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Section 6: सरकार, सरकारी कंपजनयों या जनगमों को सदंक्या सबंधंी अजधकार को प्रिान करना

Offshore Areas Operating Right Rules, 2024Central Rules · 2003

(1) प्रिासजनक प्राजधकारी, अजधजनयम की धारा 8 की उपधारा (1) के अधीन आरजक्षत दकसी भी अपतट के्षत्र, या उसके दकसी भी भाग के जलए सरकार, या दकसी सरकारी कंपनी या जनगम को अजधजनयम की धारा 8 की उपधारा (3) के अनुसार संदक्या संबंधी अजधकार प्रिान कर सकता ह।ै

(2) केन्द्रीय सरकार उप-जनयम (1) के अधीन कोई संदक्या संबंधी अजधकार प्रिान करने से पूिव जनयम 5 के उप-जनयम (2) के अधीन जिजनर्िवष्ट मंत्रालयों या जिभागों से परामिव करेगी।

(3) अजधजनयम की धारा 8 की उपधारा (3) के अधीन खजनिों के जलए सरकार, सरकारी कंपनी या जनगम को दिए गए सभी उत्पािन पटे्ट पचास िषव की अिजध के जलए होंगे।

(4) अजधजनयम की धारा 8 की उपधारा (3) के अधीन खजनिों के जलए सरकार, सरकारी कंपनी या जनगम को िी गई सभी संयुक् त अनुज्ञपजत्तयां तीन िषव की अिजध के जलए होंगी:

परन्द् त ुप्रिासजनक प्राजधकारी, अनुज्ञजप्तधारी द्वारा उि अिजध की समाजप्त से पूिव तीन माह की अिजध के भीतर दकए गए आिेिन पर कारणों को जलजखत करके और ऐसी ितों के अधीन, िो जनर्िवष्ट की िा सकती हैं, खोि संबंधी संदक्याओं के संतोषिनक समापन के जलए अनुज्ञजप्तधारी को िो िषव की अिजध के जलए जिस्ट्तार प्रिान कर सकता ह:ै परन्द् त ुयह और दक प्रर्म परन्द्तकु के अधीन प्रिान की गई जिस्ट्ताररत अिजध, यदि कोई हो, की समाजप्त पर कोई और जिस्ट्तार प्रिान नहीं दकया िाएगा।

(5) अपतट के्षत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के अनुसार चयजनत अनुज्ञजप्तधारी या पट्टाधारी पर, अजधजनयम के अधीन धनराजियों के भुगतान सजहत, लाग ूसभी जनबंधन और ितें, संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पट्टा प्रिान करने की प्रदक्या को छोड़कर, सरकार या सरकारी कंपनी या जनगम पर यर्ाियक पररितवनों सजहत लाग ूहोंगी, जिसे अजधजनयम की धारा 8 की उपधारा (3) के अधीन संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पट्टा प्रिान दकया गया ह।ै अध्याय 4 सदंक्या सबंधंी अजधकारों की जनबधंन और ितें

7. सयंकु् त अनजु्ञजप्त के जनबधंन और ितें.–– (1) संयुक् त अनुज्ञजप्त के जनबंधन में अंतर्िवष् ट संयुक् त अनुज्ञजप्त के अनजु्ञजप्त जिलेख की खोि अनजु्ञजप्त अपतट के्षत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 18 के उप-जनयम (4) के अधीन सफल बोलीिाता के सार् प्ररूप 1 में जनष्पादित की िाएगी। 4 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(2) इन जनयमों के अधीन प्रिान की गई प्रत्येक संयुक् त अनजु्ञजप्त, इसमें जिजनर्िवष्ट दकन्द्हीं अन्द्य ितों के अजतररि, जनम्नजलजखत ितों के अधीन होगी, अर्ावत्: - (क) खजनि ब्लॉक के जलए, अनुज्ञजप्तधारी िाजणजययक प्रयोिनों के अजतररि

(i) अनुसूची के स्ट्तंभ (3) में जनर्िवष्ट सीमाओं के भीतर ऐसे खजनिों की जबना दकसी भुगतान की कोई मात्रा;

(ii) ऐसे खजनिों की कोई मात्रा िो अनुसूची के स्ट्तंभ (4) में जनर्िवष्ट सीमाओं से अजधक न हो, उन खजनिों के संबंध में अजधजनयम की प्रर्म अनुसूची में जनर्िवष्ट स्ट्िाजमस्ट्ि के भुगतान पर अन्द्य प्रयोिनों के जलए खजनि जनष् कासन कर सकता ह ैऔर ले िा सकता ह-ै परन्द् त ुयदि इस खंड में जनर्िवष्ट मात्रा से अजधक कोई मात्रा िीती और ल ेिाई िाती ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी िीती और ल ेिाई गई खजनिों की अजधक मात्रा का कीमत िसूल करेगा और अजधजनयम की धारा 23 के अधीन कारविाई आरंभ कर सकेगा;

(ख) प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन से, अनुज्ञजप्तधारी, रासायजनक, धातुकमव, सज्जीकरण या अयस्ट्क की ड्रेससंग करन ेतर्ा अन्द्य परीक्षण प्रयोिनों के जलए अजधजनयम की प्रर्म अनुसूची में जनर्िवष्ट स्ट्िाजमस्ट्ि के भुगतान पर, अनुसूची में जनर्िवष्ट सीमाओं से अजधक मात्रा में खजनिों को ल े िा सकेगा;

(ग) यदि अनजु्ञजप्तधारी को अिैध खनन का िोषजसद्ध दकया िाता ह ैऔर ऐसी िोषजसजद्ध के आििे के दक्यान्द्ियन को जनलजम्बत करने िाला दकसी न्द्यायालय का कोई आिेि नहीं ह,ै तो केन्द्रीय सरकार, अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन आरंभ की िान ेिाली दकसी अन्द्य कायविाही पर प्रजतकूल प्रभाि डाले जबना, ऐसी संयुक् त अनुज्ञजप्त को समाप्त कर सकेगी और अनुज्ञजप्तधारी को सुनिाई का अिसर िेने के पश्चात तर्ा कारणों को जलजखत रूप में अजभजलजखत करके अनुज्ञजप्तधारी को सूजचत करन े के पश्चात, उसके द्वारा प्रस्ट्ततु संपािन प्रजतभूजत को िब्त कर सकेगी;

(घ) अनुज्ञजप्तधारी खोि संबंधी संदक्याओं से प्रभाजित समुर तल के प्राकृजतक पुनिावस को समर्व बनाने के जलए सभी आियक किम और उपाय करेगा, जिसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा यर्ा जनर्िवष्ट कोई भी उपाय िाजमल होंगे;

(ड़) अनुज्ञजप्तधारी अजधजनयम के उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए जनयमों का अनपुालन करेगा, जिसमें अजधजनयम की धारा 19क के अधीन बनाए गए जनयम और अजधजनयम की धारा 21 के अधीन िारी जनिेि भी िाजमल हैं;

(च) अनुज्ञजप्तधारी सभी खोि आंकड़,े ररपोटव, नमूने, जिनमें खजनि जनष् कासन और जनकाले गए ऐसे नमूनों की मात्रा से संबंजधत आकंड़े तर्ा खोि संदक्या संबंधी के िौरान उसके द्वारा एकत्र की गई अन्द्य प्रासंजगक िानकारी िाजमल ह,ै भारतीय भूिैज्ञाजनक सिेक्षण, प्रिासजनक प्राजधकारी, भारतीय खान ब्यूरो और यर्ाजनर्िवष्ट ऐसे अन्द्य प्राजधकारी को उपलब्ध कराएगा और जनम्नजलजखत ररपोटें प्रस्ट्तुत करेगा, अर्ावत्:—

(i) जतमाही की समाजप्त के पश्चात तीस दिन की अिजध के भीतर तै्रमाजसक ररपोटव;

(ii) िषव की समाजप्त के पश्चात साठ दिन की अिजध के भीतर िार्षवक ररपोटव;

(iii) संयुक् त अनजु्ञजप्त में जनर्िवष्ट कोई अन्द्य ररपोटव;

(छ) अनुज्ञजप्तधारी खोि संदक्याओं के िौरान एकजत्रत दकसी भी आंकड़ा को प्रिासजनक प्राजधकारी की पूिव स्ट्िीकृजत के जबना भंडारकरण, प्रसंस्ट्करण या जनिवचन के जलए दकसी तृतीय पक्षकार के सार् साझा नहीं करेगा;

(ि) अनुज्ञजप् तधारी उसका जनरीक्षण करने के प्रयोिन के जलए अनुज्ञजप् त क्षेत्र में दकसी िलयान, प् लेटफोम, स्ट् र्ापना या दकसी अन्द् य अिसंरचना में प्रिेि करने िाली प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द् रीय सरकार द्वारा दकसी प्राजधकृत प्राजधकारी को अनुज्ञप् त करेगा। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 5 (झ) अनुज्ञजप्तधारी खोि संदक्याओं पर उसके द्वारा दकए गए सभी व्ययों का सटीक और सही लेखा रखेगा, तर्ा ऐसी संदक्याओं के िौरान प्राप्त सभी खजनिों की मात्रा और अन्द्य ब्यौरे और उनके प्रेषण का लेखा भी रखेगा;

(ञ) अनुज्ञजप्तधारी उस पोत या संस्ट्र्ापन पर खोि संदक्याओं के िौरान एकजत्रत आंकड़ों का िैजनक लॉग बनाएगा जिसके द्वारा अनुज्ञजप्त के्षत्र में ऐसी संदक्याए ंकी िा रही हैं और केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा इस संबंध में प्राजधकृत दकसी अजधकारी को ऐसे आंकड़ा लॉग का जनरीक्षण करन ेकी अनुमजत िगेा और अनजु्ञजप्तधारी संयुक् त अनुज्ञजप्त में जनर्िवष्ट दकसी अन्द्य ररपोटव िेन ेसे संबंजधत आियकताओं का भी अनुपालन करेगा;

(ट) अनुज्ञजप्तधारी को िलयानों, ड्रोनों को तैनात करन े और अनजु्ञजप्त के्षत्र में ऐसे सभी अस्ट्र्ायी बोया, संरचनाओं, भाप और अन्द्य इंिनों, मिीनरी, सुजिधाओं और मालमत्ता को लाने का अजधकार होगा, जिन्द्हें उसकी खोि संदक्याओं को प्रभािी ढंग से चलाने या िहां कामगारों के रोिगार के जलए उजचत और आियक समझा िा सकता ह;ै (ठ) अनुज्ञजप्तधारी को अपतट क्षेत्रों में िलयानों, प्रजतष्ानों, मिीनरी, इंिन, प्लेटफामों, ड्रोन और अन्द्य प्रजतष्ानों या उपकरणों की आिािाही और तनैाती से संबंजधत सभी लागू जिजधयों और जिजनयमों का पालन करना होगा;

(ड) अनुज्ञजप्तधारी यह सुजनजश्चत करेगा दक कोई भी िहाि, स्ट्र्ापना, मिीनरी, इंिन, प्लेटफॉमव, ड्रोन और अन्द्य स्ट्र्ापनाएं या उपकरण िो उसके द्वारा अपतट क्षेत्रों में तैनात दकए गए हैं, उन पर उपग्रह रेककंग उपकरण और यात्रा आंकड़ा ररकॉडवर िैसे उपकरण लगे हों और उनका उपयोग दकया िाए, िो उनकी गजतजिजध पर मॉनीटरी रखत ेहैं और ररपोटव करत ेहैं;

(ढ) अनुज्ञजप् तधारी, अपतट के्षत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 18 के उप-जनयम (7) के प्रर्म परन्द् तुक के अनुसार संयुक् त अनुज्ञजप्त की समाजप्त या अिसान या प्रचालन के पररत्याग या अजतररि के्षत्र के अभ्यपवण की तारीख के पश्चात छह मास की अिजध के भीतर, िो भी पहल े हो,—

(i) खोि संदक्याओं से प्रभाजित समुर तल के प्राकृजतक पुनिावस को समर्व बनाने के जलए सभी आियक किम उठाएगा, जिसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा यर्ाजनर्िवष्ट कोई भी उपाय सजम्मजलत ह;ै और

(ii) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा अनुज्ञजप्त क्षते्र में या उसके भीतर बनाए गए या लाए गए सभी िलयानों, संरचनाओं, उत्प्लिों, इंिनों, मिीनरी, औिारों, उपकरणों और अन्द्य संपजत्त और मालमत्ता को अनजु्ञजप्तधारी द्वारा खजनि जनष् कासन के सभी खजनिों के सार् अपनी लागत पर िीघ्रता से हटाएगा:

परन्द् त ुइस खंड के उपबंध उस के्षत्र के मामले में लागू नहीं होंगे, जिस पर अनुज्ञजप्तधारी को संयुक् त अनुज्ञजप्त की समाजप्त या समाजप्त पर या उससे पहले उत्पािन पट्टा दिया गया हो, िैसा भी मामला हो;

(ण) अनुज्ञजप्तधारी खोि संबंधी संदक्या िुरू करने से कम से कम िो मास पहले प्रिासजनक प्राजधकारी, भारतीय खान ब्यरूो और नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनििेालय), रक्षा मंत्रालय को नोरटस िेगा, तादक यह सुजनजश्चत दकया िा सके दक ऐसी संदक्याओं से के्षत्र में दकसी भी नौसैजनक अभ्यास में बाधा न आए;

(त) यदि जििेिी अजधिजसत इकाईयां या जििेिी इकाईयां या ठेकेिार, कार्मवक, िहाि या उपकरण खोि संदक्याओं के जलए जनयुि या तैनात दकए िाते हैं, तो सरकारी प्राजधकाररयों से पूिव अनुमोिन प्राप्त दकया िाएगा, जिसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा अजनिायव घोजषत दकए गए कोई जिजिष्ट अनुमोिन भी िाजमल हैं; एकत्र दकया गया कोई भी आंकड़ा और जनष्पादित कायव अनुज्ञजप्तधारी के भारतीय प्रजतजनजधयों के पयविेक्षण और जनयतं्रण में होगा, िो उजचत सुरक्षा उपाय सुजनजश्चत करेंग;े 6 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (र्) अनुज्ञजप्तधारी यह सुजनजश्चत करेगा दक खोि संदक्याओं के िौरान उत्पन्न आंकड़ा, जिसमें कोई भूिैज्ञाजनक आंकड़ा भी िाजमल ह,ै भारत में जििेिी इकाईयों या ठेकेिारों द्वारा संसाजधत दकया िाता ह ै और ऐसा संसाजधत और गैर-संसाजधत आंकड़ा दकसी जििेिी इकाई को केिल प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन से ही दिया िा सकता ह;ै (ि) खोि संदक्याओं के जलए अनुज्ञजप्तधारी द्वारा स्ट्िय ंया अनुबंजधत कंपजनयों द्वारा तैनात दकए िान े िाले सभी िलयानो और स्ट्र्ाजपत दकए िाने िाले प्रजतष्ानों को उनकी तैनाती से पहल ेसंबंजधत नौसेना कमान के फ्लगै अफसर कमांसडंग-इन-चीफ और फ्लगै अफसर, अपतट रक्षा सलाहकार समूह के तत्िािधान में भारतीय नौसेना के सुरक्षा जनरीक्षण से गुिरना होगा और उसे मंिूरी िेनी होगी और ऐसे जनरीक्षण और मंिूरी को सुकर बनान े के जलए अनुज्ञजप्तधारी द्वारा उि अजधकाररयों को एक मास का स्ट्पष्ट नोरटस दिया िाएगा;

(ध) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा खोि संदक्याओं के जलए तनैात दकए िान ेिाले सभी िलयानो को िाजणय य पोत पररिहन अजधजनयम, 1958 (1958 का 44) और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अनुसार नौिहन महाजनिेिालय से पूिव मंिूरी प्राप्त करनी होगी;

(न) अनुबंजधत कंपजनयों या व् यजक् तयों को संजििा अजधजनणीत करने के संबंध में सूचना, संजििा इकाई का नाम, संजििा की अिजध, संजििा की जिषय-िस्ट्तु, प्रयुि उपकरणों की प्रकृजत और एकत्र दकया िाने िाला आंकड़ा, यदि कोई हो, सजहत अनुबंधों के प्रासंजगक जििरण के सार्, अनुज्ञजप्तधारी द्वारा प्रचालन आरम्भ करने से पूिव, प्रिासजनक प्राजधकारी को एक प्रजत के सार् नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनिेिालय), रक्षा मंत्रालय को भेिा िाएगा, जिसमें प्रचालन कंपजनयों द्वारा िलयानों की तैनाती पर छह मास का लंबा मामला उपलब्ध कराया िाएगा;

(प) िलयानों पर सिार सभी जििेिी कार्मवकों के जलए िीिा और अन्द्य अनुमजतयां िो ितवमान में लाग ूजिजध के अधीन आियक हो सकती हैं, सरकारी प्राजधकारी से प्राप्त करनी होंगी;

(फ) अनुज्ञजप्तधारक खोि संदक्याओं के जलए तैनात सभी िलयानों और उपकरणों तर्ा िलयानों पर सिार कार्मवकों की सुरक्षा के जलए सभी पूिाविधानी उपाय करेगा;

(ब) अनुज्ञजप्तधारी समुरी सुरक्षा चेतािजनयां िारी करने के जलए, अनुज्ञजप्त के्षत्र में तनैात सभी िलयानों, मौिूिा और जनमावणाधीन अपतट प्रजतष्ानों या प्लटेफामों, उपकरणों और मिीनरी के जनिेिांकों को ििावते हुए स्ट्र्ान की सूचना तुरंत फ्लगै अफसर, अपतट रक्षा सलाहकार समहू और प्रिासजनक प्राजधकारी को िगेा और उसके बाि िब भी इसे स्ट्र्ानांतररत दकया िाएगा, इसके नए स्ट्र्ान की भी सूचना िेगा;

(भ) अनुज्ञजप्तधारी नौिहन के प्रयोिनों या कें र सरकार द्वारा यर्ा प्राजधकृत दकसी अन्द्य उद्देय के जलए मान्द्यता प्राप्त समुरी मागों में दकसी भी मागव के अजधकार में हस्ट्तक्षपे नहीं करेगा;

(म) अनुज्ञजप्तधारी, अनुज्ञजप्तधाररयों या पटे्टधाररयों को दकसी ऐसे के्षत्र में पहुचं की उजचत सुजिधाएं िेगा िो अनुज्ञजप्तधारी द्वारा धाररत अनुज्ञजप्त के्षत्र में समाजहत ह ैया उससे सटा हुआ ह ैया उससे पहुचंा िा सकता ह:ै परन्द् तु अनजु्ञजप्तधाररयों या पटे्टधाररयों द्वारा अनुज्ञजप्तधारी के प्रचालन में कोई सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षेप नहीं दकया िाएगा और उजचत प्रजतकर, िैसा दक पारस्ट्पररक रूप से सहमत हो सकता ह ैया असहमजत की जस्ट्र्जत में िैसा दक प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा जनणवय दकया िा सकता ह,ै अनुज्ञजप्तधारी को अनुज्ञजप्तधारी द्वारा उठाए गए दकसी भी नुकसान या क्षजत के जलए भुगतान दकया िाएगा;

(य) अनुज्ञजप्तधारी अनजु्ञजप्त के्षत्र के भीतर सरकारी प्राजधकारी द्वारा जिजधित् प्राजधकृत दकसी प्रचालक द्वारा दकए िा रह े या दकए िाने के जलए प्रस्ट्ताजित दकसी पेरोजलयम प्रचालन या अपतट पिन ऊिाव पररयोिनाओं से संबंजधत दकसी प्रचालन या ऐसे अन्द्य प्रचालनों में बाधा या हस्ट्तक्षेप से बचने के जलए अपने सिोत्तम प्रयास करेगा;

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 7 (यक) अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों या संयुक् त अनुज्ञजप्त के अधीन दकसी भी जनयम ि ितव को पूरा करने में अनुज्ञजप्तधारी की ओर से जिफलता से केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी को अनजु्ञजप्तधारी के जिरुद्ध कोई िािा नहीं जमलेगा या इसे संयुक् त अनुज्ञजप्त का उल्लघंन नहीं माना िाएगा, िहां तक ऐसी जिफलता को केन्द्रीय सरकार द्वारा दकसी अप्रत्याजित घटना से उत्पन्न माना िाता ह ै और दकसी अप्रत्याजित घटना के कारण अनुज्ञजप्तधारी द्वारा अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों या संयुक् त अनुज्ञजप्त के अधीन दकसी भी जनयम ि ितव को पूरा करन ेमें दकसी जिलम्ब की जस्ट्र्जत में, ऐसे जिलम्ब की अिजध इन जनयमों या संयुक् त अनुज्ञजप्त द्वारा जनधावररत अिजध में िोड़ िी िाएगी;

स्ट्पष्टीकरण.— इस खंड के प्रयोिनों के जलए, अजभव्यजि "अप्रत्याजित घटना" से िैिीय कृत्य, युद्ध, जिप्लि, बलिा, जसजिल अिांजत, हड़ताल, भूकंप, तूफान, यिारीय लहर, बाढ़, आकािीय जिदु्यत, जिस्ट्फोट, आग या कोई अन्द्य घटना अजभप्रेत ह ैजिसे अनुज्ञजप्तधारी उजचत रूप से रोक या जनयंजत्रत नहीं कर सकता र्ा;

(यख) अनुज्ञजप्तधारी यह सुजनजश्चत करेगा दक अनुज्ञजप्त क्षेत्र में खोि संदक्याओं के प्रयोिनों के जलए तैनात सभी कार्मवक, िलयान, संस्ट्र्ापन, उपस्ट्कर और अिसंरचना का, संयिु अनुज्ञजप्त की अिजध के िौरान, हर समय अनुज्ञजप्तधारी द्वारा तत्समय प्रिृत दकसी जिजध के अधीन लागू ऐसी जिजनयामक अपेक्षाओं और अन्द्य जनबंधनों और ितों, िो केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा जिजनर्िवष्ट की िाए, के अनुसार बीमा कराया िाएगा;

(यग) केन्द्रीय सरकार को हर समय अनुज्ञजप्त क्षेत्र से जनकाले गए खजनिों के अग्रक्य का अजधकार होगा, जिसके संबंध में संयुि अनुज्ञजप्त प्रिान की गई ह:ै परन्द् तु अग्रक्य के समय प्रचजलत भारतीय खान ब्यूरो द्वारा प्रकाजित औसत जिक्य कीमत का संिाय अनुज्ञजप्तधारी को ऐसे सभी खजनिों के जलए दकया िाएगा;

(यघ) अनुज्ञजप्तधारी, सक्षम प्राजधकारी और इस संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी के पूिव अनुमोिन के अधीन और उसके अनुसार के जसिाय दकसी भी िरूसंचार केबल, अपतट पिन टरबाइन िनरेटर, अपतट जिदु्यत उप-स्ट्टेिन, तले प्लेटफामव या पाइपलाइनों, पानी के नीचे के पुराताजत्िक स्ट्र्लों, रक्षा स्ट्र्ापनों या दकसी पत्तन क्षेत्र से पांच सौ मीटर की िरूी के भीतर दकसी भी सबंि ुपर कोई खोि संबंधी संदक्या नहीं करेगा या करन े की अनुमजत नहीं िगेा, और पांच सौ मीटर की उि िरूी यर्ाजस्ट्र्जत, सुसंगत पोत, संरचना या स्ट्र्ापना के बाहरी दकनारे से मापी िाएगी;

(यङ) केन्द्रीय सरकार, या उस संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी पटे्टिार या व्यजि को, कोई पाइपलाइन, केबल, अपतट पिन टरबाइन िनरेटर, अपतट जिदु्यत उप-स्ट्टेिन जबछान ेया उसका रखरखाि करने, उसकी मरम्मत करन ेया उसे बिलन ेके जलए उसके ऊपर या उसके माध्यम से या यर्ाजस्ट्र्जत, केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा प्राजधकृत दकसी अन्द्य प्रयोिन के जलए अनुज्ञजप्त क्षेत्र में प्रिेि करन ेअजधकार होगा:

परन्द् त ुअनजु्ञजप्तधारी की स्ट्िततं्रता, िजियों और जििेषाजधकारों में कोई सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षपे नहीं दकया िाएगा और उजचत प्रजतकर, जिस पर परस्ट्पर सहमजत हो, या असहमजत की जस्ट्र्जत में, िो प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा तय दकया िाए,——

(i) अनुज्ञजप्तधारी को ऐसे अन्द्य पटे्टिार या यर्ाजस्ट्र्जत, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत व्यजि द्वारा अनुज्ञजप्तधारी को पहुचंाई गई सभी हाजन या नुकसानी या सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षेप के जलए;

(ii) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा ऐसे अन्द्य पटे्टिार या यर्ाजस्ट्र्जत, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत व्यजि को अनजु्ञजप्तधारी द्वारा पहुचंाई गई सभी हाजन या नुकसानी या सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षेप के जलए, दिया िाएगा;

(यच) अनुज्ञजप्तधारी, खोि संदक्याओं के िौरान होने िाली दकसी िघुवटना की ररपोटव, िो मृत्यु या गंभीर िारीररक क्षजत या संपजत्त को गंभीर क्षजत पहुचंाती हो या िीिन या संपजत्त को गंभीर 8 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] रूप से प्रभाजित या खतरे में डालती हो, जबना दकसी िेरी के, पोत पररिहन महाजनिेिालय, महाजनिेिक, भारतीय तटरक्षक, प्रिासजनक प्राजधकारी और दकसी अन्द्य सरकारी प्राजधकारी को अग्रेजषत करेगा;

(यछ) अनुज्ञजप्तधारी, खोि संदक्याओं के संबंध में, प्रिासजनक प्राजधकारी की पूिव स्ट्िीकृजत के जबना, दकसी ऐसे व्यजि को जनयुि नहीं करेगा िो भारतीय नागररक नहीं है;

(यि) अनुज्ञजप्तधारी अपने अजभयानों को इस प्रकार नहीं करेगा जिससे दकसी व्यजि को क्षजत पहुचें या दकसी संस्ट्र्ापन, िलयान, संकमव, संपजत्त या अन्द्य व्यजियों के अजधकारों पर प्रजतकूल प्रभाि पड़ ेतर्ा अनुज्ञजप्तधारी द्वारा खोि संदक्याओं के जलए दकसी अपतट क्षेत्र का उपयोग नहीं दकया िाएगा, िो संयुि अनुज्ञजप्त में सजम्मजलत नहीं ह;ै (यझ) अनुज्ञजप्तधारी, यर्ाजस्ट्र्जत, प्रिासजनक प्राजधकारी या दकसी अन्द्य सरकारी प्राजधकारी के समाधान के जलए अनुज्ञजप्त क्षेत्र में िलयानों, संस्ट्र्ापनों या अन्द्य उपकरणों की सुरक्षा सुजनजश्चत करेगा; तर्ा (यञ) अनुज्ञजप्तधारी खोि संदक्याओं को उजचत रूप से, कौिल और कुिलता स ेकरेगा ।

(3) उप-जनयम (2) में जिजनर्िवष्ट ितों के अजतररि, संयुि अनुज्ञजप्त में जनम्नजलजखत ितें अतंर्िवष्ट हो सकती हैं, जिन्द्हें प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार, अजधरोजपत करना उपयिु समझे, अर्ावत्:——

(i) तीसरे पक्ष के िािों के जिरुद्ध केन्द्रीय सरकार और प्रिासजनक प्राजधकारी को क्षजतपूर्तव;

(ii) संरजक्षत क्षेत्रों, जिसके अंतगवत समुरी राष्ट्रीय उद्यान, समुरी अभयारण्य या कोई अन्द्य क्षेत्र भी है, िो केन्द्रीय सरकार द्वारा जिजनर्िवष्ट दकए िाए, में समुरी पाररजस्ट्र्जतकी तंत्र में प्रिषूण के जनिारण और जनयंत्रण तर्ा उसके संरक्षण से संबंजधत उपाय;

(iii) दकसी भी सक्षम प्राजधकारी द्वारा प्रजतजषद्ध दकसी भी क्षेत्र में खोि संदक्याओं पर जनबंधन;

(iv) िघुवटनाओं की ररपोर्टंग;

(v) अपतट क्षेत्रों के कजतपय जहस्ट्सों में प्रिेि के संबंध में ितें;

(vi) अनुज्ञजप्तधारक द्वारा अनजु्ञजप्त क्षेत्र या आसन्न क्षेत्रों में अन्द्य खजनिों, खजनि तले और हाइड्रोकाबवन संसाधनों पर काम करन ेके जलए िी िान ेिाली सुजिधाएं; और

(vi) संयुि अनुज्ञजप्त प्रिान करने हते ुनीलामी के जलए जनजििा िस्ट्तािेि में जिजनर्िवष्ट अन्द्य ितें।

(4) प्रिासजनक प्राजधकारी, या तो केन्द्रीय सरकार के पूिव अनुमोिन से या केन्द्रीय सरकार के अनुरोध पर, ऐसी और ितें अजधरोजपत कर सकेगा, िो खजनिों के संरक्षण और जिकास के जहत में आियक हों ।

(5) अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन दकसी अनुज्ञजप्तधारी पर लगाई गई दकसी ितव के भंग की जस्ट्र्जत में, केन्द्रीय सरकार जलजखत आिेि द्वारा संयुि अनुज्ञजप्त को समाप्त कर सकती ह ै और अनुज्ञजप्तधारी द्वारा प्रस्ट्ततु पालन प्रजतभूजत को पणूवतीः या भागत: रूप से िब्त कर सकेगी तर्ा अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अनुसार ऐसी अन्द्य कारविाई कर सकेगी:

परन्द् त ुअनुज्ञजप्तधारी को सुनिाई का समुजचत अिसर दिए जबना और जलजखत में कारण अजभजलजखत दकए जबना ऐसा कोई आिेि नहीं दिया िाएगा।

8. उत्पािन पटे्ट की ितें और जनयम.—— (1) उत्पािन पट्टा जिलेख के माध्यम से —— (क) अपतट क्षेत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 10 के उप-जनयम (7) के अधीन सफल बोली लगान े िाले; या (ख) अपतट क्षेत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 18 के उप-जनयम (9) के अधीन संयुि अनजु्ञजप्त धारक, जिसने अपतट क्षेत्र खजनि (नीलामी) जनयम, 2024 के जनयम 18 के उप-जनयम (6) के खंड (ख) के अधीन उत्पािन पट्टा प्रिान करन ेके जलए प्ररूप 2 में आिेिन दकया ह,ै को प्रिान दकया गया उत्पािन पट्टा, प्रत्येक मामले में प्ररूप 3 में होगा। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 9

(2) प्रत्येक उत्पािन पट्टा जनम्नजलजखत ितों के अधीन होगा, अर्ावत्:—— (क) पटे्टिार, उत्पािन पट्टा अिजध के प्रत्येक िषव के जलए, अजधजनयम की िूसरी अनुसूची में जिजनर्िवष्ट िरों पर ऐसा िार्षवक जनयत दकराया संित्त करेगा, और यदि उत्पािन पट्टा एक ही क्षेत्र में एक से अजधक खजनिों की खुिाई की अनुमजत िेता है, तो केन्द्रीय सरकार प्रत्येक खजनि के संबंध में अलग-अलग जनयत दकराया प्रभाररत नहीं करेगी:

परन्द् तु पटे्टिार प्रत्येक खजनि के संबंध में जनयत दकराया या स्ट्िाजमस्ट्ि, िो भी अजधक हो, का संिाय करने के जलए उत्तरिायी होगा;

(ख) पटे्टिार उत्पािन संदक्याओं के प्रयोिनों के जलए अपने द्वारा उपयोग दकए िाने िाले दकसी क्षेत्र के जलए सतह दकराया और अन्द्य लागू प्रभार, फीस, कर, उपकर, िुल्क और उिग्रहणों का भी संिाय करेगा, िो ऐसे क्षेत्र के जलए लागू हो, िो केन्द्रीय सरकार द्वारा जिजनर्िवष्ट या अजधरोजपत दकए िाए;

(ग) पटे्टिार उत्पािन पट्टा जिलेख के संपािन की तारीख से अजधजनयम की धारा 14 के खंड (ग) के अधीन यर्ा जिजनर्िवष्ट िो िषव की अिजध के भीतर उत्पािन संदक्या संबंधी प्रारंभ करेगा और उसके पश्चात् उजचत रूप से, कौिल और कुिलता से ऐसी संदक्याओं का प्रचालन करेगा;

स्ट्पष्टीकरण.—— इस खंड के प्रयोिनों के जलए, "उत्पािन संदक्या संबंधी" में दकसी भी िलयान की तैनाती, बोया का पररजनमावण, इंिन या मिीनरी का प्रचालन, उपस्ट्करों का कायावन्द्ियन, पट्टा क्षेत्र में कृजत्रम द्वीप या मंच और पररसर का संजनमावण या खजनिों को प्राप्त करने के उद्देय की गई कोई अन्द्य संबंधी संदक्या सजम्मजलत होगा;

(घ) पटे्टिार, सक्षम प्राजधकारी और इस संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी के पूिव अनुमोिन के अधीन और उसके अनुसार के जसिाय दकसी भी िूरसंचार केबल, अपतट पिन टरबाइन िनरेटर, अपतट जिदु्यत उप-स्ट्टेिन, तेल मंच या पाइपलाइनों, पानी के नीचे के पुराताजत्िक स्ट्र्लों, रक्षा स्ट्र्ापनों या दकसी भी पत्तन क्षेत्र से पांच सौ मीटर की िूरी के भीतर दकसी भी सबंिु पर कोई उत्पािन संबंधी संदक्या नहीं करेगा या करने की अनुमजत नहीं िेगा, और पांच सौ मीटर की उि िूरी यर्ा लागू, सुसंगत िलयान, संरचना या स्ट्र्ापना के बाहरी दकनारे से मापी िाएगी;

(ङ) पटे्टिार जनम्नजलजखत की पररमाण और अन्द्य जिजिजष्टयां िर्िवत करते हुए, सटीक और सही लेखा रखेगा —— (I) पट्टा क्षेत्र से प्राप्त और भेिे गए सभी खजनि;

(II) पट्टा क्षेत्र से उत्खजनत अपजिष्ट पिार्व;

(III) उसमें जनयोजित व्यजियों की संख्या और राष्ट्रीयता;

(IV) पट्टा क्षेत्र की पूणव योिनाएँ, तर्ा केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत दकसी अजधकारी को उसके द्वारा रखे गए दकसी भी खाते, योिना, डाटा लॉग और अजभलेखों की दकसी भी समय िाँच करने की अनुमजत िेगा और प्रिासजनक प्राजधकारी को ऐसी िानकारी और जििरजणयाँ प्रिान करेगा, जिनकी िह या उसके द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत कोई अजधकारी अपेक्षा करे; और (V) उत्पािन पटे्ट में जिजनर्िवष्ट कोई अन्द्य ररपोर्टंग अपेक्षाएँ;

(च) पटे्टिार उत्पािन पटे्ट के अधीन पटे्टिार द्वारा दकए गए उत्पािन संदक्याओं के िौरान पटे्टिार द्वारा दकए गए सभी उत्खनन, गड्ढों और जड्रसलंग का सटीक अजभलेख रखेगा और केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी को उनका जनरीक्षण करने की अनुज्ञा िेगा और ऐसे अजभलेख में जनम्नजलजखत जिजिजष्टयां सजम्मजलत होंगी, अर्ावत्:—— (I) समुर तल के नीचे की उप-भूजम और परत जिसके माध्यम से ऐसे उत्खन्न, गड्ढे या जड्रसलंग गुिरती है;

(II) पाए गए दकसी भी खजनि का जििरण; और (III) ऐसे अन्द्य जििरण जिनकी केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी को अपेक्षा हो;

(छ) पटे्टिार अपतट क्षेत्रों में िलयानों, स्ट्र्ापनों, मिीनरी, इंिन, प्लेटफॉमव, ड्रोन और अन्द्य स्ट्र्ापनों या उपकरणों की आिािाही और तैनाती से संबंजधत सभी लागू जिजधयों और जिजनयमों का पालन करेगा;

10 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (ि) पटे्टिार यह सुजनजश्चत करेगा दक अपतट क्षेत्रों में उसके द्वारा तैनात दकए गए दकसी भी िलयान, स्ट्र्ापन, मिीनरी, इंिन, प्लेटफॉमव, ड्रोन और अन्द्य स्ट्र्ापनों या उपस्ट्करों में उपग्रह रैककंग उपकरणों और यात्रा आंकड़ा ररकोडवर िैसे उपकरणों लगे हों और उनका उपयोग दकया िाए, िो उनके दक्याकलापों की मॉनीटरी और ररपोटव करते हों;

(झ) पटे्टिार, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी भी अजधकारी को जनरीक्षण के उद्देय से पट्टा क्षेत्र में दकसी भी िलयान, प्लेटफॉमव, स्ट्र्ापन या दकसी अन्द्य बुजनयािी ढांचे में प्रिेि करने की अनुमजत िेगा;

(ञ) केन्द्रीय सरकार को हर समय उस पट्टा क्षेत्र से प्राप्त खजनिों के अग्रक्य का अजधकार होगा जिसके संबंध में उत्पािन पट्टा प्रिान दकया गया है:

परन्द् तु अग्रक्य के समय प्रचजलत भारतीय खान ब्यूरो द्वारा प्रकाजित औसत जिक्य कीमत का संिाय पटे्टिार को ऐसे सभी खजनिों के जलए दकया िाएगा;

(ट) पटे्टिार भजिष्य में उपकृजत के जलए अप्रयुि या गैर-जिक्य योग्य, उप-श्रेणी अयस्ट्कों या खजनिों का पट्टा क्षेत्र के भीतर उजचत रूप से भंडारण और लेखाओं का रखरखाि करेगा;

(ठ) पटे्टिार उत्पािन संदक्याओं से प्रभाजित समुर तल के प्राकृजतक पुनिावस को सक्षम करने के जलए सभी आियक किम उठाएगा और उपाय करेगा, जिसमें केन्द्रीय सरकार द्वारा यर्ा जिजनर्िवष्ट कोई भी उपाय सजम्मजलत हैं;

(ड) पटे्टिार अजधजनयम के उपबंधों और उसके अधीन बनाए गए जनयमों का अनुपालन करेगा, जिसमें अजधजनयम की धारा 19क के अधीन बनाए गए जनयम और अजधजनयम की धारा 21 के अधीन िारी जनिेि सजम्मजलत हैं;

(ढ़) पटे्टिार अपने संबंधी संदक्याओं को इस प्रकार नहीं चलाएगा जिससे दकसी व्यजि को क्षजत पहुंचे या दकसी अन्द्य व्यजि के दकसी स्ट्र्ापन, िलयान, संदक्या संबंधी, संपजत्त या अजधकार पर प्रजतकूल प्रभाि पड़े तर्ा पटे्टिार द्वारा उत्पािन संदक्याओं या ऐसे उद्देयों के जलए दकसी अपतट क्षेत्र का उपयोग नहीं दकया िाएगा िो उत्पािन पटे्ट में सजम्मजलत नहीं हैं;

(ण) पटे्टिार नौचालन के प्रयोिनों या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी अन्द्य प्रयोिन के जलए मान्द्यता प्राप्त समुरी मागों में दकसी भी मागव के अजधकार में हस्ट्तक्षेप नहीं करेगा;

(त) पटे्टिार दकसी भी अनुज्ञजप्तधारी या पटे्टिार को दकसी ऐसे क्षेत्र में पहुंच की उजचत सुजिधाएं िेगा िो पटे्टिार द्वारा धाररत पट्टा क्षेत्र में समाजहत है या उससे सटा हुआ है या उससे पहुंचा िा सकता है:

परन्द् तु अनुज्ञजप्तधारी या पटे्टिार द्वारा पटे्टिार के संदक्याओं में कोई सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षेप नहीं दकया िाएगा और पटे्टिार को हुई दकसी भी हाजन या क्षजत के जलए उजचत प्रजतकर, जिस पर पारस्ट्पररक सहमजत हो या असहमजत की जस्ट्र्जत में, िो प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा तय दकया िाए, उनके द्वारा पटे्टिार को दिया िाएगा;

(र्) पटे्टिार, पट्टा क्षेत्र के भीतर सरकारी प्राजधकरी द्वारा सम्यक् रूप से प्राजधकृत दकसी प्रचालक द्वारा दकए िा रहे या दकए िाने के जलए प्रस्ट्ताजित दकसी पेरोजलयम संदक्या संबंधी या अपतट पिन ऊिाव पररयोिनाओं से संबंजधत दकसी संदक्या संबंधी या ऐसे अन्द्य संदक्याओं में बाधा या हस्ट्तक्षेप से बचने के जलए अपने सिोत्तम प्रयास करेगा;

(ि) केन्द्रीय सरकार, या उस संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत दकसी पटे्टिार या व्यजि को, कोई पाइपलाइन, केबल, अपतट पिन टरबाइन िनरेटर, अपतट जिदु्यत उप-स्ट्टेिन जबछान ेया उसका रखरखाि करन,े उसकी मरम्मत करने या उसे बिलन े के जलए उसके ऊपर या उसके माध्यम से या यर्ाजस्ट्र्जत, केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा प्राजधकृत दकसी अन्द्य प्रयोिन के जलए अनुज्ञजप्त क्षेत्र में प्रिेि करन े अजधकार होगा:

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 11 परन्द् त ुअनजु्ञजप्तधारी की स्ट्िततं्रता, िजियों और जििेषाजधकारों में कोई सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षेप नहीं दकया िाएगा और उजचत प्रजतकर, जिस पर परस्ट्पर सहमजत हो, या असहमजत की जस्ट्र्जत में, िो प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा तय दकया िाए,——

(i) अनुज्ञजप्तधारी को ऐसे अन्द्य पटे्टिार या यर्ाजस्ट्र्जत, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत व्यजि द्वारा अनुज्ञजप्तधारी को पहुचंाई गई सभी हाजन या नुकसानी या सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षपे के जलए;

(ii) अनुज्ञजप्तधारी द्वारा ऐसे अन्द्य पटे्टिार या यर्ाजस्ट्र्जत, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा प्राजधकृत व्यजि को अनुज्ञजप्तधारी द्वारा पहुचंाई गई सभी हाजन या नुकसानी या सारभूत बाधा या हस्ट्तक्षपे के जलए, दिया िाएगा;

(ध) पटे्टिार अपने स्ट्ियं के व्यय पर प्रिासजनक प्राजधकारी और अन्द्य संबंजधत सरकारी प्राजधकाररयों जिसके अंतगवत भारतीय तटरक्षक और भारतीय नौसेना भी है, के समाधान के जलए पट्टा क्षेत्र की सीमा को जचजननत करने िाले सभी नोरटस या प्लािकों या जचन्द्ह या बोया को स्ट्र्ाजपत, अनुरजक्षत, प्रिर्िवत और मरम्मत करेगा;

(न) पटे्टिार िलयान या स्ट्र्ापना पर उत्पािन संदक्या संबंधी के िौरान एकत्र दकए गए डाटा के िैजनक लॉग का अनुरक्षण करेगा, जिसके द्वारा पट्टा क्षेत्र में ऐसी संदक्या संबंधी की िा रही हैं और इस जनजमत्त केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी को ऐसे डाटा लॉग का जनरीक्षण करने की अनुमजत िेगा और पटे्टिार उत्पािन पटे्ट में जिजनर्िवष्ट दकन्द्ही अन्द्य अपेक्षाओं का भी अनुपालन करेगा । (प) पटे्टिार को सभी उत्पािन डाटा, ररपोटव, नमूने, जिसमें अंतगवत जनयोजित व्यजियों की संख्या, उत्पािन क्षेत्रों से संबंजधत भूिैज्ञाजनक और भूभौजतकीय डाटा, इंिीजनयररंग सिेक्षण, परमाणु खजनिों का गिेषण, प्राप्त दकए गए और जनकाले गए खजनिों की मात्रा और उत्पािन संबंधी संदक्या के अनुसरण में अपने द्वारा एकत्र की गई अन्द्य सुसंगत िानकारी सजम्मजलत है, भारतीय भूिैज्ञाजनक सिेक्षण, प्रिासजनक प्राजधकरी, भारतीय खान ब्यूरो और ऐसे अन्द्य प्राजधकरण को, िो जिजनर्िवष्ट दकया िाए, को उपलब्ध करानी होगी और जनम्नजलजखत ररपोटव प्रस्ट्तुत करनी होगी, अर्ावत्:—— (I) िषव की समाजप्त के पश्चात् साठ दिनों की अिजध के भीतर िार्षवक ररपोटव;

(II) उत्पािन पटे्ट में जिजनर्िवष्ट कोई अन्द्य ररपोटव;

(फ) पटे्टिार उत्पािन संदक्या संबंधी के िौरान एकत्र दकए गए दकसी भी डाटा को प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन के जबना भंडारण, प्रसंस्ट्करण या जनिवचन के जलए दकसी तीसरे पक्ष के सार् साझा नहीं करेगा;

(ब) पटे्टिार उस नुकसानी, क्षजत या व्यिधान के जलए, िो उसके द्वारा पहुँचाया िाए, तत्समय प्रिृत जिजध के अनुसार प्रजतकर का संिाय करेगा तर्ा दकसी व्यजि या व्यजियों द्वारा दकसी ऐसी नुकसानी, क्षजत या व्यिधान तर्ा उससे संबंजधत सभी खचों और व्ययों के संबंध में दकए िाने िाले सभी िािों के जिरुद्ध प्रिासजनक प्राजधकारी और केन्द्रीय सरकार की क्षजतपूर्तव करेगा और क्षजतपूर्तव करता रहेगा;

(भ) यदि जििेिी अजधिाजसत इकाई या जििेिी इकाई या ठेकेिार, कार्मवक, पोत या उपस्ट्कर उत्पािन संदक्या संबंधी करने के जलए जनयोजित या तैनात दकए िाते हैं, सरकारी प्राजधकाररयों से पूिव अनुमोिन जिसके अंतगवत केन्द्रीय सरकार द्वारा आज्ञापक कोई जिजनर्िवष्ट अनुमोिन भी है, प्राप्त दकया िाएगा, तर्ा एकत्र दकया गया कोई भी डाटा और की गई संदक्या संबंधी पटे्टिार के भारतीय प्रजतजनजधयों के पयविेक्षण और जनयंत्रण में होगी, िो उजचत रक्षोपाय सुजनजश्चत करेंगे;

(म) पटे्टिार, प्रिासजनक प्राजधकारी या दकसी अन्द्य सरकारी प्राजधकारी के समाधान के जलए, पट्टा क्षेत्र में िलयानों, स्ट्र्ापनों या दकसी अन्द्य उपस्ट्कर की सुरक्षा सुजनजश्चत करेगा;

(य) पटे्टिार यह सुजनजश्चत करेगा दक उत्पािन प्रचालनों के िौरान िजनत डाटा, जिसमें कोई भूिैज्ञाजनक डाटा भी सजम्मजलत है, का प्रसंस्ट्करण भारत में जििेिी संस्ट्र्ाओं या ठेकेिारों द्वारा दकया िाता है, तो ऐसा प्रसंस्ट्कृत और अप्रसंस्ट्कृत डाटा दकसी जििेिी संस्ट्र्ा को केिल प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन से ही दिया िा सकता है;

12 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] (यक) पटे्टिार पररचालन प्रारंभ करने से कम से कम िो महीने पहले प्रिासजनक प्राजधकारी, भारतीय खान ब्यूरो और नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनिेिालय), रक्षा मंत्रालय को यह सुजनजश्चत करने के जलए नोरटस िेगा दक ऐसे पररचालन क्षेत्र में दकसी भी नौसैजनक अभ्यास में बाधा न डालें;

(यख) उनकी तैनाती से पहले, पटे्टिार यह सुजनजश्चत करेगा दक पटे्टिार या संजििाकृत कंपजनयों द्वारा पट्टा क्षेत्र में तैनात दकए िाने िाले सभी िलयानों और स्ट्र्ाजपत दकए िाने िाले स्ट्र्ापनों को संबंजधत नौसेना कमान के फ्लैग ऑदफसर कमांसडंग-इन-चीफ और फ्लैग ऑदफसर, ऑफिोर जडफें स एडिाइिरी ग्रुप के तत्िािधान में भारतीय नौसेना के नौसैजनक सुरक्षा जनरीक्षण से गुिरना होगा और उसमें सफल होना होगा और ऐसे जनरीक्षण और मंिूरी को सुकार बनाने के जलए पटे्टिार द्वारा पूिोि अजधकाररयों को एक महीने का स्ट्पष्ट नोरटस दिया िाएगा;

(यग) पटे्टिार द्वारा उत्पािन संदक्याओं के जलए तैनात दकए िाने िाले सभी िलयानों को िाजणयय पोत पररिहन अजधजनयम, 1958 (1958 का 44) और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अनुसार पोत पररिहन महाजनिेिालय से पूिव मंिूरी प्राप्त करनी होगी;

(यघ) पटे्टिार यह सुजनजश्चत करेगा दक संजििाकृत कंपजनयों या व्यजियों को संजििा दिए िाने के संबंध में सूचना, संजििाकृत इकाई का नाम, संजििा की अिजध, संजििा की जिषय-िस्ट्तु, उपयोग दकए िाने िाले उपस्ट्करों की प्रकृजत और एकत्र दकए िाने िाले डाटा, यदि कोई हो, सजहत संजििा के सुसंगत जििरण के सार् नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनिेिालय), रक्षा मंत्रालय को भेिा िाएगा, सार् ही एक प्रजत प्रिासजनक प्राजधकारी को भी िी िाएगी, पटे्टिार द्वारा संबंधी संदक्या प्रारंभ करने से पहले, संबंधी संदक्या कंपजनयों द्वारा िलयानों की तैनाती पर छह मास का लंबा मामला उपलब्ध कराया िाएगा;

(यङ) िीिा, और इस तरह की अन्द्य अनुज्ञाएं िो तत्समय प्रिृत जिजध के अधीन आियक हो, िलयान पर सिार सभी जििेिी कार्मवकों के जलए सरकारी प्राजधकारी से प्राप्त करनी होंगी;

(यच) पटे्टिार, उत्पािन संदक्याओं के जलए तैनात सभी िलयानों और उपस्ट्करों और िलयान पर सिार कार्मवकों की सुरक्षा और संरक्षा के जलए सभी पूिाविधानात्मक उपाय करेगा;

(यछ) पटे्टिार समुरी सुरक्षा चेतािजनयां िारी करन ेके जलए तुरंत फ्लगै अफसर, अपतट रक्षा सलाहकार समूह और प्रिासजनक प्राजधकारी को सभी िलयानों, जिद्यमान और जनमावणाधीन अपतट प्रजतष्ानों या प्लेटफामों, पट्टा के्षत्र के भीतर तनैात उपकरणों और मिीनरी के जनिेिांकों को इंजगत करत ेहुए स्ट्र्ान और उसके प चात् उसके नए स्ट्र्ान को स्ट्र्ानांतररत दकए िान ेपर सूजचत करेगा;

(यि) पटे्टिार जबना दकसी िरेी के अपने उत्पािन कायों के िौरान होन ेिाली दकसी िघुवटना की ररपोटव, जिससे मृत्य ु या गंभीर िारीररक चोट या संपजत्त को गंभीर क्षजत या िीिन या संपजत्त को गंभीर रूप से प्रभाजित या खतरे में डालन े िाली िघुवटना हो सकती ह,ै पोत पररिहन महाजनििेालय, महाजनिेिक, भारतीय तटरक्षक, प्रिासजनक प्राजधकारी और दकसी अन्द्य सरकारी प्राजधकारी को भेिेगा;

(यझ) पटे्टिार उस पोत या संस्ट्र्ापन पर उत्पािन योिना की एक प्रजत बनाए रखेगा जिसके माध्यम से पट्टा के्षत्र में या दकसी जनधावररत स्ट्र्ल पर उत्पािन कायव दकए िा रह ेहैं;

(यञ) पटे्टिार, उत्पािन कायों के संबंध में, प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन के जबना दकसी ऐसे व्यजि को जनयोजित नहीं करेगा िो भारतीय नागररक नहीं ह;ै (यट) पटे्टिार, यर्ा जस्ट् र्जत, केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा प्राजधकृत दकसी अजधकारी को, पट्टा के्षत्र के दकसी भाग में प्रिेि करन ेकी अनुमजत िगेा युजक् तयुि समय पर पट्टा के्षत्र का जनरीक्षण और मांग दकए िान ेपर पट्टा के्षत्र की सभी लागू योिनाओं और खंडों के सार्-सार् ग्रडे-िार आरजक्षत मात्रा की आपूर्तव भी करेगा;

(यठ) पटे्टिार, िब तक दक प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा जििेष रूप से छूट न िी गई हो, पट्टा के्षत्र के भीतर या पट्टा के्षत्र से उतारे िान ेके स्ट्र्ान पर तर्ा भारत में उतराई या उतार के बंिरगाह पर, िहां खजनिों को लाया िाएगा, एक उजचत रूप से जनर्मवत तर्ा कुिल तौल या माप प्रणाली, जिसे जनर्िवष्ट दकया िाए, उपलब्ध कराएगा तर्ा हर समय उसे बनाए रखेगा;

(यड) पटे्टिार सभी उत्पादित और प्रेजषत खजनिों को जनर्िवष्ट तरीके के अनुसार तौलेगा या मापेगा, या तुलिाएगा या उनका माप करिाएगा:

[भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 13 परन्द् त ुपटे्टिार प्रत्येक दिन के अतं में यह सुजनजश्चत करेगा दक खजनिों के उत्पािन और प्रेषण पर कुल आंकड़े, सभी भार और माप सजहत पटे्टिार द्वारा रखी गई लेखा पसु्ट्तकों में ििव दकए िाए:ं परंत ुयह और दक, पटे्टिार उत्पािन पटे्ट की अिजध के िौरान हर समय प्रिासजनक प्राजधकारी और केन्द्रीय सरकार को उि खजनिों के तौलन ेया माप के समय उपजस्ट्र्त रहने, और उसका लेखा रखन,े और पटे्टिार द्वारा रखे गए लेखों की िांच करन ेके जलए दकसी व्यजि या व्यजियों को जनयोजित करन ेकी अनुमजत िगेा और पटे्टिार प्रत्येक ऐसे तौलन ेया माप के जलए प्रिासजनक प्राजधकारी और भारतीय खान ब्यरूो के प्राजधकृत अजधकारी को जलजखत में सात दिन पूिव सूचना िगेा, तादक िह या उसकी ओर से कोई अजधकारी िहां उपजस्ट्र्त हो सके;

(यढ) पटे्टिार उत्पािन पटे्ट की अिजध के िौरान दकसी भी समय प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा इस जनजमत्त जनयुि दकसी व्यजि या व्यजियों को पूिोि रूप में उपलब्ध कराई िान ेिाली और रखी िाने िाली प्रत्येक तौल मिीन या माप प्रणाली और उसके सार् प्रयिु बाटों या प्रणाजलयों की िांच और परीक्षण करने की अनुमजत िेगा तादक यह पता लगाया िा सके दक िे क्मिीः सही और अच्छी हालत में और व्यिजस्ट्र्त हैं या नहीं:

परन्द् त ुयदि ऐसी दकसी िांच या परीक्षण में कोई तौल मिीन या बाट या माप प्रणाली गलत या खराब पाई िाती ह ैतो प्रिासजनक प्राजधकारी यह अपेक्षा कर सकेगा दक उसे पटे्टिार द्वारा और उसके खचव पर समायोजित दकया िाए और यदि ऐसी मांग का अनुपालन, उसके दकए िाने के चौिह दिन की अिजध के भीतर नहीं दकया िाता ह ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा इस जनजमत्त प्राजधकृत कोई व्यजि तब तक पारगमन अनुज्ञापत्र प्रिान नहीं कर सकेगा िब तक दक ऐसी तौल मिीन या बाट या माप प्रणाली का अिंांकन नहीं कर दिया िाता और उसे व्यिजस्ट्र्त नहीं कर दिया िाता ह;ै (यण) यदि पूिोि दकसी िांच या परीक्षण के पश्चात दकसी तौल मिीन या बाट में प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार के प्रजतकूल कोई तु्ररट पाई िाती ह,ै तो ऐसी तु्ररट उसके पाए िाने से पूिव या उसी तौल मिीन, बाट और माप प्रणाली की िांच और परीक्षण के अंजतम अिसर से तीन मास की अिजध के जलए जिद्यमान मानी िाएगी, यदि ऐसा अिसर उि तीन मास की अिजध के भीतर हो, और पटे्टिार, अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन लगाए िा सकने िाल े दकसी अन्द्य िडं या जसजिल िाजयत्ि के अजतररि, दकराया, स्ट्िाजमस्ट्ि, नीलामी प्रीजमयम या लाग ूहोन ेिाला कोई अन्द्य भुगतान तिनसुार करेगा;

(यत) यदि पटे्टिार इस उप-जनयम के अधीन या उत्पािन पट्टा जिलेख के अधीन अपन ेदकसी िाजयत्ि को उस जनजमत्त जनर्िवष्ट समय के भीतर पूरा करने या जनष्पादित करने में जिफल रहता ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी अपन ेजििेक से उसे पूरा करन ेया जनष्पादित करने का कारण बन सकता ह ैऔर पटे्टिार, मांग दकए िान ेपर, प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा इस संबंध में दकए गए सभी व्ययों का प्रिासजनक प्राजधकारी को भुगतान करेगा और ऐसे व्ययों के संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी का जनणवय अंजतम होगा;

(यर्) अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों या उत्पािन पटे्ट के अंतगवत दकसी भी ितव या जनबंधन को परूा करने में पटे्टिार की ओर से जिफलता से केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी को पटे्टिार के जिरुद्ध कोई िािा नहीं जमलेगा या इसे उत्पािन पटे्ट का उल्लंघन नहीं माना िाएगा, िहां तक दक केन्द्रीय सरकार द्वारा ऐसी जिफलता को अप्रत्याजित घटना के कारण उत्पन्न माना िाता ह ैऔर अप्रत्याजित घटना के कारण अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों या उत्पािन पटे्ट के अंतगवत दकसी भी ितव या जनबंधन को पूरा करन ेमें पटे्टिार द्वारा दकसी िेरी की जस्ट्र्जत में, ऐसी िरेी की अिजध इन जनयमों या उत्पािन पटे्ट द्वारा जनधावररत अिजध में िोड़ िी िाएगी। स्ट्पष्टीकरण.– इस खंड के प्रयोिनों के जलए, अजभव्यजि "अप्रत्याजित घटना" का अर्व िैिीय कृत्य, युद्ध, जिप्लि, बलिा, जसजिल अिांजत, हड़ताल, भूकंप, तूफान, यिारीय लहर, बाढ़, आकािीय जिदु्यत, जिस्ट्फोट, आग या कोई अन्द्य घटना ह ैजिसे पटे्टिार उजचत रूप से रोक या जनयंजत्रत नहीं कर सकता र्ा;

(यि) पटे्टिार, अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों या उत्पािन पट्टा जिलेख के अधीन िेय दकराया, िरें और स्ट्िाजमस्ट्ि का भुगतान करने के पश्चात, उत्पािन पट्टा अिजध की समाजप्त या समाजप्त पर या उसके प चात् छह मास की अिजध के भीतर (िब तक दक पटे्टिार की चूक के कारण उत्पािन पट्टा समाप्त न कर दिया गया हो, और उस जस्ट्र्जत में ऐसी समाजप्त के प चात् तीन मास से कम और छह मास से अजधक समय न हो) उत्पािन पटे्ट की अिजध के िौरान उत्खजनत सभी या दकसी भी अयस्ट्क खजनि, िलयानों, प्रजतष्ानों, इंिनों, मिीनों, पाइपलाइनों, संरचनाओं, उपकरणों, प्लेटफामों और अिसंरचना, जनमावण और सुजिधाओं को अपन ेलाभ के जलए खंड कर और हटा सकता ह,ै 14 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] जिन्द्हें पटे्टिार द्वारा पट्टा के्षत्र में या उसके ऊपर बनाया, स्ट्र्ाजपत या रखा गया हो और जिन्द्हें पटे्टिार केन्द्रीय सरकार को िेने के जलए बाध्य न हो या जिन्द्हें केन्द्रीय सरकार खरीिना न चाहती हो;

(यध) यदि उत्पािन पट्टा अिजध की समाजप्त या पयविसान के पश्चात छह मास की अिजध के अंत में पट्टा के्षत्र में या उसके ऊपर कोई अयस्ट्क या खजनि, इंिन, मिीनरी, पाइपलाइन, संरचना, उपकरण, प्लेटफामव और अन्द्य कायव, जनमावण और सुजिधाएं या अन्द्य संपजत्त बची रहती ह,ै जिसकी पटे्टिार को आियकता नहीं ह,ै तो उसे, यदि पटे्टिार द्वारा प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा ऐसा करन ेकी अजधसूचना दिए िान ेके एक मास की अिजध के भीतर नहीं हटाया िाता ह,ै तो उसे केन्द्रीय सरकार की संपजत्त समझा िाएगा और उसे पटे्टिार की लागत पर, प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार द्वारा उजचत समझे िान ेिाल ेतरीके से, उसके संबंध में पटे्टिार को कोई प्रजतकर िेन ेया जहसाब िेने के िाजयत्ि के जबना बेचा या जनपटाया िा सकेगा; तर्ा (यन) पटे्टिार यह सुजनजश्चत करेगा दक पट्टा के्षत्र में उत्पािन कायों के प्रयोिनों के जलए तैनात सभी कार्मवक, िलयान, संस्ट्र्ापन, उपकरण और अिसंरचना का, उत्पािन पटे्ट की अिजध के िौरान हर समय, पटे्टिार द्वारा ऐसी जिजनयामक अपेक्षाओं के अनुसार बीमा कराया िाएगा, िैसा दक दकसी भी समय प्रिृत्त जिजध के अंतगवत लागू हो, और ऐसे अन्द्य जनबंधन और ितें िो केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा जनर्िवष्ट की िाएं।

(3) पटे्टिार, उत्पािन पटे्ट में जनर्िवष्ट न दकए गए दकसी खजनि की पट्टा के्षत्र में खोि की सूचना यर्ािीघ्र, तर्ा दकसी भी जस्ट्र्जत में ऐसी खोि की तारीख से साठ दिन की अिजध के अंिर प्रिासजनक प्राजधकारी को िगेा, तर्ा ऐसे खोिे गए खजनि को उत्पािन पट्टा जिलेख में सजम् मजलत दकए जबना उसे प्राप्त नहीं करेगा और उसका जनपटान नहीं करेगा।

(4) उप-जनयम (2) में जनर्िवष्ट ितों के अजतररि, उत्पािन पटे्ट में जनम्नजलजखत ितें हो सकेगी, जिन्द्हें प्रिासजनक प्राजधकारी या केन्द्रीय सरकार लाग ूकरना उजचत समझे, अर्ावत्:— (क) दकराए और स्ट्िाजमस्ट्ि के भुगतान की समय-सीमा, तरीका और स्ट्र्ान;

(ख) संरजक्षत क्षेत्रों में प्रिषूण की रोकर्ाम और जनयंत्रण तर्ा समुरी पाररजस्ट्र्जतकी तंत्र के संरक्षण से संबंजधत उपाय, जिनमें समुरी राष्ट्रीय उद्यान, समुरी अभयारण्य या कोई अन्द्य के्षत्र सजम् मजलत ह,ै जिसे केन्द्रीय सरकार द्वारा अजधसूजचत दकया िा सकता ह;ै (ग) दकसी सक्षम प्राजधकारी द्वारा जनजषद्ध दकसी के्षत्र में उत्पािन कायों पर प्रजतबंध;

(घ) पटे्टिार द्वारा नोरटस:—

(i) उत्पािन संदक्या प्रारम् भ होने से पहल ेपट्टा के्षत्र में प्रिेि करने हतेु; और

(ii) उत्पािन संदक्या प्रारम् भ करने हतेु;

(ड़) भेिे गए खजनि के उजचत भार संबंधी उपबंध;

(च) िघुवटनाओं को ररपोटव करना;

(छ) तृतीय पक्षकार के िािों के जिरुद्ध केन्द्रीय सरकार और प्रिासजनक प्राजधकारी को क्षजतपूर्तव;

(ि) उत्पािन पटे्ट के अभ्यपवण, अिसान या पयाविसान पर पट्टा के्षत्र के कब्ि ेका पररिान;

(झ) उत्पािन पटे्ट की समाजप्त के प चात् छोड़ी गई संपजत्त की िब्ती;

(ण) युद्ध या आपातकाल की जस्ट्र्जत में पट्टा के्षत्र, िलयानों, प्रजतष्ानों और अन्द्य अिसंरचनाओं पर कब्िा करने की िजि; और (त) उत्पािन पटे्ट के अनिुान के जलए नीलामी के जलए जनजििा िस्ट्तािेि में जनर्िवष्ट कोई अन्द्य ितें।

(5) प्रिासजनक प्राजधकारी, केन्द्रीय सरकार के पूिव अनुमोिन से या केन्द्रीय सरकार के अनरुोध पर, ऐसी अजतररि ितें अजधरोजपत कर सकेगा, िो खजनिों के संरक्षण और जिकास के जहत में आियक हों।

(6) िब केन्द्रीय सरकार द्वारा उत्पािन पट्टा प्रिान दकया िाता ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा पट्टाधारक के व्यय पर पट्टा के्षत्र के सिेक्षण और सीमांकन की व्यिस्ट्र्ा की िाएगी। [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 15

(7) इस जनयम में जनर्िवष्ट ितों के अधीन, पट्टाधारक को पट्टा के्षत्र पर उत्पािन कायों के प्रयोिनों के जलए जनम्नजलजखत का अजधकार होगा— (क) खानों को चलाना, खजनि प्राप्त करना और ल ेिाना;

(ख) जपट को ससंक करना;

(ग) दकसी भी यर्ा जस्ट् र्जत िलयान, प्लेटफामव, उपकरण, स्ट्र्ापना और अन्द्य अिसंरचना को, खड़ा करना, स्ट्र्ाजपत करना या तनैात करना;

(घ) उत्पािन कायों या पररिहन के जलए आियक होन ेपर समुरी िल का उपयोग करना;

(ङ) भंडारकरण प्रयोिन के जलए अपतट पट्टा के्षत्र के दकसी भाग का उपयोग करना; और (च) उत्पािन पटे्ट में जनर्िवष्ट कोई अन्द्य कायव करना।

(8) यदि पटे्टिार उपजनयम (2) के खंड (ड़), खंड (च), खंड (झ), खंड (ि), खंड (न), खंड (ट) खंड (यड) या खंड (यढ) के अधीन प्रिेि या जनरीक्षण की अनुमजत नहीं ितेा ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी पटे्टिार को जलजखत में नोरटस िेगा जिसमें उससे नोरटस में जनर्िवष्ट समय के भीतर कारण बताने की अपेक्षा की िाएगी दक उत्पािन पट्टा समाप्त क्यों न कर दिया िाए और पटे्टिार द्वारा प्रस्ट्ततु संपािन प्रजतभूजत को िब्त क्यों न कर जलया िाए और यदि पटे्टिार प्रिासजनक प्राजधकारी की संतुजष्ट के जलए पूिोि समय के भीतर कारण बतान ेमें जिफल रहता ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी उत्पािन पट्टा समाप्त कर सकता ह ैऔर पटे्टिार द्वारा प्रस्ट्तुत संपािन प्रजतभूजत के परेू या जहस्ट्से को िब्त कर सकता ह,ै और अजधजनयम और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अनुसार ऐसी अन्द्य कारविाई कर सकता ह।ै

(9) यदि पटे्टिार को अिैध खनन का िोषजसद्ध दकया िाता ह ैऔर ऐसी िोषजसजद्ध के आिेि के प्रितवन को जनलजम्बत करन ेिाला दकसी न्द्यायालय का कोई आिेि नहीं ह,ै तो केन्द्रीय सरकार, अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के अधीन आरंभ की िान ेिाली दकसी अन्द्य कायविाही पर प्रजतकूल प्रभाि डाले जबना, ऐसे उत्पािन पटे्ट को समाप्त कर सकेगी और पटे्टिार द्वारा प्रस्ट्ततु संपािन प्रजतभूजत को, ऐसे पटे्टिार को सुनिाई का अिसर िेन ेके पश्चात और कारणों को लेखबद्ध करके, िब्त कर सकेगी और पटे्टिार को सूजचत करेगी।

(10) यदि पटे्टिार अजधजनयम की धारा 16 की उपधारा (1) के अंतगवत अपेजक्षत स्ट्िाजमस्ट्ि के भुगतान में या अजधजनयम की धारा 17 की उपधारा (1) के अंतगवत अपेजक्षत जनयत दकराए के भुगतान में या अजधजनयम की धारा 18 के अंतगवत अपेजक्षत अंतरावष्ट्रीय समुर तल प्राजधकरण के प्रजत अंििान या अजधजनयम की धारा 16(क) की उपधारा (5) के अधीन अपेजक्षत अपतट के्षत्र खजनि रस्ट्ट के प्रजत अंििान में कोई चूक करता ह ैया उपजनयम (2), उपजनयम (3) और उपजनयम (6) में जनर्िवष्ट दकसी भी ितव को भंग करता ह,ै तो प्रिासजनक प्राजधकारी पटे्टिार को नोरटस िेगा जिसमें उससे भंग को ठीक करने के जलए स्ट्िाजमस्ट्ि या जनयत दकराया या अंतरावष्ट्रीय समुर तल प्राजधकरण या अपतट के्षत्र खजनि रस्ट्ट को अंििान का भुगतान करने की अपेक्षा की िाएगी, नोरटस प्राप्त होने की तारीख से साठ दिनों की अिजध के भीतर और यदि स्ट्िाजमस्ट्ि या जनयत दकराया या अंतरावष्ट्रीय समुर तल प्राजधकरण या अपतट के्षत्र खजनि रस्ट्ट को अिंिान का भुगतान नहीं दकया िाता ह ैया उि अिजध के भीतर भंग को ठीक नहीं दकया िाता ह,ै तो केन्द्रीय सरकार, उसके जिरुद्ध प्रारम् भ की िा सकन ेिाली अन्द्य कायविाजहयों के दकसी भी पूिावग्रह के जबना, उत्पािन पटे्ट को समाप्त कर सकेगी तर्ा पटे्टिार द्वारा प्रस्ट्तुत संपािन प्रजतभूजत की परूी रकम या उसका एक भाग िब्त कर सकेगी। अध्याय 5 अिसान, व्यपगत, अभ्यपवण या पयविसान

Where this provision sits

ActOffshore Areas Operating Right Rules, 2024
Section6
Marginal noteसरकार, सरकारी कंपजनयों या जनगमों को सदंक्या सबंधंी अजधकार को प्रिान करना
JurisdictionCentral
StatusIn force as published by the source

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