म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ, पᭃकारᲂ᳇ारा िववाद के ᭭वैि᭒छक सुलह के िलए ᮧय᳀ करेगा तथा ᮧ᭜यके पᭃकार के दिृ᳥कोण को अ᭠य पᭃकार तक संसूिचत करेगा, मुᲂ कᳱ पहचान कर गलतफहिमयां कम करने, ᮧाथिमकताᲐ को ᭭प᳥ करने, समझौते के ᭃेᮢᲂ का पता लगाने तथा िववाद के िनपटान करने के िलए िवक᭨प ᮧा᳙ करने मᱶ उनकᳱ सहायता करेगा इसमᱶ इस बात पर बल दतेे ᱟए ᳰक उ᭠हᱶ ᮧभािवत करने वाला िनणᭅय लेना पᭃकारᲂ कᳱ िज᭥मेवारी ह ैऔर वह पᭃकारᲂ पर िनपटारे के िनबंिधत अिधरोिपत नहᱭ करेगा:
परंतु यᳰद दोनᲂ पᭃकार स᭥मित हᱹ तो म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ िववाद के शीᮖ िनपटान के िलए पᭃकारᲂ पर ऐसे िनयम और शतᱸ, जैसा उसे ठीक होता हो, लागू कर सकता ह।ै
18. िनणᭅय लनेे के िलए पᭃकार अकेल े उᱫरदायी ह.ᱹ—पᭃकारᲂ को यह बात समझाई जाएगी ᳰक म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ िववाद को िनपटाने के िलए ᳰकसी िनणᭅय पर पᱟचंने मᱶ सहायता करता ह ैतथा वह कोई पᳯरिनधाᭅरण लागू नहᱭ करेगा या थोप नहᱭ सकता और न ही म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ कोई आ᳡ासन द ेसकता ह ैᳰक म᭟य᭭थता या सुलह से कोई पᳯरिनधाᭅरण होगा और म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ, पᭃकारᲂ पर कोई िनणᭅय नहᱭ थोपेगा।