(1) अनजु्ञजप्तधारी या पटे्टिार प्रिासजनक प्राजधकारी को साठ दिनों की अिजध के भीतर दकसी भी पररितवन के बारे में सूजचत करेगा िो उसके नाम, राष्ट्रीयता, रजिस्ट्रीकृत कायावलय और बहुमत स्ट्िाजमयों के जििरण या प्रिासजनक प्राजधकरी को प्रस्ट्तुत अन्द्य जिजिजष्टयों में हो सकेगा ।
(2) यदि अनुज्ञजप्तधारी या पटे्टिार उपजनयम (1) में जनर्िवष्ट िानकारी प्रस्ट्तुत करन ेके जलए पयावप्त कारण के जबना जिफल रहता ह,ै तो केन्द्रीय सरकार पांच लाख रुपय ेका िुमावना अजधरोजपत कर सकेगी, िो िस लाख रुपये तक का हो सकेगा और उपजनयम (1) के उपबंधों के जनरंतर उल्लंघन के मामल ेमें केन्द्रीय सरकार पररचालन अजधकार को समाप्त कर सकेगी और संपािन प्रजतभूजत को िब्त कर सकेगी:
परन्द् तु, यर्ाजस्ट्र्जत, अनुज्ञजप्त धारी या पटे्टिार को अपना मामला बतान ेका उजचत अिसर दिए जबना ऐसा कोई आिेि नहीं दिया िाएगा।