(1)जनयम 119के उपबंधों के अतंगचत प्रित्त प्रदक्रया के अनुसार मुख्य कायचपालक अजधकारी अजधजनयम की यथासंिोजधत धारा 127 के तित संजविा के जनष्पािन ितेु जनधाचठरत जवत्तीय सीमा के भीतर अनुरक्षण कायच के जनष्पािन की मंिूरी ि ेसकता ि।ै
(2) सभी संकमच का तकनीकी प्राक्कलन बोडच, सैन्द्य इंिीजनयर सेवा, कें रीय लोक जनमाचण जवभाग, कें रीय या राज्य सरकार का कोई अन्द्य अजभकरण, कें रीय या राज्य सरकार द्वारा जवत्त पोजषत कोई अन्द्य जनकाय,जिसकी जसजवल अथवा इलेजक्रकल कायों में जविेषज्ञता िो, के एक इंिीजनयर द्वारा दकया िाएगा और कायों के तकनीकी अनुमानों के जलए सक्षम प्राजधकारी जनम्नजलजखत ताजलका के अनुसार िोंगे - संकमच की प्राक्कजलत लागत (रू. में) मूल कायों के जलए तकनीकी प्राक्कलन के जलए सक्षम प्राजधकारी प्रत्येक मामले में रखरखाव या अनुरक्षण के जलए तकनीकी प्राक्कलन के जलए सक्षम प्राजधकारी 10 लाख तक -- कजनष्ठ इंिीजनयर या समतुल्य 50 लाखतक सिायक इंिीजनयर या समतुल्य सिायक इंिीजनयर या समतुल्य 32 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 4] 2 करोड़ तक कायचपालक इंिीजनयर या समतुल्य कायचपालक इंिीजनयर या समतुल्य 2 करोड़ से5 करोड़ तक अधीक्षक इंिीजनयर या समतुल्य अधीक्षक इंिीजनयर या समतुल्य