(1) उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त का धारक (जिसे इसके बाि अंतरक कहा िाएगा) अपन े उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त को, िैसा भी मामला हो, अजधजनयम की धारा 13बी और उसके अधीन बनाए गए जनयमों के उपबंधों के अनुसार उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त रखन े के जलए पात्र दकसी भी व्यजि को (जिसे इसके बाि अंतररती कहा िाएगा) प्रिासजनक प्राजधकारी के पूिव अनुमोिन से अंतरण कर सकता ह।ै
(2) अंतरक और अंतररती, अंतरण से पहले, संयिु रूप से प्रिासजनक प्राजधकारी को प्ररूप 4 में एक आिेिन प्रस्ट्तुत करेंगे जिसमें अंतरण के जलए अंतररती द्वारा िेय प्रजतफल का जििरण होगा, जिसमें खोि संबंधी संदक्या या उत्पािन संदक्या संबंधी या िोनों के संबंध में प्रजतफल, िो पहल े से ही दकए गए हैं, और संबंधी संदक्या के िौरान उत्पन्न ररपोटव और आंकड़ा सजम्मजलत होगा, िैसा भी मामला हो।
(3) प्रिासजनक प्राजधकारी, केन्द्रीय सरकार के अनुमोिन के अधीन रहत े हुए, जलजखत रूप में अजभजलजखत दकए िान े िाल े कारणों से ऐसे अंतरण को अनुमोदित या अस्ट्िीकृत करन े का अपना जनणवय सूजचत करेगा:
परन्द् त ु उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त का ऐसा कोई अंतरण दकसी ऐसी ितव के उल्लघंन में नहीं दकया िाएगा जिसके अधीन उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त प्रिान की गई र्ी।
(4) इस जनयम के अधीन दकए गए सभी अंतरण इस ितव के अधीन होंग े दक संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट, िैसा भी मामला हो, के संबंध में सभी िोध् य का ऐसे अंतरण से पूिव जनपटान कर दिया िाएगा, और अतंररती न े दकसी भी समय लागू जिजध के अधीन उन सभी ितों और िेनिाररयों को स्ट्िीकार कर जलया ह,ै जिनके अध्यधीन अतंरण ऐसे उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त, िैसा भी मामला हो, के संबंध में र्ा। 20 THE GAZETTE OF INDIA : EXTRAORDINARY [PART II—SEC. 3(i)]
(5) अंतरण की तारीख से ही अतंररती संयुि अनुज्ञजप् त या उत्पािन पटे्ट, िैसा भी मामला हो, के संबंध में दकसी भी और सभी िनेिाररयों के संबंध में प्रिासजनक प्राजधकारी और केन्द्रीय सरकार के प्रजत उत्तरिायी होगा।
(6) अंतरक और अंतररती उप-जनयम (3) में जिजनर्िवष्ट प्रिासजनक प्राजधकारी से अनुमोिन पत्र प्राप्त होने की तारीख से तीस दिनों की अिजध के भीतर प्ररूप 5 में एक पंिीकृत जिलेख संयुि रूप से प्रस्ट्तुत करेंगे।
(7) यदि उपजनयम (6) के अनुसार पंिीकृत अंतरण जिलेख प्रिासजनक प्राजधकारी को प्रस्ट्तुत नहीं दकया िाता ह ैतो उपजनयम (2) के अधीन दकया गया अंतरण आिेिन अपात्र हो िाएगा।
(8) अंतरण जिलेख के प्रारंभ की तारीख िह तारीख होगी जिस तारीख को जनष्पादित अंतरण जिलेख पंिीकृत दकया िाता ह।ै
(9) संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट का प्रत्येक धारक िो अजधजनयम या उसके अधीन बनाए गए जनयमों के उपबंधों के अनुसार ऐसी संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट को दकसी अन्द्य व् यजक् त को अंतररत करता ह,ै ऐसे अंतरण की तारीख से तीस दिनों की अिजध के भीतर, भारतीय खान ब्यूरो के महाजनयंत्रक और प्रिासजनक प्राजधकारी को प्ररूप 6 में इसकी सूचना भेिेगा।
(10) प्रिासजनक प्राजधकारी भारतीय खान ब्यूरो, नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनिेिालय), रक्षा मंत्रालय और केन्द्रीय सरकार द्वारा जनर्िवष्ट ऐसे अन्द्य प्राजधकारी या जिभाग को संयुक् त अनुज्ञजप्त या उत्पािन पटे्ट िैसा भी मामला हो के दकसी भी अतंरण के बारे में जलजखत रूप में सूजचत करेगा ।
(11) केन्द्रीय सरकार, प्रिासजनक प्राजधकारी की जसफाररि पर, जलजखत आििे द्वारा, दकसी भी समय, दकसी उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त को समाप्त कर सकेगी और संपािन प्रजतभूजत िब्त कर सकेगी, यदि पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी न,े केन्द्रीय सरकार की राय में, इस जनयम के दकसी उपबंध का भंग दकया ह ै या ऐसे उत्पािन पटे्ट या संयुक् त अनुज्ञजप्त या उसमें कोई अजधकार, हक या जहत को इस जनयम के अनुसार न करके दकसी अन्द्य तरीके से अंतररत दकया ह:ै परन्द् त ुऐसा कोई आिेि पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी को सुनिाई का उजचत अिसर दिए जबना नहीं दकया िाएगा।