(1) इन जनयमों में, जब तक संदभव से अन्द्यथा अपेजक्षत न हो, - (क) ‘अजधजनयम’ से राष्ट्रीय औषध जिक्षा और अनुसंधान अजधजनयम, 1998 (1998 का 13) अजभप्रेत हैं;
(ख) ‘पररषद’ का र्ही अथव होगा जो अजधजनयम की धारा 3 के खंड (गक) में उसका ह;ै (ग) ‘सजचर्’ से पररषद का संदस्ट्य अजभप्रत्त ह ै।
(2) उन िब्दों और पदों के, जो इसमें प्रयुि हैं, और पररभाजषत नहीं ह ैदकन्द्त ुअजधजनयम, में पररभाजषत हैं, र्ही अथव होंगे जो उस अजधजनयम में हैं। स.ं 387] नई ददल्ली, बधुर्ार, जनू 1, 2022/ज् यषे् ठ 11, 1944 No. 387] NEW DELHI, WEDNESDAY, JUNE 1, 2022/JYAISHTHA 11, 1944 सी.जी.-डी.एल.-अ.-01062022-236204 CG-DL-E-01062022-236204 सी.जी.-डी.एल.-अ.-01062022-236204 CG-DL-E-01062022-236204 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
3. ररजियों को भरन ेकी रीजतिः- सजचर्, अजधजनयम की धारा 30 क की उपधारा (2) के खंड (i) के अधीन कुलाध्यक्ष द्वारा नामजनदेजित सदस्ट्यों को, ऐसे युजि युि समय के भीतर जो उस तारीख से जजसको ऐसे आमतं्रण उसके द्वारा जारी दकए जाते हैं, साधारणतया आठ सप्ताह से अजधक का न होगा आमंजत्रत करेगा ;
(2) उपजनयम (1) में उजल्लजखत प्रदिया का पररषद ्में आकजस्ट्मक ररजियों को भरने के जलए भी पालन दकया जाएगा ।
4. सदस्ट्य की जनरहवता और उसका हटाया जानािः- (1) कोई व्यजि सदस्ट्य होने के जलए तभी जनरर्हहत होगा जब र्ह,– (क) अननुमोजचत ददर्ाला ह;ै या (ख) दकसी ऐसे अपराध का दोषजसद्ध ठहराया गया ह ैजजसमें केन्द्रीय सरकार की राय में नैजतक अधमता अन्द्तर्वजलत हैं;
या (ग) िारीररक रूप से या मानजसक रूप से सदस्ट्य के रूप में कायव करन ेमें असमथव हैं; या (घ) ऐसा जर्त्तीय या अन्द्य जहत अर्हजत दकया ह ै जजससे सदस्ट्य के रूप में उसके कृत्यों पर प्रजतकूल प्रभार् पड़ने की संभार्ना हैं; या (ङ) अपनी जस्ट्थजत का इस प्रकार दरुूपयोग दकया ह ैजजससे उसका पद पर बने रहने से जनजहत पर प्रजतकूल प्रभार् पड़ता ह;ै या (च) पररषद ्से अनुपजस्ट्थजत की अनुमजत के जबना तीन लगातार बैंठकों में उपजस्ट्थत होन ेमें असफल रहता ह ै:
(2) दकसी सदस्ट्य को उपजनयम (1) के खंड (घ), खंड(ङ) और खंड (च) के अधीन तब तक नहीं हटाया जाएगा जब तक उसे मामलें में सनुर्ाई का युजि युि अर्सर प्रदान नहीं कर ददया जाता ह ै।
5. बैठक और उसमें कारबार करन ेकी रीजतिः- (1) पररषद ्प्रत्यके छह मास में कम से कम एक बार बैठक करेगी ।
(2) पररषद ्की बैठकें पररषद ्के अध्यक्ष द्वारा उसकी स्ट्र्यं की स्ट्र्प्रेरणा पर या सजचर् के अनरुोध पर या पररषद ्के कम से कम चार सदस्ट्यों द्वारा हस्ट्ताक्षररत अध्यापेक्षा पर बुलाई जाएंगी ।
(3) पररषद ्की बैठक के जलए अपेजक्षत गणपूर्हत पररषद ्की र्ास्ट्तजर्क संख्या का एक जतहाई होगा ।
(4) पररषद ्का अध्यक्ष साधारणतया पररषद ्की प्रत्येक बैठक की अध्यक्षता करेगा :
परन्द्त ुअध्यक्ष की अनपुजस्ट्थजत में उपाध्यक्ष पररषद ्की बैठकों की अध्यक्षता करेगा :
परन्द्त ुयह और दक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों की अनुपजस्ट्थजत में, बैठक में उपजस्ट्थत सदस्ट्यों द्वारा उनमें से चुना गया कोई अन्द्य सदस्ट्य उस बैठक की अध्यक्षता करेगा ।
(5) प्रत्येक बैठक की जलजखत सूचना सजचर् द्वारा बैठक की तारीख से तीन सप्ताह पहल ेप्रत्येक सदस्ट्य को भेजी जाएगी ।
(6) सूचना में बैठक का स्ट्थान, तारीख और समय का उल्लेख होगा ।
(7) सूचना की अर्जध अध्यक्ष की पूर्व सहमजत से कम की जा सकेगी या अजधत्यजजत की जा सकेगी ।
(8) कायव सूची में दकसी मद के समारे्िन के जलए प्रस्ट्तार्ों की सूचना सजचर् के पास बैठक से दो सप्ताह पहल ेपहुचं जानी चाजहए ।
(9) बैठक की कायवसूची सजचर् द्वारा सदस्ट्यों को बैठक से दस ददन पूर्व पररचाजलत दकया जाएगा ।
(10) तथाजप, पररषद ्का अध्यक्ष, ऐसी दकसी मद को सजममजलत करन े के जलए अनुज्ञा द ेसकेगा जजसके जलए समयक सूचना प्राप्त नहीं हुई ह ै।
(11) इस संबंध में, प्रदिया के सभी प्रश्नों के जलए पररषद ्के अध्यक्ष का जर्जनणयव अजन्द्तम होगा ।
(12) पररषद ्की बैठक की कायवर्ाजहयों के कायवरृ्त्त सजचर् द्वारा तैयार दकए जाएगा और रे् पररषद ्के सभी सदस्ट्यों को पररचाजलत दकए जाएगंे । [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का राजपत्र : असाधारण 3
(13) सुझार् ददए गए दकसी भी संिोधन के साथ, कायवरृ्त्त पररषद ् की पुजि के जलए उसकी अगली बैठक में रखा जाएगा ।
(14) कायवरृ्त्त की अध्यक्ष द्वारा पुजि दकए जाने और उसके द्वारा उस पर हस्ट्ताक्षर के जाने के पश्चात् उन्द्हें ऐसी कायवरृ्त्त पुजस्ट्तका में लेखबद्ध दकया जाएगा जो कायावलय घन्द्टों के दौरान सभी जर्षयों पर पररषद ्के सदस्ट्य द्वारा दकए जाने र्ाल े जनरीक्षण के खुला रखा जाएगा ।
(15) पररषद ्की बैठकों में जर्चार के गए सभी प्रश्नों का जर्जनश्चय उपजस्ट्थत सदस्ट्यों, जजनमें पररषद ्का अध्यक्ष भी ह,ै बहुमत से दकया जाएगा ।
(16) यदद मतों को बराबर जर्भाजजत दकया जाता ह ैतो पररषद ्का अध्यक्ष का जनणावयक मत होगा ।
(17) उपजनयम (5) में अन्द्तर्हर्ि दकसी बात के होत ेहुए भी, पररषद ्की बैठक जजसमें ऐसा कोई जर्षय जजसे अध्यक्ष या सजचर् द्वारा अत्यार्श्यक समझा जाता ह ै या ऐसी कोई अध्यपेक्षा जजसे पररषद ् के कम से कम चार सदस्ट्यों द्वारा हस्ट्ताक्षररत दकया गया ह,ै ली जानी ह,ै अल्पतर सूचना पर बुलाई जा सकेगी ।
6. यात्रा और अन्द्य भत्तिेः- (1) अजधजनयम की धारा 30क की उपधारा (2) के खंड (घ) और खंड (झ) में जनर्ददि सदस्ट्यों के जसर्ाय कोई सदस्ट्य कोई फीस, यात्रा भत्ता या दैजनक भत्ता प्राप्त करन ेका हकदार नहीं होगा ।
(2) अजधजनयम की धारा 30क की उपधारा (2) के खंड (घ) और खंड (झ) में जनर्ददि सदस्ट्यों के यात्रा और अन्द्य भते्त जर्त्त मंत्रालय, व्यय जर्भाग का.ज्ञा.सं. 19047/2016 ई-IV तारीख 14 जसतबंर, 2017 द्वारा जारी अनुदेिों के अनुसार िाजसत दकए जाएंगे ।
(3) अजधजनयम की धारा 30क की उपधारा (2) के खंड (ग) में जर्जनर्ददि संसद ् सदस्ट्य संसद ् (जनरहवता जनर्ारण) अजधजनयम, 1959 (1959 का 10) की धारा 2 के खंड (क) के अनुसार प्रजतकर भत्ता ही प्राप्त करने का हकदार होगा ।
7. कृत्त्य और उनका प्रयोग करन े की रीजत- (1) पररषद ् ऐसे कृत्यों का प्रयोग करेगी जो उसे इस अजधजनयम द्वारा समनुदेजित दकए जाएं ।
(2) पररषद ्अपन ेकृत्यों का प्रयोग या तो सीधे तौर पर प्रयोग करेगी या अपने कृत्यों में से ऐसे कृत्य को प्रत्यायोजजत कर सकेगी जो पररषद ्के अध्यक्ष के जलए आर्श्यक समझें जाएं ।
(3) पररषद ्के अध्यक्ष द्वारा, ऐसे प्रत्यायोजन का प्रयोग करत ेहुए, की गई कारवर्ाई पररषद ्को इसकी अगली बैठक में ररपोटव की जाएगी ।
(4) जहां बैठक बुलाना समीचीन नहीं ह ै र्हां सजचर् पररषद ् के अध्यक्ष के अनुमोदन से ऐसी मद या मदों को जो आर्श्यक समझी जाएं, सदस्ट्यों के बीच पररचाजलत कर सकेगा और उनपर जर्जनश्चय करने के जलए पररषद ्के अध्यक्ष को समथव बनाने हतेु उनकी टीका रटप्पजणयां अजभप्राप्त कर सकेगा ।
(5) ऐसे जर्षय पररषद ्को उसकी अगली बैठक में ररपोटव दकए जाएंगे ।
(6) पररषद ्ऐसी स्ट्थायी सजमजत या तदथव सजमजतयों का गठन कर सकेगी जजनके ऐसे जनजश्चत जनबंधन हो जो आर्श्यक समझे जाएं ।
(7) ऐसी सजमजत या सजमजतयों की ररपोटव या ररपोटों को पररषद ्के समक्ष उसकी बैठक में जर्चार दकए जाने और उन पर जर्जनश्चय दकए जाने के जलए रखा जाएगा ।
(8) जनर्चवन- जनयम 4 के उपजनयम (11) में जैसा उपबंजधत ह ैउसके जसर्ाय, इन जनयमों के जनर्वचन के संबंध में कोई प्रश्न उत्पन्न होता ह ैउसपर केन्द्रीय सरकार का जर्जनश्चय अजन्द्तम होगा । [फा. सं. 50020/2/2018-एनआईपीईआर] रजनीि टटगल, संयिु सजचर् 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] MINISTRY OF CHEMICALS AND FERTILIZERS (Department of Pharmaceuticals) NOTIFICATION New Delhi the 1st June, 2022 G.S.R. 408(E).—In exercise of the powers conferred by section 30E of the National Institute of Pharmaceutical Education and Research Act, 1998(13 of 1998), the Central Government hereby makes the following rules, namely:-
1. Short title and commencement.- (1) These rules may be called the Council (National Institute of Pharmaceutical Education and Research) Rules, 2022
(2) They shall come into force from the date of notification in Official Gazette.
2. Definitions – (1) In these rules, unless the context otherwise requires,-
(a) ‘Act’ means the National Institute of Pharmaceutical Education and Research Act, 1998 (13 of 1998);
(b) ‘Council’ shall have the same meaning as assigned to it in clause (ca) of section 3 of the Act;
(c) ‘Secretary’ means the Member Secretary of the Council.
(2) Words and expressions used herein and not defined, but defined in the Act shall have the same meaning respectively as assigned to them in the Act.