(1)अन᭄ु᭡ त पᳯरसरᲂ मᱶ तब तक कोई पᳯरवतᭅन नहᱭ ᳰकया जाएगा जब तक ᳰक ऐस े पᳯरवतᭅन को दᳶशत करने वाला रेखािचᮢ मु य िनयंᮢक या उनके ᳇ारा ᮧािधकृत िनयंᮢक ᳇ारा िलिखत ᱨप मᱶ अनुमोᳰदत नहᱭ कर ᳰदया जाता।
(2)अनु᭄᭡ त पᳯरसरᲂ मᱶ पᳯरवतᭅन करन ेका इ᭒ छुक कोई अनु᭄ि᳙धारी मु य िनयंᮢक या उनके ᳇ाराᮧािधकृत िनयंᮢक के समᭃ ᮧ᭭तुत करेगा – i. अनु᭄᭡ त पᳯरसर मᱶ ᮧ᭭ तािवत पᳯरवतᭅन, त᭜संबंधी कारण सिहत उनको अलग रंगᲂ मᱶ दᳶशत करते ᱟए समुिचत ᱨप से आरेिखत रेखािचᮢ कᳱ तीन ᮧितया;ं ii. सं᭭ थािपत ᳰकए जान ेवाले ᮧ᭭तािवत पाᮢᲂ, उपकरणᲂ औरᮧणाली के पाइᳲपग एवंउपकरण डाइᮕाम;
iii. मुय िनयंᮢक या िनयंᮢक ᳇ारा िविन᳸द᳥ कोई अ᭠य द᭭तावेज;और iv. अनसुूची-। के खंड (ख) मᱶ यथा िविन᳸द᳥ संवीᭃा फᳱस।
(3) यᳰद ᮧ᭭ तािवत पᳯरवतᭅन दशाᭅने वाल ेरेखािचᮢ कᳱ संवीᭃा करने के प᭫ चात और ऐसी जाचं करन ेके प᭫ चात ्जैसा वह ठीक समझ,े मु य िनयंᮢक या उनके ᳇ारा ᮧािधकृत िनयंᮢक का यह समाधान हो जाता ह ैᳰक ᮧ᭭ तािवत पᳯरवतᭅन ᳰकए जा सकते ह ैतो वह अनु᭄ि᳙धारी को रेखािचᮢ कᳱ अपनी ह᭭ ताᭃᳯरत एक ᮧित वािपस कर दगेा और अपनी मजंूरी ऐसी शतᭅ या शतᲄ पर, जैसी ᳰक वह िविन᳸द᭬ ट करे, सिूचत करेगा।
(4) जैसे ही मंजूर ᳰकए गए पᳯरवतᭅन कर ᳰदए जात ेह,ै अन᭄ुि᳙धारी मु य िनयंᮢक या उनके ᳇ारा ᮧािधकृत िनयंᮢक को अनु᭄ि᳙ मᱶ संशोधन के िलए आवेदन करेगा।
(5) इस िनयम के उप-िनयम 3 मᱶअनमुोᳰदत पᳯरवतᭅन या पᳯरवधᭅन अनु᭄ि᳙ स᭥ यक सशंोिधत होने तक उपयोग मᱶ नहᱭ लाई जाएगी। 34 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]