संकमच के तकनीकी प्राक्कलन और जनष्पािन की मंिूरी के जलए जनम्नजलजखत प्रदक्रया अपनाई िाएगी -
(1) जवस्ट्तृत अजभकल्पना और प्राक्कलन तैयार करने के जलए संकमच की मंिूरी।
(2) बिट उपाबंध मंिूर न िोने या जनयम 33में जनधाचठरत आवश्यक पुनर्वचजनयोिन निीं दकए िान ेतक कोई भी संकमच िुरू निीं दकया िाएगा और, यदि निीं, िनरल ऑदफसर कमान-इन-चीफ की पूवचमंिूरी प्राप्त कर ली गई िो, और यदि संकमच का प्राक्कलन पचास लाख रुपए से अजधक ि ै तो उसे अन्द्य तकनीकी अजधकारी या इंजिजनयर िो तकनीकी प्राक्कलन तैयार करन ेवाले ऑदफसर से एक स्ट्तर अजधक का िो या िो कें रीय लोक जनमाचण जवभाग या सैन्द्य इंजिजनयर सेवा का ऑदफसर या जनयम 116 के उप-जनयम (2) में जनर्िचि अन्द्य अजभकरणों में से दकसी एक अजभकरण का ऑदफसर ि ै।
(3) बिट उपाबंधों की उपलब्धता के अतंगचत बोडच जनम्नजलजखत के जनष्पािन की स्ट्वीकृजत ि े सकता ि:ै- (क) 50 लाख रुपए की लागत से कम के मलू संकमच का प्राक्कलन, और (ख) सभी अनुरक्षण संकमच ।
(4) बोडच द्वारा उप-जनयम (3) के खंड (क) में उजल्लजखत संकमच के जभन्न दकसी अन्द्य संकमच का तब तक जनष्पािन निीं दकया िाएगा िब तक ऐसे कायों की जवस्ट्ततृ योिना और प्राक्कलन प्रधान जनििेक, यदि अनुमाजनत राजि पांच करोड़ रुपए तक ि,ै और िनरल ऑदफसर कमान-इन-चीफ, यदि अनुमाजनत राजि पांच रुपए करोड़ से अजधक ि,ै को प्रस्ट्तुत निीं दकया गया ि।ै परंत ु अजधजनयम की धारा 188 की उप-धारा (2) के अनसुार िलापूर्तच और सीवेि संग्रि से संबंजधत प्रस्ट्तावों को अनुमोिन ितेु प्रधान जनिेिक को प्रस्ट्तुत दकया िाना चाजिए।
118. जनजविाए:ं- (1) बोडच द्वारा दकए िाने वाल ेछोटे जवभागीय संकमच के संबंध में जनजविा प्रदक्रया लाग ूनिीं िोगी।
(2) िस लाख या इससे अजधक की लागत वाल ेसंकमच के जलए खुली जनजविाएं आमंजत्रत की िाएंगी।
(3) िस लाख रुपए से कम की लागत वाल ेसंकमच के जलए कम से कम छि फमों, कंपजनयों या संस्ट्थाओं जिन्द्िें पिले से पैनल में िाजमल दकया गया ि ैया जिन्द्िोंने जनयम 116के उप-जनयम (2) में उजल्लजखत दकसी संगिन के जलए काम दकया ि,ै सीजमत जनजविाएं आमंजत्रत की िाएंगी।
(4) प्राक्कलन सैन्द्य इंिीजनयर सेवा या कें रीय लोक जनमाचण जवभाग या राज्य के लोक जनमाचण जवभाग,जिसमें बोडच जस्ट्थत ि,ै की िरों के जवद्यमान अनुसूची के अनुसार तैयार दकए िाएंगे और ििां कोई िर अनुसूची उपलब्ध निीं िैंविां मौिूिा बािार िरों पर प्राक्कलन तैयार दकया िाएगा।
(5) जनजविा आमंत्रण, आबंटन और कायच जनष्पािन या कायों की जनगरानी से संबंजधत अन्द्य मामलों के संबंध में बोडच द्वारा संभवतः सैन्द्य इंिीजनयर सेवा द्वारा जनधाचठरत प्रदक्रया का िी पालन दकयािाएगा, िब तक दक बनाए गए अजधजनयम या दकसी जनयम में जनजित उपबंधों स ेअसंगत निीं िो।