ओ मᱶ आवेदन कर सकेगा और रिज᭭ᮝार संब पᭃकारᲂ कᳱ सुनवाई करने के प᳟ात ्(यᳰद ऐसा अपेिᭃत हो) ऐसी शतᲄ ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 23 और िनबंधनᲂ पर द ेजैसी ᳰक वह लागत कᳱ सुरᭃा के िलए अिधरोिपत करना ठीक समझे ऐसी इजाजत दनेे से इंकार कर सकेगा या ऐसी इजाजत द ेसकेगा।
100. रिज᭭ᮝार ᳇ारा ᭭वᮧेरणा स ेरिज᭭टर का पᳯरशोधन-(1) रिज᭭ᮝार ऐसी सूचना कᳱ धारा 57 कᳱ उपधारा (4) के अधीन दनेी अपेिᭃत ह,ै रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी को ᮧ᭜येक रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा को, यᳰद कोई हो, और ᳰकसी अ᭠य ᳞िᲦ को, िजसकᳱ बाबत यह ᮧतीत होता ह ैᳰक ᳞ापार िच᭮न मᱶ उसका कोई िहत है, िलिखत ᱨप मᱶ भेजी जाएगी और इसमᱶ उन आधारᲂ का कथन करेगा िजन पर रिज᭭ᮝार रिज᭭टर का पᳯरशोधन करने कᳱ ᮧ᭭थापना करता है और उसमᱶ ऐसी सूचना कᳱ तारीख से अ᭠यून एक मास का वह समय भी िविन᳸द᳥ ᳰकया जाएगा िजसके भीतर सुनवाई के िलए आवेदन ᳰकया जाएगा:
परंतु कᳱ रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी को कोई सूचना न भेजी गयी हो, रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी ने िलिखत ᱨप मᱶ रिज᭭ᮝीकरण के िनर᭭तीकरण हतेु अनुरोध या सहमित दी हो; और तदनुᱨप रिज᭭टर संशोिधत ᳰकया जाएगा।
(2) जब ᳰक पूवᲃᲦ सूचना मᱶ िविन᳸द᳥ समय के भीतर, कोई ᳞िᲦ िजसे इस ᮧकार अिधसूिचत ᳰकया गया ह,ै रिज᭭ᮝार को उन त᭝यᲂ को दतेे ᱟए, िजन पर वह सूचना मᱶ किथत आधारᲂ को पूरा करने के िलए भरोसा करता है, िलिखत मᱶ कथन नहᱭ भेजता ह,ै या सुनवाई ᳰकए जाने के िलए आवेदन नहᱭ करता ह,ै तो यह समझा जाएगा ᳰक वह कायᭅवािहयᲂ मᱶ भाग नहᱭ लेना चाहता और रिज᭭ᮝार तदनुसार कारᭅवाई कर सकेगा।
(3) यᳰद रिज᭭ᮝार रिज᭭टर का पᳯरशोधन करने या िविन᳟य करता ह ैतो वह अपना िविन᳟य रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी को और ᮧ᭜येक रिज᭭ᮝीकृत या अन᭄ुात उपयोᲦा को यᳰद कोई हो िलिखत ᱨप मᱶ संसूिचत करेगा। रिज᭭टर मᱶ पᳯरवतᭅन या शिुया ं
101. रिज᭭टर मᱶ पते का पᳯरवतᭅन-(1) ᳞ापार िच᭮न का वह रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी या रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा, िजसके यथाि᭭थित कारबार का भारत मᱶ मुय ᭭थान का या ᭭वदशे का पता या भारत मᱶ तामील का पता, यथाि᭭थित इस भांित पᳯरवᳶतत हो गया ह,ै िजससे ᳰक रिज᭭टर मᱶ कᳱ ᮧिवि᳥ अशु हो गई है, रिज᭭ᮝार से यह िनवेदन ᮧᱨप ᳞ा. िच.-पी मᱶ त᭜ᭃण करेगा ᳰक रिज᭭टर मᱶ पते को समुिचत ᱨप से बदल द ेऔर यᳰद रिज᭭ᮝार का समाधान इस बाबत हो जाता है तो वह रिज᭭टर मᱶ तदनुसार पᳯरवᳶतत कर दगेा।
(2) ᳞ापार िच᭮न का रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी या रिज᭭ᮝीकृत अथवा अनु᭄ात उपयोᲦा िजसके कारबार का भारत मᱶ मुय ᭭थान का पता िजसके ᭭वदशे का पता या भारत मᱶ िजसकᳱ तामील का पता लोक ᮧािधकारी ᳇ारा ऐसे बदल ᳰदया गया है ᳰक पᳯरवᳶतत पते से भी वही पᳯरसर अिभिहत ह ैजो ᳰक रिज᭭टर मᱶ ᮧिव᳥ है, रिज᭭ᮝार से ᳞ा. िच.-पी मᱶ पूवᲃᲦ िनवेदन करेगा और यᳰद वह ऐसा करता ह,ै तो वह उसके साथ उᲦ ᮧािधकारी ᳇ारा ᳰदए गए पᳯरवतᭅन का ᮧमाणपᮢ दगेा। यᳰद रिज᭭ᮝार का समाधान मामले मᱶ त᭝यᲂ के संबंध मᱶ हो जाता है, तो वह रिज᭭टर मᱶ तदनुसार पᳯरवतᭅन करेगा, ᳴कतु ᮧᱨपᲂ पर दी जाने वाली कोई फᳱस िनयम 10 के उपिनयम (2) या िनयम 11 के उपिनयम (2) के उपबंधᲂ के होते ᱟए भी नहᱭ मांगेगा।
(3) (i) जहां ᳰक रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी उपिनयम (1), (2) के अधीन िनवेदन करता ह ैवहां यᳰद कोई रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा है या ह ैतो वह िनवेदन ᳰक ᮧित तामील उस या उन पर करेगा और तदनुसार रिज᭭ᮝार को इिᱫला दगेा।
(ii) जहां ᳰक पूवᲃᲦ िनवेदन रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा ᳇ारा ᳰकया जाता ह ै वहां वह िनवेदन कᳱ ᮧित कᳱ तामील रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी और ᮧ᭜येक अ᭠य रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦाᲐ पर यᳰद कोई हो, करेगा और रिज᭭ᮝार को इिᱫला दगेा ᳰक उससे यह बात कर दी ह।ै
(4) ᳞िᲦ को जो पता ᳞ापार िच᭮न के एक से अिधक रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा के भारत मᱶ तामील के िलए पते के ᱨप मᱶ िलखा ᱟआ है, उसे पᳯरवᳶतत कराने के मामले मᱶ रिज᭭ᮝार ᮧᱨप ᳞ा. िच.- पी मᱶ िजसे मामले के िलए उपयो᭔य करने के िलए संशोिधत कर िलया गया ह ैउस ᳞िᲦ का वह आवेदन जो उस पत ेकᳱ बाबत ह ैयह िस ᳰकए जान ेपर ᳰक उᲦ पता आवेदक का पता ह ैऔर उस दशा मᱶ िजसमᱶ ᳰक रिज᭭ᮝार का समाधान हो जाता ह ैᳰक वैसा करना ठीक होगा, आवेदक के पते कᳱ ᮧिवि᳥यᲂ मᱶ समुिचत पᳯरवतᭅन उन िविभ᳖ रिज᭭ᮝरकरणᲂ मᱶ, िजनकᳱ िविशि᳥यां ᮧᱨप मᱶ दी जायेगी उसे तामील के पते के ᱨप मᱶ करने के वा᭭ते ले सकेगा और तदनुसार ᮧिवि᳥यᲂ मᱶ पᳯरवतᭅन कर सकेगा।
(5) इस िनयम के अधीन ᮧᱨप ᳞ा. िच.-पी ᳰकए जाने वाले आवेदन यथाि᭭थित रिज᭭ᮝीकृत ᭭व᭜वधारी या रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा अथवा ऐसे आवेदन के ᮧयोजन के िलए उसके ᳇ारा ᮧािधकृत अिभकताᭅ ᳇ारा ह᭭ताᭃᳯरत हᲂगे।
(6) जहां ᳰक धारा 58 कᳱ उपधारा (1) के अधीन आवेदन शुि तबदीली रकरण या माल या सेवाᲐ को काट दनेे के ᮧयोजन से या ᭄ापन कᳱ ᮧिवि᳥ कराने कᳱ दिृ᳥ से रिज᭭टर मᱶ पᳯरवतᭅन करने के िलए ᳰकया गया है, वहां रिज᭭ᮝार आवेदक से 24 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)] अपेᭃा कर सकेगा ᳰक आवेदक शपथ पᮢ ᳇ारा या अ᭠यथा ऐसा सा᭯य जैसा ᳰक रिज᭭ᮝार ठीक समझता ह ैउन पᳯरि᭭थितयᲂ के बारे मᱶ िजन पᳯरि᭭थितयᲂ मᱶ आवेदन ᳰकया गया ह।ै ऐसा आवेदन ᮧᱨप ᳞ा. िच.-पी मᱶ ᳰकया जाएगा और उसकᳱ एक ᮧित कᳱ तामील ᮧ᳤ा᭭पद ᳞ापार िच᭮न के रिज᭭ᮝीकरण के अधीन रिज᭭ᮝीकृत उपयोᲦा या उपयोᲦाᲐ पर और ऐसे ᳰकसी अ᭠य ᳞िᲦ पर िजसकᳱ बाबत रिज᭭टर से यह ᮧतीत होता है ᳰक वह ᳞ापार िच᭮न मᱶ िहत रखने वाला ह,ै आवेदक ᳇ारा कᳱ जाएगी।