धारा 10 में जर्वजनिदा रा आयोग की िजियों और कृत्यों के अजतररि, आयोग– (क) देि में जिककत्सा जििा की लागत को कम करन ेके जलए अध्ययन करेगा;
(ख) जिककत् सा जििा की लागत को कम करने तथा इसे और अजधक सुलभ बनाने के उदे्द्य के साथ-साथ आधुजनक प्रौद्योजगकी को अपनाने, बुजनयादी ढांिे का गहन उपयोग करने, संकाय साझा करने, जर्वतरण अस्ट् पतालों के रूप में रै्वजश्वक पद्धजतयों के सुझार्व पर भी जर्विार करेगा; और (ग) स्ट्र्वायत्त बोडों के जर्वजनियों के जर्वरुद्ध अपीलों की सुनर्वाई की रीजत जर्वजनजित करेगा:
परंतु िहां ककसी स्ट्र्वायत्त बोडा के जर्वजनिय के जर्वरुद्ध अपील फाइल की िाती ह ैतो ऐसे स्ट्र्वायत्त बोडा का अध्यि अपील की कायार्वाही में भाग नहीं लगेा;
(घ) सभी रायय सरकारों, संघ राय य िेत्रों के प्रिासनों और अन्य पणधाररयों िैसे भारतीय जिककत् सा पद्धजत जिककत्सा रृ्वजत्तक संघ, रेिीडेंट जिककत् सक संघ और रोगी अजधकार जनकायों जिनमें, आम िनता भी िाजमल ह,ै के साथ परामिा करने के बाद इन जर्वजनयमों का प्रारूप तीस कदन की अर्वजध के जलए आयोग की रे्वबसाइट पर डालने के प् िात तथा प्राप्त होने र्वाल ेआरोपों या सुझार्वों पर जर्विार करके जर्वजनयम तैयार करेगा;
(ङ) िब तक आयोग के जलए पद स्ट्र्वीकृत नहीं हो िात ेऔर उि पदों पर जनयजमत भती नहीं हो िाती, तब तक अपनी आर्व्यकतानुसार संजर्वदा के आधार पर कमािाररयों की भती करना, जिनकी संख् या भारतीय जिककत् सा कें द्रीय पररषद अजधजनयम की र्वतामान स्ट्र्वीकृत पदों की संख् या से अजधक नहीं होगी।