(1)स्ट्थापना में स्ट्थायी या अस्ट्थायी पठरवतचन के जलए प्रस्ट्ताव प्राप्त िोन े परकमान के िनरल ऑदफसर कमान-इन-चीफ, प्रधान जनिेिक के संस्ट्तुजत से प्रस्ट्ताजवत पुनरीक्षण को स्ट्वीकृत या अस्ट्वीकृत कर सकते िैं या इसे कुछ उपांतरणों के साथ मंिूर कर सकत ेिैंिैसा वि उपयुक्त समझे और स्ट्वीकृजत या उपांतरण के साथ पुनरीक्षण का कथन पनुः छावनी बोडच को वापस भेिा िाएगा, तथा लेखापरीक्षा के समय संिभच के जलए इसे पेि दकया िाएगा।
(2) मुख्य कायचपालक अजधकारी ऐसे सेवा प्रिाता को िेय राजि प्राजधकृत कर सकते िैं,ििां जवद्यमान ठरजक्त खाली ि,ैऐसी राजि का कुल िोड़ स्ट्वीकृत पि के जलए िेय राजि से अजधक न िो।
(3) ििां दकसी स्ट्वीकृत पि की ठरजक्त की तुलना में उच्च भुगतान की अपेक्षा करती भुगतान ितों पर िनिजक्त उपलब्ध कराने के जलए सेवा प्रिाता की सेवाएं लेना आवश्यक समझा िाता ि ैया स्ट्वीकृत पि के अजस्ट्तत्व के जबना मौसमी या आकजस्ट्मक कायों के जलए ऐसी सेवाएं प्राप्त की िाती िैं,मुख्य कायचपालक अजधकारी प्ररूप 28एएम में कथन को प्रधान जनिेिक के अनमुोिन िते ुप्रस्ट्ताव भेिेगा। परंत ुइस जनयम के उपबंध, ििां तक दक य ेबोडच की स्ट्थापना के संिोधन ितेु सक्षम प्राजधकारी की मंिूरी के संबंध में लाग ूिोत ेिैं, समय-समय पर संिोजधत छावनी जनजध सेवक जनयम, 1937 में दिए गए उपबंधों के अधीन िोंगे।