(1) िहां अनुज्ञजप्तधारी संयुक् त अनुज्ञजप्त के अनुिान के प चत् एक िषव की अिजध के भीतर खोि संदक्या संबंधी आरम्भ करने में जिफल रहता ह,ै या आरम्भ होने पर, िो िषव की अिजध के जलए संदक्या बंि कर ितेा ह,ै प्रिासजनक प्राजधकारी, जनयम 12 के उप-जनयम (1) के 16 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] उपबंधो के अधीन, एक आिेि द्वारा, संयुक् त अनजु्ञजप्त को, यर्ाजस्ट् र्जत, संयुक् त अनुज्ञजप्त के संपािन की तारीख से या संदक्या के बंि होने की तारीख से, समाप्त घोजषत करेगा और अनजु्ञजप्तधारी को घोषणा की सूचना िेगा।
(2) प्रिासजनक प्राजधकारी संयुक् त अनुज्ञजप्त की समाजप्त पर अनजु्ञजप्तधारी द्वारा प्रस्ट्ततु संपािन प्रजतभूजत को पूणवतीः या आंजिक रूप से िब्त कर सकेगा।
(3) अनुज्ञजप्तधारी प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा संपािन प्रजतभूजत के अजतररि, खोि कायों से प्रभाजित समुरतल के नैसर्गवक पुनिावस को समर्व बनान ेके जलए केन्द्रीय सरकार द्वारा जनर्िवष्ट दकसी भी सुरक्षात्मक उपाय करने या कोई आियक किम उठाने या उपाय करने के जलए दकए गए दकसी भी व्यय का भुगतान करेगा।
(4) प्रिासजनक प्राजधकारी संयुक् त अनुज्ञजप्त के व्यपगत होने के बारे में भारतीय खान ब्यरूो को जलजखत रूप में सूजचत करेगा।