(1) िववाद को म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ के पास भेजते समय, यथाि᭭थित कᱶ ᮤीय सरकार या अिधकरण या अपीलीय अिधकरण, म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ फᳱस िनयत कर सकती ह ैऔर जहां तक संभव हो, ᮧ᭜येक सᮢ या अिधवेशन के िलए पाᳯर᮰िमक दनेे कᳱ बजाए एक समेᳰकत रािश तय कᳱ जाएगी। 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(2) म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ के फᳱस समेत म᭟य᭭थ या सुलह के ᳞य, ᮧशासिनक सहयोग कᳱ लागत, तथा संबंिधत अ᭠य आनुषंिगक ᳞य, िविभ᳖ ᮧितयोगी पᭃकारᲂ ᳇ारा समान ᱨप से या जैसा ᳰक के᭠ᮤीय सरकार या अिधकरण या अपील अिधकरण ᳇ारा िनदेिशत ᳰकया जाए, वहन ᳰकया जाएगा।
(3) ᮧ᭜येक पᭃकार िवशेष᭄ᲂ सिहत अपनी ओर से सािᭃयᲂ या द᭭तावेजᲂ को पेश करने कᳱ लागत वहन करेगा।
(4) म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ, म᭟य᭭थता या सुलह के आरंभ होने से पहले, म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ को पाᳯर᮰िमक रािश या म᭟य᭭थता या सुलह कᳱ संभािवत लागत के बराबर िह᭭से को जमा करने का िनदशे पᭃकारᲂ को द ेसकता ह।ै
(5) यᳰद कोई पᭃकार उपिनयम (4) मᱶ उि᭨लिखत रािश का संदाय नहᱭ करता ह ैतब यथाि᭭थित कᱶ ᮤीय सरकार या अिधकरण या अपील अिधकरण, म᭟य᭭थ या सुलहकताᭅ या ᳰकसी पᭃकार के आवेदन पर, संबंिधत पᭃकारᲂ को समुिचत िनदशे जारी करेगी।
(6) म᭟य᭭थता या सुलह केवल उपिनयम (4) मᱶ उि᭨लिखत रािश को जमा करवाने पर ही ᮧारंभ होगी और यᳰद ऐसे ᮧारंभ से पहले रािश का भुगतान नहᱭ ᳰकया जाता ह ैतो म᭟य᭭थता या सुलह समा᳙ माना जाएगा।