(ठ) कोई भी पुरुष अभ्यर्थी, िजसने एक से अिधक जीिवत पत्िनयां होने पर, सेवा में िनयुक्ित के िलए पात्र नहीं होंगे, जब तक िक सरकार इस बात से संतुष्ट होने के पश्चात िक ऐसा करने के िलए िवशेष आधार हैं, िकसी अभ्यर्थी को इस िनयम के प्रवर्तन से छूट नहीं दे देती।
(2) कोई भी मिहला अभ्यर्थी, जो ऐसे व्यक्ित से िववािहत है िजसकी पहले से ही पत्नी है जीिवत रहते हुए, सेवा में िनयुक्ित के िलए पात्र नहीं होंगे, जब तक िक सरकार इस बात से संतुष्ट होने के पश्चात िक ऐसा करने के िलए िवशेष आधार हैं, िकसी मिहला उम्मीदवार को इस िनयम के प्रवर्तन से छूट नहीं दे देती। 8
(3) कोई भी िववािहत अभ्यर्थी सेवा में िनयुक्ित के िलए पात्र नहीं होगा, यिद उसने अपनी शादी के समय कोई दहेज स्वीकार िकया था:
स्पष्टीकरण:इस िनयम के प्रयोजन के िलए, 'दहेज' का वही अर्थ है जो दहेज प्रितषेध अिधिनयम, 1961 (1961 का केन्द्रीय अनुच्छेद 28) में।
(4) कोई भी अभ्यर्थी सेवा में िनयुक्ित के िलए पात्र नहीं होगा, िजसने 01-06-2002 को या उसके बाद दो से अिधक बच्चे:
परन्तु यह िक दो से अिधक बच्चों वाले अभ्यर्थी को िनयुक्ित के िलए तब तक अयोग्य नहीं समझा जाएगा जब तक िक 01-06-2002 को उसके बच्चों की संख्या में वृद्िध नहीं हो जाती। परन्तु यह भी िक जहां िकसी अभ्यर्थी के पहले प्रसव से केवल एक ही बच्चा है, िकन्तु एक ही पश्चातवर्ती प्रसव से एक से अिधक बच्चे पैदा होते हैं, तो इस प्रकार पैदा हुए बच्चों को कुल बच्चों की संख्या की गणना करते समय एक इकाई माना जाएगा। परन्तु यह भी िक इस उपिनयम के प्रावधान राजस्थान मृतक सरकारी सेवक के आश्िरत की अनुकम्पा िनयुक्ित िनयम, 1996 के अन्तर्गत की जाने वाली िवधवा की िनयुक्ित पर लागू नहीं होंगे। पाउंडपरन्तु यह भी िक िकसी अभ्यर्थी के कुल बच्चों की संख्या की गणना करते समय, पूर्व प्रसव से जन्मे तथा िदव्यांग बच्चे की गणना नहीं की जाएगी। $परन्तु यह भी िक यिद कोई अभ्यर्थी पुनर्िववाह कर लेता है जो िकसी िविध के िवरुद्ध नहीं है और ऐसे पुनर्िववाह से पूर्व वह इस उपिनयम के अधीन िनयुक्ित के िलए अयोग्य नहीं है, तो ऐसे पुनर्िववाह से एकल प्रसव से कोई संतान उत्पन्न होने पर भी वह अयोग्य नहीं होगा। भाग IV- प्रारंिभक भर्ती की प्रक्िरया