(1) उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त की अिजध के िौरान पटे्टिार या अनजु्ञजप्तधारी की मृत्य ु होने िाने की जस्ट्र्जत में, जिजधक िाररस, मतृक पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी के स्ट्र्ान पर उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त में अपन े नाम के नामांतरण के जलए प्रिासजनक प्राजधकारी को आिेिन कर सकते हैं।
(2) प्रिासजनक प्राजधकारी नामांतरण के जलए ऐसे आिेिन प्राप्त होने की तारीख से नब्बे दिन की अिजध के भीतर मतृक पटे्टिार या अनुज्ञजप्तधारी के स्ट्र्ान पर ऐसे जिजधक िाररसों के नाम अजभलेखों में ििव करेगा या जलजखत रूप में ििव दकए िाने िाले कारणों से ऐसे नामांतरण को अस्ट्िीकार कर िगेा:
परन्द् त ुउत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त में नाम का ऐसा नामांतरण दकसी ऐसी ितव के उल्लघंन में नहीं दकया िाएगा जिसके अधीन ऐसा उत्पािन पट्टा या संयुक् त अनुज्ञजप्त प्रिान दकया गया र्ा।
(3) प्रिासजनक प्राजधकारी भारतीय खान ब्यूरो, नौसेना मुख्यालय (नौसेना आसूचना जनिेिालय), रक्षा मंत्रालय और केन्द्रीय सरकार द्वारा जिजनर्िवष्ट ऐसे अन्द्य प्राजधकारी या जिभाग को इस जनयम के अधीन दकसी भी नामांतरण के बारे में जलजखत रूप में सूजचत करेगा।