(1) जनयम 33 के अधीन अपील का ज्ञापन प्राप्त होन े पर, केन्द्रीय सरकार ऐसे अपील ज्ञापन की प्रजतयां प्रिासजनक प्राजधकारी या अन्द्य प्राजधकरी को अग्रेजषत करेगी, जिसमें उन्द्हें िारी होने की तारीख से तीन महीन ेकी अिजध के भीतर ऐसी रटप्पजणयां करने के जलए कहा िाएगा, िैसा दक िे करना चाहत ेहैं, और प्रिासजनक प्राजधकरी या अन्द्य प्राजधकरण, केन्द्रीय सरकार को रटप्पजणयां प्रस्ट्तुत करते समय रटप्पजणयों की एक प्रजत अन्द्य पक्षों को एक सार् पषृ्ांदकत करेंगे ।
(2) उपजनयम (1) के अधीन दकसी भी पक्ष से प्राप्त रटप्पजणयों को संसूचना िारी होन ेकी तारीख से एक महीने की अिजध के भीतर ऐसी और रटप्पजणयां करने के जलए अन्द्य पक्षों को अग्रेजषत दकया िाएगा िो िे करना चाहत ेहैं और आग ेकी रटप्पजणयां करने िाल ेपक्ष उन्द्हें अन्द्य सभी पक्षों को भेिेंग े।
(3) अपील के जलए आिेिन, उपजनयम (1) और (2) में जनर्िवष्ट रटप्पजणयों और प्रजत रटप्पजणयों िाले संसूचना, मामले के अजभलेख होंगे।
(4) उपजनयम (3) में जनर्िवष्ट अजभलेखों पर जिचार करने के पश्चात् और अपील के पक्षकारों को सुनिाई का उजचत अिसर िेने के पश्चात् और ऐसी िांच करने के पश्चात्, िो िह उजचत समझे, केन्द्रीय सरकार अपील दकए गए आिेि की पुजष्ट कर सकेगी, उपांतररत कर सकेगी या उसे उलट सकेगी या यदि आियक हो, तो अजतररि साक्ष्य लेन ेके ऐसे जनििेों के सार् मामल ेको िापस भेि सकेगी, िो िह नए आिेि के जलए ठीक समझे ।
(5) अपील के लंजबत रहने के िौरान, केन्द्रीय सरकार, पयावप्त कारण से, उस आिेि के संपािन को रोक सकेगी, जिसके जिरुद्ध अपील की गई ह ै। अध्याय 11 प्रदकणव