(1) संकमच का अंजतम भुगतान तब तक निीं दकया िाएगा िब तक दक- (क) िेकेिार द्वारा जबल िमा दकए िाएंगे और संजविा की जनबंधन व ितों के अनुसार भुगतान दकया िाएगा और अंजतम जबल स्ट्पि रूप से जचजननत दकए िाएंगे तथा संबंजधत अनुभाग द्वारा िेकेिार को भुगतान करने से पिल ेसभी जबलों की इंिीजनयरी जवभाग द्वारा तकनीकी रूप से िांच की िाएगी;
(ख) कायच के जलए िासकीय प्रभारी द्वारा नीचे दिए गए प्ररूप में एक जनिी प्रमाण-पत्र दिया िाएगा – "मैं ____________________ (कायचकारी अजधकारी),___________________________ (कायचका नाम) व्यजक्तगत रूप से समाधान करता ह ँ दक संजविा में जनधाचठरत जनबंधन और ितोंकेअनुसारसंकमच जनष्पादित दकया गयाि ैऔरकारीगरी सामान्द्यतः उद्योग में अपनाएिानवेाले मानिंडों और मानकों के अनुरूप ि।ै" [भाग II—खण् ड 4] भारत का रािपत्र : असाधारण 35 (ग) संकमच के जलए खचच की गई राजि बजियों में पूंिी आजस्ट्त, यदि व्यय पूंिीगत प्रकृजत काि,ैबनाने के जलए व्यय की गई ि।ै
(2) यदि पठरयोिना का जनष्पािन एक से अजधक िेकेिारों द्वारा दकया िाता ि ैऔर अंजतम जबल पूरी पठरयोिना पणूच िोने से पिल ेएक िेकेिार द्वारा भुगतान के जलए प्रस्ट्तुत दकया िाता ितैो उस भुगतान के जलए इंिीजनयरी जवभाग के प्रमुख द्वारा प्राजधकृत रूप से यि प्रमाजणत दकया िाना चाजिए दकउसने संजविा को समाधानप्रि रूप से जनष्पादित दकया ि ैऔर ऐसे मामलों में िेकेिार के उक्त अंजतम जबल का भुगतान इस जनयम के उप-जनयम (1) के खंड (ख) के अननुपालन िोते हुए भी कर दिया िाएगा।