एम मᱶ ᳰकया जायेगा।
(2) उप िनयम (1) के अधीन ᳰकए गए आवदन पर रिज᭭ᮝार, यᳰद समाधान होता ह ैᳰक पᳯरि᭭थितयाँ ऐसी ह ᱹिजसस े आवेᳰदत समय िव᭭तार ᭠यायसंगत है, तो वह उस िनयम के उपबंध के अधीन जहाँ अिधकतम समय िव᭭तार िनधाᭅᳯरत ह ैऔर ऐसी शतᲄ के अधीन िजसे अिधरोिपत करना वह उिचत समझता है, समय िव᭭तार कर सकता ह ैऔर तदनुᱨप पᭃकारᲂ को सूिचत कर सकता ह ैऔर िव᭭तार का अनुमोदन ᳰकया जा सकता ह ैभले ही कायᭅ करने या उस कायᭅवाही को करने का समय पहले ही समा᳙ हो चुका है िजसके िलए आवेदन ᳰकया गया है।
110. रिज᭭ᮝार कᳱ वैवेᳰकक शिᲦ का ᮧयोग- कोई ᳞िᲦ िजसने रिज᭭ᮝार कᳱ वैवेᳰकक या अ᭠य शिᲦ के ᮧयोग के िलए आवेदन ᳰकया ह ैऔर धारा 128 के तहत सुनवाई कᳱ अपेᭃा रखता ह,ै वह रिज᭭ᮝार को अपने सुने जाने के आशय कᳱ िलिखत सूचना, इस मामले का समाधान करने के पहले ऐसे ᳞िᲦ को रिज᭭ᮝार ᳇ारा ᳰदए नोᳯटस कᳱ तारीख से एक महीन ेके भीतर दगेा। इस सूचना, यᳰद कोई हो, के ᮧा᳙ होने पर रिज᭭ᮝार सुनवाई कᳱ तारीख िनि᳟त करेगा जो 21 ᳰदनᲂ से कम का न हो और इसकᳱ सूचना दगेा।
111. िविन᳟य कᳱ संसूचना- अिधिनयम या िनयमᲂ ᳇ारा जो कोई वैवेᳰकक शिᲦ रिज᭭ᮝार को दी गई ह ैउसके ᮧयोग मᱶ ᳰकया गया रिज᭭ᮝार का िविन᳟य उस ᳞िᲦ को सूिचत ᳰकया जाएगा िजस पर ᮧभाव पड़ता ह।ै
112. ᮧᳰᮓया िवषयक अिनयिमताᲐ का संशोधन और शुि᭟दकरण-(1) ᳞ापार िच᭮न के ᳰकसी द᭭तावेज मᱶ या रेखािचᮢ या अ᭠य समाकृित मᱶ संशोधन ᳰकया जा सकेगा और ᮧᳰᮓया मᱶ ᱟई ऐसी ᳰकसी अिनयिमतता का, जो रिज᭭ᮝार कᳱ यह राय मᱶ ᳰकसी ᳞िᲦ के िहतᲂ को हािन पᱟचंाए िबना दरू कᳱ जा सकेगी।
(2) रिज᭭ᮝार ᳰकसी आवेदन या ᳞ापार िच᭮न कᳱ समाकृित को या ᳰकसी अ᭠य द᭭तावेज को अिधिनयम को यथाᱨप अपेᭃाᲐ के अनुᱨप करने के िलए उसे संशोिधत करने कᳱ या पᳯरवᳶधत करने कᳱ अपेᭃा कर सकेगा।
113. अ᭠यथा िविहत न ᳰकए गए िनदशे- जहां ᳰक रिज᭭ᮝार कᳱ यह राय है ᳰक अिधिनयम या िनयमᲂ के अधीन ᳰक᭠हᱭ कायᭅवािहयᲂ के उिचत अिभयोजन या उनकᳱ समाि᳙ के िलए यह बात ᳰकसी ᳞िᲦ के िलए आव᭫यक ह ैᳰक वह ऐसा कायᭅ करे, ऐसी द᭭तावेज फाइल करे या ऐसा सा᭯य पेश करे िजसके िवषय मᱶ कोई उपबंध अिधिनयम या िनयमᲂ मᱶ नहᱭ ᱟआ ह,ै तो रिज᭭ᮝार िलिखत सूचना ᳇ारा उस ᳞िᲦ से यह अपेᭃा कर सकेगा ᳰक वह ᳞िᲦ सूचना मᱶ िविन᳸द᳥ कायᭅ करे, द᭭तावेज फाइल करे या सा᭯य पेश करे। 26 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
114. धारा 115(4) के अधीन रिज᭭ᮝार कᳱ राय-(1) जहां धारा 115 कᳱ उपधारा (4) के पर᭠तुक के अधीन उसकᳱ राय के िलए रिज᭭ᮝार को कोई मामला िनदᱷिशत कर ᳰदया गया ह ैवहां ऐसी राय को िनदᱷिशत करने वाले ᮧािधकारी को ऐसी िलिखत संसूचना कᳱ ᮧाि᳙ के कायᭅकरण के सात ᳰदन के भीतर सील बंद िलफाफे मᱶ अᮕेिषत कर ᳰदया जाएगा और रिज᭭ᮝार इस ᮧकार िनदᱷिशत मामले मᱶ पूणᭅ गोपनीयता सुिनि᳟त करेगा।
(2) इस िनयम के अधीन राय, रिज᭭ᮝार या अिधिनयम कᳱ धारा 3 कᳱ उपधारा (2) के अधीन इस ᮧयोजन के िलए िविश᳥ ᱨप से ᮧािधकृत ᳰकसी अिधकारी ᳇ारा दी जाएगी और अिभिहत ᮧािधकारी का नाम जनरल मᱶ ᮧकािशत ᳰकया जाएगा।
115. सुनवाई-(1) अिधिनयम और िनयम के अधीन ᳰकसी कायᭅवाही के संबंध मᱶ सुनवाई, यᳰद कोई हो, अिधसूिचत तारीख और समय और उपयुᲦ कायाᭅलय के भौगोिलक ᭃेᮢािधकार के भीतर उस ᭭थान पर आयोिजत कᳱ जाएगी जैसा रिज᭭ᮝार को उपयुᲦ लगे:
पर᭠तु ᳰक वह सुनवाई वीिडयो- कनफेरᱶᳲसग या ᳰकसी अ᭠य ᮰वण-दृ᭫ य संचार यंᮢ के मा᭟यम से भी कᳱ जा सकती ह।ै ᭭प᳥ीकरण– इन िनयम के िलए “संचार युिᲦ ” अिभ᳞िᲦ का वही अथᭅ ह ैजो सूचना ᮧो᳒ोिगकᳱ अिधिनयम, 2000 कᳱ 2 कᳱ धारा 2 कᳱ उप धारा (ii) के खंड (जक) मᱶ समनुदिेशत ह।ै
(2) रिज᭭ᮝार कᳱ शिᲦयᲂ का ᮧयोग करने वाले िजस पदािधकारी न ेअिधिनयम या िनयमᲂ के अधीन ᳰकसी मामले को सुन िलया है और उस पर आदशे बाद मᱶ दनेे के िलए उसे अपन े पास रख िलया है, जहां ᳰक उसकᳱ बदली एक रिज᭭ᮝीकरण कायाᭅलय से दसूरी रिज᭭ᮝीकरण कायाᭅलय को हो जाती ह ैया उस पर आदशे दनेे या िविन᳟य करने से पूवᭅ वह दसूरी िनयुिᲦ पर वािपस चला जाता है वहां यᳰद रिज᭭ᮝार ऐसा िनदशे दतेा है तो वह वैसे ही आदशे दे सकेगा या िविन᳟य कर सकेगा जैसे ᳰक वह उस अव᭭था मᱶ दतेा या करता िजसमᱶ ᳰक वह उस रिज᭭ᮝीकरण कायाᭅलय पदािधकारी बना रहता जहां ᳰक मामले ᳰक सुनवाई ᱟई थी। रिज᭭ᮝार ᳇ारा खचᲄ का ᳰदलवाना
116. िजन मामलᲂ मᱶ ᮧितिवरोध नहᱭ ᳰकया गया ह,ै उनमᱶ खचᭅ- (1) जहाँ िवरोध कᳱ सूचना दािखल करने से पहले िवरोधकताᭅ ᳇ारा आवेदक को युिᲦसंगत नोᳯटस ᳰदया गया ह ैऔर आवेदक िवरोध का ᮧितिवरोध करने मᱶ असफल रहता ह ैतो रिज᭭ᮝार चौथी अनुसूची मᱶ यथा िन᳸द᳥ लागत अिधरोिपत कर सकता ह।ै
(2) जहाँ िवरोध फाइल ᳰकया गया हो और आवेदक ᳇ारा ᮧित कथन फाइल करने के बाद िवरोधकताᭅ कायᭅवाही का ᮧितिवरोध करने मᱶ असफल रहता ह ैतो रिज᭭ᮝार चौथी अनुसूची मᱶ यथा िन᳸द᳥ लागत अिधरोिपत कर सकता है।
117. िनयम 119 का अपवाद- िनयम 116 मᱶ ᳰकसी बात के होते ᱟए भी ᮧथम अनुसूची कᳱ ᮧिव᳥याँ 10, और 11 के अधीन िविन᳸द᳥ फᳱस और कायᭅवाही मᱶ ᳰदए गए शपथपᮢᲂ पर लगे और िचपकाए गए सभी मुᮤांकᲂ लेखᱶ ᱟआ खचाᭅ जयाज के अनुसार होगा।
118. खचᲄ का मापमान- चौथी अनुसूची मᱶ उसके िलए अनु᭄ेय रकम स ेअनिधक ऐसे खचᱷ रिज᭭ᮝार, अपने समᭃ वाली सभी कायᭅवािहयᲂ मᱶ उस अव᭭था के िसवाय िजसमᱶ ᳰक अिधिनयम ᳇ारा अ᭠यथा अिभ᳞Ღ ᱨपेण उपबंिधत है िनयम 116 और 117 के उपबंधᲂ के अधीन रहते ᱟए ᳰदलवाएगा िजसे वह मामले कᳱ सभी पᳯरि᭭थितयᲂ पर िवचार करके युिᲦयुᲦ समझता ह।ै रिज᭭ᮝार ᳇ारा िविन᳟य का पुनᳶवलोकन
119. रिज᭭ᮝार के िविन᳟य के पुनिवलᲃकन के िलए आवेदन- रिज᭭ᮝार के िविन᳟य का पुनᳶवलोकन करने के िलए धारा 127 के उप ख᭛ड (ग) के अधीन उससे आवेदन ऐस ेिविन᳟य कᳱ तारीख से एक मास के अंदर या त᭜प᳟ात एक मास से अनिधक इतनी अपर कालाविध के अंदर, िजतनी ᳰक रिज᭭ᮝार अपने से कᳱ गई ᮧाथᭅना पर समनु᭄ात करे, ᮧᱨप ᳞ा. िच.-एम मᱶ ᳰदया जायेगा, और उन आधारᲂ वाला, िजन पर पुनᳶवलोकन चाहा गया है, एक कथन उसके साथ होगा। जहां ᳰक ᮧ᳤ा᭭पद िविन᳟य आवेदक के अलावा ᳰकसी अ᭠य ᳞िᲦ से भी समपृᲦ ह,ै वहां ऐसे आवेदन और कथन कᳱ तीन ᮧितया ंदी जाएंगी और रिज᭭ᮝार आवेदन और कथन कᳱ एक-एक ᮧित अ᭠य समपृᲦ ᳞िᲦ को त᭜ᭃण भेजेगा। रिज᭭ᮝार, पᭃकारᲂ को सुने जान ेका अवसर दनेे के प᳟ात् आवेदन को या तो नामंजूर कर दगेा या िबना शतᭅ के या ऐसी ᳰक᭠हᱭ शतᲄ या मयाᭅदाᲐ के अधीन जैसी ᳰक वह ठीक समझता ह,ै उसे मंजूर कर लेगा। ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 27 शपथ पᮢ
120. शपथ पᮢᲂ के ᮧᱨप आᳰद-(1) अिधिनयम और िनयमᲂ के अधीन िजन शपथ पᮢᲂ कᳱ बाबत यह अपेिᭃत है ᳰक वे ᳞ापार िच᭮न रिज᭭ᮝी मᱶ फाइल ᳰकए जाए या रिज᭭ᮝार को ᳰदए जाएं, वे उस सूरत मᱶ के िसवाय, िजसमᱶ ᳰक ि᳇तीय अनुसूची मᱶ अ᭠यथा उपबंिधत ह,ᱹ उस बात या बातᲂ वाले शीषᭅक से हᲂगे, िजसस ेया िजनसे ᳰक वे संब है उᱫम पुᱧष मᱶ िलखे हᲂगे ᮓमवार संया वाले पैरᲂ मᱶ िवभािजत हᲂगे और ᮧ᭜येक पैरा यावत् सा᭟य एक बात तक पᳯरसीिमत होगा और ᮧ᭜येक शपथ पᮢ मᱶ उसे करने वाले ᳞िᲦ का अिभवणᭅन और उसका सही िनवास ᭭थान ᳰदया होगा, उसे फाइल करने वाले ᳞िᲦ का नाम और पता उसमᱶ ᳰदया होगा और उसमᱶ यह भी किथत होगा ᳰक ᳰकसी ओर से वह फाइल ᳰकया गया ह।ै
(2) जहां ᳰक दो या दो से अिधक ᳞िᲦ शपथ पᮢ मᱶ सि᭥मिलत होत ेहᱹ वहां उनमᱶ से ᮧ᭜येक पृथᲦ: ऐसे त᭝यᲂ का अिभल᭯य दगेा जो उसके िनिज ᭄ान मᱶ ह ᱹऔर वे त᭝य पृथक-पृथक पैरᲂ मᱶ ᳰदए जाएंगे।
(3) शपथ पᮢ- (क) भारत मᱶ ऐसे ᳰकसी ᭠यायालय के या ᳞िᲦ के समᭃ, िजसे ᭠यायालय ᳇ारा शपथ ᳰदलाने के िलए या रिज᭭ᮝार के समᭃ या लेय ᮧमाणक के समᭃ शपथ पᮢ कराए जाएंगे;
(ख) भारत के बाहर ᳰकसी दशे या ᭭थान मᱶ राजनियक और कौिसलीय आᳰफसर (शपथ और फᳱस) अिधिनयम, 1948 (1948 का 41) के अथᭅ मᱶ ऐसे दशे या ᭭थान के राजनियक या वािण᭔य कौिसलीय आᳰफसर के समᭃ या दशे या ᭭थान के लेय ᮧमाणक के समᭃ या ᳰकसी ᭠यायाधीश या मिज᭭ᮝेट के समᭃ, ᳰकए जाएंगे।
(4) िजस ᳞िᲦ के सामन ेशपथ पᮢ ᳰकया जाएगा, वह उस तारीख को, िजस पर, और उस ᭭थान को, जहां शपथ पᮢ ᳰकया गया ह,ै िलख दगेा और यᳰद उसकᳱ अपनी मुᮤा है, तो उसे उस पर लगाएगा या उस कायाᭅलय कᳱ मुᮤा लगाएगा िजससे वह संलᲨ है और उसके अंत मᱶ अपना नाम और अिभवणᭅन दकेर ह᭭ताᭃर करेगा।
(5) पᳯरवतᭅन और पंिᲦयᲂ के बीच िलखी बातᲂ को इससे पूवᭅ ᳰक शपथ पᮢ शपथ लेकर या ᮧित᭄ान करके ᳰकया जाए, उस ᳞िᲦ के आ᳒ाᭃरᲂ ᳇ारा अिभᮧमािणत ᳰकया जाएगा, िजसके समᭃ शपथ पᮢ ᳰकया गया है।
(6) अिधिनयम या िनयमᲂ के अधीन वाली ᳰक᭠हᱭ कायᭅवािहयᲂ के संबंध मᱶ जो शपथ पᮢ रिज᭭ᮝार के समᭃ फाइल ᳰकया जाता है वैसा ᮧ᭜येक शपथ पᮢ त᭜समय ᮧवृᱫ िविध के अनुसार लगने वाले मुᮤांक पर होगा। जनता ᳇ारा द᭭तावेजᲂ का िनरीᭃण
121. द᭭तावेजᲂ का िनरीᭃण- धारा 148 कᳱ उपधारा (1) मᱶ वᳶणत द᭭तावेज िनरीᭃण के िलए ᳞ापार िच᭮न रिज᭭ᮝी के उपयुᲦ कायाᭅलय मᱶ रिज᭭ᮝार ᳇ारा यथा िनयत समय पर सभी कायᭅ ᳰदवसᲂ मᱶ ᮧथम अनुसूची मᱶ उि᭨लिखत फᳱस के भुगतान पर उपल᭣ध हᲂगे। ᮧमाणपᮢ
122. द᭭तावेजᲂ कᳱ ᮧमािणत ᮧितया-ं रिज᭭टर मᱶ ᳰकसी ᮧिवि᳥ कᳱ ᮧमािणत ᮧितया ंया धारा 148 कᳱ उपधारा (1) मᱶ िन᳸द᳥ ᳰकसी द᭭तावेज कᳱ या रिज᭭ᮝार के ᳰकसी िविन᳟य या आदशे कᳱ ᮧमािणत ᮧितया ंया धारा 23 कᳱ उपधारा (2) के अधीन वाले ᮧमाण पᮢ से िभ᳖ ᮧमाण पᮢ जो ᳰक ऐसी ᳰकसी ᮧिवि᳥ बात या चीज से स᭥ब ह ैिजसे ᳰक रिज᭭ᮝार, अिधिनयम या िनयमᲂ ᳇ारा करने के िलए ᮧािधकृत या अपेिᭃत ह,ै रिज᭭ᮝार िविहत फᳱस सिहत उसके िलए ᳰकसी ᳞िᲦ ᳇ारा ᮧᱨप ᳞ा.िच.-एम मᱶ ᳰकए गए अनुरोध के साथ ᮧथम अनुसूिच मᱶ उि᭨लिखत फᳱस के भुगतान पर दे सकेगा, परंतु रिज᭭ᮝार उपयुᭅᲦ वᳶणत ᮧमािणत ᮧितयᲂ को उसकᳱ िविन᳸द᳥ फᳱस के संदाय पर उस आशय के िलए ᮧा᳙ ᮧᱨप ᳞ा.िच.-एम मᱶ आवेदन पर सात कायᭅ ᳰदवस के भीतर शीᮖता स ेद ेदगेा। ᭭प᳥ीकरण: रिज᭭ᮝार के पास आंगुिलक ᱨप मᱶ उपल᭣ध ᳰकसी अिभलेख कᳱ स᭜यािपत ᮧित उस अिभलेख कᳱ स᭥यक स᭜यािपत ᮧित होगी।
123. अंतराᭅ᳦ीय अ᭭व᭜वधारी नामᲂ को अिधसूिचत करने कᳱ रिज᭭ᮝार कᳱ शिᲦ- रिज᭭ᮝार धारा 13 कᳱ उपधारा (ख) मᱶ िन᳸द᳥ अंतराᭅ᳦ीय अ᭭व᭜वधारी नामᲂ के ᱨप मᱶ िव᳡ ᭭वा᭭᭝य संगठन ᳇ारा जो श᭣द घोिषत ᳰकए जाते ह ᱹउ᭠हᱶ जरनल मᱶ समय-समय पर ᮧकािशत कर सकेगा। सु᭄ात ᳞ापार िच᭮न