“3ख. सिेाजनिजृि पश्चात ् फायिे—(1) दकसी सेिाजनिृत् त मख् य न् यायमूतिता के सार् उसके िीिन पयंत उच् चतम न्यायालय के जनयजमत कमाचाररयक क अनखज्ञेय पणूा िेतन और भिक सजैत उच् चतम न्यायालय या दकसी उच् च न्यायालय के स्ट्र्ापन से जनम्नजलजखत कमाचाररिंृि जनय जित दकए िाएंगे— (क) घरेलू सैायक (कजनष्ठ न्यायालय पररचर के स्ट्तर के समतखल्य) ;
(ख) चालक (उच् चतम न् यायालय में चालक के स्ट् तर के समतखल् य) ;
(ग) सजचिालजयक सैायक (उच् चतम न् यायालय में िाखा अजधकारी के स्ट् तर के समतखल् य) । स.ं 585] नई दिल्ली, िखक्रिार, अगस्ट् त 26, 2022/भार 4, 1944 No. 585] NEW DELHI, FRIDAY, AUGUST 26, 2022/BHADRA 4, 1944 सी.जी.-डी.एल.-अ.-26082022-238418 CG-DL-E-26082022-238418 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(2) क ई सेिाजनिृत् त मख् य न् यायमूतिता, सेिाजनिृजत् त की तारीख से पांच िष ा की अिजध के जलए चीनीसक घं े ि यजत तक सखरिा गाडा के अजतररत त जनिास स्ट् र्ान पर चीनीसक घं े सखरिा किच का ैकिार ै गा । (ख) क ई सेिाजनिृत् त न्यायाधीि, सेिाजनिृजत् त की तारीख से तीन िष ा की अिजध के जलए चीनीसक घं े ि यजत तक सखरिा गाडा के अजतररत त जनिास स्ट् र्ान पर चीनीसक घं े सखरिा किच का ैकिार ै गा ।
(4) उपजनयम (2) और उपजनयम (ख) में अंततििाष्ट दकसी नात के ै ते हुए भी, यदि दकसी सेिाजनिृत् त मख्य न्यायमूतिता या दकसी सेिाजनिृजि न्यायाधीि क धमकी की अिधारणा के आधार पर पैल ेसे ैी उच्चतर श्रणेी सखरिा प्रिान की गई ै , त पैले से ैी प्रिान की गई उच्चतर श्रणेी सखरिा िारी रैगेी ।
(5) क ई सेिाजनिृत् त मख् य न् यायामूतिता, सेिाजनिृजत् त की तारीख से ै मास की अिजध के जलए दिल् ली में ाइप-VII (पिाजभजैत िासकीय िास-सखजिधा से जभन् न) दकराया मखत त िास-सखजिधा का ैकिार ै गा ।
(6) दकसी सेिाजनिृत् त न्यायाधीि के सार् उसके िीिन पयंत उच्चतम न्यायालय के जनयजमत कमाचाररयक क अनखज्ञेय पूणा िेतन और भिक सजैत उच्चतम न्यायालय या दकसी उच् च न्यायालय के स्ट्र्ापन से जनम्नजलजखत कमाचाररिंृि जनय जित दकए िाएंग—े (क) घरेलू सैायक (कजनष्ठ न्यायालय पररचर के स्ट्तर के समतखल्य) ; और (ख) चालक (उच् चतम न् यायालय में चालक के स्ट् तर के समतखल् य) ।
(7) क ई सेिाजनिृत् त मख् य न् यायामूतिता या क ई सेिाजनिृत् त न् यायाधीि, जिमानपत् तनक के समार ै जिश्राम किक में जिस्ट् ताररत जि ाचार के प्र काल का ैकिार ै गा ।
(8) क ई सेिाजनिृत् त मख् य न् यायामूतिता या क ई सेिाजनिृत् त न् यायाधीि जन:िखल्क आिासीय ेलीफ न और आिासीय ेलीफ न या म नाइल फ न या ब्रॉडनैंड या म नाइल डा ा या डा ा काडा के काल प्रभारक की प्रजतपूतिता, ि यर्ा लाग ू करक सजैत 4200/-रु. प्रजतमाै से अजधक की नैीं ै गी, का ैकिार ै गा :
परंतख ेलीफ न काल प्रभारक की प्रजतपूतिता, भारत के उच्चतम न्यायालय की रजिस्ट्री द्वारा जिजनर्िाष्ट प्ररूप में सेिाजनिृि मख्य न्यायमूतिता या सेिाजनिृि न्यायाधीि द्वारा क ई प्रमाणपत्र प्रस्ट्तखत करन े पर भारत के उच्चतम न्यायालय के रजिस्ट्रार द्वारा की िाएगी ।
(9) इस जनयम के अधीन सेिाजनिृजि पश्चात् फायिे, सेिाजनिृि मख्य न्यायमूतिता या सेिाजनिृि न्यायाधीि के संनंध में अनखज्ञेय ैकग,े यदि ऐसी प्रसखजिधाओं का, दकसी ऐसे उच् च न्यायालय से या अन्य दकसी ऐसे सरकारी जनकाय से, िैां सेिाजनिृि मख्य न्यायमूतिता या सेिाजनिृि न्यायाधीि ने सेिाजनिृजि के पश्चात् क ई कायाभार ग्रैण दकया ै , उपय ग नैीं दकया ै ।''। ख. उत त जनयमक के जनयम 4 के परंतखक का ल प दकया िाएगा ।