नई दिल्ली में न्द्यायालयों को अजधजनयम के अधीन अनुित्त दकए गए दकसी भी संयुि अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट के अधीन उत्पन्न होने िाल ेदकसी भी जििाि पर अनन्द्य अजधकाररता होगी । प्ररूप 1 [जनयम 7(1) िेखें] खोि अनजु्ञजप्त यह संयुि अनुज्ञजप्त ("अनुज्ञजप्त”) की खोि अनुज्ञजप्त का जिलेख जनम्नजलजखत के द्वारा और उनके बीच बनाया गया ह:ै पक्षकार:
1. भारत के राष्ट्रपजत, खान मंत्रालय (“केन्द्रीय सरकार”) के माध्यम से कायव करते हुए, जिसका प्रजतजनजधत् ि प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा दकया गया है। और
2. [अनजु्ञजप्तधारी का नाम] कारपोरेट पहचान संख्या [सीआईएन] के सार् कंपनी अजधजनयम, 2013 भारत में जनगजमत, जिसका रजिस्ट्रीकृत कायावलय [कायावलय का पता], भारत में ह ै और कारबार का मुख्य स्ट्र्ान [मूल कारबार का पता, यदि रजिस्ट्रीकृत कायावलय से जभन्न ह]ै या [एक व्यजि िो आयकर स्ट्र्ायी खाता संख्या [संख्या] िाला भारत का नागररक है, [पता] पर रहता ह ैया िो [फमव/व्यजियों के संघ] के नाम पर [फमव/ व्यजियों के संघ) के रूप में संगरठत अनुसूची क में सूचीबद्ध, िो सभी भारतीय नागररक हैं और भारत में रहते हैं ("अनजु्ञजप्तधारी")। पषृ्भजूम:
क. अनुज्ञजप्तधारी ने अनुसूची ख में अजधक जिजिष्ट रूप से यर्ािर्णवत संयुि अनुज्ञजप्त [अनुज्ञजप्त क्षेत्र का जििरण अंत:स्ट्र्ाजपत करें] प्रिान करने के जलए एक इलेक्रॉजनक नीलामी में भाग जलया र्ा,जिसके अनुसार अनुज्ञजप्तधारी संयुि अनुज्ञजप्त प्रिान करने के जलए पात्र हो गया ह ैऔर अनुज्ञजप्तधारी ने संयुि अनुज्ञजप्त प्रिान करने के जलए अपतट क्षेत्र खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 2002 ("अजधजनयम") और इसके अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन अपेक्षाओं को पूरा कर जलया है। ख. तिनुसार, केन्द्रीय सरकार, इसमें इसके पश्चात् आरजक्षत और अब अनुज्ञजप्त भाग के जलए भुगतान, पालन और जनष्पादित दकए िाने िाले िुल्क, स्ट्िाजमत्ि, प्रसंजििाओं और करारों के प्रजतफल में अनुज्ञजप्तधारी को अनुज्ञजप्त प्रिान करने के जलए इस जिलेख को जनष्पादित कर रही है।
1. पररभाषाएं इस अनुज्ञजप्त में प्रयुि अजभव्यजियों का िही अर्व होगा िो अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों में दिया गया ह।ै [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 31
2. अनजु्ञजप्त प्रिान करना केन्द्रीय सरकार जनम्नजलजखत खजनिों:— [खजनिों का नाम] ("खजनि")के संबंध में जिजधित जनष्पादित अनुज्ञजप्त जिलेख के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से प्रारंभ होकर, 3 (तीन) िषव की अिजध के जलए खोि कायव करने के जलए अनुसूची ख ("अनजु्ञजप्त क्षेत्र") में िर्णवत क्षेत्र पर अनुज्ञजप्तधारी को अनुज्ञजप्त प्रिान करती ह ै।
3. अजधकार और िाजयत्ि
3.1. केन्द्रीय सरकार और अनुज्ञजप्तधारी के अजधकार और िाजयत्ि, अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों में यर्ाजिजनर्िवष्ट होंगे जिसके अंतगवत जबना दकसी सीमा के, अपतट क्षेत्र पररचालन अजधकार जनयम, 2024 सजम्मजलत हैं।
3.2. पूिोि की व्यापकता पर प्रजतकूल प्रभाि डाले जबना, (क) अनुज्ञजप्तधारी को—
(i) प्रत्येक समय अजधजनयम, इसके अधीन बनाए गए जनयमों और दकसी भी अन्द्य लागू जिजध के उपबंधों का अनुपालन करना;
(ii) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा अपेजक्षत स्ट्िाजमत्ि और दकसी भी िुल्क या अन्द्य भुगतान का िीघ्र भुगतान करना;
(iii) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा की गई क्षजत, चोट या जिघ्न के जलए तत्समय प्रिृत्त दकसी जिजध के अनुसार मुआििा िेना और दकसी व्यजि या व्यजियों द्वारा ऐसी दकसी क्षजत, चोट या जिघ्न तर्ा उससे संबंजधत सभी लागतों और खचों के संबंध में दकए गए सभी िािों के जिरुद्ध केन्द्रीय सरकार और प्रिासजनक प्राजधकारी को क्षजतपूर्तव िेना और क्षजतपूर्तव प्रिान करना;
(iv) खोि कायों से प्रभाजित समुर तल के प्राकृजतक पुनिावस को सक्षम करने के जलए सभी आियक किम और उपाय करना, जिसके अंतगवत केन्द्रीय सरकार द्वारा जिजनर्िवष्ट कोई भी उपाय सजम्मजलत हो सकते हैं;
(v) इस अनुज्ञजप्त के अधीन पररचालन के िौरान होने िाली दकसी िघुवटना की ररपोटव, जिससे मृत्यु या गंभीर िारीररक चोट या संपजत्त को गंभीर क्षजत या िीिन या संपजत्त को गंभीर रूप से प्रभाजित या खतरा हो सकता ह ै जबना दकसी िेर