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Section 10: ᮧ᭭ततु ᳰकए जान े के बाद बोडᭅ कᳱ ᮧᳰᮓया

Model Rules for the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015Union territory Rules of Delhi · 2016

(1) बालक को बोडᭅ के समᭃ ᮧ᭭तुत ᳰकए जाने पर बोडᭅ बालक कᳱ सामािजक पृ᳧भूिम, उसे िगर᭢तार ᳰकए जाने कᳱ पᳯरि᭭थितयᲂ तथा उसके ᳇ारा ᳰकए गए अिभकिथत अपराध के उस बालक को ᮧ᭭तुत करने वाले अिधकाᳯरयᲂ, ᳞िᲦयᲂ, अिभकरणᲂ ᳇ारा ᮧ᭭तुत ᭣यौरे कᳱ ᳯरपोटᭅ कᳱ समीᭃा करेगा और बोडᭅ, बालक के संबंध मᱶ ऐसे आदशे पाᳯरत कर सकता ह,ै िज᭠हᱶ बोडᭅ उपयुᲦ समझे। इन आदशेᲂ मᱶ अिधिनयम कᳱ धारा 17 और 18 के अनुसार पाᳯरत ᳰकए जाने वाले आदशे शािमल ह,ᱹ जो ᳰक इस ᮧकार हᱹ:

(i) यᳰद बालक कᳱ पहली पेशी के समय ᮧ᭭तुत ᳰकए गए द᭭तावेजᲂ और अिभलेख पर िवचार करने पर उसके ᳇ारा िविध का उ᭨लंघन ᳰकए जाने का अिभकथन िनराधार ᮧतीत हो या जहां बालक ᳇ारा छोटे-मोटे अपराध ᳰकए जाने का अिभकथन ᳰकया गया हो, वहां मामले का िनपटान करना;

(ii) जहां बोडᭅ को ऐसा ᮧतीत हो ᳰक बालक को दखेरेख और संरᭃण कᳱ आव᭫ यकता ह,ै वहां बालक को सिमित के पास भेजना;

(iii) बालक को ᮧᱨप 3 मᱶ आदशे के मा᭟यम से, यथाि᭭थित, उपयुᲦ ᳞िᲦयᲂ या उपयुᲦ सं᭭थाᲐ या पᳯरवीᭃा अिधकाᳯरयᲂ के पयᭅवेᭃण या अिभरᭃा मᱶ इस िनदᱷश के साथ छोड़ना ᳰक बालक अगली तारीख पर जांच के िलए ᮧ᭭तुत हो या ᮧ᭭तुत ᳰकया जाए;

और

(iv) ᮧᱨप 4 मᱶ आदशेानुसार जांच के लंिबत रहने के समय यᳰद आव᭫यक हो तो बालक को जैसा भी उपयुᲦ हो बाल दखेरेख सं᭭था मᱶ रखे जाने के िनदᱷश दनेा।

(2) जांच के लंिबत रहने के समय छोड़े जाने के सभी मामलᲂ मᱶ बोडᭅ सुनवाई कᳱ अगली तारीख अिधसूिचत करेगा, जो ᳰक पहली संिᭃ᳙ जांच कᳱ तारीख से अिधकतम पंᮤह ᳰदन बाद होगी और ᮧᱨप 5 मᱶ आदशे के मा᭟यम से पᳯरवीᭃा अिधकारी से या पᳯरवीᭃा अिधकारी उपल᭣ध न होने के मामले मᱶ बाल क᭨याण अिधकारी या संबंिधत सामािजक कायᭅकताᭅ से सामािजक अ᭠वेषण ᳯरपोटᭅ ᮧ᭭तुत करने कᳱ मांग भी करेगा।

(3) जब िविध का उ᭨लंघन करने के िलए अिभकिथत बाल जमानत ᳰदए जाने के बाद सुनवाई के िलए िनधाᭅᳯरत तारीख को बोडᭅ के समᭃ ᮧ᭭तुत नहᱭ हो पाता ह ैऔर उसकᳱ ओर से पेशी से छूट के िलए कोई आवेदन ᮧ᭭तुत नहᱭ ᳰकया जाता ह ैया उसे पेशी से छूट दनेे के िलए कोई पयाᭅ᳙ कारण न हो तब बोडᭅ बाल क᭨याण पुिलस अिधकारी और पुिलस थाना ᮧभारी को बालक को ᮧ᭭तुत करने के िनदᱷश जारी करेगा।

(4) यᳰद बाल क᭨याण पुिलस अिधकारी को ᮧ᭭तुत ᳰकए जाने के िनदᱷश जारी ᳰकए जाने के बाद भी बालक को बोडᭅ के समᭃ ᮧ᭭तुत नहᱭ कर पाता ह ैतो बोडᭅ, दडं ᮧᳰᮓया संिहता, 1973 कᳱ धारा 82 के अधीन आदिेशका जारी करने के ᭭ थान पर अिधिनयम कᳱ धारा 26 के अधीन उपयुᲦ आदशे पाᳯरत करेगा।

(5) ᳰकसी ऐसे बालक ᳇ारा अिभकिथत जघ᭠य अपराध ᳰकए जाने के मामलᲂ मᱶ, िजसने सोलह वषᭅ कᳱ आयु पूरी कर ली हो, बाल क᭨याण पुिलस अिधकारी बालक को बोडᭅ के समᭃ पहली बार ᮧ᭭तुत ᳰकए जाने कᳱ तारीख से एक मास कᳱ अविध मᱶ जांच के दौरान अपन े ᳇ारा अिभिलिखत ᳰकए गए गवाहᲂ के कथन और तैयार ᳰकए गए अ᭠य द᭭तावेज ᮧ᭭तुत करेगा, िजनकᳱ एक ᮧित बालक या उसके माता- िपता या संरᭃक को भी दी जाएगी।

(6) छोटे-मोटे अपराधᲂ के मामलᲂ मᱶ अंितम ᳯरपोटᭅ यथाशीᮖ और ᳰकसी भी मामले मᱶ पुिलस को सूचना कᳱ तारीख से अिधकतम दो मास कᳱ समयाविध मᱶ बोडᭅ के समᭃ दायर कᳱ जाएगी, िसवाए उन मामलᲂ के, िजनमᱶ यथोिचत ᱨप से यह ᭄ात नहᱭ था ᳰक अपराध मᱶ संिल᳙ ᳞िᲦ कोई बालक था, िजस मामले मᱶ अंितम ᳯरपोटᭅ दायर करने के िलए बोडᭅ ᳇ारा समयाविध बढ़ाई जा सकती ह।ै

(7) िविध का उ᭨लंघन करने के िलए अिभकिथत ᳰकसी बालक से संबंिधत जांच मᱶ परीᭃा के िलए गवाहᲂ को ᮧ᭭तुत करने के समय, 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] बोडᭅ यह सुिनि᳟त करेगा ᳰक जांच कायᭅ पूणᭅतः ᮧितकूल कायᭅवाही के ᱨप मᱶ न ᳰकया जाए तथा बोडᭅ, भारतीय सा᭯य अिधिनयम, 1872 (1872 का 1) कᳱ धारा 165 ᳇ारा ᮧदᱫ शिᲦयᲂ का ᮧयोग करेगा, ताᳰक बालक से पᳯरᮧ᳤ ᳰकए जा सकᱶ और उसके पᭃ मᱶ उपधारणाᲐ के आधार पर कायᭅवाही कᳱ जा सके।

(8) अिधिनयम कᳱ धारा 14 के अधीन जांच के दौरान िविध का उ᭨लंघन करने के िलए अिभकिथत बालक कᳱ परीᭃा करने व उसका कथन अिभिलिखत करने के समय बोडᭅ, बालक से बाल अनुकूल रीित से सवाल-जवाब करेगा, ताᳰक वह बालसहज हो सके और िजन अपराधᲂ का आरोप उस पर लगाया गया ह,ै न केवल उनके बारे मᱶ, बि᭨क िजस घर, सामािजक पᳯरवेश मᱶ और ᮧभाव के अधीन वह रहा या उसके साथ जो अपराध ᱟए हᲂ, उन सभी के िवषय मᱶ त᭝यᲂ तथा पᳯरि᭭थितयᲂ का वणᭅन िबना ᳰकसी भय के कर सके।

(9) िविध का उ᭨लंघन करने वाले ᳰकशोर के िवषय मᱶ ᳰकसी िन᭬कषᭅ पर पᱟचंने के िलए बोडᭅ, उस बालक के पकड़े जाने पᳯरि᭭थितया ं और उसके किथत अपराध का ᭣यौरा दशाᭅने वाली ᳯरपोटᭅ तथा पᳯरवीᭃा अिधकारी या ᭭वैि᭒छक या गैर-सरकारी संगठन ᳇ारा ᮧᱨप 6 मᱶ तैयार कᳱ गई सामािजक अ᭠वेषण ᳯरपोटᭅ और िविभ᳖ पᭃᲂ ᳇ारा ᮧ᭭तुत ᳰकए गए सा᭯यᲂ पर िवचार करेगा। 10 क. बोडᭅ ᳇ारा जघ᭠य अपराधᲂ का ᮧाथिमक िनधाᭅरण.—(1) बोडᭅ, ᮧथम दृ᳥ या यह अवधाᳯरत करेगा ᳰक ᭍या बालक कᳱ आयु सोलह वषᭅ या उससे अिधक है; यᳰद नहᱭ तो बोडᭅ, अिधिनयम कᳱ धारा 14 के उपबंधᲂ के अनुसार कायᭅवाही करेगा।

(2) जघ᭠य अपराधᲂ के ᮧाथिमक िनधाᭅरण के ᮧयोजनाथᭅ बोडᭅ, मनोवै᭄ािनकᲂ या मनो-सामािजक कायᭅकताᭅᲐ या अ᭠य िवशेष᭄ᲂ कᳱ सहायता ले सकता है, िज᭠हᱶ कᳯठन पᳯरि᭭थितयᲂ मᱶ रहने वाले बᲬᲂ के साथ कायᭅ करने का अनुभव ᮧा᳙ हो। िजला बाल संरᭃण इकाई ऐस े िवशेष᭄ᲂ का पैनल उपल᭣ध करा सकता ह,ै िजनकᳱ सहायता बोडᭅ ले सकता हो या बोडᭅ उनसे अलग से भी संपकᭅ कर सकता हो।

(3) ᮧाथिमक िनधाᭅरण करते समय बालक के िनदᲃष होने कᳱ उपधारणा कᳱ जाएगी, यᳰद अ᭠यथा िस᳍ न ᱟआ हो।

(4) जहां बोडᭅ, अिधिनयम कᳱ धारा 15 के अधीन ᮧाथिमक िनधाᭅरण के बाद यह आदशे पाᳯरत करता ह ैᳰक उᲦ बालक पर िवचारण वय᭭क के ᱨप मᱶ ᳰकए जाने कᳱ आव᭫यकता है तो बोडᭅ ऐसे आदशे के कारण समनुदिेशत करेगा और आदेश कᳱ ᮧित उस बालक को तुरंत दी जाएगी।

Where this provision sits

ActModel Rules for the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015
Section10
Marginal noteᮧ᭭ततु ᳰकए जान े के बाद बोडᭅ कᳱ ᮧᳰᮓया
JurisdictionUnion territory of Delhi
StatusIn force as published by the source

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