CourtMesh

Section 93: रिज᭭ᮝीकरण उपयोᲦा के रिज᭭ᮝकरण का र᳎करण- (1) धारा 50 कᳱ उपधारा (1) के खंड (ख) से खंड (घ) तक के अधीन रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा के रिज᭭ᮝीकरण के र᳎करण के िलए आवेदन यथाि᭭थित ᮧᱨप ᳞ा. िच

The Trade Marks Rules, 2017Central Rules · 1999

यू या ᮧᱨप ᳞ा. िच.-यू मᱶ होगा और िजन आधारᲂ पर यह ᳰकया गया ह ैउसका कथन इसके साथ होगा।

(2) धारा 49 कᳱ उपधारा (1) के खंड (ख) के पैरा (iv) के अनुसार एक कालाविध के िलए रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा के रिज᭭ᮝरकरण कᳱ दशा मं◌ ेरिज᭭ᮝार रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा कᳱ ᮧिवि᳥ को उस कालाविध के अंत पर र᳎ कर दगेा जहां ᳰक कुछ या सब माल या सेवाएं उनमᱶ से छोड़ दी जाती है िजनके बारे मᱶ ᳞ापार िच᭮न कर रिज᭭ᮝीकरण ᱟआ ह ैवहां रिज᭭ᮝार ᳞ापार िच᭮न के उन रिज᭭ᮝीकृत उपयोगᲂ के वृᱫᲂ से, िजनमᱶ ᳰक वे समािव᳥ हᱹ, उ᭠हᱶ छोड़ दगेा। इस उपिनयम के अधीन िजन रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦाᲐ का अनु᭄ात उपयोग उससे ᮧभािवत होता ह ैउनका और उसी ᳞ापार िच᭮न के रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधाᳯरयᲂ का ᮧ᭜येक छोड़ा जाना या अपखंडन रिज᭭ᮝार अिधसूिचत करेगा।

94. रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा कᳱ बाबत जानकारी मांगन ेकᳱ रिज᭭ᮝार कᳱ शिᲦ-(1) रिज᭭ᮝार, ᳰकसी भी समय िलिखत मᱶ सूचना ᳇ारा रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी से यह अपेᭃा कर सकेगा वह उसे 51 कᳱ उपधारा (2) के अधीन जानकारी ᮧ᭭तुत करे और उस धारा कᳱ उपधारा (2) के अनुसार कारᭅवाई करᱶ।

95. ᮧिव᳥ी को पᳯरवᳶतत करने या रिज᭭ᮝीकरण को र᳎ करने के आवेदन के संबंध मᱶ ᮧᳰᮓया- 22 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]

(1) रिज᭭ᮝार, ᳞ापार रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी और ᮧ᭜येक रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा को (जो ᳰकसी भी दशा मᱶ आवेदक नहᱭ ह)ै धारा 50 के अधीन िलिखत मᱶ आवेदनᲂ को अिधसूिचत करेगा।

(2) उपिनयम (1) के अधीन अिधसूिचत कोई ᳞िᲦ को कायᭅवािहयᲂ मᱶ भाग लेने का आशय रखता ह ैवह रिज᭭ᮝार को उस आशय कᳱ सूचना ऐसी अिधसूचना कᳱ ᮧाि᳙ के एक मास के भीतर ᮧᱨप ᳞ा.िच.-यू मᱶ दगेा और उसके साथ अपन ेभाग लेने के आधारᲂ का कथन भेजेगा। तदपुᳯर रिज᭭ᮝार ऐसी सूचना और कथन कᳱ ᮧितयᲂ को तामील अ᭠य पᭃकार, अथाᭅत ्आवेदक पर रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी पर, उस रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा पर, िजसका रिज᭭ᮝीकरण ᮧ᳤ा᭭पद ह ैकायᭅवाही को िवषयव᭭तु है और अ᭠य ᳰकसी रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा या अनु᭄ाᮧा᳙ उपयोᲦा जो भाग लेता ह,ै करेगा या करायेगा।

(3) धारा 50 के अधीन ᳰकए गए ᳰकसी आवेदन कᳱ दशा मᱶ आवेदन और उपिनयम (1) के अधीन अिधसूिचत कोई ᳞िᲦ ऐसे समय या समयᲂ के भीतर जैसा या जैसे ᳰक रिज᭭ᮝार िनयत करᱶ, अपने मामले के समथᭅन मᱶ सा᭯य पेश कर सकेगा और रिज᭭ᮝार पᭃकारᲂ को सुने जाने का अवसर दनेे के प᳟ात् आवेदन को ᮧितᮕहीत कर सकेगा या नामंजूर कर सकेगा या ऐसी ᳰक᭠हᱭ शतᲄ पर संशोधन, या ᱨपभेदᲂ सिहत या मयाᭅदाᲐ के अंतगᭅत उसे ᮧितᮕहीत कर सकेगा िज᭠हᱶ यह अिधसूिचत करना ठीक समझता ह ैऔर तदनुसार वह पᭃकारᲂ को िलिखत मᱶ इिᱫला दगेा।

(4) धारा 50 कᳱ उपधारा (1) के खंड (क) के अधीन ᳰकसी रिज᭭ᮝीकरण मᱶ पᳯरवतᭅन करने के िलए या रिज᭭ᮝीकरण का र᳎करण धारा 50 कᳱ उपधारा (1) के खंड (ग) कᳱ मद (i) स े(iv) तक मᱶ वᳶणत आधारᲂ मᱶ से ᳰकसी पर ᳰकए गए आवेदन पर रिज᭭ᮝार ᮧᱨप ᳞ा. िच.-यू मᱶ कᳱ ᳰकसी सूचना और फाइल ᳰकए गए मामले के कथन सिहत िवचार करेगा और आवेदन का िनपटारा करेगा और तदनुसार पᭃकारᲂ को िलिखत इिᱫला भी दगेा।

Where this provision sits

ActThe Trade Marks Rules, 2017
Section93
Marginal noteरिज᭭ᮝीकरण उपयोᲦा के रिज᭭ᮝकरण का र᳎करण- (1) धारा 50 कᳱ उपधारा (1) के खंड (ख) से खंड (घ) तक के अधीन रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा के रिज᭭ᮝीकरण के र᳎करण के िलए आवेदन यथाि᭭थित ᮧᱨप ᳞ा. िच
JurisdictionCentral
StatusIn force as published by the source

Find the provision, not just read it

The full text above is free, and it stays free. What a free CourtMesh account adds is everything you cannot do by reading one page at a time:

  • Search 49,000+ Central and State enactments by what a provision says, not by its number
  • Jump from any section to every judgment that has applied it
  • Search 300 million+ Indian court records alongside the statute
  • Ask a research agent to find and read the case law on a provision for you

Free account. No card. About a minute to create.

Create a free account

Need this as data, not as a page? The Trade Marks Rules, 2017 is one of 49,000+ enactments on CourtMesh. The Indian court cases API serves the case law that cites these provisions over JSON, with API documentation and plans and pricing. See also the judgment library.