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Section 3: बन्द्ि अवकाि दिन का प्रभाव

The Cantonment Board Account Rules, 2020Central Rules · 2006

इन जनयमों के अधीन ििां भी दकसी जनजश्चत दिन या अपेजक्षत अवजध के भीतर कोई कारचवाई या कायचवािी करने का जनिेि दिया िाता ि ैया अनुमजत िी िाती ि ैऔर उस दिन या अवजध के अंजतम दिन कायाचलय बंि रिता ि ैतो कारचवाई या कायचवािी को जनयत समय में दकया हुआ माना िाएगा यदि इसे अगल े कायच-दिवस में दकया गया िो।

4. िेय राजि को रूपए के जनकटतम गणुि में पणूाांदकत दकया िानाः- (1) सभी राजियों को जनकटतम रूपए में पूणाांदकत दकया िाएगा, पचास पैसे या इससे अजधक राजि को अगले उच्च रूपए में पणूाांदकत दकया िाएगा िबदक पचास पैसे से कम राजि को उससे कम रूपए में पूणाांदकत दकया िाएगाः परंतु इस तरि के पणूाांकन बोडच द्वारा प्राप्त रािस्ट्व की प्राजप्त या बोडच के जखलाफ मांग िो उस समय लाग ू दकसी जवजध द्वारा या उसके अधीन जनधाचठरत की िाती ि ैपर लागू निीं िोगाः परंत ुआग,े ििां लाग ूिो, एक रूपए के अंि का पणूाांकन केवल िुद्ध िेय राजि या जबल की प्राप्तराजि पर िोगा और िावों या जबल में समायोिन की अलग-अलग मिों के संबंध में निीं दकया िाएगा। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 4]

(2) उप-जनयम (1) के अनुसार ऐसी पूणाांदकत सभी राजियों के अजतिेष को लेखा सॉफ्टवेयर प्रणाली में लेिर खाते में अतंठरत दकया िाएगा।

5. लखेा पजुस्ट्तकाओं के अनरुक्षण की भाषाः- लेखा पुजस्ट्तकाओं का अनुरक्षण जिन्द्िी और अंग्रेिी िोनों भाषाओं में दकया िाएगा।

6. जवजित रजिस्ट्टरों और प्ररूपों का उपयोगः- कोई भी बोडच इन जनयमों में जवजित रजिस्ट्टरों और प्ररूपों के जसवाय उपयोग निीं करेगा।

7. लखेा अनरुक्षण की रीजतः- (1)सारे पैसे के लेनिेन जिसे करन े के जलए बोडच का कोई सिस्ट्य या अजधकारी या कमचचारी अपनी अजधकाठरक िजैसयत से एक पक्ष ि,ै तरंुत और जबना दकसी अपवाि के बोडच की लेखा बजियों के खात े में ले लगेा। चाल ूव्यय को पूरा करन ेके जलए बैंक से जनकाली गई राजि के जसवाय प्राप्त सारा पसैा जबना िेरी के बैंक में िमा कर दिया िाएगा और उजचत खाते में प्रत्यय दकया िाएगा और बोडच के चालू व्यय को पूरा करन ेके जलए इसे उपयोग में निीं लगाया िाएगा।

(2) बोडच के सारे लेन-िेन की पिचान जनजधयों से की िाएगी और जनयम 11 तथा 12 में जनर्िचि तरीके अनुसार प्रत्येक जनजध के अनरुक्षण के जलए पृथक लेखाअजभलेख रखा िाएगा।

(3) प्रत्येक बोडच लेखा की िोिरी प्रजवजि प्रणाली का उपयोग करते हुए खाते की बजियों का अनुरक्षण करेगा। प्रोद्भवन लेखांकन के जसद्धांतों पर आधाठरत प्रोद्भवन जवजध के अनरुूप लेखा का अनरुक्षण दकया िाएगा।

(4) ििां तक िो सके खातों का अनुरक्षण कम्प्यूटर पर उपलब्ध लेखा सॉफ्टवेयर प्रणाली पर या मिाजनिेिक द्वारा की गई जसफाठरि के अनसुार दकया िाएगा।

(5) मुख्य कायचपालक अजधकारी की जिम्पमेिारी िोगी दक वि सुजनजश्चत करे दक सारा लेखा और जवत्तीय डाटा इन जनयमों द्वारा जवजित तरीके से उपलब्ध ि।ै

(6) यदि दकसी कारण से कम्प्यूटर प्रणाली या लेखा सॉफ्टवेयर प्रणाली जिसमें लेखा का अनरुक्षण दकया िा रिा ि,ै काम निीं कर रिी या इन जनयमों में जवजित अनुसार आउटपुट िनेे में सक्षम निीं ि ैतो मुख्य कायचपालक अजधकारी ऐसे समय के जलए अपेजक्षत अजभलेख बनाए रखने के जलए मैन्द्युअल प्रबंध करेगा िैसा दक आवश्यक समझता ि।ै

8. खातों में सधुारः- (1) पिल ेसे िी प्राजधकृत और पाठरत की गई प्रजवजियों में जवलोपन या उपांतरण की अनुमजत निीं िी िाएगी और यदि कोई तु्रठट पाई िाती ि ैतो उसे लखेाप्रमुख द्वारा प्राजधकृत बिीखाता वाउचर प्रजवजि के माध्यम से संिोधन पाठरत करके या उलट प्रजवजि द्वारा सिी दकया िाएगा।

(2)सभी सुधारात्मक या उलट प्रजवियों को ऐसी प्रजवजि की प्राजधकरण की तारीख के अनुसार केवल दिनांदकत दकया िाएगाः परंत.ु- (क) यदि जवत्तीय वषच जिसमें इस तरि का सुधार दकया िा रिा ि,ै समाप्त िो गया ि ैदकन्द्तु उक्त वषच के जवत्तीय कथन को अंजतम रुप निीं दिया गया ि ैतो पठरिोधन प्रजवजि को संबंजधत जवत्तीय वषच के अंजतम दिन दिनांदकत दकया िाएगा। (ख) यदि जवत्तीय वषच जिसमें इस तरि का सुधार दकया िा रिा ि,ै समाप्त िो गया ि ैऔर उस वषच के जवत्तीय कथन को अंजतम रूप ि ेदिया गया ि ैऔर उस वषच का खाता बंि कर दिया गया ि ैतो ऐसे खाते में पठरिोधन, उलट, अतंरण प्रजवजियां या समायोिन आगामी वषों में दकया िाएगा जिस वषच में उस तु्रठट को िेखा गया ि ैविां ऐसी प्रजवजि को स्ट्पि रूप से जपछली अवजध की प्रजवजि जलख दिया िाएगा।

9. आय की मान्द्यताः- अध्याय VII में उजल्लजखत उपबंधों के अनुसार िो आय मान्द्यताप्राप्त निीं ि,ै उसे मान्द्यता िी िाएगी और उन्द्िें अजधकजथत नीजत के अनुसार ििच दकया िाएगा तथा बोडच की लेखांकन नीजतयों के कथन में इनका खुलासा दकया िाएगा।

10. व्यय की मान्द्यताः- अध्याय IX में उजल्लजखत उपबंधोंके अनुसार िो व्यय मान्द्यता प्राप्त निीं ि,ै उसे मान्द्यता िी िाएगी और उन्द्िें अजधकजथत नीजत के अनुसार ििच दकया िाएगा तथा बोडच की लेखांकन नीजतयों के कथन में इनका खुलासा दकया िाएगा। [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 5

11. छावनी जनजध तथा छावनी जवकास जनजध के खातःे- (1) अजधजनयम या इन जनयमों द्वारा प्राजधकृत के जसवाय बोडच दकसी भी फंड का अनरुक्षण निीं करेगा।

(2) बोडच का जवत्तीय कथन इन जनयमों के अनुसार तैयार दकया िाएगा और अजधजनयम के अधीन जनर्मचत छावनी जनजध तथा छावनी जवकास जनजध को अलग-अलग भागों में अन्द्तर्वचि दकया िाएगा।

(3) बोडच जनम्नजलजखत जनजधयों के संबंध में अलग खाते बनाएगा, अथाचतः- (क) छावनी जनजध (अजधजनयम की धारा 119 की उप-धारा (1) में जनर्िचि दकए गए अनुसार;

(ख) छावनी जवकास जनजध (अजधजनयम की धारा 119 की उप-धारा (2) में जनर्िचि दकए गए अनुसार)

(4) केन्द्रीय सरकार या दकसी राज्य सरकार से प्राप्त अंििान, अनुिान, सजब्सडी के माध्यम से या दकसी अन्द्य प्रकार से दकसी जवजिि प्रयोिन या जवजिि योिना के कायाचन्द्वयन या जवजिि पठरयोिना के जनष्पािन के जलए प्राप्त राजि को बोडच प्रत्येक जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के अनसुार खातों का अलग समूि रखेगा जिन्द्िें “XXX स्ट्कीम छावनी जवकास जनजध” या “XXX पठरयोिना छावनी जवकास जनजध” के रूप में िाना िाएगा।

(5) छावनी जवकास जनजध के अधीन दकसी जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए प्राप्त या अलग रखी राजि का अनुरक्षण इस प्रकार दकया िाएगाः- (क) इस तरि के प्रत्येक प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए अलग खात ेऔर वाउचर तैयार दकए िाएंगे। (ख) इस तरि के प्रत्येक जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए अलग बैंक खात ेबनाए िाएगं े और छावनी जवकास जनजध के भीतर केवल जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना बैंक के खातों से प्राजप्त और प्रेषण इधर-उधर दकए िाएंगे।

(6) प्रत्येक लेखांकन अवजध की समाजप्त पर छावनी जवकास जनजध द्वारा उपार्िचत या प्राप्त राजि का िुद्ध अजतिेष छावनी जवकास जनजध से व्यय, धन वापसी या कमी को जनकालकर बोडच की तुलन-पत्र में ििाचया िाएगा ििां आवश्यक िो, तलुन-पत्र की अनसूुची में वषच के िौरान छावनी जवकास जनजध के अधीन जवजिि योिना या पठरयोिना की अलग श्रेणी के जलए जनजधयों के लेन-िेन का कथन दिया िाएगा।

(7) इस जनयम द्वारा या दकसी अन्द्य जनयम के अधीन िारी दकसी अजधसूचना द्वारा िब तक अन्द्यथा स्ट्पि न िो, ििां तक संभव िो इन जनयमों में जवजित प्रदक्रया को छावनी जवकास जनजध के जलए पथृक श्रेणी के रूप में जवजिि प्रयोिन, योिनाया पठरयोिना के जलए जनजधयों के लेन-िेन के संबंध में संचालन, अजभलेखन और लेखांकन में यथावश्यक पठरवतचन करके लाग ूदकया िाए।

12. छावनी जवकास जनजध में लने-िेनः- (1) ऐसे जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए अनुिाता या संिाता द्वारा जवजित जवजिि जनििेों और ितों, यदि कोई िो, के अनुसार दकया िाएगाः परंत ुकेन्द्रीय सरकार द्वारा जविषे रूप से अनुमोिन के जबना ऐसे जनिेि या ितच इस उप-जनयम के उपबंधों के जवरूद्ध जनणचय न िें।

(2) छावनी जवकास जनजध में से जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए खचच दकए गए सभी व्यय, जिनके जलए पथृक लेखा का अनुरक्षण दकया िाता ि,ै को संबंजधत जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना लेखा या छावनी जवकास जनजध के व्यय के भाग के रूप में माना िाएगा और सारी आय अजधजनयम की धारा 120 में प्रित्त रीजत से तत्संबंधी छावनी जवकास जनजध में िमा की िाएगी।

(3) छावनी जवकास जनजध में दकसी जवजिि प्रयोिन, योिना या पठरयोिना के जलए दकसी जनजध के संिाता या अनुिाता के दकसी जनिेि के अभाव में, जिनके जलए सिायता-अनुिान प्राप्त दकया गया तथा जिसमें उदे्दश्य प्राजप्त उपरांत,यदि कोई अव्यजयत अजतिेष िो, उसे बोडच के अनुमोिन से छावनी जनजध में अंतठरत कर दिया िाएगा।

13. रािस्ट्व और लखेा िाखाओं का पथृक्करणः- (1) प्रत्येक बोडच की रािस्ट्व और लेखा िाखाओं को एक अलग अजधकारी के अधीन एक-िसूरे से अलग रखा िाएगा और ऐसे अजधकाठरयों को क्रमि: रािस्ट्व जवभाग और लेखा जवभाग के प्रमुख के रूप में नामजनर्िचि दकया िाएगा। 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 4]

(2) बोडच को िेय सारी राजि इस उप-जनयम (1) के अधीन जवजित ऐसे नामजनर्िचि अजधकाठरयों द्वारा प्राप्त की िाएगी और दकसी भी जस्ट्थजत में एक िी व्यजक्त लेखा का समेकन और कर तथा अन्द्य रािस्ट्व के संग्रिण की िेखभाल निीं करेगा। ---------------------------------- “XXX” में योिना या पठरयोिना का नाम िें। अध्याय III लखेा सजंिता और लखेा चाटच

14. लखेा चाटच के आधारी घटकः- (1) लेखा चाटच उन लेखा िीषों को उजल्लजखत करता ि ैजिनके अधीन बोडच के खात े को रखा िाएगा और लेखा चाटच बोडच के जवत्तीय लेन-िेन के बिट अजभलेखन और ठरपोर्टांग को तार्कचक संरचना प्रिान करता ि।ै

(2) बोडच के लेखा चाटच की संजिताकरण संरचना जनम्नजलजखत तीन आधारी घटकों पर आधाठरत ि ैिो बोडच के बिट और जवत्तीय लेन-िेन के संबंध में साथचक सूचना प्रिान कर सकते िैं। अथाचत :- (क) कृत्य (ख) उदे्दश्य, और (ग) जनजध

(3) उप-जनयम (2) में जनर्िचि तीन घटकों का कथन जनम्न िैं :- (क) कृत्य: बोडच द्वारा जनष्पादित या कायाचजन्द्वत जवजभन्न कृत्यों या सेवाओं िैसे स्ट्वास्ट््य सेवाएं, स्ट्वच्छता, िलापूर्तच, सड़कें आदि के अनुसार जवत्तीय आंकड़ों के वगीकरण समथच बनाता िै;

(ख) उदे्दश्य:बोडच की आय या व्यय, पठरसंपजत्तयों या िेनिाठरयों की प्रकृजत के अनुसार अजभलेखन और वगीकरण को समथच बनाता ि।ै िैसा दक नाम से स्ट्पि ि ैउदे्दश्य कोड का वगीकरण रािस्ट्व के व्यय या स्रोत के उदे्दश्य पर आधाठरत िोता ि;ै (ग) जनजध:जनजध के संबंध में सूचना के अजभलेखन और वगीकरण को समथच बनाता ि ैिो जनजधयों का अलग सत्ता के रूप में लेखांकन करेगा। जविेष रूप से जनजध की जचजन्द्ित प्रजतभूजतयों, आय तथा व्यय को स्ट्पि रूप से ििाचएगा और इसे बोडच की मुख्य तलुन-पत्र में ििाचया िाएगा।

15. जनजधयों के अनरुक्षण की रीजतः- प्रत्यके जनजध के खातों के अनुरक्षण की रीजत जनयम 11 और 12 में जवजित की गई ि।ै

16. सजंिताकरण सरंचनाः- लखेा सॉफ्टवेयर प्रणाली 11 अकंों का कोड ि,ै िो ऐसे प्रत्यके जवत्तीय मि को सौंपा िाएगा जिसमें तीन अंक कायच कोड िैं और एक जवस्ट्तृत उदे्दश्य कोड िैं जिसमें चार अंकों का प्राथजमक लेखा कोड और चार अंकों का जवत्तीय लेखा कोड िाजमल िैं और जवस्ट्ततृ संजिताकरण संरचना को अनुसूची । और ।। में जवजित दकया गया ि ैिो क्रमि: कायच चाटच और उदे्दश्य कोड का लेखा चाटच प्रिान करती ि।ै

17. कायच कोडः- (1)छावनी बोडच द्वारा कायाचजन्द्वत सभी कायों को िस व्यापक श्रेजणयों में वगीकृत दकया गया ि,ै जिन्द्िें “मूल कायच” किा िाता ि।ै इन्द्िें 0 से 9 तक संख्यांदकत दकया गया ि।ै इस प्रकार, कायच कोड का पिला अंक मूल कायच के जलए िोगा। मूल कायच कोड की सारणी जनम्नजलजखत ि ै:- मलू कायच कोड कथन 0 सभी मलू कायों का योग अथाचत ्ििां कायाचत्मक वगीकरण निीं माना िाता ि।ै 1 साधारण प्रिासन [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 7 2 कर और रािस्ट्व 3 सावचिजनक जनमाचण कायच 4 िलापूर्तच और प्रकाि 5 स्ट्वच्छता और साफ-सफाई 6 बािार और संबद्ध गजतजवजधयां 7 िन सुरक्षा, सुजवधाएं और मनोरंिन 8 स्ट्वास्ट््य और पिु जचदकत्सा सेवा 9 जिक्षा

(2) मलू कायच के प्रत्येक कोड के अधीन ‘मुख्य कायों’ में आग ेवगीकरण दकया गया ि।ै मुख्य कायों को कायच कोड के िसूरे अंक द्वारा ििाचया िाता ि।ै

(3) मुख्य कायच को आग ेउप-समूि या लागत केन्द्र के रूप में पिचानने के जलए उप-कायों को कायच कोड के तीसरे अंक द्वारा ििाचया िाता ि।ै

(4) मलू कायच और मखु्य कायच वाले पिल ेिो अंक अजनवायच िैं िबदक उप-कायच वाला तीसरा अंक वैकजल्पक ि ैऔर कायच कोड का कथन छावनी बोडच लेखा संजिता की अनुसूची-। में दिया गया ि।ै उिािरण - स्ट्वास्ट््य और पि ुजचदकत्सा सेवा से संबंजधत मलू कायच कोड ‘8’ के अधीन मखु्य कायच कोड ‘1‘ अस्ट्पताल सेवाओं को ििाचएगा और दकसी उप-कायच कोड के अभाव में अस्ट्पताल सेवा के जलए समग्र कायच कोड 8- 1-0 िोगा।

18. उदे्दश्य कोडः- (1) प्राथजमक लखेा कोडः (क) उदे्दश्य श्रणेी कोड पिला अंक उदे्दश्य श्रणेी कोड का प्रतीक ि।ै यि अंक आय, व्यय, िेनिारी और पठरसंपजत्त के मूल वगीकरण को ििाचता ि।ै ‘1’ ‘रािस्ट्व प्राजप्तयों‘से संबंजधत खाते का द्योतक िोगा। ‘2’ ‘रािस्ट्व व्यय‘ से संबंजधत खात ेका द्योतक िोगा । ‘3’ ‘िेनिाठरयों‘ से संबंजधत खाते का द्योतक िोगा; और ‘4’ ‘आजस्ट्तयों‘ से संबंजधत खात ेका द्योतक िोगा । (ख) मुख्य िीषच कोड िसूरा अंक मखु्य िीषच कोड िै िो वस्ट्तु श्रणेी कोड में लेखा की प्रकृजत या प्रकार को बताता ि।ै उिािरण - उदे्दश्य श्रणेी कोड 1 के अधीन रािस्ट्व को ििाचता ि,ै मुख्य िीषच कोड 1 सभी कर रािस्ट्व से संबंजधत लेखांकन को ििाचएगा। इसी प्रकार, उदे्दश्य श्रेणी कोड 2 िो व्यय को ििाचता ि,ै मुख्य िीषच कोड 1 स्ट्थापना के व्यय को ििाचएगा। (ग) लघ ुिीषच कोड तीसरा अंक लघु िीषच कोड िै िो मुख्य िीषच कोड का उप समूि ि ैऔर यि मुख्य िीषच कोड के अन्द्तगचत लने-िेन का आगे का कथन प्रिान करता ि।ै 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 4] उिािरण - संयुक्त मखु्य िीषच कोड 1-1 ‘कर रािस्ट्व’ से संबंजधत ि,ै मुख्य िीषच कोड 1 ‘संपजत्त पर समेदकत कर’ का द्योतक िोगा। (घ) जवस्ट्तृत िीषच कोड चौथा अंक जवस्ट्ततृ िीषच कोड िै िो लघ ु िीषच कोड का उप समूि ि ै और इस प्रकार यि आग े जवस्ट्तार से लघ ुिीषच के घटकों को जनर्िचि करेगा। उिािरण - संयुक्त लेखा लघ ुिीषच कोड 1-1-1 संपजत्त पर समदेकत कर से कर रािस्ट्व को ििाचता ि,ै जवस्ट्ततृ िीषच कोड 1 ‘भूजम और भवनों के वार्षचक मलू्य पर कर’ को ििाचएगा। इस िीषच का लेखा कोड 1-1-1-1 िोगा।

(2) जद्वतीय लेखा कोडः 5 से 8 तक के अंक आग ेजवस्ट्ततृ िीषच के उप-घटकों को जनर्िचि करत ेिैं और बोडच अपनी आवश्यकताओं के अनुसार जद्वतीय लेखा िीषों को अलग-अलग जवजित कर सकते िैं। उिािरण - यदि छावनी बोडच ने अपने पुस्ट्तकालय के जलए जवजभन्न आपूर्तचकत्ताचओं से पुस्ट्तकें खरीिी ि,ै तो प्रत्येक आपूर्तचकत्ताच के जलए लेखा कोड जनम्न रूप में जवजित दकया िाएगा :- कायच कोड 9- जिक्षा (मलू कायच कोड) 4- पसु्ट्तकालय (मुख्य कायच कोड) 0- सभी (उप-कायच कोड) कायच कोड = 940 उदे्दश्य कोड 3- िनेिारी (उदे्दश्य श्रणेी) 9- अन्द्य िनेिाठरयां (मुख्य िीषच) 2- लेनिार िेनिाठरयां (लघ ुिीषच) 0- सभी (जवस्ट्ततृ िीषच) 0001- एक्स वाई िेड बुक कंपनी 0002- एबीसी पजब्लशिंग िाउस (यि सूची 9999 जवके्रताओं तक िा सकती ि)ै उदे्दश्य कोड = 39200001 इस प्रकार एक्स वाई िेड बुक कंपनी के जलए लेखा कोड 94039200001 िोगा। (लेखा कोड के अंजतम चार अंक प्रणाली िनरेठटड िोंग)े।

19. लखेा चाटच के उपयोग के जलए साधारण अनिुेिः- (1) अकं 0 को सिैव कायच या उदे्दश्य के ‘योग’ के जलए आरजक्षत रखा िाएगा और ििां अगले स्ट्तर में आगे ब्यौरा अपेजक्षत निीं ि,ै संभव निीं ि ैया स्ट्पि निीं ि ैतो अंजतम अंक में प्रजवजि ‘0’ िोगी।

(2)लघु िीषच और जवस्ट्ततृ िीषच के अन्द्तगचत ‘अन्द्य’अंक 9 को अविेष िीषच के रूप में आरजक्षत दकया िाएगा और मिें िो 1 से 8 की श्रणेी में निीं आती, उन्द्िें अंक 9 के अंतगचत समाजित दकया गया ि।ै [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 9 (क) कायच कोड की िसूरी जस्ट्थजत में अंक ‘9’ को मुख्य कायच के भीतर अवजिि िीषच ‘अन्द्य’ के जलए सिैव आरजक्षत दकया िाएगा। (ख) उदे्दश्य कोड की िसूरी, तीसरी और चौथी जस्ट्थजत में अंक ‘9’ को प्राथजमक लेखा कोड में मुख्य िीषच, लघ ुिीषच और जवस्ट्तृत िीषच के भीतर ‘अन्द्य’ अविेष िीषच के जलए सिैव आरजक्षत दकया िाएगा। स्ट्पिीकरण 1,कायच कोड के प्रयोिन के जलए -

(i) कायच कोड के िसूरे अंक में “0”, 9 मूल कायों का संकलन िगेा।

(ii) ििां उप कायों का प्रयोग या पिचान निीं की िाती िैं, तीसरे अंक में (मूल कायच और मुख्य कायच के बाि) ‘0’ मलू और मुख्य कायों का संकलन िेगा। स्ट्पिीकरण 2. वस्ट्तु कोड के प्रयोिन के जलए -

(i) चौथी जस्ट्थजत में ‘0’ अंक, लघ ुिीषच का संकलन िगेा।

(ii) तीसरी जस्ट्थजत में ‘0’ अंक, मखु्य िीषच का संकलन िेगा।

(3). मिाजनिेिक द्वारा यथोजचत अनुज्ञा के पश्चात बोडच द्वारा स्ट्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार केवल जद्वतीय लेखा कोड में अंकों का प्रयोग दकया िा सकता ि।ै

(4). कुछ दक्रयाकलाप जवजित कोड में निीं आने पर, बोडच मिाजनिेिक से यथोजचत अनुज्ञा के पश्चात केवल प्राथजमक लेखाकोड में एक मि का सृिन कर सकता ि।ै

(5). प्रत्येक वषच के आरंभ में लखेा-प्रमुख बोडच द्वारा प्रयोग दकए िाने वाले उदे्दश्य कोड की पिचान करेगा और सूची बनाएगा और ििां वि जवद्यमान उदे्दश्य कोड में कुछ पठरवधचन का प्रस्ट्ताव करता ि ै तो ऐसे अजतठरक्त या नए उदे्दश्य कोड का प्रयोग करन े के जलए मखु्य कायचपालक अजधकारी, मिाजनिेिक का अनुमोिन प्राप्त करेगा और केवल अनुमोदित लेखा कोडों के जलए िी बिी खाते खोल ेिाएंगे। अध्याय IV बिट

20. बिट प्राक्कलन तयैार करन ेकी रीजतः-(1)बोडच का बिट*, वास्ट्तव में प्राप्त की गई और संित्त की गई राजि को ध्यान में रखत ेहुए तैयार दकया िाएगा इसे प्रोद्भुत आय या दकए गए व्यय के आधार पर तयैार निीं दकया िाएगा व्यय के जवजभन्न मिों के सामन ेसक्षम प्राजधकारी द्वारा स्ट्वीकृजतके रूप में उक्त व्यय के बिटीय प्रावधान की सीमा तक वास्ट्तजवक भुगतान के जलए प्राजधकार िेन ेका कायच करेगी।

(2) बिट को केवल नकि आधार पर तैयार दकया िाएगा।

Where this provision sits

ActThe Cantonment Board Account Rules, 2020
Section3
Marginal noteबन्द्ि अवकाि दिन का प्रभाव
JurisdictionCentral
StatusIn force as published by the source

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Need this as data, not as a page? The Cantonment Board Account Rules, 2020 is one of 49,000+ enactments on CourtMesh. The Indian court cases API serves the case law that cites these provisions over JSON, with API documentation and plans and pricing. See also the judgment library.