(1) -_प 3 म< �कसी अनुhिG के धारक से आवेदन क� -ािG पर अनुhापन -ािधकारी उसक� अनुhिG म< िविनXदY िविधमा�यता के FेH का िवPतार कर सकेगा, य�द उसका यह समाधान हो जाता ह ै�क शतy के अधीन रहते 4ए ऐसे िवPतार क� आव^यकता ह,ै अनुhापन -ािधकारी FेH के संबंध म< िजसके संबंध म< ऐसा िवPतार चाहा गया है, अनुhिG -दान करने क� शि0 है ।
(2), अनुसूची 2 के Pतंभ 5 म< यथा िविनXदY अनुhापन -ािधकारी ,ारा संपूण@ भारत के िलए FेH िविधमा�यता के िवPतार के िलए आवेदन अनुhिGधारी के िनBिलिखत -वगy के संबंध म< -दान कर सकेगा, अथा@त् :- (क) संघ के मंHी या संसद ्सदPय ;
(ख) रFा बल1 या के��ीय सशL पुिलस बल1 के काVमक ;
(ग) अिखल भारतीय सेवा� के अिधकारी ;
(घ) सरकार या सरकारी सेtटर के उप9म या पि�लक सेtटर के अिधकारी िजन पर भारत म< कहS भी सेवा का दाियTव ह ै;
(ङ) समVपत खेल eि0 और िनयम 40 के उपिनयम (2) क� सारणी के 9म संvयांक 1 से 4 तक िविनXदY खेल eि0 ।
(3) अ�य मामल1 म< जहां अनुhापन -ािधकारी का यह समाधान हो जाता ह ै�क िव{मान अिधका"रता से परे आयुध को उसे ले जाने क� अपेFा आवेदक के कारबार या वृि.क -कृित म< ह ैऔर ऐसी अपेFा इन िनयम1 के -_प 11 म< �कसी याHा अनुhिG के जारी करने से पूरी नहS क� जा सकती ह ै। आवदेक अनुसूची 2 के Pतंभ 5 म< िविनXदY अनुhापन -ािधकारी ,ारा िव{मान FेH के आवेदन को संपूण@ भारत के िलए -दान कर सकेगा ।
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JिOक� के िलए अित�रP JिOक� के िलए अित�रP JिOक� के िलए अित�रP JिOक� के िलए अित�रP अनु)ि� अनु)ि�अनु)ि� अनु)ि� - (1) कोई अनुhिGधारी -_प 3 म< अनुसूची 1 म< यथािविनXदY अWायुध के अनुhेय -वग@ के िलए अपने िनकट संबंधी, जो -_प 3 म< कोई अनुhिG का धारण नहS करते ह ैऔर जो अनुhिG म< �दए गए पते म< उसके साथ िनवास करते है उसक� अनुhिG ,ारा आने वाले आयुध या गोला बा_द का क�जे म< रखने, वहन करने या उसे उपयोग करने के िलए, �क�हS दो के िलए अित"र0 अनुhिG -दान करने के िलए आवेदन कर सकेगा और अनुhापन -ािधकारी अिधिनयम और उ0 अित"र0 अनुhिGधारी ,ारा अिधिनयम और इन िनयम1 के अधीन य�द पाHता शत� पूरी क� जाती ह ैतथा पुिलक "रपोट@ म< कोई -ितकूल "टNपणी नहS ह,ै अनुhापन -ािधकारी ऐसे अित"र0 अनुhिGधा"रय1 को अनुhिG -दान करेगा।
(2) �कसी पृथक् अनुhिG को उसक� िविशY पहचान संvयांक के अधीन अित"र0 अनुhिGधारी को मूल अनुhिG पर पृ�ां�कत आयुध और गोला बा_द के साथ पृथक् अनुhिG -दान क� जाएगी :
परंतु अित"र0 अनुhिGधारी अपनी अनुhिG पर कोई आयुध या गोला बा_द अVजत करने के िलए अनुhात नहS होगा ।
(3) अित"र0 अनुhिGधारी इस िनयम के अधीन �कसी अित"र0 अनुhिG धारण क� अविध के दौरान अपनी eि0गत हिैसयत म< कोई अनुhिG -ाG नहS करेगा ।
(4) अनुhापन -ािधकारी यह सुिनि\त करेगा �क मूल अनुhिG पर पृ�ां�कत अित"र0 अनुhिGधा"रय1 के �यौर< और िविधमा�यता क� अविध तथा अित"र0 अनुhिG क� िविधमा�यता का FेH मूल अनुhिG के साथ सम_प ह ै तथा य�द मूल अनुhिG िनलंिबत, -ितसंहारण या र�करण है, उपरो0 के अधीन रहते 4ए अित"र0 अनुhिG के समान प"रणाम ह1गे ।
(5) अित"र0 अनुhिGधारी अपनी अनुhिG पर पृ�ां�कत आयुध और गोला बा_द का िव9य या अंतरण नहS कर सकेगा ।
(6) मूल अनुhिGधारी के प"रसर से कोई अित"र0 अनुhापन -ाि{कारी अPथायी _प से या Pथायी _प से दसूरे Pथान पर चला जाता है, ऐसी अित"र0 अनुhिG Pवतः eपगत हो जाएगी और eि0 िजसे ऐसी अित"र0 अनुhिG जारी क� गई ह ै अनुhापन -ािधकारी को अपनी अनुhिG वापस कर दगेा िजसम< उसे ऐसी अनुhिG जारी क� है तथा अनुhापन -ािधकारी को ऐसी सूचना देने के िलए मूल अनुhिGधारी का उ.रदाियTव होगा । ¹Hkkx IIµ[k.M 3(i)º Hkkjr dk jkti=k % vlk/kj.k 13
(7) मूल अनुhिGधारी मूल अनुhिG के साथ �कसी आवेदन के ,ारा अपनी अित"र0 अनुhिGधा"रय1 क� �कसी अनुhिG को -ितसंह"रत या िनरPत करने के िलए अनुरोध कर सकेगा और ऐसी सभी दशा� म< अनुhापन -ािधकारी अित"र0 अनुhिGधा"रय1 क� अनुhिGयां -संहारण या र� करेगा । PपYीकरण – इन िनयम1 के -योजन के िलए ‘िनकट संबंिधय1’ से पित-प�ी, पुH, पुHी, भाई और बिहन अिभ-ेत ह ै।
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