(1)इन जनयमों में, िब तक दक संिभच से अन्द्यथा अपेजक्षत न िो,- (क) “अजधजनयम” से छावनी अजधजनयम, 2006 (2006 का 41) अजभप्रते ि;ै (ख) “लेखा सॉफ्टवेयर प्रणाली” से लेखा के प्रोद्भवन तरीके के आधार पर िोिरी प्रजवजि के अधीन लेखा अजभलेखों को तैयार करना और उनका अनुरक्षण करन े के जलए उपयोग में लाए गए सॉफ्टवेयर अजभप्रेत ि ैऔर जिसे जनयम 7 के उप-जनयम (4) मेंजवजनर्िचि अनुसार उपलब्ध कराया गया अनुिंजसत दकया गया ि;ै (ग) “प्रोद्भवन” से रािस्ट्व और व्यय की स्ट्वीकृजत अर्िचत या व्यय दकए गए (और पैसे के रूप में प्राप्त या संित्त निीं दकया गया) अजभप्रेत ि ै और जिसमें आजस्ट्तयों और िेनिाठरयों से संबंजधत लने िेन की स्ट्वीकृजत िाजमल िैं िैसी वे वाजस्ट्तवक प्राजप्तयों और संिायों के बाविूि िोती िैं;
(घ) “लेखांकन का प्रोद्भवन आधार”लेखांकन की ऐसी पद्धजत ि,ै जिसके द्वारा रािस्ट्व औरव्ययों की नकि आधार से सुजभन्न रूप में नकि की प्राजप्त या संिाय की तारीख पर ध्यान न िेत ेहुए समय की जवजनर्िचि अवजधयों िैसे दक कोई मास या वषच के रूप में पिचान की िाती ि ैऔर उन्द्िें अर्िचत आजस्ट्तयों के साथ उपार्िचत या उपगत के रूप में अजभजलजखत दकया िाता ि;ै (ड़) “पठरजिि”इन जनयमों से संलग्न पठरजिि और उसका भागरूप अजभप्रेत ि;ै (च) “लेखापरीक्षक” से कमान का प्रधान रक्षा लेखा जनयंत्रक या संबंजधत रक्षा लेखा जनयंत्रक या रक्षा लेखा मिाजनयंत्रक द्वारा इस प्रकार नामजनर्िचि कोई अजधकारी अजभप्रेत ि ैऔर इसमें लेखा परीक्षक के कायच करने के जलए उसके द्वारा जलजखत में प्राजधकृत कोई अन्द्य चाटचडच अकाउंटेंटया चाटचडच अकाउंटेंटफमच या जविेष लेखा परीक्षक या सरकार द्वारा जनयकु्त या तत्समय प्रवृत्त दकसी जवजध के अधीन प्राजधकृत कोई व्यजक्त या प्राजधकारी;
(छ) “प्राजधकृत अजधकारी” से मुख्य कायचपालक अजधकारी या इन जनयमों के अधीन उनके द्वारा कोई काम या ड्यूटी करने के जलए जलजखत रूप में प्राजधकृत बोडच का कोई अन्द्य अजधकारी अजभप्रेत ि;ै (ि) “बैंक” से अजधजनयम की धारा 120 की उप-धारा (1) या उक्त धारा के स्ट्पिीकरण में जनर्िचि बैंक अजभप्रेत ि;ै (झ) “छावनी जनजध”से अजधजनयम की धारा 119 की उप-धारा (1) के अधीन बोडच की सामान्द्य पठरचाजलत जनजध अजभप्रेत ि ैजिसका छावनी जवकास जनजध या अजधजनयम में यथासंिर्भचत दकसी जविेष या रस्ट्ट जनजधयों के जसवाय बोडच के सभी जवत्तीय संसाधनों का जिसाब लगाने के जलए प्रयोग दकया िाता ि।ै इसमें इसकी सभी िेनिाठरयों को घटाने के पश्चात अजस्ट्तत्व की आजस्ट्तयों का िुद्ध अजतिेष िोता ि;ै (ञ) “छावनी जवकास जनजध”से अजधजनयम की धारा 119 की उप-धारा (2) के अधीनसंिर्भचत आज्ञापक जविेष जनजध अजभप्रेत ि;ै (ट) “रोकजड़या” से लेखा जवभाग ििां बजियों और अजभलेखों का अनुरक्षण दकया िाता ि,ै में कायचरत बोडच का ऐसा कमचचारी अजभप्रेत ि ैजिसे बोडच के दकसी कायाचलय में नकि या चेक प्राप्त करन ेया संजवतरण या संिाय का कायच सौंपा गया ि।ै परंत ुििां एक से अजधक ऐसे व्यजक्त िैं या ऐसा नामजनर्िचि व्यजक्त या मुख्य कायचपालकअजधकारी द्वारा जिस व्यजक्त को ऐसा कतचव्य सौंपा गया ि,ै रोकजड़या िोगा;
[भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 3 (ि) “रक्षा लेखा मिाजनयंत्रक” से ऐसा अजधकारी अजभप्रेत ि ैिो रक्षा मंत्रालय में रक्षा लेखा जवभाग का प्रमुख ि;ै (ड) “प्ररूप” से इन जनयमों की अनुसूची VI में उपाबद्ध प्ररूप अजभप्रेत ि;ै (ढ) “लेखाप्रमुख” से लेखा जवभाग का प्रमुख अजभप्रेत ि;ै (ण) “जवभागाध्यक्ष” से बोडच के दकसी जवभाग का प्रभारी अजधकारी अजभप्रेत ि;ै (त) “मौजलक संकमच” से सभी नए जनमाचण के जलए आरंभ दकए गए लोक जनमाचण अजभप्रेत ि,ै और इसमें नए खरीिे गए या पिल ेसे पठरत्यक्त इमारतें या संरचना िाजमल िैं जिन्द्िें उपयोग में लाना आवश्यक ि ैया भजवष्य में आजस्ट्त से लाभ में वृजद्ध िोती ि;ै (थ) “अनरुक्षण कायच” से “मौजलक संकमच” के अलावा अन्द्य संकमच अजभप्रेत ि;ै (ि) “अध्यक्ष” से बोडच का अध्यक्ष अजभप्रेत ि;ै (ध) “प्रधान रक्षा लेखा जनयंत्रक कमान” से संबंजधत छावनी के जवषय में अजधकाठरता रखन ेवाला प्रधान रक्षा लेखा जनयंत्रक अजभप्रते ि;ै (न) “पुनर्वचजनयोग” से एक बिट िीषच से िसूरे बिट िीषच में जनजधयों का अंतरण अजभप्रेत ि;ै (प) “उचंत खाता” से उस खात ेका िीषच अजभप्रेत ि ै जिसके अधीन अस्ट्थायी प्रकृजत की लेन-िेन ििच की िाती ि ै जिन्द्िें अंजतम प्राजप्तयों या पठरव्यय या अंजतम प्राजप्तयों या पठरव्यय के रूप में लखेांकन में तत्काल समायोजित निीं करना िोता ि ै या जिसके सिी वगीकरण का अवधारण निीं दकया िा सकता;
(फ) “अस्ट्थाई स्ट्थापना” से वेतन की जनजश्चत िर पर सीजमत अवजध के जलए जनयोजित स्ट्थापना और माजसक आधार पर भुगतान पान ेवाली स्ट्थापना अजभप्रेत िैं और इसमें िैजनक श्रजमकों या आउटसोसच कर्मचयों को िाजमल निीं दकया िाता;
(2) उन िब्िों और पिों के िो इन जनयमों में प्रयुक्त िैं और पठरभाजषत निीं िैं, लेदकन अजधजनयम में पठरभाजषत िैं, का विी अथच िोगा िो अजधजनयम में उनके जलए जनयत दकया गया ि।ै अध्याय II साधारण