(1) केन्द्रीय सरकार, प्रिासजनक प्राजधकारी से परामिव करन े के पश्चात, अजधजनयम की धारा 7 की उपधारा (1) के उपबंधों के अधीन उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त का पयविसान कर सकती ह,ै यदि उसका यह मत ह ैदक ऐसा पयविसान लोकजहत, िेि के सामररक जहत, अपतट खजनि संसाधनों के जिकास और जिजनयमन के जहत में, प्राकृजतक पयाविरण के संरक्षण और प्रिषूण की रोकर्ाम, लोक स्ट्िास्ट्थ्य या संचार के जलए खतरे से बचने, दकसी अपतट संरचना की सुरक्षा सुजनजश्चत करने या खजनि संसाधनों के संरक्षण के जलए या दकसी अन्द्य कारण से समीचीन ह।ै
(2) उपजनयम (1) पर प्रजतकूल प्रभाि डाले जबना तर्ा जनयम 7 के उपजनयम (2) के खंड (यक) या जनयम 8 के उपजनयम (2) के खंड (यप) के अधीन रहत े हुए, केन्द्रीय सरकार दकसी संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट का पयविसान कर सकती ह,ै यदि ऐसा अनुज्ञजप्तधारी या पटे्टिार, िैसा भी मामला हो, संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट की अिजध के िौरान दकसी भी समय— (क) उसमें या अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों में जनजहत दकसी भी जनयम, अनुबंध और ितव को परूा करने में जिफल रहता ह ैया उसका उल्लघंन करता ह;ै या (ख) अपने द्वारा किर दकए गए अपतट के्षत्र का उपयोग सद्भािपूिवक प्रयोिन के जलए करन े में जिफल रहता ह ैजिसके जलए उसे प्रिान दकया गया ह;ै या (ग) ऐसे अपतट के्षत्र का उपयोग उस प्रयोिन के अलािा दकसी अन्द्य प्रयोिन के जलए करता ह ैजिसके जलए उसे प्रिान दकया गया ह;ै या (घ) भारतीय जिजधयों और जिजनयमों, अतंरावष्ट्रीय अजभसमयों या संजधयों का अनुपालन करने में जिफल रहता ह,ै जिनमें भारत एक पक्ष ह,ै जिनमें पयाविरण संरक्षण, प्रिषूण जनयंत्रण, खतरनाक अपजिष्टों के जलए लागू कानून भी िाजमल हैं; या (ड़) प्रिासजनक प्राजधकारी, केन्द्रीय सरकार या सरकारी सुरक्षा एिेंजसयों के जनिेिो का पालन करन ेमें जिफल रहता ह।ै [भाग II—खण् ड 3(i)] भारत का रािपत्र : असाधारण 19
(3) इस जनयम के अधीन संदक्य संबंधी अजधकार के समयपूिव पयविसान का कोई आिेि पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी, िैसा भी मामला हो, को सुनिाई का उजचत अिसर दिए जबना नहीं दिया िाएगा, जसिाय उन मामलों को छोड़कर िहां समयपूिव पयविसान िेि के सामररक जहत के आधार पर दकया िा रहा हो।
(4) इस जनयम में अतंर्िवष् ट दकसी बात के होते हुए भी, यदि उप-जनयम (2) में जनर्िवष्ट कोई जिफलता, उल्लंघन या उपयोग सुधार योग्य प्रकृजत का ह,ै तो केन्द्रीय सरकार ऐसे व्यजि को नोरटस िे सकती ह ैजिसमें उसे नोरटस प्राप्त होने की तारीख से साठ दिन की अिजध के भीतर उसका समाधान करन े की आियकता होगी और उसे सूजचत दकया िाएगा दक यदि ऐसी जिफलता, उल्लंघन या उपयोग का समाधान ऊपर जनर्िवष्ट अिजध के भीतर नहीं दकया िाता ह,ै तो उसकी संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पट्टा का जबना दकसी अजतररि नोरटस के पयविसान दकया िा सकता ह।ै
(5) उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त के पयविसान की जस्ट्र्जत में, प्रिासजनक प्राजधकारी पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी द्वारा प्रस्ट्तुत संपािन प्रजतभूजत िब्त कर सकता ह।ै
(6) पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी, खोि संबंधी संदक्याओं या उत्पािन संबंधी संदक्याओं से प्रभाजित समुरतल के नैसर्गवक पुनिावस को सक्षम बनाने के जलए, िैसा भी मामला हो, कोई सुरक्षात्मक उपाय करने या कोई आियक किम उठाने या ऐसे अन्द्य उपाय करने के जलए, िैसा दक केन्द्रीय सरकार द्वारा जिजनर्िवष्ट दकया िा सकता ह,ै केन्द्रीय सरकार या प्रिासजनक प्राजधकारी द्वारा उपगत दकए िान ेिाले अनुमाजनत व्यय (िब्त की गई संपािन प्रजतभूजत से अजधक), यदि कोई हो, के बराबर रकम िमा करेगा। अध्याय 6 अतंरण