CourtMesh

Statutes of the National Institute

Central Statute · No. 29 of 200795,964 characters of text

The enactment

TypeStatute
CitationNo. 29 of 2007
Year2007
JurisdictionCentral
MinistryMinistry of Education
StatusIn force as published by the source
TextPublished as one document, as the source published it
Subjectseducation

Full text

The source publishes this enactment as a single document rather than provision by provision, so the whole text is below and there are no per-section pages for it. Nothing has been shortened.

4711 GI/2017 (1) jftLVªh laö Mhö ,yö&33004@99 REGD. NO. D. L.-33004/99 vlk/kj.k EXTRAORDINARY Hkkx II—[k.M 3—mi&[k.M (i)

PART II—Section 3—Sub-section (i) izkf/dkj ls izdkf'kr PUBLISHED BY AUTHORITY la- 672] ubZ fnYyh] c`gLifrokj] vxLr 3] 2017@Jko.k 12] 1939 No. 672 ] NEW DELHI, THURSDAY, AUGUST 3, 2017/SRAVANA 12, 1939 मानव ससंाधन िवकास मंᮢ ालय (mPPkrj f'k{kk foHkkx) अिधसचूना नई िदल्ली, 2 अगस् त , 2017 सा.का.िन. 988(अ).— कᱶ ᮤीय सरकार, राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस् थान अिधिनयम, 2007 (2007 का 29) की धारा 26 की उप-धारा (1) ᳇ारा ᮧदत् त शक् ितयᲂ का ᮧयोग करते हुए, कुलाध् यक्ष के पूवर् अनुमोदन से राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी संस् थान, आंᮥ ᮧदशे, 2017 के िलए िनम् निलिखत पिरिनयम बनाती ह,ै अथार्त्:-

1. सिंक्षप् त नाम, िवस् तार और ᮧारंभ,- (1) इन पिरिनयमᲂ का संिक्षप् त नाम राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी संस् थान, आंᮥ ᮧदशे, 2017 के पिरिनयम ह।ै

(2) ये राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी संस् थान, आंᮥ ᮧदशे को लागू हᲂगे।

(3) ये राजपᮢ मᱶ ᮧकाशन की तारीख को ᮧवृत् त हᲂगे।

2. पिरभाषाएं- (1) इन पिरिनयमᲂ मᱶ, जब तक संदभर् से अन् यथा अपेिक्षत न हᲂ- (क) ‘‘अिधिनयम’’ से राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस् थान अिधिनयम, 2007 (2009 का 27) अिभᮧेत ह;ै (ख) िकसी संस् थान के संबंध मᱶ ‘‘ᮧािधकािरयᲂ’’, ‘‘अिधकािरयᲂ’’ और ‘‘संकाय संदस् यᲂ’’ से संस् थान के ᮧािधकारी, अिधकारी और संकाय सदस् य अिभᮧेत ह;ᱹ (ग) “बोडर्” से संस् थान का शासक बोडर् अिभᮧेत ह;ै 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (घ) ‘‘िनमार्ण और संकमर् सिमित’’ से पिरिनयम संख् या 12 के अधीन गिठत संस् थान की िनमार्ण और संकमर् सिमित अिभᮧेत ह;ै (ङ) “पिरषद” से संस् थानᲂ की पिरषद अिभᮧत ह;ै (च) ‘‘कᱶ ᮤ’’ से साधारणत: अंतर िवषयक ᮧकृित के शैक्षिणक िᮓयाकलाप (जैसे अध् यापन, अनुसंधान आिद) मᱶ लगे हुए संस् थान की कोई शैक्षिणक इकाई अिभᮧेत ह;ै (छ) ‘‘िवभाग’ से साधारणत: िकसी िविशष् ट िव᳒ा या क्षेᮢ से संबंिधत शैक्षिणक िᮓयाकलाप (जैसे, अनुसंधान आिद) मᱶ लगे हुए संस् थान की कोई शैक्षिणक इकाई अिभᮧेत ह;ै (ज) ‘‘िवत् त सिमित’’ के पिरिनयम 10 के अधीन गिठत संस् थान की िवत् त सिमित अिभᮧेत ह;ै (झ) ‘‘िवभाग या कᱶ ᮤ का ᮧमुख’’ से, जो िकसी भी नाम से ज्ञात हᲂ, पिरिनयम 20 के अधीन, यथािस् थित, िवभाग या कᱶ ᮤ के ᮧमुख के रूप मᱶ िनयुक् त व् यिक् त अिभᮧेत ह;ै (ञ) ‘‘कायर्ᮓम’’ से संस् थान का कोई शैक्षिणक कायर्ᮓम अिभᮧेत ह;ै (ट) ‘‘िनयम’’ से अिधिनयम के अधीन बनाए गए िनयम अिभᮧेत ह;ै (ठ) ‘‘अनुसूची’’ के इन पिरिनयमᲂ से उपाब᳍ अनुसूची अिभᮧेत ह।ै

(2) उन शब् दᲂ और पदᲂ के, जो इसमᱶ ᮧयुक् त ह ᱹऔर पिरभािषत नहᱭ ह,ᱹ ᳴कंतु अिधिनयम मᱶ पिरभािषत ह,ᱹ वहᱭ अथर् हᲂगे जो उस अिधिनयम मᱶ ह।ᱹ

3. ᮧािधकारी- ससं् थान के िनम् निलिखत ᮧािधकारी हᲂग,े अथार्त् i. शासी बोडर्, जो अिधिनयम की धारा 11 के अधीन गिठत िकया जाए;

ii. िसनेट, जो अिधिनयम की धारा 14 के अधीन गिठत की जाए;

iii. िवत् त सिमित, जो पिरिनयम 10 के अधीन गिठत की जाए; और iv. िनमार्ण और संकमर् सिमित, जो पिरिनयम 12 के अधीन गिठत की जाए ।

4. शासी बोडर् और उसके अिधवशेन- (1) बोडर् के ᮧितिनिधयᲂ को नाम िन᳸दर्ष् ट या िनवार्िचत करने के िलए हकदार िनकायᲂ को उस तारीख से, िजसको ऐसे आमंᮢण रिजस्ᮝार ᳇ारा जारी िकए गए हᲂ, आठ सप् ताह से अनिधक की अविध के भीतर ऐसा करने के िलए उसके ᳇ारा आमंिᮢत िकए जाएंगे।

(2) बोडर् की आकिस् मक िरिक् तयां उप पिरिनयम (1) के अधीन िविन᳸दर्ष् ट ᮧिᮓया को अपनाते हुए भरी जाएंगी।

(3) बोडर् साधारणत: एक कैलᱶडर वषर् के दौरान चार बार अिधवेशन करेगा।

(4) बोडर् के अिधवेशन अध् यक्ष ᳇ारा या तो स् वᮧेरणा से या िनदशेक के अनुरोध पर या बोडर् के चार से अन् यून सदस् यᲂ ᳇ारा हस् ताक्षिरत अध् यापेक्षा पर बुलाए जाएंगे।

(5) बोडर् के अिधवेशन के िलए गणपूितर् छह सदस् यᲂ से होगी:

¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 3 परंतु यिद अिधवेशन गणपुितर् मᱶ अभाव के कारण स् थिगत होता ह ैतो वह आगामी सप् ताह मᱶ उसी िदन, उसी समय और उसी स् थान पर या ऐसे अन् य िदन, समय या स् थान पर, जैसा अध् यक्ष अवधािरत करे, होगा और यिद ऐसे िकसी अिधवेशन मᱶ गणपूितर्, अिधवेशन बुलाए जाने के िलए अनुसूिचत समय से आधे घंटे के भीतर नहᱭ होती ह ैतो उपिस् थत सदस् य से गणपूितर् होगी।

(6) बोडर् के अिधवेशनᲂ मᱶ िवचार िकए गए सभी ᮧश् न अध् यक्ष सिहत उपिस् थत सदस् यᲂ के बहुमत िविनिश् चत िकए जाएंगे और यिद मत समान रूप से िवभािजत हो जाते ह ᱹतो अध् यक्ष िनणार्यक मत रखगेा।

(7) अध् यक्ष, यिद उपिस् थत ह ैतो, बोडर् के ᮧत् येक अिधवेशन की अध् यक्षता करेगा:

परंतु अध् यक्ष की अनुपिस् थित मᱶ, उपिस् थत सदस् य अिधवेशन की अध् यक्षता करने के िलए अपने मᱶ से एक सदस्य को चयन करᱶगे।

(8) ᮧत् येक अिधवेशन की िलिखत सूचना, रिजस्ᮝार ᳇ारा ᮧत् येक सदस् य को, उसमᱶ अिधवेशन का स् थान, तारीख और समय विणर्त करते हुए अिधवेशन की तारीख से कम से कम पंᮤह िदन पूवर्, भेजी जाएगी;

परंतु अध् यक्ष, अत् यावश् यक मु᳎ᲂ पर िवचार करने के िलए अल् प सूचना पर बोडर् का िवशेष अिधवेशन बुला सकेगा।

(9) सूचना को बोडर् के कायार्लय मᱶ यथा अिभिलिखत ᮧत् येक सदस् य के पते पर, दस् ती पिरदत् त की जा सकेगीया पंजीकृत डाक ᳇ारा या ई-मेल अथवा फैक् स ᳇ारा भेजी जा सकेगी और इस ᮧकार भेजी गई सूचना को उस समय सम् यक् रूप से पिरदत् त िकया गया समझा जाएगा िजसका सूचना डाक के साधारण अनुᮓम मᱶ पिरदत् त की गई होती।

(10) कायर्सूची अिधवेशन से कम से कम दस िदन पूवर् सभी सदस् यᲂ को रिजस्ᮝार ᳇ारा पिरचािलत की जाएगी।

(11) कायर्सूची मᱶ िकसी मद को सम् मिलत करने के िलए ᮧस् ताव सूचना अिधवेशन से कम से कम एक सप् ताह पूवर् कुल सिचव के पास पहुचं जानी चािहए;

पंरतु अध् यक्ष ऐसी िकसी मद के, िजसके िलए सम् यक सूचना ᮧाप् त नहᱭ हुई ह,ै सिम् मिलत िकए जाने को अनुज्ञात कर सकेगा।

(12) ᮧिᮓया के सभी ᮧश् नᲂ के संबंध मᱶ अध् यक्ष का िविनणर्य अंितम होगा।

(13) बोडर् के अिधवेशन की कायर्वाही के कायर्वृत् त रिजस्ᮝार ᳇ारा तैयार िकए जाएंगे और भारत मᱶ उपिस् थत बोडर् के सभी सदस्यᲂ को पिरचािलत िकए जाएंगे और उनको ᮧस् तािवत िकसी संशोधन के साथ पुिष् टकरण के िलए बोडर् के अगले अिधवेशन मᱶ उसके समक्षरखे जाएंगे और कायर्वृत् तᲂ की पुिष् ट और अध् यख ᳇ारा हस् ताक्षिरत िकए जाने के पश् चात् उनको कायर्वृत् त पुस् तक मᱶ अिभिलिखत िकया जाएगा।

(14) कायर्वृत् त पुस् तक को कायार्लय समय के दौरान सभी समय पर बोडर् और पिरषद ् के सदस् यᲂ के िनरीक्षण के िलए खुला रखा जाएगा।

(15) यिद बोडर् का कोई सदस्य बोडर् से अनुपिस् थित इजाजत के िबना लगातार तीन अिधवेशनᲂ मᱶ उपिस् थत रहने मᱶ असफल रहता ह ैतो वह बोडर् का सदस् य नहᱭ रहगेा। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(16) िवत् त से संबंिधत कोई िवषय बोडर् के समक्ष जब तक रखा जाएगा जब तक उस पर िवत् त सिमित ᳇ारा िवचार न कर िलया गया हो।

(17) कोई ऐसा िवषय, िजस पर िनमार्ण और संकमर् सिमित ᳇ारा पहले िवचार िकया जाना चािहए, बोडर् के समक्ष तक तक नहᱭ रखा जाएगा जब तक िक उस पर बोडर् का ᮧशासिनक अनुमोदन अिभᮧाप् त करने के पश् चात् िनमार्ण और संकमर् सिमित ᳇ारा िवचार न कर िलया गया हो।

5. बोडर् की शिक् तया-ं अिधिनयम की धारा 13 की उप-धारा (1) के अधीन उपबंिधत शिक् तयᲂ के अितिरक् त बोडर् के िनम् निलिखत के िलए सशक् त होगा:- i. संस् थान मᱶ िकसी पद की नाम प᳍ित को उत्सािदत करना, पुन: अिभिहत या पिरवितर्त करना;

ii. समय-समय पर कुलाध् यक्ष की पूवर् अनुमित से पिरिनयम बनाना, उन् हᱶ उपांतिरत या र᳎ करनाः परंतु नए पिरिनयम, िव᳒मान पिरिनयमᲂ मᱶ जोड़ा जाना या उनमᱶ संशोधन केवल कुलाध् यक्ष की सहमित के पश् चात् लागू हᲂगे; और iii. संस् थान की िवत् त सिमित या िसनेट की िसफािरश पर सभी या िकन् हᱭ अध् यादशेᲂ को इस शतर् के अधीन बनाया जाना, उपांतिरत और समाप् त िकया जाना िक ऐसा बनाया जाना, उपांतिरत और समाप् त िकया जाना अिधिनयम और (या) पिरिनयमᲂ के उल् लंघन मᱶ नहᱭ होगा।

6. बोडर् के आदशेᲂ का अिधᮧमाणन- बोडर् के सभी आदशेᲂ और िविनश् चयᲂ को इस िनिमत् बोडर् ᳇ारा ᮧािधकृत िनदशेक ᳇ारा अिधᮧमािणत िकया जाएगा। िनदशेक की अनुपिस् थित मᱶ कुल सिचव या िकसी व् यिक् त के हस् ताक्षर ᳇ारा अिधᮧमािणत िकया जाएगा।

7. िसनटे- (1) िसनेट, जब कभी आवश् यक हो, बुलाई जाएगी ᳴कंतु साधारणत: एक कलᱶडर वषर् के दौरान चार बार से कम नहᱭ बुलाई जाएगी।

(2) िसनेट के अिधवेशन िसनेट के अध् यक्ष ᳇ारा या तो अपनी स् वᮧेरणा से या िसनेट के एक बटा पांच से अन् यून सदस् यᲂ ᳇ारा हस् ताक्षिरत अध् यपेक्षा पर बुलाया जाएगा।

(3) अध् यपेक्षा अिधवेशन, कायर्सूची की केवल उन मदᲂ पर, िजनके िलए अध् यपेक्षा दी गई ह,ै िवचार- िवमशर् करने के िलए िवशेष अिधवेशन होगा ओर उसकी आवश् यक रूप स े िनदेशक ᳇ारा सिुवधाजनक तारीख और समय पर अध् यक्षता की जाएगी।

(4) िसनेटके कुल सदस् यᲂ के एक-ितहाई सदस् यᲂ से िसनेट के अिधवेशन की गुणपूितर् होगी।

(5) िनदशेक, िसनेट के ᮧत् येक अिधवेशन की अध् यक्षता करेगाः परंतु िनदशेक की अनुपिस् थित मᱶ, उप िनदशेक अध् यक्षता करेगा और िनदशेक तथा उप िनदशेक, दोनᲂ की अनुपिस् थित मᱶ, उप िनदशेक अध् यक्षता करेगा और िनदशेक तथा उप िनदशेक, दोनᲂ की अनुपिस् थित मᱶ उपिस् थत ज् येष् ठतम आचायर् अिधवेशन की अध् यक्षता करेगा।

(6) कायर्सूची के साथ ᮧत् येक अिधवेशन की िलिखत सूचना अिधवेशन के कम से कम एक सप् ताह पूवर् िसनेट के सदस् यᲂ को कुल-सिचव ᳇ारा पिरचािलत की जाएगीः परंतु िसनेट का अध् यक्ष िकसी ऐसी मद को, िजसके िलए सम् यक् सूचना नहᱭ दी गई ह,ै सिम् मिलत करने के िलए अनुज्ञात कर सकेगा। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 5

(7) उप पिरिनयम (6) के उपबंधᲂ मᱶ िकसी बात के होते हुए भी, िनदेशक, िवशेष मामलᲂ पर िवचार करने के िलए अल् पसूचना पर िसनटे का कोई आपात अिधवेश् न बुला सकेगा।

(8) ᮧिᮓया के सभी ᮧश् नᲂ के संबंध मᱶ िसनेट के अध् यक्ष का िविनणर्य अंितम होगा।

(9) िसनेट के अिधवेशन की कायर्वािहयᲂ के कायर्वृत् त, शैक्षिणक संकाय (शैक्षिणक) अध् यक्ष के परामशर् से कुल सिचव ᳇ारा तैयार िकए जाएंगे और भारत मᱶ उपिस् थत िसनेट के सभी सदस् यᲂ को पिरचािलत िकए जाएंगेः परंतु यिद िसनेट ऐसे पिरचालन को संस् थान या भारत सरकार को िहतᲂ के ᮧितकूल समझता ह ैतो ऐसा कोई कायर्वृत् त पिरचािलत नहᱭ िकया जाएगा।

(10) कायर्वृत् त ᮧसतािवत संशोधनᲂ, यिद कोई हᲂ, के साथ िसनेट के आगामी अिधवेशन मᱶ पुिष् टकरण के िलए रखे जाएंगे और कायर्वृत् तᲂ की पुिष् ट और िसनेट के अध् यक्ष ᳇ारा हस् ताक्षिरत िकए जाने के पश् चात् उनको कायर्वृत् त पुस् तक मᱶ अिभिलिखत िकया जाएगा, जो कायार्लय समय के दौरान सभी समय पर िसनेट के सदस् यᲂ, बोडर् और पिरषद ्के िनरीक्षण के िलए खुली रहगेी।

8. िसनटे की शिक् तया:ं अिधिनयम के उपबंधᲂ के अधीन रहते हुए, िसनेट को िनम् निलिखत शिक् तयां हᲂगी:-

(i) िविभन् न िवभागᲂ और कᱶ ᮤᲂ के िलए पाᲹᮓमानुसार अध् ययनᲂ हतुे पाᲹचयार् और पाᲹ िववरण को िवरिचत और पुनिवर्लोिकत करना:

(ii) परीक्षाᲐ के संचालन के िलए व् यवस् थाएं करना, परीक्षाᲐ, अनसुीमकᲂ, सारणीकारᲂ की िनयिुक् त करना और परीक्षाᲐ से संबंिधत अन् य िवषय;

(iii) परीक्षाᲐ के पिरणाम घोिषत करना या ऐसा करन ेके िलए सिमितयᲂ या अिधकािरयᲂ की िनयिुक् त करना और िडᮕी, िडप् लोमा तथा अन् य शकै्षिणक िविशष् टताᲐ या उपािधयᲂ को ᮧदान या अनुदान करने से संबंिधत बोडर् को िसफािरशᱶ करना;

(iv) िवभागᲂ या कᱶ ᮤᲂ के कायर् से संब᳍ शकै्षिणक िवषयᲂ पर िसफािरशᱶ करने के िलए संस् थान के िवभागᲂ या कᱶ ᮤᲂ के िलए सलाहकार सिमितयां या िवशेषज्ञ सिमितयां या दोनᲂ की िनयुिक् तयां करना;

(v) ऐसे िविन᳸दर्ष् ट तथा महत् वपूणर् शैक्षिणक िवषयᲂ पर, जो िसनेट ᳇ारा िकसी ऐसी सिमित को िन᳸दर्ष् ट िकए जाएं, सलाह दनेे के िलए िसनेट के सदस् यᲂ, संस् थान के अन् य िशक्षकᲂ और बाहर से िवशेषज्ञᲂ मᱶ से सिमितयां िनयुक् त करना;

(vi) िविभन् न िवभागᲂ और कᱶ ᮤᲂ से संलग् न सलाहकार सिमितयᲂ और उनकी िवशेषज्ञ तथा अन् य सिमितयᲂ की िसफािरशᲂ पर िवचार करना तथा ऐसी कारर्वाई करना (िजसमᱶ बोडर् को िसफािरशᱶ करना सम् मिलत ह)ै, जो ᮧत् येक मामले मᱶ आवश् यक समझी जाए;

(vii) िवभागᲂ या कᱶ ᮤᲂ के िᮓयाकलाप का कािलक पुनिवर्लोकन करना और समुिचत कारर्वाई करना (िजसमᱶ बोडर् को िसफािरशᱶ करना सिम् मिलत ह)ै;

(viii) संस् थान के पुस् तकालय के कायर् का अधीक्षण करना;

6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(ix) संस् थान के भीतर अनुसंधान और शैक्षिणक िवकास या िᮓयाकलाप का संव᳍र्न करना और उनमᱶ लगे व् यिक् तयᲂ से ऐसे अनुसधंान या शैक्षिणक िवकास या कारर्वाई पर िरपोटᱸ मांगना;

(x) कक्षाᲐ, ᮧयोगशालाᲐ, पुस् तकालय और आवािसक छाᮢावासᲂ के िनरीक्षण के िलए उपबंध करना;

(xi) संस् थान के छाᮢᲂ की सह-पाᲹᮓम िᮓयाकलापᲂ को योजना करना;

(xii) वृित् तका, छाᮢवृित् त, पदक और पुरस् कार ᮧदान करना और ऐसी शतᲄ के अनुसार अन् य पुरस् कार देना, जो पुरस् कारᲂ से संलग् न की जाएं;

(xiii) िवभागᲂ या कायर्ᮓमᲂ या कᱶ ᮤᲂ के सृजन या पुन:संरचना और िव᳒मान िवभागᲂ या उनके कᱶ ᮤᲂ की समािप् त के संबंध मᱶ बोडर् को िसफािरशᱶ करना;

(xiv) राज् य या दशे के िविभन् न भागᲂ या देश के बाहर दरूस् थ िशक्षण रीित के माध् यम से ज्ञान का ᮧसार करने के िलए बोडर् को िसफािरशᱶ करना; और

(xv) िसनेट के अिधवेशन मᱶ नीित या अनुशासिनक िवषयᲂ से असंब᳍ सामान् य ᮧकृित के िवचार-िवमशर् के दौरान दो छाᮢ ᮧितिनिधयᲂ तक को आमंिᮢत करना।

9. िसनटे के अध् यक्ष का आपात िस् थित मᱶ शिक् तयᲂ का ᮧयोग िकया जाना- यिद िसनेट के अध् यक्ष की राय मᱶ कोई ऐसी आपात िस् थित उत् प᳖ हो गई ह,ᱹ िजसमᱶ तुरंत कारर्वाई की जानी अपेिक्षत ह ै तो वह ऐसी कारर्वाई, जो वह आवश् यक समझ,े कर सकेगा और िसनेट के अगले अिधवेशन मᱶ उसके अनुमोदन के िलए उसकी िरपोटर् करेगा।

10. िवत् त सिमित- (1) ᮧत् येक संस् थान के िलए एक िवत् त सिमित होगी, जो िनम् निलिखत सदस् यᲂ से िमलकर बनेगी, अथार्त्:-

(i) शासी बोडर् का अध् यक्ष, पदने अध् यक्ष;

(ii) िनदशेक, पदने सदस् य;

(iii) राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी संस् थानᲂ से व् यवहार करने वाला संयुक् त सिचव या उसका नाम िनदᱷिशतᲂ और िवत् त सलाहकार (मानव ससंाधन िवकास) या उसके नामिनदᱷिशती सदस् य;

(iv) बोडर् के सदस् यᲂ मᱶ से बोडर् ᳇ारा नामिनदᱷिशत दो व् यिक् त; और

(v) कुल सिचव, पदने सदस् य-सिचवः परंतु उपरोक् त के अितिरक् त अध् यक्ष, िनदशेक के परामशर् से एक सदस् य को जब कभी आवश् यक पाता ह,ै सहयोिजत कर सकेगा।

(2) सभी िवत् तीय ᮧस् तावᲂ को िवचार और अनुमोदन के िलए बोडर् के समक्ष रखे जाने से पूवर् िवत् त सिमित के समक्ष रखा जाएगा।

(3) िवत् त सिमित, अिधमानत: शासी बोडर् के अिधवेशन से पूवर् एक वषर् मᱶ साणारणत: चार बार अिधवेशन करेगी।

(4) िवत् त सिमित के चार सदस् यᲂ से िवत् त सिमित के अिधवेशन के िलए गणपूितर् होगी। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 7

(5) अध् यक्ष, िवत् त सिमित के अिधवेशन की अध् यक्षता करेगा और उसकी अनुपिस् थित मᱶ िनदशेक अिधवेशन की अध् यक्षता करेगा।

(6) अिधवेशन की सूचना, कायर्सूची मᱶ मदᲂ को सिम् मिलत करने और कायर्वृत् तᲂ की पुिष् ट के संबंध मᱶ बोडर् के अिधवेशनᲂ को लागू इन ᮧथम पिरिनयमᲂ के उपबंध, िवत् त सिमित के अिधवेशन के संबंध मᱶ यथासाध् य अनुसिरत िकए जा सकᱶ गे।

(7) िवत् त सिमित के ᮧत् येक अिधवेशन के कायर्वृत् तᲂ की एक ᮧित बोडर् के समक्ष रखी जाएगी।

11. िवत् त सिमित की शिक् तया-ं िवत् त सिमित को िनम् निलिखत शिक् तयां हᲂगी:-

(i) िनदशेक ᳇ारा तैयार िकए गए संस् थान के वािषर्क बजट की परीक्षा और संवीक्षा करना तथा बोडर् को िसफािरशᱶ करना; और

(ii) बोडर् को या तो बोडर् या िनदेशक की पहल पर या स् वेच् छा से संस् थान को ᮧभािवत करने वाले िकसी िवत् तीय ᮧश् न पर अपने िवचार दनेा और अपनी िसफािरशᱶ करना।

12. िनमार्ण और सकंमर् सिमित- ᮧत् येक संस् थान के िलए एक िनमार्ण और संकमर् सिमित होगी, जो िनम् निलिखत सदस् यᲂ से िमलकर बनेगी, अथार्त् :-

(i) िनदशेक, पदने अध् यक्ष;

(ii) कᱶ ᮤीय सरकार ᳇ारा नामिन᳸दर्ष् ट एक सदस् य जो िनदशेक या उप सिचव की पंिक् त से नीचे का न हो;

(iii) शासी बोडर् ᳇ारा नामिन᳸दर्ष् ट एक सदस् य;

(iv) कुल सिचव, पदने सदस् य-सिचव;

(v) संकायाध् यक्ष, योजना और िवकास या समान िस् थित पर-सदस् य; और

(vi) कᱶ ᮤीय या राज् य सरकार या ᮧख् यात स् वायत् त िनकाय के िसिवल या इलैिक् ᮝकल इंजीिनयरी खंड, ᮧत् येक से एक सदस् य- सदस् य।

(2) िनमार्ण और संकमर् सिमित, िजतनी बार आवश् यक हो, अिधवेशन करᱶगी, ᳴कंतु साधारणत: एक वषर् मᱶ चार बार से कम नहᱭ होगी।

(3) िनमार्ण और संकमर् सिमित के अिधवेशन के िलए गणपूितर् तीन सदस् यᲂ से होगी।

(4) अिधवेशन की सूचना, कायर्सूची मᱶ मदᲂ को सिम् मिलत करने और कायर्वृत् तᲂ की पुिष् ट के संबंध मᱶ बोडर् के अिधवेशन को लागू इन पिरिनयमᲂ के उपबंध, िनमार्ण और संकमर् सिमित के अिधवेशनᲂ के संबंध मᱶ यथासाध् य अनुसिरत िकए जाएंगे।

(5) िनमार्ण और संकमर् सिमित के ᮧत् येक अिधवेशन के कायर्वृत् त की एक ᮧित बोडर् के समक्ष रखी जाएगी।

13. िनमार्ण और सकंमर् सिमित की शिक् तयां और कृत् य– (1) िनमार्ण और संकमर् सिमित-

(i) बोडर् के िनदेशᲂ के अधीन बोडर् से आवश् यक ᮧशासिनक अनुमोदन और व् यय की मंजूरी के पश् चात् सभी ᮧमुख कायᲄ का सिन् नमार्ण कराएगी;

8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(ii) संस् थान के अनुमोिदत बजट उपबंधᲂ के भीतर लघु कायᲄ और मरम् मत और अनुरक्षण से संबंिधत कायᲄ के िलए आवश् यक ᮧशासिनक अनुमोदन और व् यय मंजूरी दनेे की शिक् त होगी;

(iii) परंतु लघु कायर् एवं लघु मरम् मत तथा अनुरक्षण की बोडर् माᮢा या व् यय के अथᲄ मᱶ पिरभािषत करेगा।

(iv) भवनᲂ की लागत और अन् य पूंजीगत कायर् लघु कायर्, मरम् मत, अनुरक्षण और इसी ᮧकार के कायᲄ की लागत का ᮧाक् कलन तैयार करवाएगी। िनमार्ण और संकमर् सिमित लघु कायर्, मरम् मत और अनुरक्षण के लागत व् यय को अनुमोिदत करेगी।

(v) िडजाइन की तकनीकी संवीक्षा करने ᮧाक् कथनᲂ और सामᮕी के िविनदᱷशᲂको, जो आवश् यक समझᱶ जाएं, बनाने के िलए उत् तरदायी होगी;

(vi) उपयुक् त ठेकेदारᲂ की भतᱮ और िनिवदᲂ की स् वीकृित के िलए उत् तरदायी होगी तथा जहां आवश् यक हो संस् थान के संकाय (योजना और िवकास) ᳇ारा सम्यक िसफािरश िवभागीय कायᲄ के िलए िनदᱷश दनेे की शिक् त होगी;

(vii) को टᱶडर के अंतगर्त नहᱭ आने वाली दरᲂ को तय करने और ठेकेदारᲂ के साथ दावᲂ और िववादᲂ को तय करने की शिक् त होगी।

(2) यिद, िनमार्ण और संकमर् सिमित के अध् यक्ष की राय मᱶ कोई ऐसी आपात िस् थित उत् पन् न हो गई ह,ै िजससे तुरंत कारर्वाई िकया जाना अपेिक्षत ह ैतो वह ऐसी कारर्वाई करेगा और िनमार्ण और संकमर् सिमित तथा बोडर् को उनके अगले अिधवेशन मᱶ उसकी िरपोटर् दगेा।

(3) िनमार्ण और संकमर् सिमित ऐसे कृत् य का िनवर्हन और ऐसी शिक् तयᲂ का ᮧयोग भी करेगी जो समय-समय पर बोडर् ᳇ारा सᲅपी जाएं।

14. अध् यक्ष, शासी बोडर् की शिक् तया-ं अिधिनयम के अधीन उपबंिधत शिक् तयᲂ के अितिरक् त, शासी बोडर् के अध् यक्ष को िनम् निलिखत शिक् तयां हᲂगी-

(i) वह चयन सिमित की िसफािरश पर चयन सिमित अिधिनयम के उपबंधᲂ के अधीन उन पदᲂ के संबंध मᱶ, िजन पर बोडर् ᳇ारा िनयुिक् तयां की जा सकती ह,ᱹ वेतनमान के न् यनूतम स् तर से उच् चतर स् तर पर िकसी पदधारी के ᮧारंिभक वेतन को िनयत करने की शिक् त रखगेा;

(ii) संस् थान के िनदशेक के िसवाय, कमर्चारी वृंद को ᮧिशक्षण के िलए या ᮧिशक्षण के अनुᮓम के िलए भेजने की शिक् त रखेगा। िनदेशक ᳇ारा भारत से बाहर राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी िवज्ञान, िशक्षा और अनुसंधान संस् थान पिरषद ्᳇ारा अनुमोिदत िकया जाएगा।

(iii) वह कᱶ ᮤीय सरकार की ओर से संस् थान और िनदशेक के बची सेवा संिवदा को िनष् पािदत करेगा, ᳴कंतु वह ऐसी संिवदा के अधीन िकसी बात के िलए दायी व् यिक् तगत रूप से नहᱭ होगा; और

(iv) आपात मामलᲂ मᱶ उसके ᳇ारा पुिष् टकरण और अनुसमथर्न के िलए की गई कारर्वाई से बोडर् को सिूचत करेगा।

15. ससं् थान के ᮧािधकारी सदस् यᲂ के याᮢा भत् ते:- अिधिनयम या इन पिरिनयमᲂ के अधीन गिठत या बोडर् और अन् य ᮧािधकािरयᲂ ᳇ारा िनयुक् त िकए गए बोडर् के सदस् य और संस् थान के अन् य ᮧािधकारी तथा सिमितयᲂ ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 9 के सदस् य ᮧािधकरणᲂ और उनकी सिमितयᲂ के अिधवेशनᲂ मᱶ हािजर होने के िलए समय-समय पर बोडर् ᳇ारा अिधकिथत याᮢा भत् त,े दिैनक भत् ता और बैठक फीस के िलए हकदार हᲂगे।

16. िवभाग और कᱶ ᮤ- संस् थान उतने िवभाग और कᱶ ᮤ ऐसे नामᲂ से, जैसा बोडर् ᳇ारा िसनेट की िसफािरशᲂ पर, समय-समय पर, बजटीय उपबंधᲂ के भीतर अनुमोिदत करे, संगिठत िकए जाएंगे।

17. िनदशेक और उसकी शिक् तया-ं (1) संस् थान का िनदेशक, कुलाध् यक्ष ᳇ारा, संिवदा आधार पर, उसके ᳇ारा गिठत की गई खोज-सह-चयन सिमित की िसफािरश पर िनयुक् त िकया जाएगा। पिरषद ्का अध् यक्ष इसका अध् यक्ष होगा और उच् चतर िशक्षा िवभाग का सिचव या उसका ᮧितिनिध इसका सदस् य होगा, इसके अितिरक् त, राष् ᮝीय और अंतरार्ष् ᮝीय स् तर के अनुभव रखने वाले तीन िवशेषज्ञ हᲂगे।

(2) िनदशेक, पांच वषर् की अविध के िलए िनयुक् त िकया जाएगा और अनुसूची क मᱶ िविन᳸दर्ष् ट ᮧारूप मᱶ संस् थान तथा िनदशेक के बीच मᱶ िकए गए सेवा संिवदा के िनबंधनᲂ और शतᲄ ᳇ारा शािसत होगा।

(3) िविन᳸दर्ष् ट ᮧयोजनके िलए बनाए गए बजट उपबंधᲂ के अधीन रहते हुए, िनदशेक ऐसी ᮧिᮓया के अनुसार जो अध् यादशेᲂ मᱶ अिधकिथत की जाए, व् यय उपगत करने की शिक् त रखेगा।

(4) िनदशेक, ᮧत् येक मद के िलए कᱶ ᮤीय सरकार मᱶ िवभाग के ᮧमुख के िलए िविन᳸दर्ष् ट सीमा तक आवतᱮ बजट िनयत करत ेहुए िविभ᳖ मदᲂ के सबंंध मᱶ िनिधयᲂ का िविनयोग करन ेकी शिक् त रखगेा:

परंतु ऐसे िविनयोग मᱶ आगामी वषᲄ मᱶ, बजट मᱶ कोई विृ᳍ और कोई दाियत् व अंतवर्िल् लत नहᱭ करेगा:

परंतु यह और िक ऐसा ᮧत् येक िविनयोग यथाशीᮖ बोडर्की िरपोटर् िकया जाएगा।

(5) िनदशेक, ऐसे अनुबंधᲂ के जो समय-समय पर बोडर् ᳇ारा िकए जाए अधीन रहते हुए दस हजार रूपए की सीमा तक के अᮧितसं᮳णीय नुकसान को और पच् चीस हजार रूपए की सीमा तक सामान् य टूट-फूट या अᮧयुक् त होने के कारण खोई हुई या सेवा के अयोग् य होने वाली भंडार की वस् तुᲐ के अवसूलीय मूल् य को अपिलिखत करने की शिक् त रखेगा।

(6) िनदशेक, ऐसे बेकार उपस् करᲂ या भंडार की वस् तुᲐ को, जो िनदशेक ᳇ारा इस ᮧयोजन के िलए गिठत की गई िकसी सिमित ᳇ारा पहचान की जाएं, संस् थान के समीप मᱶ िकसी शैक्षिणकसंस् थान को, उस सीमा तक, जो समय-समय पर बोडर्᳇ारा िविनिश् चत की जाए, सदंान दनेे की शिक् त रखगेा।

(7) िनदशेक, जहां वह िनयुिक् त ᮧािधकारी ह,ै चयन सिमित की िसफािरशᲂ पर इस अिधिनयम या इन पिरिनयमᲂ के उपबंध ᳇ारा उसमᱶ िनिहत शिक् तयᲂ के अधीन उसके ᳇ारा की गई िनयुिक् तयᲂ के पदᲂ के संबंध मᱶ, न् यूनतम वेतनमान से उच् चतर ᮓम पर िकसी पदाधारी के ᮧारंिभक वेतन को, ᳴कंतु पांच वेतनवृि᳍यᲂ से अिधक अंतवर्िलतनहो, िनयत करने की शिक् त रखेगा।

(8) िनदशेक, एक वषर् से अनिधक के िलए ऐसे पािर᮰िमक पर, जो बोडर् ᳇ारा िनिश् चत िकया जाए, समय-समय पर आकिस् मकता के िलए संदत ᮧयोगशालाᲐ मᱶ अध् यापन सहायक कमर्चािरवृंद तकनीकी व् यिक् तयᲂ या तकनीकी अनदुशेकᲂ और कुशल कमर्कारᲂ का िनयोजन करन ेकी शिक् त रखगेा। 10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(9) िनदशेक, ऐसे िनबंधनᲂ और शतᲄ के अधीन रहते हुए, जो अध् यादेशᲂ ᳇ारा िविन᳸दर्ष् ट की जाएं, भारत मᱶ कमर्चािरयᲂ को ᮧिशक्षण मᱶ भेजने या ᮧिशक्षण के अनुᮓम मᱶ उपिस् थत होन ेके िलए भेजने की शिक् त रखेगा।

(10) िनदशेक, िकसी भवन को िकसी ऐसे ᮧयोजन से िभन् न िजसके िलए उसका सनिनमार्ण िकया गया था, अस् थायी आबंटन को मंजूर करने की शिक् त रखेगा।

(11) यिद कुल सिचव िकसी कारण से एक मास से अनिधक की अविध के िलए अस् थायी रूप से अनुपिस् थत ह ैतो िनदशेक कुल-सिचव के िकन् हᱭ कृत् यᲂ को, जैसा वह ठीक समझे, अिभᮕहण कर सकेगा या संस् थान के िकसी संकाय सदस् य या कमर्चारी को समनुदिेशत कर सकेगा:

परंतु यिद िकसी समय कुल सिचव की अस् थायी अनुपिस् थित एक मास से अिधक होती ह ै तो बोडर्, यिद ठीक समझता ह,ै िनदशेक को एक मास से अिधक की अविध के िलए कुल सिचव के कृत् य अिभᮕहण करने या समनुदेिशत करने के िलए ᮧािधकृत कर सकेगा।

(12) संस् थान और िनदशेक के बीच की संिवदा के िसवाय, संस् थान के िलए और उसकी ओर से सभी सिंवदाएं इस िनिमत पािरत बोडर् के संकल् प ᳇ारा िलिखत मᱶ ᮧािधकृत की जाएंगी और संस् थान के नाम मᱶ अिभव् यक् त करते हुए की जाएंगी तथा ऐसी ᮧत् येक संिवदा िनदशेक ᳇ारा संस् थान की ओर से िनष् पािदत की जाएंगी ᳴कंतु िनदशेक ऐसी संिवदा के अधीन िकसी बात के संबंध मᱶ व् यिक् तगत रूप से दायी नहᱭ होगा।

(13) िनदशेक, मुख् यालयᲂ से अपनी अनुपिस् थित के दौरान िवशेष रूप से उप िनदशेक को या उसकी अनुपिस् थित मᱶ उपिस् थत संकाय अध् यक्षᲂ या ज् येष् ठतम आचायᲄ मᱶ से एक को कमर्चािरवृंदᲂ का याᮢा भत् ता, आकिस् मकता और िचिकत् सा उपचार के िलए अिᮕम मंजूरी दनेे को तथा इस िनिमत् त िबलᲂ पर हस् ताक्षर या ᮧितहस् ताक्षरकरने के िलए िलिखतमᱶ ᮧािधकृत कर सकेगा।

(14) िनदशेक, स् विववेकानुसार से ऐसी सिमितयां, जो वह संस् थान के कृत् यᲂ को सुचारूप से से चलाने के िलए समुिचत समझ,े गिठत कर सकेगा।

(15) अध् यक्ष के पद पर उसकी मृत् यु या त् यागपᮢ या अन् यथा िकसी कारण से हुई िकसी िरिक् त की दशा मᱶ या अध् यक्ष के उसकी अनुपिस् थित, बीमारी या िकसी अन् य कारण से उसके कृत् यᲂ के िनवर्हन मᱶ असमथर् होने की दशा मᱶ िनदशेक, अिधिनयम की धारा 16 के अधीन अध् यक्ष को समनदुिेशत कृत् यᲂ का िनवर्हन कर सकेगा।

(16) िनदशेक, अिधिनयम और पिरिनयमᲂ के आधार पर उसमᱶ िनिहत की गई उसकी िकसी शिक् त, ᮧािधकार या उत् तरदाियत् व को बोडर् के अनुमोदन से संस् थान के एक या अिधकशैक्षिणक या ᮧशासिनक कमर्चािरवृंद के को ᮧत् यायोिजत कर सकेगा।

(17) िनदशेक के िलए अनुशासिनक शिक् त समय-समय पर राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी संस् थान, आंᮥ ᮧदशे के शासी बोडर् ᳇ारा तय की जाएगी।

18. उप िनदशेक- (1) उप िनदशेक की िनयुिक् त बोडर् ᳇ारा एआईटी आंᮥ ᮧदशे की पिरिनयमᲂ के पिरिनयम 23(5)(क) के तहत गिठत चयन सिमित की िसफािरशᲂ पर की जाएगी।

(2) ऐसी िनयुिक् त ᮧारंिभक रूप से तीन वषर् की अविधके िलए की जाएगी जो बोडर् की िसफािरश पर दो बार, ᮧत् येक बार एक वषर् के िलए िवस् तािरत की जा सकेगी। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 11

(3) उप िनदशेक, अनुसूची (ख) मᱶ िविन᳸दर्ष् ट ᮧारूप मᱶ संस् थान और उप िनदेशक के बीच हुए सेवा सिंवदा के िनबंधनᲂ और शतᲄ ᳇ारा शािसत होगा।

(4) उप िनदशेक, संस् थान के िनदशेक के पद पर िरिक् त के दौरान िनदशेक की सभी शिक् तयां रखेगा।

(5) उप िनदशेक, शैक्षिणक और ᮧशासिनक कायᲄ तथा उच् चतर िशक्षा और अनुसंधान के अन् य संस् थानᲂ सिहत तथा औ᳒ोिगकी उपᮓमᲂ और अन् य कमर्चािरयᲂ के साथ भी संपकर् बनाए रखने मᱶ िनदशेक की सहायता करेगा।

19. सकंायाध् यक्ष- (1) संस् थान, छह से अिधक संकायाध् यक्षता स् थािपत नहᱭ करेगा।

(2) िनदशेक, अध् यक्ष, शासी बोडर् को सूचना से ही संकायध् यक्षᲂ की िनयुिक् त करेगा।

(3) संकायाध्यक्ष अपने पद को दो वषᲄ के िलए धािरत करेगा िजसको एक वषर् और के िलए िवस् तािरत िकया जा सकेगा।

(4) केवल आचायर् या सहयुक् त आचायर्, संकायाध् यक्ष होने के िलए पाᮢ हᲂगे।

(5) संकायध् यक्षᲂ के बोडर् कृत् य अनुसूची ‘ग मᱶ ᮧगिणत िकए गए ह।ᱹ

20. िवभाग या कᱶ ᮤ के ᮧमुख- (1) संस् थान का ᮧत् येक िवभाग या कᱶ ᮤ ऐसे ᮧमुख के ᮧभारमᱶ होगा िजसका िनदशेक ᳇ारा उस िवभाग या कᱶ ᮤ के आचायᲄ और सहयुक् त आचायᲄ मᱶ से चयन िकया जाएगाः परंतु यिद िकसी िवभाग या कᱶ ᮤ मᱶ कोई आचायर् या सहयुक् त आचायर् नहᱭ ह ै तो िनदशेक उस िवभाग या कᱶ ᮤ के िकसी सहायक आचायर् को िवभाग या कᱶ ᮤ के ᮧमुख के रूप मᱶ िनयुक् त कर सकेगा।

(2) िवभाग या कᱶ ᮤ का ᮧमुख अपने पद को दो वषर् की अविध के िलए धािरत करेगाः परंतु अपने पद की अविध समािप् त के पश् चात् वह अपने उत् तरवतᱮ की िनयुिक् त तक पद पर बना रहगेा:

परंतु यह और िक कोई व् यिक् त िकसी िवभागया कᱶ ᮤ का लगातार तीन वषर् से अिधक की अविध के िलए ᮧमुख नहᱭ होगा जब तक वह कम से कम ि᳇तीय अविध के िलए िवशेष रूप से िनयुक् त न िकया गया हो।

(3) िनदशेक छह मास से अनिधक की अविध के िलए िकसी िवभाग का अस् थायी ᮧभार स् वयं ले सकेगा या िकसी अन् य िवभाग के उपिनदशेक या िकसी आचायर् के ᮧभार के अधीन रख सकेगा।

(4) िवभाग का ᮧमुख, िनदशेक के साधारण िनयंᮢण और अधीक्षण के अधीन रहते हुए िवभाग के संपूणर् कायर् के िलए उत् तरदायी होगा।

(5) िवभाग का ᮧमुख यह दखेने के िलए कतर्व् य ᳇ारा आब᳍ होगा िक संस् थान के ᮧािधकरणᲂ के और िनदशेक के िविनश् चय िनष् ठापूवर्क लागू िकए जा रह ेह।ᱹ वह ऐसे अन् य कतर्व् यᲂ का पालने करेगा जो उसको िनदशेक या ᳇ारा समनुदिेशत िकए जाए।

(6) जब िवभाग या कᱶ ᮤ के ᮧमुख के पद पर िनयुिक् त सम् यक हो तब िनदशेक इस ᮧकार िनयुक् त होने के िलए ᮧमुख के रूप मᱶ िनयुक् त िकए जाने वाले पाᮢ व् यिक् तयᲂ की रजामंदी सुिनिश् चत करेगा और साधारणत: पाᮢतथा रजामंद व् यिक् तयᲂ मᱶ से चᮓानुᮓम ᳇ारा िकसी व् यिक् त का चयन करेगा।

(7) जब कभी चᮓानुᮓम के िस᳍ांत से िवचिलत होना ᮧस् तािवत हो तब ऐसी िनयुिक् त केवल अध् यक्ष, शासी बोडर् के पूवर् अनुमोदन से और लेखब᳍ िकए जाने वाले कारणᲂ से की जाएगी तथा िसनटे और 12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] बोडर् के आगामी अिधवेशनᲂ मᱶ िवचलन के कारणᲂ सिहत िसनेट और बोडर् को िरपोटर् भी िकया जाएगा।

21. कुल-सिचव:- (1) कुल-सिचव, ᮧितिनयुिक् त या संिवदा आधार पर पांच वषर् से अनिधक की िकसी िनयत अविध के िलए िनयुक् त होगा।

(2) कुल-सिचव बोडर्, िसनेट और ऐसी अन् य सिमितयᲂ के िजसके िलए वह इस ᮧकार कायर् करने को पिरिनयमᲂ ᳇ारा अपेिक्षत िकया जा सकेगा, सिचव के रूप मᱶ कायर् करेगा।

(3) बोडर् ᳇ारा गिठत सिमित ᳇ारा एक वषर् की सेवा पूरी होने पर कुल सिचव के िनष् पादन की समीक्षा की जाए।

22. कमर्चारी वृदंᲂ का वगᱮकरण:- (1) आकिस् मक व् यय से संदत् त कमर्चािरयᲂ के मामले के िसवाय, संस् थान के कमर्चािरवृंद िनम् निलिखत रूप मᱶ वगᱮकृत हᲂगे :-

(i) शकै्षिणक कमर्चारी वृदं : िनदशेक, उप िनदशेक, आचायर्, सहयुक् त आचायर्, सहायक आचायर् और ऐसे अन् य शैक्षिणक पद जो समय-समय पर राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान पिरषद ᳇ारा ‘िविनिश् चत िकए’ जाएं और बोडर् ᳇ारा अपनाए जाएं।

(ii) तकनीकी कमर्चारी : ᮧमुख वैज्ञािनक अिधकारी विरष् ठ वैज्ञािनक अिधकारी, वैज्ञािनक अिधकारी, ᮧमुख तकनीकी अिधकारी, विरष् ठ तकनीकी अिधकारी, तकनीकी अिधकारी, अधीक्षक इंजीिनयर, विरष् ठ कायर्पालक इंजीिनयर, कायर्पालक इंजीिनयर, किनष् ठ इंजीिनयर, सहायक इंजीिनयर, तकनीकी सहायक, विर᳧ तकनीकी सहायक, तकनीिशयन, विर᳥ कायर् सहायक, कायर् सहायक विरष् ठ ᮧयोगशाला सहायक, ᮧयोगशाला सहायक ऐसे अन् य तकनीकी कमर्चारी वृंद िजन् हᱶ राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान पिरषद ्᳇ारा समय-समय पर िविनिश् चत िकए जाएं और बोडर् ᳇ारा अपनाया जाए।

(iii) ᮧशासिनक और अन् य कमर्चारी वृंद : कुल सिचव, उप कुल सिचव और सहायक कुल सिचव, पुस् तकालयाध् यक्ष सहायक पुस् तकालयाध् यक्ष, ᮧमुख एसएएस अिधकारी, विरष् ठ एसएएस अिधकारी, एसएएस अिधकारी, िचिकत् सा अिधकारी, विरष् ठ िचिकत् सा अिधकारी, सुरक्षा अिधकारी, विरष् ठ सहायक, सहायक अधीक्षक, विरष् ठ लेखापाल, लेखापाल, विरष् ठ अधीक्षक, आशुिलिपक, विरष् ठ आशुिलिपक, सिचव, विरष् ठ सिचव, फामार्िसस् ट, विरष् ठ फामार्िसस् ट, सहायक कमर्चारी वृंद तथा अन् य ऐसे ᮧशासिनक और अन् य कमर्चारी वृंद िजन् हᱶ राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी िवज्ञान िशक्षा और अनुसधंान पिरषद ्᳇ारा समय-समय पर िविनिश् चत िकया जाए और बोडर् ᳇ारा अपनाया जाए।

(2) शैक्षिणक कमर्चािरवृंद के रूप मᱶ वगᱮकृतपद केवल दीघार्वकाश पद हᲂगे।

23. िनयिुक् तया:ं (1) संस् थान के पद अिखल भारतीय स् तर पर िवज्ञापन ᳇ारा भरे जाएंगे :

परंतु िनदशेक या उप िनदशेक के पदᲂ से िभन् न पदᲂ के िलए सीधी भतᱮ या ᮧोन् नित वाले पदᲂ के बीच अनुपात भतᱮ िनयमᲂ के अनुसार होगा।

(2) पदᲂ का आरक्षण कᱶ ᮤीय सरकार के िनयमᲂ के अनुसार होगा। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13

(3) संस् थान मᱶ िनयुिक् त के ᮧयोजनᲂ के िलए पिरषद ्᳇ारा अनुमोिदत या कᱶ ᮤीय सरकार के कमर्चािरयᲂ पर लागू िनयम, लागू हᲂगे।

(4) संस् थान के कमर्चािरवृंदᲂ मᱶ से िवज्ञान ᳇ारा या ᮧोन् नित ᳇ारा संस् थान के अधीन पदᲂ को (संिवदा आधार पर पदᲂ से िभन् न) भरने के िलए चयन सिमितयᲂ का ऐसी रीित से जो मानव संसाधन िवकास मंᮢालय, उच् चतर और माध् यिमक िशक्षा िवभाग, भारत सरकार या बोडर् ᳇ारा समय-समय पर अध् यादशेᲂ ᳇ारा अिधकिथत की जाए, गठन िकया जाएगा।

(5) संस् थान के कमर्चािरवृंदᲂ मᱶ से िवज्ञापन ᳇ारा या ᮧोन् नित ᳇ारा संस् थान के अधीन पदᲂ को (संिवदा आधार से िभन् न) भरने के िलए चयन सिमितयᲂ का िनम् निलिखत रीित से गठन िकया जाएगा, अथार्त् :- (क) शैिक्षक कमर्चािरयᲂ की िनयुिᲦ की अहर्ता और अन् य िनयम और शतᱷ (िनदशेक को छोड़कर) या ᮧोन् नित अनुसचूी ‘ड.’ मᱶ िविन᳸दर्ष् ट अनुसार होगी और शैिक्षक कमर्चारी वृंद (िनदशेक को छोड़कर) की िनयुिक् त के िलए िसफािरश करने वाली चयन सिमित मᱶ िनम् निलिखत सदस् य शािमल हᲂग,े अथार्त्: :-

1. िनदशेक या उप िनदशेक - अध् यक्ष

2. कुलाध् यक्ष का नाम िनदᱷिशती - सदस् य

3.

बोडर् के दो नाम िनदᱷिशती िजसमᱶ एक िवशेषज्ञ होगा ᳴कंतु बोडर् के सदस् य से िभन् न - सदस् य

4. संस् थान से बाहर का िसनेट का एक िवशेषज्ञ नामिनदᱷिशती - सदस् य

5. संब᳍ िवभाग का ᮧमुख (आचायर् के पद से िभन् न के िलए) - सदस् य (ख) तकनीकी पदᲂ के िलए चयन सिमित िनम् न ᮧकार होगी –

1. िनदशेक या उप िनदशेक - अध् यक्ष

2. संस् थान से बाहर का एक िवशेषज्ञ - सदस् य

3. मानव संसाधन िवकास मंᮢालय का नाम िनदᱷिशती - सदस् य

4. संब᳍ िवभाग का ᮧमुख - सदस् य

5. कुल सिचव - सदस् य (ग) ᮧशासिनक और अनुसिचवीय कमर्चारीवृंद के िलए चयन सिमित िनम् न ᮧकार होगी :

1. िनदशेक या उप िनदशेक - अध् यक्ष

2. संस् थान से बाहर का एक िवशेषज्ञ - सदस् य

3. मानव संसाधन िवकास मंᮢालय का नाम िनदᱷिशती - सदस् य

4. कुल सिचव - सदस् य (घ) ज् येष् ठ ᮧशासिनक और ᮧध् यापक तथा उससे ऊपर के वेतनमान वाले अन् य सदशृ् य पदᲂ के िलए चयन सिमित िनम् न ᮧकार होगी :

1. िनदशेक या उप िनदशेक - अध् यक्ष 14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

2. संस् थान से बाहर का एक िवशेषज्ञ - सदस् य

3. मानव संसाधन िवकास मंᮢालय का नाम िनदᱷिशती - सदस् य

4. बोडर् का नामिनदᱷिशती - सदस् य

5. कुल सिचव - सदस् य

(6) यिद चयन, कुल सिचव या समतुल् य पद के िलए िकया जाता ह ैतो बोडर् चयन सिमित के सदस् य के रूप मᱶ िकसी व् यिक् त को, नाम िनदᱷिशत करेगा और कुल सिचव उसमᱶ सदस् य के रूप मᱶ भाग नहᱭ लेगा।

(7) जहां कोई पद संिवदा आधार पर या आमंᮢण ᳇ारा भरा जाना ह ै वहां बोडर् ऐसी तदभर् चयन सिमित जैसी ᮧत् येक मामले की पिरिस् थितयᲂ मᱶ अपेिक्षत हो, गिठत कर सकेगा।

(8) जहां िकसी पद को संस् थान के सदस् यᲂ मᱶ से ᮧोन् नित ᳇ारा या अस् थायी रूप से बारह मास से अनिधक की अविध के िलए भरा जाना ह ैवहां उसके िलए ᮧिᮓया वैसी होगी जो अध् यादशेᲂ ᳇ारा िविन᳸दर्ष् ट की जाएगी।

(9) इन पिरिनयमᲂ मᱶ िकसी बात के होते हुए भी, बोडर् िवभाग (िवभागᲂ) या कᱶ ᮤ (कᱶ ᮤो) की अत् यावश् यकता के िलए उिचत िवशेष कौशल या ज्ञान रखने वाले व् यिक् तयᲂ की िनयुिक् त करने की शिक् त रखेगा।

(10) यिद पद को िवज्ञापन ᳇ारा भरा जाना ह ैतो कुल सिचव पद के िनबंधन और शतᲄ को िवज्ञािपत करेगा तथा पाᮢ और सवार्िधक वांछनीय अभ् यिथर्यᲂ को चयिनत सूची के ᮧयोजन के िलए छा-बीन सिमित िवज्ञापन मᱶ िविन᳸दर्ष् ट तारीख के भीतर ᮧाप् त सभी आवेदनᲂ का अनुवेक्षण करेगी।

(11) साक्षात् कार के समय चयन सिमित ऐसे सभी अभ् यिथर्यᲂ के जो साक्षात् कार के िलए बुलाए गए ह ᱹ ᮧत् यायकᲂ की परीक्षा करेगी, पाᮢ अभ् यिथर्यᲂ का साक्षात् कार लेगी और सवार्िधक उपयुक् त अभ् यथᱮ की िनयुिक् त की िसफािरश सक्षम ᮧािधकारी को अनुमोदन के िलए करेगी।

(12) चयन सिमित की िसफािरशᱶ साक्षात् कार की तारीख से एक वषर् की अविध के िलए िविधमान् य रहᱶगी और यिद िसफािरशᱶ िकसी कारण से सक्षम ᮧािधकारी ᳇ारा अनुमोिदत नहᱭ की जाती ह ᱹ यो िनयुिक् त आदेश िसफािरशᲂ के अनुमोदन के पश् चात् एक वषर् की उक् त अविध के भीतर जारी नहᱭ िकए जाते ह ᱹतो िसफािरशᱶ समाप् त हो जाएंगी और नया िवज्ञापन जारी िकया जाएगा।

(13) िकसी चयन सिमित का कोई कायर् या ᮧिᮓया केवल चयन सिमित के िकसी सदस् य या सदस् यᲂ की अनुपिस् थित के आधार पर ᮧश् नगत नहᱭ की जाएगी।

(14) जब तक िक इन पिरिनयमᲂ के अधीन अन् यथा उपबंध न िकया जाए तब तक िकसी पद पर िनयुिक् त के िलए िसफािरशᱶ करने के ᮧयोजन के िलए गिठत की गई चयन सिमित उस पद के संबंध मᱶ अपने कृत् यᲂ का िनवहर्न उस पद पर िनयुिक् त िकए जाने तक जारी रखगेी।

(15) संस् थान मᱶ की गई सभी िनयिुक् तयां बोडर् के अगले अिधवेशन मᱶ उसको िरपोटर् की जाएंगी।

(16) सिुनिश् चत वृित् त ᮧगित (ए.सी.पी) के अधीन ᮧोन् नित के िलए पाᮢ कमर्चािरयᲂ के आवेदन िकसी ᮧोन् नित या उन् नयन के िलए िसफािरश िकए जाने से पूवर् िवभागीय ᮧोन् नित सिमितयᲂ ᳇ारा िवचािरत िकए जाएंगे।

(17) िवभागीय ᮧोन् नित सिमितयां िनम् न ᮧकार हᲂगी :-

1. िनदशेक या उप िनदशेक - अध् यक्ष

2. संब᳍ िवभाग का ᮧमुख - सदस् य ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 15

3. अन् य िवभाग से िवभाग का ᮧमखु - सदस् य

4. कुल सिचव - सदस् य

24. स् थायी कमर्चािरयᲂ की सवेा के साधारण िनबंधन और शतᱸ :

संस् थान के स् थायी कमर्चारी िनम् निलिखत िनबंधनᲂ और शतᲄ ᳇ारा शािसत हᲂगे :-

(i) अिधिनयम और पिरिनयमᲂ के उपबंधᲂ के अधीन रहते हुए, संस् थान के अधीन पदᲂ पर सभी िनयुिक् तयां एक वषर् की अविध के िलए पिरवीक्षा पर िकए जाएंगे और पिरवीक्षा अविध पूणर् होने के पश् चात् कमर्चारी, अिधिनयमᲂ और पिरिनयमᲂ के उपबंधᲂ के अधीन रहते हुए उस मास की िजसमᱶ उसने िविहत अिधकतम आयु ᮧाप् त करता ह,ै समािप् त तक अपने पद पर बने रहने के िलए जारी रहगेी :

परंतु िनयुिक् त ᮧािधकारी, संस् थान के िकसी कमर्चारी की पिरवीक्षा की अविध को ऐसी अविधयᲂ के िलए जैसी वह ठीक समझे, िवस् तािरत करने की शिक् त रखगेा।

(ii) अिधविषर्ता की आयु वैसी होगी जो कᱶ ᮤीय सरकार ᳇ारा संस् थान के कमर्चािरयᲂ के िविभन् न वगᲄ और ᮧवगᲄ के िलए िविन᳸दर्ष् ट की जाए।

(iii) संस् थान के कमर्चारी, कᱶ ᮤ सरकार ᳇ारा अनुमोदन के अधीन कᱶ ᮤीय सरकार के कमर्चािरयᲂ के िलए यथा अनुज्ञेय वेतन के अितिरक् त भत् तᲂ के िलए हकदार हᲂगे।

(iv) संस् थान के कमर्चारी, कᱶ ᮤीय िसिवल सेवा (िचिकत् सीय पिरचयार्) िनयम, 1944 के अनुसार उनके और उनके कुटंुबᲂ पर उपगत िचिकत् सीय व् ययᲂ की ᮧितपूितर् के िलए हकदार हᲂग।े

(v) संस् थान के कमर्चारी पिरिनयम 25 मᱶ उिल् लिखत कᱶ ᮤीय िसिवल सेवा (आचरण) िनयम, 1964 और कᱶ ᮤीय िसिवल सेवा (वगᱮकरण), िनयंᮢण और अपील) िनयम, 1965 ᳇ारा शािसत हᲂगे।

(vi) कमर्चारी, भारत सरकार ᳇ारा घोिषत नई पᱶशन स् कीम ᳇ारा शािसत हᲂगे।

(vii) संस् थान के कमर्चािरयᲂ के आवेदन का संस् थान के बाहर िनयोजन के िलए अनुसूची-घ मᱶ िविन᳸दर्ष् ट ᮧिᮓया के अनुसार एक वषर् मᱶ केवल तीन बार अᮕेिषत िकए जाएंगे।

(viii) संस् थान के कमर्चारी, कᱶ ᮤीय सरकार के कमर्चािरयᲂ को यथा अनुज्ञेय छुᲵी याᮢा िरयायत (एलटीसी) के िलए हकदार हᲂगे।

(ix) अितकािलक और रािᮢ भत् ता, जैसा कᱶ ᮤीय सरकार के कमर्चािरयᲂ को यथा अनुज्ञेय ह ैके अनुसार संस् थान के पाᮢ कमर्चािरयᲂ को संदत् त िकया जाएगा।

25. स् थायी कमर्चािरयᲂ के िलए आचार सिंहता:- कमर्चािरयᲂ के िलए आचार संिहता, कᱶ ᮤीय सरकार के परामशर् से ᮧत् येक ᳇ारा बनाई जाएगी और जब तक कमर्चािरयᲂ के िलए आचार संिहता तैयार की जाती ह,ै संस् थान कᱶ ᮤीय िसिवल सेवा (आचारण) िनयम, 1964 और कᱶ ᮤीय िसिवल सवेा (वगᱮकरण, िनयंᮢण और अपील), िनयम, 1965 का पालन करेगा। 16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

26. अस् थायी कमर्चािरयᲂ की सवेा के साधारण िनबधंन और शतᱸ

(1) अस् थायी कमर्चािरयᲂ के सेवाएं या तो कमर्चारी ᳇ारा िनयिुक् त ᮧािधकारी को या िनयिुक् त ᮧािधकारी ᳇ारा कमर्चारी को िलिखत मᱶ एक मास की सूचना पर िकसी भी समय समापन के अधीन होगी।

(2) ऐसे कमर्चारी की सेवा के अन् य िनबंधन और शतᱸ ऐसी हᲂगी जैसी िनयुिक् त ᮧािधकारी ᳇ारा उसके िनयुिक् त पᮢ मᱶ िविन᳸दर्ष् ट की जाएं।

27. सिंवदा पर िनयिुक् तया:ं- (1) इन पिरिनयमᲂ मᱶ िकसी बात के होते हुए भी, कुलाध् यक्ष की पूवर् अनुमित से बोडर्, िवशेष पिरिस् थितयᲂ मᱶ पांच वषर् से अनिधक की अविध के िलए संिवदा पर िकसी िवख् यात व् यिक् त को िनयुक् त कर सकेगी।

(2) अिधिनयम के उपबंधᲂ के अधीन रहते हुए बोडर् िकसी व् यिक् त को संिवदा पर तीन वषर् से अनिधक की अविध के िलए िविहत वेतनमान मᱶ और सुसंगत पद के िलए लागू िनबंधन और शतᲄ पर िनयुक् त कर सकेगा।

(3) ऐसी िनयुिक् तयां करने के िलए अध् यक्ष का शासक बोडर् ऐसी तदथर् चयन सिमित का गठन करेगा जैसा ᮧत् येक मामले की पिरिस् थितयᲂ मᱶ अपेिक्षत हो :

परंतु सिमित के ऐसे गठन की पुिष् ट के िलए बोडर् को िरपोटर् की जाएगी।

28. भिवष्य िनिध और पᱶशन स् कीमᱶ:- संस् थान के कमर्चारी कᱶ ᮤीय सरकार की नई पᱶशन स् कीम ᳇ारा शािसत हᲂगे।

29. पदत् याग:- इन ᮧथम पिरिनयमᲂ के पूवर्गामी उपबंधᲂ मᱶ िकसी बात के होते हुए भी संस् थान का कोई कमर्चारी पदत् याग कर सकेगा यिद :

(i) वह स् थायी कमर्चारी ह ैतो अपने िनयुिक् त ᮧािधकारी को िलिखत मᱶ केवल तीन मास की सूचना देने के पश् चात् या उसके स् थान पर तीन मास के वेतन संदत् त ᳇ारा; और

(ii) वह स् थायी कमर्चारी नहᱭ ह ैतो अपने िनयुिक् त ᮧािधकारी को िलिखत मᱶ केवल एक मास की सूचना देने के पश् चात् या उसके स् थान पर एक मास के वेतन संदत् त ᳇ारा :

परंतु ऐसा पदत् याग केवल उस तारीख को िजसको त् यागपᮢ, िनयुिक् त ᮧािधकारी ᳇ारा स् वीकृत िकया गया ह,ै ᮧभावी होगा।

30. सवेा िनविृत् त:- (1) कोई कमर्चारी अहर्क सेवा के बीस वषर् पूरे करने के पश् चात् िकसी भी समय वह िनयुित ᮧािधकारी को िलिखत मᱶ तीन मास से अन् यून की सूचना दकेर समय-समय पर कᱶ ᮤीय सरकार ᳇ारा अपने कमर्चािरयᲂ के िलए अिधकिथत िनबंधनᲂ और शतᲄ के अनुसार सेवा से सेवािनवृत् त हो सकेगा।

(2) िनयुिक् त ᮧािधकारी को, कᱶ ᮤीय िसिवल सवेा (पᱶशन) िनयम, 1972 के उपबंध के अनुसार समयपवूर् सेवािनवृित् त के रूप मᱶ अिधविषर्ता से पूवर्, कमर्चारी को सेवािनवृत् त करने का अिधकारी होगा।

(3) कोई कमर्चारी, िनम् निलिखत शतᲄ के अधीन रहते हुए िकसी ऐसी शारीिरक या मानिसक शैिथल् यता के कारण जो स् थायी रूप से उसको सेवा से असमथर् करती ह,ै सेवा से सेवािनवृत् त हो सकेगा, अथार्त् :- ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 17

(i) कमर्चारी, अपना आवेदन रिजस् ᮝार को उिचत माध् यम और ᮧिᮓया से ᮧस् तुत करेगा और एक िचिकत् सीय ᮧमाणपᮢ,ऐसे िचिकत् सा ᮧािधकारी से जो अध् यादशेᲂ ᳇ारा िविन᳸दर्ष् ट िकया जाए, ᮧस् तुत करेगा;

(ii) यिद िचिकत् सा ᮧािधकारी िकसी िनम् नतर पद के िलए आरोग् य ᮧमाणपᮢ ᮧदान करता ह ै तो कमर्चारी यिद इच् छुक है तो केवल ऐसे पद पर जो उपलब् ध ह ैिनयुक् त िकया जा सकेगा;

और

(iii) स् वास् थ् य िरपोटर्, सेवािनवृत् त की तारीख से पहले या सम् पाती होनी चािहए।

31. अिधदाय: - संस् थान के स् थायी कमर्चारी, कᱶ ᮤीय सरकार के कमर्चािरयᲂको यथा संज्ञेय िविभन् न ᮧयोजनᲂ के िलए अिधदाय िनकालने की सुिवधा रखᱶगे।

32. ᮧितिनयिुक् त:- ᮧितिनयुᲦ, लोकिहत मᱶ (अस्थायी स्थानांतरण) िनयुिᲦ के िलए रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान से बाहर अन्य रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, केन्ᮤीय सरकार, राज्य सरकार, िव᳡िव᳒ालयᲂ या स्वायᱫशासी िनकायᲂ मᱶ िजनमᱶ पिब्लक सेक्टर के उपᮓम भी सिम्मिलत ह ैऔर भतᱮ िनयमᲂ मᱶ िविन᳸दर᳥् िनबंधनᲂ और शतᲄ के अधीन रहते हुए अनुज्ञेय ह।ᱹ

33. िनवास की जगह:- (1) संस्थान के ᮧत्येक कमर्चारी के केवल िनवासीय उपयोग के िलए संस्थान के पिरसर के भीतर एक असुसिᲯत घर, यिद उपलब्ध होगा तो, आबंिटत िकया सकेगा िजसमᱶ उससे, ऐसी शतᲄ के अधीन रहते हुए जो संस्थान के गृह आबंटन िनयमᲂ ᳇ारा अिधकिथत की जाए, िनवास करने की अपेक्षा जाएगी।

(2) संस्थान के ऐस ेकमर्चारी से, िजसको िनवासीय उपयोग के िलए घर आबंिटत िकया गया ह,ै समय- समय पर बोडर् ᳇ारा यथा िनयत दर पर अनुज्ञि᳙ फीस ᮧभािरत की जाएगी।

(3) अनुज्ञि᳙ फीस के अितिरᲦ, जल, िव᳒ुत और दी गई िकसी अन्य सेवा के ᮧभार, िकसी कमर्चारी स े वास्तिवक आधार पर या ऐसी दरᲂ पर जो समय-समय पर बोडर् ᳇ारा अवधािरत की जाएं, वसूल की जाएंगे।

(4) बोडर्, यिद संस्थान के िहत मᱶ ऐसा करना आवश्यक समझता ह ैतो िकसी ᮧवगर् के कमर्चारी को कोई अनुज्ञि᳙ फीस उद्गृहीत िकए िबना या िरयायती दरᲂ पर ऐसी फीस उद्गृहीत करते हुए सुसिᲯत या असुसिᲯत वास सुिवधा आबंिटत कर सकेगा।

34. छुᲵी:- संस्थान के सभी कमर्चािरयᲂ के िलए छुᲵी केन्ᮤीय िसिवल सेवा (छुᲵी) िनयम, 1972 ᳇ारा शािसत हᲂगी।

35. छाᮢविृᱫयां, अध्यतेाविृᱫयां, पदक और पुरस्कार:- बोडर् िसनेट की िसफािरश पर ऐसी छाᮢवृिᱫयां, अध्येतावृिᱫयां, पदक और पुरस्कार जो आवश्यक समझी जाएं, संिस्थत कर सकेगा।

36. फीस:- संस्थान िन᳜िलिखत फीसᱶ ᮧभािवत करेगा, अथार्तः-

(i) अध्यापन और अन्य फीस दो भागᲂ मᱶ समािव᳥ होगी (क) रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस्थान पिरषद ् ᳇ारा अवधािरत फीस जो सभी रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी ससं्थानᲂ के िलए सामान्य होगी और (ख) अऩ्य फीसᱶ जो संब᳍ शासी बोडर् ᳇ारा अवधािरत की जाएंगी।

(ii) अवधान रािश, छाᮢᲂ, िव᳇ानᲂ और अध्येताᲐ को अंितम रूप से संस्थान छोड़ने के समय सुसंगत देयᲂ की यिद कोई हो, कटौती करने के प᳟ात् ᮧितदये होगी और जहां िकसी ᮧितदाय का कोई 18 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] दावा अंितम रूप से संस्थान छोड़ने के दो वषर् के भीतर ᮧा᳙ नहᱭ हुआ ह ैवहां अवधान रािश को छाᮢ कल्याण िनिध मᱶ जमा िकया जाएगा।

(iii) ऐसी फीस िरयायत आर छाᮢवृिᱫयां, जो समय-समय पर केन्ᮤीय सरकार ᳇ारा अवधािरत की जाएं।

37. छाᮢᲂ के छाᮢावास और छाᮢिनवास:- (1) ᮧत्येक संस्थान एक आवािसक संस्थान होगा और सभी छाᮢ तथा अनुसंधानिवद ्इस ᮧयोजन के िलए संस्थानᲂ ᳇ारा िनिमर्त छाᮢावासᲂ और छाᮢ िनवासᲂ मᱶ िनवास करᱶगेः परंतु आपवािदक दशा मᱶ कारणᲂ को लेखब᳍ करके िनदशेक िकसी छाᮢ या िव᳇ान को अपने माता-िपता या संरक्षक के साथ िनवास करने की अनुज्ञा दे सकेगा िकन्तु जहां की ऐसी अनुज्ञा िकसी छाᮢ या िव᳇ान को दी गई ह ैवहां यथािस्थित, ऐसा छाᮢ या िव᳇ान उसी ᮧकार ऐसे सीट िकराए के संदाय के िलए दायी होगा जैसा वह छाᮢावास मᱶ िनवास कर रहा होता तो वह सीट िकराए के संदाय के िलए दायी होता।

(2) छाᮢावासᲂ और छाᮢ िनवासᲂ का ᮧत्येक िनवासी इस ᮧयोजन के िलए संस्थान ᳇ारा अिधकिथत िनयमᲂ का पालन करेगा।

(3) ᮧत्येक छाᮢावास या छाᮢ िनवास के िलए एक वाडर्न होगा और उतने सहायक वाडर्न तथा अन्य कमर्चारी हᲂगे िजतने समय-समय पर बोडर् ᳇ारा अवधािरत िकए जाएं।

(4) शैक्षिणक कमर्चारी वृन्दᲂ को वाडर्न और सहायक वाडर्न के रूप मᱶ िनदशेक ᳇ारा िनयुᲦ िकया जाएगा।

(5) वाडर्न और सहायक वाडर्न उस ᮧकार के आवास गृह के समान ही िजसके िलए वे सामान्यतया हकदार ह,ᱹ िकराया मुᲦ असुसिᲯत आवास गृह के िलए हकदार हᲂगे।

(6) बोडर् छाᮢावासᲂ और छाᮢिनवासᲂ के ᮧबंध के िलए िनयम अिधकिथत करेगा।

38. सम्मानाथर् उपािधयᲂ का ᮧदान िकया जाना:- संस्थान, कितपय असाधारण और ᮧितभाशाली ᳞िᲦयᲂ को उनके संबंिधत क्षेᮢᲂ मᱶ उनके ᮧख्यात योगदान के िलए सम्मािनक उपािधयᲂ को ᮧदान कर सकेगाः परंतु सम्मानाथर् उपािधयᲂ को ᮧदान करने के िलए सभी ᮧस्ताव िसनेट ᳇ारा िकए जाएंगे और बोडर् ᳇ारा अनुमोिदत िकए जाएंगे। रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी ससं्थान अनसुचूी ‘क’ [पिरिनयम 17 (2) दखेᱶ] “राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस् थान अिधिनयम, 2007 (िजसे इसमᱶ इसके प᳟ात ् अिधिनयम कहा गया ह)ै की धारा 17 (1) और पिरिनयम 17 (2) (रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे की दशा मᱶ) (िजसे इसमᱶ इसके प᳟ात् पिरिनयम कहा गया ह)ै के िनबंधनᲂ मᱶ, कुलाध्यक्ष, संस्थान के िनदशेक के रूप मᱶ पांच वषर् की संिवदा पर िनयुᲦ ᳞िᲦ की िनयुिᲦ का अनुमोदन करते ह ᱹऔर िनयुᲦ ᳞िᲦ ने इसमᱶ इसके प᳟ात् किथत िनबंधनᲂ और शतᲄ पर ऐसी िनयुिᲦ को स्वीकार कर िलया ह।ै यह िवलेख नीचे उिल्लिखत बातᲂ का साक्षी ह ैऔर पक्षकार िन᳜िलिखत करार करते हःै- ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 19

(1) इस सेवा करार के संबंध मᱶ यह समझा जाएगा िक उसे सभी समयᲂ पर अिधिनयम के और समय-समय पर स्थायी पुि᳥कृत कमर्चािरयᲂ को लागू यथा ᮧवृᱫ संस्थानᲂ को सिम्मिलत करने वाले पिरिनयमᲂ के उपबंधᲂ के अधीन िकया गया ह।ै

(2) िनयुᲦ ᳞िᲦ पदभार ᮕहण करने की तारीख से पांच वषर् की अविध के िलए करार के अधीन सेवा पर होगा;

परंतु यिद ऊपर उिल्लिखत सेवा की अविध की समाि᳙ पर िनयुᲦ ᳞िᲦ 70 वषर् से कम आयु का ह,ै तो उसकी सेवा उस वषर् के 30 जून तक जारी रहगेी, िजसमᱶ िनयुᲦ ᳞िᲦ सेवा की उᲦ अविध को पूरा करता ह ैया जब तक वह 70 की आयु पूरी करता ह ैदोनᲂ मᱶ से जो भी पूवर्तर हो।

(3) िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान का ᮧधान शैक्षिणक और कायर्पालक अिधकारी होगा और वह उᲦ अिधिनयम तथा पिरिनयमᲂ मᱶ उपबंिधत शिᲦयᲂ और कतर्᳞ᲂ के साथ संस्थान के पूणर्कािलक िनदशेक के रूप मᱶ सेवा करेगा।

(4) िनयुᲦ ᳞िᲦ अपना पूणर् समय संस्थान की सेवा को समिपर्त करेगा और वह आचरण िनयमᲂ और उᲦ अिधिनयम तथा पिरिनयमᲂ के अन्य उपबंधᲂ के अधीन होगा। िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा सेवा के दौरान या सेवा के संबंध मᱶ ᮧा᳙ की गई िकसी जानकारी और उसके ᳇ारा िकए गए िकसी कायर् को गु᳙ और गोपनीय माना जाएगा और िनयुᲦ ᳞िᲦ को सभी ᮧकार से समय-समय पर यथा संशोिधत भारतीय शासकीय गु᳙ बात अिधिनयम, 1923 के अधीन माना जाएगा।

(5) िनयुᲦ ᳞िᲦ अपनी सेवा की अविध के दौरान, िसवाय िनलंबन की िकसी अविध और साथ ही िबना वेतन की छुᲵी की िकसी अविध के भारतीय आयकर के अधीन रहते हुए............रुपए के वेतनमान मᱶ....................रु. के आरंिभक वेतन का हकदार होगा यिद िकसी भी समय िनयुᲦ ᳞िᲦ भारत से बाहर ᮧितिनयुᲦ ᳞िᲦ पर जाता ह ैतो उसकी ᮧितिनयुिᲦ ᳞िᲦ की अविध के दौरान उसका वेतन और भᱫे वे हᲂगे, जो शासी बोडर् ᳇ारा िविनि᳟त िकए जाएं। इसके अितिरᲦ, िनयुᲦ ᳞िᲦ महगंाई भᱫा, नगर ᮧितकारात्मक भᱫा आिद जैसे भᱫᲂ का आहरण करेगा, जो संस्थान के िनयमᲂ के अनुसार समय-समय पर अनुज्ञेय हᲂ।

(6) इस िवलेख के अधीन अपनी सेवा के दौरान िनयुᲦ ᳞िᲦ पिरिनयमᲂ मᱶ िकए गए उपबंधᲂ के अनुसार और इन उपबंधᲂ मᱶ ऐसे उपांतरणᲂ के, िजन्हᱶ समय-समय पर िकया जाए, अधीन संस्थान की अिभदायी भिवष्य िनिध-सह-उपदान मᱶ अिभदाय करेगा और साथ ही वह पिरिनयमᲂ के अनुसार स्थायी पुि᳥कृत कमर्चािरयᲂ को यथा लाग ूसंस्थान के अिभदाय का भी हकदार होगा। िनयुᲦ ᳞िᲦ के िकसी अन्य रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान का िनयोजक होने और उसके ᳇ारा अिभदायी भिवष्य िनिध-सह-उपदान स्कीम या साधारण भिवष्य िनिध-सह-पᱶशन-सह-उपदान स्कीम का फायदा िलए जाने की दशा मᱶ, वह पिरिनयमᲂ के अधीन यथा अनुज्ञेय इस एकᮢण के स्थानांतरण के साथ संस्थान की तत्समान स्कीम का अिभदायी बनेगा। उस दशा मᱶ, जहां िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान का कमर्चारी ह ैतो वह अिभदायी भिवष्य िनिध-सह-उपदान स्कीम या साधारण भिवष्य िनिध-सह-पᱶशन-सह-उपदान स्कीम ᳇ारा उसी रूप मᱶ शािसत होता रहगेा, िजस ᮧकार वह इस संिवदा िनयुिᲦ के तुरंत पूवर् शािसत होता था और वह पिरिनयमᲂ के अनुसार संस्थानᲂ के अन्य स्थायी कमर्चािरयᲂ की भांित इस संिवदा के अधीन अपनी सेवा की अविध मᱶ स्कीम के फायदᲂ के िलए हकदार होगा।

(7) इसमᱶ इससे पूवर् अंतिवर᳥् िकसी बात के होते हुए भी, जब तक िक संस्थान ᳇ारा अन्यथा िविन᳟य न िकया जाए, िनयुᲦ ᳞िᲦ वेतनमान के पुनरीक्षण और ऐसे सेवािनवृिᱫ फायदᲂ मᱶ, िजन्हᱶ संस्थान ᳇ारा संस्थान की शाखा के सदस्यᲂ की सेवा, ऐसी सेवा, िजससे वह समय संबंध रखता ह,ै के िनबंधनᲂ और शतᲄ मᱶ इस िवलेख की तारीख के अधीन रहते हुए ᮧभावी िकया गया हो, िकन्हᱭ सुधारᲂ के फायदᲂ का संस्थान ᳇ारा यथा अवधािरत रूप मᱶ पूणर् रूप से या भाग रूप मᱶ ᮧा᳙ करने का हकदार होगा और िनयुᲦ ᳞िᲦ की सेवा 20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] के िनबंधनᲂ और शतᲄ मᱶ ऐसे सुधार के सबंंध मᱶ संस्थान का िविन᳟य इस ᮧकार ᮧवृᱫ होगा िजससे िक इस िवलेख के उपबंधᲂ को उस सीमा तक उपांतिरत िकया जा सके।

(8) िनयुᲦ ᳞िᲦ पिरिनयमᲂ के अधीन संस्थान के स्थायी गैरᮧावकाश कमर्चािरयᲂ को यथा अनुज्ञेय छुᲵी के िलए हकदार होगा।

(9) िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान के शासी बोडर् ᳇ारा यथा स्वीकृत रूप मᱶ संस्थान के पिरसर मᱶ अनुज्ञि᳙ फीस रिहत सुसिᲯत कायार्लय-सह आवास का हकदार होगा।

(10) िनयुᲦ ᳞िᲦ पिरिनयमᲂ मᱶ उपबंिधत िकए गए अनुसार िचिकत्सीय पिरचयार् और उपचार के संबंध मᱶ िवशेषािधकार का पाᮢ होगा।

(11) िनयुᲦ ᳞िᲦ को संस्थान मᱶ पदभार ᮕहण करने के िलए, िनयुᲦ ᳞िᲦ की िनयुिᲦ को लोक िहत मᱶ स्थानांतरण पर मानते हुए केन्ᮤीय सरकार के स्थानांतरण याᮢा भᱫे िनयमᲂ के अधीन केन्ᮤीय सरकार के समतुल्य पंिᲦ के िकसी अिधकारी को यथा अनुज्ञेय याᮢा भᱫे का संदाय िकया जाएगाः परंतु, िनयुᲦ ᳞िᲦ से संस्थान के िकसी कायर् के िहत मᱶ याᮢा करने की अपेक्षा की जाती ह ैतो वह समय-समय पर ᮧवृᱫ संस्थान के याᮢा भᱫे िनयमᲂ मᱶ उपबंिधत याᮢा भᱫे और मान का हकदार होगा। इसी ᮧकार िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान के िनयमᲂ के अनुसार अपने गृह नगर की याᮢा करने के िलए छुᲵी याᮢा िरयायत का हकदार होगा।

(12) िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा, उसकी लागत पर उसके ᳇ारा ᮧकािशत पुस्तकᲂ और लेखᲂ से ᮧा᳙ होने वाली िकसी रकम को उस क्षेᮢ मᱶ उसे कायर् करते रहने के िलए ᮧोत्साहन के रूप मᱶ िनयुᲦ ᳞िᲦ को दे िदया जाएगा। उसे समय-समय पर बोडर् ᳇ारा अिधकिथत िनयमᲂ के अनुसार परामशᱮ सेवा और उसके फायदᲂ को ᮧितधािरत करने की अनुज्ञा भी दी जाएगी।

(13) सिंवदा की अविध के दौरान िनयुᲦ ᳞िᲦ की सेवा संस्थान ᳇ारा िकसी भी समय इस संिवदा के अधीन सेवा के दौरान िकसी भी समय तीन कलᱹडर मास की िलिखत सूचना दकेर िबना कोई कारण बताए समा᳙ िकया जा सकेगा;

परंतु संस्थान सदवै इसमᱶ उपबंिधत सूचना के स्थान पर िनयुᲦ ᳞िᲦ को तीन मास की मूल वेतन की रकम के समतुल्य रािश का संकाय कर सकेगा। िनयᲦु ᳞िᲦ संस्थान को तीन कलᱹडर मास की िलिखत नोिटस दकेर अपनी सेवा समा᳙ कर सकेगा।

(14) िनयुᲦ ᳞िᲦ को उसकी िवशेषज्ञता के िवभाग मᱶ आचायर् की हिैसयत अनुज्ञात की जाएगी और उसे उसकी सिुवधानुसार उᲦ िवभाग मᱶ अध्यापन और अनुसंधान मᱶ भाग लेने की अनुज्ञा दी जाएगी।

(15) ऐसे िकसी िवषय के संबंध मᱶ, िजसके िलए इस करार मᱶ कोई उपबंध नहᱭ िकया गया ह,ै िनयुᲦ ᳞िᲦ उᲦ अिधिनयम, या तत्समय ᮧवृᱫ उसके िकसी उपांतरण और त᳍ीन बनाए गए तत्समय ᮧवृᱫ पिरिनयमᲂ ᳇ारा शािसत होगा। इसके साक्षी स्वरूप ऊपर िलिखत तारीख को संस्थान के शासी बोडर् के अध्यक्ष और िनयुᲦ ᳞िᲦ ने इस पर अपने- अपने हस्ताक्षर िकए ह।ᱹ संस्थान के शासी बोडर् के अध्यक्ष ᳇ारा रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान के िलए हस्ताक्षिरत और पिरदᱫ िकया गया सािक्षयᲂ के हस्ताक्षर, पते सिहत, की उपिस्थित मᱶ उᲦ िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा हस्ताक्षिरत और पिरदᱫ िकया गया .............................सािक्षयᲂ के हस्ताक्षर, पते सिहत, की उपिस्थित मᱶ िनदशेक, रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे” ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 21 अनसुचूी ‘ख’ [पिरिनयम 18 (3) दखेᱶ] उपिनदेशक के पद के िलए सेवा सिंवदा आज तारीख.......................एक पक्षकार के रूप मᱶ................................(िजसे इसमᱶ इसके प᳟ात् िनयुᲦ ᳞िᲦ कहा गया ह)ै और दसूरे िपक्षकार के रूप मᱶ राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस् थान अिधिनयम , 2007 (2007 का 29) के अधीन िनयिमत रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान के बीच िकया गया सेवा के िलए करार। “राष् ᮝीय ᮧौ᳒ोिगकी, िवज्ञान िशक्षा और अनुसंधान संस् थान अिधिनयम, 2007 (िजसे इसमᱶ इसके प᳟ात ् अिधिनयम कहा गया ह)ै िक धारा 18 (3) और पिरिनयम 17(5) (रा᳦ीय ᮧौिदयोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदेश की दशा मᱶ) (िजसे इसमᱶ इसके प᳟ात् पिरिनयम कहा गया ह)ै के िनबंधनᲂ मᱶ, उप-िनदशेक की िनयुिᲦ बोडर् ᳇ारा ᮧारंभ मᱶ तीन वषर् की अविध के िलए की जाएगी, िजसे बोडर् की िसफािरश पर एक वषर् के िलए दो बार िवस्तािरत की जा सकेगी और िनयुᲦ ᳞िᲦ ने इसमᱶ इसके प᳟ात् किथत िनबंधनᲂ और शतᲄ पर ऐसी िनयुिᲦ को स्वीकार कर िलया ह।ै यह िवलेख नीचे उिल्लिखत बातᲂ का साक्षी ह ैऔर पक्षकार िन᳜िलिखत करार करते ह:ᱹ-

(1) इस सेवा करार के संबंध मᱶ यह समझा जाएगा िक उसे सभी समयᲂ पर अिधिनयम के और समय-समय पर स्थायी पु᳥कृत कमर्चािरयᲂ को लागू यथा ᮧवृᱫ संस्थाᲐ को सिम्मिलत करने वाले पिरिनयमᲂ के उपबंधᲂ के अधीन िकया गया ह।ै

(2) िनयुᲦ ᳞िᲦ..................तारीख (जो पदभार ᮕहण करने की तारीख ह)ै से तीन वषर् की अविध के िलए जो वषर् दर वषर् आधार पर दो वषर् के िलए िवस्तारणीय ह,ै करार के अधीन सेवा पर होगा। परंतु यिद ऊपर उिल्लिखत सवेा की अविध की समाि᳙ पर िनयुᲦ ᳞िᲦ 65 वषर् से कम आयु का ह,ै तो उसकी सेवा.................वषर् के 30 जून तक जारी रहगेी, िजसमᱶ िनयुᲦ ᳞िᲦ सेवा की उᲦ अविध को पूरा करता ह ैया जब तक वह 65 वषर् की आयु पूरी करता ह,ै दोनᲂ मᱶ से जो भी पूवर्तर हो।

(3) िनयुᲦ ᳞िᲦ अिधिनयम तथा पिरिनयमᲂ मᱶ उपबंिधत शिᲦयᲂ और कतर्᳞ᲂ के साथ संस्थान के पूणर्कािलक उप-िनदशेक के रूप मᱶ संस्थान की सेवा करेगा। वह अपने कतर्᳞ᲂ के िनवर्हन मᱶ िनदशेक की िरपोटर् करेगा।

(4) िनयुᲦ ᳞िᲦ अपना पूणर् समय संस्थान की सेवा को समिपर्त करेगा और वह आचरण िनयमᲂ और उᲦ अिधिनयम तथा पिरिनयमᲂ के अन्य उपबंधᲂ के अधीन होगा। िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा सेवा के दौरान या सेवा के संबंध मᱶ ᮧा᳙ की गई िकसी जानकारी और उसके ᳇ारा िकए गए िकसी कायर् को गु᳙ और गोपनीय माना जाएगा और िनयुᲦ ᳞िᲦ को सभी ᮧकार से समय-समय पर यथा संशोिधत भारतीय शासकीय गु᳙ बात अिधिनयम, 1923 के अधीन समझा जाएगा।

(5) िनयुᲦ ᳞िᲦ अपनी सेवा की अविध के दौरान िसवाय िनलंबन की िकसी अविध और साथ ही िबना वेतन की छुᲵी की िकसी अविध के भारतीय आयकर के अधीन रहते हुए.............रुपए के वेतनमान मᱶ................रु. के आरंिभक वेतन का हकदार होगा बशतᱷ यिद िकसी भी समय िनयुᲦ ᳞िᲦ भारत से बाहर ᮧितिनयुᲦ ᳞िᲦ पर जाता ह ैतो उसकी ᮧितिनयुिᲦ ᳞िᲦ की अविध के दौरान उसका वेतन और भᱫे वे हᲂगे, जो शासी बोडर् ᳇ारा िविनि᳟त िकए जाए। इसके अितिरᲦ, िनयुᲦ ᳞िᲦ महगंाई भᱫा, नगर ᮧितकारात्मक भᱫा आिद जैसे भᱫᲂ का आहरण करेगा, जो संस्थान के िनयमᲂ के अनुसार समय-समय पर अनुज्ञेय हो।

(6) इस संिवदा के अधीन अपनी सेवा के दौरान िनयुᲦ ᳞िᲦ पिरिनयमᲂ मᱶ िकए गए उपबंधᲂ के अनुसार आर इन उपबंधᲂ मᱶ ऐसे उपांतरणᲂ के िजन्हᱶ समय-समय पर िकया जाए, अधीन संस्थान की अिभदायी भिवष्य 22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] िनिध-सह-उपदान मᱶ अिभदाय करेगा और साथ वह पिरिनयमᲂ के अनुसार स्थायी पुि᳥कृत कमर्चािरयᲂ को यथा-लागू संस्थान के अिभदाय का भी हकदार होगा। िनयुᲦ ᳞िᲦ के िकसी अन्य रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान िवयोजक होने और उसके ᳇ारा अभीदायी भिवष्य िनिध-सह उपदान स्कीम या साधारण भिवष्य िनिध-सह-पᱶशन-सह-उपदान स्कीम का फायदा िलए जाने की दशा मᱶ वह पिरिनयमᲂ के अधीन यथा- अनुज्ञेय इस ᮧकार के स्थानांतरण के साथ संस्थान की तत्समान स्कीम की अिभदायी बनेगा। उस दशा मᱶ जहां िनयुᲦ कोई कमर्चारी ह ै तो वह अिभदायी भिवष्य िनध-सह-उपदान स्कीम या साधारण भिवष्य िनिध-सह-उपदान स्कीम या साधारण भिवष्य िनिध-सह-उपदान स्कीम ᳇ारा उसी रूप मᱶ शािसत होता रहगेा, िजस ᮧकार वह इस संिवदा िनयुिᲦ के तुरंत पूवर् शािसत होता था और वह पिरिनयमᲂ के अनुसार संस्थान के अन्य स्थायी कमर्चािरयᲂ की भांित इस संिवदा के अधीन अपनी सेवा की अविध मᱶ स्कीम के फायदᲂ के िलए हकदार होगा।

(7) इसमᱶ इससे पूवर् अंतिवर᳥् िकसी बात के होते हुए भी, जब तक िक संस्थान ᳇ारा अन्यथा िविन᳟य न िकया जाए िनयुᲦ ᳞िᲦ वेतनमान के पुनरीक्षण और ऐसे सेवािनवृिᱫ फायदᲂ मᱶ िजन्हᱶ संस्थान की शाखा के सदस्यᲂ की सेवा, ऐसी सेवा, िजससे वह तत्समय संबंध रखता ह,ै के िनबंधनᲂ और शतᲄ मᱶ इस िवलेख की तारीख के अधीन रहते हुए ᮧभावी िकया गया हो, िकन्हᱭ सुधारᲂ के फायदᲂ का संस्थान ᳇ारा यथा अवधािरत रूप मᱶ पूणर् रूप से या भाग रूप मᱶ ᮧा᳙ करने का हकदार होगा और िनयुᲦ ᳞िᲦ की सेवा के िनबंधनᲂ और शतᲄ मᱶ ऐसे सुधार के संबंध मᱶ संस्थान का िविन᳟य इस ᮧकार ᮧवृᱫ होगा िजससे िक इस िवलेख के उपबंधᲂ को उस सीमा तक उपांतिरत िकया जा सके।

(8) िनयुᲦ ᳞िᲦ, पिरिनयमᲂ के अधीन संस्थान के स्थायी ᮧावकाश कमर्चािरयᲂ को यथा-अनुज्ञेय छुᲵी के िलए हकदार होगा।

(9) िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान के शासी बोडर् ᳇ारा यथा-स्वीकृत रूप मᱶ संस्थान के पिरसर मᱶ अनुज्ञि᳙ फीस रिहत सुसिᲯत वास सुिवधा का हकदार होगा।

(10) िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान के शासी बोडर् ᳇ारा यथा-स्वीकृत रूप मᱶ संस्थान पिरसर मᱶ अनुज्ञि᳙ शुल्क रिहत सुसिᲯत वास सुिवधा का हकदार होगा।

(11) िनयुᲦ ᳞िᲦ को संस्थान मᱶ पदभार ᮕहण करने के िलए िनयुᲦ ᳞िᲦ की िनयुिᲦ को लोक िहत मᱶ स्थानांतरण पर िनयुᲦ मानते हुए केन्ᮤीय सरकार के स्थानांतरण याᮢा भᱫे िनयमᲂ के अधीन केन्ᮤीय सरकार की समतुल्य पंिᲦ के िकसी अिधकारी को यथा-अनुज्ञेय याᮢा भᱫे का संदाय िकया जाएगाः परंतु, िनयुᲦ ᳞िᲦ से संस्थान के िकसी कायर् के िहत मᱶ याᮢा करने की अपेक्षा की जाती ह ैतो वह समय-समय पर ᮧवृᱫ संस्थान के याᮢा भᱫे िनयमᲂ मᱶ उपबंिधत याᮢा भᱫे और मान का हकदार होगा। इसीक ᮧकार िनयुᲦ ᳞िᲦ संस्थान के िनयमᲂ के अनुसार अपने गृह नगर की याᮢा करने के िलए छुᲵी याᮢा िरयायत का हकदार होगा।

(12) िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा उसकी लागत पर उसके ᳇ारा ᮧकािशत पुस्तकᲂ और लेखᲂ स ेᮧा᳙ होने वाली िकसी रकम को उस क्षेᮢ मᱶ उसे कायर् करते रहने के िलए ᮧोत्साहन के रूप मᱶ िनयुᲦ ᳞िᲦ को दे िदया जाएगा। उसे समय-समय पर बोडर् ᳇ारा अिधकिथत िनयमᲂ के अनुसार परामशᱮ सेवा और उसके फायदᲂ को धािरत करने की अनुज्ञा भी दी जाएगी।

(13) सिंवदा की अविध के दौरान िनयुᲦ ᳞िᲦ की सेवा संस्थान ᳇ारा िकसी भी समय इस संिवदा के अधीन सेवा के दौरान िकसी भी समय तीन कलᱹडर मास की िलिखत सूचना दकेर िबना कोई कारण बताए समा᳙ िकया जा सकेगाः परंतु संस्थान सदवै इसमᱶ उपबंिधत सूचना के स्थान पर िनयुᲦ ᳞िᲦ को तीन मास की मूल वेतन की रकम के समतुल्य रािश का संकाय कर सकेगा। िनयᲦु ᳞िᲦ संस्थान को तीन कलᱹडर मास की िलिखत सूचना दकेर अपनी सेवा समा᳙ कर सकेगा। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 23

(14) िनयुᲦ ᳞िᲦ को उसकी सुिवधानुसार ...............िवभाग मᱶ अध्यापन और अनुसंधान मᱶ भाग लेने के िलए उसकी िवशेषज्ञता के िवभाग मᱶ आचायर् की हिैसयत अनुज्ञात की जाएगी।

(15) ऐसे िकसी िवषय के संबंध मᱶ, िजसके िलए इस करार मᱶ कोई उपबंध नहᱭ िकया गया ह,ै िनयुᲦ ᳞िᲦ उᲦ रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान अिधिनयम, 2007 या तत्समय ᮧवृᱫ उसके िकसी उपांतरण और त᳍ीन बनाए गए तत्समय ᮧवृᱫ पिरिनयमᲂ ᳇ारा शािसत होगा। इसके साक्षी स्वरूप ऊपर िलिखत तारीख को संस्थान के शासी बोडर् के अध्यक्ष और िनयुᲦ ᳞िᲦ ने इस पर अपने- अपने हस्ताक्षर िकए ह।ᱹ संस्थान के शासी बोडर् के अध्यक्ष ᳇ारा रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान के िलए हस्ताक्षिरत और पिरदᱫ िकया गया सािक्षयᲂ के हस्ताक्षर, पते सिहत, की उपिस्थित मᱶ उᲦ िनयुᲦ ᳞िᲦ ᳇ारा हस्ताक्षिरत और पिरदᱫ िकया गया .............................सािक्षयᲂ के हस्ताक्षर, पते सिहत, की उपिस्थित मᱶ िनदशेक, रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे” अनुसचूी ‘ग’ [पिरिनयम 19(5) दिेखए] सकंायाध्यक्षता संस्थान मᱶ छह से अिधक संकायाध्यक्ष पद नहᱭ हो सकᱶ गे। शासी बोडर् के अनुमोदन से रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान मᱶ िन᳜िलिखत संकायाध्यक्ष पद हो सकᱶ गेः संकायाध्यक्ष शैक्षिणक संकायाध्यक्ष योजना और िवकास संकायाध्यक्ष छाᮢ कल्याण संकायाध्यक्ष संकाय कल्याण संकायाध्यक्ष (अनुसंधान और परामशर्) संकायाध्यक्ष पद कायर्त्मक पद ह ैन िक ᮧशासिनक पद और उसका इसकी उिचत भावना से िनवर्हन िकया जाए। आचायᲄ/सह आचायᲄ मᱶ से ही संकायाध्यक्ष को िनदशेक ᳇ारा नामिनदᱷिशत िकया जाए िकन्तु िवभागाध्यक्ष ᳇ारा नहᱭ होना चािहए। संकायाध्यक्ष पद का कायर्काल साधारतया दो वषर् का होगा िजसे एक और वषर् के िलए िवस्तािरत जा सकेगा। ᳴कंतु िनदशेक, अध्यक्ष शासी बोडर् के अनुमोदन से ऐसी अविध से पूवर् िकसी या सभी संकायाध्यक्षᲂ को कायर्मुᲦ कर सकेगा। सकंायाध्यक्षᲂ के कतर्᳞ और उᱫरदाियत्व संकायाध्यक्षᲂ को िन᳜िलिखत कतर्᳞ और उᱫरदाियत्व सᲅपे गए ह।ᱹ

1. संकायाध्यक्ष (शैक्षिणक) वह िनदशेक को िन᳜िलिखत पर सलाह दगेा/दगेीः (क) छाᮢᲂ के ᮧवेश तथा उनके नामांकन;

(ख) शैक्षिणक कैलᱶडर, समय सारिणयᲂ, पाᲹᮓम कायर् तथा परीक्षाᲐ के िलए छाᮢᲂ का रिजस्ᮝीकरण, कक्षा कक्ष ᳞वस्था तथा कक्षा कायर् के उिचत संचालन के िलए सभी अन्य अपेक्षाᲐ को अंितम रूप देना;

24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) कक्षा परीक्षणᲂ को संचािलत करना और सᮢ के मूल्यांकनᲂ को अंितम रूप दनेे को समिन्वत करना तथा समय पर पिरणामᲂ की घोषणा सुिनि᳟त करने के िलए;

(घ) सभी ᮧवगᲄ के छाᮢᲂ के अ᳒तन शैक्षिणक अिभलेखᲂ के रखरखाव का पयर्वेक्षण ;

(ड.) पाᲹ िववरण का ᮧकाशन और िवतरण;

(च) सभी संस्थान स्तरीय शैक्षिणक िनकायᲂ की बैठकᱶ आयोिजत करना;

(छ) छाᮢᲂ के िलए सभी शैक्षिणक ᮧमाण-पᮢᲂ, पदकᲂ तथा पुरस्कारᲂ को ᮧदान करने के िलए ᳞वस्था करना;

(ज) उन परीक्षाᲐ को संचािलत करने की ᳞वस्था करना िजन्हᱶ संस्थान के िविनयमᲂ मᱶ अनुबंिधत िकए गए अनुसार संस्थान ᳇ारा संचािलत िकया जाना ह;ै (झ) अनुसंधान के संचालन के िलए नीितयां बनाना और शासक बोडर्/िसनेट के िविन᳟य को कायार्िन्वत करके उएपयुᲦ मानक बनाए रखने के िलए उपाय करना;

(ञ) ᳩातकोᱫर, पीएच.डी और अऩ्य अनुसंधान कायर्ᮓमᲂ के िजनमᱶ शोध ᮧबंध की परीक्षा भी सिम्मिलत ह,ै संचालन मᱶ िसनेट की नीित को िनष्पािदत करना;

(ट) दीक्षातं समारोह के संचालन को समिन्वत करना;

(ठ) िशक्षण कायर्ᮓमᲂ मᱶ पिरवतर्न करने के िलए सभी ᮧस्तावᲂ पर बीओएसी ᳇ारा िवचार िकया जाएगा िजसके िलए संकायाध्यक्ष (शैक्षिणक) अथार्त् अध्यक्ष और यिद अनुमोिदत िकया जाता ह ै उन्हᱶ औपचािरत अनुमोदन के िलए िसनेट को भेजा जाएगा। (ड) ᮧायोिजत ᮧारंिभक संकाय ᮧवेश कायर्ᮓमᲂ तथा अभ्यिथर्यᲂ के Ფािलटी सुधार कायर्ᮓम को स्वीकार करना;

(ढ) उᲬ शैक्षिणक मानकᲂ के िलए ᮧयास करने के िलए समय-समय पर उपयुᲦ कदम उठाने हतुे िनदशेक को सुझाव दनेा।

2. सकंायाध्यक्ष (योजना और िवकास) वह िनदशेक को िन᳜िलखत मᱶ सलाह देगा/देगी (क) संस्थागत िᮓयाकलापᲂ के िवस्तार तथा िविवधता की योजना और िसिवल, वै᳒ुत, संकमर्, स्वच्छता, नेटवकर् ᮧणाली, आिद से संबंिधत योजना तथा ᮧाᲥलनᲂ के ᮧस्तुत िकए जाने की सीमा तक सभी िवकासात्मक ᮧस्तावᲂ को तैयार करना। (ख) मानव संसाधन िवकास मंᮢालय और अन्य अिभकरणᲂ को भेजे जाने वाली आविधक रूप से अपेिक्षत िविभ᳖ िरपोटᲄ के संकलन के िलए अपेिक्षत योजना एवं पिरयोजना संबंधी सभी आवश्यक सांिख्यकीय आंकडᲂ का रखरखाव। (ग) वास्तिवक ल᭯यᲂ को िनगरानी करने तथा पिरयोजनाᲐ और परामशर् की बाबत िनिधयᲂ का उपयोग तथा ᮧगित िरपोटᲄ को ᮧस्तुत करने के िलए सुसंगत कागज पᮢᲂ को तैयार करना;

(घ) नए पाᲹᮓमᲂ के ᮧस्ताव तैयार करने और इस संबंध मᱶ इस ᮧयोजन के िलए संकाय सदस्यᲂ और बा᳭ िवशेषज्ञᲂ की बैठकᱶ आयोिजत करना;

¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 25 (ड.) सिंकमिण और भवनᲂ का अनुरक्षण कायर्, सड़कᲂ, जल ᮧदाय स्वच्छता, लॉन उ᳒ान, संसूचना नेटवकर् , वाटर कूलर, वातानुकूिलत, टेलीफोन आिद के अधीक्षण मᱶ िनदेशक को सहायता दनेा;

(च) अनौपचािरक तथा सतत िशक्षा और िवस्तार कायर्ᮓमᲂ को तैयार करने एवं उनके संचालन को स᳜िवत करना;

(छ) पिरयोनजाᲐ तथा परीक्षण एवं परामशर् संबंधी उपस्करᲂ के उपापन के िलए बैठक का कायर्वृᱫ और उसके आयोजन की ᳞वस्था करना;

(ज) रिजस्ᮝार को िनमार्ण और संकमर् सिमित के िलए बजट तथा नए ᮧाᲥलनᲂ एवं योजनाᲐ के िलए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराना।

3. सकंायाध्यक्ष (छाᮢ कल्याण) (क) वह छाᮢ परामशर् आयोजन करने मᱶ िनदशेक को सलाह दगेा/दगेी;

(ख) वह छाᮢ पिᮢकाᲐ, समाचार बुलेिटन, समाचार पᮢᲂ आिद के ᮧकाशन के िलए िजम्मेदार होगा/होगी;

(ग) वह छाᮢ, अनुशासन तथा कल्याण संबंधी िवषयᲂ मᱶ िनदेशक को सलाह दगेा/दगेी;

(घ) वह छाᮢ संघ/संगम/पिरषद ्संबंधी िवषयᲂ मᱶ िनदशेक की सहायता करेगा/करेगी;

(ड.) वह एनसीसी, एनएसएस, खेल, तरणताल, ᮓीडा, सांस्कृितक और छाᮢᲂ की पाᲹᮓम के साथ तथा पाᲹᮓयातीत गितिविधयᲂ को समिन्वत करेगा/करेगी;

(च) वह पूवर् छाᮢᲂ का अिभलेख रखेगा/रखेगी और उनके साथ पᮢचार करेगा/करेगी;

(छ) वह अनुशासनहीनता मᱶ संिल᳙ छाᮢᲂ की जांच कराएगा/कराएगी;

(ज) वह छाᮢᲂ के माता िपता/संरक्षकᲂ से उनकी ᮧगित एवं ᳞ैिᲦक समस्याᲐ/कल्याण के बारे मᱶ पᮢाचार करेगा/करेगी। (झ) छाᮢᲂ के िलए पाᲹᮓम के साथ की गितिविधयᲂ (तकनीकी उत्सव, ᮧ᳤ोᱫरी आिद) को समिन्वत करना।

4. सकंायाध्यक्ष कल्याण वह िन᳜िलिखत से संबंिधत िवषयᲂ पर िनदशेक को सलाह दगेा/देगी:

(क) Ფािलटी सुधार कायर्ᮓम के अधीन िविभ᳖ संस्थाᲐ को, उन्हᱶ लागू िनयमᲂ के अधीन, संकाय की ᮧितिनयुिᲦ;

(ख) वह िविभ᳖ सम्मेलनᲂ, सेिमनारᲂ, अल्पाविध पाᲹᮓमᲂ, ᮧिशक्षण कायर्ᮓमᲂ, िवदशेी िशक्षण/ᮧिशक्षण समनुदशेन आिद के िलए संकाय सदस्यᲂ के ᮧितिनयुिᲦ के िलए िनदशेक को सलाह दगेा/देगी;

(ग) वह संकाय सदस्यᲂ ᳇ारा सम्मेलनᲂ/सेिमनार मᱶ ᮧस्तुत िकए गए या ᮧस्तुत िकए जने वाले कागजपᮢᲂ की मूल्यांकन सिमित की बैठकᲂ की अध्यक्षता करेगा/करेगी;

(घ) वह संकाय के िलए ᮧिशक्षण कायर्ᮓम आयोिजत करने मᱶ िनदशेक की सहायता करेगा/करेगी;

26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ड.) वह िविभ᳖ िवभागᲂ और संकाय सदस्यᲂ के बीच अनुशासन तथा कायर् लोकाचर को बनाए रखने मᱶ िनदशेक की सहायता करेगा/करेगी;

(च) वह संस्थान मᱶ उᲬ शैिक्षक मानकᲂ को बनाए तथा शैिक्षक उत्कृ᳥ता को ᮧा᳙ करने मᱶ िनदशेक की सहायता करेगा/करेगी;

(छ) संकाय अनुशासन, समᮕता और ᮧितब᳍ता का पयर्वेक्षण।

5. सकंायाध्यक्ष (अनसुधंान और परामशर्) वह िन᳜िलिखत से संबंिधत िवषयᲂ मᱶ िनदेशक को सलाह दगेा/दगेीः (क) औ᳒ोिगक रूप से ᮧायोिजत अनुसंधान और परामशर् के िलए िनयम बनाना;

(ख) संकाय िवशेषज्ञता के संबंध मᱶ डाटा बेस सृिजत करना और उसे बनाए रखना;

(ग) अनुसंधान/परामशर् कायर्, पिरयोजना कमर्चािरवृंद की भतᱮ करने के िलए आवश्यक उपस्कर उपा᳙ करने उसके कायार्लय संकाय के माध्यम से सुकर बनाना;

(घ) छाᮢᲂ के िलए पाᲹᮓम के साथ की गितिविधयᲂ (तकनीकी उत्सव, ᮧ᳤ोᱫरी आिद) को समिन्वत करना;

(ड.) ऐसे अिभकरणᲂ जैसे िवज्ञान और ᮧौ᳒ोिगकी िवभाग (डीएसटी), भाभा परमाण अनुसंधान केन्ᮤ (बीएआरसी), नाभकीय िवज्ञान अनुसंधान बोडर् (बीआरएनएस), भारतीय अंतिरक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), रक्षा अनुसंधान और िवकास संगठन (डीआरडीओ), वैमािनकी अनुसंधान और िवकास बोरड (एआरएंडडीबी), सूचना ᮧौ᳒ोिगकी मंᮢालय आिद को िवᱫ पोषण के िलए ᮧस्ताव करने िलए मागर्दशर्न ᮧदान करना। अनसुिूच ‘घ’ [पिरिनयम 24(vii) दिेखए] अन्यᮢ िनयोजन के िलए आवेदनᲂ का अᮕषेण शासी बोडर् ᳇ारा अनुमोिदत संि᳖यमᲂ के अनुसार ही िनयोजन के िलए आवेदन अᮕेिषत िकए जाएंगेः सभी कमर्चािरयᲂ से उनकी सेवा के िनबंधनᲂ के अधीन अपेक्षा की जाती ह ैिक वे सरकारी/पिब्लक सेक्टर या अन्यᮢ मᱶ अन्य कायर् के िलए आवेदन करने के िलए िन᳜िलिखत संि᳖यमᲂ का पालन करेः-

1. साधारण िस᳍ान्तः

(i) अच्छी ᮧो᳖ित संभावनाᲐ वाला स्थायी कमर्चारी अपने पद के कतर्᳞ᲂ के ᮧित पूरे मन से अपनी शिᲦ लगाने के िलए सामान्य बाध्यताधीन ह।ै यह अनुिचत नहᱭ होगा यिद अन्य िनयोजन के िलए उसका आवेदन रोक िलया जाता ह ैऔर अᮕेिषत नहᱭ िकया जाता ह।ै

(ii) िकसी अस्थायी कमर्चारी का आवेदन तब तक न रोका जाना चािहए जब तक ऐसे अस्थायी कमर्चारी के िलए अिभिलिखत तथा उसे संसिूचत िकए जाने वाले बाध्यकारी आधार न हो। िकसी ऐसे अस्थायी कमर्चारी से ᮧा᳙ आवेदन पर िजसकी सम्यक अनुᮓम मᱶ स्थायी होने की अच्छी संभावनाएं हᲂ, गुणागुण के आधार पर कारर्वाई की जानी चािहए।

(iii) ऐसे कमर्चािरयᲂ को िजन्हᱶ सरकारी/संस्थान के खचᱷ पर कोई तकनीकी ᮧिशक्षण िदया गया ह,ै कम से कम बंधपᮢ अविध तक संस्थान मᱶ सेवा करते रहना चािहए और ऐसे िकसी मामले मᱶ आवेदन रोकना औिचत्यपूणर् ह।ै बोडर् ऐसे मामलᲂ मᱶ नीित का िविन᳟य कर सकेगा। ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 27

(iv) जहां िकसी कमर्चारी को हस्तगत महत्वपूणर् कायर् को गंभीर नुकसान पहुचंाए िबना कायर्मुᲦ नहᱭ िकया जा सकता ह,ै वहां उसके आवेदन को रोका जा सकता ह।ै

2. सघं लोक सवेा आयोग ᳇ारा िवज्ञािपत पदᲂ के िलए आवदेन संस्थान के कमर्चारी संघ लोक सेवा आयोग ᳇ारा िवज्ञािपत पदᲂ के िलए सीधे आवेदन पᮢ कर सकते ह ᱹ ᳴कंतु उन्हᱶ इसकी सूचना िवभागाध्यक्ष और िनदशेक को दनेी चािहए। तत्प᳟ात् उसे ऐसी िनयुिᲦ के िलए िकन्तु साक्षात्कार के िलए उपिस्थत होने से पूवर् अनुज्ञा ᮧा᳙ करनी चािहए।

3. अन्य रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थानो/केन्ᮤीय िव᳡िव᳒ालयᲂ और अन्य तुल्य उᲬतर िशक्षा संस्थाᲐ मᱶ पदः (क) स्थायी कमर्चारी से ᮧा᳙ आवेदन पᮢ के साथ यह वचनबंध संलᲨ होना चािहए िक वह या तो संबंिधत रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे मᱶ पुनः पद ᮕहण करेगा या तीन वषर् के प᳟ात् रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान मᱶ उके ᳇ारा धािरत पद से त्यागपᮢ दगेा। (ख) अस्थायी कमर्चारी को उसके चयन और नई िनयुिᲦ की स्वीकृित की दशा मᱶ त्यागपᮢ दनेे का एक वचनबंध देना चािहए। खुले िवज्ञानपनᲂ के संबंध मᱶ िवदशेी समनुदशेनः (क) कमर्चारी, अध्यक्ष, शासी बोडर् की पूवर् अनुज्ञा से आवेदन कर सकता ह ै िजसकी पिु᳥ शासी बोडर् ᳇ारा की जाए। (ख) यिद समय का अभाव ह,ै तो एक अिᮕम ᮧित संब᳍ अिभकरण को, उिचत माध्यम से अनुमोदन के िलए अध्यक्ष शासक बोडर् को ᮧित देते हुए भेजी जा सकती ह।ै (ग) ऐसे कमर्चारी पर संब᳍ रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे के शासकीय नामिनदᱷिशती के रूप मᱶ िवचार नहᱭ िकया जाएगा। वे पद िजन्हᱶ िवज्ञािपत या पिरचािलत नहᱭ िकया गया हःै आवेदन अᮕेिषत नहᱭ िकया जाएगा। रोजगार कायार्लय मᱶ रिजस्ᮝीकरण अस्थायी कमर्चारी अनुमित लेकर नाम रिजस्ᮝार करा सकते ह ᱹ िकन्तु उन्हᱶ चयन हो जाने पर त्यागपᮢ दनेा चािहए। स्थायी कमर्चारी अपना नाम िन᳜िलिखत दशाᲐ मᱶ रिजस्टर करा सकता हःै (क) केवल सरकारी/पिब्लक सेक्टर उपᮓम/ स्वायᱫ िनकाय के अधीन उᲬतर पद के िलए हो, (ख) रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान, आंᮥ ᮧदशे से अनापिᱫ ᮧमाण पᮢ ᮧस्तुत िकए जाने पर और (ग) एक वचनबंध देकर िक वह नए पद को ᮕहण करने के तीन वषर् पूरे हो जाने पर या तो संबं᳍ रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी ससं्थान मᱶ पुनः पद ᮕहण करेगा या उससे त्यागपᮢ दगेा। (घ) जब कोई कमर्चारी अपने मूल कायार्लय मᱶ पुनः पद ᮕहण करता ह ै तो उसे रोजगार कायार्लय मᱶ पुनः अपना नाम रिजस्टर कराने के िलए तीन वषर् की अविध तक “अनापिᱫ ᮧमाण पᮢ” ᮧदान नहᱭ िकया जाएगा। ऐसा कमर्चारी जो िनलंबनाधीन ह ैया िजसे आरोप पᮢ जारी िकया गया हःै कोई आवेदन अᮕेिषत नहᱭ िकया जाना चािहए यिद कमर्चारी िनलंबनाधीन रहता ह ै या उसे आरोप पᮢ जारी िकया गया ह/ै आरोप पᮢ न्यायालय मᱶ फाइल िकया गया ह ैया उसके अिभयोजन के िलए मंजूरी दे दी गई ह।ै 28 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] ऐसे कमर्चारी िजनका आचरण अन्वेषणाधीन हःै ऐसे िकसी कमर्चार का आवेदन िजसाक आचरण अन्वेषणाधीन ह,ै अिभकथनᲂ की ᮧकृित पर सिंक्ष᳙ िटप्पिणयᲂ सिहत और इस िटप्पण के साथ िक उसे तब तक मुᲦ नहᱭ िकया जाएगा यिद कमर्चारी िनलंिबत िकया गया ह ैया कमर्चारी के िखलाफ अनुशासनात्मक कायर्वाही लंिबत होती ह ै या उसे आरोप पᮢ जारी िकया गया ह/ैआरोप पᮢ न्यायालय मᱶ फाइल िलया गया ह ैया उसके अिभयोजन के िलए मंजूरी उसके चयन से पूवर् ᮧदान की गई ह,ै अᮕेिषत िकया जा सकेगा। “अनसुचूी ‘ङ’ [पिरिनयम 23(5)(क) दखेᱶ] शिैक्षक कमर्चािरवृंद की िनयिुᲦ के िलए अहर्ता और अन्य िनबंधन और शत ᱸ ᮓम स.ं पदनाम, वतेन बडᱹ और शिैक्षक ᮕडे वतेन अिनवायर् अहर्ता अिनवायर् अपके्षाएं सिंचत अिनवायर् ᮓेिडट पाइंट

(1) (2) (3) (4) (5)

1. * सहायक ᮧोफेसर (संिवदा पर) 6,000 रुपए ᮕडे वतेन सिहत वेतन बᱹड – 3 पीएचडी कुछ नहᱭ कुछ नहᱭ

2. * सहायक ᮧोफेसर (संिवदा पर) 7,000 रुपए ᮕडे वतेन सिहत वेतन बᱹड – 3 पीएचडी िकसी िवख्यात संस्थान या उ᳒ोग मᱶ पीएचडी प᳟ िशक्षा और अनुसंधान का एक वषर् का अनुभव 10

3. * सहायक ᮧोफेसर (संिवदा पर) 8,000 रुपए ᮕडे वतेन सिहत वेतन बᱹड – 3 मᱶ न्यूनतम वेतन 30,000 रुपए पीएचडी पीएचडी के प᳟ात् तीन वषर् का अनुभव या िकसी िवख्यात शैिक्षक संस्थान/अनसंुधान एव ं िवकास ᮧयोगशाला या सुसंगत उ᳒ोग मᱶ कुल छह वषर् का िशक्षण और अनसुंधान का अनुभव 20

4. एसोिसएट ᮧोफेसर, 9,500 रुपए ᮕडे वेतन सिहत, न्यनूतम वेतन 42,800 रुपए के साथ वतेन बडᱹ – 4 पीएचडी पीएचडी के प᳟ात् 8,000 रुपए शैिक्षक ᮕडे वतेन सिहत सहायक ᮧोफेसर के स्तर पर छह वषर् या कुल 9 वषर् का कायर् अनुभव, िजसमᱶ से तीन वषर् का अनुभव पीएचडी के प᳟ात् होना चािहए, 8,000 रुपए शैिक्षक ᮕडे वेतन के साथ सहायक ᮧोफेसर के स्तर पर कम से कम तीन वषर् का अनुभव 50

5. ᮧोफेसर 10,500 रुपए ᮕडे वेतन सिहत वेतन बडᱹ – 4 मᱶ न्यूनतम वेतन 48,000 रुपए पीएचडी पीएचडी के प᳟ात् 10 वषर् या 13 वषर् का कुल अनुभव, िजसमᱶ स े 7 वषर् का अनुभव पीएचडी के प᳟ात ्होना चािहए । िजसमᱶ से 9,500 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन के साथ एसोिसएट ᮧोफेसर के स्तर पर कम से कम तीन वषर् या 9,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन के साथ एसोिसएट ᮧोफेसर के स्तर पर या िकसी िवख्यात संस्थान या अनुसधंान एव ं िवकास ᮧयोगशाला या सुसंगत उ᳒ोग मᱶ 9000 और 9500 80 ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 29 रुपए के संयोजन मᱶ चार वषर् का अनुभव

6. ᮧोफेसर (उᲬतर ᮧशासिनक ᮕेड वेतनमान) 67,000-79,000 रुपए पीएचडी रा᳦ीय महᱫा के िकसी संस्थान मᱶ ᮧोफेसर के रूप मᱶ 10,000 रुपए या 10,500 रुपए या 10,000 रुपए और 10,500 रुपए के संयोजन मᱶ शैिक्षक ᮕडे वतेन के साथ 6 वषर् का अनुभव 150 िटप्पण 1 :

(1) ᮕेड वेतन मᱶ कोई पिरवतर्न खुले िवज्ञापन के माध्यम से िकया जाएगा और सम्यकत: गिठत चयन सिमित िसवाय वहां जहां िविन᳸दर᳥् रूप से इन िनयमᲂ ᳇ारा छूट ᮧदान की गई हो, की िसफािरशᲂ पर िकया जाएगा ।

(2) सभी नए भतᱮ िकए गए ᳞िᲦयᲂ के पास ससुंगत या समतुल्य िवषय मᱶ पीएचडी होगी और उनके पास पूवर्वतᱮ िडिᮕयᲂ मᱶ ᮧथम ᮰ेणी होगी ।

(3) िव᳒मान संकाय के सदस्य, िजन्हᲂने संस्थान मᱶ अपने साधारण िशक्षण भार के साथ या Ფािलटी सुधार कायर्ᮓम मᱶ पीएचडी पूरी की ह,ै पीएचडी मᱶ नामांकन अविध को िशक्षण अनुभव के िलए गणना मᱶ िलया जाएगा ।

(4) संस्थान ᮧशासन मᱶ योगदान की संबंिधत अध्यक्ष ᳇ारा िसफािरश की जाएगी और िनदशेक ᳇ारा उसका अनुमोदन िकया जाएगा । िवभागीय ᮧशासन मᱶ योगदान की िसफािरश संबंिधत अध्यक्ष ᳇ारा की जानी चािहए और उसका अनुमोदन िनदशेक ᳇ारा िकया जाना चािहए ।

(5) उन िवभागᲂ, िजनमᱶ कोई िरिᲦ नहᱭ ह,ै उᲬतर शैिक्षक ᮕेड वेतन या कैडर मᱶ संचलन को िविन᳸दर᳥् चयन ᮧिᮓया के अनुसार िकया जाएगा ᳴कंतु यह संबंिधत िवभागᲂ के सेवारत संकाय सदस्यᲂ तक ही िनबᲈिधत होगा ।

(6) स्थायी संकाय सदस्य, िजनके पास दस वषर् से अिधक अनुभव ह ै᳴कंतु िजन्हᲂने इस अिधसूचना की तारीख को पीएचडी अिजर्त नहᱭ की ह,ै को िन᳜िलिखत मानकᲂ के अनुसार एकमुश्त उपाय के रूप मᱶ चार चरणीय नम्य ᮧणाली मᱶ रखा जाएगा :

क) पचास वषर् या अिधक आय ुके स्थायी सकंाय सदस्य :

(i) 7,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन सिहत सहायक ᮧोफेसरᲂ को 8,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन वाले सहायक ᮧोफेसर के स्तर मᱶ रखा जाएगा ᳴कंतु यह िक उनके पास उनके जीवनकाल मᱶ कम स ेकम दस ᮓेिडट पाइंट हᲂ ।

(ii) 8,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन सिहत सहायक ᮧोफेसरᲂ को 9,500 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन वाले एसोिसएट ᮧोफेसर के स्तर मᱶ रखा जाएगा ᳴कंतु यह िक उनके पास उनके जीवनकाल मᱶ कम से कम पᲬीस ᮓेिडट पाइंट हᲂ ।

(iii) 9,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन सिहत एसोिसएट ᮧोफेसरᲂ को 9,500 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन वाले एसोिसएट ᮧोफेसर के स्तर मᱶ रखा जाएगा ᳴कंतु यह िक उनके पास उनके जीवनकाल मᱶ कम से कम पᲬीस ᮓेिडट पाइंट हᲂ :

30 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] परंतु यह िक वह कानून के अधीन सम्यकत: गिठत चयन सिमित के माध्यम से उपयुᲦ पाया जाता ह ै। ख) पचास वषर् से कम आयु के स्थायी संकाय सदस्यᲂ को िकसी भी भारतीय ᮧौ᳒ोिगकी संस्थान/रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी ससं्थान मᱶ पीएचडी करने के िलए ᮧायोिजत िकया जाएगा, उन्हᱶ संबंिधत रा᳦ीय ᮧौ᳒ोिगकी ससं्थान से तीन वषर् का अध्ययन अवकाश दनेे के िलए सम्यकत: संदाय ᮧदान िकया जाएगा और पीएचडी पूरा करने पर वह नए भतᱮ िनयमᲂ के अनुसार चार चरणीय ᮧणाली मᱶ जाने के िलए ᮧितस्पधार् करᱶगे ।

(7) भवन िवन्यास िवभाग मᱶ संकाय के िलए सहायक ᮧोफेसर स्तर पर ᮓेिडट पाइंटᲂ की आवश्यकता पर बल न दतेे हुए िन᳜िलिखत अिनवायर् अहर्ता होगी :

(i) एक वषर् के ᳞वसाियक अनुभव के साथ एम आकर् या एम प्लान : 6,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन मᱶ सहायक ᮧोफेसर ;

(ii) दो वषर् के ᳞वसाियक अनुभव के साथ एम आकर् या एम प्लान : 7,000 रुपए शैिक्षक ᮕेड वेतन मᱶ सहायक ᮧोफेसर ;

(iii) उᲬतर संवगᲄ के िलए शैिक्षक अहर्ताएं और ᮓेिडट पाइंट आवश्यकता वहᱭ रहगेी जो इंजीिनयरी और िवज्ञान के िलए सारणी मᱶ दी गई ह ै। िटप्पण 2 : ᮓेिडट पाइंट ᮧणाली िन᳜िलिखत ᮓेिडट पाइंट ᮧणाली होगी । ᮓम स.ं कायर्कलाप ᮓेिडट पाइंट

1. एक बा᳭ ᮧायोिजत अनुसंधान एवं िवकास पिरयोजना पूरी की हो या चल रही हो या कोई पटेᱶट अनुदᱫ िकया गया हो ᮧित पिरयोजना आठ ᮓेिडट पाइंट या आिवष्कारक के रूप मᱶ ᮧित पेटᱶट आठ ᮓेिडट पाइंट (िकसी पिरयोजना मᱶ एक स े अिधक ᳞िᲦयᲂ की दशा मᱶ, ᮧधान अनुसंधानकतार् को पांच ᮓेिडट पाइंट िमलᱶग े और शेष को अन्य सदस्यᲂ के बीच बराबर िवभािजत कर िदया जाएगा ।

2. परामशर् सेवाएं 10 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए, 5 लाख रुपए के परामशर् के िलए दो ᮓेिडट पाइंट की दर स े

3. पूरी की गई पीएचडी (िजसके अंतगर्त शोध जमा करन े के मामले ह)ᱹ ᮧित पीएचडी िव᳒ाथᱮ 8 ᮓेिडट पाइंट (एक से अिधक पयर्वेक्षकᲂ की दशा मᱶ गाइड (पहला पयर्वके्षक) ᮧित िव᳒ाथᱮ 5 ᮓेिडट पाइंट लेगा और शषे को अन्य पयर्वेक्षकᲂ के बीच बराबर िवभािजत कर िदया जाएगा)।

4. िवज्ञान उ᳍रण इंडेक्स या स्कोप्स जनर्ल मᱶ एक पपेर (संदᱫ जनर्ल अनुज्ञात नहᱭ) अंितम ᮧो᳖ित से ᮧित पपेर चार पाइंट । ᮧथम लेखक या मुख्य पयर्वेक्षक दो पाइंट ᮧा᳙ करेगा और शषे पाइंटᲂ को अन्य के बीच िवभािजत कर िदया जाएगा ।

5. एक सगंो᳧ी पपेर, िजसे िवज्ञान उ᳍रण इंडेक्स या स्कोप्स या वेब ऑफ साइंस संगो᳧ी या कोई अतंरार᳦्ीय िवख्यात संगो᳧ी अिधकतम 10 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत ेहुए ᮧित पपेर 1 ᮓेिडट पाइंट । ᮧथम लेखक या मुख्य पयर्वेक्षक 0.6 पाइंट ᮧा᳙ करेगा और शेष पाइंटᲂ को अन्य के बीच िवभािजत कर िदया जाएगा ।

6. िवभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष, मुख्य वाडर्न, भारसाधक ᮧोफेसर (ᮧिशक्षण एव ं प्लेसमᱶट) सलाहकार (संपदा), मुख्य सतर्कता अिधकारी, पीआई (परीक्षा), टीईक्यूआईपी अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 16 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 2 पाइंट ¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 31 (समन्वयक)

7. वाडर्न, सहायक वाडर्न, एसोिसएट सकंायाध्यक्ष, अध्यक्ष या संयोजक, संस्थान शैिक्षक सिमितयां, संकाय ᮧभारी, कंप्यूटर कᱶ ᮤ या सचूना और ᮧौ᳒ोिगकी सेवाए ं या पुस्तकालय या ᮧवेश या िव᳒ाथᱮ कायर्कलाप और अन्य संस्थािनक कायर्कलाप अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 8 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित सेमेस्टर 1 पाइंट

8. िविभ᳖ स्थायी सिमितयᲂ और िवशेष सिमित के अध्यक्ष और संयोजक (पदने िस्थित पर िवचार नहᱭ िकया जाएगा) िविभ᳖ इकाईया ंया समतुल्य के (ᮧत्येक एक वषर् की अविध के िलए) सकंाय ᮧभारी अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 3 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत े हुए ᮧित सेमेस्टर 0.5 पाइंट

9. िवभागाध्यक्ष ᳇ारा पहचान िकए गए िवभागीय कायर्कलाप जैसे न्यूनतम एक वषर् की अविध के िलए ᮧयोगशाला या िवभाग स्तरीय सिमित के ᮧभारी अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 3 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित सेमेस्टर 0.5 पाइंट

10. कायर्शाला या संकाय िवकास कायर्ᮓम या न्यूनतम पांच कायर्िदवस की अविध के लघु अविध पाᲹᮓम, िजनका समन्वयक या सयंोजक के रूप मᱶ ᮧस्ताव िकया गया ह ै अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 8 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित पाᲹᮓम 2 पाइंट

11. पाᲹᮓम समन्वयक के रूप मᱶ शैिक्षक नेटवकᲄ आिद की वैि᳡क पहल, जसैे रा᳦ीय कायर्ᮓम संचािलत करने के िलए दो स᳙ाह की अविध के कायर्ᮓम एक स᳙ाह की अविध का कायर्ᮓम अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 4 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत े हुए ᮧित सेमेस्टर 2 पाइंट अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 2 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत ेहुए ᮧित सेमेस्टर 1 पाइंट

12. अध्यक्ष या सिचव के रूप मᱶ आयोिजत रा᳦ीय या अंतरार᳦्ीय संगो᳧ी अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 6 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित सेमेस्टर 3 पाइंट

13. िकसी िदए गए संवगर् के िलए अपेिक्षत न्यूनतम सुसंगत िशक्षण अनुभव से अिधक सवेा अविध अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 10 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 2 पाइंट

14. नई ᮧयोगशालाᲐ की स्थापना अंितम ᮧो᳖ित से 4 ᮓेिडट पाइंट

15. छह ᮓेिडट घंटᲂ के पाᲹᮓम स ेअिधक िस᳍ांत िशक्षण अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 6 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत े हुए ᮧित सेमेस्टर 1 पाइंट

16. ᳩातकोᱫर मागर्दिशर्त िनबंध अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 10 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 0.5 पाइंट

17. ᳩातक पिरयोजनाएं अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 4 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित सेमेस्टर 0.25 पाइंट

18. िवख्यात अतंरार᳦्ीय ᮧकाशकᲂ से सुसंगत िवषयᲂ पर ᮧकािशत पाᲹ या संदभर् पुस्तकᱶ अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 18 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 6 पाइंट

19. िवख्यात अतंरार᳦्ीय ᮧकाशकᲂ स े सुसंगत िवषयᲂ पर ᮧकािशत पाᲹ या संदभर् पुस्तकᱶ या िवख्यात अंतरार᳦् ीय ᮧकाशकᲂ ᳇ारा ᮧकािशत पुस्तकᲂ मᱶ पुस्तक अध्याय अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 6 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत े हुए ᮧित सेमेस्टर 2 पाइंट

20. महत्वपूणर् आउटिरच संस्थान बा᳭ कायर्कलाप अंितम ᮧो᳖ित स ेअिधकतम 4 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहत े हुए ᮧित सेमेस्टर 1 पाइंट

21. आईईईई, एफएनए, एफएनएई, एफएनएएससी का फेलो 10 ᮓेिडट पाइंट 32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

22. प्लेसमᱶट ᮧितशत (केवल प्लसेमᱶट कक्ष अिधकािरयᲂ या प्लसेमᱶट के संकाय ᮧभारी के िलए) 85 ᮧितशत से अिधक अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 20 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 4 पाइंट 75 ᮧितशत – 84 ᮧितशत (ᮧितशत उᱫीणर् होने वाले िव᳒ािथर्यᲂ की कुल संख्या और एकल जॉब ᮧस्ताव पर आधािरत होगा) अंितम ᮧो᳖ित से अिधकतम 10 ᮓेिडट पाइंटᲂ के अधीन रहते हुए ᮧित समेेस्टर 2 पाइंट [सं. एफ. 31-8/2016-टीएस.III] आर. सुᮩहमिनयम, अपर सिचव MINISTRY OF HUMAN RESOURCE DEVELOPMENT (Department of Higher Education ) NOTIFICATION New Delhi, the 2nd August, 2017 G.S.R. 988(E).—In exercise of the powers conferred by sub-section (1) of section 26 of the National Institutes of Technology, Science Education and Research Act, 2007 (29 of 2007) the Central Government, with the prior approval of the Visitor, hereby makes the Statutes for National Institute of Technology, Andhra Pradesh, namely:-

1. Short title, extent and commencement:- (1)These Statutes may be called the Statutes of the National Institute of Technology, Andhra Pradesh, 2017.

(2) They shall apply to the National Institute of Technology, Andhra Pradesh.

(3) They shall come into force on the date of their publication in the Official Gazette.

2. Definitions.- (1) In these Statutes, unless the context otherwise requires, -

(a) “Act” means the National Institutes of Technology, Science Education and Research Act, 2007 (29 of 2007);

(b) “Authorities”, “Officers” and “Faculty Members” mean, respectively, the authorities, officers and faculty members of the Institute;

(c) “Board means the Board of Governors of the Institute;

(d) “Building and Works Committee” means the Building and Works Committee of the Institute constituted under Statute 12;

(e) “Centre” means an academic unit of the Institute engaged in academic activities (like teaching, research, etc.) generally of an inter-disciplinary nature;

(f) “Council means the Council of the Institute;

(g) “Department” means an academic unit of the Institute engaged in academic activities (like teaching, research, etc) generally relating to a particular discipline or area;

(h) “Finance Committee” means the Finance Committee of the Institute constituted under Statute 10;

(i) “Head of a Department or Centre”, by whatever name called, means the person appointed to head the Department or Centre, as the case may be, under Statute 20;

(j) “Programme” means an academic programme of the Institute;

(k) “rules” mean the rules made under the Act;

(l) “Schedule” means Schedule annexed to these Statutes.

¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 33

(2) Words and expressions used herein and not defined but defined in the Act, shall have the meanings respectively assigned to them in the Act.

3. Authorities.- The following shall be the authorities of the Institute, namely:-

(i) the Board of Governors as constituted under Section 11 of the Act;

(ii) the Senate as constituted under Section 14 of the Act;

(iii) the Finance Committee, as constituted under Statute 10; and

(iv) the Building and Works Committee as constituted under Statute 12.

4. Board of Governors and meetings thereof.- (1) The bodies entitled to nominate or elect representatives of the Board shall be invited by the Registrar to do so within a period not exceeding eight weeks from the date on which such invitations are issued by him.

(2) Casual vacancies on the Board shall be filled up by following the procedure specified under Sub- Statute (1).

(3) The Board shall ordinarily meet four times during a calendar year.

(4) Meetings of the Board shall be convened by the Chairperson, either on his own motion or at the request of the Director or on a requisition signed by not less than four members of the Board.

(5) Six members shall form a quorum for a meeting of the Board :

Provided that if a meeting is adjourned for want of quorum, it shall be held on the same day in the next week at the same time and place or on such other day, time and place, as the Chairperson may determine, and if at such a meeting, a quorum is not present within half-an-hour from the scheduled time for holding a meeting, the members present shall form the quorum.

(6) All questions considered at the meetings of the Board shall be decided by a majority of the votes of the members present including the Chairperson and if the votes be equally divided, the Chairperson shall have a casting vote.

(7) The Chairperson, if present, shall preside over every meeting of the Board :

Provided that in the absence of the Chairperson, the members present shall elect a member from amongst themselves to preside at the meeting.

(8) A written notice of every meeting shall be sent by the Registrar to every member at least fifteen days before the date of the meeting mentioning therein the place, date and time of the meeting :

Provided that the Chairperson may call a special meeting of the Board at short notice to consider urgent issues.

(9) The notice may be delivered either by hand or sent by registered post or e-mail or fax, at the address of each member as recorded in the office of the Board and if so sent, shall be deemed to be duly delivered at the time at which notice would be delivered in the ordinary course of post.

(10) Agenda of the meeting shall be circulated by the Registrar to all members at least ten days before the meeting.

(11) Notices of motions for inclusion of any item on the agenda shall reach the Registrar at least one week before the meeting :

Provided that the Chairperson may, permit inclusion of any item for which due notice has not been received.

(12) The ruling of the Chairperson with regard to all questions of procedure shall be final.

(13) The minutes of the proceedings of a meeting of the Board shall be drawn up by the Registrar and circulated to all members of the Board present in India and the same along with any amendment suggested shall be placed before the Board in its next meeting for confirmation and after the minutes are confirmed and signed by the Chairperson, they shall be recorded in the minute book.

(14) The minute book shall be kept open for inspection of the members of the Board and the Council at all times during office hours.

34 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(15) If a member of the Board fails to attend three consecutive meetings without leave of absence from the Board, he shall cease to be a member of the Board.

(16) No matter concerned with finance shall be placed before the Board unless the same has been considered by the Finance Committee.

(17) No matter which is required to be first considered by the Building and Works Committee shall be placed before the Board unless the same has been considered by the Building and Works Committee after obtaining the administrative approval of the Board.

5. Powers of the Board.- In addition to the powers provided under sub-section (1) of section 13 of the Act, the Board shall be empowered,-

(i) to abolish, re-designate or change the nomenclature of any post in the Institute;

(ii) to make, modify or cancel any Statute with the approval of the Visitor from time to time :

Provided that the new Statute, additions or amendments of existing Statute shall be applicable only after the assent of the visitor; and

(iii) to make, modify and cancel all or any ordinances on recommendation of the Finance Committee or Senate of the Institute subject to the condition that making, modification and cancellation shall not be in contravention of the Act and the Statutes made thereunder.

6. Authentication of Orders of the Board.- All orders and decisions of the Board shall be authenticated by the signature of the Director. In absence of the Director, the Registrar or any person-authorised by the Board in this behalf.

7. Senate.- (1)The Senate shall meet as often as necessary but ordinarily not less than four times during a calendar year.

(2) Meetings of the Senate shall be convened by the Chairman of the Senate either on his own motion or on a requisition signed by not less than one fifth of the members of the Senate.

(3) The meeting Governed on requisition shall be a special meeting to discuss only those items of agenda for which requisition is given and shall necessarily be chaired by the Director on convenient date and time.

(4) One third of the total number of members of the Senate shall form a quorum for a meeting of the Senate.

(5) The Director shall preside over every meeting of the Senate:

Provided that in the absence of the Director, Deputy Director shall preside and in the absence of both the Director and the Deputy Director, the senior most Professor present shall preside over the meeting.

(6) A written notice of every meeting together with the agenda shall be circulated by the Registrar to the members of the Senate at least a week before the meeting:

Provided that the Chairman of the Senate may permit inclusion of any item for which due notice has not been given.

(7) Notwithstanding the provisions of sub-statute (6), the Director may call an emergency meeting of the Senate at short notice to consider urgent special issues.

(8) The ruling of the Chairman of the Senate with regard to all questions of procedure shall be final.

(9) The minutes of the proceedings of a meeting of the Senate shall be drawn up by the Registrar in consultation with Dean (Academics) and circulated to all the members of Senate present in India:

Provided that no such minutes shall be circulated, if the Senate considers such circulation prejudicial to the interests of the Institute or the Central Government.

¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 35

(10) The minutes, along with amendments, if any, suggested shall be placed for confirmation at the next meeting of the Senate and after the minutes are confirmed and signed by the Chairperson of the Senate, they shall be recorded in a minute book which shall be kept open for inspection of the members of the Senate, the Board and the Council at all times during office hours.

8. Powers of the Senate.- Subject to the provisions of the Act, the Senate shall have the powers to -

(i) frame and revise curricula and syllabi for the courses of studies for the various Departments and Centres;

(ii) make arrangements for the conduct of examinations; appointment of examiners, moderators, tabulators and other matters relating to the examinations;

(iii) declare the results of the examinations or to appoint Committees or officers to do so and to make recommendations to the Board regarding conferment or grant of degrees, diplomas and other academic distinctions or titles;

(iv) appoint Advisory Committees or Expert Committees or both for the Departments or Centres of the Institute to make recommendations on academic matters connected with the working of the Departments or Centres;

(v) appoint Committees from amongst the members of the Senate, other teachers of the Institute and experts from outside to advise on such specific and important academic matters as may be referred to any such Committee by the Senate;

(vi) consider the recommendations of the Advisory Committees attached to various Departments or Centres and that of Expert and other Committees and take such action (including the making of recommendations to the Board) as warranted by each case;

(vii) make periodical review of the activities of the Departments or Centres and take appropriate action (including the making of recommendations to the Board);

(viii) supervise the working of the Library of the Institute;

(ix) promote research and academic development or activity within the Institute and seek reports on such research or academic development or activity from the persons engaged therein;

(x) provide for the inspection of the class rooms, Laboratories, Library and the residential hostels;

(xi) plan co-curricular activities of students of the Institute;

(xii) award stipends, scholarships, medals and prizes and make other awards in accordance with such conditions as may be attached to the awards;

(xiii) make recommendations to the Board with regard to the creation or restructuring of Departments or Programmes or Centres and the abolition of existing Departments or Centres thereof;

(xiv) make recommendations to the Board to disseminate knowledge through distance learning mode to various parts of the State or country or abroad;

(xv) invite up to two student representatives during discussion of general nature not involving policy or disciplinary matters in the Senate meetings.

9. Chairman of the Senate to exercise powers in emergency.- If, in the opinion of the Chairman of the Senate, any emergency has arisen which requires immediate action, he may take such action as he deems necessary and shall report the same for approval to the Senate in its next meeting.

10. Finance Committee.- (1) There shall be a Finance Committee consisting of the following members, namely:-

(i) the Chairperson of the Board of Governors, ex-officio Chairman;

(ii) the Director, ex-officio member;

(iii) Joint Secretary dealing with National Institutes of Technology or his nominee and Financial Advisor (Human Resource Development) or his nominee, ex-officio members;

(iv) two persons nominated by the Board from amongst its members; and

(v) the Registrar, ex-officio, Member-Secretary:

Provided that in addition to the above, the Chairman may invite an expert as special invitee, however, the special invitee may not have voting rights.

36 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(2) All financial proposals shall be placed before the Finance Committee prior to being placed before the Board for consideration and approval.

(3) The Finance Committee shall meet ordinarily four times in a year preferably before the meeting of the Board of Governors.

(4) Four members of the Finance Committee shall form a quorum for a meeting of the Finance Committee.

(5) The Chairman, shall preside over the meetings of the Finance Committee and in his absence, the Director shall preside over the meetings.

(6) The provisions in these Statutes regarding notices of the meeting, inclusion of items in the agenda and confirmation of the minutes applicable to the meetings of the Board shall, so far as practicable may be, followed in connection with the meetings of the Finance Committee.

(7) A copy of the minutes of every meeting of the Finance Committee shall be placed before the Board.

11. Powers of the Finance Committee.- The Finance Committee shall have power to -

(i) examine and scrutinise the annual budget of the Institute prepared by the Director and make recommendations to the Board; and

(ii) give its views and make its recommendations of the Board on any financial proposals or issues affecting the Institute to the Board either on the initiative of the Board or of the Director, or on its own motion.

12. Building and Works Committee.- (1) There shall be a Building and Works Committee for each Institute, consisting of following members, namely:-

(i) the Director, ex-officio Chairperson;

(ii) Director or Deputy Secretary or his nominee dealing with the National Institutes of Technology in the Ministry and Director or Deputy Secretary or his nominee dealing with Finance of National Institutes of Technology in the Ministry as ex-officio members of the Central Government;

(iii) one member nominated by the Board of Governors;

(iv) Registrar, ex-officio, Member Secretary;

(v) Dean, planning and development or similar position - Member; and

(vi) one expert each from Civil and Electrical Engineering Wing of Central or State Government or any autonomous body of repute - Member.

(2) The Building and Works Committee shall meet as often as necessary but ordinarily not less than four times in a year.

(3) Four members shall form a quorum for a meeting of the Building and Works Committee.

(4) The provisions in these Statutes regarding notice of meeting, inclusion of items in the agenda and confirmation of the minutes applicable to the meeting of the Board shall, as far as practicable may be followed in connection with meetings of the Building and Works Committee also.

(5) A copy of the minute of every meeting of the Building and Works Committee shall be placed before the Board together with the recommendations of the Finance Committee on specific proposal or proposals which requires approval of the Board.

13. Powers and functions of the Building and Works Committee.- (1) The Building and Works Committee shall,-

(i) under the directions of the Board, undertake construction of all major works, after the necessary administrative approval and expenditure sanction from the Board;

(ii) have the power to give the necessary administrative approval and expenditure sanction for minor works and works pertaining to repair and maintenance, within the approved budgetary provision of the Institute;

Provided that the Board shall define the minor work and minor repair and maintenance in terms of quantum or expenditure.

¹Hkkx IIμ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 37

(iii) cause to prepare estimates of cost of buildings and other capital works, minor works, repairs, maintenance and the like. The Building and Works Committee shall approve the cost estimates for minor works, minor repairs and maintenance;

(iv) be responsible for making technical scrutiny of the design, estimates and specifications of the material as may be considered necessary;

(v) be responsible for enlistment of suitable contractors and acceptance of tenders and shall have the power to give directions for departmental works where necessary duly recommended by the Dean (Planning and Development) of the Institute;

(vi) have the power to settle rates not covered by tender and settle claims and disputes with contractors;

(2) If, in the opinion of the Chairperson of the Building and Works Committee, any emergency has arisen which requires immediate action to be taken, he shall take such action and report the same to the Building and Works Committee, Finance Committee and the Board at their next meetings.

(3) The Building and Works Committee shall also perform such functions and exercise such powers as may be entrusted by the Board, from time to time.

14. Powers of the Chairperson, Board of Governors.- In addition to the powers provided under the Act, the Chairperson of the Board shall have the following powers, namely:-

(i) on the recommendations of the Selection Committee, fixing the initial pay of an incumbent at a stage higher than the minimum of the scale in respect of posts to which the appointments can be made by the Board under the provisions of the Act;

(ii) deputing members of the staff, except the Director, of the Institute for training or for a course of instruction, outside India subject to such terms and conditions as may be laid down by the Board from time to time:

Provided that the visit abroad by the Director shall be approved by the Chairman, National Institutes of Technology, Science Education and Research Council;

(iii) he shall execute the contract of service between the Institute and the Director on behalf of the Central Government, but he shall not be personally liable of anything under such contract; and

(iv) taking action in emergent cases and to inform the Board of such action for confirmation and ratification.

15. Travelling allowances and sitting fees.- The Members of the Board and other authorities of the Institute and members of the Committees constituted under the Act or these Statutes or appointed by the Board and other authorities shall be entitled to traveling allowance, daily allowance and sitting fee for attending the meetings of the authorities and their Committees as laid down by the Board from time to time.

16. Departments and Centres.- The Institute shall be organised into such number of Departments and Centres, to be known by such names, as the Board may, within the budgetary provision, approve from time to time, on the recommendations of the Senate.

17. The Director and his powers.- (1) The Director of the Institute shall be appointed by the Visitor on contract basis on the recommendation of a Search cum Selection Committee constituted by him consisting of at least five members. The Chairperson of the Council shall be its Chairperson and the Secretary of the Department of Higher Education or his representative shall be one its members besides three other experts in the field of technical education with experience at national and international level.

(2) The Director shall be appointed for a period of five years and shall be governed by the terms and conditions of the Contract of Service entered into between the Institute and the Director in the form specified in Schedule’A.’

(3) Subject to the budget provisions made for the specific purpose, the Director shall have the power to incur expenditure in accordance with the procedure as may be laid down in the ordinances.

(4) The Director shall have the power to appropriate funds with respect to different items constituting the recurring budget up to a limit specified for the Head of Department in the Central Government for each item:

Provided that such appropriation shall not involve any increase in the budget and any liability in future years:

38 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

Provided further that every such appropriation shall, as soon as possible, be reported to the Board.

(5) The Director shall have the power to write off irrecoverable losses up to a limit of ten thousand rupees and of irrecoverable value of store items lost or rendered unserviceable due to normal wear and tear or obsolete up to a limit of twenty five thousand rupees subject to such stipulations as may be made by the Board from time to time.

(6) The Director shall have the power to donate obsolete equipment or store items, as identified by a Committee constituted for this purpose by the Director, to any educational institution in the vicinity of the Institute up to such limits as may be decided by the Board from time to time.

(7) The Director, where he is the appointing authority, shall have the power to fix, on the recommendations of the Selection Committee, the initial pay of an incumbent at a stage higher than the minimum of the scale, but not involving more than five increments, in respect of posts to which appointment may be made by him under the powers vested in him by the provision of the Act or these Statutes.

(8) The Director shall have the power to employ Teaching Supporting Staff in the Laboratories, Technicians or Technical Instructors and Skilled Workmen, paid from contingencies from time to time, for not more than one year on such remuneration as may be decided by the Board.

(9) The Director shall have the power to send members of the staff for training or to attend course of instruction inside India subject to such terms and conditions as may be specified by the ordinances.

(10) The Director shall have the power to sanction temporary allocation of any building for any purpose other than that for which it was constructed.

(11) If for any reason the Registrar is temporarily absent for a period not exceeding one month, the Director may take over or assign to any faculty member or member of staff of the Institute, any of the functions of the Registrar as he deems fit:

Provided that if at any time the temporary absence of the Registrar exceeds one month, the Board may, if it thinks fit, authorise the Director to take over or assign the functions of the Registrar, for a period exceeding one month.

(12) All contracts for and on behalf of the Institute except the one between the Institute and the Director shall when authorised by a resolution of the Board passed in that behalf in writing and expressed to be made in the name of the Institute and every such contract shall be executed on behalf of the Institute by the Director, but the Director shall not be personally liable in respect of anything under such contract.

(13) The Director may, during his absence from headquarters, specifically authorise in writing the Deputy Director or in his absence, one of the Deans or the Senior most Professor present to sanction advances for travelling allowance, contingencies and medical treatment of the staff and sign and counter-sign bills on his behalf.

(14) The Director may, at his discretion, constitute such Committees, as he may consider appropriate for smooth functioning of the Institute.

(15) In the event of the occurrence of any vacancy in the office of the Chairperson by reason of his death, resignation or otherwise or in the event of the Chairperson being unable to discharge his functions owing to absence, illness or any other cause, the Director may discharge the functions assigned to the Chairperson under section 16 of the Act.

(16) The Director may, with the approval of the Board delegate any o

Find the provision, not just read it

The full text above is free, and it stays free. What a free CourtMesh account adds is everything you cannot do by reading one page at a time:

  • Search 49,000+ Central and State enactments by what a provision says, not by its number
  • Jump from any section to every judgment that has applied it
  • Search 300 million+ Indian court records alongside the statute
  • Ask a research agent to find and read the case law on a provision for you

Free account. No card. About a minute to create.

Create a free account

Need this as data, not as a page? Statutes of the National Institute is one of 49,000+ enactments on CourtMesh. The Indian court cases API serves the case law that cites these provisions over JSON, with API documentation and plans and pricing. See also the judgment library.