(1) इन जनयमों में, िब तक दक संिभव से अन्द्यर्ा अपेजक्षत न हो– (क) “अजधजनयम’’ से अपतट क्षते्र खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 2002 (2003 का 17) अजभप्रेत ह;ै (ख) “नीलामी प्रीजमयम” से अपतट क्षेत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 13 के उप-जनयम
(2) के अधीन पटे्टिार द्वारा िेय रकम अजभप्रेत ह;ै स.ं 590] नई दिल्ली, बुधिार, अक् तबूर 16, 2024/आज िन 24, 1946 No. 590] NEW DELHI, WEDNESDAY, OCTOBER 16, 2024/ASVINA 24, 1946 सी.जी.-डी.एल.-अ.-17102024-258014 CG-DL-E-17102024-258014 2 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ग) “प्ररूप” से इन जनयमों से संलग्न प्ररूप अजभप्रेत ह;ै (घ) "अिैध खनन" से अजधजनयम की धारा 5 की उपधारा (1) के अधीन अपेजक्षत संदक्या संबंधी अजधकार के जबना दकसी भी व्यजि या कंपनी द्वारा दकसी भी अपतट के्षत्र में या उस अपतट के्षत्र की सीमाओं के बाहर जिसके जलए संदक्या संबंधी अजधकार प्रिान दकया गया ह,ै की गई कोई भी अिीक्षण संदक्या या खोि संबंधी संदक्या या उत्पािन संदक्या संबंधी अजभप्रेत ह:ै परन्द् तु अनुज्ञजप्त के्षत्र या पट्टा क्षते्र के भीतर, अनजु्ञजप्तधारी या पटे्टिार द्वारा अजधजनयम की धारा 35 की उपधारा (2) के खंड (तक) के अधीन बनाए गए जनयमों के अलािा दकसी भी जनयम का उल्लघंन अिैध खनन नहीं माना िाएगा;
(ड़) "आनषुंजगक खजनि जनष्कषवण" से सरकार या सरकार द्वारा ऐसी पररयोिना या कायव करने के जलए जिजधित् प्राजधकृत दकसी व्यजि द्वारा कोई अिसंरचना पररयोिना या अन्द्य कायव करते समय दकसी अपतट के्षत्र से खजनिों का जनष्कषवण या उत्खनन अजभप्रेत ह ैऔर इसमें उस के्षत्र में संदक्या संबंधी अजधकार धारक द्वारा जनष्कषवण िाजमल नहीं होगा जिसके जलए उसे संदक्या संबंधी अजधकार प्रिान दकया गया ह;ै (च) “पट्टा के्षत्र” से िह के्षत्र अजभप्रेत ह ैजिसके जलए अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अनुसार उत्पािन पट्टा प्रिान दकया गया ह;ै (छ) "अनजु्ञजप्त के्षत्र" से िह के्षत्र अजभप्रेत ह ै जिसके जलए अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के उपबंधों के अनुसार संयुि अनुज्ञजप्त प्रिान की गई ह;ै (ि) "रन-ऑफ-माइन" से पट्टा के्षत्र के खजनि के्षत्र से झमाई या खनन के बाि प्राप्त प्राकृजतक अिस्ट्र्ा में कच्ची, अप्रसंस्ट्कृत या जबना जपसी हुई सामग्री अजभप्रेत ह;ै (झ) "अनुसूची" से इन जनयमों से उपाबद्ध अनुसूची अजभप्रेत ह;ै और (ञ) "परमाण ुखजनिों के संबंध में प्रारंजभक मूल्य" से परमाणु खजनि का िह ग्रडे अजभप्रेत ह,ै जिसे अयस्ट्क में जनजहत जनधावररत पिार्ों के भार के प्रजतित के रूप में जनर्िवष्ट दकया गया ह,ै िैसा दक खान और खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 1957 (1957 का 67) के अधीन बनाए गए परमाण ुखजनि ररयायत जनयम, 2016 की अनुसूची क में जनर्िवष्ट और अजधसूजचत दकया गया ह,ै िो उस जििेष परमाणु खजनि के जलए प्रारंजभक मूल्य ह ैिो उस रूप में या एक या एक से अजधक खजनिों के सार् पाया िाता ह।ै
(2) इसमें प्रयुि िब्िों और पिों का, िो इसमें पररभाजषत नहीं हैं, दकन्द्तु अजधजनयम में पररभाजषत हैं, िही अर्व होगा िो अजधजनयम या इसके अधीन बनाए गए जनयमों में ह।ै
3. लाग ूहोना.–– ये जनयम जनम् नजलजखत के जसिाय-
(i) अजधजनयम की धारा 3 की उपधारा (1) में जनर्िवष्ट खजनि तेल और हाइड्रोकाबवन; और
(ii) परमाणु खजनिों के संबंध में प्रारंजभक मूल्य के बराबर या उससे अजधक ग्रेड िाल ेपरमाण ुखजनिों पर, अपतट क्षेत्रों में सभी खजनिों पर लागू होंगे।
4. अन्द्य अजधजनजमजतयों के अधीन बनाए गए जनयमों की व्यािजृत्त.–– इन जनयमों की कोई बात खान और खजनि (जिकास और जिजनयमन) अजधजनयम, 1957 (1957 का 67) की प्रर्म अनुसूची के भाग ख में जिजनर्िवष्ट खजनिों से संबंजधत अनुज्ञापन के संबंध में परमाणु ऊिाव अजधजनयम, 1962 (1962 का 33) के अधीन बनाए गए जनयमों के उपबंधों पर प्रभाि नहीं डालगेी। अध्याय 2 सदंक्या सबंधंी अजधकार प्रिान करन ेके जलए अपतट क्षते्रों की उपलब्धता