon for any purpose whatsoever except as provided in Rule 19 of the said Rulesh.

And Whereas as required under Rule 19 of said Rules, the lessor has obtained the approval to the terms conditionsof the tripartite agreement for sub lease/license from state government vide letter no………….. dated………….

NOW THIS AGREEMENT WITNESSETH AND IT IS HEREBY AGREED BY AND BETWEEN THE PARTIES AS UNDER :

1) That, the period of sub lease/license in respect of leasehold land and construction thereon shall be ………… years or the unexpired period of main lease whichever is earlier.

2) The terms and conditions of main lease deed shall apply and binding on sub lessee/licensee mutatis mutandis.

3) That, the sub lessee/licensee shall comply and follow all terms and conditions, restrictions and prohibitions as contained in the main lease deed as if he is the lessee in respect of the demised leasehold land.

4) The sub lessee/licensee shall obtain necessary consents, permissions, approvals as may be required under any law as applicable from time to time from appropriate authorities.

5) That, in case of any breach or default committed by sub lessee/licensee, the lessee shall be responsible and liable and in such circumstances the lessor shall exercise all such rights and powers as available to him under main lease deed and the under said Rules as amended from time to time against the main lessee as well as sub lessee/licensee.

6) That, in case of any default in payment of dues of lessor whatsoever may be or in case of any breach of any terms and condition of main lease deed or "Sub-lessee/Licensee" by the lessee or the Sub-lessee/Licensee, the lessor shall have the right to terminate the lease, Sub-lessee/Licensee as the case may be at its discretion by giving a notice of not less than 30 days in writing to remedy the default/breach and within the period stipulated, the lease or sub lease/license as the case may be shall stand terminated and lessor shall re-enter in the demised land/premise forthwith. In such event, the lessee or Sub-lessee/Licensee shall have remedy of appeal as provided under the rules.

63 7) The sub lessee/licensee shall not sub lessee/assign or otherwise transfer or shall create any third party interest whatsoever in the demised land/bulding or part thereof.

8) the Sub-lessee/Licensee shall pay to the lessor annual lease rent for Sublessee/Licensee-land equivalent to 3% (Three percent), of the premium prevailing on the date of agreement. This annual leas rent shall be paid in advance each year on 31 st march.

9) that, in case of default of payment of lease rent or any dues either by lessee or by Sub-lessee/Licensee the lessor shall have right to deand and recover the same either from lessee or Sub-lessee/Licensee and vice versa or from both lessee and sub lessee/licensee as provide in the main lease deed.

10) The lessee shall provide a copy of sub-lease deed, contract or any agreement entered into with the Sub-lessee/Licensee in respect of the demised land and building constructed thereon or in respect of industrial unit and shall always keep the lessor informed about any amendment or change in the terms and conditions in the said deed, contract or agreement.

11) The lessor shall not be responsible to provide any passage or approach road or any other facility independently to the Sub-lessee/Licensee.

12) In case of any inconsistency in the terms and condition of Sublessee/Licensee, the terms and conditions contaioned in the main lease shall prevail.

13) the lessee and and Sub-lessee/Licensee shall bear all expenses, fees stamps duty and registration charges if any.

14) The lessor shall have the right to decide any issue/ matter or dispute arises between the lessee and sub-lessee keeping in view the provisions of the prevailing Land and Shed Allotment Rules of the industries Department after giving an opportunity to all concerned to be heard and his decision will be final and binding on lessee and sub- lessee.

15) The lessee and sub- lessee, if aggrieved by an order of the lessor may prefer an appeal to the designated authority as per the provisions of the main lease/prevailing Land and shed Allotment Rules.

16) Rules, Conditions and Instructions issued by the State Government from time to time under Rule 20 of the Madhya Pradesh Audyogik Bhumi Avam Audyogik Bhavan Prabandhan Niyam 2008 Shall be binding on all the parties signing the Tripartite Agreement and shall be treated as a part of this Agreement.

64 IN WITNESS WHEREOF, the Parties herein above have set their hands entered into this Deed the day and year first above written.

Witness

1.

For Lessor, Governor of Madhya Pradesh, through MP Audyogik Kendra Vikas Nigam (..........) Ltd./General Manager, District Trade and Industries Centre, District .........................

Managing Director/ General Manager

2. For Lessee ...............................

3. For Sub- Lessee/ Licensee 65

SCHEDULE A. Details of land leased to lessee under registered lease deed No....................................... Dated..............................................

Plot No .............................

Size of Plot .................................

Surrounded by On north On south On east On west Road on B Details of land/building sub-lease/license by lessee under these present Size of Plot (under sub-lease ) .................................

Surrounded by On north On south On east On west Road on Building/ premises (under sub-lease ) ..............................

Area ...............................

Site plan of the land/building under sub-lease/ license is annexed and areas is delineated in red 66 पररमशष्ट - एफ आवांदटत शेडों का भाड़ा क्रय पद्ककत के अांतगषत ववक्रय

(i) मध्यप्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में/अन्यत्र, शासन/ननिमों द्वारा ननममषत भवनों के मलए भाड़ा िय योिना ननमन व्यजक्तयों/फमष/संस्था/कंपनी आदद के संबंध में लािू होिीैः- (अ) जिन्हें ववभाि/ननिमों द्वारा ननममषत भवन आवंदटत हो । (ब) वे योिना के अतंिषत लाभ उिाने की सहमनत देन ेके ददनांक को तथा उसके दो वर्ष पहले से आवंदटत भवन में उद्योि चला रहे हैं, तथा (स) वे आवेदन के ददनांक को क्रकराये एवं संधारण शुल्क के बकायादार न हो

(ii) इस योिना के अतंिषत केवल भवन भाड़ा िय पर ददये िा सकें िे, भूमम नहीं। भूमम, जिस पर भवन ननममषत ह , तथा पास की खलुी भूमम ननयमों में वणणषत अवगध की लीि पर दी िायेिी, जिसके मलए एक लीिडीड अलि से ननष्पाददत करनी होिी । खलुी भूमम तथा शडे अतंिषत ननममषत क्षेत्र की भूमम सजमममलत कर आवंटन योग्य कुल भूमम की मात्रा ननयमों के अतंिषत 'भूमम की मात्रा का ननधाषरण' समबन्धी ननयम से शामसत होिी।

(iii) भवन के मूल्य ननधाषरण के मसद्धांत ननमनानुसार होंिे :- (अ) भवन के ननममषत क्षेत्र का मूल्य रूपये 22 प्रनत विषफुट आंका िाएिा और इस मूल्य में से, जितना पुराना ननममषत भवन ह उतनी अवगध के मलए

3.50 प्रनतशत प्रनतवर्ष की दर से कटौती की िाएिी, परन्तु यह कटौती रूपये 22 प्रनत विषफुट से आंकी ियी कीमत के 50 प्रनतशत से अगधक नहीं होिी । जिन भवनों का ननमाषण 1972 के बाद हुआ ह वे भवन जिस वर्ष में ननममषत क्रकये िये उस, वर्ष में उनकी प्रनत विषफुट लाित के 50 प्रनतशत से अगधक की कटौती नहीं होिी। (ब) ननधाषररत मूल्य का 10 वर्ों में समान वावर्षक क्रकश्तों में भुितान करना होिा, जिस पर 7.5 प्रनतशत प्रनतवर्ष का सामान्य ब्याि देय होिा। पूवष िमा मसक्यूररटी रामश अनंतम क्रकश्त के साथ समयोजित की िायेिी। (स) भवन और उसके साथ लिी हुई खलुी भूमम, दोनों पर वतषमान प्रचमलत औद्योगिक दर से प्रीममयम ली िाकर लीि ननष्पाददत की िाएिी। ियकताष को प्रचमलत दरों के अनुसार संधारण शुल्क प्रनतवर्ष देना होिा । 67 (द) भवन खरीदने वाले व्यजक्त/संस्था /कंपनी के ऊपर यदद भवन का पुराना क्रकराया शरे् हो तो लीिडीड ननष्पाददत करने के पूवष उसकी पूरी वसूली होना अननवायष हैं। (इ) यदद एक ही औद्योगिक संस्थान में मभन्न-मभन्न वर्ों में भवन बने हो तो उपरोक्त कंडडका (अ) के अनुसार प्रत्येक का मूल्यांकन क्रकया िाकर औसत दर ननकाली िाएिी, जिसके अनुसार भवन का वविय हेतु मूल्य ननधाषररत होिा। (फ) आवेदन के पूवष िो भवन का क्रकराया मलया िया हो वह भवन की कीमत नहीं माना िाएिा। भाड़ा िय आवेदन ददनांक से आवंटी द्वारा शडे क्रकराया देय नहीं होिा ।

(iv) यदद कोई व्यजक्त ननधाषररत ददनांक पर क्रकश्त िमा नहीं करता ह , जिसमें ूूट की अवगध अथाषत एक माह सजमममलत ह , तो ब्याि सदहत देय रामश पर 10 प्रनतशत अनतररक्त शाजस्त ब्याि उस ददन से वसूल क्रकया िाएिा, जिस ददन क्रकश्त िमा करना थी ।

(v) यदद कोई व्यजक्त 2 से ज्यादा क्रकश्त नहीं देता ह तो भवन राज्य शासन के पक्ष में वावपस माना िाएिा एवं पूवष में िमा की ियी क्रकश्त रामश राज्य शासन के दहत में रािसात हो िाएिी। यदद ऐसी जस्थनत में आवंटी पुनैः क्रकराये पर पूवषवत भवन आवंटन हेत ुआवेदन करता ह तो उसे वतषमान प्रचमलत क्रकराये की दर स े डडफाल्ट अवगध की मामसक क्रकश्तें चकुाने पर वतषमान प्रचमलत दर पर ही भवन क्रकराये पर ददया िा सकेिा ।

(vi) भाड़ा िय योिना के अतंिषत प्राप्त भवन महाप्रबंधक/ प्रबंध संचालक की पूवष स्वीकृनत के त्रबना क्रकसी को वविय/सबलीि या अन्य प्रकार से हस्तांतररत नहीं क्रकया िा सकेिा ।

(vii) भाड़ा िय योिना के अतंिषत प्राप्त भवन का उपयोि औद्योगिक क्षेत्र में अनुमत प्रयोिन से मभन्न क्रकसी अन्य प्रयोिन के मलए नहीं क्रकया िाएिा।

(viii) भाड़ा िय अनुबंध की अवगध में भवन राज्य शासन की संपवत्त रहेिी।

(ix) स्टामप ड यूटी, िो पंिीयन पर लिेिी, भवन खरीदने वाले को वहन करना होिी।

(x) भाड़ा िय योिना की अवगध में भवन को अच्ूी जस्थनत में रखने तथा उसकी मरममत एवं संरक्षण की जिममेदारी भवन िय करने वाले की होिी। 68

(xi) भाड़ा िय योिना के अन्तिषत प्राप्त शडेों के पुनननषमाषण की अनुमनत उद्योि आयुक्त द्वारा प्रदान की िा सकेिी। बशतदेश की शडे का उपयोि औद्योगिक प्रयोिन के मलए हो।

(xii) भवन िय करने वाले को भवन का बीमा, उद्योि आयुक्त/प्रबंध संचालक, म.प्र.

स्टेट इण्डजस्ट्रयल डवेलपमेन्ट कापोरेशन मलममटेड के पक्ष में अपने खचष से भाड़ा िय की अनंतम क्रकश्त के भुितान की अवगध तक करना होिा।

(xiii) भाड़ा िय योिना अतंिषत अनुमनत के अगधकार पदेन महाप्रबंधक औद्योगिक केन्र ववकास ननिम/प्रबंध संचालक, औद्योगिक केन्र ववकास ननिम को होंिे। 69

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